Congress does not have development roadmap for Madhya Pradesh: PM Modi

Published By : Admin | November 9, 2023 | 11:26 IST
It is the miracle of people's votes that has thwarted the courage of enemies of the nation, says PM Modi in Satna
Your one vote will help BJP form government in MP, strengthen Modi in Delhi and keep Congress away from power in the state, says PM Modi
Congress does not have development roadmap for Madhya Pradesh, says PM Modi in Satna

भारत माता की...

भारत माता की...

मैहर वाली शारदा देवी की...

मैहर वाली शारदा देवी की...

विंध्य के अपना सबय जनेन का हमार राम राम।

जिस धरती पर माँ शारदा का आशीर्वाद बरसता है, जिस क्षेत्र में राजकुमार राम आए और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बन गए। ऋषियों-तपस्वियों की इस पावन स्थली, सतना को मेरा शत-शत नमन! और ये सतना की ही ताकत है, ये सतना का ही सामर्थ्य है कि बंदूक की नाली से संगित के सुर निकलते हैं। विश्व जब संकटों के घेरे में है, चारों तरफ बम-बंदूकों की आवाज सुनाई दे रही है। मानवता के लिए भारत जैसे देश आज पूरे विश्व में अपने विचार का प्रभाव पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं ऐसे समय सतना की धरती से ऐसी ज्योति निकलती है जो बंदूक की नाली से संगीत के सुर निकालती है। युद्ध की मानसिकता वाले मानव समुदाय को सतना की धरती का ये बहुत ही सशक्त संदेश है। मैं इन सभी साथियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं, सभी कलाकारों को शुभकामनाएं देता हूं। मुझे क्षमा करना, आपलोग तो भाषण सुनने आए होंगे, लेकिन मैंने आपको संगीत में लुढ़का दिया, मेरे लिए भी अच्छा रहा, इस दौड़-धूप में कुछ पल ऐसे पवित्र वातावरण में बिताने का अवसर मिला। अभी कुछ दिनों पहले ही मुझे चित्रकूट में एक संत समागम में जाने का सौभाग्य मिला था। आज यहां सतना में जनता-जनार्दन के दर्शन हो रहे हैं। ये मेरे लिए दोहरे सौभाग्य की बात है।

मेरे परिवारजनों,
ये संतों और देश की जनता का आशीर्वाद ही है कि आज भारत का गौरव विश्व में नई बुलंदी पर पहुंचा है। आज पूरे विश्व में भारत का डंका बज रहा है। ये आपके एक वोट ने ऐसा कमाल किया है कि देश के दुश्मनों के हौसले पस्त हैं। इस बार भी एमपी के चुनाव में आपका हर वोट, त्रिशक्ति की ताकत से भरा हुआ है। त्रिविध शक्ति का सामर्थ्य आपके वोट में है। आपका एक वोट यहां फिर से भाजपा की सरकार बनाने जा रहा है। आपका वही वोट दिल्ली में मोदी को मजबूत करेगा। और, आपका वही वोट, भ्रष्टाचारी कांग्रेस को एमपी की सरकार से सौ कोस दूर ले जाएगा। यानि एक वोट, तीन कमाल।

साथियों,
मैंने अपने राजनीतिक जीवन में बहुत से चुनाव देखें हैं, और वर्षों तक तो मैं चुनाव लड़ाता रहा, मैं खुद लड़ा नहीं, बाद में लड़ने की भी नौबत आ गई। लेकिन इस बार मध्य प्रदेश का चुनाव, बड़ा ही दिलचस्प है। और मैं देख रहा हूं, इस बार मध्य प्रदेश का भविष्य मेरी माताएं और बहनें तय करने वाली हैं। मतदान में अभी इतने दिन बचे हैं लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस का झूठ का गुब्बारा पंक्चर हो गया, फूट गया है...कांग्रेस के झूठ के गुब्बारे की हवा निकल गई है। और आपने देखा है ना जब गुब्बारे की हवा तेजी से निकलती है तो वो कैसे लड़खड़ाता है, शोर मचाता हुआ इधर-उधर जाता है।
वैसे ही हारते हुए कांग्रेस के नेता इधर-उधर भागते हुए अब सिर्फ शोर ही शोर मचा पा रहे हैं।
कांग्रेस के पास एमपी के विकास का कोई रोडमैप नहीं है और इसलिए कांग्रेस के थके हारे चेहरों में यहाँ के युवाओं को कोई भविष्य नहीं दिखता है। इसलिए एमपी को भाजपा पर भरोसा, एमपी को मोदी की गारंटी पर भरोसा है। और ये भरोसा इसलिए है कि हर देशवासी जानता है कि मोदी की गारंटी यानि हर गारंटी पूरी होने की गारंटी

मेरे परिवारजनों,
आज कल मैं जहाँ भी जाता हूं वहां अयोध्या में बन रहे प्रभु राम के भव्य मंदिर की चर्चा चल रही है। पूरे देश में खुशी की लहर है। सौभाग्य से भरे इस पावन कालखण्ड में मेरे मन में एक बात बार-बार। मैं स्वयं सोचता रहता, और जो बड़ों से सुना हुआ है, वह बात हर पल मेरे कान में गूंजती रहती है। मेरे मन को आंदोलित करती रहती है। और मुझे तेज गति से दौड़ने की प्रेरणा देती है, और वो बार बार मैं उसका स्मरण करता हूं, जहाँ कहा गया है राम काज किन्हे बीनू मोहि कहां विश्राम। अब रुकना नहीं है, थकना नहीं है और विश्राम का तो सवाल पैदा ही नहीं होता। यहां के भाजपा सरकार को 10 साल तक केंद्र की कांग्रेस सरकार ने हर काम में रोड़े अटकाए, काम करने नहीं दिया, रुकावट पैदा की। अभी 2014 में ही तो मध्य प्रदेश को डबल इंजन की डबल ताकत मिली है। एम पी को जिस अंधेरे कुएं में कांग्रेस ने धकेल दिया था, उस अंधेरे कुएं से भाजपा एमपी को बाहर निकाल पाई है। अब तेज विकास का समय आया है, सबके विकास का समय आया है। दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी, गरीब, नौजवान, किसान हर किसी को अब उसका हक मिलेगा।

मेरे परिवारजनों,
गरीब की बहुत बड़ी चिंता होती है कि उसके पास अपना पक्का घर कब होगा? होता है कि नहीं होता है? ज़िंदगी में जिसके पास कोई अता पता नहीं है, उसको एक पता चाहिए। उसे अपना एक घर चाहिए। वो अपने पक्के घर के लिए पाई-पाई जोड़ने की कोशिश करता था, पैसे बचाने की कोशिश करता था। लेकिन कांग्रेस के राज़ में चारों तरफ ऐसा भ्रष्टाचार था कि गरीबों के पक्के घर का सपना चकनाचूर हो जाता था। भाजपा सरकार ने देश के गरीब के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया है। बीते 10 वर्षों में चार करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को हमने पक्का घऱ दिया है। मैं ज़रा आप से पूछना चाहता हूं कि मैंने क्या कहा? कितने गरीब परिवारों को पक्के घर दिए हैं? कितने? कितने? 4 करोड़ बड़ा आंकड़ा होता है। दुनिया के लोग जब मेरे सुनते है ना? तो अचरज हो जाते हैं कि चार करोड़ घऱ.. कई देशों की तो इतनी आबादी नहीं होती है, जितने हमने घर बना दिए हैं? और साथियों, हम तो भक्ति में डूबे हुए लोग हैं। और इसलिए जब हम राम मंदिर बनाते हैं, तो उसी भक्ति से चार करोड़ गरीब के घर बनाते हैं, वो भी उसी भक्ति से बनाते है। हम लोकतंत्र का भव्य मन्दिर नया संसद भवन बनाते हैं तो हम 30,000 पंचायतों के भवन भी उसी संविधान के प्रति श्रद्धा के साथ बनाते हैं। आज मुझे खुशी है भाजपा की डबल इंजन सरकार होने के कारण एमपी उन राज्यों में से एक है जहाँ गरीबों के लिए लाखों घर बनाए गए हैं। यहां सतना में भी हजारों गरीब परिवारों को पक्का आवास मिला। एक लाख 32 हजार, देखिए हमारा गणेशजी भी कह रहा है। और गणेश जी के मुंह से जो निकलता है ना उसका बड़ा सामर्थ्य होता है। और जिनको अभी अपना घर नहीं मिला है। मैं आपको गारंटी देने आया हूं। जिनको अभी घर नहीं मिला है, ये मोदी की गारंटी है उनका घर भी बनेगा, उनको भी अपना घर मिलेगा। आप सब लोग निश्चिंत रहिएगा। मोदी ने आपके पक्के घर के लिए पहले ही पैसे का इंतजाम करके रखा है। जैसे ही 3 दिसंबर को यहाँ भाजपा सरकार लौटेगी, पीएम आवास योजना का काम और तेज कर दिया जाएगा। हर गरीब परिवार को पक्का घर मिलेगा, ये मोदी की गारंटी है। घर मतलब? सिर्फ चारदीवारी नहीं। जब मोदी घर देता है ना तो सारे सपनों को पूरा करने का आशियाना भी देता है। सिर्फ चारदीवारी नहीं बल्कि उसमें बिजली भी है, गैस कनेक्शन भी है, टॉयलेट भी है, नल भी और नल में जल भी है। साथियों, पक्के घर के साथ साथ मुफ्त राशन का भी पक्का इंतजाम। ये भी मोदी की गारंटी है। कोई घर ऐसा नहीं होगा, जहाँ कभी चूल्हा बूझेगा। कोरोना काल में मुफ्त राशन देने वाली योजना हमने शुरू की। अब मोदी ने निश्चय किया है, आपको मालूम है कितना बड़ा संकट था? मौत मंडरा रहा था। हर लोगों को लगता था कहीं घर में कोरोना घुस गया गए काम से। बाहर निकलना मुश्किल था, तब मोदी ने तय किया था। मैं देश के किसी को भूखा नहीं रहने दूंगा, गरीब के घर का चूल्हा बूझने नहीं दूंगा। कोई मेरे बेटे-बेटी रात को भूखे सो ना जाए, रात भर मां तड़पती ना रहे, तब मोदी ने पक्का किया था। और इसलिए मुफ्त राशन देना शुरू किया था। और ये मुफ्त राशन की योजना ये दिसंबर महीने में एक महीने के बाद पूरी हो रही है। लोगो ने मुझे सुझाव दिया, कि मोदी जी इस पर कुछ सोचना चाहिए। दिसंबर में इसको पूरा नहीं होने देना चाहिए। ये गरीबों के कल्याण का काम है, आगे बढ़ाना चाहिए। और मेरे लिए तो जनता-जनार्दन का आदर्श यही तो ईश्वर का आदेश होता है। और इसलिए मैंने संकल्प कर लिया है। मैंने पक्का मन बना लिया है कि 1 दिसंबर के बाद भी गरीबों की मुफ्त राशन की योजना 5 साल के लिए चलाऊंगा। 5 साल के लिए उसको बढ़ा दिया जाएगा। इससे सतना जिले के लगभग दो लाख परिवारों की राशन की चिंता कम हो जाएगी। आज ऐसे लाखों परिवार। चार लाख! देखिए, गणेश जी पक्का रखते हैं सब हिसाब-किताब। आज ऐसे लाखों परिवार, करोड़ों लोग मोदी को आशीर्वाद दे रहे हैं। लेकिन गरीब कल्याण के फैसले का कारण मोदी नहीं, बल्कि आप ही लोग हैं। क्योंकि आपलोग ने ही तो गरीब के बेटे को दिल्ली भेजा है। गरीब का बेटा गरीब के लिए तो काम करेगा, आपके लिए ही तो काम करेगा। आप ही तो मेरा परिवार है। मेरे देशवासियों, य मोदी है जिसने 4 करोड़ घर बनाए। ये मोदी है जिसने 4 करोड़ घर बनाए, लेकिन खुद के लिए घर नहीं बनाया है

मेरे परिवारजनों,
गरीबों का घर हो। मुफ्त राशन हो। मुफ्त इलाज हो। आज इन पर भाजपा सरकार लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है। यानी देश का पैसा गरीबों के काम आ रहा है, लेकिन जब कांग्रेस की सरकार थी। तब ये पैसा कहाँ जाता था? तब देश का लाखों करोड़ रुपया 2जी घोटाले में जाता था। कोयला घोटाले में जाता था। कॉमनवेल्थ घोटाले में जाता था, हेलिकॉप्टर घोटाले में जाता था। और मोदी ने ये सारे घोटाले बंद कर दिए। कांग्रेस के करप्शन काल में चुप बिचौलियों की मौज थी, उसको भी मोदी ने ताला लगा दिया। भाजपा सरकार ने सरकारी योजनाओं का पैसा गरीबों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर करना शुरू किया। आप कल्पना कर सकते हैं 10 साल में भाजपा सरकार ने 33 लाख करोड़ रुपये सीधे गरीबों के बैंक खातों में भेजे, और इसमें से एक रूपया भी इधर का उधर नहीं हो पाया। साथियों कांग्रेस किस तरह गरीबों का हक छिनती है उसका जीता जागता प्रमाण है फर्जी लाभार्थी घोटाला। जितनी मध्य प्रदेश की आबादी है, जितनी छत्तीसगढ़ की आबादी है, दोनों को मिला दें उतने ही फर्जी लाभार्थी कांग्रेस से देश भर में कागजों में पैदा कर दिया। जिसका जन्म नहीं हुआ वो लाभार्थी बन जाता था। यानी करीब-करीब 10 करोड़ फर्जी नाम ऐसे थे जिनका असल में जन्म भी नहीं हुआ था। लेकिन कांग्रेस सरकार उनके नाम पर तिजोरी से पैसे निकालती थी और पैसे गायब हो जाते थे। लोग कांग्रेस के चेले-चपाटों के जेब में चले जाते थे, उनके दलालों के हवाले कर दिया जाता था।

भाइयो बहनो,
इसलिए जब गरीब राशन की दुकान पर जाता था तो गरीब को पता चलता था कि उसका राशन तो कोई और ले गया। जब किसी जरूरतमंद बच्चों को स्कॉलरशिप चाहिए होती थी तो वो हक भी कोई और छीन लेता था। गैस सिलेंडर की सब्सिडी सरकार भेजती थी -लेकिन वो सीधी कांग्रेसी चेले-चपाटों की तिजोरी में जमा हो जाती। लूट का खेल ऐसे ही चल रहा था, लेकिन कांग्रेस का दुर्भाग्य। कांग्रेस का दुर्भाग्य? आपने एक चौकीदार को बिठा दिया। 14 में मोदी आ गया। और मैंने कांग्रेस के फर्जी लाभार्थी घोटाले पर ब्रेक लगा दिया। ये जो 10 करोड़ फर्जी लाभार्थी कांग्रेस ने कागजों में पैदा कर रखे थे, हमने उन्हें भी बाहर निकाल दिया। आज इस वजह से गरीबों के पौने तीन लाख करोड़ रुपये, याद करो 2,75 लाख करोड़ रुपए, कितने? पौने तीन लाख करोड़ कितने?। ज़रा बोलिए आप के पैसे मैंने बचाए हैं। कितने? पौने तीन लाख करोड़, जो सरकारी तिजोरी से चेले चपाटों के कांग्रेस के दलालों की तिजोरी में जाने थे, उसको मोदी ने बचा करके आपके हवाले कर दिया है। यह काम किया है दोस्तों। अब आप सोचिए, जब कांग्रेस को, उसके चेले चपाटों को उसके दलालों को इतना बड़ा नुकसान हो गया। भ्रष्टाचार के काली कमाई को मोदी ने रोक दिया तो मोदी का क्या करेंगे? क्या करेंगे? गाली देंगे कि नहीं देंगे? गाली देंगे कि नहीं देंगे? ये जो गालियां पड़ रही है ना, इसका कारण वही है। मोदी ने सारी दुकानें बंद करके रख दी है। और मोदी को कौन लाया? कौन लाया मोदी को ? मोदी में हिम्मत कहाँ से आई? ये देश की जनता है जो मोदी को लाई है और देश की जनता के आशीर्वाद है, जिससे मुझे ताकत मिली है। इसलिए कांग्रेस अपने सारी दुश्मनी मोदी के साथ ही देश की जनता से भी निकाल रही है। सिर्फ मुझे ही नहीं आपको भी परेशान करने पर लगी हुई है।

मेरे परिवारजनों,
मध्य प्रदेश के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों आपको मेरी एक सीख याद जरूर रखनी है। कभी मत भूलिए। कांग्रेस आई तबाही लाई। जहाँ-जहाँ कांग्रेस आई वहाँ-वहाँ तबाही लाई। अगर गलती से भी कांग्रेस आ गई फिर तो आपको सरकार से मिलने वाली सारी मदद ये बंद कर देंगे। कांग्रेस आई तो मुफ्त राशन मिलना बंद हो जाएगा, कांग्रेस आई तो मुफ्त इलाज मिलना बंद हो जाएगा। कांग्रेस आई तो किसान सम्मान निधि के पैसे मिलने बंद हो जाएंगे। यहाँ जो शिवराज जी की सरकार ने लाली बहना, लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाएं चलाई है, ये उनको भी नहीं छोड़ेंगे। इसलिए आपको अपना एक-एक वोट को कमल के फूल पर डालकर कांग्रेस के घोटालेवाजों को रोकना है। आप मेरे एक बात और याद रखिएगा। यहां एमपी में कांग्रेस ने आपके सामने दो ऐसे नेता खड़े किए हैं? जो कई बार दशकों से मध्य प्रदेश कांग्रेस को चलाते हैं। अब आज क्या काम कर रहे हैं? दोनों कपड़ा फाड़ नेता बन गए हैं। एक दूसरे के कपड़े फाड़ रहे है। एक अपने समर्थकों को कहते उसके कपड़े फाड़, वो अपने चेलों को कहते हैं कि तुम दूसरों के कपड़े फाड़। यही नेता एमपी को दशकों तक अपने पांव में रखने वाले एमपी को वंचित रखने के लिए जिम्मेदार हैं? ये आपके बेहतर भविष्य का भरोसा कभी नहीं दे सकते। इनका तो अभी बस एक ही एजेंडा है। 3 दिसंबर को भाजपा से हारने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस पर किसका बेटा कब्जा करेगा? इनकी लड़ाई ये है अपने बेटों को सेट करने में वो पूरे मध्य प्रदेश को अपसेट करने में लगे हुए हैं। जिनको सिर्फ अपने बेटों की ही चिंता है, वे एमपी के गरीब, वंचित, मध्यम वर्ग के बेटे बेटियों की चिंता ही नहीं कर सकते।

मेरे परिवारजनों,
सतना सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के विकास हमें मिलकर तेज करना है। भाजपा सरकार इस क्षेत्र पर्यटक उद्योग को नया विस्तार देने जा रही है। केंद्र की भाजपा सरकार रामायण सर्किट के बहुत बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। चित्रकूट सहित एमपी के अनेक स्थान इस योजना का हिस्सा है। ये क्षेत्र सीमेंट कारखानों के लिए जाना जाता है। आने वाले समय में यहाँ दूसरे उद्योगों का विस्तार किया जाएगा। उद्योगों के लिए अच्छी कनेक्टिविटी और पर्याप्त बिजली की जरूरत है। आज भाजपा डबल इंजन सरकार इस पर बहुत ज़ोर दे रही है। जबलपुर कट्टी सप्ताह सिंगरौली इन्वेस्टमेंट कॉरिडोर और एलिवेटेड कॉरिडोर के इस क्षेत्र में निवेश की नई संभावनाएं बनेंगी। लघु उद्योग, कुटीर उद्योग, खेती से जुड़े उद्योग इनके लिए आने वाला समय बहुत उज्ज्वल होने वाला। यहां एमपी में छोटे, मझोले और लघु उद्योगों के लिए भाजपा सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपए की मदद की। भाजपा सरकार ने एमपी में लगभग ढाई सौ औद्योगिक क्षेत्र और 50 से अधिक एमएसएमई कंस्ट्रक्शन की स्वीकृति दी है। 3 दिसंबर को भाजपा की जीत के बाद इन सभी पर काम और तेज हो जाएगा। और ये मोदी की गारंटी है।

मेरे परिवारजनों,
इन चुनावों में मेरे जो पहली बार वोट देने वाले नौजवान हैं। जो पहली बार वोट देने वाले बेटे बेटी है जो फर्स्ट टाइम वोटर हैं, मेरे युवा साथी हैं, मैं कहता हूँ इस बार नेतृत्व आप कीजिए, पूरे चुनाव को लीड आप कीजिए। पूरे देश के आशीर्वाद आपके साथ है। भाजपा अब एमपी को समृद्धि के शिखर की तरफ ले जाना चाहती है। यह सिर्फ अपना विधायक चुनने का चुनाव नहीं है। ये आपका भविष्य चुनने का चुनाव है। अपना और अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए आप को कमल का फूल चुनना। मैं आज अपने भाजपा के कार्यकर्ताओं से भी एक बात कहूंगा जो भाजपा कार्यकर्ता इस रैली में है जो भाजपा कार्यकर्ता मध्य प्रदेश के कोने कोने में अपना खून पसीना एक कर रहे हैं। मेरे लिए सारे कार्यकर्ता, चाहे मैं उनको मिल पाऊं या ना मिल पाऊं, अखबार में उनकी तस्वीर छपे या ना छपे टीवी पर वे कभी नजर आए या ना आए ऐसे लाखों कार्यकर्ता चार चार पीढ़ी से जुटे हुए परिवार ये मेरे लिए वंदनीय लोग हैं। मेरा एक-एक कार्यकर्ता मेरे लिए श्रद्धा का केंद्र है। जब उनको मैं परिश्रम करते हुए देखता हूँ, जी जान से जुटे हुए देखता हूँ और सिर्फ एक ही इरादा होता है भारत माता की जय। उससे अधिक जिसे कुछ नहीं चाहिए ऐसे लाखों कार्यकर्ताओं को निर्माण करने का काम भाजपा ने किया है। ये भाजपा कार्यकर्ताओं का परिश्रम है जिसने भाजपा को आज यहाँ इतनी मजबूत स्थिति में पहुंचाया। यह भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत है जिससे एमपी के कांग्रेस की हालत खराब है। हर बूथ पर कमल खिले। इस संकल्प के साथ ही हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना है।
आप घर घर जाएंगे। इतनी बड़ी सभा के बाद ये तो नहीं कहोगे कि बहुत हो गया ऐसा नहीं करोगे ना? हर बूथ में जाओगे? कमल खिलाओगे? कांग्रेस को साफ कर दोगे? बीजेपी को शानदार जिताओगे? पक्का? गारंटी? देखिए इस चुनाव में आप ही की गारंटी है भाजपा को जिताने की गारंटी। अच्छा, मेरा एक काम करोगे? ये चुनाव वाला काम नहीं है, मेरा व्यक्तिगत काम है करोगे? आवाज़ ठंडी हो गई है आपलोगों की। ऐसा प्यार क्या आपका? यह मेरा निजी काम है, करोगे? सब करोगे? पक्का करोगे? देखिये, आप घर घर जाइए। गांव-गांव घर-घर जाइए, और जा करके बताना। मोदी जी सतना आए थे, आप सबको उन्होंने प्रणाम भेजा है। राम-राम कहा है। मेरा राम-राम पहुंचा दोगे? मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे? आप उनको जब मेरा प्रणाम पहुँचाओगे ना? तो मन से मुझे आशीर्वाद मिलेगा, और जब हर परिवार से मुझे आशीर्वाद मिलेगा, तो मेरी अनेक गुना बढ़ जाएगी और देश के लिए काम करने के लिए मुझे एक नई शक्ति मिलेगी। मेरे साथ बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... बहुत बहुत धन्यवाद।

Explore More
ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਜਨਮ-ਭੂਮੀ ਮੰਦਿਰ ਧਵਜਾਰੋਹਣ ਉਤਸਵ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਭਾਸ਼ਣ ਦਾ ਪੰਜਾਬੀ ਅਨੁਵਾਦ

Popular Speeches

ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ ਜਨਮ-ਭੂਮੀ ਮੰਦਿਰ ਧਵਜਾਰੋਹਣ ਉਤਸਵ ਦੌਰਾਨ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਦੇ ਭਾਸ਼ਣ ਦਾ ਪੰਜਾਬੀ ਅਨੁਵਾਦ
Sanand 2.0's swift semicon wave accelerates India's chip ambitions

Media Coverage

Sanand 2.0's swift semicon wave accelerates India's chip ambitions
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
The government places great emphasis on bringing a 'technology culture' to agriculture: PM Modi
March 06, 2026
This year’s Union Budget gives a strong push to agriculture and rural transformation : PM
Government has continuously strengthened the agriculture sector ,major efforts have reduced the risks for farmers and provided them with basic economic security: PM
If we scale high-value agriculture together, it will transform agriculture into a globally competitive sector: PM
As export-oriented production increases, employment will be created in rural areas through processing and value addition: PM
Fisheries can become a major platform for export growth, a high-value, high-impact sector of rural prosperity: PM
The government is developing digital public infrastructure for agriculture through AgriStack: PM
Technology delivers results when systems adopt it, institutions integrate it, and entrepreneurs build innovations on it: PM

नमस्कार !

बजट वेबिनार सीरीज के तीसरे वेबिनार में, मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं। इससे पहले, टेक्नोलॉजी, रिफॉर्म्स और इकोनॉमिक ग्रोथ जैसे अहम विषयों पर दो वेबिनार हो चुके हैं। आज, Rural Economy और Agriculture जैसे अहम सेक्टर पर चर्चा हो रही है। आप सभी ने बजट निर्माण में अपने मूल्यवान सुझावों से बहुत सहयोग दिया, और आपने देखा होगा बजट में आप सबके सुझाव रिफ्लेक्ट हो रहे हैं, बहुत काम आए हैं। लेकिन अब बजट आ चुका है, अब बजट के बाद उसके full potential का लाभ देश को मिले, इस दिशा में भी आपका अनुभव, आपके सुझाव और सरल तरीके से बजट का सर्वाधिक लोगों को लाभ हो। बजट का पाई-पाई पैसा जिस हेतु से दिया गया है, उसको परिपूर्ण कैसे करें? जल्द से जल्द कैसे करें? आपके सुझाव ये वेबिनार के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

आप सभी जानते हैं, कृषि, एग्रीकल्चर, विश्वकर्मा, ये सब हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। एग्रीकल्चर, भारत की लॉन्ग टर्म डेवलपमेंट जर्नी का Strategic Pillar भी है, और इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि सेक्टर को लगातार मजबूत किया है। करीब 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पीएम किसान सम्मान निधि मिली है। MSP में हुए Reforms से अब किसानों को डेढ़ गुना तक रिटर्न मिल रहा है। इंस्टिट्यूशनल क्रेडिट कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के क्लेम सेटल किए गए हैं। ऐसे अनेक प्रयासों से किसानों का रिस्क बहुत कम हुआ है, और उन्हें एक बेसिक इकोनॉमिक सिक्योरिटी मिली है। इससे कृषि क्षेत्र का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज खाद्यान्न और दालों से लेकर तिलहन तक देश रिकॉर्ड उत्पादन कर रहा है। लेकिन अब, जब 21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर शुरू हो चुका है, 25 साल बीत चुके हैं, तब कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा से भरना भी उतना ही आवश्यक है। इस साल के बजट में इस दिशा में नए प्रयास हुए हैं। मुझे विश्वास है, इस वेबिनार में आप सभी के बीच हुई चर्चा, इससे निकले सुझाव, बजट प्रावधानों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने में मदद करेंगे।

साथियों,

आज दुनिया के बाजार खुल रहे हैं, ग्लोबल डिमांड बदल रही है। इस वेबिनार में अपनी खेती को एक्सपोर्ट ओरिएंटेड बनाने पर भी ज्यादा से ज्यादा चर्चा आवश्य़क है। हमारे पास Diverse Climate है, हमें इसका पूरा फायदा उठाना है। एग्रो क्लाइमेटिक जोन, उस विषय में हम बहुत समृद्ध है। इस साल का बजट इन सब बातों के लिए अनगिनत नए अवसर देने वाला बजट है। प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की दिशा तय करता है, और एक्सपोर्ट स्ट्रेंथ को बढ़ावा देता है। बजट में हमने high value agriculture पर फोकस किया है। नारियल, काजू, कोको, चंदन, ऐसे उत्पादों के regional-specific promotion की बात कही है, और आपको मालूम है, दक्षिण के हमारे जो राज्य हैं खासकर केरल है, तमिलनाडु है, नारियल की पैदावार बहुत करते हैं। लेकिन अब वो क्रॉप, वो सारे पेड़ इतने पुराने हो चुके हैं कि उसकी वो क्षमता नहीं रही है। केरल के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो, तमिलनाडु के किसानों को अतिरिक्त लाभ हो। इसलिए इस बार कोकोनट पर एक विशेष बल दिया गया है, जिसका फायदा आने वाले दिनों में हमारे इन किसानों को मिलेगा।

साथियों,

नॉर्थ ईस्ट की तरफ देखें, अगरवुड बहुत कम लोगों को मालूम है, जो ये अगरबत्ती शब्द है ना, वो अगरवुड से आया हुआ है। अब हिमालयन राज्यों में टेम्परेट नट क्रॉप्स, और इन्हें बढ़ावा देने का प्रस्ताव बजट में रखा गया है। जब एक्सपोर्ट ओरिएंटेड प्रोडक्शन बढ़ेगा, तो ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए रोजगार सृजन होगा। इस दिशा में एक coordinated action कैसे हो, आप सभी स्टेकहोल्डर्स मिलकर जरूर मंथन करें। अगर हम मिलकर High Value Agriculture को स्केल करते हैं, तो ये एग्रीकल्चर को ग्लोबली कंपेटिटिव सेक्टर में बदल सकता है। एग्री experts, इंडस्ट्री और किसान एक साथ कैसे आएं, किसानों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए किस तरह से गोल्स सेट किए जाएं, क्वालिटी, ब्रांडिंग और स्टैंडर्ड्स, ऐसे हर पहलू, इन सबको कैसे प्रमोट किया जाए, इन सारे विषयों पर चर्चा, इस वेबिनार को, इसके महत्व को बढ़ाएंगे। मैं एक और बात आपसे कहना चाहूंगा। आज दुनिया हेल्थ के संबंध में ज्यादा कॉनशियस है। होलिस्टिक हेल्थ केयर और उसमें ऑर्गेनिक डाइट, ऑर्गेनिक फूड, इस पर बहुत रुचि है। भारत में हमें केमिकल फ्री खेती पर बल देना ही होगा, हमें नेचुरल फार्मिंग पर बल देना होगा। नेचुरल फार्मिंग से, केमिकल फ्री प्रोडक्ट से दुनिया के बाजार तक पहुंचने में हमारे लिए एक राजमार्ग बन जाता है। उसके लिए सर्टिफिकेशन, लेबोरेटरी ये सारी व्यवस्थाएं सरकार सोच रही है। लेकिन आप लोग इसमें भी जरूर अपने विचार रखिए।

साथियों,

एक्सपोर्ट बढ़ाने में एक बहुत बड़ा फैक्टर फिशरीज सेक्टर का पोटेंशियल भी है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी है। आज हमारे अलग-अलग तरह के जलाशय, तालाब, ये सब मिलाकर लगभग 4 लाख टन मछली उत्पादन होता है। जबकि इसमें 20 लाख टन अतिरिक्त उत्पादन की संभावना मौजूद है। अब विचार कीजिए आप, 4 लाख टन से हम अतिरिक्त 20 लाख टन जोड़ दें, तो हमारे गरीब मछुआरे भाई-बहन हैं, उनकी जिंदगी कैसी बदल जाएगी। हमारे पास Rural Income को डायवर्सिफाई करने का अवसर है। फिशरीज एक्सपोर्ट ग्रोथ का बड़ा प्लेटफॉर्म बन सकता है, दुनिया में इसकी मांग है। इस वेबिनार से अगर बहुत ही प्रैक्टिकल सुझाव निकलते हैं, तो कैसे रिज़रवॉयर, उसकी पोटेंशियल की सटीक मैपिंग की जाए, कैसे क्लस्टर प्लानिंग की जाए, कैसे फिशरीज डिपार्टमेंट और लोकल कम्युनिटी के बीच मजबूत कोऑर्डिनेशन हो, तो बहुत ही उत्तम होगा। हैचरी, फीड, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, एक्सपोर्ट, उसके लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स, हर स्तर पर हमें नए बिजनेस मॉडल विकसित करने ही होंगे। ये Rural Prosperity, ग्रामीण समृद्धि के लिए, वहां की हाई वैल्यू, हाई इम्पैक्ट सेक्टर के रूप में परिवर्तित करने का एक अवसर है हमारे लिए, और इस दिशा में भी हम सबको मिलकर काम करना है, और आप आज जो मंथन करेंगे, उसके लिए, उस कार्य के लिए रास्ता बनेगा।

साथियों,

पशुपालन सेक्टर, ग्रामीण इकोनॉमी का हाई ग्रोथ पिलर है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा मिल्क प्रोड्यूसर है, Egg प्रोडक्शन में हम दूसरे स्थान पर है। हमें इसे और आगे ले जाने के लिए ब्रीडिंग क्वालिटी, डिजीज प्रिवेंशन और साइंटिफिक मैनेजमेंट पर फोकस करना होगा। एक और अहम विषय पशुधन के स्वास्थ्य का भी है। मैं जब One Earth One Health की बात करता हूं, तो उसमें पौधा हो या पशु, सबके स्वास्थ्य की बात शामिल है। भारत अब वैक्सीन उत्पादन में आत्मनिर्भर है। फुट एंड माउथ डिजीज, उससे पशुओं को बचाने के लिए सवा सौ करोड़ से अधिक डोज पशुओं को लगाई जा चुकी है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत टेक्नोलॉजी का विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार में अब पशुपालन क्षेत्र के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का भी लाभ मिल रहा है। निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एनिमल हसबेंड्री इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड की शुरुआत भी की गई है, और आपको ये पता है हम लोगों ने गोबरधन योजना लागू की है। गांव के पशुओं के निकलने वाला मलमूत्र है, गांव का जो वेस्ट है, कूड़ा-कचरा है। हम गोबरधन योजना में इसका उपयोग करके गांव भी स्वच्छ रख सकते हैं, दूध से आय होती है, तो गोबर से भी आय हो सकती है, और एनर्जी सिक्योरिटी की दिशा में गैस सप्लाई में भी ये गोबरधन बहुत बड़ा योगदान दे सकता है। ये मल्टीपर्पज बेनिफिट वाला काम है, और गांव के लिए बहुत उपयोगी है। मैं चाहूंगा कि सभी राज्य सरकारें इसको प्राथमिकता दें, इसको आगे बढ़ाएं।

साथियों,

हमने पिछले अनुभवों से समझा है कि केवल एक ही फसल पर टिके रहना किसान के लिए जोखिम भरा है। इससे आय के विकल्प भी सीमित हो जाते हैं। इसलिए, हम crop diversification पर फोकस कर रहे हैं। इसके अलावा, National Mission on Edible Oils And Pulses, National Mission on Natural Farming, ये सभी एग्रीकल्चर सेक्टर की ताकत बढ़ा रहे हैं।

साथियों,

आप भी जानते हैं एग्रीकल्चर स्टेट सब्जेक्ट है, राज्यों का भी एक बड़ा एग्रीकल्चर बजट होता है, हमें राज्यों को भी निरंतर प्रेरित करना है कि वो अपना दायित्व निभाने में, हम उनको कैसे मदद दें, हमारे सुझाव उनको कैसे काम आएं। राज्य का भी एक-एक पैसा जो गांव के लिए, किसान के लिए तय हुआ है, वो सही उपयोग हो। हमें बजट प्रावधानों को जिला स्तर तक मजबूत करना होगा। तभी नई पॉलिसीज का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है।

साथियों,

ये टेक्नोलॉजी की सदी है और सरकार का बहुत जोर एग्रीकल्चर में टेक्नोलॉजी कल्चर लाने पर भी है। आज e-NAM के माध्यम से मार्केट एक्सेस का डेमोक्रेटाइजेशन हुआ है। सरकार एग्रीस्टैक के जरिए, एग्रीकल्चर के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। इसके तहत डिजिटल पहचान, यानी किसान आईडी बनाई जा रही है। अब तक लगभग 9 करोड़ किसानों की किसान आईडी बन चुकी है, और लगभग 30 करोड़ भूमि पार्सलों का डिजिटल सर्वे किया गया है। भारत-विस्तार जैसे AI आधारित प्लेटफॉर्म, रिसर्च इंस्टीट्यूशंस और किसानों के बीच की दूरी कम कर रहे हैं।

लेकिन साथियों,

टेक्नोलॉजी तभी परिणाम देती है, जब सिस्टम उसे अपनाएं, संस्थाएं उसे इंटीग्रेट करें और एंटरप्रेन्योर्स उस पर इनोवेशन खड़ा करें। इस वेबिनार में आपको इससे जुड़े सुझावों को मजबूती से सामने लाना होगा। हम टेक्नोलॉजी को कैसे सही तरीके से इंटीग्रेट करें, इस दिशा में इस वेबिनार से निकले सुझावों की बहुत बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

हमारी सरकार ग्रामीण समृद्धि के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वामित्व योजना, पीएम ग्रामीण सड़क योजना, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक मदद, इसने रूरल इकोनॉमी को निरंतर मजबूत किया है। लखपति दीदी अभियान की सफलता को भी हमें नई ऊंचाई देनी है। अभी तक गांव की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में हम सफल हो चुके हैं। अब 2029 तक, 2029 तक 3 करोड़ में और 3 करोड़ जोड़ना है, और 3 करोड़ और लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। ये लक्ष्य और तेजी से कैसे प्राप्त किया जाए, इसे लेकर भी आपके सुझाव महत्वपूर्ण होंगे।

साथियों,

देश में स्टोरेज का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है। लाखों गोदाम बनाए जा रहे हैं। स्टोरेज के अलावा एग्री एंटरप्रेन्योर्स प्रोसेसिंग, सप्लाई चैन, एग्री-टेक, एग्री-फिनटेक, एक्सपोर्ट, इन सब में इनोवेशन और निवेश बढ़ाना आज समय की मांग है। मुझे विश्वास है आज जो आप मंथन करेंगे, उससे निकले अमृत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। आप सबको इस वेबिनार के लिए मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जमीन से जुड़े हुए विचार, जड़ों से जुड़े हुए विचार, इस बजट को सफल बनाने के लिए, गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बहुत काम आएंगे। आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद। नमस्कार।