Malayalis for a long time wanted the name of Kerala to be changed to Keralam. I can see the happiness on all your faces: PM Modi
Previous govts have for decades neglected the fishermen community. But now the NDA govt is progressing and boosting them to unlimited capabilities: PM
Under the Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana, a provision of around 1400 crore rupees has been made for Keralam: PM Modi
PM Modi expresses confidence that the growth of Kerala’s coastal economy would contribute to the broader vision of building a Viksit Bharat and a Viksit Keralam

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

अखिल केरला धीवरा सभा के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री पुंदुरा श्रीकुमार जी, जनरल सेक्रेटरी श्री वी दिनाकरन जी, बीजेपी स्टेट प्रेसिडेंट, श्री राजीव चंद्रशेखर जी, धीवरा सभा के प्रेसिडेंट, श्री एमवी वारिजाक्षण जी, केंद्र सरकार में मेरे सहयोगी, श्री जॉर्ज कुरियन जी, सभी जनप्रतिनिधिगण, धीवरा सभा के अन्य सम्मानित सदस्यगण,
धीवरा महिला सभा की पदाधिकारीगण अन्य सभी संगठनों के साथी,
और भाइयों एवं बहनों, कडलिन्डे मकलक्क... नमस्कारम् । आज हम सभी एक ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं। अखिल केरला धीवरा सभा आज अपनी Fiftieth Anniversary मना रही है। पिछले Fifty Years से ये संगठन फिशरमेन समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर काम कर रहा है। Fifty Years की इस यात्रा में आपका परिश्रम जुड़ा है, आपका सेवा भाव जुड़ा है। मैं इस शुभ अवसर पर केरलम के सभी फिशरमेन साथियों को...धीवरा सभा के सदस्यों को शुभकामनाएं देता हूं। 

एंडे सुहुर्तगड़े,

अभी आप अपने भाषण में कह रहे थे कि प्रधानमंत्री ब्लेसिंग देने आए हैं। मेरे लिए तो जनता जनार्दन ही भगवान है मैं ब्लेसिंग लेने के लिए आया हूं। कुछ ही समय पहले जब मैं केरलम आया था... तो अखिल केरला धीवरा सभा के साथियों से मेरी मुलाक़ात हुई थी। कई विषयों पर आपसे चर्चा हुई थी। इतने कम समय में ही, इस महत्वपूर्ण आयोजन में मैं एक बार फिर आपके बीच उपस्थित हूं। और आज जब मैं आपके बीच आया हूँ...तो पूरे प्रदेश के लिए एक आनंद का भाव भी है। मेरे मलयाली भाई-बहनों का लंबा इंतज़ार पूरा हुआ है। आप सभी की बरसों से इच्छा थी कि केरला का नाम बदलकर केरलम किया जाए। केंद्र की हमारी बीजेपी-एनडीए सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मैं आप सबके चेहरों पर इसकी खुशी देख सकता हूं। भारत के इस सुंदरतम राज्य को...अब मलयाली कल्चर के मुताबिक सही नाम मिला है, सही पहचान मिली है। मैं इस फैसले के लिए सभी केरलम-वासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

एंडे सुहुर्तगड़े,

अखिल केरला धीवरा सभा ने जीविका और जीवन के, प्रगति और प्रकृति के संतुलन का उदाहरण पेश किया है। आप सभी भारतीय दर्शन और विचारों को जीते हैं। आप सभी प्रकृति को एक ही दिव्य “चैतन्यम” का हिस्सा बताते हैं। दुनिया जब नदियों को, पानी को, समुद्र को केवल एक संसाधन मानती है...धीवरा समाज समुद्र को, “अम्मा” मानता है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

समुद्र की रक्षा की कामना... उसके लिए श्री कुरुम्बा देवी की पूजा, श्री कुरुम्बा मंदिरों के संरक्षण के लिए आपके प्रयास... ये दिखाता है कि भारत सदियों से प्रकृति और पर्यावरण के लिए कितना संवेदनशील रहा है। आप अपनी परंपरा को भगवान व्यास से भी जोड़ते हैं। यानी, आपकी परंपरा भारत के इतिहास का अहम हिस्सा है। इस धरती के महान गौरव को संजोकर रखने के लिए मैं आप सबकी हृदय से बहुत-बहुत सराहना करता हूं।

एंडे सुहुर्तगड़े,

कोच्चि केरलम के इतिहास में सामाजिक परिवर्तनम की पवित्र भूमि रही है पंडित कर्रूपन के नेतृत्व में यहीं से सम्मान और समानता की आवाजें उठीं थी उस जज्बे को अखिल धीवरा सभा ने आज भी जीवंत बना रखा है। मैं इस अवसर पर माता अमृतानंदमयी जी को भी नमन करूंगा। उनका जीवन निस्वार्थ सेवा का एक अद्भुत उदाहरण है। उनका मुझ पर जो स्नेह रहा है वो मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

आज अखिल केरला धीवरा सभा के 50 वर्ष का ये अवसर, हमें उसके महान कार्यों को याद करने का भी मौका देता है। राष्ट्रीय चेतना से जुड़े हर विषय पर आपने आगे आकर ज़िम्मेदारी संभाली है। भारत की समुद्री सीमा की रक्षा में आपकी कम्यूनिटी, पहली पंक्ति की प्रहरी बनकर खड़ी रही है। राम जन्मभूमि आंदोलन में इस समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही है। सामाजिक समरसता को आगे बढ़ाने में अखिल केरला धीवरा सभा ने बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

केरलम में आई विनाशकारी बाढ़ के समय भी पूरे देश ने आपकी सेवा भावना को बहुत करीब से देखा है। जब राज्य अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा था, तब हमारे इस समाज के लोगों ने मोर्चा संभाला था। वो तस्वीरें कोई नहीं भूल सकता... जब आपने अपनी नावों को जोखिम में डालकर फंसे हुए परिवारों को बचाया.. जरूरतमंदों तक सामान पहुंचाया। इसी भावना के कारण आज पूरा देश fishermen समुदाय के साहस, सेवा और समर्पण को सम्मान के साथ याद करता है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

हमारी फिशरमेन कम्यूनिटी की मेहनत, उनकी क्षमता देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की ताकत रखती है। लेकिन, दशकों तक इस बड़े वर्ग की उपेक्षा होती रही। आपके श्रम के साथ पिछली सरकारों ने कभी न्याय नहीं किया। लेकिन अब बीजेपी NDA सरकार, आपके असीम सामर्थ्य को मान देते हुए आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार ने फिशरमेन कम्यूनिटी के सामर्थ्य को ब्लू इकॉनमी के असीम potential की दृष्टि से देखा है। ये बीजेपी-एनडीए सरकार ही है जिसने फिशरमेन के हितों के लिए अलग मंत्रालय का गठन किया। हमने फिशरमेन समुदाय को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरलम के लिए around One Thousand Four Hundred Crore Rupees का प्रावधान किया गया है। इससे फिशरीज में केरलम तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां फिशरमेन समाज को मजबूत करने के लिए कई लेवल पर काम हो रहा है। फिशरमेन कोऑपरेटिव सोसाइटीज और फिशरीज फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन्स को लाखों रुपए का फंड भी दिया जा रहा है। हम ये भी चाहते हैं कि फिशरमेन समाज के युवा ब्लू इकॉनमी को लीड करें, एक्सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ें। इसीलिए, क्रेडिट गारंटी सिस्टम के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

आज टेक्नोलॉजी भी फिशरमेन समुदाय की ताकत बन रही है। इसी सोच के साथ नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इससे मछुआरे, नाव मालिक और एक्सपोर्टर्स एक ही प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उन्हें योजनाओं का लाभ मिलने में अब और आसानी हो गई है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा भी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है पहले हमारे मछुआरे भाई-बहन खुले समुद्र में जाते थे, तो घर वाले उनके वापस आने तक चिंता और डर में डूबे रहते थे। क्योंकि, समंदर में मौसम को लेकर आशंकाएं बनी रहती थीं! लेकिन, अब ऐसा नहीं है। हमने सैटिलाइट के जरिए समंदर में मछुआरे भाई-बहनों की सुरक्षा को बढ़ाया है। केरलम की बोट्स के लिए around seven thousand सैटेलाइट आधारित ट्रांसपोंडर्स भी दिये गए हैं। इनमें से four thousand five hundred से अधिक ट्रांसपोंडर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे समुद्र में जाने वाले फिशरमेन की सुरक्षा को प्राथमिकता मिली है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

हमें फिशरीज की नई संभावनाओं को साकार करना है... और फिशरमेन कम्युनिटी के जीवन को भी बेहतर बनाना है। इसके लिए, कोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत Nine इंटीग्रेटेड मॉडर्न कोस्टल फिशिंग विलेजेज विकसित किए जा रहे हैं। NDA सरकार में फिशिंग हार्बर्स को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। मुथलपोजी हार्बर को One Hundred Seventy Seven Crore Rupees की लागत से अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा Six Harbours को ड्रेजिंग के माध्यम से बेहतर बनाया जा रहा है। पिछले Five Years में Sixteen Ice Plants और कोल्ड स्टोरेज की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है।

एंडे सुहुर्तगड़े,

समुद्र से जुड़ी अर्थव्यवस्था केवल पारंपरिक मछली पकड़ने तक सीमित नहीं है। सी-वीड प्रोडक्शन जैसे क्षेत्र में भी नई संभावनाएं बनी हैं। केरलम में NDA सरकार के सहयोग से सी-वीड प्रोडक्शन क्लस्टर्स विकसित किए जा रहे हैं। इससे फिशरमेन समुदाय की महिलाओं और युवाओं को आय के नए अवसर मिलेंगे।

एंडे सुहुर्तगड़े,

केरलम में हमारी सरकार द्वारा आधुनिक फिश फार्मिंग सिस्टम को प्रमोट किया जा रहा है। तटीय क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सागर मित्र और मत्स्य सेवा केंद्र का नेटवर्क भी बनाया गया है। इसके साथ ही केरलम के तटों पर Forty से ज्यादा Artificial Reefs लगाने की मंजूरी दी गई है। इनसे समुद्र में मछलियों की संख्या बढ़ेगी और समुद्री संसाधन सस्टेनेबल तरीके से विकसित होंगे।

एंडे सुहुर्तगड़े,

हमारा संकल्प है कि केरलम के हर परिवार के जीवन में समृद्धि आए... हमारे केरलम की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। यही भावना विकसित भारत के निर्माण की भी आधारशिला है। और यही भावना हमें विकसित केरलम की दिशा में आगे ले जाएगी।

एंडे सुहुर्तगड़े,

मैं आज देख रहा हूं, इतना अनुशासन और इतनी बड़ी तादाद में माताओं, बहनों, महिलाओं की हाजिरी और मैं देख रहा हूं बाहर काफी लोग धूप में खड़े हैं। मुझे पता नहीं कि वो मुझे देख पाते होंगे कि नहीं देख पाते होंगे, सुन पाते होंगे कि नहीं पाते होंगे, लेकिन इतनी तादाद में आपका आना, मैं समझता हूं आप जिन सपनों को लेकर जी रहे हैं, किन संकल्पों को लेकर जी रहे हैं और अखिल केरला धीवरा सभा के प्रयास, आपकी सेवा भावना..और समाज को जोड़ने की परंपरा...आज मैं अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं। आने वाले वर्षों में ये भावना समाज को प्रेरित करती रहेगी... केरलम के विकास में अपना योगदान निरंतर बढ़ाती रहेगी... इसी विश्वास के साथ आप सबको आदरपूर्वक नमन करते हुए मैं अपनी वाणी को विराम देता हूं और आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Cabinet approves Upgradation and Modernisation of Nagpur International Airport through long term license involving Private Partner under Public Private Partnership (PPP)
May 13, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the Extension of Lease Period of the Airports Authority of India (AAI)’s land leased to MIL (MIHAN India Limited) beyond 06.08.2039, so as to enable MIL to license Nagpur Airport to the Concessionaire, viz. GMR Nagpur International Airport Limited (GNIAL) for 30 years since Commercial Operation Date (COD).

This marks a major milestone in Nagpur airport’s journey to becoming a regional aviation hub under the Multi-modal International Cargo Hub and Airport at Nagpur (MIHAN) project.

In 2009, a Joint Venture Company (JVC)- MIL was formed by AAI and Maharashtra Airport Development Company Ltd. (MADC) with equity structure of 49:51 respectively. Though Airport assets of AAI were transferred to MIL in 2009 for airport operation, the lease deed got delayed due to land demarcation issues. Subsequently, AAI land has been leased to MIL up to 06.08.2039.

In 2016, MIL floated a global tender for identifying a Partner to operate the airport under the Public-Private Partnership (PPP) model. GMR Airports Ltd. (GAL) emerged as the highest bidder, with quoted revenue share of 5.76%. This was later revised to 14.49% of Gross Revenue. Subsequently, MIL annulled the bidding process in March, 2020. This annulment was successfully challenged by GAL before Hon'ble Bombay High Court. Thereafter, Hon’ble Supreme Court of India also ruled in favor of GAL. Pursuant to Supreme Court Judgement dated 27th September, 2024, MIL signed Concession Agreement with 2nd JVC, i.e. GMR Nagpur International Airport Ltd. (GNIAL) on 8th October, 2024.

A New Era for Nagpur Airport :

With extension of Lease Period of the AAI land leased to MIL beyond 06.08.2039, it would now become co-terminus with the 30 years Concession Period of GNIAL, paving the way for handing over of airport to 2nd JVC-GNIAL. This is expected to usher in a new era of growth and infrastructure advancement for Nagpur Airport. With private sector efficiency and government oversight, the Airport is poised to see significant investment, modernization, and improved passenger and cargo services — Government of India's vision for robust infrastructure development in the aviation sector.

GNIAL will take up the transformation of Nagpur's Dr. Babasaheb Ambedkar International Airport into a world-class facility with phased development envisaged to reach the ultimate capacity of handling 30 million passengers annually, positioning it as a key Airport in Central India. This transformation is set to not only enhance connectivity within the Vidarbha region, but also strengthen its economic infrastructure. Cargo handling capabilities would also be significantly boosted.