TMC govt is destroying the agriculture of potatoes. Due to this, the farmers of potatoes are committing suicide: PM Modi in Birbhum
TMC has shown its arrogance by insulting the first woman President of India from the Adivasi community, says PM Modi in Birbhum
On 23 April and 29 April, the response will be given by the youth who faced lathi charge and pain in the past years under the TMC govt: PM

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

मैं मेरा भाषण शुरू करूं उससे पहले यहां मेरे कुछ युवा मित्र बढ़िया-भढ़िया चित्र बनाकर के लाए हैं। मैं एसपीजी के लोगों से कहंगा ये जो छोटे-छोटे मेरे बाल मित्र चित्र लाएं हैं उनसे ले लीजिए और अगर आपने पीछे अपना एड्रेस लिखा है तो मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा... मैं आपका बहुत आभारी हूं इतने प्यार से आपलोग बनाकर ले आए हो... बोलिए भारत माता की... भारत माता की...इस चुनाव में यहां से जो उम्मीदवार हैं, उनसे मेरा आग्रह है कि आगे खड़े हो जाएं.. जो चुनाव लड़ रहे हैं कैंडिडेट हैं जो कैंडिडेट हैं... मैं आता हूं। मैं जरा सभी कैंडिडेट को मिलकर के आता हूं उसके बाद मेरा बाषण शुरू करूंगा।

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की..

जॉय माँ तारा, जॉय बक्रोनाथ, जॉय जगोन्नाथ जॉय निताई

बीरभूम की धरती ऐतिहासिक है...क्रांतिकारी है...और प्रेरणाओं से भरी भी हुई है। दुकुड़ीबाला देवी... महान साधक बामाख्यापा...भारत रत्न प्रणब मुखर्जी... उपन्यासकार ताराशंकर बंदोपाध्याय...पद्मश्री तृप्ति मुखर्जी और तकदीरा बेगम...ऐसी अनेक प्रेरक संतानों की धरती, ये हमारी बीरभूम है। बीरभूम ने संथाल क्रांति को ऊर्जा दी थी। आज उसी बीरभूम में पोरिबॉर्तन की आंधी नज़र आ रही है...मेरे सामने ये विशाल जनसागर, ये परिवर्तन की घोषणा कर रहा है। अभी मैं हेलीकॉप्टर से उतरा और हेलीपैड से यहां तक आया। दोनों तरफ इससे भी ज्यादा भीड़ा वहां लगी हुई थी। ये क्या अद्भुत नजारा है। आप सब इतनी बड़ी तादाद में उत्साह, उमंग और जोश के साथ हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए हम आप सबका अभिनंदन करता हूं प्रणाम करता हूं।
हमारा ये बीरभूम...'बाउल' संगीत की भूमि है...और आज यहां एक ही संगीत, एक ही धुन गूंज रही है...एक ही गूंज... एक ही संगीत... एक ही आवाज पाल्टानो दोरकार! पाल्टानो दोरकार! पाल्टानो दोरकार!

साथियों,

गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ऐसा समाज देखना चाहते थे...जहां हर कोई भय से मुक्त हो। लेकिन TMC के महाजंगलराज ने एकदम उलटा कर दिया है। ये मां, माटी और मानुष की बात करते थे... लेकिन मां आज रो रही है...माटी पर घुसपैठियों का कब्ज़ा हो रहा है...और मानुष, भयभीत है, डरा हुआ है, सहमा हुआ है। TMC के महाजंगलराज का साक्षी हमारा ये बीरभूम है।

साथियों,

बोगतुई में जो कुछ हुआ…वो सिर्फ एक घटना नहीं थी, वो मानवता के माथे पर कलंक था। निर्दोष महिलाओं और बच्चों को...जिंदा जला दिया गया। ये महा-जंगलराज नहीं है तो क्या है? ये महाजंगल राज है कि नहीं है… ये महाजंगल राज है कि नहीं है… ये महाजंगल राज जाना चाहिए कि नहीं चाहिए … ये महाजंगल राज का खात्मा होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए… साथियों, ये घटना टीएससी सिंडिकेट के गुंडाराज का बहुत ही खतरनाक सबूत है । माटी आपकी, हक आपका...लेकिन इस पर कब्जे के लिए ये गैंगवॉर चल रही है। बालू, पत्थर और कोयला...ये जो लूट चल रही है ये TMC के बड़े-बड़े नेताओं उनके आलाकमान, उनके आशीर्वाद से हो रहा है।


साथियों,

बंगाल की माटी पर घुसपैठियों का कब्जा... बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। TMC का सिंडिकेट...घुसपैठियों को फर्जी सरकारी डॉक्यूमेंट दिलवा रहा है। पड़ोस से घुसपैठिए अंदर आते हैं...यहां पंचायत हो, अन्य सरकारी दफ्तर हों, वहां डरा-धमकाकर गलत काम कराए जा रहे हैं फर्ज़ी डॉक्यूमेंट बनाने का ये काला खेल...बंगाल की, देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इसलिए आज मैं बंगाल के लोगों से एक वायदा करता हूं। बंगाल में बीजेपी सरकार बनते ही...घुसपैठ के मददगार लोगों के खिलाफ एक विशेष जांच बिठाई जाएगी। ये मेरी गारंटी है आपसबको... घुसपैठियों के हर मददगार को... चाहे वो कितना ही ताकतवर क्यों न हो, उसकी पहचान की जाएगी। घुसपैठियों को भी खदेड़ा जाएगा... और घुसपैठियों के जो आका हैं, उनको भी जेल में भरा जाएगा।

साथियों,

सरकारी योजना हो...मजदूरी का काम हो...घुसपैठिए, कम पैसे में ये काम यहां के लोगों से छीन लेते हैं। और यहां के लोकल लोगों को काम की तलाश में कहीं और जाना पड़ता है। पलायन करना पड़ता है। लिख लो साथियों अब ये नहीं चलेगा। रामपुर हाट की क्या स्थिति है... ये तो आप सभी प्रत्यक्ष देख ही रहे हैं। मालदा में बीते दिनों क्या हुआ...ये भी पूरे देश ने देखा। SIR के काम में लगे जो न्यायाधीश हैं...उनको तक, बंधक बना दिया गया। इस भय से बंगाल के मानुष को मुक्ति दिलानी ज़रूरी है।

साथियों,

मां-माटी और मानुष में से...मां की स्थिति तो और भी खराब है। हमारे SC/ST/OBC समाज की बेटियों के लिए तो जीना मुश्किल हो गया है। जो TMC देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति जी तक का अपमान कर सकती है...उसकी मानसिकता क्या होगी? कितना अहंकार होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, संथाल समाज के एक बड़े कार्यक्रम के लिए यहां आई थीं। देश में किसी की भी सरकार हो...राष्ट्रपति जी को उचित सम्मान देना संविधान के तहत आपका दायित्व है। लेकिन ये अहंकारी TMC सरकार...देश की राष्ट्रपति तक को कुछ भी नहीं समझती। सिर्फ इसलिए क्योंकि वो आदिवासी समाज की बेटी हैं और इसलिए आपको अपमान करने का हक मिल जाता है। ये देश के सभी आदिवासियों का अपमान है। देश की सभी महिलाओं का अपमान है। ये देश के संविदान का अपमान है।

साथियों,

पिछले साल की घटना आप सभी को अच्छे से याद होगी। बीरभूम में ही, स्कूल में पढ़ने वाली एक आदिवासी बिटिया...उसके साथ जो हुआ, वो बहुत ही परेशान करने वाला है। जिसने अपनी बेटी को खोया है...उसकी भरपाई कोई भी योजना, कितना भी पैसा कोई दे.. भरपाई नहीं हो सकती है। नहीं हो सकती है। यही तो, आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुआ था। एक डॉक्टर बेटी को हमसे छीन लिया गया। मैं सभी माताओं-बहनों से कहूंगा...ये चुनाव बेटियों की सुरक्षा के लिए है।

भॉय नॉय, भोरशा चाई... मां-बोनेदेर शोम्मान चाई...

बाकी बहनों के लिए हर महीने मदद देने की बात हो...अन्य सुविधाएं हों...ये बीजेपी की हर राज्य सरकार देती है। बिना कट कमीशन देती है.. जिसका हक है उसके खाते में पहुंचाती है। बंगाल बीजेपी ने भी माताओं-बहनों के लिए अनेक घोषणाएं की हैं...इन सारी घोषणाओं को तेज़ी से लागू किया जाएगा...ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

TMC की निर्मम सरकार की विदाई.. निर्मम सरकार की विदाई..बंगाल की युवाशक्ति तय कर रही है। बीते सालों में यहां के नौजवानों को जितनी लाठियां पड़ीं... जितने आंसू बहाने पड़े हैं...23 अप्रैल को और 29 अप्रैल को इसका जवाब मिलेगा। मैं बीरभूम के आप सभी साथियों को भय रहित.. भय रहित बंगाल का विश्वास दिलाने आया हूं।

साथियों,

जिस बंगाल ने दुनिया को विश्व-भारती जैसा संस्थान दिया...वहां से युवा पढ़ाई के लिए, रोजगार के लिए पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। और ये बंगाल का दुर्भाग्य देखिए... कोई नई यूनिवर्सिटी यहां खुल नहीं रही है। जो खुली हैं, उनके रेगुलर कैंपस नहीं हैं। जहां कैंपस हैं, वहां टीचर नहीं हैं। और जो शिक्षक हैं, उनकी सैलरी का कोई ठिकाना नहीं है। स्कूल भी यहां एक-एक करके बंद हो रहे हैं।
जेखाने स्कूल बोंदो, जेखाने स्कूल बोंदो, भोविष्योत बोंदो,
बांग्ला चाय...भोय नोय, भोरशा..!

साथियों,

आज केंद्र सरकार देश में रोजगार मेले आयोजित करती है। जहां-जहां भाजपा सरकारें हैं...वहां भी रोजगार मेले लगते हैं। इसके तहत लाखों नौजवानों को सरकारी नौकरियों के अपॉइंटमेंट लैटर दिए जाते हैं। बीते दो-ढाई वर्षों में ही...रोजगार मेलों से 17 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल में...रोजगार मेला नहीं, नौकरियों की लूट का खेला चल रहा है। शिक्षक भर्ती घोटाले ने...हज़ारों परिवारों के सपनों को कुचल दिया। लाखों नौजवानों को भयभीत कर दिया, आशंका से भर दिया।

साथियों,

भारत, आज डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग में नए रिकॉर्ड बना रहा है। आप अखबारों में पढ़ते होंगे...टीवी पर देखते होंगे.. मेड इन इंडिया हथियार दुनियाभर में एक्सपोर्ट हो रहे हैं। लेकिन TMC की दुर्नीति देखिए... यहां क्या हो रहा है। देश हथियार एक्सपोर्ट कर रहा है... और TMC की दुर्नीति देखिए.. यहां फैक्ट्रियां क्या करती है.. यहां फैक्ट्रियां कच्चे बम बना रही है कच्चे बम.. गली-मोहल्ले में कच्चे बम की फैक्ट्रियां चल रही हैं। बीरभूम में ही, टीएमसी से जुड़े लोगों के घर से कच्चे बम के भंडार मिलते हैं। TMC ने कच्चे बम के निर्माण को ही कुटीर उद्योग बना दिया है। TMC के राज में...लघु और कुटीर उद्योग बंद हो रहे हैं...लेकिन कच्चे बम के उद्योग फैल रहे हैं।

साथियों,

अब ये नहीं चलेगा... अब ये नहीं चलेगा..

आर नोय! चुप थाकबो ना ! आर नोय! चुप थाकबो ना!

आप कमल छाप पर बटन दबाइए...बीजेपी, बंगाल में भी रोज़गार मेले शुरू करेगी। बीजेपी, सभी खाली पड़े पदों पर तेज़ी से भर्ती करेगी। और बीजेपी, बंगाल सरकार के कर्मचारियों को... सेवेंन्थ पे कमीशन का लाभ देगी।

साथियों,

पश्चिम बंगाल को कुदरत ने बहुत कुछ दिया है। इस धरती के नीचे प्राकृतिक संपदा के खजाने हैं। लेकिन इस संपदा को TMC का सिंडिकेट लूट रहा है। TMC के सिंडिकेट का ये गुंडाराज... केंद्र सरकार को भी रोड और रेल जैसे काम तेज़ी से नहीं करने देता। ताकि यहां इंडस्ट्री न लगे...ताकि, यहां जो माइनिंग होती है, उसपर TMC के सिंडिकेट का राज चलता रहे। डेउचा पाचमी के साथ क्या हुआ... इसका जवाब भी TMC के पास नहीं है।

साथियों,

मैं यहां के सभी युवा साथियों को...हमारे SC परिवारों, मेरे आदिवासी परिवारों को भरोसा देता हूं... कि TMC के सिंडिकेट का अंत 4 मई को होकर रहेगा। 4 मई को टीएमसी जाएगी। भाजपा आएगी... भाजपा... भाजपा... साथियों, बंगाल में बीजेपी सरकार कनेक्टिविटी का नया अध्याय शुरू करेगी। खड़गपुर-मोरेग्राम एक्सप्रेसवे...दुबराजपुर बायपास...सिउरी रेलवे स्टेशन...ऐसे प्रोजेक्ट्स से कनेक्टिविटी भी अच्छी हुई है...और युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। लेकिन अभी TMC ने 75 हज़ार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स रोक के रखे हैं। आपको आंकड़ा याद रहेगा...भारत सरकार 75 थाउजेंड करोड़ 75 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट यहां लाकर के खड़े किए हैं... लेकिन ये रोककर के बैठे हैं... आपको याद है ये आंकड़ा... कितने... 75 हजार करोड़... कितने... कितने...डबल इंजन सरकार बनते ही, ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स पर तेज़ी से काम होगा। जिससे बीरभूम में छोटे और बड़े, हर प्रकार के उद्योगों के लिए नए रास्ते बनेंगे।

साथियों,

आप सभी जानते हैं...TMC ने कैसे मनरेगा के नाम पर भी गरीब परिवारों, दलित परिवार और आदिवासी परिवारों को ठगा है। फर्जी जॉब कार्ड बनाए...कागज़ पर ही काम किया...बजट में हेराफेरी की...अब केंद्र सरकार जी राम जी कानून लेकर आई है। आप यहां बीजेपी सरकार बनाइए...हम, जी राम जी कानून लागू करेंगे। गरीबों को रोजगार देंगे... गांव-गांव रोजगार देंगे... इससे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए नई सुविधाएं बनेंगी। और गांव में एक सौ पचीस दिन का रोजगार भी मिलेगा...और मजदूरी का पूरा पैसा आपके बैंक खाते में आएगा। कोई सिंडिकेट हाथ नहीं लगा पाएगी... कोई कटमनी नहीं, कोई कमीशन नहीं। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

बीरभूम के आलू पॉस्तो की बहुत चर्चा होती है। लेकिन TMC की निर्ममता, आलू की खेती को तबाह कर रही है। इसके कारण, आलू किसान अपनी जान तक दे रहे हैं। ये बहुत ही गंभीर संकट है। पहले आलू किसानों से उपज खरीदने का वायदा किया...और फिर आलू की फसल को सड़ने के लिए छोड़ दिया। TMC को इस धोखे की सज़ा मिलनी चाहिए। सज़ा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए... टीएमसी को सज़ा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए... सजा देंगे... सजा देंगे... और इसलिए यहां बदलाव चाहिए।
एखोन बदोल चाई... एखोन बदोल चाई...बदोल चाई…

साथियों,

केंद्र सरकार ने छोटे किसानों के लिए FPO... यानि किसान उत्पादक संघ की योजना बनाई है। छोटे-छोटे किसान समूह बना सकते हैं..

इसमें किसान ही, लोन, बीज, खाद, बाज़ार में बिक्री...ये सबकुछ मिलकर संभालते हैं। सरकार FPO को कोल्ड स्टोरेज और आलू चिप्स जैसे कृषि आधारित उद्योगों को लिए भी मदद देती है। यानि किसानों को ये FPO चिप्स के उद्योग भी लगा सकते हैं। यहां भी आप बीजेपी सरकार बनाइए. बंगाल में किसानों के नए FPO बनाए जाएंगे, जिससे अनेक समस्याओं का समाधान होगा।

साथियों,

आपको याद रखना है...TMC को PM शब्द से तो नफरत ही …नफरत है। ये पीएम शब्द मोदी के परिवार का शब्द नहीं है। ये पीएम शब्द मोदी की जागिर नहीं है। ये पीएम शब्द भारत के संविधान ने दिया है और जनता के आशीर्वाद से मिलता है। इनको किसान से, गरीब से, आदिवासी से, श्रमिक से सभी से नफरत है।मैं आपको कुछ उदाहरण देता हूं। बीजेपी सरकार की जिन भी योजनाओं में PM शब्द होता है..पीएम लगा है...TMC उनका फायदा यहां मिलने ही नहीं देती। जैसे, पीएम किसान सम्मान निधि है। शुरुआत के कई महीनों तक बंगाल के किसानों को इन्होंने इससे वंचित रखा। लेकिन जब किसानों ने दबाव डाला, तो निर्मम सरकार को झुकना पड़ा। अभी तक, इस योजना से बंगाल के छोटे किसानों को...14 हजार करोड़ रुपए से अधिक मिल चुके हैं। कोई कट नहीं, कोई कमिशन नहीं, कोई सिंडिकेट नहीं, 14 हजार करोड़ रुपए सीधा किसानों के खाते में पहुंच गया। और यहां बीरभूम के तीन लाख किसान परिवारों को भी...अभी तक करीब आठ सौ करोड़ रुपए मिल चुके हैं।

साथियों,

ऐसे ही, पीएम फसल बीमा योजना है। ये योजना यहां लागू होती, तो फसल बर्बाद होने पर किसानों को क्लेम मिलता। लेकिन इसमें पीएम है, तो यहां के सीएम को गुस्सा आ जाता है, पीएम का नाम सुनते ही सीएम भड़क जाती है। पीएम कुसुम योजना से, किसानों को सोलर पंप मिलते। ये भी, टीएमसी लागू नहीं करती है।

साथियों,

तृणमूल की नफरत हमारा आदिवासी समाज भी भुगत रहा है। पिछड़ी आदिवासी जनजातियों के लिए बीजेपी सरकार पीएम-जनमन योजना चला रही है। देशभर में इसके तहत काम हो रहा है। लेकिन बंगाल के आदिवासी परिवारों को इसका पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्यो…..क्योंकि इस योजना में पीएम लगा हुआ है।

साथियों,

चुनावों में आपका आशीर्वाद बीजेपी का पीएम तो बनाता आ रहा है... लेकिन अब इस चुनाव में आपको बंगाल में बीजेपी का सीएम बनाना है। सीएम बनाएंगे...बीजेपी का सीएम बनाएंगे... आप यहां 4 मई को यहां बीजेपी का सीएम बनाएंगे ताकि पीएम और सीएम, दोनों मिलकर आपके फायदे के लिए डबल काम करके रहेंगे।

साथियों,

मैं बंगाल के सभी साथियों से कहूंगा...इस बार कमल छाप पर भरोसा करना है। TMC ने आपके साथ जो कुछ किया है...उसका हिसाब करने का ये सबसे उत्तम मौका है। 23 अप्रैल को और 29 अप्रैल को इन सभी साथियों को विजयी बनाना है। और आज मैं आपको वादा करता हूं। आपने हमेशा मेरे मुंह से सुना होगा, सबका साथ सबका विकास... सुना है ना... सबका साथ सबका विकास सुना है ना... ये विकास का मेरा मंत्र है... लेकिन बंगाल में मुझे और ज्यादा करना है.. और इसलिए सबका साथ... सबका विकास और जिन्होंने बंगाल को लूटा है सबका हिसाब। ये मोदी इनको चोड़ने वाला नहीं है। चुन-चुन कर के हिसाब मांगेगा। चुन-चुन के हिसाब मांगा जाएगा। जिन्होंने बंगाल को लूटा है, उनको लौटाना पड़ेगा... बंगाल के मेरे भाई बहनों आप मेरा एक करोगे... सबके सब हाथ ऊपर करके बताओ... मेरा एक काम करोगे... पक्का करोगे आप जिससे भी मिलें, उनसे कहना कि मोदी जी आए थे... उन्होंने आपको पॉइला बैशाख की शुभेच्छा दी है। पॉइला बैशाख की शुभेच्छा पहुंचाओगे... पॉइला बैशाख की शुभेच्छा पहुंचाओगे...

बोलो मेरे साथ..

भारत माता की...

भारत माता की...

दोनों हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से बोलिए.. भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...

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PM Modi’s departure statement ahead of his visit to France and Slovak Republic
June 13, 2026

At the invitation of H.E. Mr. Emmanuel Macron, President of the French Republic and H.E. Mr. Robert Fico, Prime Minister of the Slovak Republic, I will be undertaking a visit to France and the Slovak Republic from 13 to 18 June 2026.

France occupies a special place in India’s strategic vision. Earlier this year, President Macron visited India and we elevated our relationship to a Special Global Strategic Partnership. When I meet President Macron in Nice, we will review the progress made since February, and chart the next steps in our cooperation. I look forward to our discussions on pressing global issues of mutual interest as well.

In Nice, I also eagerly look forward to inaugurating ‘Bharat Innovates’ along with President Macron on 14 June 2026. This landmark event, being held against the backdrop of the India-France Year of Innovation, will connect India’s most promising start-ups with global investment and serve as a major accelerator for innovations emerging from India's higher education ecosystem.

From Nice, I will travel to the Slovak Republic for a State Visit from 14-15 June 2026, the first ever visit by an Indian Prime Minister since Slovakia’s independence in 1993. This historic visit builds on the strong momentum in our bilateral relationship. I look forward to holding discussions with President Pellegrini and Prime Minister Fico in Bratislava. I will also have the opportunity to interact with Slovak business leaders. Building on the momentum of the India-EU Free Trade Agreement, the visit will further energize our Strategic Partnership with the European Union, of which Slovakia is an important and valued member.

From Slovakia, I will travel to Evian, where I will participate in the G7 Summit on 16 and 17 June 2026. India’s presence at the G7 reflects the trust our partners place in us and our growing global profile. This is the 8th consecutive G7 Summit to which India has been invited. At the G7, India will not only speak for itself, but it will also give voice to the aspirations of the Global South.

I will conclude my visit to France in Paris on 18 June 2026 where I will attend the VivaTech 2026 alongside President Macron. VivaTech is Europe’s foremost gathering of technology and innovation, and India will have the largest national pavilion at this edition, a fitting symbol of the enormous potential for partnership between Indian and European innovation ecosystems. I also look forward to meeting the members of the vibrant Indian community in Paris, who have been a living bridge between our two nations.

I am confident that my visits to France and the Slovak Republic will reinforce India’s deepening engagement with both Europe and the G7, and showcase our steadfast commitment to expanding the horizon of our partnerships with the continent and beyond.