DMK contests on family politics, and anti-Tamil culture, with corruption being DMK's Copyright
DMK founded on 'Divide, Divide and Divide' and seeks to destroy 'Sanatan.'
Our endeavour has always been to promote the Tamil Culture, be it the Kashi-Tamil Sangamam, Saurashtra-Tamil Sangamam or me speaking the Tamil language in the UN.
DMK even boycotted the Sthapana of the 'Pavitra Sengol' in the New Parliament Building that served as the founding symbol of India's independence

एन अन्बार्न्दा तमिल सगोदर सगोदरिगले, वणक्कम
सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा मांगता हूं क्योंकि मैं तमिल में बोल नहीं पाता हूं, इसके लिए आप सभी मुझे क्षमा करेंगे। दूसरा 14 अप्रैल को हमारा नववर्ष आरंभ हो रहा है। मैं आप सबको नववर्ष की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं और मुझे पक्का विश्वास है कि आने वाला वर्ष तमिलनाडु के विकास की यात्रा को और मजबूत बनाएगा और ये चुनाव उसमें आपका उत्साह उमंग नई ताकत भर देगा। जो लोग दिल्ली में बैठे हैं उन्हें शायद पता नहीं चलता होगा कि वेलूर की धरती नया इतिहास बनाने जा रही है। ये आपका प्यार, ये आपका आशीर्वाद तमिलनाडु के प्रति मेरा जो समर्पण है, उस समर्पण को और अधिक प्रेरणा देते हैं और अधिक पवित्र बना देते हैं। इसलिए मैं तमिलनाडु के लोगों का जितना अभिनंदन करूं उतना कम है।

वेलूर की ऐतिहासिक, पौराणिक और वीरता से भरी इस धरती को मैं प्रणाम करता हूँ। मैं यहाँ विराजमान जलगंडेश्वर शिव और भगवान मुरुगन के चरणों में नमन करता हूँ। ब्रिटिश रूल के खिलाफ इस धरती पर बहुत बड़ी क्रांति हुई थी। आज वही वेलूर फोर्ट और वेलूर की धरती एक बार फिर history बनते देख रही है। बीजेपी और NDA को तमिलनाडु में अपार जनसमर्थन मिल रहा है। पूरा तमिलनाडु कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,
हमें मिलकर इस 21st century में अपने भारत को, अपने तमिलनाडु को विकसित बनाना है। बीते 10 वर्षों में NDA की central government ने developed भारत की foundation तैयार की है। आपको याद होगा, 2014 के पहले भारत को कैसी नज़र से देखा जाता था। हमारी इकॉनॉमी weak थी, देश में big decisions नहीं होते थे। केवल scams की खबरें आती थीं। जब भी अखबार खोलो स्कैम, जब भी नेता का नाम सुनो स्कैम, भारत के बारे में कहा जाता था कि भारत की इकॉनमी कभी भी फेल हो सकती है।  हिंदुस्तान इकोनॉमिकली डूब जाएगा ऐसा कहा जाता था।

वही भारत आज दुनिया की एक ताकत बनकर उभर रहा है। और मुझे खुशी है कि इसमें तमिलनाडु की बड़ी भूमिका रही है। भारत को स्पेस सेक्टर में आगे ले जाने में तमिलनाडु का बड़ा contribution रहा है। भारत को मैन्यूफैक्चरिंग में आगे ले जाने में तमिलनाडु का hard work रहा है। मुझे विश्वास है, तमिलनाडु में बन रहा डिफेंस कॉरिडोर, डिफेंस सेक्टर में इस राज्य को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। तमिलनाडु के युवाओं के टेलेंट ने भारत के स्टार्टअप ecosystem को भी मजबूती दी है।

साथियों,
NDA सरकार, वेलूर के लोगों की Aspirations को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। उड़ान स्कीम के तहत बन रहा वेलूर का एयरपोर्ट जल्द ही पूरा हो जाएगा। इससे वेलूर एयर कनेक्टिविटी के मैप पर आ जाएगा। इससे यहां पढ़ने वाले students को भी बहुत help होगी। चेन्नई-बेंगलुरू इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी वेलूर से होकर गुजर रहा है। इससे भी यहां की कनेक्टिविटी modern होगी। 2014 के बाद से ही NDA सरकार ने इस क्षेत्र में रेलवे के विकास के लिए भी बहुत काम किया है। कई स्टेशनों पर रेलवे प्लेटफॉर्म की लंबाई भी बढ़ाई गई है ताकि ज्यादा लंबी ट्रेनें वहां रुक सकें।

साथियों,
तमिलनाडु के लिए ये developed भारत का नेतृत्व करने का समय है। लेकिन, DMK तमिलनाडु को पुरानी सोच में, पुरानी पॉलिटिक्स में फंसाकर रखना चाहती है। पूरी DMK एक फैमिली की कंपनी बनकर रह गई है। DMK की family politics की वजह से  तमिलनाडु के Youth को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। DMK से चुनाव लड़ने और DMK में आगे बढ़ने के लिए 3 main criteria हैं।

First- family politics!
Second- Corruption
Third- Anti-Tamil culture.

करप्शन पर तो DMK ने पहला कॉपी राइट करवाया हुआ है। पूरी फैमिली मिलकर तमिलनाडु को लूटने का काम कर रही है। अभी खुलासा हुआ है कि सैंड स्मग्लर्स ने two years में तमिलनाडु का 46 hundred crore rupees का loss किया है। आप कल्पना करिए, पूरे तमिलनाडु में लूट का कितना बड़ा खेल चल रहा है। हम केंद्र सरकार से तमिलनाडु के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए भेजते हैं, ये पैसा भी DMK के करप्शन की भेंट चढ़ जाता है। DMK ने तमिलनाडु और देश के भविष्य, हमारे छोटे-छोटे बच्चों तक को नहीं छोड़ा है। स्कूल तक ड्रग्स कारोबार का शिकार हो गए हैं। इन ड्रग्स माफियाओं को किसका संरक्षण हासिल है? एनसीबी ने जिस ड्रग लॉर्ड को गिरफ्तार किया है, उसके संबंध किस फैमिली से पता चल रहे हैं? इस चुनाव में तमिलनाडु की जनता इन सब पापों का हिसाब करेगी।

साथियों,
DMK पार्टी की पॉलिटिक्स का मुख्य आधार है- Divide…Divide और Divide. ये पार्टी देश के लोगों को भाषा के नाम पर लड़ाती है, क्षेत्र के नाम पर लड़ाती है, धर्म और जाति के नाम पर लड़ाती है। DMK को पता है कि जिस दिन लोग Divide and Rule की पॉलिटिक्स समझ गए, उसे एक वोट नहीं मिलेगा। इसलिए ये लोगों को आपस में लड़ाते हैं। मैंने भी ठान लिया है कि DMK की इस दशकों पुरानी खतरनाक पॉलिटिक्स को एक्सपोज करके ही रहूंगा।

काशी-तमिल संगमम् हो, सौराष्ट्र-तमिल संगमम् हो, मेरा प्रयास होता है कि पूरा देश हमारी महान तमिल संस्कृति को जाने। और आज जब मैं वेलूर आया हूं, तो मैं काशी का सांसद हूं, आप काशी आइए, मैं निमंत्रण देने आया हूं। काशी-तमिल संगमम् को और शानदार बनाइए, दूसरा मैं गुजरात में पैदा हुआ हूं। यहां भी गुजरात के बहुत परिवार रहते हैं। सैकड़ो परिवार हैं यहां हमारे कच्छ के। मैं आपको सौराष्ट्र-तमिल संगमम् के लिए भी एक गुजराती के नाते निमंत्रण देता हूं। और जो यहां सौराष्ट्री तमिल है वो अपने गांव आएं अपने कुल देवता के दर्शन करे, ये हमेशा मेरा आपको निमंत्रण है। मैं यूनाइटेड नेशंस में तमिल भाषा में बोलने का प्रयास करता हूँ, ताकि, पूरी दुनिया को पता चले कि हमारी तमिल विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। मेरे इन प्रयासों के बीच DMK की सच्चाई क्या है?
मैंने जब संसद में तमिलनाडु के पवित्र सेंगोल की स्थापना करवाई, तो DMK पार्टी ने उसका भी बॉयकॉट किया था।

साथियों,
कांग्रेस और DMK पार्टी के एक और पाखंड की चर्चा आज पूरा देश कर रहा है। जब काँग्रेस की सरकार थी, तब कई दशक पहले इन लोगों ने कच्चातीवू आइलैंड श्रीलंका को दे दिया। किस कैबिनेट में ये निर्णय हुआ, किसके फायदे के लिए ये फैसला हुआ, इस पर कांग्रेस की बोलती बंद है। बीते वर्षों में उस आइलैंड के पास जाने पर तमिलनाडु के हजारों मछुआरें गिरफ्तार हुए हैं। गिरफ्तारी पर कांग्रेस और DMK झूठी हमदर्दी दिखाते हैं। लेकिन ये लोग तमिलनाडु के लोगों को ये सच नहीं बताते कि कच्चातीवू आइलैंड इन्होंने ही श्रीलंका को दिया था। और तमिलनाडु की जनता को अंधेरे में रखा था। NDA सरकार ऐसे मछुआरों को निरंतर रिहा कराकर वापस ला रही है। इतना ही नहीं पांच मछुआरों को फांसी की सजा कर दी थी श्रीलंका ने उन्हें भी जिंदा वापस लाया था। DMK-कांग्रेस, सिर्फ मछुआरों के ही नहीं, बल्कि देश के भी गुनहगार हैं।

साथियों,
मेरे मन में वेलूर के लिए हमेशा से एक विशेष श्रद्धा रही है। जब मैं गुजरात का CM था, तब भी मैं श्रीपुरम नारायणी मंदिर यानी गोल्डेन टेम्पल आया था। तमिलनाडु तो शक्ति की उपासना करने वाले लोगों की धरती है। लेकिन इंडी अलांयस के लोग इस शक्ति का भी अपमान करते हैं। आपको याद होगा काँग्रेस के युवराज ने क्या कहा है कि, हिन्दू धर्म में जो शक्ति है, वो उस शक्ति का विनाश करेंगे! यही मानसिकता DMK की भी है। ये लोग एक सनातन के विनाश की बात करते हैं, राम मंदिर का बहिष्कार करते हैं।

DMK और इंडी गठबंधन महिलाओं के अपमान में भी पीछे नहीं हैं। इन्होंने अम्मा जयललिता के साथ कितना गलत व्यवहार किया था! आज भी, DMK नेता महिलाओं के अपमान में कैसी-कैसी भाषा बोलते हैं, ये तो यहीं वेलूर के लोगों ने ही देखा है! BJP को, NDA को दिया आपका आशीर्वाद, सतानत शक्ति की रक्षा करेगा और महिलाओं का सम्मान भी बढ़ाएगा।

साथियों,
19 अप्रैल को तमिलनाडु के सम्मान के लिए, तमिलनाडु के भविष्य के लिए बहुत बड़ा अवसर आने वाला है। वेलूर से श्री ए.सी.शनमुगम, धरमपुरी से श्रीमती सौम्या अंबुमनी, कृष्णागिरी से श्री सी नरसिम्हन, अराक्कोनम से श्री के बालू, तिरुअन्नामलाई से श्री ए. अश्वत्थामन, और आरणि से श्री ए गणेशकुमार, ये आपके सपनों और आकांक्षाओं के लिए काम करेंगे। 19 अप्रैल को एनडीए के पक्ष में आपका एक-एक वोट तमिलनाडु के भविष्य की गारंटी बनेगा- इदु मोदियिन् गारंटी!

देखिए मैं आपका परिचय करवा रहा हूं और मुझे एक बाल प्रभु राम के वेष में दर्शन हो रहे हैं। मैं आपको ये भी बताना चाहूंगा कि मेरे भाषण, मैंने पहले भी कहा था कि मैं तमिल बोल नहीं पाता हूं। लेकिन मैं आपके साथ जीना चाहता हूं, मेरे दिल में आपको रखना चाहता हूं। आप के दिल में मैं हमेशा रहना चाहता हूं। इसलिए मेरे भाषण अब तमिल भाषा में भी ऑनलाइन उपलब्ध होते हैं।

आप सोशल मीडिया प्लैटफ़ार्म X पर NaMoInTamil को फॉलो करिए। आप मुझे तमिल भाषा में सुन पाएंगे मैं इस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहा हूं। मेरी आपसे प्रार्थना है, मैं आज वेलूर आया हूं। मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप घर-घर जाइए, और हर परिवार में जाकर बताना की मोदी जी वेलूर आए थे। और मोदी जी ने आपको वडक्कम भेजा है। मेरा वडक्कम पहुंचाइए। आप इतनी बड़ी विशाल संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं। वडक्कम।

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय
वंदे मातरम्,,,,
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Text of PM’s speech at TV9 Summit 2026
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!