I went into the sea with great devotion, I went there to seek the blessings of Lord Shri Krishna but Congress 'Shehzada' made fun of it, says the PM
Addressing a public rally in Aonla, PM Modi says this election is an election to completely free the country from the mentality of 1000 years of slavery

बदायूं और बरेली वालों को राम-राम!

सबसे पहले तो मुझे यहां पहुंचने में विलंब हुआ, इतनी गर्मी में आप सबको इंतजार करना पड़ा। आपको जो तकलीफ हुई, उसके लिए मैं आप सबकी क्षमा चाहता हूं। यह जो स्नेह, यह जो प्यार आप मुझ पर, मेरे इन साथियों पर बरसाते हैं यही मेरी पूंजी है। यह आपका प्यार ही मेरे जीवन की ऊर्जा है। विशेष रूप से माताएं-बहनें इतनी विशाल संख्या में यहां आई हैं। मोदी आपकी सेवा में जीवन के पल-पल और शरीर का कण-कण आपकी सेवा के लिए खपाने के लिए निकला हुआ है। मैं कश्मीर से कन्याकुमारी, हिंदुस्तान के अनेक राज्यों में चुनाव भ्रमण के लिए गया। जनसभाओं का संबोधन करने का अवसर मिला और हिंदुस्तान के हर कोने से एक ही आवाज आ रही है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

भाइयों और बहनों,

मैं एक प्रार्थना करूं आप मेरी बात ध्यान से सुनोगे। मुझे जवाब दीजिए। मैं एक प्रार्थना करूं, आप मेरी बात ध्यान से सुनोगे। देखिए, इस जगह बहुत छोटी पड़ गई और इसलिए आप में से कुछ लोग आगे आने की कोशिश कर रहे हैं। कृपा करके आप जहां है, वहीं खड़े रहिए। अब जगह नहीं है। अब जगह नहीं है, आप आगे नहीं आ पाएंगे और आपको असुविधा के लिए फिर से क्षमा मांगता हूं। पर आप वही शांति से, मेरे पास जितना समय है। मेरी बात मुझे कहने का मौका दीजिए। आपका प्यार मेरे सर आंखों पर। आपका आशीर्वाद यह मेरे लिए ऊर्जा है। मेरी बात मानोगे। बोलिए भारत माता की जय!

भाइयों और बहनों,

कहा जाता है जितनी मजबूत नींव उतना ही मजबूत घर। इसी सोच के साथ आज भाजपा विकसित भारत के लिए गरीब, किसान, युवा और नारीशक्ति को सशक्त कर रही है। यह भाजपा है, जिसने बहनों को बिजली, नल से जल, शौचालय, सस्ते गैस कनेक्शन ऐसे अनेक रोजमर्रा की आवश्यकताएं यह दिया है। यह भाजपा है, जिसने मुफ्त राशन की योजना चलाई, ताकि किसी मां के बच्चे को भूखे सोने की नौबत ना आए। हमने मुफ्त इलाज की योजना चलाई, ताकि बहनों को अपनी बीमारी न छुपानी पड़े। अब तो मोदी ने देश के हर परिवार के बुजुर्गों के लिए मुफ्त इलाज की गारंटी दी है और मेरी आपसे विनती है। आप जब लोगों को मिलने जाए ना, तो हर परिवार में 70 साल से ज्यादा आयु के बुजुर्ग है, उनको बताइए अगर बीमारी में जो खर्चा आपके बेटे को करना पड़ता था, वह खर्चा अब दिल्ली में जो आपका बेटा बैठा है ना, वो करेगा। यह बता देंगे। हर बुजुर्ग को बता देंगे। 70 साल से ऊपर की उम्र का कोई भी बुजुर्ग अब उनके इलाज का खर्चा, उनके परिवार के लोगों के सिर पर नहीं पड़ेगा, यह जिम्मेवारी मोदी की रहेगी। जब से पीएम-आवास के ज्यादातर घर देश की करोड़ों बहनों के नाम हुए हैं, तब से उनकी आर्थिक शक्ति कई गुना बढ़ गई है।

साथियों,

आने वाले 5 साल देश की नारीशक्ति का जीवन और अधिक शक्तिशाली बनाने वाला होगा। हम खेत में ड्रोन से लेकर इसरो में, जहां से चंद्रयान चलते हैं, नारीशक्ति का विस्तार देखेंगे। आने वाले समय में 3 करोड़ ग्रामीण बहनों को हम लखपति दीदी बनते देखेंगे और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

हमारे योगी जी और उनकी पूरी टीम उत्तर प्रदेश में जो मेहनत कर रही है, उस मेहनत से आज यूपी की पहचान नए अवसरों की धरती के तौर पर बन रही है। योगी जी के नेतृत्व में यूपी का भाग्य बदल रहा है और यूपी के सांसद के नाते मेरे लिए भी ये गर्व का विषय है। यहां तो नैनो यूरिया की इतनी बड़ी फैक्ट्री है। ऐसे अनेक कारखाने यहां लग रहे हैं। पहले आपका हक का पैसा भ्रष्टाचारी लूट लेते थे। आज देखिए, बरेली और बदायूं के किसानों को ही पीएम किसान सम्मान निधि से 600 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। ऐसे काम तब होता है, जब विकास सबसे ऊपर होता है। सर्वोपरि होता है।

भाइयों और बहनों,

चौबीस का ये चुनाव 1000 वर्ष की गुलामी की मानसिकता से देश को पूरी तरह से मुक्त करने का चुनाव है। यह चुनाव भारत के स्वाभिमान को नई बुलंदी देने वाला चुनाव है। आप जरा याद कीजिए, 10 साल पहले तक सपा और कांग्रेस यह दोनों लोग क्या कहते थे। हमें चिड़ाने के लिए आए दिन कहते थे। ये भाजपा वाले बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और कहते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे। फिर वो मजाक उड़ाते थे, मंदिर वहीं बताएंगे, तारीख नहीं बताएंगे। ऐसी गाली देते थे कि नहीं देते थे। ऐसी गाली देते थे कि नहीं देते थे और मैं चुपचाप सब गाली सहता था। चुपचाप सहता था। आपके आशीर्वाद से हमने मंदिर भी बनवाया। प्रभु रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा भी हो गई। हुई कि नहीं हुई। हमने तारीख भी बताई। टाइम भी बताया। जगह भी बताई और जाकर के निमंत्रण भी दिया। लो भाई, यह जगह है, तारीख है, समय है। आओ प्रभु राम के प्राण-प्रतिष्ठा का इतना बड़ा अवसर, लेकिन उनका अहंकार इतना था। ये अपनेआप को प्रभु राम से भी बड़े मानते हैं और इन लोगों ने सपा और कांग्रेस दोनों ने इतना बड़ा पवित्र काम, राम मंदिर का निमंत्रण उनको घर जा कर के दिया गया था। उस निमंत्रण को उन्होंने ठुकरा दिया। क्यों? एक ही गणित था कि अगर मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को स्वीकार किया तो उनका वोट बैंक नाराज हो जाएगा। राम ही नहीं, बल्कि इन्होंने हमारे श्याम को भी नहीं छोड़ा। आप जानते हैं कि हमारे भगवान श्री कृष्ण, उन्होंने प्राचीन द्वारका नगरी समुंदर के पास गुजरात में बनाई थी और वो वहीं आकर रहे थे। और पुरातत्वविदों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण वाली द्वारिका है वो उस किसी जमाने में पानी में डूब गई। वो पानी के नीचे है तो मैं बड़ी श्रद्धा के साथ समंदर में गया। बहुत नीचे गया। प्रभु श्री राम की, प्रभु श्री कृष्ण के उस द्वारिका के उन पत्थरों को स्पर्श करके आशीर्वाद लेने के लिए मैं वहां गया। लेकिन कांग्रेस के शहजादे ने उसका भी मजाक उड़ाया और मैं तो हैरान हूं यह उत्तर प्रदेश में सपा के ठेकेदार जो खुद को यदुवंशी बताते हैं, जो यदुवंशी कहते हैं, ऐसे सपा के परिवारवादी वो भी ये श्री कृष्ण की मजाक उड़ाने वालों की, बेइज्जती करने वालों की आरती उतार रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है।


भाइयों और बहनों,

सपा कांग्रेस का इंडी गठबंधन तुष्टिकरण लिए किसी भी हद तक जा सकता है। आप देखिए, आजकल समाजवादी पार्टी के साथ दोस्ती की कसम खाई कांग्रेस के खतरनाक इरादों से पूरे देश में हंगामा मचा है। कांग्रेस का ये खतरनाक पंजा फिर देश के लोगों का हक छीनने वाला है। आपका हक छीनने वाला है। कांग्रेस का इरादा है, ओबीसी जातियों को मिलने वाला आरक्षण छीनकर उनका हिस्सा उनके जो खास पसंद की वोट बैंक है, वो खास पसंद की वोट बैंक को दिया जाएगा। आपका हक छीन लिया जाएगा। वोट बैंक की राजनीति मजबूत करने के लिए किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी के इन इरादों पर समाजवादी पार्टी के शहजादे ने चुप्पी साध रखी। इन सारी बातों को समाजवादी पार्टी का पूरा-पूरा समर्थन है। आपको याद होगा, यहां यूपी में ही 2012 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यूपीए सरकार ने धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया था। उस समय उनकी कोशिशें सफल नहीं हुईं, लेकिन अब यह लोग मिलकर फिर से धर्म के आधार पर आरक्षण देने में जुट गए हैं।

साथियों,

कल से देश में एक नया नारा चर्चा में आया है और नया नारा मैं बताऊं, बताऊं, बताऊं। आप याद रखोगे। और यह बहुत, हम सबके लिए चिंता वाला नारा है। क्या चर्चा चल रही है, कांग्रेस की लूट, कांग्रेस की लूट, जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी। इसका मतलब है कांग्रेस चाहती है कि आपकी संपत्ति की जांच कराई जाए। आपकी संपत्ति का सर्वे कराया जाए। एक्सरे निकाला जाए, एक्सरे। आपके पास कितना सोना है। कितने गहने हैं। कितने रुपए हैं। कितने वाहन है। गाड़ी कितनी। ट्रैक्टर कितना। साइकिल है कि नहीं है। सारा सर्वे किया जाए और फिर इसके बाद कांग्रेस का इरादा है आपकी संपत्ति को भी छीनकर वो अपने चहेती वोट बैंक को मजबूत करने के लिए वहां दे देंगे।

इतना ही नहीं कांग्रेस चाहती है, आपने जो संपत्ति अपने बच्चों के लिए जुटाई है और आप चाहते हैं कि मरने के बाद अपने संतानों को कुछ देकर के जाएं और इसलिए आप बचत करते हैं अब कांग्रेस वालों ने घोषणा की है कि मृत्यु के बाद ये जो आपकी संपत्ति है, उसमें से सब आपके संतानों को नहीं मिलेगी। आधे से ज्यादा संपत्ति ये सपा-कांग्रेस की सरकारें जप्त कर लेंगी। टैक्स ऐसा लगाएंगे कि वह संपत्ति जप्त हो जाएगी। यानी आपने चार कमरों का घर बनाया हो तो उसमें से दो कमरे कांग्रेस-सपा सरकार दबोच लेगी। आपके पास 10 बीघा का खेत है तो उसमें से पांच बीघा आपके बेटे-बेटियों को मिलेगा। पांच बीघा ये दबोच लेगी, कांग्रेस और एसपी की सरकार। और यह किसको बांटेंगे। यह सब लूट करके अपनी वोट बैंक को बांटेंगे। बताइए, यहां भी जितनी माताएं-बहनें हैं, आप भी अपने बेटी-बेटे के लिए, पोते पोती के लिए, नाती-नातिन के लिए कुछ ना कुछ जुटा रहीं होंगी। इकट्ठा करती होगी। पोता बड़ा होगा तो उसको दूंगी। पोती बड़ी होगी तो उसको दूंगी। हमारे यहां हर परिवार में हर पीढ़ी के लोग अपनी दूसरी पीढ़ी को कुछ न कुछ देने के लिए बचाते रहते हैं। लेकिन, अब आपकी इस बचत पर कांग्रेस की बुरी नजर पड़ गई है। कांग्रेस और सपा वालों ने तय किया है कि विदेश में ऐसा होता है, तो यहां भी करेंगे। विदेश में तो महिलाएं मंगलसूत्र क्या होता है वो भी उनको पता नहीं है, भाई। ये मंगलसूत्र छीनने की बात करते हैं। क्या कोई मां-बहन इस देश में मंगलसूत्र छीनने देगी क्या। मंगल सूत्र छीनने देगी क्या। आप विदेशों का हवाला देते हैं। उनकी अपनी दुनिया अपने परिवार हैं। दरअसल, इन लोगों की नीयत ठीक नहीं है। दो शहजादों की जोड़ी भी देखिए कैसी है। सपा के शहजादे की जब सकार थी, तब यहां कर्फ्यू लगते थे। माताएं-बहनें गहने पहनकर, मंगलसूत्र पहन करके खुलेआम नहीं निकलती थीं। मंगलसूत्र छिपा के रखना पड़ता था और कांग्रेस के शहजादे अब एक्सरे मशीन लगाकर, यह जो स्त्री धन है। उसको भी, मंगलसूत्र को भी छीनने की घोषणा कर रहें हैं।

और साथियों

सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि कांग्रेस का इरादा संस्थाओं का दफ्तरों का भी सर्वे कराने का है। यानी अगर किसी पिछड़े दलित परिवार में दो लोग नौकरी में है तो एक नौकरी छीनकर यह लोग उनको देंगे, जिनका कांग्रेस के मुताबिक देश के संसाधनों पर पहला हक है और इसलिए भाइयों बहनों यह चुनाव भले है, लेकिन उससे भी गंभीर मुद्दा है जिस पर सतर्क रहने की जरूरत है। हम किसी भी हालत में आपके हक को छीनने नहीं देंगे।

भाइयों और बहनों,

इंडी गठबंधन के नेता इसलिए वोट मांग रहे हैं, ताकि धर्म आधारित आरक्षण देने के लिए संविधान बदल सकें। और मैं 400 सीटें इसलिए मांग रहा हूं, ताकि प्रदेशों में जो उन्होंने खेल शुरू किया है यह धर्म के आधार पर आरक्षण देकर के SC-ST-OBC आरक्षण लूटने का उन्होंने मन में मंसूबा रखा है, उसको हमेशा-हमेशा ताला लगाने के लिए मुझे 400 सीट की जरूरत है भाइयों। आपकी रक्षा के लिए मुझे 400 सीट चाहिए। आपके हक को कोई छीन ना ले, इसलिए मुझे 400 सीट की जरूरत है। मैं यूपी के OBC समाज अपने सभी कुर्मी भाई-बहन, यादव भाई-बहन, मोर्या-कुशवाहा भाई बहन, जाट-गुर्जर भाई-बहन, राजभर तेली पाल समाज, ये सबको गारंटी दे रहा हूं। मैं आरक्षण का आपका अधिकार कभी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को छीनने नहीं दूंगा। और ये मोदी की गारंटी है।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी यह सिर्फ अपने परिवार का ही सोच सकती है। इन लोगों के लिए अपना परिवार ही सब कुछ है। आप इनके लिए कोई मायने नहीं रखते। आप खुद देख रहे हैं, यहां यूपी में सपा को अपने परिवार के बाहर का एक भी यादव ऐसा नहीं मिला, जिसे वो टिकट दे सके। यहां बदायूं हो, मैनपुरी हो, कन्नौज हो, आजमगढ़ हो, फिरोजाबाद हो सब जगह एक ही परिवार के सदस्यों को टिकट मिला है। ऐसे लोग हमेशा सिर्फ अपने परिवार का ही भला करेंगे। परिवार के बाहर का कोई भी व्यक्ति हो, इनके लिए कोई मायना नहीं रखता।

भाइयों और बहनों,

मजबूत भारत के लिए SC-ST-OBC और महिलाओं के हक की सुरक्षा के लिए आपको हर बूथ पर कमल खिलाना है। खिलाएंगे। घर-घर जाएंगे। मतदाताओं को जगाएंगे। मेरी बात पहुंचाएंगे। ज्यादा से ज्यादा मतदान करवाएंगे। देखिए, आंवला से मेरे पुराने साथी धर्मेंद्र कश्यप जी और बदायूं से हमारे साथी दुर्विजय शाक्य जी को दिया हुआ आपका एक-एक वोट मोदी को जाएगा। आपका वोट आप कमल पर बटन दबाएंगे ना, तो सीधा-सीधा मोदी को जाएगा और इसलिए 7 मई को कितनी ही गर्मी क्यों ना हो, पहले मतदान फिर जलपान। यह घर-घर जाकर आग्रह करना है। मेरी तरफ से हाथ जोड़कर बताएगा कि मोदी जी ने आपको राम-राम कहा है। मेरे साथ बोलिए

भारत माता की जय!
भारत माता की जय!
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बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.