Following is the text of Prime Minister Shri Narendra Modi's statement in the Lok Sabha today:
"आदरणीय सभापति जी,
कई वर्षों से, किसानों की आत्महत्या, समग्र देश के लिए चिंता का विषय रहा है। समय समय पर, हर सरकार ने, उनसे जो भी संभव हुआ, करती रही है। कल की घटना के कारण पूरे देश में जो पीड़ा है, उसकी अभिव्यक्ति सदन के भी सभी माननीय सदस्यों ने की है। मैं भी इस पीड़ा में सहभागी होता हूँ। यह हम सब का संकल्प रहे, हम सब मिल कर के, इस समस्या का समाधान कैसे ढूंढें। समस्या बहुत पुरानी है, समस्या बड़ी व्यापक है, और उसे उस रूप में लेना पड़ेगा। जो भी अच्छे सुझाव होंगे उसे ले करके चलने के लिए सरकार तैयार है। किसान की ज़िंदगी से बड़ी कोई चीज़ नहीं होती। इंसान की ज़िंदगी से बड़ी कोई चीज़ नहीं होती। और इसलिए, राजनाथ जी ने सरकार की तरफ से जो जानकारी देनी थी वह आपको दी है, लेकिन मैं, इस सदन की पीड़ा के साथ अपने आप को जोड़ते हुए..., हम सब, दल कोई भी हो, देश बहुत बड़ा होता है, समस्या पुरानी है, गहरी है, हम सबको सोचना होगा कि हम कहाँ गलत रहे, वो कौनसे गलत रास्ते पर चल पड़े, वो कौनसी कमियां रही, पहले क्या कमियां रही, पिछले दस महीनों में क्या कमियां रही, यह सबका दायित्व है। लेकिन किसानों की इस समस्या के समाधान का रास्ता हमको खोजना है, और मैं इस विषय पर खुले मन से, जो भी सुझाव आये, आप ज़रूर बताइये, हम कोई न कोई रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे। किसान को असहाय नहीं छोड़ सकते। हमने उसके साथ, उसके दुःख में सहभागी होना है, उसके भविष्य के लिए भी सहभागी होना है। और उस संकल्प... आज की चर्चा में वो संकल्प उभर कर आये, सामूहिक संकल्प उभर कर आये, कि हम सब मिलकर, अब हमारे किसानों को हम न मरने दें, मैं इतनी ही प्रार्थना इस सदन को करता हूँ।"
Your Excellency, चांसलर स्टॉकर
दोनों देशों के delegates,
मीडिया के साथियों,
नमस्कार!
ग्रूस गॉट
चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ। हमे बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह आपके विज़न और भारत-ऑस्ट्रीया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत -यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की विज़िट से, हम भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जा रहे हैं।
Friends,
इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सस्टेनिबिलिटी में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर दस हजार फीट की ऊँचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की टनलिंग एक्स्पर्टीज़ ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है।
इतना ही नहीं, रेल्वे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर urban डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियाँ सक्रिय भागीदार रही हैं।
Friends,
चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। हमे बहुत खुशी है, कि वे एक बड़े vision और बड़े बिजनस delegation के साथ भारत आए हैं।
हम ऑस्ट्रिया की एक्स्पर्टीज़, और भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर, पूरे विश्व के लिए reliable टेक्नॉलजी और supply chain सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेन्स, सेमीकन्डक्टर, quantum, और bio-टेक्नॉलजी में भी अपनी पार्ट्नर्शिप को सुदृढ़ करेंगे।
साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। IIT दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा MOU, इस knowledge एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।
Friends,
भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की innovation और productivity को बढ़ाने की क्षमता रखता है।
2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एण्ड मोबिलिटी अग्रीमन्ट किया। अब इस अग्रीमन्ट के अंतर्गत, हम nursing सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे।
हम जॉइन्ट रिसर्च और start-up सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहें हैं।
Friends,
आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है। और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable, सस्टेनबल और lasting peace का समर्थन करते हैं।
हम इस बात पर भी एकमत हैं, कि बढ़ते ग्लोबल challenges के समाधान के लिए Global institutions का रिफॉर्म अनिवार्य है। और आतंकवाद को जड़ से मिटाना, हमारी साझी प्रतिबद्धता है।
Your Excellency,
2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी, चार दशकों बाद हुई थी। उस विज़िट के बाद आज भारत में आपका स्वागत करना, हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है। आइए, हम भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी को इनोवेशन centric और फ्यूचर रेडी बनाएं।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड अग्रीमन्ट के बाद, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) April 16, 2026
चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) April 16, 2026
आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा हैऔर इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है।
— PMO India (@PMOIndia) April 16, 2026
ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया, हम एकमत हैं कि, मिलिटरी कॉन्फ्लिक्ट से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता।
यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक stable,…


