The Congress Party has only indulged in appeasement politics, baseless criticism of the welfare programs of the poor, and the unnecessary hurling of abuses towards the OBCs, Lingayat Community, and Me: PM Modi
The BJP Government has not only been working for the poor by ameliorating poverty and providing them with socio-economic benefits but is at every level trying to reduce costs by progressive interventions: PM Modi
The Chalukyan Dynasty’s greatness in terms of promoting the culture and traditions of Badami is extremely prominent and we have always worked towards preserving the same: PM Modi
The Congress Party has only worked to destabilize and discourage India’s ancient democratic traditions. Congress Party does not even acknowledge India as the ‘Mother of Democracy’ in the world: PM Modi

भारत माता की.. भारत माता की... बजरंगबली की.. बजरंगबली की.. बजरंगबली की..
चालुक्य साम्राज्यदा राजधानी बादामिया सहोदर-सहोदरीयरिगे नमस्कारगळु!
भवानी बनशंकरी की भूमि को मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। कर्नाटका में आप सभी द्वारा जिस प्रकार का स्नेह, जितना आशीर्वाद बीजेपी को मिल रहा है, वो अभूतपूर्व है। मेरी जो लोग अभी आ रहे हैं उनसे प्रार्थना है, अंदर कहीं जगह नहीं है आप जहां हैं वहीं रुक जाइए, और आपको जो असुविध हुई है, उसके लिए मैं क्षमा मांगता हूं, क्योंकि ये सबकुछ छोटा पड़ गया। आप मुझे देख नहीं पाएंगे आप मुझे क्षमा कीजिए, मैं आपका दर्शन कर पा रहा हूं, मेरा यह सौभाग्य है। इससे पहले आज सुबह बेंगलुरु में जनता जनार्दन के दर्शन के लिए निकला था। बेंगलुरू के लोगों ने भी आपकी तरह इतना प्यार दिया कि मैं अभीभूत हूं। 25 किलोमीटर से ज्यादा लंबे रास्ते में, दोनों तरफ लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था, चप्पे-चप्पे पर लोग मौजूद थे। मैं तो हैरान था, लोग पूरा का पूरा परिवार लेकर आए थे। क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग, माताएं, बहने नौजवान, प्रोफेशनल्स, दिव्यांगजन, हर कोई हमें आशीर्वाद देने आया था। मैंने देखा लोग अपने नवजात शिशुओं को भी लेकर आए थे। इतना प्यार देना, इतना स्नेह देना, ये कर्नाटक के लोगों की विशेषता है। कर्नाटक के लोगों का ये उत्साह, ये उमंग, ये जोश बता रहा है कि यहां फिर एक बार डबल इंजन की सरकार बननी तय है।

साथियों,
कभी-कभी हम राजनेता भ्रम में होते हैं, हम सोचते हैं कि हम चुनाव का प्रचार कर रहे हैं, हम चुनाव ल़ड़ा रहे हैं, लेकिन मैं जहां-जहां कर्नाटक में गया हूं और आज जो बेंगलुरू में देखा है, मैं विश्वास से कहता हूं कि ये चुनाव न मोदी लड़वा रहा है, न बीजेपी के नेता लड़वा रहे हैं ना ही हमारे उम्मीदवार लड़वा रहे हैं, ये कर्नाटक का चुनाव बीजेपी के लिए कर्नाटक की जनता लड़ रही है। पूरे चुनाव का कंट्रोल मैं जनता के हाथ में देख रहा हूं। और तब जाकर चारों तरफ सुनाई दे रहा है। कोने-कोने से आवाज़ आ रही है- ई बारिया निर्धारा.. ई बारिया निर्धारा.. ई बारिया निर्धारा.. ई बारिया निर्धारा बहुमतदा बीजेपी सरकारा।

सहोदर-सहोदरियरे,
बीजेपी आपके बीच कर्नाटक को नंबर वन बनाने के लिए एक रोडमैप लेकर आई है। आप मुझे बताइये, आज पूरे हिंदुस्तान में कर्नाटक को नंबर वन बनाना चाहिए कि नहीं बनाना चाहिए। आप सच्चे दिल से बताइए कर्नाटक को नंवर वन कौन बना सकता है?.. कौन बना सकता है?.. कौन बना सकता है? आपका एक वोट बना सकता है जो बीजेपी को आप वोट देंगे ना वो कर्नाटक को नंबर एक बनाएगा। भाइयों-बहनों हम तो कर्नाटक को नंबर वन बनाने के लिए लेकर आए हैं काम, लेकिन कांग्रेस ने तय किया है कि वो अपनी पुरानी आदतें नही छोड़ेगी। वो एपीजमेंट..तुष्टिकरण, तालाबंदी और गाली को ही चुनावी मुद्दा बनाएगी। तुष्टिकरण- अपने वोट बैंक का। तालाबंदी- बीजेपी सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं को बंद करना। गाली- ओबीसी समाज को गाली, लिंगायत समुदाय को गाली और जब इनसे भी जी ना भरे तो मोदी को गाली। कांग्रेस की इस कुनीति से पूरा कर्नाटका नाराज़ है। इसलिए कोने-कोने से आवाज आ रही है कि ई बारिया निर्धारा बहुमतदा बीजेपी सरकारा।



स्नेहितरे,
मैंने सुना है कि सिद्धारामैया जी यहां कह रहे हैं कि बीते साढ़े 3 साल में जो विकास यहां हुआ है, ये उन्होंने कराया है। अब उनका ये वाक्य, उनका ये कबूलनामा ये अपनेआप में बता रहा है कि काम अगर कोई करता है तो डबल इंजन सरकार काम करती है और ये भी बताया है कि बिना किसी भेदभाव करती है। ये बीजेपी सरकार की ही योजनाएं हैं जिनका लाभ इस क्षेत्र के लोगों को मिला है। यहां गांव की सड़कें अच्छी हुई हैं, तो ये प्रधानमंत्री सड़क योजना के कारण संभव हुआ है। यहां हाईवे अच्छे हो रहे हैं, तो ये भी डबल इंजन सरकार के प्रयास के कारण हो रहा है। आज रेलवे के इतने सारे प्रोजेक्ट्स पर तेज़ गति से काम चल रहा है, ये भी डबल इंजन सरकार की देन हैं।

स्नेहितरे,
वैसे तो सिद्धारामैया जी अब इस क्षेत्र को छोड़कर, आपको छोड़कर, दूसरी जगह चले गए हैं। वो हवा का रुख समझ गए हैं। लेकिन अगर अटकते-भटकते इधर आ जाएं तो उनसे एक सवाल ज़रूर पूछिएगा। आप सिद्धारामैया जी से सवाल पूछेंगे क्या? पूछेगे क्या? आप उनसे एक सवाल पूछेंगे? हाथ ऊपर करके बताइए पूछेंगे? आप उनसे पूछिएगा कि आखिर इस क्षेत्र के गरीब भाई-बहन, इतनी सारी मूलभूत सुविधाओं से इसके पहले वंचित क्यों थे? बागलकोटे के Three Lakhs से ज्यादा परिवारों को पहली बार नल से जल की सुविधा डबल इंजन सरकार ने दी। बागलकोटे के Twenty Five Thousand से अधिक गरीब परिवारों के लिए पक्के घर डबल इंजन सरकार ने स्वीकृत किए। बागलकोटे के लगभग Six Lakhs परिवारों को आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त इलाज का सुरक्षा कवच मिला। करीब Five Lakhs साथी दुर्घटना और जीवन बीमा की सरकारी योजना से जुड़े। करीब One Lakh साथियों को पहली बार अटल पेंशन की सुविधा मिली। जिले के Eight Lakhs साथियों के पहली बार जनधन बैंक अकाउंट खुले। Seven Lakhs छोटे उद्यमियों को मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी का ऋण मिला। इतना सारा लाभ कांग्रेस सरकार में कभी नहीं मिल सकता। जिस पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड Eighty Five परसेंट कमीशन खाने का हो, वो कभी जनता के हित में इस सेवाभाव से काम नहीं कर सकती।

स्नेहितरे,
कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि कांग्रेस सरकार गरीब के लिए अगर दिल्ली से Hundred पैसा भेजती है, एक रुपया भेजती है, Hundred पैसे भेजती है तो सिर्फ Fifteen पैसे ही लोगों तक पहुंचते है। आप कल्पना कर सकते हैं। ये कांग्रेस के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री पद से बोला था.. कि Eighty five परसेंट बीच में ही कोई लूट लेता है। भाइयों बहनों ये कौन सा पंजा है जो एक रुपये में 85 खा जाता है। यही कांग्रेस का काम करने का तरीका रहा है। कांग्रेस के यही कुकर्म रहे कि हमारा देश सदियों तक पिछड़ा बना रहा।

सहोदर-सहोदरियरे,
जिन बीमारियां को कांग्रेस ने अपने बरसों के शासन में मजबूत किया, अब बीजेपी उन्हीं बीमारियों का परमानेंट इलाज कर रही है। कांग्रेस की लूट के सिस्टम को बीजेपी ने आधार, मोबाइल और जनधन अकाउंट का ऐसा त्रिशूल चलाया है कि उनकी सारी पुरानी आदतें तहस नहस हो गई है। बीते Nine Years में बीजेपी सरकार ने Twenty Nine Lakh करोड़ रुपए, याद रखेंगे, मैं जो आंकड़ा बोलता हूं उसे याद रखेंगे, जरा हाथ ऊपर करके बताइए.. याद रखेंगे? उधर से आवाज आनी चाहिए.. याद रखेंगे? याद रखेंगे? बीते Nine Years में बीजेपी सरकार ने Twenty Nine Lakh करोड़ रुपए गरीब और मध्यम वर्ग के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किए हैं। ये पूरा का पूरा पैसा, एक नए पैसे की चोरी के बिना लोगों के पास पहुंचे हैं। अगर यहीं कांग्रेस सरकार के समय होता, तो इसमें से Twenty Four Lakh करोड़ रुपए, कांग्रेस के नेता ही लूट लेते।, राजीव गांधी का जो हिसाब था उस हिसाब से Twenty Nine Lakh करोड़ में Twenty Four Lakh करोड़ रुपये कांग्रेस के नेता ही खा लेते। अब आप बताइए, किसी का Twenty Four Thousand का नुकसान हो जाए तो वो दुखी हो जाता है। यहां तो मोदी ने कांग्रेस का Twenty Four Lakh करोड़ रुपए का नुकसान कर दिया। अब यही पैसे देश के विकास में काम आ रहे हैं। अब ऐसे में कांग्रेस मुझे गाली देगी या नहीं देगी? मुझे बताइए।

सहोदर-सहोदरियरे,
बीजेपी सरकार ना सिर्फ गरीब और मध्यम वर्ग को उनके हक का पैसा दे रही है बल्कि उनके पैसे बचाने का भी प्रयास कर रही है। बीजेपी सरकार ने जो सस्ते LED बल्ब देने का अभियान शुरू किया, उसकी वजह से आज देश के नागरिकों के हर साल Twenty Thousand करोड़ रुपए बिजली बिल में बच रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना की वजह से देश के गरीबों के Eighty Thousand करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने से बचे हैं। सस्ती दवाइयों वाले जन-औषधि स्टोर्स की वजह से गरीब और मध्यम वर्ग के करीब Twenty Thousand करोड़ रुपए खर्च होने से बचे हैं। हार्ट के स्टेंट की कीमत कम करने से, Knee Implant की कीमत कम करने से भी गरीब और मध्यम वर्ग के करीब Fifteen Thousand करोड़ रुपए बचे हैं।

सहोदर-सहोदरियरे,
बीजेपी सरकार की नीति और निर्णयों से कैसे आपके पैसे बच रहे हैं, इसका एक उदाहरण आपका मोबाइल फोन भी है। एक समय था जब भारत में ज्यादातर मोबाइल विदेशों से आते थे। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल निर्माता देशों में से एक है। एक समय था जब भारत में मोबाइल बनाने वाली सिर्फ Two Factories थीं। आज भारत में मोबाइल बनाने वाली Two Hundred से ज्यादा फैक्ट्रियां काम कर रही हैं। भारत आज दुनिया के उन देशों में है जहां डेटा इतना सस्ता है। मैं आपको एक आंकड़ा दूंगा, आप बहुत ध्यान से सुनिएगा। और ये आंकड़ा पूरे कर्नाटक को, और विशेषतौर पर कर्नाटक के नौजवानों को जरूर सुनना चाहिए।

सहोदर-सहोदरियरे,
Two Thousand Fourteen से पहले, हमलोग सत्ता में आए उससे पहले, जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बैठी थी, तो 1GB डेटा की कीमत Three Hundred रुपए के करीब होती थीं। आज बीजेपी सरकार में 1GB डेटा का खर्च केवल Ten Rupees तक आ गया है। आज जितना डेटा आप लोग एक महीने में इस्तेमाल करते हैं, अगर पहले वाला ही रेट होता तो आपका बिल कितना आता, कभी आपने सोचा है। ये मैं बताता हूं आपको। डेटा की कीमत अगर कांग्रेस सरकार के समय वाली होती तो आज आपका मोबाइल बिल आता- Four to Five Thousand Rupees Monthly. चार से पांच हजार रुपये महीने का, आज बीजेपी सरकार में ये बिल कितना कम हो गया है, ये आपको हर महीने पता चल रहा है। आज भारत के लोगों के हर महीने, मोबाइल बिल में करीब-करीब Four Thousand Rupees बच रहे हैं।

सहोदर-सहोदरियरे,
बादामी-बागलकोटे का ये पूरा क्षेत्र भारत के सामर्थ्य का साक्षी है। भारत सोने की चिड़िया सिर्फ धन-दौलत से ही नहीं था, बल्कि हमारा ज्ञान-विज्ञान, इनोवेशन, आर्किटेक्चर, लिटरेचर, सबकुछ श्रेष्ठ दर्जे का था। सैकड़ों वर्ष पहले चालुक्य काल में हम किस बेहतरीन क्वालिटी का काम कर रहे थे, वो यहां दिखता है। लेकिन कांग्रेस ने भारत की इस समृद्धि को समझा नहीं, इस विरासत का सम्मान नहीं किया। कांग्रेस के लोग आज भी देश-दुनिया में भारत को मदर ऑफ डेमोक्रेसी कहने की हिम्मत नहीं करते। ये सिर्फ भारत की डेमोक्रेसी पर हमला करते हैं। इनको भगवान बस्वेश्वरा के अनुभव मंटपा के बारे में विश्व मंच पर बोलना पसंद नहीं है। यही गुलामी की मानसिकता है, जिससे आज भारत बाहर आ रहा है।

बंधु-भगिनियरे,
बीजेपी सरकार अपनी संस्कृति, अपनी विरासत के विकास के लिए समर्पित है। हम अपनी इन धरोहरों के विकास के लिए अनेकों टूरिस्ट सर्किट्स पर काम कर रहे हैं। हम्पी, बादामी, ऐहोले, पट्टद-कल्लु, बीजापुर टूरिज्म सर्किट से यहां के नौजवानों के लिए अनेकों नए अवसर बनेंगे। हमारी विरासत का एक और हिस्सा है, हमारा शिल्प, हमारी हस्तकला, हमारा आर्ट एंड क्राफ्ट। ये देश की संपदा है, इसलिए बीजेपी सरकार ने इसके सच्चे साधकों को ईमानदारी से सम्मानित किया है। कर्नाटक के कबीर कहे जाने वाले इब्राहिम सुतार जी हो या फिर बीदरी आर्ट के लिए समर्पित कादरी जी, इनकी साधना को बीजेपी सरकार ने पद्म सम्मान दिया है। हमारे यहां पीढ़ी-दर-पीढ़ी ऐसे कुशल कारीगरों की परंपरा है। हमारे कुंब्बारा, कम्मारा, अक्कसालिगा, शिल्पी, गारे-केलसदवा, बड़गी, ये हमारी बहुत बड़ी ताकत है। बागलकोटे तो पारंपरिक बुनकरों का एक प्रकार से हब है। इल्कल साड़ी और गुलेदगुड्डा खाना साड़ी देश की शान है। कांग्रेस की सरकारों ने इस प्रकार की पारंपरिक कला पर कभी ध्यान नहीं दिया। आज हम अपनी इस पारंपरिक कला की प्रतिष्ठा को फिर बढ़ाने में जुटे हैं। स्थानीय उत्पाद सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचे, इसके लिए बीजेपी सरकार काम कर रही है। ऐसे हर उत्पाद को देश के रेलवे स्टेशनों पर जगह मिले, इसके लिए वन स्टेशन, वन प्रॉडक्ट अभियान भी शुरू किया है। आज भारत में टेक्स्टाइल सेक्टर में अभूतपूर्व काम हो रहा है। हम पूरे देश में Seven नए मेगा टेक्सटाइल पार्क्स बना रहे हैं, जिसमें से एक कलबुर्गी में भी बनने जा रहा है। इससे पूरे ‘कल्याण कर्नाटक’ के कपास किसानों को तो लाभ होगा ही, रोज़गार के भी हज़ारों नए अवसर बनेंगे।

सहोदर-सहोदरियरे,
केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना भी आपके लिए बहुत मददगार साबित होने जा रही है। इससे पारंपरिक कला को नई टेक्नॉलॉजी, बाज़ार, फंडिंग, हर प्रकार की मदद दी जाएगी। कर्नाटक की बीजेपी सरकार की नेकारा सम्मान योजने, भी इसी भावना का विस्तार है।

सहोदर-सहोदरियरे,
बागलकोटे को तो प्रकृति ने लाल मिट्टी और काली मिट्टी दोनों से समृद्ध किया है। इसलिए यहां अनेक प्रकार की खेती संभव है। पिछले 9 वर्षों में बीजेपी की सरकार ने दलहन और तिलहन यानि Pulses and Edible Oil के उत्पादन पर बहुत अधिक फोकस किया है। आप याद कीजिए पहले कांग्रेस के शासन में दाल की उपज कितनी कम हो गई थी। इसकी वजह ये थी कि कांग्रेस को विदेशों से Import करना पसंद था, क्योंक उसमें कमीशन के अवसर थे। इसलिए कांग्रेस हमारे किसान जो दाल पैदा करते थे, उन किसानों को MSP भी कम देती थी और खरीद भी कम करती थी। कांग्रेस की सरकार ने 2014 से पहले के Five Years में सिर्फ One Point Five Lakh मीट्रिक टन दाल MSP पर खरीदी थी। हमारी सरकार ने इस खरीद को लगभग Hundred Times बढ़ाया है। कांग्रेस की सरकार ने दाल किसानों को Five Years में Six Hundred करोड़ रुपए ही MSP के रूप में दिए थे। बीजेपी सरकार अभी तक Eighty Thousand करोड़ रुपए दाल किसानों को MSP के रूप में दे चुकी है। यहां कर्नाटक बीजेपी सरकार ने भी किसानों को करोडों रुपए की मदद की है। ऐसे ही प्रयासों के कारण बीते सालों में देश में दाल का उत्पादन कई गुणा बढ़ा है और आयात कम हुआ है। पहले जो हज़ारों करोड़ रुपए विदेश जाते थे, वो अब कर्नाटक के, देश के किसानों को मिल रहे हैं।

बंधु-भगिनियरे,
जो परिवर्तन दलहन के क्षेत्र में हुआ है, हम उसी को तिलहन के क्षेत्र में भी दोहराना चाहते हैं। पिछले कुछ वर्षों में तिलहन का उत्पादन Twenty Percent से ज्यादा बढ़ा है, लेकिन इसको बहुत अधिक बढ़ाने की जरूरत है। अभी खाने के तेल के आयात के लिए हमें One point Five Lakh करोड़ रुपए तक हर वर्ष विदेश भेजने पड़ते हैं।
मैं चाहता हूं कि ये पैसा देश के किसानों को मिले, हम खाने के तेल में आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए मिशन ऑयल पाम के तहत तिलहन किसानों को मदद भी दी जा रही है।

स्नेहितरे,
खेती हो, उद्योग हो, टूरिज्म हो, हर सेक्टर तभी आगे बढ़ेगा जब कर्नाटक नंबर वन राज्य बनेगा। और कर्नाटक को नंबर वन बनाने के लक्ष्य पर बीजेपी काम कर रही है। ऐसी अस्थिर सरकार जो 5 वर्ष आपस में लड़ती रहे, या फिर केंद्र सरकार से लड़ती रहे, वो ये काम नहीं कर सकती। इसलिए एक ही संकल्प है- हमें कर्नाटक में पूर्ण बहुमत वाली बीजेपी की मजबूत सरकार बनानी है। और इसिलए एक ही मंत्र गूंज रहा है ई बारिया निर्धारा, बहुमतदा बीजेपी सरकारा! हमें घर-घर जाकर ये संकल्प दोहराना है। कांग्रेस सिर्फ अपने वोटबैंक को खुश करने में जुटी है। हमें सर्वसमाज को एकजुट करना है, सबसे जुड़ना है।

भाइयों-बहनों,
ये सभा तो बड़ी जबरदस्त हो गई, लोग अभी भी यहां आ रहे हैं, चारों तरफ लोग ही लोग हैं, लेकिन इतनी ब़ड़ी सभा हो गई, तो अब जाकर के सो तो नहीं जाओगे ना.. जाकर के सो तो नहीं जाओगे ना.. काम करोगे? पोलिंग बूथ में जाओगे? जरा हाथ ऊपर कर के जोर से बताइए... पोलिंग बूथ में जाओगे? घर-घर जाओगे? मतदाताओं से मिलेंगे? ज्यादा से ज्यादा मतदान कराओगे? पोलिंग बूथ जीतोगे? पक्का जीतोगे? एक भी पोलिंग बूथ हारना नहीं है.. मंजूर है? ये काम करोगे? अच्छा मेरा भी एक काम करना है। करोगे? मेरे काम की बात आई तो आप ठंडे पड़ गए। मेरा एक काम करोगे? ऐसे नहीं.. पूरी ताकत से बताइए करोगे? पक्का करोगे? जरूर करोगे... देखिए मेरा एक काम है। घर-घर जाकर के सभी मतदाताओं से मिलना और उनसे कहना कि मोदी जी बादामी आए थे। और मोदी जी ने यादकर के आपको नमस्कार भेजा है। मेरा नमस्कार पहुंचाओगे? पक्का पहुंचाओगे? उनका आशीर्वादा मुझे कर्नाटक को नंबर वन बनाने में काम आएगा भाइयों-बहनों। बोलिए भारत माता की जय!

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Cabinet approves Ahmedabad Metro Rail project Phase 2A (Koteshwar Road to Airport corridor)
June 10, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi has approved Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project with corridor for a length of 6.032 Km with 05 stations (04 Elevated and 01 underground). On operationalisation of Phase 2(A), Ahmedabad-Gandhinagar will have 77.63 Km of active Metro Rail Network. The names of stations in the Phase 2(A) Corridor are- Ashram Road, Koteshwar Prachin Mandir, Sabarmati River, Sardar Nagar and Airport.

The total completion cost including IDC (Interest during Construction) for the project will be Rs.2,169.04 crore.

Benefits and Bolstering Growth:

The Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project represents a significant advancement in the city’s infrastructure development. Phase 2(A) acts as a major expansion of the Metro Rail Network in the city.

Enhanced Connectivity:

Phase 2(A) of the Ahmedabad Metro Project envisages the development of approximately 6.032 km of new metro corridor, aimed at substantially enhancing public transportation by providing seamless connectivity to the airport and linking key residential and commercial areas that presently lack efficient transit access.

This phase aims to seamlessly integrate key zones, including residential & Commercial hubs with existing Ahmedabad-Gandhinagar corridor. Further, likelihood of sports facilities also being developed in the vicinity for the World Police Games 2029 and Commonwealth Games 2030.

By bridging these vital areas with the metro network, Phase 2(A) will not only enhance connectivity but also stimulate economic activity, tourism, and ease urban mobility for both residents and visitors.

Reduction in Traffic Congestion: Metro Rail as an efficient alternate road transport and with Phase 2(A) as an extension of the Metro Rail network to the Airport, will be particularly impactful inside Ahmedabad. Reduction in road traffic can lead to smoother movement of vehicles, reduction in travel time, increasing overall road safety etc.

Environmental Benefits: With the addition of Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project and increase in overall Metro Rail Network in Ahmedabad & Gandhinagar cities, can significantly reduce carbon emissions compared to traditional fossil fuel-based transport.

Economic Growth: Reduced travel times and improved access to different parts of the city such as Airport, Railway Stations and Bus Depots can enhance productivity by allowing individuals to reach their workplaces and destinations more efficiently. Also, the enhanced connectivity can stimulate local businesses, especially in areas near new metro stations which can also attract investment and development in previously less accessible regions.

Social Impact: The expansion of Phase 2(A) Metro Rail network in Ahmedabad will provide more equitable access to public transport, benefiting diverse socio-economic groups and reducing transport disparities which will contribute to a higher quality of life by reducing commute times and improving access to essential services.
The Phase 2(A) of Ahmedabad Metro Rail Project is set to be a transformative development for the city. It promises to deliver enhanced connectivity, reduced traffic congestion, environmental benefits, economic growth, and improved quality of life. By addressing key urban challenges and providing a foundation for future expansion, Phase 2(A) will play a crucial role in shaping the city's development trajectory and sustainability.

The Ahmedabad Metro Phase 2A will generate employment of around 2,000 persons during the peak period of construction activity and 500 persons are likely to work during Operation & Maintenance of the system.

Route Map: