Development happens when there are the right policies and a clear vision: PM Modi in Sagar
Whether it's the country or Madhya Pradesh, development came when Congress left and BJP came: PM Modi in Sagar
Congress wants to snatch your property and impose inheritance tax: PM Modi in Sagar

(अरे उनको रोकिये मत। उनका इतना उत्साह है। आपलोग थक जाएं, उसके बाद मुझे कहना, फिर मैं शुरू करूंगा। अब मैं शुरू करूं।)

हर-सिद्धि माता की जय। भारत माता की, भारत माता की।

आज सागर की धरती पर जनसमर्थन का सागर उमड़ा है। पिछली बार आपने यहां से भाजपा को रिकॉर्ड वोटों से जिताया था। (साब, मैंने आपका चित्र देख लिया, बैठ जाएंगे तो अच्छा होगा, ताकि पीछे लोगों को रोक रहे आप। नहीं अपने पास ही रखिए, यहां कार्यालय में दे देना।) पिछली बार आपने रिकॉर्ड वोटों से जिताया था। सागर ने फिर मन बना लिया है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! जरा मैं इधर पूछूं...फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

देश के विकास के लिए एक स्थिर और मजबूत सरकार कितनी जरूरी होती है, ये मध्यप्रदेश और सागर के लोग बहुत अच्छे से जानते हैं। विकास तब होता है, जब सही नीतियां हो, सही विज़न हो। इसीलिए, देश हो या मध्यप्रदेश, विकास तभी आया जब कांग्रेस गई और भाजपा आई। कांग्रेस के समय में एमपी की पहचान बीमारू राज्य की थी। आज वही मध्यप्रदेश बीजेपी सरकार में विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है।

साथियों,

मध्य प्रदेश में केन बेतवा लिंक परियोजना का ऐतिहासिक काम शुरू हो गया है। सिंचाई के लिए बण्‍डा बृहद सिंचाई परियोजना का काम भी बीजेपी सरकार ने करवाया है। मध्य प्रदेश में अच्छे हाइवेज का पूरा नेटवर्क बनाया जा रहा है। नर्मदा प्रगति पथ और विंध्य प्रगति पथ हो, मालवा-निमाड़ प्रगति पथ और मध्य भारत प्रगति पथ हो, बुंदेलखंड प्रगति पथ और अटल प्रगति पथ हो, एक्स्प्रेसवेज अब नए मध्य प्रदेश की पहचान बन रहा है। यहां ललितपुर-सागर-लखनादौन नेशनल हाइवे का निर्माण भी हुआ है। केंद्र सरकार ने एमपी को 350 से ज्यादा रेल परियोजनाओं की सौगात भी दी है। सागर में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी बनवाए गए हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की लागत से बीना-रीफाइनरी में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी शुरू हो चुका है। यानी, इनफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा की जो जरूरतें थीं, वो पूरी हो रही हैं। सभी दिशाओं में एक साथ काम करते हुए आपकी अपेक्षाएं पूरी हो रही है। इससे इस क्षेत्र में उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव जी और उनकी पूरी टीम इस दिशा में दिन-रात काम कर रही है।

साथियों,

यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें भी आई हैं। गरीब के इस बेटे ने हमेशा आपकी चिंता की है। कोरोना का इतना बड़ा संकट आया...मोदी ने ये सुनिश्चित किया है कि आपकी रसोई में कभी राशन की कमी ना होने पाए। आज भी देश की करोड़ों रसोईंयों में पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का अनाज पकता है। मैं अपनी माताओं और बहनों को ये गारंटी दे रहा हूं कि आपको अगले 5 वर्ष तक राशन की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। माताओं-बहनों की तकलीफों को दूर करने के लिए ही हम गैस, बिजली, पानी, टॉयलेट जैसी सुविधाएं हर घर तक पहुंचाने में जुटे हैं। मोदी ने स्वयं सहायता समूहों की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का भी संकल्प लिया है। और ये गारंटी भी मैं पूरी करके दिखाउंगा।

साथियों,

आज कांग्रेस की एक ऐसी सच्चाई देश के सामने आई है, जिसे सुनकर हर देशवासी सन्न हो गया है। हमारा संविधान साफ-साफ मना करता है कि किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा। खुद बाबा साहेब आंबेडर भी धर्म के आधार पर आरक्षण के खिलाफ थे। लेकिन कांग्रेस ने बरसों पहले ही धर्म के आधार पर आरक्षण का खतरनाक संकल्प ले लिया था। वो साल दर साल अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए भांति-भांति के हथकंडे अपना रहे हैं, देशवासियों की आंखों में धूल झोंककरके ये अपना खेल खेल रहे हैं। 2004 में कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश में धर्म के आधार पर आरक्षण दिया। और बाबा साहब अंबेडकर की पीठ में छुरा घोंपा था। संविधान की पीठ में छुरा घोंपा था। फिर 2009 का चुनाव हो या फिर 2014 का चुनाव, अपने घोषणापत्र में दोनों बार कांग्रेस ने धर्म के आधार पर आरक्षण का वादा किया। कांग्रेस की तैयारी है कि ST-SC-OBC का 15 परसेंट कोटा काट दिया जाए और फिर धर्म के आधार पर आरक्षण लागू हो। पिछली बार कर्नाटका में जब कांग्रेस की सरकार थी, तो उसने धर्म के आधार पर रिजर्वेशन दिया था। जब बीजेपी सरकार में आई तो हमने बाबा साहब के प्रति समर्पण भाव से, भारत के संविधान की पवित्रता का सम्मान करते हुए हमने ये फैसला लिया कि ये कांग्रेस जो धर्म के आधार पर आरक्षण करके गई है उसको हम एक दिन रहने नहीं देंगे और हमने उसको खतम कर दिया। अब एक बार फिर कर्नाटका में कांग्रेस ने धर्म के आधार पर आऱक्षण दे दिया है। और इसके लिए उसने पिछले दरवाजे से गैरकानूनी तरीके से एक चालाकी की है। ओबीसी समाज की आंख में धूल झोंकने का कृत्य किया है। इसके लिए उसने मुसलमान की सभी जातियों को, एक-एक कागज निकालकर सबको ओबीसी कोटा में डाल दिया। कांग्रेस इन सबकों ओबीसी कोटा में डाल करके ओबीसी को जो हक मिलता था उसका बहुत बड़ा हिस्सा उसने छीन लिया और धर्म के आधार पर दे दिया। कांग्रेस, यही फॉर्मूला पूरे देश में लागू करना चाहती है। आप मुझे बताइए क्या ये लागू होने देना चाहिए क्या। इसको रोकना चाहिए कि नहीं रोकना चाहिए। इनके खतरनाक मंसूबों को खतम करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। पूरी ताकत से देशवासियों को जगाना चाहिए कि नहीं जगाना चाहिए। साथियों, चुनाव तो आएंगे-जाएंगे लेकिन ये खतरनाक खेल आपकी आने वाली पीढ़ियों को तबाह कर देगा। OBC वर्ग की सबसे बड़ी दुश्मन है कांग्रेस, जिसने OBC से उनका हक छीन लिया है। कांग्रेस ने सामाजिक न्याय की हत्या की है, कांग्रेस ने संविधान की भावना को ठोकर पहुंचाई है, कांग्रेस ने बाबा साहेब का घोर अपमान किया है।

साथियों,

ये मुझे सवाल पूछते हैं 400 पार क्यों। मैं जवाब देता हूं, आप जो राज्यों में हथकंडे अपना रहे हो। दलितों के, आदिवासियों के ओबीसी के आरक्षण चोरी करने का जो खेल खेल रहे हो। उसे लूटने का खेल खेल रहे हो। आपके ये खेल बंद करने के लिए, हमेशा बंद करने के लिए, आपके मंसूबों को हमेशा हमेशा ताला लगाने के लिए मोदी को 400 पार चाहिए। मुझे दलितों के आरक्षण की रक्षा करनी है, मुझे आदिवासियों के आरक्षण की रक्षा करनी है, मुझे ओबीसी के आरक्षण की रक्षा करनी है। और मैं स्वयं उस समाज से आया हूं, इसलिए मैं आपको कहता हूं, मैं इस दर्द को जानता हूं, और मैं आपको आरक्षण देकर के ही रहूंगा। और इसीलिए मुझे आपका साथ चाहिए।

साथियों,

आपको चोट पहुंचाने के लिए कांग्रेस इतने पर ही नहीं रुक रही है। कांग्रेस आपकी संपत्ति भी छीनना चाहती है। कांग्रेस एक्सरे कराने वाली है, एक्सरे। मालूम है न, उनके नेता बोल रहे हैं...एक्सरे करेंगे। और आपके लॉकर में क्या पड़ा है, वो खोज के निकालेंगे। आपके घर में क्या पड़ा है वो खोज के निकालेंगे। अगर माताओं-बहनों ने थोड़ी पूंजी बचाई होगी, और अनाज के डिब्बे में रखती हैं तो एक्सरे करके वो भी खोज के निकालेंगे। लॉकर में रखे आपके गहने हों, महिलाओं का मंगलसूत्र हो, कांग्रेस सबकुछ खोजने में लगेगी और फिर कहते हैं हम उसे छीन लेंगे और फिर कहते हैं हम उसे बांट देंगे। आपको ये मंजूर है क्या। जरा मुझे पूरी ताकत से बताइए, अगर मेरा विषय समझते हो तो। ये आपको मंजूर है क्या। आपके पास अगर एक घर गांव में और एक घर आपने शहर में ले लिया, दो घर है तो एक घर कांग्रेस की सरकार ले लेगी। अगर आपके पास दो गाड़ी है तो एक गाड़ी कांग्रेस की सरकार ले लेगी, ये उन्होंने घोषित किया है। ये उन्होंने घोषित किया है, क्या आपको ये मंजूर है क्या। ये करने देंगे क्या। आपसे ये सब छीनकर कांग्रेस अपने वोट बैंक को देना चाहती है।

साथियों,

इतना ही नहीं, कांग्रेस ने तो आज एक और पत्ता खोल दिया है। उनका हिडन एजेंडा बाहर आया है। आज उन्होंने कहा है इनहेरिटेन्स टैक्स यानि विरासत में भी, अब आप देखिए, हमारे देश में तो दादा-दादी, नाना-नानी भी कुछ बचाके रखते हैं। खुद कभी उसका खर्चा नहीं करते, क्यों, उनके मन में रहता है, पोता-पोती बड़े होंगे न, उनकी शादी में काम आएगा। नाती बड़ा होगा तो उसके काम आएगा। वो संपत्ति को बचाते हैं। अनाप-शनाप खर्चा मौज-मजा में नहीं करते हैं। बड़ी मेहनत करके, मुसीबतों को झेल करके, जो संपत्ति आपने बचाई है न, आपके पूर्वजों ने जो संपत्ति बचाई है, जो आपको मिली है। अब ये कांग्रेस कहती है, आप अपने संतानों को वो संपत्ति नहीं दे सकते। करीब-करीब आधी संपत्ति, कांग्रेस की सरकार बनेगी तो कानूनन आपसे लूट लेगी। जो संपत्ति आप अपने बच्चों को देना चाहते हैं, उस पर कांग्रेस टैक्स लगाकर लूट लेगी। आप कल्पना कर सकते हैं... कांग्रेस भारत के सामाजिक मूल्यों, भारत के समाज की भावनाओं से कितना कट चुकी है। कांग्रेस को भारत के पारिवारिक मूल्यों तक का अंदाजा नहीं रहा है। घर के बड़े-बुजुर्ग, जीवनभर कुछ ना कुछ जोड़ते हैं ताकि अगली पीढ़ियों को देंगे, पोती-नाती को देंगे। यही हमारे देश की परंपरा है, स्वभाव है, संस्कृति है। हम भारतीय जरूरत के हिसाब से खर्च करते हैं, पैसे बचाने की कोशिश करते हैं। कांग्रेस, पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाली इस बचत पर भी, इस संपत्ति पर भी उसकी नजरें हैं, लूटना चाहती है। यानि कांग्रेस का मंत्र है- ये याद रखना, मेरी बात घर-घर पहुंचाना, मेरी बात घर-घर पहुंचाओगे। कांग्रेस का मंत्र है- कांग्रेस की लूट जिंदगी के साथ भी लूट और जिंदगी के बाद भी लूट।

साथियों,

कांग्रेस को देश के संविधान से नफरत है। इनको भारत की पहचान से नफ़रत है। इसीलिए, ये हर उस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, जिससे देश कमजोर हो, देश की साख कमजोर हो। ये लोग समाज को आपस में लड़वाने के लिए नए-नए पैंतरे लेकर आते हैं। हमारी आस्था ने हमें सदियों से एकजुट रखा है, कांग्रेस पार्टी उस आस्था पर हमले करती है। अयोध्या में राममंदिर प्राणप्रतिष्ठा के समय कांग्रेस ने क्या किया, पूरे देश ने देखा। आपको याद है न? भगवान राम को काल्पनिक बताने वाली कांग्रेस ने राममंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को ठुकरा दिया। क्या ऐसी कांग्रेस को ठुकराना चाहिए कि नहीं ठुकराना चाहिए। जिसने राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा को ठुकरा दिया ऐसी कांग्रेस को ठुकरा देना चाहिए कि नहीं ठुकराना चहिए। आपने इनकी भाषा सुनी है न?

भाइयों बहनों,

इनका विरोध केवल अयोध्या, राम और राममंदिर तक नहीं है। इन्हें मंदिर और मंदिर जाने वालों से भी दिक्कत है। पिछले साल ही, मैंने यहां सागर में भव्य संत रविदास मंदिर का शिलान्यास किया था। तब भी कांग्रेस के नेताओं ने कहा था कि रविदास मंदिर बनाने से अच्छा था यहां कुछ और बन जाता। कांग्रेस को एक महान दलित संत का मंदिर भी नहीं बर्दाश्त होता। ऐसी सोच वाली कांग्रेस को, एमपी से दूर रखने में ही भलाई है।

साथियों,

7 मई को आपके पास एक बार फिर मध्यप्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के भविष्य को संवारने का अवसर है। सागर लोकसभा से बीजेपी ने श्रीमती लता वानखेडे को उम्मीदवार बनाया है। उनको भारी मतों से जिताना है। मैं जानता हूं, गर्मी बढ़ रही है, मैं ये भी जानता हूं कहीं-कहीं शादी-ब्याह का माहौल है, मैं ये भी जानता हूं कुछ लोगों को खेत में अलग-अलग काम भी है। लेकिन मेरा आपसे अनुरोध है, कितना ही काम क्यों न हो, लेकिन देश के लिए कुछ समय देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए। हमें अपना वोट देना चाहिए कि नहीं देना चाहिए। हमने अपने अधिकार का उपयोग करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए। राष्ट्र निर्माण के इतने बड़े यज्ञ में हर किसी का योगदान होना चाहिए। और इसीलिए भारी मतदान होना चाहिए। आप मतदान करवाएंगे। घर-घर जाएंगे, मतदान के रेकॉर्ड तोड़ेंगे। पोलिंग बूथ जीतेंगे। आप अपने वोट के साथ-साथ जो अपनों के वोट है न उसको भी पोलिंग स्टेशन तक ले जाइए, करेंगे? अच्छा मेरा एक और काम करेंगे। यहां से जाकर अपने मोहल्ले, अपने गांव के हर व्यक्ति को कहिएगा कि मोदी ने उनको प्रणाम कहा है। मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे।

बोलिए...भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
बहुत बहुत धन्यवाद!

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Text of Prime Minister addressing session on ''Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity'' at G7 summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।