ਮਿਸ਼ਨ ਨਾਲ ਮੌਸਮ ਦੀਆਂ ਅਤਿ ਦੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ (extreme weather events) ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਪਰਿਵਰਤਨ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵਾਂ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਵਿੱਚ ਅਤਿਰਿਕਤ ਮਦਦ ਮਿਲੇਗੀ
ਅਡਵਾਂਸਡ ਸੈਂਸਰਾਂ ਅਤੇ ਹਾਈ ਪਰਫਾਰਮੈਂਸ ਵਾਲੇ ਸੁਪਰ ਕੰਪਿਊਟਰਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਅਗਲੀ ਪੀੜ੍ਹੀ ਦੇ ਰਡਾਰ ਅਤੇ ਸੈਟੇਲਾਇਟ ਸਿਸਟਮਸ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ

ਕੇਂਦਰੀ ਕੈਬਨਿਟ ਨੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਸ਼੍ਰੀ ਨਰੇਂਦਰ ਮੋਦੀ ਦੀ ਪ੍ਰਧਾਨਗੀ ਵਿੱਚ ਅਗਲੇ ਦੋ ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਦੇ ਲਈ 2000 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੇ ਖਰਚ (outlay) ਨਾਲ ‘ਮਿਸ਼ਨ ਮੌਸਮ’ (‘Mission Mausam') ਨੂੰ ਅੱਜ ਸਵੀਕ੍ਰਿਤੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕੀਤੀ ਹੈ।

 ਮਿਸ਼ਨ ਮੌਸਮ (Mission Mausam) ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਵਿਗਿਆਨ ਮੰਤਰਾਲੇ ਦੁਆਰਾ ਲਾਗੂ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਮਿਸ਼ਨ ਦੇ ਤਹਿਤ ਭਾਰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ-ਸਬੰਧੀ ਵਿਗਿਆਨ, ਖੋਜ ਅਤੇ ਸੇਵਾਵਾਂ ਨੂੰ ਜ਼ਬਰਦਸਤ ਪ੍ਰੋਤਸਾਹਨ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਬਹੁਆਯਾਮੀ ਅਤੇ ਪਰਿਵਰਤਨਕਾਰੀ ਪਹਿਲ ਹੋਣ ਦੀ ਪਰਿਕਲਪਨਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਇਹ ਮੌਸਮ ਦੀਆਂ ਅਤਿ ਦੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਪਰਿਵਰਤਨ ਦੇ ਪ੍ਰਭਾਵਾਂ ਨਾਲ ਨਜਿੱਠਣ ਵਿੱਚ ਨਾਗਰਿਕਾਂ ਅਤੇ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਹਰੇਕ ਉਪਯੋਗਕਰਤਾਵਾਂ ਸਹਿਤ ਹਿਤਧਾਰਕਾਂ ਨੂੰ ਬਿਹਤਰ ਢੰਗ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰੇਗਾ। ਇਹ ਖ਼ਾਹਿਸ਼ੀ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਭਾਈਚਾਰਿਆਂ , ਸੈਕਟਰਾਂ ਅਤੇ ਈਕੋਸਿਸਟਮਸ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਅਤੇ ਅਨੁਕੂਲਨ ਨੂੰ ਵਿਆਪਕ ਬਣਾਉਣ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰੇਗਾ।

 

 

ਮਿਸ਼ਨ ਮੌਸਮ (Mission Mausam) ਦੇ ਹਿੱਸੇ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ, ਭਾਰਤ ਵਾਯੂਮੰਡਲੀ ਵਿਗਿਆਨ (atmospheric sciences), ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਮੌਸਮ ਨਿਗਰਾਨੀ, ਮਾਡਲਿੰਗ, ਪੂਰਵ-ਅਨੁਮਾਨ ਅਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਵਿੱਚ ਖੋਜ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸਮਰੱਥਾ ਦਾ ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਕਰੇਗਾ। ਉੱਨਤ ਅਵਲੋਕਨ ਪ੍ਰਣਾਲੀਆਂ (advanced observation systems), ਉੱਚ-ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੰਪਿਊਟਿੰਗ (high-performance computing), ਅਤੇ ਆਰਟੀਫਿਸ਼ਲ ਇੰਟੈਲੀਜੈਂਸ ਅਤੇ ਮਸ਼ੀਨ ਲਰਨਿੰਗ (artificial intelligence and machine learning) ਜਿਹੀਆਂ ਅਤਿਆਧੁਨਿਕ ਟੈਕਨੋਲੋਜੀਆਂ ਨੂੰ ਏਕੀਕ੍ਰਿਤ ਕਰਕੇ, ਮਿਸ਼ਨ ਮੌਸਮ (Mission Mausam) ਅਧਿਕ ਸਪਸ਼ਟਤਾ ਦੇ ਨਾਲ ਮੌਸਮ ਦੀ ਭਵਿੱਖਵਾਣੀ ਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਨਵਾਂ ਬੈਂਚਮਾਰਕ ਸਥਾਪਿਤ ਕਰੇਗਾ।

 

ਮਿਸ਼ਨ ਦੇ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਅਸਥਾਈ ਅਤੇ ਸਥਾਨਕ ਪੈਮਾਨੇ ‘ਤੇ ਅਤਿਅਧਿਕ ਸਟੀਕ ਅਤੇ ਸਮੇਂ ‘ਤੇ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਅਵਲੋਕਨ ਅਤੇ ਸਮਝ ਵਿੱਚ ਸੁਧਾਰ ਕਰਨਾ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਮੌਨਸੂਨ ਦੇ ਪੂਰਵ-ਅਨੁਮਾਨ, ਵਾਯੂ ਗੁਣਵੱਤਾ ਦੇ ਲਈ ਚੇਤਾਵਨੀ, ਮੌਸਮ ਦੀਆਂ ਅਤਿ ਦੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ ਅਤੇ ਚੱਕਰਵਾਤ, ਕੋਹਰੇ, ਗੜ੍ਹੇ ਅਤੇ ਵਰਖਾ ਆਦਿ ਦੇ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਲਈ ਮੌਸਮ ਸਬੰਧੀ ਉਪਾਅ, ਸਮਰੱਥਾ ਨਿਰਮਾਣ ਅਤੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਪੈਦਾ ਕਰਨਾ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਮਿਸ਼ਨ ਮੌਸਮ (Mission Mausam) ਦੇ ਮਹੱਤਵਪਰਨ ਤੱਤਾਂ ਵਿੱਚ ਅਡਵਾਂਸ ਸੈਂਸਰ ਅਤੇ ਹਾਈ-ਪਰਫਾਰਮੈਂਸ ਸੁਪਰ ਕੰਪਿਊਟਰ ਦੇ ਨਾਲ ਅਗਲੀ ਪੀੜ੍ਹੀ ਦੇ ਰਡਾਰਸ ਅਤੇ ਸੈਟੇਲਾਇਟ ਸਿਸਟਮਸ ਦੀ ਤੈਨਾਤੀ, ਬਿਹਤਰ ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਮਾਡਲਾਂ (Earth system models) ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਵਾਸਤਵਿਕ-ਸਮਾਂ ਡੇਟਾ ਪ੍ਰਸਾਰ (real-time data dissemination) ਦੇ ਲਈ ਭੂਗੋਲਿਕ ਸੂਚਨਾ ਪ੍ਰਣਾਲੀ ਅਧਾਰਿਤ ਸਵੈਚਾਲਿਤ ਨਿਰਣਾ ਸਮਰਥਨ ਪ੍ਰਣਾਲੀ (GIS-based automated Decision Support System) ਸ਼ਾਮਲ ਹੋਵੇਗੀ ।

 

ਮਿਸ਼ਨ ਮੌਸਮ (Mission Mausam) ਨਾਲ ਖੇਤੀਬਾੜੀ, ਆਪਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧਨ, ਰੱਖਿਆ, ਵਾਤਾਵਰਣ, ਏਵੀਏਸ਼ਨ, ਜਲ ਸੰਸਾਧਨ, ਪਾਵਰ, ਟੂਰਿਜ਼ਮ, ਸ਼ਿਪਿੰਗ, ਟ੍ਰਾਂਸਪੋਰਟ, ਐਨਰਜੀ ਅਤੇ ਹੈਲਥ (agriculture, disaster management, defence, environment, aviation, water resources, power, tourism, shipping, transport, energy, and health) ਜਿਹੇ ਕਈ ਖੇਤਰਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਧਾ ਲਾਭ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਵੇਗਾ। ਇਹ ਸ਼ਹਿਰੀ ਨਿਯੋਜਨ, ਰੋਡ ਅਤੇ ਰੇਲ ਟ੍ਰਾਂਸਪੋਰਟ, ਔਫਸ਼ੋਰ ਅਪ੍ਰੇਸ਼ਨਸ ਅਤੇ ਵਾਤਾਵਰਣ ਨਿਗਰਾਨੀ (urban planning, road and rail transport, offshore operations, and environmental monitoring) ਜਿਹੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਡੇਟਾ-ਸੰਚਾਲਿਤ ਨਿਰਣੇ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਭੀ ਵਾਧਾ ਕਰੇਗਾ।

 

 

ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਵਿਗਿਆਨ ਮੰਤਰਾਲੇ ਦੇ ਤਿੰਨ ਸੰਸਥਾਨ: ਭਾਰਤ ਮੌਸਮ ਵਿਗਿਆਨ ਵਿਭਾਗ, ਇੰਡੀਅਨ ਇੰਸਟੀਟਿਊਟ ਆਵ੍ ਟ੍ਰੌਪਿਕਲ ਮੀਟਿਔਰੌਲੋਜੀ (Indian Institute of Tropical Meteorology) ਅਤੇ  ਨੈਸ਼ਨਲ ਸੈਂਟਰ ਫੌਰ ਮੀਡੀਅਮ-ਰੇਂਜ ਵੈਦਰ ਫੋਰਕਾਸਟਿੰਗ (National Centre for Medium-Range Weather Forecasting) ਮੁੱਖ ਤੌਰ ‘ਤੇ ਮਿਸ਼ਨ ਮੌਸਮ (Mission Mausam) ਨੂੰ ਲਾਗੂ ਕਰਨਗੇ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਅਤੇ ਅੰਤਰਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸੰਸਥਾਨਾਂ, ਅਕੈਡਮੀਆ ਅਤੇ ਉਦਯੋਗਾਂ (Academia and Industries) ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਵਿਗਿਆਨ ਮੰਤਰਾਲੇ ਦੀਆਂ ਹੋਰ ਸੰਸਥਾਵਾਂ   ਭਾਰਤੀ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਹਾਸਾਗਰ ਸੂਚਨਾ ਸੇਵਾ ਕੇਂਦਰ, ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਧਰੁਵੀ ਅਤੇ ਮਹਾਸਾਗਰ ਖੋਜ ਕੇਂਦਰ ਅਤੇ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਮਹਾਸਾਗਰ ਟੈਕਨੋਲੋਜੀ ਸੰਸਥਾਨ (Indian National Centre for Ocean Information Services, National Centre for Polar and Ocean Research, and National Institute of Ocean Technology), ਦੁਆਰਾ ਸਹਿਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਮੌਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਵਿਗਿਆਨ ਅਤੇ ਸੇਵਾਵਾਂ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤ ਦੀ ਲੀਡਰਸ਼ਿਪ (India's leadership) ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇਗਾ।

 

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।