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Congress is involved vote-bank politics and dividing people on the grounds of caste; it did not let OBC Commission get Constitutional status in Parliament: PM

भारत माता की जय। भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ महानुभाव, इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार और विशाल संख्या में पधारे कलबुर्गी के मेरे प्यारे भाइयो बहनो।

ये सभा का रूप देखकरके लग रहा है कि आपको इस मई महीने की गर्मी तो सहन करनी है लेकिन आप कांग्रेस की सरकार को सहन नहीं करनी है, ये आपका मिजाज ...। ये आपका मिजाज दिखाई दे रहा है।

भाइयो बहनो।

चुनाव आते हैं, जाते हैं। जनसभाएं होती हैं। आरोप-प्रत्यारोप होते हैं लेकिन ऐसा जनसैलाब, ऐसा गुस्सा, सरकार को बदलने को ऐसा संकल्प, आम तौर पर नहीं दिखाई देता है। जो इस बार कर्नाटक में चारो तरफ दिखाई दे रहा है। कर्नाटक की जनता का संकल्प है कि 5 साल तबाह हो गए। अब एक पल भी कर्नाटक को बर्बाद नहीं होने देना है।

और इसलिए भाइयो बहनो।

आज देश में क्या कारण है देश के हर कोने से, कांग्रेस पार्टी की छुट्टी हो रही है। कहीं पर नजर कीजिए। पिछले 4 साल में देश के हर कोने में कांग्रेस पार्टी को पराजय का मुंह देखना पड़ा है। आजादी के बाद पहली बार देश की जनता को देशव्यापी एक विकल्प के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रति एक नई आस्था, नया उमंग, नया विश्वास पैदा हुआ है।

भाइयो बहनो।

ये चुनाव हमारे इस क्षेत्र में कौन विधायक बने कौन न बने। कौन पार्टी जीते, कौन पार्टी हारे। किसकी सरकार बने, किसकी सरकार न बने। इस छोटे से काम के लिए चुनाव नहीं है। यह चुनाव तो कर्नाटक के नौजवानों का भविष्य तय करने के लिए है। कर्नाटक के किसानों का भाग्य बदलने के लिए है। कर्नाटक की माताओं-बहनों को सुरक्षा और सम्मान देने के लिए चुनाव है। यहां के नौजवानों को हक का, अधिकार का जो मिलना चाहिए, वो मिलने के लिए चुनाव है।

और इसलिए मेरे भाइयो बहनो।

12 मई को जब आप मतदान करेंगे तो आप सिर्फ और सिर्फ कर्नाटक के उज्ज्वल भविष्य को ही ध्यान में रखकर के कमल के निशान पर बटन दबाइए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि दिल्ली सरकार मोदी सरकार कर्नाटक के विकास के लिए, कर्नाटक की भाजपा की सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी।

भाइयो बहनो।

कलबुर्गी। ये देश की एकता और अखंडता के लिए जीवन खपाने वाले सरदार बल्लभ भाई पटेल का कलबुर्गी के साथ एक विशेष रिश्ता रहा है। ये सरदार पटेल थे जिन्होंने कलबुर्गी को लोकतांत्रिक भारत का हिस्सा बनाया। निजाम ने जब विलय के पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। तब लौहपुरुष ने उनको झुकने पर मजबूर कर दिया था।

गोरोटा गांव वहां जो शहीद हुए। मैं आज इस धरती से उन वीर शहीदों को भी नमन करता हूं। जालियावाला बाग में जो अंग्रेजों ने किया, उसी प्रकार का अत्याचार निजाम के राज में गोरोटा के शहीदों को झेलना पड़ा था।

भाइयो बहनो।

मैं आप सभी को विशेषकर कर्नाटक के भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूं कि जिन्होंने शहीद स्मारक का निर्माण किया। ये काम जो स्थानीय जनता ने किया वो कांग्रेस सरकार भी कर सकती थी, लेकिन जहां भी सरदार बल्लभ भाई पटेल का नाम आता है, तो कांग्रेस के एक परिवार की नींद उड़ जाती है। और पूरे कांग्रेस के लोग भी सरदार बल्लभ भाई पटेल से पीछा छुड़ाने के लिए भागते रहते हैं।

भाइयो बहनो।

कांग्रेस के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल के प्रति तिरस्कार ये नई घटना नहीं है। ये उनके स्वभाव में है।

भाइयो बहनो।

कांग्रेस के स्वभाव में ये भी है। सिर्फ संसद वाले भाई नहीं, देश के अन्य वीर शहीद नहीं। ये कांग्रेस पार्टी तो शहीदों और देशभक्तों को, उनको नीचा दिखाना, उनको भुला देना, उनको अपमानित करना क्योंकि तभी एक परिवार की गाड़ी चल पाए। इसलिए इतिहास को भूला देने का लगातार प्रयास रहा है।

आप कल्पना कर सकते हैं। हमारे वीर सैनिकों ने आतंकवादियों के किले में जा करके सर्जिकल स्ट्राइक करके उनके छक्के छुड़ा दिए। और भारत के प्रसिद्ध अखबार ने लिखा था कि वहां के लोग कह रहे हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद ट्रकों में पाकिस्तान को मृत देह उठाने पड़ रहे थे। ऐसा पराक्रम, सर्जिकल स्ट्राइक हमारे वीर सैनिकों ने किया। तब ये कांग्रेस बेशर्मी के साथ देश के शहीदों का अपमान करने की आदत रखने वाली, देश के वीरों का अपमान करने की आदत रखने वाली, मातृभूमि के लिए जी-जान से मरने-मिटने वालों को भुला देने वाली कांग्रेस को सर्जिकल स्ट्राइक के लिए भी सवालिया निशान खड़े कर दिया और कहा, मोदी जी जरा सबूत लाइए, सबूत लाइए।

मैं जरा कलबुर्गी के भाइयो बहनो से पूछना चाहता हूं।

क्या आपको सबूत की जरूरत है ...। क्या मेरे वीर जवान कैमरा लेकर जाएं या बंदूक लेकर जाएं ...।

भाइयो बहनो।

सबूत चाहिए तो पाकिस्तान में जो मुर्दे हटाए जा रहे थे। जरा उनकी जानकारी ले ले कांग्रेस के लोग तो उनको पता चल जाएगा कि हमारे वीर सैनिकों ने कैसा पराक्रम किया।

भाइयो बहनो।

लेकिन जो उनके सर्वश्रेष्ठ नेता भी खुलेआम भरी सभा में अगर वंदे मातरम का अपमान कर सकते हैं तो उनसे देशभक्ति के पराक्रमों के प्रति सकारात्मक भाव व्यक्त होना असंभव होता है।

और इसलिए भाइयो बहनो।

आजादी के दीवानों के प्रति और कर्नाटक में भी इस कांग्रेस पार्टी का सेना के साथ कैसा नाता रहा है। ये हमारे कर्नाटक के भाइयो से ज्यादा कौन जानता है। लेकिन फील्ड मार्शल करिअप्पा और जनरल थिमैया पूरे विश्व में जिनका सेनानायकों में नाम था, पूरा हिन्दुस्तान जिनका नाम लेते ही गर्व अनुभव करता है। आज उनका स्मरण करते हुए हमारे हिन्दुस्तान की सेना का जवान मर-मिटने को निकल पड़ते हैं। लेकिन करिअप्पा हो या जनरल थिमैया हो, उनके प्रति कांग्रेस सरकारों का क्या रवैया रहा था। किस प्रकार से उनको अपमानित किया गया था। ये इतिहास भलीभांति आपको बताता है। 1948 में पाकिस्तान से युद्ध जीता, जनरल थिमैया जी के नेतृत्व में लेकिन उस पराक्रम के बाद कश्मीर को बचाने वाले जनरल थिमैया का उस समय के प्रधानमंत्री नेहरू और उस समय के रक्षा मंत्री कृष्ण मेनन ने बार-बार अपमान किया था। और इसी के कारण जनरल थिमैया को अपने पद से सम्मान के खातिर इस्तीफा देना पड़ा था। मैं कर्नाटक की नई पीढ़ी को बताना चाहता हूं। ये रवैया कांग्रेस का देश के सेना के मुखिया के प्रति रहा है। कर्नाटक के वीर पुत्र के प्रति रहा है। ये बात कर्नाटक के नौजवानों को भुलनी नहीं चाहिए।

भाइयो बहनो।

फील्ड मार्शल करिअप्पा 1962 भारत-चीन की घटना आज भी इतिहास की तारीखों में दर्ज है। उनके साथ क्या व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हमारे वर्तमान सेनानायक को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता उन्होंने यहां तक कह दिया किया कि ये तो गुंडे हैं गुंडे।

भाइयो बहनो।

मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि इस देश में कभी भी कोई अनपढ़ व्यक्ति भी क्या कभी हमारे सेनानायक को, हमारी सेना को, देश की रक्षा के लिए मर मिटने वाले जवानों को कभी भी, क्या कभी भी कोई हमारे वीर सैनिकों को कभी गुंडा कहने का पाप कर सकते हैं क्या ...। कर सकते हैं क्या ...। क्या कांग्रेस ने सेना को गुंडा कहने वाले लोगों को माफी मांगने के लिए मजबूर किया क्या ...। क्या कांग्रेस पार्टी से उनको निकाला क्या ...। क्या कांग्रेस पार्टी उनको संरक्षण दे रही है कि नहीं कर रही है ...। मंच पर बिठाकर उसको शोभायमान कर रही है कि नहीं कर रही है ...।

भाइयो बहनो।

जय जवान जय किसान। ये मंत्र, हिंदुस्तान की सेना, हिन्दुस्तान के किसान को ताकत देता रहा है। जवानों के साथ लगातार क्या करते रहे हैं, उसके इतिहास में और ज्यादा जाना नहीं चाहता हूं। लेकिन मेरा किसान।

भाइयो बहनों।

ये हमारा क्षेत्र जो दाल पैदा करने वाला क्षेत्र है। कलबुर्गी को तूअर दाल का खलिहान या कन्नड़ में तोगाड़ी कनाजा भी कहा जाता है। यहां के किसानों की मेहनत आज हिन्दुस्तान भर में कुलबर्ग तुअर दाल एक ब्रांडेड नाम बन गया है। और पूरे कर्नाटक में जितनी तुअर दाल उसकी आधी तुअर दाल यहीं के मेरे किसानों के परिश्रम से पैदा होती है।

भाइयो बहनो।

इस वर्ष कलबुर्गी में फिर दाल का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। निश्चित तौर पर केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ यहां के किसानों ने उठाया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के लक्ष्यों को उत्पादन के साथ जोड़ा है। और उसके नतीजे भी मिल रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा किसान दाल का उत्पादन करे। उन्हें दाल के सही दाम मिले। खरीद केंद्रों की स्थापना हो, इस पर सरकार भारत सरकार लगातार ध्यान दे रही है। केंद्र सरकार दाल उत्पादन पर रोड मैप बना करके देश में आगे बढ़ रही है। लेकिन ये कर्नाटक की कांग्रेस सरकार दाल के किसानों के प्रति रत्तीभर भी संवेदनशील नहीं है।

मुझे बताया गया कि भारत सरकार ने एमएसपी तो तय किया लेकिन उस एमएसपी का फायदा किसान अभी भी इंतजार कर रहा है। ऐसी कैसी सरकार चलाई कि भारत सरकार की इतनी बड़ी योजना का फायदा भी तुअर दाल पैदा करने वाले मेरे कलबुर्गी के किसानों को ये सरकार पहुंचा नहीं पाई।

भाइयो बहनो।

ऐसी सरकार वादे करने का बाद भी आगे आपको कुछ नहीं दे पाएगी। और इसलिए मैं आपसे आग्रह करता हूं। यूपी में तो अभी-अभी हमारी सरकार बनी। यूपी में पहले की सरकारों में एमएसपी के गीत गाने की आदत थी लेकिन किसानों को एमएसपी का फायदा मिले ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी। ये हमारी योगी जी की सरकार बनी। तीन महीने के भीतर-भीतर उन्होंने बीड़ा उठाया। जितना धान पहले एमएसपी में खरीदा जाता था, उन्होंने एक ही साल के अंदर दस गुना धान एमएसपी में खरीद करके किसानों को हक के पैसे दिलवाने की योजना बना करके दिखाई।

भाइयो बहनो।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। किसान नेता और किसानों को समर्पित किसानों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले येदुरप्पा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। किसानों के कल्याण में जो सारी रूकावटें हैं, इनको दूर करके आपको पूरा हक दिया जाएगा।

भाइयो बहनो।

आपको भलीभांति पता है कि एमएसपी के अंदर हमने तय किया है स्वामिनाथन कमीशन के अनुसार लागत जो होगी इसका डेढ़ गुना एमएसपी दिया जाएगा। इसकी घोषणा हमने करके इसको लागू कर दिया है। आज कांग्रेस वाले। मैं कहीं अगर एमएसपी की बात बोलता हूं तो उनको जरा तकलीफ हो जाती है। मैं जरा उनको पूछना चाहता हूं। अनेक वर्षों तक ये स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट को अलमारी में चढ़ा देने का पाप आपकी कांग्रेस की सरकार ने किया था। हमने तो इसे बाहर निकाल करके लागू करने का काम किया है। कम से कम सच नहीं बोल पाओगे मैं जानता हूं लेकिन चुप तो रह पाओगे। अरे इतना तो सीखो।

भाइयो बहनो।

अगर किसान में ताकत है। अगर उसको पानी मिल जाए, समय पर पानी मिल जाए तो मेरा किसान मिट्टी में से सोना पैदा करने की ताकत रखता है। कृष्णा और तुंगभद्रा जैसी जीवनदायनी नदियों के वाबजूद कलबुर्गी और पूरे क्षेत्र के किसानों के खेत सूख होने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह जिम्मेदार है। कांग्रेस ने भले ही इन सारे चीजों पर उदासीनता रखी है।

लेकिन मेरे किसान भाइयो बहनो।

मैं कांग्रेस ने पाप किया इसलिए राजनीतिक फायदा उठाने के लिए चुप बैठा रहूं। ये मेरा काम नहीं है। मेरा काम है किसानों की चिंता करना। कांग्रेस ने भले न किया हो ...। और हमने देशभर में करीब 100 ऐसी योजनाएं खोज करके निकाली। जो 20-20, 30-30, 40 सालों से कोई पूछ नहीं रहा था, लटकी पड़ी थीं, 5 तो आपके कर्नाटक की है। हजारों करोड़ रुपए खर्च करके सिंचाई के इस काम की ओर लगे हैं। और 4000 करोड़ रुपए के खर्च से ये जो हम प्रोजेक्ट लागू कर रहे हैं। इसमें से एक तो पूर्ण हो चुका है और चार भी बहुत जल्द पूरे होने वाले हैं। और उसका फायदा बिदर, बीजापुर, बेलगाम, हाबेरी, कलबुर्गी आदि इन सभी क्षेत्रों को इसका फायदा मिलने वाला है। आप कल्पना कर सकते हैं कि किसान को इसका कितना लाभ होने वाला है।

पीएम फसल बीमा योजना।

भाइयो बहनो।

आजाद हिन्दुस्तान में किसानों को सुरक्षा देने वाली ऐसी योजना इससे पहले कभी नहीं बनी। और हमारे एमपी महोदय ने अपने क्षेत्र में किसानों को फसल बीमा योजना का सबसे अधिक फायदा देने का काम किया। मैं उनको बधाई देता हूं। लेकिन कर्नाटक की सरकार, उनको लगता है कि इससे भारत सरकार की इज्जत बढ़ रही है। हम कर्नाटक में इसके पीछे धन क्यों खर्च करें। हमारी जिम्मेदारी को क्यों निभाएं।

लेकिन भाइयो बहनो।

इसके कारण किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भरपूर लाभ आने वाले दिनों में किसानों को मिलेगा। और जहां-जहां बीजेपी की सरकारें हैं, ये हमारी प्राथमिकता रहेगी। कर्नाटक में भी बीजेपी की सरकार बनने के बाद हमारी प्राथमिकता रहेगी। आज कर्नाटक में करीब 14 लाख किसानों को इसका कवरेज मिला है। लेकिन ये बहुत कम है। करीब-करीब 11 सौ करोड़ रुपया किसानों की जेब में गया है। लेकिन हम इससे भी आगे जाना चाहते हैं।

इसलिए भाइयो बहनो।

मैं आपसे आग्रह करना चाहूंगा कि आइए हम इस विकास की यात्रा में और आगे बढ़े।

और भाइयो बहनो।

कांग्रेस के एक बड़े नेता हैं श्रीमान खड़गे जी। ये कांग्रेस की कमाल देखिए। इस चुनाव में वो दलितों के नाम पर गीत गा रहे हैं। पिछले चुनाव में कह रहे थे कि आप हमें वोट दीजिये, सरकार बनाइए। हम खड़गे जी को मुख्यमंत्री बनाएंगे। ऐसा कहा था कि नहीं कहा था ...। ये दलितों को गुमराह किया था कि नहीं किया था ...। खड़गे जी के नाम पर वोट मांगा और गुप्त मतदान के रूप में वोट की बात करके खड़गे जी को ...। कर दिया कि नहीं कर दिया ...।

और भाइयो बहनो।

ये दलितों की बात करने वाली कांग्रेस को मैं पूछना चाहता हूं।

भाइयो बहनो।

जहां भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलता है। वहां लोगों का विश्वास जीतते हैं और उसके कारण हमारा कमल का फूल खिलता है। लेकिन जहां-जहां कांग्रेस को अवसर मिलता है। वहां सिर्फ और सिर्फ कुछ परिवार ही फलते-फूलते हैं। कोई अंदाज लगा सकता है कि खड़गे जी की परिवार की संपत्ति कितनी होगी।

भाइयो बहनो।

क्या ये दलितों का विकास हुआ।

इतना ही नहीं भाइयो बहनो।

दलितों पर जो अत्याचार की घटनाएं कर्नाटक में हुई है, वो किसी से छिपी हुई नहीं है। यहां पड़ोस में बिदर में दलित बेटी के साथ क्या हुआ था। ये सोशल मीडिया में आज भी पड़ा हुआ है। दिल्ली में कैंडल मार्च निकालने वाले कांग्रेस के लोगों से पूछ रहा हूं कि जब बिदर में दलित बेटी से अत्याचार हुआ था तो ये तुम्हारी कैंडल लाइटें कहां खो गई थी। तुम्हारे नेता कहां थे।

भाइयो बहनो।

एससी एसटी के कानून को हमारी सरकार बनने के बाद 2015 में हमने मजबूत बनाया। छोटी-छोटी बातों में भी सामाजिक भेदभाव, अनाप-शनाप भाषा का प्रयोग, समाज के कुछ वर्गों को पीड़ित करने का प्रयास, किसी भी समाज को शोभा नहीं देता। और इसलिए एससी-एसटी के लोगों को सम्मान पूर्वक जीने के लिए हमने कानून को और मजबूत बनाया। और इतना ही नहीं, हम पूरे देश में ये न्याय दिलाने के लिए हम कोर्ट का मजबूत जाल, डेडीकेटेट कोर्ट का जाल ये भी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ताकि समाज में भेदभाव की स्थिति न बने, ऊंच-नीच की स्थिति न बने, मान-अपमान के किस्से न बने। और सबलोग साथ रह करके जीने की दिशा में आगे बढ़े। उस दिशा में हम प्रयास कर रहे हैं।

भाइयो बहनो।

हम वो सरकार हैं जो आदिवासियों के कल्याण से जुड़ी हुई सरकार है। इस देश के आदिवादियों ने आजादी की जंग में बहुत बड़ा योगदान दिया। लेकिन एक परिवार का भला करने के उत्साह में एक ही परिवार को साष्टांग प्रणाम करने वाली कांग्रेस ने 70 साल में देश के इतिहास को कुचल दिया। सामान्य मानवी के पराक्रम को कुचल दिया है। हमने तय किया है हिन्दुस्तान के हर राज्य में जहां-जहां आदिवासियों ने 1857 स्वातंत्र्य संग्राम से लेकरके 1947 तक आजादी के जंग में अपनी आहुति दी है। उनके अलग म्युजियम बनाए जाएंगे। और उनको सम्मानित करके नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का काम किया जाएगा।

भाइयो बहनो।

हमने एक बड़ा महत्वपूर्ण कानून बनाया। हमारे देश में ज्यादातर खनिज उस इलाके में हैं जहां हमारी आदिवासी बस्ती रहती है, समाज के पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं। हमने बनाया और हमने तय किया है खनिज में जो पैदावार होगी उसका एक निश्चित हिस्सा उसी इलाके के आदिवासियों के विकास और विस्तार के लिए खर्च करना पड़ेगा।

और भाइयो बहनो।

उसका लाभ आज कर्नाटक में भी कई क्षेत्रों को भी मिलना चाहिए। लेकिन सरकार ऐसी सोई पड़ी है। रुपये तो ले लेती है लेकिन खर्च करने की योजना नहीं बना रही है। ये इनका आदिवासियों के प्रति ये झुकाव है।

भाइयो बहनो।

उज्जवला योजना। हमारे देश में गैस सिलेंडर 9 मिलेंगे कि 12 मिलेंगे। इसकी बहस करके चुनाव लड़े जाते थे। एक गैस सिलेंडर लेने के लिए, एक गैस का कनेक्शन लेने के लिए मध्यम परिवार के लोगों को राजनेताओं के घर के चक्कर काटने पड़ते थे। हमने स्थित बदल दी। हमने सामने से कहा कि मैं मेरे देश की गरीब से गरीब मां को चूल्हे के धुएं से मुक्ति दिलाना चाहता हूं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ परिवारों में गैस चूल्हा पहुंचाने का संकल्प किया। सवा तीन करोड़ से ज्यादा परिवारों में गैस का चूल्हा पहुंचा दिया गया।

भाइयो बहनो।

काम कैसे होता है। इसका जीता जागता सबूत है।

भाइयो बहनो।

हमारी कोशिश रही है कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति के जीवन में बदलाव कैसे आए। विकास के नए पैमानों पर देश के सामान्य व्यक्ति को कैसे पहुंचाया जाए। और इसी काम को ले करके आज भारतीय जनता पार्टी आपसे वोट मांग रही है।

और इसलिए भाइयो-बहनो।

12 मई को कमल के फूल पर बटन दबा करके  येदुरप्पा जी के नेतृत्व में हम सब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाएं। स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित कर्नाटक निर्मिष सोणा, बन्नी एल्लरू कै जोड़ी सी। सरकार बदली सी, बीजेपी गेल्ली सी। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। दोनों मुट्ठी बंद करके हाथ ऊपर करके बोलिए। सरकार बदली सी ...। सरकार बदली सी ...। बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

 

 

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Prime Minister participates in 16th East Asia Summit on October 27, 2021
October 27, 2021
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Prime Minister Shri Narendra Modi participated in the 16th East Asia Summit earlier today via videoconference. The 16th East Asia Summit was hosted by Brunei as EAS and ASEAN Chair. It saw the participation of leaders from ASEAN countries and other EAS Participating Countries including Australia, China, Japan, South Korea, Russia, USA and India. India has been an active participant of EAS. This was Prime Minister’s 7th East Asia Summit.

In his remarks at the Summit, Prime Minister reaffirmed the importance of EAS as the premier leaders-led forum in Indo-Pacific, bringing together nations to discuss important strategic issues. Prime Minister highlighted India’s efforts to fight the Covid-19 pandemic through vaccines and medical supplies. Prime Minister also spoke about "Atmanirbhar Bharat” Campaign for post-pandemic recovery and in ensuring resilient global value chains. He emphasized on the establishment of a better balance between economy and ecology and climate sustainable lifestyle.

The 16th EAS also discussed important regional and international issues including Indo-Pacifc, South China Sea, UNCLOS, terrorism, and situation in Korean Peninsula and Myanmar. PM reaffirmed "ASEAN centrality” in the Indo-Pacific and highlighted the synergies between ASEAN Outlook on Indo-Pacific (AOIP) and India’s Indo-Pacific Oceans Initiative (IPOI).

The EAS leaders adopted three Statements on Mental Health, Economic recovery through Tourism and Sustainable Recovery, which have been co-sponsored by India. Overall, the Summit saw a fruitful exchange of views between Prime Minister and other EAS leaders.