DMK contests on family politics, and anti-Tamil culture, with corruption being DMK's Copyright
DMK founded on 'Divide, Divide and Divide' and seeks to destroy 'Sanatan.'
Our endeavour has always been to promote the Tamil Culture, be it the Kashi-Tamil Sangamam, Saurashtra-Tamil Sangamam or me speaking the Tamil language in the UN.
DMK even boycotted the Sthapana of the 'Pavitra Sengol' in the New Parliament Building that served as the founding symbol of India's independence

एन अन्बार्न्दा तमिल सगोदर सगोदरिगले, वणक्कम
सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा मांगता हूं क्योंकि मैं तमिल में बोल नहीं पाता हूं, इसके लिए आप सभी मुझे क्षमा करेंगे। दूसरा 14 अप्रैल को हमारा नववर्ष आरंभ हो रहा है। मैं आप सबको नववर्ष की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं और मुझे पक्का विश्वास है कि आने वाला वर्ष तमिलनाडु के विकास की यात्रा को और मजबूत बनाएगा और ये चुनाव उसमें आपका उत्साह उमंग नई ताकत भर देगा। जो लोग दिल्ली में बैठे हैं उन्हें शायद पता नहीं चलता होगा कि वेलूर की धरती नया इतिहास बनाने जा रही है। ये आपका प्यार, ये आपका आशीर्वाद तमिलनाडु के प्रति मेरा जो समर्पण है, उस समर्पण को और अधिक प्रेरणा देते हैं और अधिक पवित्र बना देते हैं। इसलिए मैं तमिलनाडु के लोगों का जितना अभिनंदन करूं उतना कम है।

वेलूर की ऐतिहासिक, पौराणिक और वीरता से भरी इस धरती को मैं प्रणाम करता हूँ। मैं यहाँ विराजमान जलगंडेश्वर शिव और भगवान मुरुगन के चरणों में नमन करता हूँ। ब्रिटिश रूल के खिलाफ इस धरती पर बहुत बड़ी क्रांति हुई थी। आज वही वेलूर फोर्ट और वेलूर की धरती एक बार फिर history बनते देख रही है। बीजेपी और NDA को तमिलनाडु में अपार जनसमर्थन मिल रहा है। पूरा तमिलनाडु कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,
हमें मिलकर इस 21st century में अपने भारत को, अपने तमिलनाडु को विकसित बनाना है। बीते 10 वर्षों में NDA की central government ने developed भारत की foundation तैयार की है। आपको याद होगा, 2014 के पहले भारत को कैसी नज़र से देखा जाता था। हमारी इकॉनॉमी weak थी, देश में big decisions नहीं होते थे। केवल scams की खबरें आती थीं। जब भी अखबार खोलो स्कैम, जब भी नेता का नाम सुनो स्कैम, भारत के बारे में कहा जाता था कि भारत की इकॉनमी कभी भी फेल हो सकती है।  हिंदुस्तान इकोनॉमिकली डूब जाएगा ऐसा कहा जाता था।

वही भारत आज दुनिया की एक ताकत बनकर उभर रहा है। और मुझे खुशी है कि इसमें तमिलनाडु की बड़ी भूमिका रही है। भारत को स्पेस सेक्टर में आगे ले जाने में तमिलनाडु का बड़ा contribution रहा है। भारत को मैन्यूफैक्चरिंग में आगे ले जाने में तमिलनाडु का hard work रहा है। मुझे विश्वास है, तमिलनाडु में बन रहा डिफेंस कॉरिडोर, डिफेंस सेक्टर में इस राज्य को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। तमिलनाडु के युवाओं के टेलेंट ने भारत के स्टार्टअप ecosystem को भी मजबूती दी है।

साथियों,
NDA सरकार, वेलूर के लोगों की Aspirations को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। उड़ान स्कीम के तहत बन रहा वेलूर का एयरपोर्ट जल्द ही पूरा हो जाएगा। इससे वेलूर एयर कनेक्टिविटी के मैप पर आ जाएगा। इससे यहां पढ़ने वाले students को भी बहुत help होगी। चेन्नई-बेंगलुरू इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी वेलूर से होकर गुजर रहा है। इससे भी यहां की कनेक्टिविटी modern होगी। 2014 के बाद से ही NDA सरकार ने इस क्षेत्र में रेलवे के विकास के लिए भी बहुत काम किया है। कई स्टेशनों पर रेलवे प्लेटफॉर्म की लंबाई भी बढ़ाई गई है ताकि ज्यादा लंबी ट्रेनें वहां रुक सकें।

साथियों,
तमिलनाडु के लिए ये developed भारत का नेतृत्व करने का समय है। लेकिन, DMK तमिलनाडु को पुरानी सोच में, पुरानी पॉलिटिक्स में फंसाकर रखना चाहती है। पूरी DMK एक फैमिली की कंपनी बनकर रह गई है। DMK की family politics की वजह से  तमिलनाडु के Youth को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। DMK से चुनाव लड़ने और DMK में आगे बढ़ने के लिए 3 main criteria हैं।

First- family politics!
Second- Corruption
Third- Anti-Tamil culture.

करप्शन पर तो DMK ने पहला कॉपी राइट करवाया हुआ है। पूरी फैमिली मिलकर तमिलनाडु को लूटने का काम कर रही है। अभी खुलासा हुआ है कि सैंड स्मग्लर्स ने two years में तमिलनाडु का 46 hundred crore rupees का loss किया है। आप कल्पना करिए, पूरे तमिलनाडु में लूट का कितना बड़ा खेल चल रहा है। हम केंद्र सरकार से तमिलनाडु के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए भेजते हैं, ये पैसा भी DMK के करप्शन की भेंट चढ़ जाता है। DMK ने तमिलनाडु और देश के भविष्य, हमारे छोटे-छोटे बच्चों तक को नहीं छोड़ा है। स्कूल तक ड्रग्स कारोबार का शिकार हो गए हैं। इन ड्रग्स माफियाओं को किसका संरक्षण हासिल है? एनसीबी ने जिस ड्रग लॉर्ड को गिरफ्तार किया है, उसके संबंध किस फैमिली से पता चल रहे हैं? इस चुनाव में तमिलनाडु की जनता इन सब पापों का हिसाब करेगी।

साथियों,
DMK पार्टी की पॉलिटिक्स का मुख्य आधार है- Divide…Divide और Divide. ये पार्टी देश के लोगों को भाषा के नाम पर लड़ाती है, क्षेत्र के नाम पर लड़ाती है, धर्म और जाति के नाम पर लड़ाती है। DMK को पता है कि जिस दिन लोग Divide and Rule की पॉलिटिक्स समझ गए, उसे एक वोट नहीं मिलेगा। इसलिए ये लोगों को आपस में लड़ाते हैं। मैंने भी ठान लिया है कि DMK की इस दशकों पुरानी खतरनाक पॉलिटिक्स को एक्सपोज करके ही रहूंगा।

काशी-तमिल संगमम् हो, सौराष्ट्र-तमिल संगमम् हो, मेरा प्रयास होता है कि पूरा देश हमारी महान तमिल संस्कृति को जाने। और आज जब मैं वेलूर आया हूं, तो मैं काशी का सांसद हूं, आप काशी आइए, मैं निमंत्रण देने आया हूं। काशी-तमिल संगमम् को और शानदार बनाइए, दूसरा मैं गुजरात में पैदा हुआ हूं। यहां भी गुजरात के बहुत परिवार रहते हैं। सैकड़ो परिवार हैं यहां हमारे कच्छ के। मैं आपको सौराष्ट्र-तमिल संगमम् के लिए भी एक गुजराती के नाते निमंत्रण देता हूं। और जो यहां सौराष्ट्री तमिल है वो अपने गांव आएं अपने कुल देवता के दर्शन करे, ये हमेशा मेरा आपको निमंत्रण है। मैं यूनाइटेड नेशंस में तमिल भाषा में बोलने का प्रयास करता हूँ, ताकि, पूरी दुनिया को पता चले कि हमारी तमिल विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। मेरे इन प्रयासों के बीच DMK की सच्चाई क्या है?
मैंने जब संसद में तमिलनाडु के पवित्र सेंगोल की स्थापना करवाई, तो DMK पार्टी ने उसका भी बॉयकॉट किया था।

साथियों,
कांग्रेस और DMK पार्टी के एक और पाखंड की चर्चा आज पूरा देश कर रहा है। जब काँग्रेस की सरकार थी, तब कई दशक पहले इन लोगों ने कच्चातीवू आइलैंड श्रीलंका को दे दिया। किस कैबिनेट में ये निर्णय हुआ, किसके फायदे के लिए ये फैसला हुआ, इस पर कांग्रेस की बोलती बंद है। बीते वर्षों में उस आइलैंड के पास जाने पर तमिलनाडु के हजारों मछुआरें गिरफ्तार हुए हैं। गिरफ्तारी पर कांग्रेस और DMK झूठी हमदर्दी दिखाते हैं। लेकिन ये लोग तमिलनाडु के लोगों को ये सच नहीं बताते कि कच्चातीवू आइलैंड इन्होंने ही श्रीलंका को दिया था। और तमिलनाडु की जनता को अंधेरे में रखा था। NDA सरकार ऐसे मछुआरों को निरंतर रिहा कराकर वापस ला रही है। इतना ही नहीं पांच मछुआरों को फांसी की सजा कर दी थी श्रीलंका ने उन्हें भी जिंदा वापस लाया था। DMK-कांग्रेस, सिर्फ मछुआरों के ही नहीं, बल्कि देश के भी गुनहगार हैं।

साथियों,
मेरे मन में वेलूर के लिए हमेशा से एक विशेष श्रद्धा रही है। जब मैं गुजरात का CM था, तब भी मैं श्रीपुरम नारायणी मंदिर यानी गोल्डेन टेम्पल आया था। तमिलनाडु तो शक्ति की उपासना करने वाले लोगों की धरती है। लेकिन इंडी अलांयस के लोग इस शक्ति का भी अपमान करते हैं। आपको याद होगा काँग्रेस के युवराज ने क्या कहा है कि, हिन्दू धर्म में जो शक्ति है, वो उस शक्ति का विनाश करेंगे! यही मानसिकता DMK की भी है। ये लोग एक सनातन के विनाश की बात करते हैं, राम मंदिर का बहिष्कार करते हैं।

DMK और इंडी गठबंधन महिलाओं के अपमान में भी पीछे नहीं हैं। इन्होंने अम्मा जयललिता के साथ कितना गलत व्यवहार किया था! आज भी, DMK नेता महिलाओं के अपमान में कैसी-कैसी भाषा बोलते हैं, ये तो यहीं वेलूर के लोगों ने ही देखा है! BJP को, NDA को दिया आपका आशीर्वाद, सतानत शक्ति की रक्षा करेगा और महिलाओं का सम्मान भी बढ़ाएगा।

साथियों,
19 अप्रैल को तमिलनाडु के सम्मान के लिए, तमिलनाडु के भविष्य के लिए बहुत बड़ा अवसर आने वाला है। वेलूर से श्री ए.सी.शनमुगम, धरमपुरी से श्रीमती सौम्या अंबुमनी, कृष्णागिरी से श्री सी नरसिम्हन, अराक्कोनम से श्री के बालू, तिरुअन्नामलाई से श्री ए. अश्वत्थामन, और आरणि से श्री ए गणेशकुमार, ये आपके सपनों और आकांक्षाओं के लिए काम करेंगे। 19 अप्रैल को एनडीए के पक्ष में आपका एक-एक वोट तमिलनाडु के भविष्य की गारंटी बनेगा- इदु मोदियिन् गारंटी!

देखिए मैं आपका परिचय करवा रहा हूं और मुझे एक बाल प्रभु राम के वेष में दर्शन हो रहे हैं। मैं आपको ये भी बताना चाहूंगा कि मेरे भाषण, मैंने पहले भी कहा था कि मैं तमिल बोल नहीं पाता हूं। लेकिन मैं आपके साथ जीना चाहता हूं, मेरे दिल में आपको रखना चाहता हूं। आप के दिल में मैं हमेशा रहना चाहता हूं। इसलिए मेरे भाषण अब तमिल भाषा में भी ऑनलाइन उपलब्ध होते हैं।

आप सोशल मीडिया प्लैटफ़ार्म X पर NaMoInTamil को फॉलो करिए। आप मुझे तमिल भाषा में सुन पाएंगे मैं इस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहा हूं। मेरी आपसे प्रार्थना है, मैं आज वेलूर आया हूं। मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप घर-घर जाइए, और हर परिवार में जाकर बताना की मोदी जी वेलूर आए थे। और मोदी जी ने आपको वडक्कम भेजा है। मेरा वडक्कम पहुंचाइए। आप इतनी बड़ी विशाल संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं। वडक्कम।

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय
वंदे मातरम्,,,,
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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May 19, 2024

प्रश्न- भाजपा का नारा है-‘अबकी बार 400 पार’, चार चरणों का चुनाव हो चुका है, अब आप भाजपा को कहां पाते हैं?

उत्तर- चार चरणों के चुनाव में भाजपा और एनडीए की सरकार को लेकर लोगों ने जो उत्साह दिखाया है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि हम 270 सीटें जीत चुके हैं. अब बाकी के तीन चरणों में हम 400 का आंकड़ा पार करने वाले हैं. 400 पार का नारा, भारत के 140 करोड़ लोगों की भावना है, जो इस रूप में व्यक्त हो रही है. दशकों तक जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को देश ने सहन किया. लोगों के मन में यह स्वाभाविक प्रश्न था कि एक देश में दो विधान कैसे चल सकता है. जब हमें अवसर मिला, हमने आर्टिकल 370 को खत्म कर जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान लागू किया. इससे देश में एक अभूतपूर्व उत्साह का प्रवाह हुआ. लोगों ने तय किया कि जिस पार्टी ने आर्टिकल 370 को खत्म किया, उसे 370 सीटें देंगे. इस तरह भाजपा को 370 सीट और एनडीए को 400 सीट देने का लोगों का इरादा पक्का हुआ. मैं पूरे देश में जा रहा हूं. उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम मैंने लोगों में 400 पार नारे को सच कर दिखाने की प्रतिबद्धता देखी है. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस बार जनता 400 से ज्यादा सीटों पर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

प्रश्न- लोग कहते हैं कि हम मोदी को वोट कर रहे हैं, प्रत्याशी के नाम पर नहीं. लोगों का इतना भरोसा है, इस भरोसे को कैसे पूरा करेंगे?

उत्तर- देश की जनता का यह विश्वास मेरी पूंजी है. यह विश्वास मुझे शक्ति देता है. यही शक्ति मुझे दिन रात काम करने को प्रेरित करती है. मेरी सरकार लगातार एक ही मंत्र पर काम कर रही है, वंचितों को वरीयता. जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है. इसी भाव से मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों, दलित, पिछड़े, गरीब, युवा, महिला, किसान सभी की सेवा कर रहा हूं. जनता का भरोसा मेरे लिए एक ड्राइविंग फोर्स की तरह काम करता है.

देखिए, जो संसदीय व्यवस्था है, उसमें पीएम पद का एक चेहरा होता है, लेकिन जनता सरकार बनाने के लिए एमपी को चुनती है. इस चुनाव में चाहे भाजपा का पीएम उम्मीदवार हो या एमपी उम्मीदवार, दोनों एक ही संदेश लेकर जनता के पास जा रहे हैं. विकसित भारत का संदेश. पीएम उम्मीदवार नेशनल विजन की गारंटी है, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने की गारंटी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक टीम की तरह काम करती है और इस टीम के लिए उम्मीदवारों के चयन में हमने बहुत ऊर्जा और समय खर्च किया है. हमने उम्मीदवारों के चयन का तरीका बदल दिया है. हमने किसी सीट पर उम्मीदवार के चयन में कोई समझौता नहीं किया, न ही किसी तरह के दबाव को महत्व दिया. जिसमें योग्यता है, जिसमें जनता की उम्मीदों को पूरा करने का जज्बा है, उसका चयन किया गया है. हमें मिल कर हर सीट पर कमल खिलाना है. भाजपा और एनडीए की यह टीम 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमेशा समर्पित रहेगी.

प्रश्न- आपने 370 को हटाया, राम मंदिर बनवा दिया. अब तीसरी बार आपकी सरकार अगर लौटती है, तो कौन से वे बड़े काम हैं, जिन्हें आप पहले पूरा करना चाहेंगे?

उत्तर- जब आप चुनाव जीत कर आते हैं, तो आपके साथ जनता-जनार्दन का आशीर्वाद होता है. देश के करोड़ों लोगों की ऊर्जा होती है. जनता में उत्साह होता है. इससे आपके काम करने की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. 2024 के चुनाव में जिस तरीके से भाजपा को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद क्या बड़े काम होने वाले हैं.

यह चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि 2014 और 2019 में चुनाव जीतने के बाद ही सरकार एक्शन मोड में आ गयी थी. 2019 में हमने पहले 100 दिन में ही आर्टिकल 370 और तीन तलाक से जुड़े फैसले लिये थे. बैंकों के विलय जैसा महत्वपूर्ण फैसला भी सरकार बनने के कुछ ही समय बाद ले लिया गया था. हालांकि इन फैसलों के लिए आधार बहुत पहले से तैयार कर लिया गया था.

इस बार भी हमारे पास अगले 100 दिनों का एक्शन प्लान है, अगले पांच वर्षों का रोडमैप है और अगले 25 वर्षों का विजन है. मुझे देशभर के युवाओं ने बहुत अच्छे सुझाव भेजे हैं. युवाओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए हमने 100 दिनों के एक्शन प्लान में 25 दिन और जोड़ दिये हैं. 125 में से 25 दिन भारत के युवाओं से जुड़े निर्णय के होंगे. हम आज जो भी कदम उठा रहे हैं, उसमें इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इससे विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में कैसे मदद मिल सकती है.

प्रश्न- दक्षिण पर आपने काफी ध्यान दिया है. लोकप्रियता भी बढ़ी है. वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा, लेकिन क्या सीट जीतने लायक स्थिति साउथ में बनी है?

उत्तर- देखिए, दक्षिण भारत में बीजेपी अब भी सबसे बड़ी पार्टी है. पुद्दुचेरी में हमारी सरकार है. कर्नाटक में हम सरकार में रह चुके हैं. 2024 के चुनाव में मैंने दक्षिण के कई जिलों में रैलियां और रोड शो किये हैं. मैंने लोगों की आंखों में बीजेपी के लिए जो स्नेह और विश्वास देखा है, वह अभूतपूर्व है. इस बार दक्षिण भारत के नतीजे चौंकाने वाले होंगे.

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हम सबसे ज्यादा सीटें जीतेंगे. लोगों ने आंध्र विधानसभा में एनडीए की सरकार बनाने के लिए वोट किया है. कर्नाटक में भाजपा एक बार फिर सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी. मैं आपको पूरे विश्वास से कह रहा हूं कि तमिलनाडु में इस बार के परिणाम बहुत ही अप्रत्याशित होंगे और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होंगे.

प्रश्न- ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भाजपा को बहुत उम्मीदें हैं. भाजपा कितनी सीटें जीतने की उम्मीद करती है?

उत्तर- मैं ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जहां भी जा रहा हूं, मुझे दो बातें हर जगह देखने को मिल रही हैं. एक तो भाजपा पर लोगों का भरोसा और दूसरा दोनों ही राज्यों में वहां की सरकार से भारी नाराजगी. लोगों की आकांक्षाओं को मार कर राज करने को सरकार चलाना नहीं कह सकते. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लोगों की आकांक्षाओं, भविष्य और सम्मान को कुचला गया है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी का दूसरा नाम बन गयी है. लोग देख रहे हैं कि कैसे वहां की सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है.

संदेशखाली की पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश की गयी. लोगों को अपने त्योहार मनाने से रोका जा रहा है. टीएमसी सरकार लोगों तक केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं पहुंचने दे रही. इसका जवाब वहां के लोग अपने वोट से देंगे. पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा को एक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं. बंगाल में इस बार हम बड़ी संख्या में सीटें हासिल करेंगे. मैं ओडिशा के लोगों से कहना चाहता हूं कि उनकी तकलीफें जल्द खत्म होने वाली हैं. चुनाव नतीजों में हम ना सिर्फ लोकसभा की ज्यादा सीटें जीतेंगे, बल्कि विधानसभा में भी भाजपा की सरकार बनेगी.

पहली बार ओडिशा के लोगों को डबल इंजन की सरकार के फायदे मिलेंगे. बीजेडी की सरकार हमारी जिन योजनाओं को ओडिशा में लागू नहीं होने दे रही, हमारी सरकार बनते ही उनका फायदा लोगों तक पहुंचने लगेगा. बीजेडी ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा नुकसान उड़िया संस्कृति और भाषा का किया है. मैंने ओडिशा को भरोसा दिया है कि राज्य का अगला सीएम भाजपा का होगा, और वह व्यक्ति होगा, जो ओडिशा की मिट्टी से निकला हो, जो ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और उड़िया लोगों की भावनाओं को समझता हो.

ये मेरी गारंटी है कि 10 जून को ओडिशा का बेटा सीएम पद की शपथ लेगा. राज्य के लोग अब एक ऐसी सरकार चाहते हैं, जो उनकी उड़िया पहचान को विश्व पटल पर ले जाए, इसलिए उनका भरोसा सिर्फ भाजपा पर है.

प्रश्न- बिहार और झारखंड में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, आप क्या उम्मीद करते हैं?

उत्तर- मेरा विश्वास है कि इस बार बिहार और झारखंड में भाजपा को सभी सीटों पर जीत हासिल होगी. दोनों राज्यों के लोग एक बात स्पष्ट रूप से समझ गये हैं कि इंडी गठबंधन में शामिल पार्टियों को जब भी मौका मिलेगा, तो वे भ्रष्टाचार ही करेंगे. इंडी ब्लॉक में शामिल पार्टियां परिवारवाद से आगे निकल कर देश और राज्य के विकास के बारे में सोच ही नहीं सकतीं.

झारखंड में नेताओं और उनके संबंधियों के घर से नोटों के बंडल बाहर निकल रहे हैं. यह किसका पैसा है? ये गरीब के हक का पैसा है. ये पैसा किसी गरीब का अधिकार छीन कर इकट्ठा किया गया है. अगर वहां भ्रष्टाचार पर रोक रहती, तो यह पैसा कई लोगों तक पहुंचता. उस पैसे से हजारों-लाखों लोगों का जीवन बदल सकता था, लेकिन जनता का वोट लेकर ये नेता गरीबों का ही पैसा लूटने लगे. दूसरी तरफ जनता के सामने केंद्र की भाजपा सरकार है, जिस पर 10 साल में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा.

आज झारखंड में जिहादी मानसिकता वाले घुसपैठिये झुंड बना कर हमला करते हैं और झारखंड सरकार उन्हें समर्थन देती है. इन घुसपैठियों ने राज्य में हमारी बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. वहीं अगर बिहार की बात करें, तो जो पुराने लोग हैं, उन्हें जंगलराज याद है. जो युवा हैं, उन्होंने इसका ट्रेलर कुछ दिन पहले देखा है.

आज राजद और इंडी गठबंधन बिहार में अपने नहीं, नीतीश जी के काम पर वोट मांग रहा है. इंडी गठबंधन के नेता तुष्टीकरण में इतने डूब चुके हैं एससी-एसटी-ओबीसी का पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देना चाहते हैं. जनता इस साजिश को समझ रही है. इसलिए, भाजपा को वोट देकर इसका जवाब देगी.

प्रश्न- संपत्ति का पुनर्वितरण इन दिनों बहस का मुद्दा बना हुआ है. इस पर आपकी क्या राय है?

उत्तर- शहजादे और उनके सलाहकारों को पता है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले. इसीलिए ऐसी बात कर रहे हैं. यह माओवादी सोच है, जो सिर्फ अराजकता को जन्म देगी. इंडी गठबंधन की परेशानी यह है कि वे तुष्टीकरण से आगे कुछ भी सोच नहीं पा रहे. वे किसी तरह एक समुदाय का वोट पाना चाहते हैं, इसलिए अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं. लूट-खसोट की यह सोच कभी भी भारत की संस्कृति का हिस्सा नहीं रही. वे एक्सरे कराने की बात कर रहे हैं, उनका प्लान है कि एक-एक घर में जाकर लोगों की बचत, उनकी जमीन, संपत्ति और गहनों का हिसाब लिया जायेगा. कोई भी इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा. पिछले 10 वर्षों में हमारा विकास मॉडल लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने का है. इसके लिए हम लोगों तक वे मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, जो दशकों पहले उन्हें मिल जाना चाहिए था. हम रोजगार के नये अवसर तैयार कर रहे हैं, ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें.

प्रश्न- भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. आम आदमी को इसका लाभ कैसे मिलेगा?

उत्तर- यह बहुत ही अच्छा सवाल है आपका. तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी. जब मैं यह कहता हूं कि तो इसका मतलब सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सम्मान के साथ देशवासियों के लिए समृद्धि भी लाने वाला है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मतलब है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी का विस्तार, ज्यादा निवेश और ज्यादा अवसर. आज सरकार की योजनाओं का लाभ जितने लोगों तक पहुंच रहा है, उसका दायरा और बढ़ जायेगा.

भाजपा ने तीसरे टर्म में आयुष्मान भारत योजना का लाभ 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को देने की गारंटी दी है. हमने गरीबों के लिए तीन करोड़ और पक्के मकान बनाने का संकल्प लिया है. तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की बात कही है. जब अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो हमारी योजनाओं का और विस्तार होगा और ज्यादा लोग लाभार्थी बनेंगे.

प्रश्न- आप लोकतंत्र में विपक्ष को कितना जरूरी मानते हैं और उसकी क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर- लोकतंत्र में सकारात्मक विपक्ष बहुत महत्वपूर्ण है. विपक्ष का मजबूत होना लोकतंत्र के मजबूत होने की निशानी है. इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि पिछले 10 वर्षों में विपक्ष व्यक्तिगत विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगा. विपक्ष या सत्ता पक्ष लोकतंत्र के दो पहलू हैं, आज कोई पार्टी सत्ता में है, कभी कोई और रही होगी, लेकिन आज विपक्ष सरकार के विरोध के नाम पर कभी देश की सेना को बदनाम कर रहा है, कभी सेना के प्रमुख को अपशब्द कह रहा है. कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाता है, तो कभी एयरस्ट्राइक पर संदेह जताता है. सेना के सामर्थ्य पर उंगली उठा कर वे देश को कमजोर करना चाहते हैं.

आप देखिए, विपक्ष कैसे पाकिस्तान की भाषा बोलने लगा है. जिस भाषा में वहां के नेता भारत को धमकी देते थे, वही आज कांग्रेस के नेता बोलने लगे हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपनी इस भूमिका में भी नाकाम हो गया है. वे देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत पा रहे, इसलिए देश के खिलाफ बोल रहे हैं.

प्रश्न- झारखंड में बड़े पैमाने पर नोट पकड़े गये, भ्रष्टाचार से इस देश को कैसे मुक्ति मिलेगी?

उत्तर- देखिए, जब कोई सरकार तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दलदल में फंस जाती है तो इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं. 2014 से पहले, कांग्रेस के 10 साल के शासन में ईडी ने छापे मार कर सिर्फ 35 लाख रुपये बरामद किये थे. पिछले 10 वर्ष में इडी के छापे में 2200 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं. यह अंतर बताता है कि जांच एजेंसियां अब ज्यादा सक्रियता से काम कर रही हैं.

आज देश के करोड़ों लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं. कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से भेजे गये 100 पैसे में से लाभार्थी को सिर्फ 15 पैसे मिलते हैं. बीच में 85 पैसे कांग्रेस के भ्रष्टाचार तंत्र की भेंट चढ़ जाते थे. हमने जनधन खाते खोले, उन्हें आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया, इसके द्वारा भ्रष्टाचार पर चोट की. डीबीटी के माध्यम से हमने लाभार्थियों तक 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचाये हैं. अगर यह व्यवस्था नहीं होती, तो 30 लाख करोड़ रुपये बिचौलियों की जेब में चले जाते. मैंने संकल्प लिया है कि मैं देश से भ्रष्टाचार को खत्म करके रहूंगा. जो भी भ्रष्टाचारी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी. मेरे तीसरे टर्म ये कार्रवाई और तेज होगी.

प्रश्न- विपक्ष सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों- इडी और सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है. इस पर आपका क्या कहना है?

उत्तर- आपको यूपीए का कार्यकाल याद होगा, तब भ्रष्टाचार और घोटाले की खबरें आती रहती थीं. उस स्थिति से बाहर निकलने के लिए लोगों ने भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया, लेकिन आज इंडी गठबंधन में शामिल दलों की जहां सरकार है, वहां यही सिलसिला जारी है. फिर जब जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई करती हैं तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर शोर मचाने लगता है. एक घर से अगर करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं, तो स्पष्ट है कि वो पैसा भ्रष्टाचार करके जमा किया गया है. इस पर कार्रवाई होने से विपक्ष को दर्द क्यों हो रहा है? क्या विपक्ष अपने लिए छूट चाहता है कि वे चाहे जनता का पैसा लूटते रहें, लेकिन एजेंसियां उन पर कार्रवाई न करें.

मैं विपक्ष और उन लोगों को चुनौती देना चाहता हूं, जो कहते हैं कि सरकार किसी भी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. एक भी ऐसा केस नहीं हैं जहां पर कोर्ट ने एजेंसियों की कार्रवाई को गलत ठहराया हो. भ्रष्टाचार में फंसे लोगों के लिए जमानत पाना मुश्किल हो रहा है. जो जमानत पर बाहर हैं, उन्हें फिर वापस जाना है. मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि एजेंसियों ने सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है.

प्रश्न- विपक्ष हमेशा इवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, आपकी क्या राय है?

उत्तर- विपक्ष को अब यह स्पष्ट हो चुका है कि उसकी हार तय है. यह भी तय हो चुका है कि जनता ने उन्हें तीसरी बार भी बुरी तरह नकार दिया है. ये लोग इवीएम के मुद्दे पर अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से हार कर आये हैं. ये हारी हुई मानसिकता से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए पहले से बहाने ढूंढ कर रखा है. इनकी मजबूरी है कि ये हार के लिए शहजादे को दोष नहीं दे सकते. आप इनका पैटर्न देखिए, चुनाव शुरू होने से पहले ये इवीएम पर आरोप लगाते हैं. उससे बात नहीं तो इन्होंने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का मुद्दा उठाना शुरू किया है. जब मतगणना होगी तो गड़बड़ी का आरोप लगायेंगे और जब शपथ ग्रहण होगा, तो कहेंगे कि लोकतंत्र खतरे में है. चुनाव आयोग ने पत्र लिख कर खड़गे जी को जवाब दिया है, उससे इनकी बौखलाहट और बढ़ गयी है. ये लोग चाहे कितना भी शोर मचा लें, चाहे संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा लें, जनता इनकी बहानेबाजी को समझती है. जनता को पता है कि इसी इवीएम से जीत मिलने पर कैसे उनके नरेटिव बदल जाते हैं. इवीएम पर आरोप को जनता गंभीरता से नहीं लेती.

प्रश्न- आपने आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं. आप पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातू भी गये. आदिवासी समाज के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?

उत्तर- इस देश का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद छह दशक तक जिन्हें सत्ता मिली, उन लोगों ने सिर्फ एक परिवार को ही देश की हर बात का श्रेय दिया. उनकी चले, तो वे यह भी कह दें कि आजादी की लड़ाई भी अकेले एक परिवार ने ही लड़ी थी. हमारे आदिवासी भाई-बहनों का इस देश की आजादी में, इस देश के समाज निर्माण में जो योगदान रहा, उसे भुला दिया गया. भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को ना याद करना कितना बड़ा पाप है. देश भर में ऐसे कितने ही क्रांतिकारी हैं जिन्हें इस परिवार ने भुला दिया.

जिन आदिवासी इलाकों तक कोई देखने तक नहीं जाता था, हमने वहां तक विकास पहुंचाया है. हम आदिवासी समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं. जनजातियों में भी जो सबसे पिछड़े हैं, उनके लिए विशेष अभियान चला कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है. इसके लिए सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये की योजना बनायी है.

भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को भाजपा सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया. एकलव्य विद्यालय से लेकर वन उपज तक, सिकेल सेल एनीमिया उन्मूलन से लेकर जनजातीय गौरव संग्रहालय तक, हर स्तर पर विकास कर रहे हैं. एनडीए के सहयोग से पहली बार एक आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति बनी है.अगले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती है. भाजपा ने संकल्प लिया है कि 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जायेगा.

प्रश्न- देश के मुसलमानों और ईसाइयों के मन में भाजपा को लेकर एक अविश्वास का भाव है. इसे कैसे दूर करेंगे?

उत्तर- हमारी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में एक काम भी ऐसा नहीं किया है, जिसमें कोई भेदभाव हुआ हो. पीएम आवास का घर मिला है, तो सबको बिना भेदभाव के मिला है. उज्ज्वला का गैस कनेक्शन मिला है, तो सबको मिला है. बिजली पहुंची है, तो सबके घर पहुंची है. नल से जल का कनेक्शन देने की बात आयी, तो बिना जाति, धर्म पूछे हर किसी को दी गयी. हम 100 प्रतिशत सैचुरेशन की बात करते हैं. इसका मतलब है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, हर परिवार तक पहुंचे. यही तो सच्चा सामाजिक न्याय है.

इसके अलावा मुद्रा लोन, जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, स्टार्ट अप- ये सारे काम सबके लिए हो रहे हैं. हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के विजन पर काम करती है. दूसरी तरफ, जब कांग्रेस को मौका मिला, तो उसने समाज में विभाजन की नीति अपनायी. दशकों तक वोटबैंक की राजनीति करके सत्ता पाती रही, लेकिन अब जनता इनकी सच्चाई समझ चुकी है.

भाजपा को लेकर अल्पसंख्यकों में अविश्वास की बातें कांग्रेसी इकोसिस्टम का गढ़ा हुआ है. कभी कहा गया कि बीजेपी शहरों की पार्टी है. फिर कहा गया कि बीजेपी ऐसी जगहों में नहीं जीत सकती, जहां पर अल्पसंख्यक अधिक हैं. आज नागालैंड सहित नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में हमारी सरकार है, जहां क्रिश्चियन समुदाय बहुत बड़ा है. गोवा में बार-बार भाजपा को चुना जाता है. ऐसे में अविश्वास की बात कहीं टिकती नहीं.

प्रश्न- झारखंड और बिहार के कई इलाकों में घुसपैठ बढ़ी है, यहां तक कि डेमोग्रेफी भी बदल गयी है. इस पर कैसे अंकुश लगेगा?

उत्तर- झारखंड को एक नयी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. जेएमएम सरकार की तुष्टीकरण की नीति से वहां घुसपैठ को जम कर बढ़ावा मिल रहा है. बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से वहां की आदिवासी संस्कृति को खतरा पैदा हो गया है, कई इलाकों की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. बिहार के बॉर्डर इलाकों में भी यही समस्या है. झारखंड में आदिवासी समाज की महिलाओं और बेटियों को टारगेट करके लैंड जिहाद किया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की एक खतरनाक साजिश चल रही है.

ऐसी खबरें मेरे संज्ञान में आयी हैं कि कई आदिवासी बहनें इन घुसपैठियों का शिकार बनी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है. बच्चियों को जिंदा जलाया जा रहा है. उनकी जघन्य हत्या हो रही है. पीएफआइ सदस्यों ने संताल परगना में आदिवासी बच्चियों से शादी कर हजारों एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है. आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए, आदिवासी बेटी की रक्षा के लिए, आदिवासी संस्कृति को बनाये रखने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है.

Following is the clipping of the interview:

 

 Source: Prabhat Khabar