The Congress Party has only indulged in appeasement politics, baseless criticism of the welfare programs of the poor, and the unnecessary hurling of abuses towards the OBCs, Lingayat Community, and Me: PM Modi
The BJP Government has not only been working for the poor by ameliorating poverty and providing them with socio-economic benefits but is at every level trying to reduce costs by progressive interventions: PM Modi
The Chalukyan Dynasty’s greatness in terms of promoting the culture and traditions of Badami is extremely prominent and we have always worked towards preserving the same: PM Modi
The Congress Party has only worked to destabilize and discourage India’s ancient democratic traditions. Congress Party does not even acknowledge India as the ‘Mother of Democracy’ in the world: PM Modi

भारत माता की.. भारत माता की... बजरंगबली की.. बजरंगबली की.. बजरंगबली की..
चालुक्य साम्राज्यदा राजधानी बादामिया सहोदर-सहोदरीयरिगे नमस्कारगळु!
भवानी बनशंकरी की भूमि को मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। कर्नाटका में आप सभी द्वारा जिस प्रकार का स्नेह, जितना आशीर्वाद बीजेपी को मिल रहा है, वो अभूतपूर्व है। मेरी जो लोग अभी आ रहे हैं उनसे प्रार्थना है, अंदर कहीं जगह नहीं है आप जहां हैं वहीं रुक जाइए, और आपको जो असुविध हुई है, उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं, क्योंकि ये सबकुछ छोटा पड़ गया। आप मुझे देख नहीं पाएंगे आप मुझे क्षमा कीजिए, मैं आपका दर्शन कर पा रहा हूं, मेरा यह सौभाग्य है। इससे पहले आज सुबह बेंगलुरु में जनता जनार्दन के दर्शन के लिए निकला था। बेंगलुरू के लोगों ने भी आपकी तरह इतना प्यार दिया कि मैं अभीभूत हूं। 25 किलोमीटर से ज्यादा लंबे रास्ते में, दोनों तरफ लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था, चप्पे-चप्पे पर लोग मौजूद थे। मैं तो हैरान था, लोग पूरा का पूरा परिवार लेकर आए थे। क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग, माताएं, बहने नौजवान, प्रोफेशनल्स, दिव्यांगजन, हर कोई हमें आशीर्वाद देने आया था। मैंने देखा लोग अपने नवजात शिशुओं को भी लेकर आए थे। इतना प्यार देना, इतना स्नेह देना, ये कर्नाटक के लोगों की विशेषता है। कर्नाटक के लोगों का ये उत्साह, ये उमंग, ये जोश बता रहा है कि यहां फिर एक बार डबल इंजन की सरकार बननी तय है।

साथियों,
कभी-कभी हम राजनेता भ्रम में होते हैं, हम सोचते हैं कि हम चुनाव का प्रचार कर रहे हैं, हम चुनाव ल़ड़ा रहे हैं, लेकिन मैं जहां-जहां कर्नाटक में गया हूं और आज जो बेंगलुरू में देखा है, मैं विश्वास से कहता हूं कि ये चुनाव न मोदी लड़वा रहा है, न बीजेपी के नेता लड़वा रहे हैं ना ही हमारे उम्मीदवार लड़वा रहे हैं, ये कर्नाटक का चुनाव बीजेपी के लिए कर्नाटक की जनता लड़ रही है। पूरे चुनाव का कंट्रोल मैं जनता के हाथ में देख रहा हूं। और तब जाकर चारों तरफ सुनाई दे रहा है। कोने-कोने से आवाज़ आ रही है- ई बारिया निर्धारा.. ई बारिया निर्धारा.. ई बारिया निर्धारा.. ई बारिया निर्धारा बहुमतदा बीजेपी सरकारा।

सहोदर-सहोदरियरे,
बीजेपी आपके बीच कर्नाटक को नंबर वन बनाने के लिए एक रोडमैप लेकर आई है। आप मुझे बताइये, आज पूरे हिंदुस्तान में कर्नाटक को नंबर वन बनाना चाहिए कि नहीं बनाना चाहिए। आप सच्चे दिल से बताइए कर्नाटक को नंवर वन कौन बना सकता है?.. कौन बना सकता है?.. कौन बना सकता है? आपका एक वोट बना सकता है जो बीजेपी को आप वोट देंगे ना वो कर्नाटक को नंबर एक बनाएगा। भाइयों-बहनों हम तो कर्नाटक को नंबर वन बनाने के लिए लेकर आए हैं काम, लेकिन कांग्रेस ने तय किया है कि वो अपनी पुरानी आदतें नही छोड़ेगी। वो एपीजमेंट..तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली को ही चुनावी मुद्दा बनाएगी। तुष्टिकरण- अपने वोट बैंक का। तालाबंदी- बीजेपी सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं को बंद करना। गाली- ओबीसी समाज को गाली, लिंगायत समुदाय को गाली और जब इनसे भी जी ना भरे तो मोदी को गाली। कांग्रेस की इस कुनीति से पूरा कर्नाटका नाराज़ है। इसलिए कोने-कोने से आवाज आ रही है कि ई बारिया निर्धारा बहुमतदा बीजेपी सरकारा।



स्नेहितरे,
मैंने सुना है कि सिद्धारामैया जी यहां कह रहे हैं कि बीते साढ़े 3 साल में जो विकास यहां हुआ है, ये उन्होंने कराया है। अब उनका ये वाक्य, उनका ये कबूलनामा ये अपनेआप में बता रहा है कि काम अगर कोई करता है तो डबल इंजन सरकार काम करती है और ये भी बताया है कि बिना किसी भेदभाव करती है। ये बीजेपी सरकार की ही योजनाएं हैं जिनका लाभ इस क्षेत्र के लोगों को मिला है। यहां गांव की सड़कें अच्छी हुई हैं, तो ये प्रधानमंत्री सड़क योजना के कारण संभव हुआ है। यहां हाईवे अच्छे हो रहे हैं, तो ये भी डबल इंजन सरकार के प्रयास के कारण हो रहा है। आज रेलवे के इतने सारे प्रोजेक्ट्स पर तेज़ गति से काम चल रहा है, ये भी डबल इंजन सरकार की देन हैं।

स्नेहितरे,
वैसे तो सिद्धारामैया जी अब इस क्षेत्र को छोड़कर, आपको छोड़कर, दूसरी जगह चले गए हैं। वो हवा का रुख समझ गए हैं। लेकिन अगर अटकते-भटकते इधर आ जाएं तो उनसे एक सवाल ज़रूर पूछिएगा। आप सिद्धारामैया जी से सवाल पूछेंगे क्या? पूछेगे क्या? आप उनसे एक सवाल पूछेंगे? हाथ ऊपर करके बताइए पूछेंगे? आप उनसे पूछिएगा कि आखिर इस क्षेत्र के गरीब भाई-बहन, इतनी सारी मूलभूत सुविधाओं से इसके पहले वंचित क्यों थे? बागलकोटे के Three Lakhs से ज्यादा परिवारों को पहली बार नल से जल की सुविधा डबल इंजन सरकार ने दी। बागलकोटे के Twenty Five Thousand से अधिक गरीब परिवारों के लिए पक्के घर डबल इंजन सरकार ने स्वीकृत किए। बागलकोटे के लगभग Six Lakhs परिवारों को आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज का सुरक्षा कवच मिला। करीब Five Lakhs साथी दुर्घटना और जीवन बीमा की सरकारी योजना से जुड़े। करीब One Lakh साथियों को पहली बार अटल पेंशन की सुविधा मिली। जिले के Eight Lakhs साथियों के पहली बार जनधन बैंक अकाउंट खुले। Seven Lakhs छोटे उद्यमियों को मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी का ऋण मिला। इतना सारा लाभ कांग्रेस सरकार में कभी नहीं मिल सकता। जिस पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड Eighty Five परसेंट कमीशन खाने का हो, वो कभी जनता के हित में इस सेवाभाव से काम नहीं कर सकती।

स्नेहितरे,
कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि कांग्रेस सरकार गरीब के लिए अगर दिल्ली से Hundred पैसा भेजती है, एक रुपया भेजती है, Hundred पैसे भेजती है तो सिर्फ Fifteen पैसे ही लोगों तक पहुंचते है। आप कल्पना कर सकते हैं। ये कांग्रेस के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री पद से बोला था.. कि Eighty five परसेंट बीच में ही कोई लूट लेता है। भाइयों बहनों ये कौन सा पंजा है जो एक रुपये में 85 खा जाता है। यही कांग्रेस का काम करने का तरीका रहा है। कांग्रेस के यही कुकर्म रहे कि हमारा देश सदियों तक पिछड़ा बना रहा।

सहोदर-सहोदरियरे,
जिन बीमारियां को कांग्रेस ने अपने बरसों के शासन में मजबूत किया, अब बीजेपी उन्हीं बीमारियों का परमानेंट इलाज कर रही है। कांग्रेस की लूट के सिस्टम को बीजेपी ने आधार, मोबाइल और जनधन अकाउंट का ऐसा त्रिशूल चलाया है कि उनकी सारी पुरानी आदतें तहस नहस हो गई है। बीते Nine Years में बीजेपी सरकार ने Twenty Nine Lakh करोड़ रुपए, याद रखेंगे, मैं जो आंकड़ा बोलता हूं उसे याद रखेंगे, जरा हाथ ऊपर करके बताइए.. याद रखेंगे? उधर से आवाज आनी चाहिए.. याद रखेंगे? याद रखेंगे? बीते Nine Years में बीजेपी सरकार ने Twenty Nine Lakh करोड़ रुपए गरीब और मध्यम वर्ग के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किए हैं। ये पूरा का पूरा पैसा, एक नए पैसे की चोरी के बिना लोगों के पास पहुंचे हैं। अगर यहीं कांग्रेस सरकार के समय होता, तो इसमें से Twenty Four Lakh करोड़ रुपए, कांग्रेस के नेता ही लूट लेते।, राजीव गांधी का जो हिसाब था उस हिसाब से Twenty Nine Lakh करोड़ में Twenty Four Lakh करोड़ रुपये कांग्रेस के नेता ही खा लेते। अब आप बताइए, किसी का Twenty Four Thousand का नुकसान हो जाए तो वो दुखी हो जाता है। यहां तो मोदी ने कांग्रेस का Twenty Four Lakh करोड़ रुपए का नुकसान कर दिया। अब यही पैसे देश के विकास में काम आ रहे हैं। अब ऐसे में कांग्रेस मुझे गाली देगी या नहीं देगी? मुझे बताइए।

सहोदर-सहोदरियरे,
बीजेपी सरकार ना सिर्फ गरीब और मध्यम वर्ग को उनके हक का पैसा दे रही है बल्कि उनके पैसे बचाने का भी प्रयास कर रही है। बीजेपी सरकार ने जो सस्ते LED बल्ब देने का अभियान शुरू किया, उसकी वजह से आज देश के नागरिकों के हर साल Twenty Thousand करोड़ रुपए बिजली बिल में बच रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना की वजह से देश के गरीबों के Eighty Thousand करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने से बचे हैं। सस्ती दवाइयों वाले जन-औषधि स्टोर्स की वजह से गरीब और मध्यम वर्ग के करीब Twenty Thousand करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। हार्ट के स्टेंट की कीमत कम करने से, Knee Implant की कीमत कम करने से भी गरीब और मध्यम वर्ग के करीब Fifteen Thousand करोड़ रुपए बचे हैं।

सहोदर-सहोदरियरे,
बीजेपी सरकार की नीति और निर्णयों से कैसे आपके पैसे बच रहे हैं, इसका एक उदाहरण आपका मोबाइल फोन भी है। एक समय था जब भारत में ज्यादातर मोबाइल विदेशों से आते थे। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल निर्माता देशों में से एक है। एक समय था जब भारत में मोबाइल बनाने वाली सिर्फ Two Factories थीं। आज भारत में मोबाइल बनाने वाली Two Hundred से ज्यादा फैक्ट्रियां काम कर रही हैं। भारत आज दुनिया के उन देशों में है जहां डेटा इतना सस्ता है। मैं आपको एक आंकड़ा दूंगा, आप बहुत ध्यान से सुनिएगा। और ये आंकड़ा पूरे कर्नाटक को, और विशेषतौर पर कर्नाटक के नौजवानों को जरूर सुनना चाहिए।

सहोदर-सहोदरियरे,
Two Thousand Fourteen से पहले, हमलोग सत्ता में आए उससे पहले, जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बैठी थी, तो 1GB डेटा की कीमत Three Hundred रुपए के करीब होती थीं। आज बीजेपी सरकार में 1GB डेटा का खर्च केवल Ten Rupees तक आ गया है। आज जितना डेटा आप लोग एक महीने में इस्तेमाल करते हैं, अगर पहले वाला ही रेट होता तो आपका बिल कितना आता, कभी आपने सोचा है। ये मैं बताता हूं आपको। डेटा की कीमत अगर कांग्रेस सरकार के समय वाली होती तो आज आपका मोबाइल बिल आता- Four to Five Thousand Rupees Monthly. चार से पांच हजार रुपये महीने का, आज बीजेपी सरकार में ये बिल कितना कम हो गया है, ये आपको हर महीने पता चल रहा है। आज भारत के लोगों के हर महीने, मोबाइल बिल में करीब-करीब Four Thousand Rupees बच रहे हैं।

सहोदर-सहोदरियरे,
बादामी-बागलकोटे का ये पूरा क्षेत्र भारत के सामर्थ्य का साक्षी है। भारत सोने की चिड़िया सिर्फ धन-दौलत से ही नहीं था, बल्कि हमारा ज्ञान-विज्ञान, इनोवेशन, आर्किटेक्चर, लिटरेचर, सबकुछ श्रेष्ठ दर्जे का था। सैकड़ों वर्ष पहले चालुक्य काल में हम किस बेहतरीन क्वालिटी का काम कर रहे थे, वो यहां दिखता है। लेकिन कांग्रेस ने भारत की इस समृद्धि को समझा नहीं, इस विरासत का सम्मान नहीं किया। कांग्रेस के लोग आज भी देश-दुनिया में भारत को मदर ऑफ डेमोक्रेसी कहने की हिम्मत नहीं करते। ये सिर्फ भारत की डेमोक्रेसी पर हमला करते हैं। इनको भगवान बस्वेश्वरा के अनुभव मंटपा के बारे में विश्व मंच पर बोलना पसंद नहीं है। यही गुलामी की मानसिकता है, जिससे आज भारत बाहर आ रहा है।

बंधु-भगिनियरे,
बीजेपी सरकार अपनी संस्कृति, अपनी विरासत के विकास के लिए समर्पित है। हम अपनी इन धरोहरों के विकास के लिए अनेकों टूरिस्ट सर्किट्स पर काम कर रहे हैं। हम्पी, बादामी, ऐहोले, पट्टद-कल्लु, बीजापुर टूरिज्म सर्किट से यहां के नौजवानों के लिए अनेकों नए अवसर बनेंगे। हमारी विरासत का एक और हिस्सा है, हमारा शिल्प, हमारी हस्तकला, हमारा आर्ट एंड क्राफ्ट। ये देश की संपदा है, इसलिए बीजेपी सरकार ने इसके सच्चे साधकों को ईमानदारी से सम्मानित किया है। कर्नाटक के कबीर कहे जाने वाले इब्राहिम सुतार जी हो या फिर बीदरी आर्ट के लिए समर्पित कादरी जी, इनकी साधना को बीजेपी सरकार ने पद्म सम्मान दिया है। हमारे यहां पीढ़ी-दर-पीढ़ी ऐसे कुशल कारीगरों की परंपरा है। हमारे कुंब्बारा, कम्मारा, अक्कसालिगा, शिल्पी, गारे-केलसदवा, बड़गी, ये हमारी बहुत बड़ी ताकत है। बागलकोटे तो पारंपरिक बुनकरों का एक प्रकार से हब है। इल्कल साड़ी और गुलेदगुड्डा खाना साड़ी देश की शान है। कांग्रेस की सरकारों ने इस प्रकार की पारंपरिक कला पर कभी ध्यान नहीं दिया। आज हम अपनी इस पारंपरिक कला की प्रतिष्ठा को फिर बढ़ाने में जुटे हैं। स्थानीय उत्पाद सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचे, इसके लिए बीजेपी सरकार काम कर रही है। ऐसे हर उत्पाद को देश के रेलवे स्टेशनों पर जगह मिले, इसके लिए वन स्टेशन, वन प्रॉडक्ट अभियान भी शुरू किया है। आज भारत में टेक्स्टाइल सेक्टर में अभूतपूर्व काम हो रहा है। हम पूरे देश में Seven नए मेगा टेक्सटाइल पार्क्स बना रहे हैं, जिसमें से एक कलबुर्गी में भी बनने जा रहा है। इससे पूरे ‘कल्याण कर्नाटक’ के कपास किसानों को तो लाभ होगा ही, रोज़गार के भी हज़ारों नए अवसर बनेंगे।

सहोदर-सहोदरियरे,
केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना भी आपके लिए बहुत मददगार साबित होने जा रही है। इससे पारंपरिक कला को नई टेक्नॉलॉजी, बाज़ार, फंडिंग, हर प्रकार की मदद दी जाएगी। कर्नाटक की बीजेपी सरकार की नेकारा सम्मान योजने, भी इसी भावना का विस्तार है।

सहोदर-सहोदरियरे,
बागलकोटे को तो प्रकृति ने लाल मिट्टी और काली मिट्टी दोनों से समृद्ध किया है। इसलिए यहां अनेक प्रकार की खेती संभव है। पिछले 9 वर्षों में बीजेपी की सरकार ने दलहन और तिलहन यानि Pulses and Edible Oil के उत्पादन पर बहुत अधिक फोकस किया है। आप याद कीजिए पहले कांग्रेस के शासन में दाल की उपज कितनी कम हो गई थी। इसकी वजह ये थी कि कांग्रेस को विदेशों से Import करना पसंद था, क्योंक उसमें कमीशन के अवसर थे। इसलिए कांग्रेस हमारे किसान जो दाल पैदा करते थे, उन किसानों को MSP भी कम देती थी और खरीद भी कम करती थी। कांग्रेस की सरकार ने 2014 से पहले के Five Years में सिर्फ One Point Five Lakh मीट्रिक टन दाल MSP पर खरीदी थी। हमारी सरकार ने इस खरीद को लगभग Hundred Times बढ़ाया है। कांग्रेस की सरकार ने दाल किसानों को Five Years में Six Hundred करोड़ रुपए ही MSP के रूप में दिए थे। बीजेपी सरकार अभी तक Eighty Thousand करोड़ रुपए दाल किसानों को MSP के रूप में दे चुकी है। यहां कर्नाटक बीजेपी सरकार ने भी किसानों को करोडों रुपए की मदद की है। ऐसे ही प्रयासों के कारण बीते सालों में देश में दाल का उत्पादन कई गुणा बढ़ा है और आयात कम हुआ है। पहले जो हज़ारों करोड़ रुपए विदेश जाते थे, वो अब कर्नाटक के, देश के किसानों को मिल रहे हैं।

बंधु-भगिनियरे,
जो परिवर्तन दलहन के क्षेत्र में हुआ है, हम उसी को तिलहन के क्षेत्र में भी दोहराना चाहते हैं। पिछले कुछ वर्षों में तिलहन का उत्पादन Twenty Percent से ज्यादा बढ़ा है, लेकिन इसको बहुत अधिक बढ़ाने की जरूरत है। अभी खाने के तेल के आयात के लिए हमें One point Five Lakh करोड़ रुपए तक हर वर्ष विदेश भेजने पड़ते हैं।
मैं चाहता हूं कि ये पैसा देश के किसानों को मिले, हम खाने के तेल में आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए मिशन ऑयल पाम के तहत तिलहन किसानों को मदद भी दी जा रही है।

स्नेहितरे,
खेती हो, उद्योग हो, टूरिज्म हो, हर सेक्टर तभी आगे बढ़ेगा जब कर्नाटक नंबर वन राज्य बनेगा। और कर्नाटक को नंबर वन बनाने के लक्ष्य पर बीजेपी काम कर रही है। ऐसी अस्थिर सरकार जो 5 वर्ष आपस में लड़ती रहे, या फिर केंद्र सरकार से लड़ती रहे, वो ये काम नहीं कर सकती। इसलिए एक ही संकल्प है- हमें कर्नाटक में पूर्ण बहुमत वाली बीजेपी की मजबूत सरकार बनानी है। और इसिलए एक ही मंत्र गूंज रहा है ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा! हमें घर-घर जाकर ये संकल्प दोहराना है। कांग्रेस सिर्फ अपने वोटबैंक को खुश करने में जुटी है। हमें सर्वसमाज को एकजुट करना है, सबसे जुड़ना है।

भाइयों-बहनों,
ये सभा तो बड़ी जबरदस्त हो गई, लोग अभी भी यहां आ रहे हैं, चारों तरफ लोग ही लोग हैं, लेकिन इतनी ब़ड़ी सभा हो गई, तो अब जाकर के सो तो नहीं जाओगे ना.. जाकर के सो तो नहीं जाओगे ना.. काम करोगे? पोलिंग बूथ में जाओगे? जरा हाथ ऊपर कर के जोर से बताइए... पोलिंग बूथ में जाओगे? घर-घर जाओगे? मतदाताओं से मिलेंगे? ज्यादा से ज्यादा मतदान कराओगे? पोलिंग बूथ जीतोगे? पक्का जीतोगे? एक भी पोलिंग बूथ हारना नहीं है.. मंजूर है? ये काम करोगे? अच्छा मेरा भी एक काम करना है। करोगे? मेरे काम की बात आई तो आप ठंडे पड़ गए। मेरा एक काम करोगे? ऐसे नहीं.. पूरी ताकत से बताइए करोगे? पक्का करोगे? जरूर करोगे... देखिए मेरा एक काम है। घर-घर जाकर के सभी मतदाताओं से मिलना और उनसे कहना कि मोदी जी बादामी आए थे। और मोदी जी ने यादकर के आपको नमस्कार भेजा है। मेरा नमस्कार पहुंचाओगे? पक्का पहुंचाओगे? उनका आशीर्वादा मुझे कर्नाटक को नंबर वन बनाने में काम आएगा भाइयों-बहनों। बोलिए भारत माता की जय!

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PM Modi's Interview to Navbharat Times
May 23, 2024

प्रश्न: वोटिंग में मत प्रतिशत उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। क्या, कम वोट पड़ने पर भी बीजेपी 400 पार सीटें जीत सकती है? ये कौन से वोटर हैं, जो घर से नहीं निकल रहे?

उत्तर: किसी भी लोकतंत्र के लिए ये बहुत आवश्यक है कि लोग मतदान में बढ़चढ कर हिस्सा लें। ये पार्टियों की जीत-हार से बड़ा विषय है। मैं तो देशभर में जहां भी रैली कर रहा हूं, वहां लोगों से मतदान करने की अपील कर रहा हूं। इस समय उत्तर भारत में बहुत कड़ी धूप है, गर्मी है। मैं आपके माध्यम से भी लोगों से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भूमिका जरूर निभाएं। तपती धूप में लोग ऑफिस तो जा ही रहे हैं, हर व्यक्ति अपने काम के लिए घर से बाहर निकल रहा है, ऐसे में वोटिंग को भी दायित्व समझकर जरूर पूरा करें। चार चरणों के चुनाव के बाद बीजेपी ने बहुमत का आंकड़ा पा लिया है, आगे की लड़ाई 400 पार के लिए ही हो रही है। चुनाव विशेषज्ञ विश्लेषण करने में जुटे हैं, ये उनका काम है, लेकिन अगर वो मतदाताओं और बीजेपी की केमिस्ट्री देख पाएं तो समझ जाएंगे कि 400 पार का नारा हकीकत बनने जा रहा है। मैं जहां भी जा रहा हूं, बीजेपी के प्रति लोगों के अटूट विश्वास को महसूस रहा हूं। एनडीए को 400 सीटों पर जीत दिलाने के लिए लोग उत्साहित हैं।

प्रश्न: लेकिन कश्मीर में वोट प्रतिशत बढ़े। कश्मीर में बढ़ी वोटिंग का संदेश क्या है?

उत्तर: : मेरे लिए इस चुनाव में सबसे सुकून देने वाली घटना यही है कि कश्मीर में वोटिंग प्रतिशत बढ़ी है। वहां मतदान केंद्रों के बाहर कतार में लगे लोगों की तस्वीरें ऊर्जा से भर देने वाली हैं। मुझे इस बात का संतोष है कि जम्मू-कश्मीर के बेहतर भविष्य के लिए हमने जो कदम उठाए हैं, उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। श्रीनगर के बाद बारामूला में भी बंपर वोटिंग हुई है। आर्टिकल 370 हटने के बाद आए परिवर्तन में हर कश्मीरी राहत महसूस कर रहा है। वहां के लोग समझ गए हैं कि 370 की आड़ में इतने वर्षों तक उनके साथ धोखा हो रहा था। दशकों तक जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास से दूर रखा गया। सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार से वहां के लोग त्रस्त थे, लेकिन उन्हें कोई विकल्प नहीं दिया जा रहा था। परिवारवादी पार्टियों ने वहां की राजनीति को जकड़ कर रखा था। आज वहां के लोग बिना डरे, बिना दबाव में आए विकास के लिए वोट कर रहे हैं।

प्रश्न: 2014 और 2019 के मुकाबले 2024 के चुनाव और प्रचार में आप क्या फर्क महसूस कर रहे हैं?

उत्तर: 2014 में जब मैं लोगों के बीच गया तो मुझे देशभर के लोगों की उम्मीदों को जानने का अवसर मिला। जनता बदलाव चाहती थी। जनता विकास चाहती थी। 2019 में मैंने लोगों की आंखों में विश्वास की चमक देखी। ये विश्वास हमारी सरकार के 5 साल के काम से आया था। मैंने महसूस किया कि उन 5 वर्षों में लोगों की आकांक्षाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने और बड़े सपने देखे हैं। वो सपने उनके परिवार से भी जुड़े थे, और देश से भी जुड़े थे। पिछले 5 साल तेज विकास और बड़े फैसलों के रहे हैं। इसका प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ा है। अब 2024 के चुनाव में मैं जब प्रचार कर रहा हूं तो मुझे लोगों की आंखों में एक संकल्प दिख रहा है। ये संकल्प है विकसित भारत का। ये संकल्प है भ्रष्टाचार मुक्त भारत का। ये संकल्प है मजबूत भारत का। 140 करोड़ भारतीयों को भरोसा है कि उनका सपना बीजेपी सरकार में ही पूरा हो सकता है, इसलिए हमारी सरकार की तीसरी पारी को लेकर जनता में अभूतपूर्व उत्साह है।

प्रश्न: 10 साल की सबसे बड़ी उपलब्धि आप किसे मानते हैं और तीसरे कार्यकाल के लिए आप किस तरह खुद को तैयार कर रहे हैं?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हमारी सरकार ने अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और राष्ट्रहित से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। हमारे कार्यों का प्रभाव हर वर्ग, हर समुदाय के लोगों पर पड़ा है। आप अलग-अलग क्षेत्रों का विश्लेषण करेंगे तो हमारी उपलब्धियां और उनसे प्रभावित होने वाले लोगों के बारे में पता चलेगा। मुझे इस बात का बहुत संतोष है कि हम देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर ला पाए। करोड़ों लोगों को घर, शौचालय, बिजली-पानी, गैस कनेक्शन, मुफ्त इलाज की सुविधा दे पाए। इससे उनके जीवन में जो बदलाव आया है, उसकी उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी। आप सोचिए, कि अगर करोड़ों लोगों को ये सुविधाएं नहीं मिली होतीं तो वो आज भी गरीबी का जीवन जी रहे होते। इतना ही नहीं, उनकी अगली पीढ़ी भी गरीबी के इस कुचक्र में पिसने के लिए तैयार हो रही होती।

हमने गरीब को सिर्फ घर और सुविधाएं नहीं दी हैं, हमने उसे सम्मान से जीने का अधिकार दिया है। हमने उसे हौसला दिया है कि वो खुद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हमने उसे एक विश्वास दिया कि जो जीवन उसे देखना पड़ा, वो उसके बच्चों को नहीं देखना पड़ेगा। ऐसे परिवार फिर से गरीबी में न चले जाएं, इसके लिए हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। इसीलिए, आज देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, ताकि वो अपनी आय अपनी दूसरी जरूरतों पर खर्च कर सकें। हम कौशल विकास, पीएम विश्वकर्मा और स्वनिधि जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं। हमने घर की महिला सदस्य को सशक्त बनाने के भी प्रयास किए। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। मेरी सरकार के तीसरे कार्यकाल में इन योजनाओं को और विस्तार मिलेगा, जिससे ज्यादा महिलाओं तक इनका लाभ पहुंचेगा।

प्रश्न: हमारे रिपोर्टर्स देशभर में घूमे, एक बात उभर कर आई कि रोजगार और महंगाई पर लोगों ने हर जगह बात की है। जीतने के बाद पहले 100 दिनों में युवाओं के लिए क्या करेंगे? रोजगार के मोर्चे पर युवाओं को कोई भरोसा देना चाहेंगे?

उत्तर: पिछले 10 वर्षों में हम महंगाई दर को काबू रख पाने में सफल रहे हैं। यूपीए के समय महंगाई दर डबल डिजिट में हुआ करती थी। आज दुनिया के अलग-अलग कोनों में युद्ध की स्थिति है। इन परिस्थितियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ा है। हमने दुनिया के ताकतवर देशों के सामने अपने देश के लोगों के हित को प्राथमिकता दी, और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने नहीं दीं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़तीं तो हर चीज महंगी हो जाती। हमने महंगाई का बोझ कम करने के लिए हर छोटी से छोटी चीज पर फोकस किया। आज गरीब परिवारों को अच्छे से अच्छे अस्पताल में 5 लाख रुपये तक इलाज मुफ्त मिलता है। जन औषधि केंद्रों की वजह से दवाओं के खर्च में 70 से 80 प्रतिशत तक राहत मिली है। घुटनों की सर्जरी हो या हार्ट ऑपरेशन, सबका खर्च आधे से ज्यादा कम हो गया है। आज देश में लोन की दरें सबसे कम हैं। कार लेनी हो, घर लेना हो तो आसानी से और सस्ता लोन उपलब्ध है। पर्सनल लोन इतना आसान देश में कभी नहीं था। किसान को यूरिया और खाद की बोरी दुनिया के मुकाबले दस गुना कम कीमत पर मिल रही है। पिछले 10 वर्षों में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के नए मौके बने हैं। EPFO के मुताबिक पिछले सात साल में 6 करोड़ नए सदस्य इसमें जुड़े हैं।

PLFS का डेटा बताता है कि 2017 में जो बेरोजगारी दर 6% थी, वो अब 3% रह गई है। हमारी माइक्रो फाइनैंस की नीतियां कितनी प्रभावी हैं, इस पर SKOCH ग्रुप की एक रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 10 साल में हर वर्ष 5 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार पैदा हुए हैं। युवाओं के पास अब स्पेस सेक्टर, ड्रोन सेक्टर, गेमिंग सेक्टर में भी आगे बढ़ने के अवसर हैं। देश में डिजिटल क्रांति से भी युवाओं के लिए अवसर बने हैं। आज भारत में डेटा इतना सस्ता है तभी देश की क्रिएटर इकनॉमी बड़ी हो रही है। आज देश में सवा लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं, इनसे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बन रहे हैं। हमने अपनी सरकार के पहले 100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें हमने अलग से युवाओं के लिए 25 दिन और जोड़े हैं। हम देशभर से आ रहे युवाओं के सुझाव पर गौर कर रहे हैं, और नतीजों के बाद उस पर तेजी से काम शुरू होगा।

प्रश्न: सोशल मीडिया में एआई और डीपफेक जैसे मसलों पर आपने चिंता जताई है। इस चुनाव में भी इसके दुरुपयोग की मिसाल दिखी हैं। मिसइनफरमेशन का ये टूल न बने, इसके लिए क्या किया जा सकता है? कई एक्टिविस्ट और विपक्ष का कहना रहा है कि इन चीजों पर सख्ती की आड़ में कहीं फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पर पाबंदी तो नहीं लगेगी? इन सवालों पर कैसे आश्वस्त करेंगे?

उत्तर: तकनीक का इस्तेमाल जीवन में सुगमता लाने के लिए किया जाना चाहिए। आज एआई ने भारत के युवाओँ के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। एआई, मशीन लर्निगं और इंटरनेट ऑफ थिंग्स अब हमारे रोज के जीवन की सच्चाई बनती जा रही है। लोगों को सहूलियत देने के लिए कंपनियां अब इन तकनीकों का उपयोग बढ़ा रही हैं। दूसरी तरफ इनके माध्यम से गलत सूचनाएं देने, अफवाह फैलाने और लोगों को भ्रमित करने की घटनाएं भी हो रही हैं। चुनाव में विपक्ष ने अपने झूठे नरैटिव को फैलाने के लिए यही करना शुरू किया था। हमने सख्ती करके इस तरह की कोशिश पर रोक लगाने का प्रयास किया। इस तरह की प्रैक्टिस किसी को भी फायदा नहीं पहुंचाएगी, उल्टे तकनीक का गलत इस्तेमाल उन्हें नुकसान ही पहुंचाएगा। अभिव्यक्ति की आजादी का फेक न्यूज और फेक नरैटिव से कोई लेना-देना नहीं है। मैंने एआई के एक्सपर्ट्स के सामने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डीप फेक के गलत इस्तेमाल से जुड़े विषयों को गंभीरता से रखा है। डीप फेक को लेकर वर्ल्ड लेवल पर क्या हो सकता है, इस पर मंथन चल रहा है। भारत इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए ही मैंने खुद सोशल मीडिया पर अपना एक डीफ फेक वीडियो शेयर किया था। लोगों के लिए ये जानना आवश्यक है कि ये तकनीक क्या कर सकती है।

प्रश्न:देश के लोगों की सेहत को लेकर आपकी चिंता हम सब जानते हैं। आपने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस शुरू किया, योगा प्रोटोकॉल बनवाया, आपने आयुष्मान योजना शुरू की है। तीसरे कार्यकाल में क्या इन चीज़ों पर भी काम करेंगे, जो हमारी सेहत खराब होने के मूल कारक हैं। जैसे लोगों को साफ हवा, पानी, मिट्टी मिले।

उत्तर: देश 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस सपने को शक्ति तभी मिलेगी, जब देश का हर नागरिक स्वस्थ हो। शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो। यही वजह है कि हम सेहत को लेकर एक होलिस्टिक अप्रोच अपना रहे हैं। एलोपैथ के साथ ही योग, आयुर्वेद, भारतीय परंपरागत पद्धतियां, होम्योपैथ के जरिए हम लोगों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। राजनीति में आने से पहले मैंने लंबा समय देश का भ्रमण करने में बिताया है। उस समय मैंने एक बात अनुभव की थी कि घर की महिला सदस्य अपने खराब स्वास्थ्य के बारे छिपाती है। वो खुद तकलीफ झेलती है, लेकिन नहीं चाहती कि परिवार के लोगों को परेशानी हो। उसे इस बात की भी फिक्र रहती है कि डॉक्टर, दवा में पैसे खर्च हो जाएंगे। जब 2014 में मुझे देश की सेवा करने का अवसर मिला तो सबसे पहले मैंने घर की महिला सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता की। मैंने माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया और 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए। मैंने बुजुर्गों की सेहत पर भी ध्यान दिया है। हमारी सरकार की तीसरी पारी में 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने लगेगा। यानी उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। साफ हवा, पानी, मिट्टी के लिए हम काम शुरू कर चुके हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक पर हमारा अभियान चल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हम देश के लाखों गांवों तक साफ पानी पहुंचा रहे हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड, आर्गेनिक खेती की दिशा में काम हो रहा है। हम मिशन लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं और इस विचार को आगे बढ़ा रहे हैं कि हर व्यक्ति पर्यावरण के अनुकूल जीवन पद्धति को अपनाए।

प्रश्न: विदेश नीति आपके दोनों कार्यकाल में काफी अहम रही है। इस वक्त दुनिया काफी उतार चढ़ाव से गुजर रही है, चुनाव नतीजों के तुरंत बाद जी7 समिट है। आप नए हालात में भारत के रोल को किस तरह देखते हैं?

उत्तर: शायद ये पहला चुनाव है, जिसमें भारत की विदेश नीति की इतनी चर्चा हो रही है। वो इसलिए कि पिछले 10 साल में दुनियाभर में भारत की साख मजबूत हुई है। जब देश की साख बढ़ती है तो हर भारतीय को गर्व होता है। जी20 समिट में भारत ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बना, अब जी7 में भारत की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है। आज दुनिया का हर देश जानता है कि भारत में एक मजबूत सरकार है और सरकार के पीछे 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन है। हमने अपनी विदेश नीति में भारत और भारत के लोगों के हित को सर्वोपरि रखा है। आज जब हम व्यापार समझौते की टेबल पर होते हैं, तो सामने वाले को ये महसूस होता है कि ये पहले वाला भारत नहीं है। आज हर डील में भारतीय लोगों के हित को प्राथमिकता दी जाती है। हमारे इस बदले रूप को देखकर दूसरे देशों को हैरानी हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। ये नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा भारत है। आज भारत संकट में फंसे हर भारतीय की मदद के लिए तत्पर रहता है। पिछले 10 वर्षों में अनेक भारतीयों को संकट से बाहर निकालकर देश में ले आए। हम अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को भी देश में वापस ला रहे हैं। युद्ध में आमने-सामने खड़े दोनों देशों को भारत ने बड़ी मजबूती से ये कहा है कि ये युद्ध का समय नहीं है, ये बातचीत से समाधान का समय है। आज दुनिया मानती है कि भारत का आगे बढ़ना पूरी दुनिया और मानवता के लिए अच्छा है।

प्रश्न: अमेरिका भी चुनाव से गुजर रहा है। आपके रिश्ते ट्रम्प और बाइडन दोनों के साथ बहुत अच्छे रहे हैं। आप कैसे देखते हैं अमेरिका के साथ भारतीय रिश्तों को इन संदर्भ में?

उत्तर: हमारी विदेश नीति का मूल मंत्र है इंडिया फर्स्ट। पिछले 10 वर्षों में हमने इसी को ध्यान में रखकर विभिन्न देशों और प्रभावशाली नेताओं से संबंध बनाए हैं। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का आधार 140 करोड़ भारतीय हैं। हमारे लोग हमारी ताकत हैं, और दुनिया हमारी इस शक्ति को बहुत महत्वपूर्ण मानती है। अमेरिका में राष्ट्रपति चाहे ट्रंप रहे हों या बाइडन, हमने उनके साथ मिलकर दोनों देशों के संबंध को और मजबूत बनाने का प्रयास किया है। भारत-अमेरिका के संबंधों पर चुनाव से कोई अंतर नहीं आएगा। वहां जो भी राष्ट्रपति बनेगा, उसके साथ मिलकर नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।

प्रश्न: BJP का पूरा प्रचार आप पर ही केंद्रित है, क्या इससे सांसदों के खुद के काम करने और लोगों के संपर्क में रहने जैसे कामों को तवज्जो कम हो गई है और नेता सिर्फ मोदी मैजिक से ही चुनाव जीतने के भरोसे हैं। आप इसे किस तरह काउंटर करते हैं?

उत्तर: बीजेपी एक टीम की तरह काम करती है। इस टीम का हर सदस्य चुनाव जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा है। चुनावी अभियान में जितना महत्वपूर्ण पीएम है, उतना ही महत्वपूर्ण कार्यकर्ता है। ये परिवारवादी पार्टियों का फैलाया गया प्रपंच है। उनकी पार्टी में एक परिवार या कोई एक व्यक्ति बहुत अहम होता है। हमारी पार्टी में हर नेता और कार्यकर्ता को एक दायित्व दिया जाता है।

मैं पूछता हूं, क्या हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोज रैली नहीं कर रहे हैं। क्या हमारे मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी पदाधिकारी रोड शो और रैलियां नहीं कर रहे। मैं पीएम के तौर पर जनता से कनेक्ट करने जरूर जाता हूं, लेकिन लोग एमपी उम्मीदवार के माध्यम से ही हमसे जुड़ते हैं। मैं लोगों के पास नैशनल विजन लेकर जा रहा हूं, उसे पूरा करने की गारंटी दे रहा हूं, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने का भरोसा दे रहा है। हमने उन्हीं उम्मीदवारों का चयन किया है, जो हमारे विजन को जनता के बीच पहुंचा सकें। विकसित भारत की सोच से लोगों को जोड़ने के लिए जितनी अहमियत मेरी है, उतनी ही जरूरत हमारे उम्मीदवारों की भी है। हमारी पूरी टीम मिलकर हर सीट पर कमल खिलाने में जुटी है।

प्रश्न: महिला आरक्षण पर आप ने विधेयक पास कराए। क्या नई सरकार में हम इन पर अमल होते हुए देखेंगे?

उत्तर: ये प्रश्न कांग्रेस के शासनकाल के अनुभव से निकला है, तब कानून बना दिए जाते थे लेकिन उसे नोटिफाई करने में वर्षों लग जाते थे। हमने अगले 5 वर्षों का जो रोडमैप तैयार किया है, उसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम की महत्वपूर्ण भूमिका है। हम देश की आधी आबादी को उसका अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडी गठबंधन की पार्टियों ने दशकों तक महिलाओं को इस अधिकार से वंचित रखा। सामाजिक न्याय की बात करने वालों ने इसे रोककर रखा था। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला सशक्तिकरण का एक नया दौर शुरू होगा। इस परिवर्तन का असर बहुत प्रभावशाली होगा।

प्रश्न: महाराष्ट्र की सियासी हालत इस बार बहुत पेचीदा हो गई है। एनडीए क्या पिछली दो बार का रिकॉर्ड दोहरा पाएगा?

उत्तर: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में इस बार बीजेपी और एनडीए को लेकर जबरदस्त उत्साह है। महाराष्ट्र में स्थिति पेचीदा नहीं, बल्कि बहुत सरल हो गई है। लोगों को परिवारवादी पार्टियों और देश के विकास के लिए समर्पित महायुति में से चुनाव करना है। बाला साहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ाने वाली शिवसेना हमारे साथ है। लोग देख रहे हैं कि नकली शिवसेना अपने मूल विचारों का त्याग करके कांग्रेस से हाथ मिला चुकी है। इसी तरह एनसीपी महाराष्ट्र और देश के विकास के लिए हमारे साथ जुड़ी है। अब जो महा ‘विनाश’ अघाड़ी की एनसीपी है, वो सिर्फ अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए वोट मांग रही है। लोग ये भी देख रहे हैं कि इंडी गठबंधन अभी से अपनी हार मान चुका है। अब वो चुनाव के बाद अपना अस्तित्व बचाने के लिए कांग्रेस में विलय की बात कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मतदान करना, अपने वोट को बर्बाद करना है। इस बार हम महाराष्ट्र में अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने वाले हैं।

प्रश्न: पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी ने बहुत प्रयास किए हैं। पिछली बार बीजेपी 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। बाकी राज्यों की तुलना में यह आपके लिए कितना कठिन राज्य है और इस बार आपको क्या उम्मीद है?

उत्तर: TMC हो, कांग्रेस हो, लेफ्ट हो, इन सबने बंगाल में एक जैसे ही पाप किए हैं। बंगाल में लोग समझ चुके हैं कि इन पार्टियों के पास सिर्फ नारे हैं, विकास का विजन नहीं हैं। कभी दूसरे राज्यों से लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, आज पूरे बंगाल से लोग पलायन करने को मजबूर हैं। जनता ये भी देख रही है कि बंगाल में जो पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं, दिल्ली में वही एक साथ नजर आ रही हैं। मतदाताओं के साथ इससे बड़ा छल कुछ और नहीं हो सकता। यही वजह है कि इंडी गठबंधन लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहा। बंगाल के लोग लंबे समय से भ्रष्टाचार, हिंसा, अराजकता, माफिया और तुष्टिकरण को बर्दाश्त कर रहे हैं। टीएमसी की पहचान घोटाले वाली सरकार की बन गई है। टीएमसी के नेताओं ने अपनी तिजोरी भरने के लिए युवाओं के सपनों को कुचला है। यहां स्थिति ये है कि सरकारी नौकरी पाने के बाद भी युवाओं को भरोसा नहीं है कि उनकी नौकरी रहेगी या जाएगी। लोग बंगाल की मौजूदा सरकार से पूरी तरह हताश हैं।अब उनके सामने बीजेपी का विकास मॉडल है। मैं बंगाल में जहां भी गया, वहां लोगों में बीजेपी के प्रति अभूतपूर्व विश्वास नजर आया। विशेष रुप से बंगाल में मैंने देखा कि माताओं-बहनों का बहुत स्नेह मुझे मिल रहा है। मैं उनसे जब भी मिलता हूं, वो खुद तो इमोशनल हो ही जाती हैं, मैं भी अपने भावनाओं को रोक नहीं पाता हूं। इस बार बंगाल में हम पहले से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करेंगे।

प्रश्न: शराब मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा है। उनका कहना है कि ईडी ने जबरदस्ती उन्हें इस मामले में घसीटा है जबकि अब तक उनके पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ?

उत्तर: आपने कभी किसी ऐसे व्यक्ति को सुना है जो आरोपी हो और ये कह रहा हो कि उसने घोटाला किया था। या कह रहा हो कि पुलिस ने उसे सही गिरफ्तार किया है। अगर एजेंसियों ने उन्हें गलत पकड़ा था, तो कोर्ट से उन्हें राहत क्यों नहीं मिली। ईडी और एजेसिंयो पर आरोप लगाने वाला विपक्ष आज तक एक मामले में ये साबित नहीं कर पाया है कि उनके खिलाफ गलत आरोप लगा है। वो कुछ दिन के लिए जमानत पर बाहर आए हैं, लेकिन बाहर आकर वो और एक्सपोज हो गए। वो और उनके लोग गलतियां कर रहे हैं और आरोप बीजेपी पर लगा रहे हैं। लेकिन जनता उनका सच जानती है। उनकी बातों की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है।

प्रश्न: इस बार दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। इससे क्या लगातार दो बार से सातों सीटें जीतने के क्रम में बीजेपी को कुछ दिक्कत हो सकती है? इस बार आपने छह उम्मीदवार बदल दिए

उत्तर: इंडी गठबंधन की पार्टियां दिल्ली में हारी हुई लड़ाई लड़ रहे हैं। उनके सामने अपना अस्तित्व बचाने का संकट है। चुनाव के बाद वैसे भी इंडी गठबंधन नाम की कोई चीज बचेगी नहीं। दिल्ली की जनता ने बहुत पहले कांग्रेस को बाहर कर दिया था, अब दूसरे दलों के साथ मिलकर वो अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। क्या कभी किसी ने सोचा था कि देश पर इतने लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस के ये दिन भी आएंगे कि उनके परिवार के नेता अपनी पार्टी के नहीं, बल्कि किसी और उम्मीदवार के लिए वोट डालेंगे।

दिल्ली में इंडी गठबंधन की जो पार्टियां हैं, उनकी पहचान दो चीजों से होती है। एक तो भ्रष्टाचार और दूसरा बेशर्मी के साथ झूठ बोलना। मीडिया के माध्यम से ये जनता की भावनाओं को बरगलाना चाहते हैं। झूठे वादे देकर ये लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। ये जनता के नीर-क्षीर विवेक का अपमान है। जनता आज बहुत समझदार है, वो फैसला करेगी। बीजेपी ने लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बीजेपी में कोई लोकसभा सीट नेता की जागीर नहीं समझी जाती। जो जनहित में उचित होता है, पार्टी उसी के अनुरूप फैसला लेती है। हमारे लिए राजनीति सेवा का माध्यम है। यही वजह है कि हमारे कार्यकर्ता इस बात से निराश नहीं होते कि टिकट कट गया, बल्कि वो पूरे मनोयोग से जनता की सेवा में जुट जाते हैं।

प्रश्न: विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र खतरे में है और अगर बीजेपी जीतती है तो लोकतंत्र औपचारिक रह जाएगा। आप उनके इन आरोपों को कैसे देखते हैं?

उत्तर: कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम झूठ और अफवाह के सहारे चुनाव लड़ने निकला है। पुराने दौर में उनका यह पैंतरा कभी-कभी काम कर जाता था, लेकिन आज सोशल मीडिया के जमाने में उनके हर झूठ का मिनटों में पर्दाफाश हो जाता है।

उन्होंने राफेल पर झूठ बोला, पकड़े गए। एचएएल पर झूठ बोला, पकड़े गए। जनता अब इनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है। देश जानता है कि कौन संविधान बदलना चाहता है। आपातकाल के जरिए देश के लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश किसने की थी। कांग्रेस के कार्यकाल में सबसे ज्यादा बार संविधान की मूल प्रति को बदल दिया। कांग्रेस पहले संविधान संसोधन का प्रस्ताव अभिव्यक्ति की आजादी पर पहरा लगाने के लिए लाई थी। 60 वर्षों में उन्होंने बार-बार संविधान की मूल भावना पर चोट की और एक के बाद एक कई राज्य सरकारों को बर्खास्त किया। सबसे ज्यादा बार राष्ट्रपति शासन लगाने का रेकॉर्ड कांग्रेस के नाम है। उनकी जो असल मंशा है, उसके रास्ते में संविधान सबसे बड़ी दीवार है। इसलिए इस दीवार को तोड़ने की कोशिश करते रहते हैं। आप देखिए कि संविधान निर्माताओं ने धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध किया था। लेकिन कांग्रेस अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए बार-बार यही करने की कोशिश करती है। अपनी कोई कोशिशों में नाकाम रहने के बाद आखिरकार उन्होंने कर्नाटक में ओबीसी आरक्षण में सेंध लगा ही दी।

कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन वास्तविकता ये है कि लोकतंत्र को कुचलने के लिए, जनता की आवाज दबाने के लिए ये पूरी ताकत लगा देते हैं। ये लोग उनके खिलाफ बोलने वालों के पीछे पूरी मशीनरी झोंक देते हैं। इनके एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। इस काम में ये लोग खुलकर एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। जनता ये सब देख रही है, और समझ रही है कि अगर इन लोगों के हाथ में ताकत आ गई तो ये देश का, क्या हाल करेंगे।

प्रश्न: आप एकदम चुस्त-दुरुस्त और फिट दिखते हैं, आपकी सेहत का राज, सुबह से रात तक का रूटीन?

उत्तर: मैं यह मानता हूं कि मुझ पर किसी दैवीय शक्ति की बहुत बड़ी कृपा है, जिसने लोक कल्याण के लिए मुझे माध्यम बनाया है। इतने वर्षों में मेरा यह विश्वास प्रबल हुआ है कि ईश्वर ने मुझे विशेष दायित्व पूरा करने के लिए चुना है। उसे पूरा करने के लिए वही मुझे सामर्थ्य भी दे रहा है। लोगों की सेवा करने की भावना से ही मुझे ऊर्जा मिलती है।

प्रश्न: प्रधानमंत्री जी, आप काशी के सांसद हैं। बीते 10 साल में आप ने काशी को खूब प्रमोट किया है। आज काशी देश में सबसे प्रेफर्ड टूरिज्म डेस्टिनेशमन बन रही है। इसके अलावा आप ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर के काम किए हैं, उससे भी बनारस में बहुत बदलाव आया है। इससे बनारस और पूर्वांचल की इकोनॉमी और रोजगार पर जो असर हुआ है, उसे आप कैसे देखते हैं?

उत्तर: काशी एक अद्भूत नगरी है। एक तरफ तो ये दुनिया का सबसे प्राचीन शहर है। इसकी अपनी पौराणिक मान्यता है। दूसरी तरफ ये पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की आर्थिक धुरी भी है। 10 साल में हमने काशी में धार्मिक पर्यटन का खूब विकास किया। शहर की गलियां, साफ-सफाई, बाजारों में सुविधाएं, ट्रेन और बस के इंतजाम पर फोकस किया। गंगा में सीएनजी बोट चली, शहर में ई-बस और ई-रिक्शा चले। यात्रियों के लिए हमने स्टेशन से लेकर शहर के अलग-अलग स्थानों पर तमाम सुविधाएं बढ़ाई।

इन सब के बाद जब हम बनारस को प्रमोट करने उतरे, तो देशभर के श्रद्धालुओं में नई काशी को देखने का भाव उमड़ आया। यह यहां सालभर पहले से कई गुना ज्यादा पर्यटक आते हैं। इससे पूरे शहर में रोजगार के नए अवसर तैयार हुए।

हमने बनारस में इंडस्ट्री लानी शुरू की है। TCS का नया कैंपस बना है, बनास डेयरी बनी है, ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बना है, काशी के बुनकरों को नई मशीनें दी जा रही है, युवाओं को मुद्रा लोन मिले हैं। इससे सिर्फ बनारस ही नहीं, आसपास के कई जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली।

प्रश्न: आपने कहा कि वाराणसी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक धुरी जैसा शहर है। बीते 10 वर्षों में पू्र्वांचल में जो विकास हुआ है, उसको कैसे देखते हैं?

उत्तर: देखिए, पूर्वांचल अपार संभावनाओं का क्षेत्र है। पिछले 10 वर्षों में हमने केंद्र की तमाम योजनाओं में इस क्षेत्र को बहुत वरीयता दी है। एक समय था, जब पूर्वांचल विकास में बहुत पिछड़ा था। वाराणसी में ही कई घंटे बिजली कटौती होती थी। पूर्वांचल के गांव-गांव में लालटेन के सहारे लोग गर्मियों के दिन काटते थे। आज बिजली की व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है, और इस भीषण गर्मी में भी कटौती का संकट करीब-करीब खत्म हो चला है। ऐसे ही पूरे पूर्वांचल में सड़कों की हालत बहुत खराब थी। आज यहां के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की सुविधा मिली है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली जैसे टियर थ्री कहे जाने वाले शहरों में हजारों की सड़कें बनी हैं।

आजमगढ़ में अभी कुछ दिन पहले मैंने एयरपोर्ट की शुरुआत की है। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई गई है। पूरे पूर्वांचल में नए मेडिकल कॉलेज बन रहे हैं। बनारस में इनलैंड वाटर-वे का पोर्ट बना है। काशी से ही देश की पहली वंदे भारत ट्रेन चली थी। देश का पहला रोप-वे ट्रांसपोर्ट सिस्टम बन रहा है।

कांग्रेस की सरकार में पूर्वांचल के लोग ऐसी सुविधाएं मिलने के बारे में सोचते तक नहीं थे। क्योंकि लोगों को बिजली-पानी-सड़क जैसी मूलभूत सुविआधाओं में ही उलझाकर रखा गया था। यह स्थिति तब थी जब इनके सीएम तक पूर्वांचल से चुने जाते थे। तब पूर्वांचल में सिर्फ नेताओं के हेलिकॉप्टर उतरते थे, आज जमीन पर विकास उतर आया है।

प्रश्न: आप कहते हैं कि बनारस ने आपको बनारसी बना दिया है। मां गंगा ने आपको बुलाया था, अब आपको अपना लिया है। आप काशी के सांसद हैं, यहां के लोगों से क्या कहेंगे?

उत्तर: मैं एक बात मानता हूं कि काशी में सबकुछ बाबा की कृपा से होता है। मां गंगा के आशीर्वाद से ही यहां हर काम फलीभूत होते हैं! 10 साल पहले मैंने जब ये कहा था कि मां गंगा ने मुझे बुलाया है, तो वो बात भी मैंने इसी भावना से कही थी। जिस नगरी में लोग एक बार आने को तरसते हैं, वहां मुझे दो बार सांसद के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। जब पार्टी ने तीसरी बार मुझे काशी की उम्मीदवारी करने को कहा, तभी मेरे मन में यह भाव आया कि मां गंगा ने मुझे गोद ले लिया है। काशी ने मुझे अपार प्रेम दिया है। उनका यह स्नेह और विश्वास मुझ पर एक कर्ज है। मैं जीवनभर काशी की सेवा करके भी इस कर्ज को नहीं उतार पाऊंगा।

Following is the clipping of the interview:

 

 

Source: Navbharat Times