The ‘Zayed Medal’ belongs to 130 crore Indians as well as to millions of Indians actively contributing in rapid development of UAE: PM Modi
The people of India fully stand with our armed forces and will never put their faith in those parties that question their own army: Prime Minister Modi
We are moving forward with our vision of ‘Sabka Saath, Sabka Vikas’ and will continue to put people’s welfare first: PM Modi

भारत माता की जय...भारत माता की जय
भगवान वासुदेव और मां गंगा की छत्रछाया में बसे अमरोहा और नगीना सहित इस पूरे क्षेत्र के आप सभी साथियों को मेरा नमस्कार...

कल से नवरात्र का पावन समय शुरू हो रहा है। आप सभी की मनोकामनाएं पूरी हो इसी कामना के साथ मैं आज कुछ बातें आपके साथ करूंगा। साथियो, बीते कुछ दिनों में मैने देश के चारों कोने पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण हर दिशा का दौरा किया है। पूर्ण बहुमत वाली सरकार के लिए हमेशा देश के हितों को सबसे ऊपर रखने वाली सरकार के लिए, आपके विकास के लिए, काम करने वाली सरकार के लिए, देश भर में जो लहर चल रही है, वो आज मुझे यहां अमरोहा में भी दिखाई दे रही है। भाइयो और बहनो बीते पांच वर्षों में जिस तरह आपने इस चौकीदार का साथ दिया है उसके लिए मैं बहुत विनम्रता के साथ शीश झुका कर के आप सबको नमन करता हूं। आज आपके सामने शीश झुकाते हुए मुझे इस बात का भी गर्व है कि इन पांच साल में मैंने देश का सिर झुकने नहीं दिया। पूरी दुनिया में देश की साख आज जितनी ऊंची है। उतनी पहले कभी नहीं रही। भाइयो-बहनो, कल ही आपके इस प्रधान सेवक को संयुक्त अरब अमीरात ने वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ज़ायेद मेडल देकर के सम्मानित किया है। मैं यूएई की सरकार और वहां की जनता का इस सम्मान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। लेकिन ये सम्मान मोदी का नहीं है बल्कि 130 करोड़ भारतीयों का है। खाड़ी देशों के विकास में योगदान दे रहे हमारे लाखों भारतीयों का है। कुछ साल पहले सऊदी अरब ने भी मुझे हम सभी को एक प्रकार से पूरे भारतवासियों को वहां का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया था। भाइयो-बहनो, दुनिया में भारत की साख और सम्मान अगर नई ऊंचाई पर पहुंचा है तो इसके पीछे आप सबका आशीर्वाद है आप सबका सहयोग है।

भाइयो बहनो, देश की साख रहे इसके लिए मजबूत सरकार का होना बहुत जरूरी है। मजबूत सरकार ही कड़े और बड़े फैसले ले पाती है। देश को आगे बढ़ा पाती है। आप मुझे बताइए आज दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है। अमेरिका में भारत का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है। जर्मनी में भी भारत का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है। इंग्लैंड में भी भारत का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है। दुनिया के सभी देशों में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है। ये सारी दुनिया में भारत का जय-जयकार हो रहा है, इसका कारण क्या है। ये दुनिया में जय जयकार हो रहा है इसका कारण क्या है। इसका कारण मोदी नहीं है। इसका कारण आप लोग हैं। 2014 में आपने जो वोट दिया उसकी ताकत है। पूर्ण बहुमत वाली सरकार की ताकत है। आपने मजबूत सरकार बनाई इसलिए हिंदुस्तान का हौसला भी मजबूत हो गया, और दुनिया में हिदुस्तान का जय-जयकार होने लगा।

भाइयो बहनो, आपने मुझे पांच साल बराबर देखा है। विरोधियों ने मुझ पर आरोप लगाए वो भी सुने हैं। आपसे पूछना चाहता हूं। पिछले पांच साल से जिस रणनीति को लेकर के ये चौकीदार चल रहा है क्या आपको वो पसंद है क्या...? आपको पसंद है क्या...? आपको मंजूर है क्या? आप मुझे बताइए आतंकी हमले के बाद मुझे चुप हो जाना चाहिए था या उन पर प्रहार करना चाहिए था। मैंने सही किया ऐसे ही करना चाहिए। देश की नागरिकों की रक्षा के लिए कड़े से कड़ा कदम उठाने चाहिए कि नहीं चाहिए। आतंक के सरपरस्तों से बात होनी चाहिए या उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। ये सारे काम कौन कर रहा है? कौन कर रहा है...? आतंकियों को घुसकर के किसने मारा...?लेकिन आतंकियों को उन्हीं के भाषा में जवाब देना हमारे देश में ही कुछ लोगों को परेशान करता है। उनकी रात की नींद उड़ जाती है। जब भारत डंके की चोट पर दुश्मन को मारता है। तब कुछ लोगों को हिंदुस्तान में रोना आता है। जब पाकिस्तान पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो रहा है तो ये पाकिस्तान के पक्ष की बातें कर रहे हैं, और वहां पर हीरो बनने की स्पर्धा कर रहे हैं। भाइयो-बहनो, कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी हो, बहुजन समाज पार्टी हो, आतंकवाद पर इसी नरम रवैये की वजह से कुछ लोगों के हौसले बुलंद हुए हैं। इन दलों ने सिर्फ आतंक को ही मदद नहीं दी है। इन्होंने आपके जीवन आपके अस्तित्व को भी संकट में डालने का काम किया है।

साथियो, उन दिनों को याद कीजिए जब उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार थी बसपा की सरकार थी दिल्ली में कांग्रेस की सरकार थी तब क्या होता था, कभी लखनऊ में बम फूटते थे धमाके होते थे। कभी रामलला की जन्मभूमि अयोध्या में धमाके होते थे। कभी भगवान भोले नाथ की नगरी काशी को दहला दिया जाता था। कभी रामपुर के CRPF कैंप पर हमला हो जाता था। अक्सर इन हमलों के तार यूपी के दूर-दूर के इलाकों में जाते थे। देश की एजेंसियां बहुत मेहनत से उन हमलों में शामिल लोगों को पकड़ती थी। लेकिन वोट बैंक की अपनी सियासत की वजह से बुआ भी और बबुआ भी उनकी सरकारें उनको छोड़ देती थी। साथियो, ये हमले किसके खिलाफ थे? ये हमले कौन करा रहा था? और क्यों सपा-बसपा ऐसे लोगों पर मेहरबान थी? ये आज उत्तर प्रदेश का बच्चा-बच्चा जानता है। साथियो, अब बीते पांच वर्षों से धमाके रुक गए कि नहीं रुक गए। बम-बंदूक की आवाजें बंद हुई कि नहीं हुई। निर्दोष लोगों का मरना बंद हुआ कि नहीं हुआ। भाइयो बहनो, धमाके इसलिए रुक गए क्योंकि दिल्ली में आपने एक चौकीदार को बैठा दिया है। आतंकियों को पता है कि वो एक गलती करेंगे तो मोदी उन्हें पाताल में भी खोज कर के सजा देगा। मोदी आतंक को वोट बैंक से नहीं तौलता तभी आतंक के मददगार आज जेलों में बंद पड़े हैं।

साथियो, शहीद अजीत सिंह हो, शहीद रिंकू सिंह हो, शहीद मुकेश चंद हो। ऐसे हर शहीद ने सुरक्षित समृद्ध भारत के लिए ही अपने प्राण न्यौछावर किए है। मुझे खुशी है कि भाई कंवर सिंह तंवर मेरे साथी ने इसी भावना के साथ अमरोहा में काम किया है। अपने प्रयासों से शहीदों की प्रतिमाएं लगवाई है, और बेटियों की सामूहिक विवाह करवाई हैं। भाइयो और बहनो, देश को आगे बढ़ाना है तो हम सबको साथ चलना होगा। कुछ लोग हैं जो देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। अलग-अलग जातियों के नाम पर खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों के स्वार्थ को समझिए, आप मुझे बताइए, अरे जब दुनिया में देश की पहचान ही नहीं रहेगी तो फिर इसका खामियाजा एक एक हिंदुस्तानी को भुगतना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश की जनता ने 2014 में और फिर 2017 में ऐसी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। सबका साथ सबका विकास के विजन पर चल रही हमारी सरकार, एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प पर चल रही हमारी सरकार, देश की पहचान को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

साथियो, आज जब मैं आपसे देश की पहचान की बात कर रहा हूं तो आपको कांग्रेस के कुछ और पुराने गुनाहों की याद दिलाना चाहता हूं। सिर्फ एक परिवार की पहचान बनाने के लिए, सिर्फ एक परिवार के लोगों की प्रतिष्ठा के लिए, एक परिवार के स्वार्थ की सिद्धि के लिए कांग्रेस ने बाबा साहब अंबेडकर का अपमान किया था। कांग्रेस ने उन्हें चुनाव में हराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया था। देश के प्रति बाबा साहब अंबेडकर के योगदान को भूलाने की साजिश रची थी। क्योंकि बाबा साहब ने उस परिवार को चुनौती दी थी इसलिए बाद की पीढ़ियों ने भी बाबा साहब से निरंतर बदला लिया। वो तो आज वोट बैंक की मजबूरी है जो कांग्रेस ने बाबा साहब का नाम लेना शुरू किया है। वरना वहीं कांग्रेस है जिसने दशकों जक उनकी फोटो तक संसद में लगने नहीं दी थी। ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं क्या? ये उनके सारे साथियों को माफ कर सकते हैं क्या? उनके झूठे वादों को मान सकते हैं क्या ? साथियो, उसी दौर में हमारे देश में एक और महान नेता हुए थे। जोगेन्द्र नाथ मंडल आपने शायद उनका नाम भी नहीं सुना होगा। आपने उनका नाम इसलिए नहीं सुना, क्योंकि आजादी के बाद कांग्रेस सरकार ने उनके इतिहास को भी आपके सामने नहीं आने दिया। साथियो, जोगेंद्र नाथ मंडल बाबा साहब की बहुत करीबी साथी थे। कानून के बहुत बड़े विद्वान थे। लेकिन जिन्ना के बहकावे में आकर बंटवारे के समय वो पाकिस्तान चले गए थे। वो पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री बने। वहां का संविधान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान में उनको अपमानित किया गया। एक विशेष वर्ग का होने की वजह से पाकिस्तान में उनका जीना मुश्किल कर दिया गया। वहां के हालात ने उनका भरोसा तोड़ दिया। वो इतने दुखी हुए इतने दुखी हुए कि पाकिस्तान छोड़ कर के भारत की शरण में आ गए। लेकिन पाकिस्तान से वापस आने के बाद तब कि कांग्रेस सरकार ने उनके साथ उससे भी ज्यादा बुरा किया। अपनी मृत्यु तक वो बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों में रहे। आज मैं आपको उनके बारे में इसलिए बता रहा हूं कि क्योंकि इतिहास में छिपे तथ्यों को जानना और सबक लेना जरूरी है। ये सबक ही आपके वर्तमान और भविष्य को मजबूत करेगी।

साथियो, बाबू जगजीवन राम जी के साथ भी कांग्रेस ने यही किया। आज उनकी जयंती पर बाबू जगजीवन राम जी को मैं नमन करता हूं। बाबू जगजीवन रान ने अपना जीवन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। बाबू जी दो चीजें चाहते थे एक मजबूत भारत और दूसरा लोकतांत्रिक भारत। जब हमने पाकिस्तान को उसकी हरकतों का मुंहतोड़ जवाब दिया था तब बाबू जी भारत के रक्षा मंत्री थे। लेकिन इस देश में केवल एक ही परिवार की जी हजूरी करने वाले लोग देश के इतिहास में एक गौरवशाली नेतृत्व के लिए बाबू जी को कोई श्रेय नहीं देते हैं। बाबू जी आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाने वाले सबसे पहले कांग्रेसी नेता थे। उन दिनों में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री का डर लोगों में भरा हुआ था। जब लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा था। बाबू जी ने कहा था लोग इस संकट के परिणामों से बिल्कुल भी न डरें। बाबू जी जिन बातों में विश्वास किया करते थे उन सभी बातों पर आज कांग्रेस की वजह से एक खतरा मंडरा रहा है। आप महसूस कीजिए कि आज बाबू जी अगर जीवित होते तो एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस और विपक्ष के आचरण के कारण उन्हें कितनी पीड़ा होती। यदि कांग्रेस और महामिलावट वाले जीतते हैं तो बाबू जी के आदर्शों का कभी सम्मान नहीं होगा।

 भाइयो-बहनो, वोट बैंक की पॉलिटिक्स ने देश का बहुत नुकसान किया है। याद करिए पश्चिम यूपी में पहले गुंडगर्दी थी, कानून व्यवस्था की स्थिति क्या थी, समाजवादी पार्टी की सरकार के समय अपराधियों को खुली छूट मिल गई थी। ये अमरोहा, ये शामली, पूरा पश्चिम उत्तर प्रदेश ऐसा कोई दिन नहीं होता था कि जब बहन बेटियों के साथ अत्याचार न हो। व्यापारियों के साथ लूटपाट न की हो। क्या वारदातें नहीं होती थी, कितनी ही बेटियों ने इस वजह से स्कूल तक जाना छोड़ दिया था। अब आज भाजपा सरकार में इस पर नियंत्रण लगा है। हमारी बेटियों को परेशान करने वालों को हमारे व्यापारियों को परेशान करने वालों को दो टूक संदेश दे दिया गया है कि सुधर जाओ नहीं तो जेल का रास्ता आपका इतंजार कर रहा है। साथियो, गुंडागर्दी हो, बिजली की समस्या हो, खराब सड़के हो, ये एक बड़ा कारण था जिसकी वजह से यहां उद्योग लगाने से लोग डरते थे। इस स्थिति को बदलने के लिए निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए एक ईमानदार कोशिश की जा रही है। अमरोहा की रिंग-रोड हो, बाईपास हो, गंगा एक्सप्रेस वे हो, हाईवे हो, गांव की सड़कें हो, रेलवे की कनेक्टिविटी हो, हर स्तर पर काम हो रहा है। पद्मावत एक्सप्रेस और आला हजरत एक्सप्रेस अब यहां रुकने लगी है। आने वाले समय में ऐसी सुविधाओं को विस्तार होना तय है आपके सहयोग से एक और काम मैं कर पाया हूं। आपके इस चौकीदार ने लाल बत्ती उतरवाई, पता है ना, लाल बत्ती उतरवाई और गरीब के घर में बत्ती जलाई है। बड़ों-बड़ों की लाल बत्ती चली गई गरीबों के घर में बिजली पहुंच गई। भाइयो-बहनो, सौभाग्य योजना के तहत यूपी के 77 लाख गरीब परिवारों के घरों तक मुफ्त में बिजली कनेक्शन पहुंचा है। अमरोहा और शामली में एक लाख से अधिक गरीब परिवारों को रौशनी मिल चुकी है। कई गांव जो गंगा जी की गोद में बसे थे, वहां खंभे नहीं लग सकते थे तो हमने रास्ता निकाला, सौलर पैनल लगाई लेकिन बिजली का काम पूरा किया। 

 साथियो, कनेक्टिविटी के साथ-साथ छोटे–छोटे उद्योमियों और युवाओं के लिए बैंकों से ऋण को बहुत आसान कर दिया है। अब तो छोटे उद्योमियों के लिए एक करोड़ रुपये तक के ऋण के स्वीकृति ऑनलाइन करने की भी व्यवस्था हमने की है। पूरे यूपी में स्वरोजगार के लिए किसी गारंटी के करीब डेढ़ करोड़ मुद्रा लोन भी आज दिए गए हैं। भाइयो बहनो, जवान हो, नौजवान हो या फिर किसान.. चौकीदार की सरकार ने हरेक की हित की रक्षा करने का काम किया है। गन्ना किसानों को उनका पैसा उसी सीजन में चुकाया जाए। इसका गंभीर प्रयास हो रहा है। योगी जी पूरी संवेदनशीलता से इस पर काम कर रहे हैं। फसल की लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने का काम भी ये चौकीदार ने किया है। भाजपा की सरकार ने किया है। यूपी के दो करोड़ से अधिक किसान परिवारों को हजारों करोड़ रुपयों की सीधी मदद हर वर्ष मिलनी शुरू हो गई है। इस क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जा रहा है। साथियो, मैंने ये कभी दावा नहीं किया कि सारे काम पूरे हो गए हैं। लेकिन इतना जरूर है कि मैंने ईमानदारी से दिन-रात एक कर के आपके जीवन को आसान बनाने, देश के विकास के लिए हर पल दौड़ता रहा हूं। काम करता रहा हूं। इन कार्यों को जारी रखने के लिए और आगे बढ़ाने के लिए 2019 के इस चुनाव में मुझे फिर से आपका आशीर्वाद चाहिए। यहां मैं देख रहा हूं। जहां नजर पहुंचे वहां भीड़ है। ये इतना बड़ा जनसैलाब इस बात का सबूत है कि मजबूत सरकार बनाने की लहर चल रही है।

भाइयो-बहनो, भाजपा के हर उम्मीदवार को दिया आपका वोट ये मोदी की ताकत है, और मैं ये भी जानता हूं कि देश के विकास के लिए इन कार्यों में मैं अकेला नहीं। आप भी विकास के हर प्रयास में भागीदार है। आप भी चौकीदार है। मेरे साथ बोलिए.... मैं भी चौकीदार... मैं भी चौकीदार... मैं भी चौकीदार... गांव गांव... चौकीदार, गली गली... चौकीदार, शहर शहर... चौकीदार, घर- घर... चौकीदार, डॉक्टर भी...चौकीदार, इंजीनियर भी... चौकीदार, व्यापारी भी चौकीदार, किसान भी... चौकीदार, कामगार भी चौकीदार, कलाकार भी... चौकीदार, खेत खलिहान में... चौकीदार, सीमा पर... चौकीदार, हिंदुस्तान भर में....चौकीदार। आइए 130 करोड़ देशवासी मजबूत सरकार बनाने का फैसला लें और आपका वोट कमल पर दबाया हुआ हर वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाएगा। मेरे साथ बोलिए भारत माता की जय, भारत माता की जय... बहुत बहुत धन्यवाद...

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!