Today, resource mafia, drugs mafia & shooter gangs rule the roost in Punjab: PM Modi in Patiala
The state government of Punjab is debt-ridden & its CM is only CM on paper: PM Modi in Patiala
It was I.N.D.I alliance’s divisive politics which caused the partition of India and kept us away from the Kartarpur Sahib for 70 years: PM Modi in Patiala

सतश्री अकाल... मैं बहुत खुशकिस्मत हाँ, कि श्री गुरू तेग बहादुर जी दे, पावन चरण छोह स्थान, अते श्री काली माता जी दे पावन स्थान पटियाला तों, मैंनू आपणे पंजाब दौरे दी शुरूआत करण दा मौका मिलिआ है।

साथियों,

भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में मैंने पंजाब में बहुत समय बिताया है। यहां के खेतों में, खलिहानों में, सड़कों में खूब घूमा हूं। वो दिन मुझे बराबर याद रहते हैं, साथियों के साथ बारादरी गार्डन में सुबह-सुबह टहलना और जोड़ियां भाटिया चौक में साथियों से गप्प मारना, सारी पुरानी यादें, आज मैं देख रहा हूं, काफी पुराने-पुराने साथियों का दर्शन करने का अवसर मिला है। जब भी पंजाब आता हूं, पंजाब से ये स्नेह और बढ़ जाता है।

साथियों,

देश में पांच चरणों का चुनाव हो चुका है। औक जनता जनार्दन मोहर लगा दी है कि फेर इक वार...मोदी सरकार ! फेर इक वार...मोदी सरकार ! फेर इक वार...मोदी सरकार ! पंजाब भी अच्छे से जानता है कि उसे अपना वोट बेकार नहीं करना है। और आप तो जानते हैं, वोट उसे दीजिए, जो सरकार बनाए, वोट उसे दीजिए, जो विकसित पंजाब बनाने के लिए प्रतिबद्ध हो, जो विकसित भारत बनाने का संकल्प लेकर चला हो। और इसके लिए जरूरी हैफेर इक वार...मोदी सरकार ! फेर इक वार...मोदी सरकार ! फेर इक वार...मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

चौबीस का ये चुनाव, देश का चुनाव है। देश को मजबूत बनाने का चुनाव है। और देश के सामने एक तरफ भाजपा और NDA है, दूसरी तरफ भ्रष्टाचारियों का इंडी-गठबंधन है, इंडी-गठबंधन जिसके पास ना नेता है ना नीयत है। एक तरफ मोदी है, जो लड़ाकू विमान से लेकर एयरक्राफ्ट करियर तक भारत में बना रहा है। दूसरी तरफ इंडी-गठबंधन है। जो लिखित रूप में कहता है हमारे परमाणु हथियारों तक को समाप्त कर देना चाहिए है। आज बुद्ध पुर्णिमा है, आज ही के दिन भारत ने अणु विस्फोट कर के अपनी ताकत का परिचय करवाया था।

साथियों,

एक तरफ आतंकवादियों को घर में घुसकर मारने का साहस है, दूसरी तरफ इंडी वाले हैं जो आतंकवादियों के एनकाउंटर पर आंसू बहाते हैं। एक तरफ मोदी सरकार है, जिसने 10 साल में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। वहीं दूसरी तरफ इंडी-गठबंधन है, जो कहता है कि आपकी कमाई, आपके खेत-खलिहान का आधा हिस्सा छीन लेगा। इंडी-गठबंधन समाज को, समाज को, देश को, बांटना चाहता है। लेकिन मोदी, भारत को विकसित बनाना चाहता है। इसलिए पंजाब की धरती से, पंजाब के मेरे भाई बहनों से आशीर्वाद मांगने आया हूं। गुरूओं की भूमि पर सिर झुका कर आशिर्वाद मांगने आया हूं।

भाइयों और बहनों,

राष्ट्र रक्षा हो, आस्था और संस्कृति की रक्षा हो या फिर देश का विकास, पंजाब ने, सिख समाज ने हमेशा आगे बढ़कर काम किया है। यहां के लोगों ने खेती से लेकर उद्यमिता तक, देश के विकास को नेतृत्व दिया है। लेकिन साथियों, कट्टर भ्रष्टाचारियों ने पंजाब का क्या हाल बना दिया है? यहां से उद्योग-कारोबार पलायन कर रहा है और ड्रग्स का, नशे का कारोबार फल-फूल रहा है। यहां राज्य सरकार का हुक्म नहीं चलता, यहां रेत खनन माफिया, ड्रग्स माफिया और शूटर गैंग की मनमानी चलती है। पूरी सरकार कर्ज पर चल रही है, सारे मंत्री-संतरी मौज कर रहे हैं। और जो कागजी सीएम हैं, उन्हें दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने से ही फुरसत नहीं है। क्या ऐसे लोग, पंजाब का विकास कर सकते हैं?

भाइयों और बहनों,

यहां पंजाब में दिखावे के लिए, दिल्ली की कट्टर भ्रष्टाचारी पार्टी और सिख दंगे की दोषी पार्टी, आमने सामने लड़ने का नाटक कर रहे हैं। लेकिन सच्चाई यही है कि पंजा और झाड़ू, पार्टियां दो हैं, लेकिन दुकान एक ही हैं। यहां ये लोग कुछ भी बयान दें, लेकिन दिल्ली में एक दूसरे को कंधे पर उठाकर नाच रहे हैं। और मैं पंजाब के लोगो को प्रार्थना करता हूं कि इनसे सावधान रहना है। जिसको वो अपना गुरू मानते थे वो अन्ना साहेब हजारे के साथ भी जो धोखा कर सकते हैं, वो दिन में दस बार झूठ बोल सकते हैं। ऐसे लोग न पंजाब का भला कर सकते हैं औऱ न आपके बच्चों के भविष्य के लिए कुछ दे करके जा सकते हैं।

 

भाइयों और बहनों,

इंडी-गठबंधन को न विकास की परवाह है और न ही हमारी विरासत की चिंता है। आज़ादी के बाद, दूसरे दिन ही अयोध्या में राम मंदिर बन जाना चाहिए था। लेकिन कांग्रेस ने मंदिर का निर्माण रोका। अब जब मंदिर बन गया तो ये मंदिर को गालियां दे रहे हैं। आज दुनियाभर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं और उनका स्वागत महर्षि बाल्मीकि के नाम पर बना हवाई अड्डा करता है। लेकिन इन्हें हर उस बात से नफरत है जिससे हमारी आस्था का सम्मान होता हो।

साथियों,

ये इंडी-गठबंधन वाले घोर सांप्रदायिक है। ये घोर जातिवादी हैं। ये घोर परिवारवादी हैं। सत्ता के लिए ये किसी को भी धोखा दे सकते हैं।
साथियों, यही कांग्रेस है जिसने सत्ता के लिए देश का बंटवारा किया। और बंटवारा भी ऐसा किया कि 70 साल तक हमें करतारपुर साहिब को दूरबीन से दर्शन करने पड़ते थे, हर कोई इंसान अपमान महसूस करता था। कांग्रेस वालों को कहता हूं कि जब बांग्लादेश की लड़ाई हुई, पाकिस्तान के 90 हजार से ज्यादा सैनिक सरेंडर कर चुके थे। 90 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक हमारे कब्जे में थे। हुक्म का पत्ता हमारे हाथ में था। औऱ साथियों मैं विश्वास से कहता हूं, अगर उस समय मोदी होता, अगर उस समय मोदी होता तो मैं इनसे करतार पुर साहेब लेकर रहता तब जाकर उनके जवानों को छोड़ता। वो तो नहीं कर पाए, लेकिन मुझसे जितनी सेवा हो सकी क्योंकि गुरूओं की सेवा इससे बड़ा कोई धन्य भाग्य नही होता है। आज करतारपुर साहिब कॉरिडोर आपके सामने है। हमारे सभी श्रद्धालु, वहां गर्व के साथ जाते हैं।

साथियों,

हमारी सरकार ने लंगर को टैक्स से मुक्त किया। ये पहले की भी सरकारें कर सकती थीं। पहले श्री हरमंदिर साहब में विदेशों से भक्त चंदा नहीं दे पाते थे, बार बार यहां से मांग उठती थी, दिल्ली में बैठी हुई सरकारें सुनने को तैय़ार नहीं थीं। ये मोदी ने आ करके इसके नियमों में छूट दी। और आज हमारे हरमिंदर साहेब की सेवा, दुनिया के किसी कोने में रह करके कर सकता है। श्री फतेहगढ़ साहिब तो साहेबज़ादे के शौर्य और शहादत का साक्षी रहा है। ये मोदी सरकार है, जिसने साहेबज़ादों के शौर्य के लिए समर्पित वीर बाल दिवस घोषित किया। और कुछ लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वीर बाल दिवस घोषित करने का मतलब क्या होता है। मुझे दुःख है कि पंजाब में भी ऐसे लोग हैं जिनको इसकी कोई समझ नही है। पंजाब के अंदर इस महान त्याग तपस्या के लिए, मैं पंजाब में रहा हूं, कई दिनों तक हमारी माताऐं -बहनें , हमारा परिवार व्रत रखता है, जमीन पर सोता है, कितना महत्वपूर्ण श्रद्धा का विषय है। लेकिन हिन्दुस्तान में, केरल में जाइए उनको कुछ पता नहीं, तमिलनाडु जाइए उन्हें कुछ पता नहीं, आसाम में जाइए कुछ पता नहीं, इतना बड़ा त्याग और बलिदान औऱ मेरे देश के लोगों को पता नही है। ये मुझे बहुत खटकता था, मैं चाहता हूं, हिन्दुस्तान के हर बच्चे के दिल दिमाग में साहेबजादों का बलिदान हमेशा हमेशा रहना चाहिए। किसी भी बालक मन के लिए इससे बड़ी प्ररेणा नहीं हो सकती है।और इसलिए वीर बाल दिवस के रूप में पूरे हिन्दुस्तान में, हर स्कूल, हर कालेज, गांव कार्यक्रम करने की परंपरा शुरू हुई है। अगर पंजाब के लोग भी इस काम को न समझ पाऐं तो इससे बड़ा चिंता का विषय क्या हो सकता है?आपको याद होगा, अफगानिस्तान में हमारे सिख परिवार संकट में थे। हम सभी को सुरक्षित वापस लाए, हम गुरु ग्रंथ साहब के स्वरूपों को भी अदब के साथ, मेरा मंत्री सिर पर सम्मान के साथ जा करके ले आया।

साथियों,

ये प्रधानमंत्री की बात छोड़ दीजिए, मेरा तो आपसे खून का नाता है। गुरू गोविंद सिंह जी के जो पहले पंच प्यारे थे, उसमें से मेरा द्वारका का पंच प्यारा था। मेरा आप से खून का रिश्ता है। इतना नहीं, अगर आज जामनगर में जाएगें तो वहां जो सबसे बड़ा अस्पताल है वो गुरू गोविंद सिंह जी के नाम पर है, जामनगर जिले में द्वारका पड़ता है। लेकिन आप तक यह सत्य पहुंचाया नही जाता है। आपको जानकर खुशी होगी औऱ अगर कभी फुरसत मिले तो लखपत जा कर आना, गुरूनानक साहेब वहां विश्राम किया था। वो गुरूद्वारा, भूकंप के अंदर क्षतिग्रस्त हो गया, करीब करीब ध्वस्त हो गया, मैं मुख्यमंत्री था, मैंने कहा मुझे वैसा ही गुरूद्वारा बनाना है,जो गुरूनानक देव जी के समय था। मेरे पास उसके बनाने वाले लोग नहीं थे, मैंने देश भर में खोजा, उसके लिए मैं मिट्टी लाया, उन आर्टिजन को लाया जो बना सकते थे औऱ आपको खुशी होगी, आज कच्छ के रेगिस्तान में आखिरी गांव, लखपत में मैंने वैसा ही गुरूद्वारा बना दिया जैसा पहले था। औऱ आज मैं उसका विस्तार भी कर रहा हूं। वहां कोई वोट ओट नहीं है। ये वोट के लिए मोदी नहीं करता है। श्रद्धा है इसलिए कर रहाहै। गुरूओं के त्याग औऱ बलिदान के प्रति मोदी का सिर झुकता है इसलिए मोदी ये कर रहा है। सबका साथ-सबका विकास की यही भावना BJP-NDA की पहचान है।

भाइयों और बहनों,

इंडी-गठबंधन वालों के लिए अपने वोटबैंक का तुष्टिकरण ही सबसे बड़ा लक्ष्य है। बंटवारे से पीड़ित दलित भाई- बहनों को, सिख भाई-बहनों को मोदी भारत की नागरिकता दे रहा है। आप सोचिए, आजादी के इतने साल हुए, मेरे सैकड़ों सिक्ख परिवार हैं जिनको नागरिकता नहीं दी गई औऱ आप थोक बन वोट देते रहे। क्या पाया आप लोगों ने? सोचिए, साफ साफ बात करने वाला मिलेगा नहीं आपको। इसलिए आज मैं कह रहा हूं, ये लोग CAA का विरोध कर रहे हैं। अगर ये CAA का विरोध करेंगे, तो मेरे सिक्ख भाई बहन जो अफगानिस्तान में, बांग्लादेश में अन्य देशों में प्रताड़ित होते हैं, वापिस आते हैं कौन संभालेगा उनको। मैं उसे मेरा कर्त्वय मानता हूं। इसलिए मैंने उनको नागरिकता देने का कानून बनाया है। वोट पाने के लिए नहीं बनाया है। और ये इंडी अलायंस वाले देख लिजिए CAA के नाम पर दंगे कराए, औऱ ये आज भी कह रहे हैं कि वापिस आएगें तो CAA को खत्म कर देंगे। आप मुझे बताइए, क्या बंटवारे के पीड़ित सिखों को भारत की नागरिकता देना गलत है क्या? देनी चाहिए कि नहीं देनी चाहिए? मोदी सही कर रहा है कि नहीं कर रहा है?

साथियों,

गुरुओं ने हमें सामाजिक न्याय की सीख दी है। इसलिए भाजपा, दलितों-पिछड़ों के सच्चे सामाजिक सशक्तिकरण पर बल दे रहा है। मोदी ने देश और दुनिया में बाबा साहेब आंबेडकर को समर्पित पंचतीर्थ बनाए हैं। संत रविदास के अनुयायियों का तो बार-बार मुझे बनारस में स्वागत करने का अवसर मिलता है। और अभी मध्यप्रदेश में,जहां हमारी सरकार है, संत रविदास जी का भव्य मंदिर बना रहे हैं, हम। काशी में रविदास जी की जन्मस्थली का विकास किया जा रहा है। गरीब का ये बेटा,हर गरीब की चिंता करता है। हर ज़रूरतमंद को मुफ्त अनाज मिलता रहेगा, इसके लिए मैंने मुफ्त राशन की योजना चलाई है। मोदी 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहा है। मोदी ने जल जीवन मिशन शुरू किया है ताकि आपको घर में नल से शुद्ध पानी मिले। इससे प्रदूषित पानी से होने वाली अनेक घातक बीमारियों पर भी रोक लगी है।

साथियों,

पंजाब को पांच नदियों का आशीर्वाद मिला है। यहां के किसान मिट्टी से सोना पैदा करते हैं, लेकिन ये इंडी वाले किसानों से भी झूठ बोलते हैं। इन्होंने किसानों से किया एक वायदा, पूरा नहीं किया है। ये भाजपा है, जो किसान कल्याण को प्राथमिकता देती है। बीते 10 साल में पंजाब से गेहूं और धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई है। 10 साल में हमने MSP में ढ़ाई गुणा वृद्धि की। यहां पंजाब के हर किसान को पीएम किसान सम्मान निधि के करीब 30 हजार रुपए, एक एक किसान को 30 हजार रूपए मिल चुके हैं। केमिकल खेती से धरती मां को बचाने के लिए हमारी सरकार नैचुरल फार्मिंग पर भी जोर दे रही है।

साथियों,

भारत तभी विकसित होगा जब पटियाला जैसे हमारे सेंटर विकसित होंगे। आने वाले 5 साल में भारत एक बड़े मैन्युफेक्चरिंग हब बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है। इसका सीधा लाभ, पंजाब को औऱ पटियाला जैसे शहरों को होने वाला है। हमने एजुकेशन सेक्टर को विदेशी संस्थानों के लिए खोल दिया है। इससे अब विदेशी यूनिवर्सिटीज़ भी देश में कैंपस खोल रही हैं। इसका लाभ भी पटियाला जैसे एजुकेशन हब को होगा। ये तो स्पोर्ट्स का एक बड़ा सेंटर है। मोदी, का संकल्प भारत को खेल महाशक्ति बनाने का है। 2029 जब यूथ ओलंपिक होगा, 2036 जब ओलंपिक होगा, भारत तैयारी कर रहा है, ये ओलंपिक हिन्दुस्तान की धरती पर हो। और इसलिए खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतना खर्च किया जा रहा है। भारत में ओलंपिक्स हों इसके लिए हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। इससे देश में स्पोर्ट्स इकॉनॉमी का निर्माण होगा, नई नौकरियां, नए रोजगार बनेंगे।

 

भाइयों और बहनों,

एक जून को आपको विकसित पंजाब के लिए, विकसित भारत के लिए वोट करना है। पटियाला से परणीत कौर जी, फतेहगढ़ साहिब से गेजा राज वाल्मीकि जी, संगरूर से अरविंद खन्ना जी, भटिंडा से परमपाल कौर सिद्धू जी, फरीदकोट से हंसराज हंस जी को ज्यादा से ज्यादा वोट से विजयी बनाएं। औऱ आप जब इनको वोट देते हैं न, तो वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाता है। औऱ इसलिए मैं आज पंजाब की धरती से, मेर ये पहली चुनाव सभा से, सभी पंजाब के नागरिकों को आग्रह करता हूं कि हमें पंजाब को बदलना है। हमें पंजाब को नई ऊंचाईयों पर ले जाना है। हमें पंजाब को वो पुराना गौरव वापिस लौटाना है। औऱ ये काम सिर्फ औऱ सिर्फ भाजपा कर सकती है। मैं आपका साथ चाहता हूं, मैं आपका आशिर्वाद चाहता हूं, औऱ मैं आपको वादा करता हूं कि ये मोदी की गारंटी है कि आपका सपना, आफका सपना ये मोदी का संकल्प है। मेरा पल पल आपके लिए, मेरा पल पल देश के लिए। टेवेंटी फोर बाई सेवन फॉर टेवेंटी फोरटी सेवन, ये मोदी की गारंटी है। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद !

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!