If the leaders of Andhra Pradesh would have truly worked for the development of its people, they would not have to put the blame of their ill-governance on Modi: PM
Our government is working tirelessly to accelerate development and opportunities for all sections of society in Andhra Pradesh: PM
Vote for politics of development of the BJP in the upcoming Lok Sabha elections: PM at Visakhapatnam

सबसे पहले हम तीन बार भारत माता की जय बोलेंगे। पहला जयकारा पराक्रमी भारत के लिए, दूसरा जयकारा विजयी भारत के लिए और तीसरा जयकारा हमारे वीर-जवानों के लिए।

पराक्रमी भारत के लिए- भारत माता की...जय, विजयी भारत के लिए- भारत माता की...जय, वीर-जवानों के लिए- भारत माता की...जय।

मंच पर विराजमान प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष श्रीमान लक्ष्मी नारायण कन्ना जी, हमारे संसद के साथी डॉक्टर हरिबाबू, भारतीय जनता पार्टी विधानसभा दल के नेता और यहां के जुझारू नेता श्रीमान विष्णु कुमार राजू जी, पूर्व मंत्री बहन पुरंदेश्वरी जी, श्रीमान वीरराजू सोमू जी, सत्यकुमार वाई, श्रीमान नरसिम्हा राव जी, हमारे सबसे पुराने वरिष्ठ नेता श्रीमान चलापति राव जी, श्री गंगाराजू गोकाराजू जी, श्रीमान सतीश जी, मुरलीधरन जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में मुझे आशीर्वाद देने आए मेरे प्यारे भाइयो और बहनो।

 

साथियो, विशाखापट्टनम देश और आंध्र प्रदेश के हजारों युवाओं के सपनों का शहर है। यहां के लोगों के लिए उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना, उनकी आशाओं, आकांक्षाओं को पूरा करने का निरंतर प्रयास करना केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में है।

आज जब मैं आप सभी के बीच आया हूं तो एक खुशखबरी लेकर के आया हूं। आपकी एक बहुत पुरानी मांग को लेकर सरकार ने सकारात्मक कदम उठाया है। सरकार ने साउथ कोस्ट रेलवे जोन बनाने का फैसला लिया है जिसका हेडक्वार्टर यहीं विशाखापट्टनम में होगा। आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।

सरकार का यह फैसला आंध्र प्रदेश रीऑर्गेनाइजेशन एक्ट के तहत यहां के विकास को गति देने की तरफ एक और बड़ा कदम है। इससे विशाखापट्टनम समेत ईस्ट कोस्ट रेलवे पर स्थित कई अहम क्षेत्रों तथा बेहतर रेलवे कनेक्टिविटी का लाभ मिल पाएगा। इससे आप लोगों की सुविधा तो बढ़ेगी ही,  यहां की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। यह फैसला केंद्र की एनडीए सरकार के आंध्र प्रदेश के विकास के प्रति कमिटमेंट को साफ-साफ दिखाता है।

यह उन दावों की भी पोल खोलता है जो अपने राजनीतिक वजूद को बचाने के लिए, अपने भ्रष्ट आचरण को छुपाने के लिए दिन-रात आंध्र की जनता के सामने लगातार झूठ पे झूठ, झूठ पे झूठ बोल रहे हैं। ये वही हैं, ये वही हैं जो आंध्र के बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाने के बजाय अपने बेटे-बेटियों को स्थापित करने में जुटे हुए हैं।

साथियो, विशाखापट्टनम के एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना हो या फिर छह लेन का नेशनल हाइवे बनाना हो, आईआईएम की शुरुआत हो या फिर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी, सोसायटी फॉर अप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च यानि SAMEER की स्थापना हो या फिर ईएसआईसी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल हो, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब हो या फिर स्टील प्लांट का विस्तारीकरण हो, रिफाइनरी का आधुनिकीकरण हो या फिर ऑयल रिजर्व फैसिलिटी का निर्माण हो, आपके शहर के विकास के लिए, आपके शहर को स्मार्ट बनाने के लिए सैकड़ों करोड़ के प्रोजेक्ट्स...इस पर तेज गति से काम चल रहा है। यह दिखाता है कि आपका यह प्रधान सेवक पूरे समर्पण से विशाखापट्टनम को स्मार्ट बनाने और आंध्र प्रदेश के विकास को गति देने में जुटा है।

साथियो, हम इसलिए बड़े काम कर पाते हैं और बड़े फैसले प्रामाणिकता के साथ तेजी से ले पाते हैं क्योंकि हम पूरी ईमानदारी से पूरी निष्ठा के साथ आप की सेवा करना चाहते हैं, आपके जीवन को आसान बनाना चाहते हैं। हमारे ऊपर कोई बैगेज नहीं है। यह डर नहीं है कि कोई फाइल खुल जाएगी तो क्या होगा। डरता वही है जिसने पाप किया हो, जिसने गलत मंशा से काम किया हो। यही डर हमारे विरोधियों को खाए जा रहा है, जिसमें बड़े-बड़े दिग्गज और अपना खुद का राजवंश स्थापित करने की कोशिश में लगे लोग भी पूरी तरह शामिल हैं।

हर समय यू-टर्न लेने में माहिर यहां के नेता ने पूरी ईमानदारी के साथ आपको दिया वचन निभाया होता तो आज उनको मोदी के ऊपर अपनी नाकामी का ठीकरा फोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ती। सोचिएआज वह ऐसे लोगों के सामने गुहार लगाते नजर आते हैं जिन्होंने तेलुगू अस्मिता को रौंदने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाइयो और बहनो, आंध्र प्रदेश के लिए वह क्या करेंगे, देश के लिए उनके पास क्या एजेंडा है, यह बताने के बजाय वह मोदी को हटाने का ही शोर मचा रहे हैं। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि गरीब की, मध्यम वर्ग की, किसान की, दलित की, वंचित की, शोषित के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि बिचौलियों, दलालों, भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध शक्ति से मोदी कार्रवाई कर रहा है। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि आज देश हित के और देश हित में कड़े और बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। मोदी को वो इसलिए हटाना चाहते हैं क्योंकि नए हिन्दुस्तान की रीति और नीति दोनों बदल रही है।

साथियो, देश को, आप सभी को, इन लोगों का एजेंडा समझ आ गया। महामिलावट का यह खेल अब देश पूरी तरह समझ गया है। यह लोग मिलकर देश को एक मजबूर सरकार देने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मजबूर सरकार का उनका यह प्रयास कभी कामयाब नहीं हो सकता क्योंकि देश आज मजबूत सरकार के काम को अनुभव कर रहा है। एक ऐसी मजबूत सरकार, एक ऐसी मजबूत सरकार जिसके लिए देश का हित सबसे ऊपर होता है। इसी मजबूत सरकार की वजह से हमारा विरोधी देश ऐसा बर्ताव कर रहा है जिसकी पहले कल्पना भी मुश्किल थी।

साथियो, लेकिन यह भी देश का दुर्भाग्य है कि ऐसे समय में जब पूरी दुनिया पाकिस्तान से जवाब मांग रही है तब हिंदुस्तान के कुछ लोग ऐसे बयान दे रहे हैं जो देश के सुरक्षाबलों का मनोबल कमजोर करते हैं। ऐसे लोगों को आत्मचिंतन करना चाहिए कि वह ऐसा क्या बोल रहे हैं जिसके कारण पाकिस्तान की पार्लियामेंट में उनकी तारीफ की जा रही है, उनका नाम लेकर भारत पर निशाना साधा जा रहा है। मैं ऐसे महामिलावटी नेताओं से पूछना चाहता हूं...कमजोर सरकार चाहते-चाहते वह भारत को ही कमजोर करने में क्यों जुट गए हैं। क्यों ऐसी सियासत कर रहे हैं जिसका फायदा पाकिस्तान उठा रहा है, देश के विरोधी उठा रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों है कि मोदी विरोध में यह लोग देश का भी विरोध करने लगे हैं।

भाइयो और बहनो, जब देश में मजबूत सरकार होती है तो जय जवान भी होता है और जय किसान भी होता है। यह मजबूत सरकार का ही परिणाम है कि किसानों के लिए सीधी मदद की एक ऐतिहासिक योजना बनाई गई। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से हर 4 महीने बाद देश के 12 करोड़ किसानों को 2000 रुपये की सीधी मदद बैंक खाते में मिलनी शुरू हो चुकी है। इसमें आंध्र प्रदेश के भी लगभग 78 लाख ऐसे किसान परिवारों को लाभ मिलना तय हुआ है जिनके पास 5 एकड़ से कम जमीन है। इस पैसे से अब छोटा किसान हर फसल के लिए बीज, खाद, दवा, ऐसी चीजें खरीद पाएगा। हर वर्ष में प्रतिवर्ष 75 हजार करोड़ रुपए सीधे किसान के खाते में पहुंचने वाले हैं..और यह भी मैं बताऊं...अभी तो यह शुरुआत है।

साथियो, हमारे देश में साढ़े सात हजार किलोमीटर से ज्यादा समुद्र तट है। यह बहुत बड़ी क्षमता है जिसका बीते दशकों में पूरा इस्तेमाल नहीं हुआ। अपनी इस शक्ति का उपयोग करने के लिए भाजपा सरकार Ports for Prosperity के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। हमारे बंदर समृद्धि के प्रवेश द्वार हैं। सागरमाला जैसा प्रोजेक्ट इसी विजन की एक झलक है। इस प्रोजेक्ट पर 2035 तक की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। फिशरीज सेक्टर को ध्यान में रखते हुए ही हमने उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित करने का काम किया है। इसी सोच के साथ नए हार्बर बनाए जा रहे हैं, फिश लैंडिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं।

साथियोब्लू रिवॉल्यूशन योजना के तहत केंद्र सरकार मछुआरे भाई-बहनों के ट्रॉलर को डीप सी फिशिंग बोट में अपग्रेड करने का अभियान भी चला रही है इस काम के लिए सरकार द्वारा आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जा रही है। इस अपग्रेडेशन की वजह से अब समुद्र के बीच में जाकर मछली पकड़ना संभव हुआ है और मछुआरों की आय भी बढ़ रही है। डीप सी फिशिंग को प्रोफेशनल ढंग से करने के लिए केंद्र सरकार मछुआरे भाइयों की ट्रेनिंग भी करा रही है। मछुआरे भाई-बहनों को सैटेलाइट के द्वारा इसरो की मदद से बना नाविक डिवाइस देने का काम भी तेजी से चल रहा है। नाविक डिवाइस ना सिर्फ मछुआरों को फिशिंग जोन के बारे में बताता है बल्कि उन्हें चक्रवात, सुनामी की वार्निंग भी देता है। नाविक की मदद से मछुआरों के रास्ता भटकने की आशंकाओं में बहुत कमी आ रही है।

केंद्र सरकार ने हाल ही में मछली के व्यवसाय से जुड़े साथियों के लिए कुछ और बड़े फैसले लिए हैं। इस बजट में ऐलान किया गया है कि मछली के व्यवसाय की जरूरतों के लिए अलग से एक डिपार्टमेंट बनाया जाएगा। सरकार ने साढ़े सात हजार करोड़ रुपए का एक फंड भी बनाया है जो मछली पालन से जुड़ी तमाम आवश्यकताओं पर ध्यान देगा। इसके अलावा मछली पालन से जुड़े लोगों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज की सुविधा भी शुरू की गई है। अब अपने काम के लिए मछुआरे बहन-भाइयों को दूसरे लोगों से कर्ज लेने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

साथियो, हमारे मध्यम वर्ग के लिए भी ऐतिहासिक ऐलान इस बार के बजट में किया गया है। देश के इतिहास में पहली बार 5 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स को जीरो कर दिया गया है। ये उन ईमानदार टैक्सपेयर्स के प्रति आभार है जिनके कारण गरीबों को अपना घर मिल रहा है। आयुष्मान भारत के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, मुफ्त एलपीजी कनेक्शन मिल रहा है। एक तरफ बेईमानी करने वालों को हम सजा दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ ईमानदारी का सम्मान कर रहे हैं।

भाइयो और बहनो, मध्यम वर्ग का एक बड़ा सपना होता है कि वो अपना एक घर खरीद सके। हमने इसमें भी उनकी मदद की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मध्यम वर्ग को 5 से 6 लाख तक की बचत होम लोन में हो रही है।

हाल में एक और बहुत बड़ा फैसला हुआ है। अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर जीएसटी रेट घटाकर 12% से सिर्फ 5% पर ले आए हैं। वहीं जो अफॉर्डेबल हाउस मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बनाए जाते हैं, उन पर जीएसटी 8% से घटाकर सिर्फ 1% कर दिया गया है। इससे आंध्र प्रदेश समेत पूरे देश के मध्यम वर्ग के साथियों को बहुत लाभ होने वाला है

भाइयो और बहनो, देश वही हैसाधन वही हैसंसाधन वही हैअफसर वही है, दफ्तर वही है, उसके बावजूद भी ऐसा क्या कारण है कि आज बड़े-बड़े फैसले लेना संभव क्यों हो पा रहा है। इसके पीछे किसकी ताकत है...इसके पीछे किसकी ताकत है...इसके पीछे किसकी ताकत है...इसके पीछे मोदी की ताकत नहीं है, इसके पीछे आपका एक वोट है...वही वोट जिसने 2014 में एक मजबूत केंद्र सरकार बनाई थी। 2014 के उस जनादेश को आपको और मजबूत करना है ताकि देश के विकास की गति इससे भी तेज हो सके।

आप इतनी भारी संख्या में हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए, इसके लिए मैं फिर एक बार आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। लेकिन आप सबसे आग्रह करता हूं कि हमारे देश के वीर-जवानों के सम्मान मेंभारत के पराक्रमी जवानों के सम्मान में आप अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट ऑन करके, चारों तरफ लाइट जला कर के देश के वीरों का सम्मान कीजिए। देश के वीरों का गौरव कीजिए और मेरे साथ बोलिए भारत माता की...जय, भारत माता की...जय, भारत माता की...जय, वंदे-मातरम, वंदे-मातरम, वंदे-मातरम, वंदे-मातरम। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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गुजरात के मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, राज्य के उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष भाई संघवी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी अश्विनी वैष्णव जी, राज्य के मंत्री भाई अर्जुन मोढवाडिया जी, केन्स और अल्फा ओमेगा सेमीकंडक्टर्स के प्रतिनिधिगण अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों।

पिछले महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में था, और इस महीने के अंतिम दिन भी मैं साणंद में हूं। 28 फरवरी को माइक्रोन के प्लांट में प्रोडक्शन की शुरुआत हुई, और आज 31 मार्च को, केन्स टेक्नॉलॉजी के सेमीकंडक्टर प्लांट में प्रोडक्शन शुरु हो रहा है। ये मात्र संयोग नहीं है, ये इस बात का प्रमाण है कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, किस पेस से, किस गति से, किस स्पीड के साथ डेवलप हो रहा है। मैं केन्स टेक्नॉलॉजी की पूरी लीडरशिप को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। रमेश रघु congratulations. गुजरात सरकार को, इस प्लांट में काम कर रहे और सभी साथियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज सुबह मैं एक डिवाइन वाले कार्यक्रम में था और अभी मैं डिजिटल वाले कार्यक्रम में हूं।

साथियों,

मुझे इस बात की भी बेहद खुशी है कि भारत की कंपनी ने semiconductor चिप्स बनाने में रुचि दिखाई, और नतीजा हम सबके सामने है। हमारे भारत की अपनी कंपनी केन्स अब ग्लोबल semiconductor सप्लाई चेन का एक मजबूत हिस्सा बन गई है। ये एक बहुत शानदार शुरुआत है, एक गर्व का पल है, हर भारतवासी के लिए गर्व का पल है। आने वाले दिनों में भारत की बहुत सारी कंपनियां, ग्लोबल collaboration के माध्यम से, दुनिया को एक resilient semiconductor सप्लाइ चेन देने जा रही है।

साथियों,

आज का ये दिन, मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड, इस मंत्र को सही मायने में चरितार्थ करता है। इस प्रोजेक्ट में प्रोडक्शन शुरु होने से, भारत ग्लोबल मार्केट में, एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में अपना रोल और सशक्त कर रहा है। आज एक प्रकार से साणंद और सिलिकॉन वैली के बीच नया ब्रिज सा बन गया है। कैलिफोर्निया की कंपनी के लिए, साणंद का ये प्लांट Intelligent Power Modules दे रहा है। मुझे बताया गया है कि यहां बनने वाले प्रोडक्ट्स का एक बड़ा हिस्सा, पहले ही एक्सपोर्ट के लिए बुक हो चुका है। साणंद में बनने वाले modules अमेरिका की कंपनियों तक पहुंचेंगे, और वहां से पूरी दुनिया को पावर देंगे। मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के मंत्र की सफलता की गूंज दुनिया के कोने-कोने में पहुंचेगी।

साथियों,

यहां बनने वाले इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स से, भारत और विश्व के इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम को, हैवी इंडस्ट्री को बहुत बल मिलेगा। यही ग्लोबल पार्टनरशिप ही दुनिया के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

साथियों,

21वीं सदी का ये दशक आरंभ से दुनिया के लिए अनेक चुनौतियां लेकर आया है। संकट पेंडमिक का रहा है, conflicts का रहा है। इसमें भी सबसे बड़ी भुक्तभोगी, ग्लोबल सप्लाई चेन रही है। चाहे चिप्स हो, रेयर अर्थ मिनरल्स हों, एनर्जी हो, ये conflicts की वजह से बहुत प्रभावित हुए हैं। ये मानवता के तेज विकास से जुड़ी चीज़ें हैं, इनकी सप्लाई चेन में, इनके फ्लो में ब्रेक लगने से, पूरी ह्यूमैनिटी का विकास प्रभावित होता है। इसलिए भारत जैसे डेमोक्रेटिक देश का इस दिशा में आगे बढ़ना, पूरे विश्व के विकास के लिए बहुत अहम है।

साथियों,

हमने कोरोना की आपदा के समय ही तय कर लिया था, कि भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर का नया ग्लोबल हब बनेगा, इस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनेगा। और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भरता, सिर्फ एक चिप तक सीमित नहीं है। इसका मतलब है, AI में, इलेक्ट्रिक व्हीकल में, क्लीन एनर्जी में, डिफेंस में, इलेक्ट्रॉनिक्स में, ऐसे अनेक सेक्टर में भी आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा। इसलिए, साल 2021 में भारत ने इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन शुरु किया। यह mission सिर्फ एक industrial policy नहीं है, यह भारत के आत्मविश्वास का ऐलान है। और इसका इंपैक्ट सबके सामने है। इस मिशन के तहत, देश के 6 राज्यों में एक लाख साठ हज़ार करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। केन्स और माइक्रोन के प्रोजेक्ट्स भी इसी का हिस्सा हैं। सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन और मैन्यूफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता के लिए भारत ने ध्रुव Sixty Four जैसा, आधुनिक माइक्रोप्रोसेसर विकसित किया है। इससे 5G इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स, industrial automation, ऐसे अनेक सेक्टर्स के लिए हमें एक अपना सुरक्षित platform मिला है।

साथियों,

सेमीकंडक्टर मिशन की अब तक की सफलता के बाद, अब भारत ने इसके अगले फेज की तरफ कदम बढ़ाया है। इसी सोच के साथ, इस वर्ष के बजट में इंडिया-सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की गई है। इस फेज का फोकस, भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट्स और मटीरियल्स के प्रोडक्शन पर है। अब हमारा प्रयास, एक फुल स्टैक भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने का है। ताकि हम डोमेस्टिक और ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़ी पार्टनरशिप कर सकें।

साथियों,

भारत आज industry led research and training centres को प्रोत्साहित कर रहा है। ताकि technology development भी हो और एक future ready skilled workforce भी तैयार हो। बहुत जल्द ही, देश में 85 हजार से अधिक डिजाइन प्रोफेशनल्स तैयार करने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाएगा। साथ ही, पूरे इकोसिस्टम की जरूरतों को देखते हुए प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए चिप्स टू स्टार्टअप भी कार्यक्रम चल रहा है। आज देश की करीब 400 यूनिवर्सिटीज और स्टार्टअप्स को, आधुनिक डिजाइन टूल्स तक access दी गई है। इससे फिफ्टी फाइव से अधिक चिप्स का डिजाइन और निर्माण किया जा चुका है।

साथियों,

इंडस्ट्री एस्टीमेट्स के अनुसार, आज भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट करीब फिफ्टी बिलियन डॉलर, यानी करीब-करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपए का है। ये इस दशक के अंत तक सौ बिलियन डॉलर यानी नौ लाख करोड़ रुपए को पार कर सकता है। ये दिखाता है कि भारत में इस सेक्टर में कितनी ज्यादा संभावनाएं हैं। हमारा टारगेट अपनी ज़रूरतों की अधिक से अधिक चिप्स, भारत में ही बनाने का है। भारत के इस संकल्प को लेकर दुनियाभर के निवेशकों में जो उत्साह है, वो हमारे लिए बहुत बड़ी पूंजी है।

साथियों,

भारत एक सशक्त सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तो बना ही रहा है, साथ ही, रॉ मटीरियल की रिज़ीलियन्ट सप्लाई चेन के लिए भी बड़े प्रयास कर रहा है। पैक्स सिलिका में भारत का शामिल होना इसी प्रयास का ही एक हिस्सा है। दुनियाभर में जो हमारे पार्टनर्स हैं, उनके साथ मिलकर भारत में हम एक सुरक्षित सप्लाई चेन सुनिश्चित करना चाहते हैं।

साथियों,

क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता के लिए, भारत ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन भी शुरु किया है। इसके तहत, क्रिटिकल मिनरल्स की माइनिंग और प्रोडक्शन पर बल दिया जा रहा है। मिनरल्स की री-साइकलिंग के लिए भी 1500 करोड़ रुपए की स्कीम शुरु की गई है। इस वर्ष के बजट में, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरलम् जैसे कोस्टल स्टेट्स को मिलाकर रेयर अर्थ कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की गई है। ये कॉरिडोर,एक ऐसा Integrated नेटवर्क होगा, जो माइनिंग, रिफाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग की एक सशक्त चेन बनाएगा। हमारा प्रयास है कि देश में क्रिटिकल मिनरल्स का एक राष्ट्रीय भंडार हो। अच्छा होता कि, ये काम 30-40 वर्ष पहले शुरु होता। लेकिन अब भारत इसके लिए मिशन मोड पर काम कर रहा है।

साथियों,

भारत का मानना है, 21वीं सदी का ये कालखंड, सिर्फ economic competition का समय नहीं है। ये फ्यूचर के tech landscape को शेप करने का समय है। इसलिए, मैं इस दशक को, इस डैकेड को, भारत का टैकेड कहता हूं। इस दशक में भारत, टेक्नॉलॉजी से जुड़े जो initiatives ले रहा है, वो आने वाले दशकों में भारत की लीडरशिप को सशक्त करेंगे। आप सभी, हाल में हुई AI impact summit की सफलता से परिचित हैं। अगर AI adoption के मामले में देखें, तो भारत दुनिया में सबसे आगे है। हम भारतीय, टेक को एक्सप्लोर करते हैं। डिजिटल इंडिया की सफलता, फिनटेक में हो रहा शानदार काम, ये technology पर भारतीयों के भरोसे को ही हम देख पाते हैं, उसे दिखाता है। और भारत का जो AI इकोसिस्टम है, उसको हमारे सेमीकंडक्टर सेक्टर के उभार से बहुत मदद मिलेगी।

साथियों,

21वीं सदी का भारत केवल बदलाव का साक्षी नहीं, बल्कि बदलाव का नेतृत्व करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।हमारी नीतियां और हमारे निर्णय, आने वाले दशकों की टेक्नोलॉजी और एनर्जी सेक्टोरिटी की मजबूत नींव रख रहे हैं। इसलिए आज भारत हर क्रिटिकल टेक्नॉलॉजी पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है, रिफॉर्म्स कर रहा है। हमने space sector को private players के लिए खोला है, IN-SPACe जैसी संस्थाएं बनाई गईं हैं। इसका परिणाम आज दिख रहा है। स्पेस से जुड़े हमारे स्टार्ट अप्स बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं। इसी तरह, हाल में ही हमने Nuclear sector में SHANTI Bill जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। ये रीन्युएबल एनर्जी मिक्स में, न्यूक्लियर एनर्जी के हिस्से को बहुत अधिक बढ़ाने जा रहा है। ये हमारे AI फ्यूचर के लिए भी बहुत ज़रूरी है।

साथियों,

भारत क्वांटम कंप्यूटिंग को भी एक स्ट्रटीजिक एसेट मानकर, मिशन मोड पर काम कर रहा है। ये भारत के डिजिटल फ्यूचर को सशक्त करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। यानी भारत, आज टेक्नॉलॉजी के विकास और टेक्नॉलॉजी के यूज, दोनों ही मामलों में बहुत तेज़ी से काम कर रहा है। ये पूरी दुनिया के इन्वेस्टर्स के लिए बहुत बड़ा अवसर है। हम Ease of Doing Business, Ease of Manufacturing, Ease in Logistics, इस पर भी निरंतर काम कर रहे हैं।

साथियों,

मुझे विश्वास है, केन्स के इस प्लांट से निकलने वाले प्रोडक्ट factory of the world के रूप में भारत के सफर को और मज़बूती देंगे। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत बहुत धन्यवाद।