ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଶ୍ରୀ ନରେନ୍ଦ୍ର ମୋଦୀ ଫେବୃଆରୀ 7, 2021ରେ ଆସାମ ଏବଂ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ରାଜ୍ୟ ଗସ୍ତ କରିବେ। ପୂର୍ବାହ୍ନ ପ୍ରାୟ 11ଟା 45 ମିନିଟ୍ ସମୟରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଆସାମର ସୋନିତପୁର ଜିଲ୍ଲାର ଢ଼େକିଆଜୁଲି ଠାରେ ଦୁଇଟି ଡାକ୍ତରଖାନା ପାଇଁ ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନ କରିବା ସହିତ ରାଜ୍ୟ ରାଜପଥ ଏବଂ ବୃହତ ଜିଲ୍ଲା ସଡ଼କ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ପାଇଁ ‘ଆସୋମ ମାଲା’ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଆରମ୍ଭ କରିବେ। ଏହାପରେ, ଅପରାହ୍ଣ ପାଖାପାଖି 4.50 ମିନିଟ୍ ସମୟରେ ସେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ହଳଦିଆ ଠାରେ ବିଭିନ୍ନ ଗୁରୁତ୍ବପୂର୍ଣ୍ଣ ଭିତ୍ତିଭୂମି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ରାଷ୍ଟ୍ର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ଉତ୍ସର୍ଗ କରିବା ସହିତ କେତେକ ପ୍ରକଳ୍ପ ପାଇଁ ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନ କରିବେ।

 

ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଭାରତ ପେଟ୍ରୋଲିୟମ କର୍ପୋରେସନ ଲିମିଟେଡ ଦ୍ବାରା ନିର୍ମାଣ କରାଯାଇଥିବା ଏଲପିଜି ରପ୍ତାନି ଟର୍ମିନାଲକୁ ରାଷ୍ଟ୍ର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ଉତ୍ସର୍ଗ କରିବେ। ଏହା 1100 କୋଟି ଟଙ୍କାର ନିବେଶ ସହିତ ନିର୍ମାଣ କରାଯାଇଛି ଏବଂ ଏହାର ବାର୍ଷିକ କ୍ଷମତା ହେଉଛି ଏକ ମିଲିୟନ ମେଟ୍ରିକ୍ ଟନ୍। ଏହା ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ ତଥା ପୂର୍ବ ଓ ଉତ୍ତର–ପୂର୍ବ ଭାରତରେ ଥିବା ଅନ୍ୟ ରାଜ୍ୟରେ ବୃଦ୍ଧି ପାଉଥିବା ଏଲପିଜି ଚାହିଦା ମେଣ୍ଟାଇବାରେ ସହାୟକ ହୋଇପାରିବ। ଏହା ମଧ୍ୟ ପ୍ରତ୍ୟେକ ପରିବାରକୁ ସ୍ବଚ୍ଛ ରନ୍ଧନ ଗ୍ୟାସ ଯୋଗାଇ ଦେବା ଲାଗି ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ସଂକଳ୍ପକୁ ବାସ୍ତବ ରୂପ ଦେବା କ୍ଷେତ୍ରରେ ଗୁରୁତ୍ବପୂର୍ଣ୍ଣ ପଦକ୍ଷେପ । ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଊର୍ଜା ଗଙ୍ଗା ପ୍ରକଳ୍ପର ଏକ ଅଂଶବିଶେଷ ଭାବେ, 348 କିମି ଲମ୍ବ ଧୋଭି–ଦୁର୍ଗାପୁର ପ୍ରାକୃତିକ ଗ୍ୟାସ ପାଇପଲାଇନ ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ମଧ୍ୟ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ରାଷ୍ଟ୍ର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ଉତ୍ସର୍ଗ କରିବେ। ‘ଏକ ରାଷ୍ଟ୍ର, ଏକ ଗ୍ୟାସ ଗ୍ରୀଡ ଲକ୍ଷ୍ୟ ହାସଲ ଦିଗରେ ଏହା ମଧ୍ୟ ଏକ ଗୁରୁତ୍ବପୂର୍ଣ୍ଣ ମାଇଲଖୁଣ୍ଟ। ମୋଟ 2400 କୋଟି ଟଙ୍କାର ନିବେଶ ସହିତ ନିର୍ମାଣ ହୋଇଥିବା ଏହି ପାଇପଲାଇନ ଫଳରେ ଏଚୟୁଆରଏଲ ସିନ୍ଦ୍ରି (ଝାଡ଼ଖଣ୍ଡ) ସାର କାରଖାନାର ପୁନରୁଦ୍ଧାର ସମେତ ଦୁର୍ଗାପୁର (ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗ) ସ୍ଥିତ ମାଟ୍ରିକ୍ସ ସାର କାରଖାନାକୁ ଗ୍ୟାସ ଯୋଗାଇ ଦିଆଯାଇପାରିବ। ଏହାବ୍ୟତୀତ ରାଜ୍ୟର ସମସ୍ତ ଶିଳ୍ପ, ବାଣିଜ୍ୟ, ଅଟୋମେବାଇଲ କ୍ଷେତ୍ର ଏବଂ ବଡ଼ ସହରଗୁଡ଼ିକୁ ସହରାଞ୍ଚଳ ଗ୍ୟାସ ବିତରଣ ପାଇଁ ଆବଶ୍ୟକ ଗ୍ୟାସ ଚାହିଦାକୁ ପୂରଣ କରାଯାଇପାରିବ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମଧ୍ୟ ଇଣ୍ଡିଆନ ଅଏଲ କର୍ପୋରେସନର ହଳଦିଆ ତୈଳ ବିଶୋଧନାଗାରର ଦ୍ବିତୀୟ କାଟାଲିଟିକ–ଆଇସୋଡଓ୍ବାକ୍ସିଂ ୟୁନିଟ ପାଇଁ ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନ କରିବେ। ବାର୍ଷିକ 270 ହଜାର ମେଟ୍ରିକ ଟନ୍ କ୍ଷମତାବିଶିଷ୍ଟ ଏହି ୟୁନିଟ୍ କାର୍ଯ୍ୟକ୍ଷମ ହୋଇପାରିଲେ ଏହା ପାଖାପାଖି 185 ନିୟୁତ ଆମେରିକୀୟ ଡଲାର ବୈଦେଶିକ ମୁଦ୍ରା ସଞ୍ଚୟ କରିବାରେ ସହାୟକ ହୋଇପାରିବ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମଧ୍ୟ ହଳଦିଆର ରାଣୀଛକ ଠାରେ 41 ନମ୍ବର ଜାତୀୟ ରାଜପଥର 4 ଲେନ୍ ବିଶିଷ୍ଟ ଆରଓବି ତଥା ଫ୍ଲାଏଓଭରକୁ ରାଷ୍ଟ୍ର ଉଦ୍ଦେଶ୍ୟରେ ଉତ୍ସର୍ଗ କରିବେ। ଏହାକୁ 190 କୋଟି ଟଙ୍କା ଖର୍ଚ୍ଚ କରି ନିର୍ମାଣ କରାଯାଇଛି। ଏହି ଫ୍ଲାଏଓଭର କାର୍ଯ୍ୟକ୍ଷମ ହେବା ଫଳରେ କୋଲାଘାଟରୁ ହଳଦିଆ ଡକ୍ କମ୍ପ୍ଲେକ୍ସ ଏବଂ ଆଖାପାଖ ଅଞ୍ଚଳରେ ବାଧାମୁକ୍ତ ଯାନବାହାନ ଗମନାଗମନ ସୁଗମ ହୋଇପାରିବ। ଏହାମଧ୍ୟ ଯାତ୍ରା ସମୟ ଏବଂ ବନ୍ଦର ବାହାରେ ଓ ଭିତରେ ଚଳାଚଳ କରୁଥିବା ଗାଡ଼ି ଗୁଡ଼ିକର ପରିଚାଳନା ଖର୍ଚ୍ଚ ହ୍ରାସ କରିବ।

ଏହିସବୁ ପ୍ରକଳ୍ପ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ପୂର୍ବୋଦୟ ସଂକଳ୍ପକୁ ସାକାର କରିବା ସହିତ ପୂର୍ବ ଭାରତରେ ଅଭିବୃଦ୍ଧିର ବାହକ ସାଜିବ। ଏହି ଅବସରରେ ପଶ୍ଚିମବଙ୍ଗର ରାଜ୍ୟପାଳ ଓ ମୁଖ୍ୟମନ୍ତ୍ରୀଙ୍କ ସମେତ କେନ୍ଦ୍ର ପେଟ୍ରୋଲିୟମ ଏବଂ ପ୍ରାକୃତିକ ବାଷ୍ପ ମନ୍ତ୍ରୀ ଉପସ୍ଥିତ ରହିବେ।

 

ଆସାମରେ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ

ରାଜ୍ୟରେ ରାଜ୍ୟ ରାଜପଥ ଏବଂ ପ୍ରମୁଖ ଜିଲ୍ଲା ସଡ଼କ ଭିତ୍ତିଭୂମିର ଉନ୍ନତି ପାଇଁ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ‘ଆସୋମ ମାଲା’ ଯୋଜନାର ଶୁଭାରମ୍ଭ କରିବେ। ନିରନ୍ତର ଭାବେ କ୍ଷେତ୍ରୀୟ ତଥ୍ୟ ସଂଗ୍ରହ ଜରିଆରେ ପ୍ରଭାବୀ ରକ୍ଷଣାବେକ୍ଷଣ ଉପରେ ଗୁରୁତ୍ବାରୋପ କରିବା ସହିତ ଏହାକୁ ସଡ଼କ ସମ୍ପତ୍ତି ପରିଚାଳନା ବ୍ୟବସ୍ଥା ସହିତ ଯୋଡ଼ା ଯାଇଥିବାରୁ ଏହି କାର୍ଯ୍ୟକ୍ରମ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଅଭିନବ ହୋଇପାରିଛି। ‘ଆସୋମ ମାଲା’ ଜାତୀୟ ରାଜପଥ ଏବଂ ଗ୍ରାମୀଣ ସଡ଼କଗୁଡ଼ିକୁ ପରସ୍ପର ସହ ଯୋଡ଼ିବା ଲାଗି ଗୁଣବତ୍ତାପୂର୍ଣ୍ଣ ଆନ୍ତଃସଂଯୋଗ ବ୍ୟବସ୍ଥା ଯୋଗାଇ ଦେବ। ଏହା ମଧ୍ୟ ବାଧାମୁକ୍ତ ବହୁମୁଖୀ ପରିବହନ ବ୍ୟବସ୍ଥା ଯୋଗାଇ ଦେବାରେ ସହାୟକ ହେବ। ଏହା ମଧ୍ୟ ଆର୍ଥିକ ଅଭିବୃଦ୍ଧି କେନ୍ଦ୍ରଗୁଡ଼ିକୁ ପରିବହନ କରିଡର ସହିତ ଯୋଡ଼ିବାରେ ଏକ ଆନ୍ତଃସଂଯୋଗ ବ୍ୟବସ୍ଥା ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରିବ ଏବଂ ଆନ୍ତଃରାଜ୍ୟ ସଡ଼କ ଯୋଗାଯୋଗରେ ସୁଧାର ଆଣିବ।

ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ମଧ୍ୟ ଦୁଇଟି ମେଡ଼ିକାଲ କଲେଜ ଓ ହସ୍ପିଟାଲ ନିର୍ମାଣ ପାଇଁ ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନ କରିବେ। ଏହି ଦୁଇଟି ପ୍ରକଳ୍ପ 1100 କୋଟି ଟଙ୍କା ବିନିୟମରେ ବିଶ୍ବନାଥ ଏବଂ ଚାରାଇଦେଓ ଠାରେ ପ୍ରତିଷ୍ଠା କରାଯିବ। 500 ଶଯ୍ୟା ବିଶିଷ୍ଟ ପ୍ରତ୍ୟେକ ହସ୍ପିଟାଲରେ 100 ଏମବିବିଏସ ସିଟ୍ ରହିବ। ମେଡ଼ିକାଲ କଲେଜ ଓ ହସ୍ପିଟାଲଗୁଡ଼ିକର ସଂଖ୍ୟା ବୃଦ୍ଧି ଫଳରେ ରାଜ୍ୟରେ କେବଳ ଡାକ୍ତରମାନଙ୍କ ଅଭାବ ଦୂର କରାଯାଇପାରିବ ନାହିଁ ବରଂ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ଉତ୍ତର–ପୂର୍ବାଞ୍ଚଳରେ ଆସାମକୁ ଗମ୍ଭୀର ରୋଗ ଚିକିତ୍ସା ଏବଂ ଡାକ୍ତରୀ ଶିକ୍ଷାର କେନ୍ଦ୍ରରେ ପରିଣତ କରିପାରିବ।

 

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गायत्री परिवार के सभी उपासक, सभी समाजसेवी

उपस्थित साधक साथियों,

देवियों और सज्जनों,

गायत्री परिवार का कोई भी आयोजन इतनी पवित्रता से जुड़ा होता है, कि उसमें शामिल होना अपने आप में सौभाग्य की बात होती है। मुझे खुशी है कि मैं आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अश्वमेध यज्ञ का हिस्सा बन रहा हूँ। जब मुझे गायत्री परिवार की तरफ से इस अश्वमेध यज्ञ में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, तो समय अभाव के साथ ही मेरे सामने एक दुविधा भी थी। वीडियो के माध्यम से भी इस कार्यक्रम से जुड़ने पर एक समस्या ये थी कि सामान्य मानवी, अश्वमेध यज्ञ को सत्ता के विस्तार से जोड़कर देखता है। आजकल चुनाव के इन दिनों में स्वाभाविक है कि अश्वमेध यज्ञ के कुछ और भी मतलब निकाले जाते। लेकिन फिर मैंने देखा कि ये अश्वमेध यज्ञ, आचार्य श्रीराम शर्मा की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है, अश्वमेध यज्ञ के एक नए अर्थ को प्रतिस्थापित कर रहा है, तो मेरी सारी दुविधा दूर हो गई।

आज गायत्री परिवार का अश्वमेध यज्ञ, सामाजिक संकल्प का एक महा-अभियान बन चुका है। इस अभियान से जो लाखों युवा नशे और व्यसन की कैद से बचेंगे, उनकी वो असीम ऊर्जा राष्ट्र निर्माण के काम में आएगी। युवा ही हमारे राष्ट्र का भविष्य हैं। युवाओं का निर्माण ही राष्ट्र के भविष्य का निर्माण है। उनके कंधों पर ही इस अमृतकाल में भारत को विकसित बनाने की जिम्मेदारी है। मैं इस यज्ञ के लिए गायत्री परिवार को हृदय से शुभकामनाएँ देता हूँ। मैं तो स्वयं भी गायत्री परिवार के सैकड़ों सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। आप सभी भक्ति भाव से, समाज को सशक्त करने में जुटे हैं। श्रीराम शर्मा जी के तर्क, उनके तथ्य, बुराइयों के खिलाफ लड़ने का उनका साहस, व्यक्तिगत जीवन की शुचिता, सबको प्रेरित करने वाली रही है। आप जिस तरह आचार्य श्रीराम शर्मा जी और माता भगवती जी के संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं, ये वास्तव में सराहनीय है।

साथियों,

नशा एक ऐसी लत होती है जिस पर काबू नहीं पाया गया तो वो उस व्यक्ति का पूरा जीवन तबाह कर देती है। इससे समाज का, देश का बहुत बड़ा नुकसान होता है।इसलिए ही हमारी सरकार ने 3-4 साल पहले एक राष्ट्रव्यापी नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत की थी। मैं अपने मन की बात कार्यक्रम में भी इस विषय को उठाता रहा हूं। अब तक भारत सरकार के इस अभियान से 11 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए बाइक रैलियां निकाली गई हैं, शपथ कार्यक्रम हुए हैं, नुक्कड़ नाटक हुए हैं। सरकार के साथ इस अभियान से सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं को भी जोड़ा गया है। गायत्री परिवार तो खुद इस अभियान में सरकार के साथ सहभागी है। कोशिश यही है कि नशे के खिलाफ संदेश देश के कोने-कोने में पहुंचे। हमने देखा है,अगर कहीं सूखी घास के ढेर में आग लगी हो तो कोई उस पर पानी फेंकता है, कई मिट्टी फेंकता है। ज्यादा समझदार व्यक्ति, सूखी घास के उस ढेर में, आग से बची घास को दूर हटाने का प्रयास करता है। आज के इस समय में गायत्री परिवार का ये अश्वमेध यज्ञ, इसी भावना को समर्पित है। हमें अपने युवाओं को नशे से बचाना भी है और जिन्हें नशे की लत लग चुकी है, उन्हें नशे की गिरफ्त से छुड़ाना भी है।

साथियों,

हम अपने देश के युवा को जितना ज्यादा बड़े लक्ष्यों से जोड़ेंगे, उतना ही वो छोटी-छोटी गलतियों से बचेंगे। आज देश विकसित भारत के लक्ष्य पर काम कर रहा है, आज देश आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। आपने देखा है, भारत की अध्यक्षता में G-20 समिट का आयोजन 'One Earth, One Family, One Future' की थीम पर हुआ है। आज दुनिया 'One sun, one world, one grid' जैसे साझा प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए तैयार हुई है। 'One world, one health' जैसे मिशन आज हमारी साझी मानवीय संवेदनाओं और संकल्पों के गवाह बन रहे हैं। ऐसे राष्ट्रीय और वैश्विक अभियानों में हम जितना ज्यादा देश के युवाओं को जोड़ेंगे, उतना ही युवा किसी गलत रास्ते पर चलने से बचेंगे। आज सरकार स्पोर्ट्स को इतना बढ़ावा दे रही है..आज सरकार साइंस एंड रिसर्च को इतना बढ़ावा दे रही है... आपने देखा है कि चंद्रयान की सफलता ने कैसे युवाओं में टेक्नोलॉजी के लिए नया क्रेज पैदा कर दिया है...ऐसे हर प्रयास, ऐसे हर अभियान, देश के युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने के लिए प्रेरित करते हैं। फिट इंडिया मूवमेंट हो....खेलो इंडिया प्रतियोगिता हो....ये प्रयास, ये अभियान, देश के युवा को मोटीवेट करते हैं। और एक मोटिवेटेड युवा, नशे की तरफ नहीं मुड़ सकता। देश की युवा शक्ति का पूरा लाभ उठाने के लिए सरकार ने भी मेरा युवा भारत नाम से बहुत बड़ा संगठन बनाया है। सिर्फ 3 महीने में ही इस संगठन से करीब-करीब डेढ़ करोड़ युवा जुड़ चुके हैं। इससे विकसित भारत का सपना साकार करने में युवा शक्ति का सही उपयोग हो पाएगा।

साथियों,

देश को नशे की इस समस्या से मुक्ति दिलाने में बहुत बड़ी भूमिका...परिवार की भी है, हमारे पारिवारिक मूल्यों की भी है। हम नशा मुक्ति को टुकड़ों में नहीं देख सकते। जब एक संस्था के तौर पर परिवार कमजोर पड़ता है, जब परिवार के मूल्यों में गिरावट आती है, तो इसका प्रभाव हर तरफ नजर आता है। जब परिवार की सामूहिक भावना में कमी आती है... जब परिवार के लोग कई-कई दिनों तक एक दूसरे के साथ मिलते नहीं हैं, साथ बैठते नहीं हैं...जब वो अपना सुख-दुख नहीं बांटते... तो इस तरह के खतरे और बढ़ जाते हैं। परिवार का हर सदस्य अपने-अपने मोबाइल में ही जुटा रहेगा तो फिर उसकी अपनी दुनिया बहुत छोटी होती चली जाएगी।इसलिए देश को नशामुक्त बनाने के लिए एक संस्था के तौर पर परिवार का मजबूत होना, उतना ही आवश्यक है।

साथियों,

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के समय मैंने कहा था कि अब भारत की एक हजार वर्षों की नई यात्रा शुरू हो रही है। आज आजादी के अमृतकाल में हम उस नए युग की आहट देख रहे हैं। मुझे विश्वास है कि, व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के इस महाअभियान में हम जरूर सफल होंगे। इसी संकल्प के साथ, एक बार फिर गायत्री परिवार को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद!