The unity of OBCs, SCs and STs is troubling Congress, and therefore they want the communities to fight each other: PM Modi in Pune
To empower the people of Pune, infrastructure, investment and industry - all three are required. We have worked on every aspect of it: PM Modi

भारत माता की जय,
भारत माता की जय,
भारत माता की जय।

आमचे आराध्यदैवत// छत्रपति शिवाजी महाराज// छत्रपति संभाजी महाराज// यांना मी //कोटि कोटि नमन करतो। अष्टविनायकाला //नमन करतो। पुण्यातील //लाडक्या बहिणी // आणि लाडक्या//भावांना माझा नमस्कार।

मैं देख रहा हूं कि वहां कोई सज्जन, हमारी मां की बहुत बढ़िया चित्र बनाकर लाए हैं। ये कोई सज्जन हैं जो मोदी को भी उठाकर खड़े हो गए हैं। मैं आपका बहुत आभारी हूं। ये बच्चे भी बहुत कुछ बनाकर ले आए हैं। कोई इनको कलेक्ट कर ले भाई। जो लाएं हैं। पीछे अपना नाम-पता लिख दें, ताकि मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। आपका ये प्यार मेरे लिए बहुत बड़ी पूंजी है। ये जो बाकी लोग बैनर लेकर खड़े हैं, पीछे वालों को दिखता नहीं है। आप तो सब समझदार हैं, हां, शाबाश! ये जो सज्जन लाएं हैं, जरा कोई कलेक्ट कर ले उनसे, पीछे। ताकि पीछे लोग परेशान न हों। आप अपना अता-पता लिख देना, मैं जरूर आपको चिट्ठी भेजूंगा। मैं आपका बहुत आभारी हूं। आपके इस प्यार के लिए।

साथियों,

मैं पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाके में गया हूं। और मैं विश्वास से कह सकता हूं कि ऐसा भरपूर जनसमर्थन पूरे महाराष्ट्र में और आज पुणे का ये स्नेह और प्यार। और मुझे यहां आने में देर हुई, इसलिए नहीं कि मैं देर से आया था, पूरे रास्ते भर इतनी तादाद में लोग खड़े थे कि उनको नमस्ते करते-करते आने में भी...मैं शायद फिर भी उन सबको न्याय नहीं कर पाया। लेकिन जो पूरे रास्ते भर जो मैंने उत्साह और उमंग देखा, नौजवानों का समर्थन देखा। साथियों, ये बता रहा है… महाराष्ट्र में फिर एक बार...महायुति सरकार। महाराष्ट्र में फिर एक बार... महाराष्ट्र में फिर एक बार...।

साथियों,

पुणे और बीजेपी का रिश्ता, विचार, संस्कार और आस्था का रिश्ता है। पुणे ने हमेशा बीजेपी के विचार और विज़न का भरपूर समर्थन किया है। मैं इस विश्वास के लिए पुणे की जनता का हृदय से आभारी हूं। मैं आपको ये भरोसा दिलाने आया हूं। महायुति की नई सरकार पुणे और महाराष्ट्र के विकास के लिए और तेजी से काम करेगी। आने वाले 5 वर्ष पुणे के विकास की नई उड़ान के वर्ष होंगे।

साथियों,

पुणे के लोगों को सशक्त बनाने लिए इंवेस्टमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री तीनों की जरूरत है। हमने इसके हर पहलू पर काम किया है। पिछले 10 वर्षों में विदेशी निवेश में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। औऱ पिछले ढाई वर्षो में जो भी कंपनी निवेश के लिए भारत आ रही है, उसकी पसंद की लिस्ट में हमारा महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। पुणे और इस क्षेत्र को इस निवेश का एक बहुत बड़ा हिस्सा मिल रहा है। ये निवेश जब हमारे इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्रों में आया, तो यहां कंपनियों की संख्या बढ़ी। यहां मौजूदा कंपनियों का विस्तार भी हुआ। ये निवेश जब स्टार्टअप में हुआ, तो पुणे के उद्यमशील युवाओं को इससे लाभ हुआ, युवाओं के लिए भी रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा हुए। पुणे का ऑटोमोबाइल उद्योग तो पूरे देश में हमेशा से ही धाक जमाता रहा है। यहां हो रहे निवेश ने, इस सेक्टर के लिए भी संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।

साथियों,

पुणे की कनेक्टिविटी को लेकर भी महायुती की सरकार बहुत गंभीरता से काम कर रही है। आपकी आकांक्षाएं, मेरे लिए आपका आदेश है। आपके सपने, मेरे लिए दिन रात मेहनत की प्रेरणा हैं। आपकी आवश्यकताएं, मेरी सरकार की योजनाओं का आधार हैं। आपका जीवन आसान हो, ये मेरी प्राथमिकता है, ये महायुति की प्राथमिकता है। इसलिए आज पुणे में मेट्रो रेल सेवा का लगातार विस्तार हो रहा है। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से स्वारगेट सेक्शन रूट पर मेट्रो चलनी शुरू हो गई है। स्वारगेट-कात्रज सेक्शन रूट पर तेजी से काम हो रहा है। ट्रैफिक की गति बढ़ाकर नई संभावनाओं को नई उड़ान देना, ये हमारा संकल्प है। इसके लिए इंट्रा-सिटी और इंटरसिटी, दोनों नेटवर्क पर काम हो रहा है। पुणे की ईस्ट और वेस्ट आउटर रिंग रोड पर भी 40 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। खोपोली-खंडाला मिसिंग लिंक के लिए साढ़े 6 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। पुणे आउटर रिंग रोड पर भी साढ़े 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। हम पुणे को 21वीं सदी के वेल कनेक्टेड सिटी बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

आज कार्तिक एकादशी है। पंढरपुर में यात्रा है, तो पालखी मार्ग की चर्चा भी स्वाभाविक हो जाती है। जगदगुरु तुकाराम महाराज पालखी मार्ग और संत ज्ञानेश्वर महाराज पालखी मार्ग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन मार्गों को तैयार करने में 11 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। आमचा वारकर्याणसाठी ही// आमची समर्पित सेवा आहे।

साथियों,

महाराष्ट्र में विकास कार्यों की ये गति अभूतपूर्व है। लेकिन, आपको याद रखना है, महायुति से पहले महाराष्ट्र में जो लोग सरकार चला रहे थे, उनके पास आपको बताने के लिए एक काम नहीं है। अघाड़ी के ढाई साल तो हमारे प्रोजेक्ट्स पर रोक लगाने में ही बीत गए। यही कांग्रेस और उसके साथियों का कल्चर है। इसीलिए, महाराष्ट्र भी जान गया है, विकास का केवल एक ही विकल्प है- महायुति की सरकार! भाजपा-महायुति //आहे// तर गति आहे// महाराष्ट्राची// प्रगति आहे।

साथियों,

आज महाराष्ट्र के लोग कांग्रेस की करतूतों का कालाचिट्ठा पड़ोसी राज्य कर्नाटका में देख रहे हैं। कर्नाटक में कांग्रेस ने झूठ का वही टेप रेकॉर्ड बजाकर वोट मांगे! हवा-हवाई वादे किए! सरकार बनी, तो कांग्रेस ने हाथ खड़े कर दिये। अब वादे पूरे करने की जगह कांग्रेस ने जनता से वसूली का अभियान चलाया हुआ है। कर्नाटक में आए दिन कोई न कोई घोटाला सामने आ रहा है। यानी, कर्नाटक में कांग्रेस जनता को खुलेआम लूट रही है। आरोप है कि लूट का यही पैसा महाराष्ट्र में भेजकर चुनाव लड़वाया जा रहा है। अगर हमें महाराष्ट्र को बचाना है, तो कांग्रेस नाम की इस आफत को दूर ही रखना है।

साथियों,

पूरा देश इन दिनों कांग्रेस का एक और विश्वासघात देख रहा है। कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आर्टिकल-370 फिर से लागू करने का प्रस्ताव पास किया है। जो लोग संविधान की किताबें देश को दिखा रहे हैं और महाराष्ट्र में कोरे कागजों वाली किताब बांट रहे हैं। जरा मैं उनको पूछना चाहता हूं। छह-सात दशक तक उन्होंने देश पर राज किया है। जरा बताएं, बाबासाहेब आंबेडकर ने बनाया संविधान पूरे हिंदुस्तान में लागू क्यों नहीं हुआ। छह-छह सात-सात दशक तक बाबासाहेब का संविधान पूरे हिंदुस्तान में लागू नहीं था। आपको भी सुनकर शायद आश्चर्य होता होगा, लेकिन ये सच्चाई है। जम्मू-कश्मीर में अलग विधान था। भारत का संविधान वहां नहीं चलता था। वहां का विधान अलग, वहां का प्रधान अलग, वहां का निशान अलग, छह-छह सात-सात दशक तक। पहली बार बाबासाहेब का संविधान जम्मू-कश्मीर में तब पहुंचा जब आपने मोदी को सेवा का अवसर दिया। इन्होंने 370 की ऐसी दीवार खड़ी कर दी थी। भारत का संविधान वहां घुस नहीं सकता था।

आपके आशीर्वाद से 140 करोड़ देशवासियों की प्रबल इच्छा से आपके इस सेवक मोदी ने 370 को जमीन में गाड़ दिया है। 370- जिसने कश्मीर को भारत से काटने का काम किया। 370- जिसने कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद को हवा दी, 370- जिसने कश्मीर में भारत का संविधान नहीं लागू होने दिया। बीजेपी ने उसे खत्म करके कश्मीर में तिरंगा फहराया है। हमने कश्मीर में शांति बहाली की, अलगाववादियों के मंसूबों को नाकाम किया। जिस लाल चौक में कभी हिंदुस्तान के तिरंगे को जूतों के नीचे रौंदा जाता था आज शान से लाल चौक में तिरंगा झंडा फहरता है। इस बार दिवाली में लोगों ने देखा है, कश्मीर के लाल चौक में दीये जगमगा रहे थे। हजारों दीये जगमगा रहे थे और लोग बड़ी शान से दिवाली का त्योहार मना रहे थे। लेकिन, कांग्रेस और उसके सभी चट्टे-बट्टे साथी फिर से जम्मू-कश्मीर में 370 लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पास कर रही है। मैं पुणे के मेरे देशभक्त भाई-बहन मैं आपसे पूछता हूं और मैं आशा करता हूं कि आप पूरी ताकत से जवाब देंगे। कश्मीर में फिर से 370 लागू करना, ये किसकी मांग है? ये किसकी भाषा है? साथियों, पिछले 70 साल से ये भाषा सिर्फ और सिर्फ पाकिस्तान बोलता रहा है। और आज जो भाषा पाकिस्तान बोलता था वो भाषा कांग्रेस बोल रही है। उसके चट्टे-बट्टे बोल रहे हैं।

साथियों,

शाम का समय है, पुणे की नगरी है, देशवासियों को 370 का हमारा जो निर्णय है, जिसको उलटने का कांग्रेस खेल खेल रही है। उनको दीया दिखाना जरूरी है। आप अपना मोबाइल फोन निकालिए और अपने मोबाइल फोन से फ्लैश लाइट चलाइए, मंच वाले भी चलाएं। देख लें देश के लोग ये 370 हटाने का समर्थन है। देश अब कश्मीर को दूर रखने के लिए तैयार नहीं है। ये रोशनी दिखा रही है कि मेरे महाराष्ट्र के लोग उनकी देशभक्ति को कोई चुनौती नहीं दे सकता है। बोलिए, भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की। साथियों, जम्मू-कश्मीर में 370 की वापसी की बात ना कभी ये देश स्वीकार करेगा और मेरा महाराष्ट्र, छत्रपति शिवाजी की धरती कभी स्वीकार नहीं कर सकती।

साथियों,

भाजपा-NDA की सरकार ने हमेशा मिडिल क्लास को प्राथमिकता दी है। मैं ये मानता हूं कि मिडिल क्लास देश की रीढ़ होता है। ये मिडिल क्लास ही है, जो ये वेल्थ क्रिएट करता है, वेल्थ जेनरेट करता है। अगर आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है तो इसमें सबसे बड़ा योगदान हमारे मध्यम वर्ग का ही है। मध्यम वर्ग प्रगति कर रहा है, तभी देश प्रगति कर रहा है। इसीलिए, बीते 10 वर्षों में हमने मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए नई नीतियां बनाईं, नए फैसले लिए! आज 7 लाख रुपए तक इनकम टैक्स ज़ीरो कर दिया गया है। सालाना 10-12 लाख रुपए तक पर टैक्स को बहुत कम किया गया है। इसका बहुत अधिक लाभ पुणे जैसे हमारे शहरों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स को मिला है। हमारा ये भी प्रयास रहा है कि मिडिल क्लास को बीमारियों के इलाज पर कम से कम खर्च करना पड़े। पीएम जनऔषधि केंद्र में 80 परसेंट डिस्काउंट पर दवाओं से मिडिल क्लास के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत हुई है। हार्ट के स्टेंट्स, नी इंप्लांट्स, इनको सस्ता करना, इस फैसले से मेरे मिडिल क्लास के भाई-बहनों को बहुत फायदा हुआ है। इससे लोगों के 85 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बचत हुई है। और अब तो हमने आयुष्मान योजना में भी मिडिल क्लास के बुजुर्गों को भी कवर कर लिया है। इसका बहुत बड़ा फायदा पुणे जैसे शहरों में रहने वाले 70 वर्ष की आयु से ऊपर के सीनियर सिटिजन्स को होगा। यहां उपस्थित मैं आप सबसे कहना चाहता हूं आपके परिवार में माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, चाचा-चाची जो भी 70 साल से ऊपर के हैं, और अगर उनको बीमारी में कोई खर्च होता है, पहले वो जिम्मा आपके सिर पर था अब वो जिम्मेवारी आपकी नहीं है, ये उनका बेटा मोदी संभालेगा। आयुष्मान वय वंदना कार्ड से अब उन्हें 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने ये गारंटी आपको दी थी। और अब मोदी ने अपनी गारंटी पूरी करके दिखाई है।

साथियों,

हमारी सरकार गरीबों को तो पक्के घर बनाकर दे ही रही है, मिडिल क्लास के घरों के लिए भी सब्सिडी दे रही है। हमने रेरा जैसा कानून बनाकर मिडिल क्लास के सपनों के घरों को सुरक्षित किया है। साथियों, मिडिल क्लास का एक प्रमुख खर्च बच्चों की एजुकेशन पर होता है। हाल में ही हमने पीएम विद्यालक्ष्मी योजना शुरु की है। इस स्कीम के तहत, जो भी युवा हायर एजुकेशन में एडमिशन लेना चाहता है, बेटा हो या बेटी, बिना गारंटी के, अब आपको कुछ भी गिरवी नहीं रखना पड़ेगा, आपकी सबसे बड़ी गारंटी, आपका सेवक मोदी है। 10 लाख रुपए का लोन बिना गारंटी, आपके बच्चों की पढ़ाई के लिए और ये लोन बहुत सस्ता होगा और इसमें ब्याज पर छूट भी होगी। मिडिल क्लास परिवार बच्चों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर भेजने में बहुत खर्च करते हैं। बीते 10 साल में मेडिकल लाइन में हमने एक लाख नई सीटें जोड़ी हैं। अब हमने तय किया है कि आने वाले 5 सालों में मेडिकल की 75 हज़ार नई सीटें और जोड़ी जाएंगी। इससे भी मिडिल क्लास के बच्चों का बहुत पैसा बचेगा, उन्हें पढ़ने के लिए बाहर नहीं जाना होगा।

साथियों,

पुणे तो स्टार्टअप्स का हब है। हाल में हमने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए बहुत सारे कदम उठाए हैं। हमने स्पेस स्टार्टअप्स के लिए 1 हज़ार करोड़ रुपए का स्पेशल फंड बनाने का निर्णय लिया है। जो युवा साथी रिसर्च में जाना चाहते हैं, उनके लिए भी एक बहुत बड़ा रिसर्च फंड हमने बनाया है। नौजवानों को नौकरियां मिले, इसके लिए हमने विशेष पीएम पैकेज घोषित किया है। इसके तहत बड़ी-बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप की योजना शुरु भी हो चुकी है। कंपनियों में पहली जॉब पर प्रोत्साहन देने का काम भी हमारी सरकार कर रही है।

साथियों,

पुणे, महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी है। महायुति की सरकार ने महाराष्ट्र की संस्कृति के संरक्षण और प्रसार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र के लोग दशकों से मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा देने की मांग कर रहे थे। और मैं मानता हूं अगर पूरे हिंदुस्तान में मराठी भाषा के अभिजात दर्जे से पुणे को जितनी खुशी हुई होगी न शायद किसी और को नहीं हुई होगी। कांग्रेस की सरकारों ने, अघाड़ी के नेताओं ने हमेशा इसकी अनदेखी की। हमारी सरकार ने मराठी को आभिजात भाषा का दर्जा देकर अपना दायित्व निभाया है। हम महाराष्ट्र की विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। जहां क्रांतिज्योति सावित्री बाई फुले ने लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला था, वहां सावित्रीबाई फुले स्मारक बनाया जा रहा है। तुलापुर में धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज समाधिस्थल पर भव्य स्मारक बनाया जा रहा है। श्री संत संताजी जगनाडे महाराज समाधिस्थल को नए सिरे से विकसित किया जा रहा है। आंबेगाव शिवसृष्टि के काम को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। महायुति की सरकार ने आद्य क्रांतिगुरु लहुजी वस्ताद सालवे संग्रहालय बनाने का फैसला भी किया है। साथियों, ये काम बहुत पहले ही होने चाहिए थे। लेकिन विदेशी मानसिकता की गुलाम कांग्रेस ने महाराष्ट्र की संस्कृति से अपनी नफरत के कारण ये काम नहीं होने दिया।

साथियों,

कांग्रेस और उसके जैसे दलों ने हमेशा महाराष्ट्र का अपमान किया है। ये धरती छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती है। लेकिन, कांग्रेस और उसके साथी कसीदे औरंगजेब की शान में पढ़ते हैं। ये लोग वीर सावरकर को गाली देते हैं। बाला साहब ठाकरे जैसे महाराष्ट्र के गौरव की सराहना करने में इनके मुंह पर ताला लग जाता है। और मैंने इनको चुनौती दी है। अघाड़ी वाले जरा मेरी चुनौती को स्वीकर करें। उनके युवराज के मुंह से वीर सावरकर की तारीफ में एक भाषण करवा दें जरा। मैं अघाड़ी के साथियों को कहता हूं अगर उनमें दम हो तो उनके युवराज के मुंह से बालासाहेब ठाकरे की जरा तारीफ करवाकर सुनाएं महाराष्ट्र को।

साथियों,

कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है, जिसके पास न नीति है, न नीयत है, और नैतिकता का नामोनिशान नहीं है। कांग्रेस को केवल और केवल सत्ता चाहिए! सत्ता के लिए कांग्रेस ने देश का विभाजन करवाया। कांग्रेस ने देश को मत-मजहब, भाषा, और इलाके के आधार पर बांटा! सत्ता के लिए इन्होंने तुष्टीकरण का खतरनाक खेल खेला। और अब, वही कांग्रेस सत्ता के लिए दलित, पिछड़ा और आदिवासी को तोड़ने और बांटने का खेल खेल रही है। कांग्रेस के लोग SC, ST, OBC को अलग-अलग जातियों में बांटकर उनकी एकजुटता तोड़ना चाहते हैं। कांग्रेस ST की जातियों को आपस में लड़ाना चाहती है। कांग्रेस SC की जातियों को आपस में लड़ाना चाहती है। कांग्रेस OBC की जातियों को आपस में लड़ाना चाहती है। अलग-अलग जातियों को आपस में लड़ाकर, कांग्रेस पहले उन्हें कमजोर करेगी और बाद में उनका आरक्षण छीन लेगी। इसीलिए, आप सभी को बहुत सावधान रहना है। हमें याद रखना है- हम एक रहेंगे, तो सेफ़ रहेंगे। हम एक रहेंगे, तो... हम एक रहेंगे, तो...।

साथियों,

ये चुनाव महाराष्ट्र के साथ-साथ पूरे देश को दिशा देने का चुनाव है। अभी हाल ही में हरियाणा ने विकसित भारत के सपने पर मुहर लगाई है। अब भारत विरोधी ताकतों को पूरी तरह से मिटाने की ज़िम्मेदारी मेरे महाराष्ट्र की है, मेरे पुणे की है। इसलिए, मेरा आग्रह है, 20 नवंबर को महायुति के उम्मीदवारों के लिए भारी संख्या में मतदान करें। आपका एक-एक वोट महाराष्ट्र के बेहतर भविष्य की गारंटी बनेगा। आप इतनी बड़ी तादाद में आए, हम सबको आशीर्वाद दिए, मैं आप सबका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

मेरे साथ दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए,
भारत माता की जय, भारत माता की जय, आवाज उन लोगों तक जानी चाहिए, जिनकी डोरें 370 पर बैठे पड़े हैं।

भारत माता की जय,
भारत माता की जय,
भारत माता की जय ।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM to Address Youth at Khelo India Dialogue on 27th August
August 26, 2026
Khelo India Dialogue will bring together sports, youth leadership, civic responsibility, volunteering, fitness and nation-building on a common platform
Yuva Samvaad under Khelo India Dialogue to Focus on Five Key Themes: Sports, Olympic Aspirations, Youth Leadership, Viksit Bharat and Nasha Mukt Yuva

Prime Minister Shri Narendra Modi will address Khelo India Dialogue on 27th August at 11 AM via video conferencing. The programme aims to help the youth engage with India's sporting journey, share their aspirations, and contribute ideas for a stronger youth-led Viksit Bharat.

Organised by Mera Yuva Bharat (MY Bharat), as part of the National Sports Day 2026 celebrations, the programme will be conducted across the country with participation of youth at two colleges in every district across States and Union Territories. The programme is being held in line with the Prime Minister's vision of building a fit, disciplined and sporting nation while placing the aspirations of youth at the centre of the national development agenda.

The nationwide Khelo India Dialogue will bring together sports, youth leadership, civic responsibility, volunteering, fitness and nation-building on a common platform. It will provide a direct channel for young people to engage with the country's sporting ambitions, while ensuring that their ideas and perspectives become part of the continuing conversation on India's youth and sports ecosystem.

The national programme will be followed by local interactions involving young participants, MY Bharat volunteers, local sportspersons and public representatives. A major feature of the initiative will be direct interaction between youth having interest in sports and leading Indian athletes and medal winners. A central feature of the programme will be Yuva Samvaad where Young participants will be invited to articulate their own ideas, perspectives and aspirations. The dialogue will be structured around five themes:

  • improving India's sports ecosystem through better facilities, coaching, sports science and inclusive participation;
  • nurturing talent for the 2036 Olympics via scientific talent identification, transparent selection and long-term athlete development;
  • creating youth leaders through governance platforms and MY Bharat-led volunteering;
  • empowering youth for Viksit Bharat by building civic mindedness, future-ready skills and structured volunteering;
  • promoting a Nasha Mukt Yuva movement that leverages sport and peer networks to fight substance abuse, reinforced by weekly Jan Bhagidari activities under PM's 100-week nationwide campaign launched on 2 August 2026.