People of India Are Our Only High Command: PM Modi in Lucknow

Published By : Admin | January 2, 2017 | 11:55 IST
It is time to transform Uttar Pradesh: PM Modi in Lucknow
NDA Government’s objective is to transform India, but the first precondition is to transform Uttar Pradesh: PM
People of India are the Government’s only high command: PM Modi
Centre is undertaking steps to eradicate black money and corruption: PM

भारत माता की जय। भारत माता की जय। मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान अमित भाई शाह, हमारे देश के यशस्वी गृहमंत्री और इसी शहर के प्रतिनिधि श्रीमान राजनाथ सिंह जी, उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के युवा अध्यक्ष श्रीमान केशव जी मौर्य, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाइयों और बहनों।

मैं कई वर्षों से राजनीति में हूं। भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का कार्य करने सौभाग्य मिला। मुख्यमंत्री के नाते कार्य करने का अवसर मिला। ढाई साल से प्रधानसेवक के रूप में आपकी सेवा करने का अवसर मिला। सैकड़ों रैलियों में संबोधन करने के लिए जाने का अवसर भी मिला। लेकिन मेरे पूरे जीवनकाल में इतनी बड़ी रैली संबोधन करने का मुझे सौभाग्य नहीं मिला।

मैं स्वयं जब लोकसभा का चुनाव लड़ रहा था, तब भी हिन्दुस्तान के किसी कोने में, ऐसा विराट दृश्य देखने का सौभाग्य मुझे नहीं मिला। आज सुबह दस बजे दिल्ली में मेरी एक मीटिंग चल रही थी। तो हमारे एक साथी ने मुझे मोबाइल फोन पर यहां लखनऊ के कुछ पत्रकारों ने जो ट्वीट किया होगा, वो ट्वीट दिखाया। उसमें सारे फोटो थे यहां की भीड़ के। मैंने ऑफिस के लोगों को बुलाया। मैंने कहा, भाई कहीं गलती तो नहीं हो रही है। दस बजे इतनी भीड़ आ गई है। हमारी तो दो मीटिंग बाकी है। निकलने का समय देर से है। जरा लखनऊ फोन करके पूछो, कहीं हम तो लेट नहीं हो रहे हैं।

 

भाइयों और बहनों।

दस बजे से इतनी बड़ी तादात में आप हमें आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका ह्रदय से अभिनंदन करता हूं, आपका आभार व्यक्त करता हूं।

ये लखनऊ की धरती अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि है। अटल जी जैसे अनेक महापुरुषों ने अपनी जवानी इस धरती पर खपाई, पसीना बहाया, रात-दिन एक-एक करके, पूरे हिन्दुस्तान में भारतीय जनता पार्टी का वट वृक्ष तैयार किया। अटल जी ने लखनऊ की भी भरपूर सेवा की। लखनऊ के प्रति उनका लगाव, लखनऊ के लिए कुछ करने का उनका अविरत प्रयास। वो आज भी महसूस होता है।

भाइयों और बहनों।

आज का ये दृश्य, जब अटलजी जी टीवी पर देखते होंगे, उनके लिए सबसे बड़ी संतोष की घटना होगी। ऐसा मैं विश्वास के साथ कहता हूं। राजस्थान में गवर्नर के रूप में सेवा कर रहे, इसी प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमान कल्याण सिंह आज जयपुर में टीवी पर नजारा देखते होंगे। तो वो हम सबको वहां से आशीर्वाद देते होंगे।

भाइयों और बहनों।

आज आपने कमाल कर दिया है। आज कमाल कर दिया है। जो पोलिटिकल पंडित हैं, चुनाव का हिसाब किताब लगाते हैं। उत्तर प्रदेश का चुनाव किस दिशा में जाएगा। उसका हिसाब किताब जो लगा रहे हैं, ये रैली देखने के बाद, अब किसी को मेहनत नहीं करनी पड़ेगी कि चुनाव में होने वाला क्या है। हवा का रूख साफ-साफ नजर आ रहा है।

भाइयों और बहनों।

उत्तर प्रदेश की सेवा करने का अवसर भारतीय जनता पार्टी को मिला था। 14 साल बीत गए बीच में। आज युग ऐसा है कि सरकार बदलने के छह महीने में पुरानी सरकार को लोग भूल जाते हैं लेकिन आज मैं बड़े गर्व के साथ कह सकता हूं। बड़े संतोष के साथ कह सकता हूं कि कल्याण जी के नेतृत्व में, रामप्रकाश जी के नेतृत्व में, राजनाथ जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की जो सरकार बनी। उत्तर प्रदेश के लोग उसे याद करते हैं और वर्तमान सरकारों के साथ उसकी तुलना करते हैं।

भाइयों और बहनों।

कुछ लोग कहते हैं, दो-तीन दिन पहले टीवी पर मेरी नजर गई, वो कह रहे थे कि बीजेपी का 14 साल का वनवास खत्म होगा।

भाइयों और बहनों।

मुद्दा बीजेपी के वनवास का नहीं है। कितने साल हम रहे, कितने साल निकल गए, भारतीय जनता पार्टी इस तराजू से कभी राजनीति को नहीं तौलती है। और इसलिए मुद्दा बीजेपी के 14 साल के वनवास का नहीं है। मुद्दा 14 साल के लिए उत्तर प्रदेश में विकास का वनवास हो गया है। विकास का वनवास हो गया है। विकास आया नहीं, भाइयों बहनों। 14 साल के बाद, फिर एक बार उत्तर प्रदेश की धरती पर, विकास का नया अवसर आने का ये नजारा मैं भी देख रहा हूं।

भाइयों बहनों।

देश के प्रधानमंत्री के रूप में, राजनीतिक दृष्टि से तो आपने मुझे एमपी बनाया। उत्तर प्रदेश से जीभर के मेरी मदद की। उसके कारण 30 साल के बाद देश को पूर्ण बहुमत की सरकार मिली। लेकिन भाइयो बहनों। इसलिए बीजेपी की सरकार हो इतना सीमित विचार मैं नहीं रखता हूं। मेरी सोच हिन्दुस्तान के संदर्भ में है। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान आगे बढ़े। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान से गरीबी मिटे। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान निरक्षरता मिटे। हम चाहते हैं हिन्दुस्तान से बीमारी मिटे।

भाइयो बहनों। ये हिन्दुस्तान का सपना तब तक पूरा नहीं होता, जब तक उत्तर प्रदेश में से ये सारी कठिनाइयां दूर न हो। और इसलिए हिन्दुस्तान का भाग्य बदलने के लिए पहली शर्त है, हमें उत्तर प्रदेश का भाग्य बदलना पड़ेगा।

और इसलिए भाइयो बहनों। भारत को अगर आगे बढ़ना है तो उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ना बहुत आवश्यक है।

भाइयो बहनों। उत्तर प्रदेश के लोग राजनीतिक दृष्टि से बहुत समझ रखने वाले लोग हैं। उनकी विवेक बुद्धि दूध का दूध और पानी का पानी भली भांति अलग करने का सामर्थ्य रखती है।

भाइयों बहनों। किसी समय जरूरी रहा होगा, जात पात का प्रभाव। किसी समय आवश्यक रहा होगा, अपने पराये का खेल। ये सब आप देख चुके हैं। उत्तर प्रदेश की जनता सबकुछ सहन कर चुकी है। एक बार मेरे उत्तर प्रदेश के भाइयों बहनों एक बार अपने पराये से ऊपर उठकर के, जात पात से ऊपर उठकर के, सिर्फ और सिर्फ उत्तर प्रदेश के विकास के लिए वोट करिए। आप देखिए, उत्तर प्रदेश बदलता है कि नहीं बदलता है।

... और इसलिए भाइयों बहनों।

मैं उत्तर प्रदेश से एमपी हूं। यहां कैसी सरकारें चलती है। मैंने अनुभव किया है। मैंने कभी सोचा नहीं था, सरकार ऐसी भी हो सकती है। बहुत पीड़ा हुई है मुझे। मेरे अपने बनारस क्षेत्र में, कोई रोड बनवाना हो, रास्ता बनवाना हो, तो तराजू से तौला जाता था, कि किस दल के व्यक्ति की तरफ से सुझाव आया है। उसके बाद तय होता था, रास्ता बने या न बने।  अरे राजनीति के आपके विरोध होंगे। राजनीति में आपकी शिकायत होगी। जब रास्ता नहीं बनता है तो उस इलाके की जनता को पीड़ा होती है। मेरे सब एमपी दिनरात शिकायत करते थे कि अगर कोई बात बताएं तो ये उत्तर प्रदेश की सरकार करती नहीं है। किसका नुकसान हुआ। क्या यही खेल खेलते रहोगे क्या।

भाइयो बहनों।

जब से दिल्ली में हमारी सरकार बनीं है। उत्तर प्रदेश सरकार को हर वर्ष फाइनेंस कमीशन के माध्यम से एक लाख करोड़ रुपए जितनी रकम खर्च करने के लिए ज्यादा मिली। एक लाख करोड़ रुपए कम नहीं होता। ढाई साल में ढाई लाख करोड़ रुपए। भाइयों बहनों। अकेले दिल्ली सरकार के पैसों का सही उपयोग किया होता तो आज उत्तर प्रदेश कहां से कहां पहुंच गया होता।

लेकिन भाइयो और बहनों। यहां पर विकास इनकी प्राथमिकता में नहीं है।

मैं मेरे किसान भाइयों से कहना चाहता हूं। कि क्या कारण है कि गन्ना किसानों के पैसे इतने सालों तक लटके रहे। हम जब आये तब 20-22 हजार करोड़ रुपए बकाया था। दिल्ली सरकार ने, हमलोगों ने बैठकर के एक योजना बनाई। परिणाम ये आया कि पुराने बकायों में, बहुत एक मात्रा में हम किसानों को पैसा चुकता कर पाए।

भाइयों और बहनों। उत्तर प्रदेश की सरकार कोई जिम्मेवारी लेने को तैयार नहीं। हाथ ऊपर कर देना और उधर जाकर के किसानों को भड़काना।

भाइयो बहनों।

दो दलों के बीच में राजनीति हम समझ सकते हैं। लेकिन राज्य की जनता के साथ राजनीति के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। देश की जनता के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। दलों की राजनीति, दलों तक सीमित होना चाहिए। लेकिन भाइयों बहनों। विकास के आड़े भी जब राजनीति आती है। अपने पराये का भाव आता है तो विकास रूक जाता है और जनता पिछड़ती चली जाती है।

... और इसलिए भाइयों बहनों।

आप मुझे बताइए। हमारा किसान इतनी मेहनत करे। धान की पैदावार करे। दिन रात लगा रहे। लेकिन जब बाजार में धान आए। दिल्ली सरकार मिनीमम सपोर्ट प्राइस तय करे। राज्य सरकार को कहे, कि आप धान की खरीदी करे, भारत सरकार अपनी जिम्मेवारी उठाएगी। आज मुझे दुख के साथ कहना है कि भारत सरकार से पूरी मदद मिलने के बावजूद भी उत्तर प्रदेश की सरकार को किसानों के धान को खरीदने की फुर्सत नहीं है।

हमने इस बार दाल में, सरकार की तरफ से बहुत मदद की ताकि हमारा किसान इतनी बड़ी मात्रा में दाल की पैदावार करे ताकि विदेशों से दाल लानी न पड़े। गरीब को दाल महंगी न पड़े। और मेरे देश के किसानों ने और फसलों को छोड़करके दिल्ली सरकार के कहने पर दाल की बुआई की। दाल की पैदावार हुई। लेकिन उत्तर प्रदेश की सरकार है, उसे भी खरीदने को तैयार नहीं है।

और भाइयों और बहनों। किसानों की ये हालत हमें मंजूर नहीं है। ये स्थिति बदलनी चाहिए। और स्थिति बदलने के लिए परिवर्तन आवश्यक है। और इसीलिए परिवर्तन यात्रा लेकर के पूरा उत्तर प्रदेश एक संकल्प के साथ निकल पड़ा है।

भाइयों बहनों। आप मुझे बताइए। इस देश से भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए कि नहीं चाहिए ... पूरी ताकत से बताइए। भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए ... भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए कि नहीं लड़नी चाहिए ... काला धन जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए... काला धन खत्म होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। ... अब देखिए देश देख रहा है। हम कहते हैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात, काले धन के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात। और आपने पिछले दिनों लगातार सुना होगा, देखा होगा। सारे इकट्ठे हो जाते हैं, एक बात पर।

आपने कभी सपा-बसपा को एक साथ देखा है। अगर सूरज निकलता है तो सपा वाला बोलेगा कि सूरज निकला है तो बसपा वाला बोलेगा कि नहीं सूरज जल रहा है। इतना दोनों के बीच में झगड़ा है कि नहीं है ... विरोध है कि नहीं है ... इतने सालों बाद एक मुद्दे पर इकट्ठे हो गए। दोनों इकट्ठे हो गए। दोनों मिलकर के कह रहे हैं मोदी को बदलो, मोदी को हटाओ। मोदी कह रहा है नोट बदलो, काला धन हटाओ। निर्णय आपको करना है। निर्णय आपको करना है भाइयों बहनों। वो कहते मोदी हटाओ, मैं कहता हूं काला धन हटाओ। वो कहते हैं मोदी हटाओ मैं कहता हूं भ्रष्टाचार हटाओ। देश की जनता को तय करना है कि हमें क्या करना है। ... और विरोध कैसी-कैसी बातों में।

भाइयों बहनों। क्या राजनीति इतनी नीचे गई है। हमें तो आज इस पार्क में आकर के भीम राव अंबेडकर को प्रणाम करना, रमाबाई को प्रणाम करना, हमें गर्व महसूस होता है।

लेकिन भाइयों बहनों।

अभी तीन दिन पहले, हमने एक आर्थिक कारोबार के लिए, टेक्नोलॉजी के द्वारा, रुपए के लेन-देन के लिए भीम नाम की एक मोबाइल ऐप लॉन्च की। भीम नाम इसलिए रखा क्योंकि हिन्दुस्तान में बाबा साहब अंबेडकर ने आर्थिक चिंतन में महारत हासिल की हुई थी। आज जो रिजर्व बैंक चल रहा है, उसके प्रणेता कभी बाबा साहब अंबेडकर रहे थे। रुपया क्या होता है उस पर आज से करीब-करीब 80 साल पहले बाबा साहब अंबेडकर ने एक विस्तृत निबंध लिखा था। इतने लंबे समय पहले जिस महापुरुष को हिन्दुस्तान के रुपए का ताकत पता था, बैंकिंग व्यवस्था का पता था। आर्थिक कारोबार का पता था। क्या हिन्दुस्तान के भविष्य का कारोबार उस भीम के नाम से चले तो किसी के पेट में चूहे क्यों दौड़ रहे हैं, मुझे समझ में नहीं आ रहा है। एक तरफ उत्तर प्रदेश की जनता परिवर्तन के लिए कृतसंकल्प है, फैसला कर चुकी है। परिवर्तन निश्चित है।

भाइयों बहनों।

कुछ दल ऐसे हैं, जिनका उत्तर प्रदेश में अता-पता ही नहीं है। एक दल ऐसा है जो अपने बेटे को पदस्थापित करने के लिए पिछले 15 साल से कोशिश कर रहा है। लेकिन अभी तक दाल गलती नजर नहीं आ रही है। दूसरा दल ऐसा है, वो इस चिंता में है कि पैसे कहां रखे। वो पैसे बचाने में लगे हुए हैं। दूर-दूर की बैंक खोज रहे हैं। जिन बैंकों में पैसे जमा करके निकल जाएं, बच जाएं। तो एक दल पूरी तरह पैसों को बचाने में लगा हुआ है। और तीसरा दल है, जो पूरी ताकत परिवार का क्या होगा, उसमें लगे हुए हैं। अब उत्तर प्रदेश की जनता को तय करना है कि पैसों के लिए, पैसों को बचाने के लिए, पूरी पार्टी जहां लगी हुई है, वो उत्तर प्रदेश को बचा पाएंगे क्या ... जो पूरी पार्टी जो परिवार के उसमें लिपट गई है, वो उत्तर प्रदेश को बचा पाएंगे क्या …

भाइयों और बहनों। आज एक तरफ पैसे बचाने वाली पार्टी। एक तरफ परिवार में उलझी हुई पार्टी। एक मात्र पार्टी भारतीय जनता पार्टी है जो उत्तर प्रदेश को बचाने के लिए आई है। किसी को पैसे बचाने हैं, किसी को परिवार कब्जे करना है। हमीं हैं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ उत्तर प्रदेश बचाना है।

और इसलिए उत्तर प्रदेश वासियों से कहने आया हूं। और इसलिए प्रदेशवासियों से कहने आया हूं। परिवर्तन आधा अधूरा मत करना। भारी बहुमत से आप भारतीय जनता पार्टी को विजय बनाइए। आप मुझे बताइए भाइयों। आज देश में सरकार खुद निर्णय कर पाती है कि नहीं ...। आज इस देश का ऐसा प्रधानमंत्री है ... 30 साल के बाद ऐसी सरकार मिली है, जिसका हाईकमान सिर्फ और सिर्फ हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ नागरिक है। दूसरा उसका कोई हाईकमान नहीं है। किसी के घर जाकर के उसको सर झुकाना नहीं पड़ रहा है। सवा सौ करोड़ देशवासी यही उसके मालिक है। वही उससे जवाब मांग सकते हैं। और उसका कारण आपने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। उत्तर प्रदेश में भी, आधा अधूरा कुछ मत करना। भारी बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना ताकि उत्तर प्रदेश के भाग्य को बदलने के लिए कोई रूकावट न आए। दिल्ली की ताकत पूरी तरह आपके साथ आए। उत्तर प्रदेश की ताकत जुड़ जाए। देखते ही देखते उत्तर प्रदेश बदल जाए।

और इसलिए भाइयों और बहनों। मैं आपसे आग्रह करने आया। आप मुझे बताइए। उत्तर प्रदेश में सज्जन नागरिक, ईमानदार नागरिक, सिर्फ अपनी छोटे से परिवार को अच्छे ढंग से गुजारा करने वाला नागरिक, अगर दिनरात उसे गुंडागर्दी का सामना करना पड़े, अपनी जमीन हड़प करने वालों का सामना करना पड़े, अपनी मोटरसाइकिल कोई उठा ले बोल ना पाए, अपनी बेटियों को शाम के समय घर लौट आने के लिए मां-बाप को चिंता करनी पड़े ...। क्या ये उत्तर प्रदेश हमें मंजूर है क्या ...। ये गुंडागर्दी खत्म होनी चाहिए कि नहीं ...। ये जमीनों को लूटने वाले जाने चाहिए कि नहीं जाने चाहिए ...। सामान्य मानवी को उसको सुख-चैन से जीने का हक मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए ...। कानून व्यवस्था बनी रहनी चाहिए कि नहीं रहनी चाहिए ...।

भाइयों और बहनों।

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की धरती पर जब सरकार थी, ये करके दिखाया है। मैं आपको भरोसा देता हूं, हमें अवसर दीजिए। आपको सुख-चैन की जिंदगी देने का हम वादा करते हैं ... भाइयों बहनों।

अभी दो दिन पहले, नववर्ष प्रारंभ होने से पहले, मैंने दूरदर्शन के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। जो भी धन जमा हुआ है, मैंने पहले ही कहा था, ये सरकार गरीबों को समर्पित है। और जब मैंने 50 दिन के बाद, गरीबों के लाभ के लिए योजनाएं बनाई, गरीबों के घर के लिए योजना बनाई, प्रसूता माताओं के लिए योजना बनाई, गांव के विकास के लिए योजना बनाई। छोटे-छोटे कारोबारियों का कारोबार अच्छा चले, उसके लिए मदद के लिए योजना बनाई। कुछ लोगों को इससे भी तकलीफ हुई। मोदी पैसा ले ले तो भी वो परेशान, मोदी गरीबों को पैसे दे दे, तो भी वो परेशान। इनकी परेशानी... भाइयों बहनों। इस बात की है कि इनकी परेशानी कुर्सियां हिल रही है। कुर्सियां हिल रही है। इसलिए ये परेशान है। ये इररिलिवेंट हो गए। हिन्दुस्तान की राजनीति में विरोध करते-करते इररिलिवेंट हो गए हैं। और इसलिए वो अपनी जमीन खोज रहे हैं। और इसलिए विरोध का रास्ता अपनाने जा रहे हैं।

भाइयों और बहनों।

देश भली भांति इनको पहचान गया है। देश कभी भी ऐसे लोगों को माफ करने वाला नहीं है। और मैं देशवासियों को कहना चाहता हूं। भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ ये लड़ाई कभी रूकने वाली नहीं है। हम जड़ से उसको उखाड़ करके रहने वाले हैं। ये गरीबों को लूटा गया है, ये गरीबों को लौटाने के लिए हमने ये बीड़ा उठाया है। ये मध्यम वर्ग के लोगों को शोषण किया है। उस शोषण को रोकने के लिए हमने इतनी बड़ी लड़ाई को छेड़ा है। और इसलिए भाइयों और बहनों। हमें उत्तर प्रदेश में भी आशीर्वाद चाहिए। आपके आशीर्वाद चाहिए। और आपके आशीर्वाद, 2017 का ये नया वर्ष। और 2017 का मेरा ये पहला कार्यक्रम मुझे सार्वजनिक रूप से मेरे उत्तर प्रदेश में आकर के उत्तर प्रदेश के आशीर्वाद के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रहा है। इससे बड़ा मेरा सौभाग्य क्या हो सकता है।

... और इसलिए भाइयों बहनों।

विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा। और दलों के लिए ये चुनाव होगा, और दलों के लिए सत्ता हथियाने का प्रयास होगा। और दलों के लिए कौन एमएलए बने, मंत्री बने, कौन मुख्यमंत्री बने, इसका खेल होगा। भारतीय जनता पार्टी के लिए ये चुनाव सिर्फ हार-जीत का मसला नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के लिए 2017 का उत्तर प्रदेश का चुनाव एक जिम्मेवारी का काम है, जिम्मेवारी का काम।

हमारे ऊपर जिम्मेवारी आने वाली है। हमें अपने आपको जिम्मेवारी निभाने के लिए योग्य बनाकर के आगे बढ़ना है। और इसलिए बहुत बड़ी जिम्मेवारी और उत्तर प्रदेश की जिम्मेवारी सिर्फ उत्तर प्रदेश से नहीं है। उत्तर प्रदेश का प्रभाव पूरे हिन्दुस्तान पर होता है। एक प्रकार से हिन्दुस्तान को बदलने की नींव उत्तर प्रदेश में पड़ी हुई है। ये जिम्मेवारी का चुनाव है। और इसलिए उसे हार जीत का चुनाव मत बनने देना। उसे जिम्मेवारी चुनाव बनाना। और जिम्मेवारी का मतलब है सामान्य मानवी को तकलीफों से मुक्त करने की जिम्मेवारी। जिम्मेवारी का मतलब है सामान्य मानवी के सपनों को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत करने की जिम्मेवारी। जिम्मेवारी का मतलब है भ्रष्टाचार काले धन से मुक्त उत्तर प्रदेश को सरकार देना। जिम्मेवारी का मतलब है सबके साथ, समान व्यवहार। सबका साथ सबका विकास। इस मंत्र को कभी छोड़ना नहीं।  हर किसी का भला हो। जो हमारे साथ होंगे उनका भी भला हो, जो हमारे साथ नहीं होंगे, उनका भी भला हो, जो हमारे सामने होंगे, उनका भी भला हो। सबका साथ, सबका विकास। इसी मंत्र को हमें जिम्मेवारी के साथ निभाना है। और इसलिए भारतीय जनता पार्टी के लिए जिम्मेवारी का चुनाव है। भारतीय जनता पार्टी के लिए दायित्व का चुनाव है। भारतीय जनता पार्टी के लिए कुछ कर दिखाने का चुनाव है। भारतीय जनता पार्टी के लिए परिवर्तन सच्चे अर्थ में लाने का चुनाव है। आप उसे पूरी पूर्ण करोगे इसी विश्वास के साथ, दोनों मुट्ठी बंद करके पूरी ताकत के साथ मेरे साथ बोलिए। भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।

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If Bihar becomes Viksit, India will also become Viksit: PM Modi
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“If Bihar becomes Viksit, India will also become Viksit”
“History is proof that India has remained empowered when Bihar and Eastern India have been prosperous”
“True social justice is achieved by ‘santushtikaran’, not ‘tushtikaran’. True social justice is achieved by saturation”
“Bihar is bound to be Viksit with the double efforts of the double-engine government”

बिहार के राज्यपाल श्रीमान राजेंद्र अर्लेकर जी, मुख्यमंत्री श्रीमान नीतीश कुमार जी, मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी गिरिराज सिंह जी, हरदीप सिंह पुरी जी, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जी, सम्राट चौधरी जी, मंच पर विराजमान अन्य सभी महानुभाव और बेगुसराय से पधारे हुए उत्साही मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

जयमंगला गढ़ मंदिर और नौलखा मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं को मैं प्रणाम करता हूं। मैं आज विकसित भारत के लिए विकसित बिहार के निर्माण के संकल्प के साथ बेगुसराय आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है कि इतनी विशाल संख्या में आप जनता-जनार्दन, आपके दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला है।

साथियों,

बेगूसराय की ये धरती प्रतिभावान युवाओं की धरती है। इस धरती ने हमेशा देश के किसान और देश के मज़दूर, दोनों को मजबूत किया है। आज इस धरती का पुराना गौरव फिर लौट रहा है। आज यहां से बिहार सहित, पूरे देश के लिए 1 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपए उससे भी अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, डेढ़ लाख करोड़ से भी ज्यादा। पहले ऐसे कार्यक्रम दिल्ली के विज्ञान भवन में होते थे, लेकिन आज मोदी दिल्ली को बेगुसराय ले आया है। और इन योजनाओं में करीब-करीब 30 हज़ार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स सिर्फ और सिर्फ ये मेरे बिहार के हैं। एक ही कार्यक्रम में सरकार का इतना बड़ा निवेश ये दिखाता है कि भारत का सामर्थ्य कितना बढ़ रहा है। इससे बिहार के नौजवानों को यहीं पर नौकरी के, रोजगार के अनेकों नए अवसर बनेंगे। आज के ये प्रोजेक्ट, भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाने का माध्यम बनेंगे। आप रूकिए भैया बहुत हो गया आपका प्यार मुझे मंजूर है, आप रूकिए, आप बैठिए, आप चेयर पर से नीचे आ जाइए, प्लीज, मेरी आपसे प्रार्थना है, आप बैठिए...हां। आप बैठ जाइए, वो कुर्सी पर बैठ जाइए आराम से, थक जाएंगे। आज की ये परियोजनाएं, बिहार में सुविधा और समृद्धि का रास्ता बनाएंगी। आज बिहार को नई ट्रेन सेवाएं मिली हैं। ऐसे ही काम है, जिसके कारण आज देश पूरे विश्वास से कह रहा है, बच्चा-बच्चा कह रहा है, गांव भी कह रहा है, शहर भी कह रहा है- अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार!, अबकी बार...400 पार! NDA सरकार...400 पार!

साथियों,

2014 में जब आपने NDA को सेवा का अवसर दिया, तब मैं कहता था कि पूर्वी भारत का तेज़ विकास ये हमारी प्राथमिकता है। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब बिहार और ये पूर्वी भारत, समृद्ध रहा है, तब-तब भारत भी सशक्त रहा है। जब बिहार में स्थितियां खराब हुईं, तो देश पर भी इसका बहुत बुरा असर बड़ा। इसलिए मैं बेगुसराय से पूरे बिहार की जनता को कहता हूं- बिहार विकसित होगा, तो देश भी विकसित होगा। बिहार के मेरे भाई-बहन, आप मुझे बहुत अच्छी तरह जानते हैं, और जब आपके बीच आया हूं तो मैं दोहराना चाहता हूं- ये वादा नहीं है- ये संकल्प है, ये मिशन है। आज जो ये प्रोजेक्ट बिहार को मिले हैं, देश को मिले हैं, वो इसी दिशा में बहुत बड़ा कदम हैं। इनमें से अधिकतर पेट्रोलियम से जुड़े हैं, फर्टिलाइज़र से जुड़े हैं, रेलवे से जुड़े हैं। ऊर्जा, उर्वरक और कनेक्टिविटी, यही तो विकास का आधार हैं। खेती हो या फिर उद्योग, सब कुछ इन्हीं पर निर्भर करता है। और जब इन पर तेजी से काम चलता है, तब स्वाभाविक है रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं, रोजगार भी मिलता है। आप याद कीजिए, बरौनी का जो खाद कारखाना बंद पड़ चुका था, मैंने उसे फिर से चालू करने की गारंटी दी थी। आपके आशीर्वाद से मोदी ने वो गारंटी पूरी कर दी। ये बिहार सहित पूरे देश के किसानों के लिए बहुत बड़ा काम हुआ है। पुरानी सरकारों की बेरुखी के कारण, बरौनी, सिंदरी, गोरखपुर, रामागुंडम, वहां जो कारखाने थे, वो बंद पड़े थे, मशीन सड़ रहे थे। आज ये सारे कारखाने, यूरिया में भारत की आत्मनिर्भरता की शान बन रहे हैं। इसलिए तो देश कहता है- मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। मोदी की गारंटी यानि गारंटी जे पूरा होय छय !

साथियों,

आज बरौनी रिफाइनरी की क्षमता के विस्तार का काम शुरु हो रहा है। इसके निर्माण के दौरान ही, हजारों श्रमिकों को महीनों तक लगातार रोजगार मिला। ये रिफाइनरी, बिहार में औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देगी और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। मुझे आपको ये बताते हुए खुशी है कि बीते 10 साल में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से जुड़े 65 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स बिहार को मिले हैं, जिनमें से अनेक पूरे भी हो चुके हैं। बिहार के कोने-कोने में जो गैस पाइपलाइन का नेटवर्क पहुंच रहा है, इससे बहनों को सस्ती गैस देने में मदद मिल रही है। इससे यहां उद्योग लगाना आसान हो रहा है।

साथियों,

आज हम यहां आत्मनिर्भर भारत से जुड़े एक और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हैं। कर्नाटक में केजी बेसिन के तेल कुओं से तेल का उत्पादन शुरु हो चुका है। इससे विदेशों से कच्चे तेल के आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी।

साथियों,

राष्ट्रहित और जनहित के लिए समर्पित मजबूत सरकार ऐसे ही फैसले लेती है। जब परिवारहित और वोटबैंक से बंधी सरकारें होती हैं, तो वो क्या करती हैं, ये बिहार ने बहुत भुगता है। अगर 2005 से पहले के हालात होते तो बिहार में हज़ारों करोड़ की ऐसी परियोजनाओं के बारे में घोषणा करने से पहले सौ बार सोचना पड़ता। सड़क, बिजली, पानी, रेलवे की क्या स्थिति थी, ये मुझसे ज्यादा आप जानते हैं। 2014 से पहले के 10 वर्षों में रेलवे के नाम पर, रेल के संसाधनों को कैसे लूटा गया, ये पूरा बिहार जानता है। लेकिन आज देखिए, पूरी दुनिया में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की चर्चा हो रही है। भारतीय रेल का तेज़ी से बिजलीकरण हो रहा है। हमारे रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट की तरह सुविधाओँ वाले बन रहे हैं।

साथियों,

बिहार ने दशकों तक परिवारवाद का नुकसान देखा है, परिवारवाद का दंश सहा है। परिवारवाद और सामाजिक न्याय, ये एक दूसरे के घोर विरोधी हैं। परिवारवाद, विशेष रूप से नौजवानों का, प्रतिभा का, सबसे बड़ा दुश्मन है। यही बिहार है, जिसके पास भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की एक समृद्ध विरासत है। नीतीश जी के नेतृत्व में NDA सरकार, यहां इसी विरासत को आगे बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ RJD-कांग्रेस की घोर परिवारवादी कुरीति है। RJD-कांग्रेस के लोग, अपने परिवारवाद और भ्रष्टाचार को उचित ठहराने के लिए, दलित, वंचित, पिछड़ों को ढाल बनाते हैं। ये सामाजिक न्याय नहीं, बल्कि समाज के साथ विश्वासघात है। ये सामाजिक न्याय नय, समाज क साथ विश्वासघात छय। वरना क्या कारण है कि सिर्फ एक ही परिवार का सशक्तिकरण हुआ। और समाज के बाकी परिवार पीछे रह गए? किस तरह यहां एक परिवार के लिए, युवाओं को नौकरी के नाम पर उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया, ये भी देश ने देखा है।

साथियों,

सच्चा सामाजिक न्याय सैचुरेशन से आता है। सच्चा सामाजिक न्याय, तुष्टिकरण से नहीं संतुष्टिकरण से आता है। मोदी ऐसे ही सामाजिक न्याय, ऐसे ही सेकुलरिज्म को मानता है। जब मुफ्त राशन हर लाभार्थी तक पहुंचता है, जब हर गरीब लाभार्थी को पक्का घर मिलता है, जब हर बहन को गैस, पानी का नल, घर में टॉयलेट मिलता है, जब गरीब से गरीब को भी अच्छा और मुफ्त इलाज मिलता है, जब हर किसान लाभार्थी के बैंक खाते में सम्मान निधि आती है, तब सैचुरेशन होता है। और यही सच्चा, सामाजिक न्याय है। बीते 10 वर्षों में मोदी की ये गारंटी, जिन-जिन परिवारों तक पहुंची हैं, उनमें से सबसे अधिक दलित, पिछड़े, अतिपिछड़े वही मेरे परिवार ही हैं।

साथियों,

हमारे लिए सामाजिक न्याय, नारीशक्ति को ताकत देने का है। बीते 10 सालों में 1 करोड़ बहनों को, मेरी माताएं-बहनें इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आई हैं, उसका कारण है। 1 करोड़ बहनों को हम लखपति दीदी बना चुके हैं। मुझे खुशी है इसमें बिहार की भी लाखों बहनें हैं, जो अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। और अब मोदी ने 3 करोड़ बहनों को, आंकड़ा सुनिए जरा याद रखना 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। हाल में हमने बिजली का बिल जीरो करने और बिजली से कमाई करने की भी योजना शुरु की है। पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना। इससे बिहार के भी अनेक परिवारों को फायदा होने वाला है। बिहार की NDA सरकार भी बिहार के युवा, किसान, कामगार, महिला, सबके लिए निरंतर काम कर रही है। डबल इंजन के डबल प्रयासों से बिहार, विकसित होकर रहेगा। आज इतना बड़ा विकास का उत्सव हम मना रहे हैं, और आप इतनी बड़ी तादाद में विकास के रास्ते को मजबूत कर रहे हैं, मैं आपका आभारी हूं। एक बार फिर आप सभी को विकास की, हजारों करोड़ की इन परियोजनाओं के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इतनी बड़ी तादाद में माताएं-बहनें आई हैं, उनको विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय !

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

भारत माता की जय !

बहुत-बहुत धन्यवाद।