Modi's 'dhaakad' government demolished the wall of Article 370 and Kashmir started walking on the path of development: PM Modi in Ambala
Seeing Rafale jets soar in Ambala skies today is a proud moment for all of us: PM Modi

मां अंबिका, माता मनसा देवी की भूमि, अंबाला से पूरे हरियाणा को राम-राम ! हरियाणा हिम्मत है, हरियाणा हौसला है। तभी तो हरियाणा धाकड़ है... धाकड़…और मोदी ने तो कई सालों तक हरियाणा की रोटी खाई है। हरियाणा की तरह ही…मोदी ने 10 साल तक सरकार भी धाकड़ चलाई है। आज अंबाला के आसमान में राफेल के विमान जब उड़ते हैं, तो आपको गर्व होता है कि नहीं होता है?

साथियों,

आज मैं आपसे अगले 5 साल के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए...मैं आपका बहुत आभारी हूं। आज मेरे बहुत पुराने साथी, संगठन में भी काम किया, सरकार में भी काम किया हमारे रतनलाल जी कटारिया जी की बरसी है। मैं उन्हें भी अपनी श्रद्धांजलि देता हूं।

भाइयों और बहनों,

4 जून में अब सिर्फ 17 दिन बचे हैं। 4 चरणों के चुनाव में...कांग्रेस और इंडी गठबंधन, ये उनके सारे साथी, सारे दल, चार चरण में चारों खाने चित्त हो चुके हैं। इंडी वालों ने देश के खिलाफ जो भी दांव-पेंच चले थे...उन्हें चुनाव के मैदान में...जनता जनार्दन ने खुद पटखनी दे दी है। और हरियाणा तो वो राज्य है...जिसकी रगों में देशभक्ति है। देशविरोधी ताकतों को हरियाणा अच्छी तरह जानता-पहचानता है। और इसलिए हरियाणा का गांव-गांव, घर-घर एक ही आवाज में बोल रहा है...फिर एक बार...मोदी सरकार। फिर एक बार...मोदी सरकार। फिर एक बार...मोदी सरकार।

साथियों,

जब देश में एक धाकड़ सरकार होती है...तो दुश्मन भी कुछ करने से पहले सौ बार सोचता है। आज आप देखिए...जो पाकिस्तान 70 सालों से भारत को परेशान कर रहा था...जिसके हाथ में बम का गोला रहता था...आज उसके हाथ में भीख का कटोरा है। जब धाकड़ सरकार होती है...तो ऐसे ही दुश्मन कांपता है।

साथियों,

क्या कोई कमजोर सरकार...जम्मू-कश्मीर में हालात बदल सकती थी? जम्मू-कश्मीर में हालात बदल सकती थी?...वो जमाना याद करिए जब कांग्रेस की सरकार थी हरियाणा की वीर माताएं दिन-रात चिंता में रहती थीं...कब किसी आतंकी का गोला फट जाए...कब किसी पत्थर से हमारे फौजियों का सिर फट जाए। आज 10 साल हो गए, सबकुछ बंद हो गया कि नहीं हो गया। बंद हुआ की नहीं हुआ, मोदी की धाकड़ सरकार ने 370 की दीवार गिराई और कश्मीर विकास के रास्ते पर चल पड़ा है।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस का इतिहास, हमारी सेनाओं को...फौजियों को धोखा देने का रहा है। देश का पहला घोटाला कांग्रेस ने भारत की सेना में ही किया था। इस ट्रैक रिकॉर्ड को कांग्रेस जब तक सत्ता में रही...हमेशा नए-नए घोटाले करके उसने बनाए रखा। बोफोर्स घोटाला...पनडुब्बी घोटाला...हेलीकॉप्टर घोटाला...कांग्रेसी भारत की सेनाओं को कमजोर बनाकर रखते थे...जानते हैं क्यों? ताकि विदेश से हथियार मंगाने के नाम पर मोटी कमाई कर सकें। हमारे सैनिकों की छोटी-छोटी जरूरतों को तो ये कांग्रेसी पूछते तक नहीं थे। हमारे सैनिकों को कपड़े-जूते, बुलेट-प्रूफ जैकेट...ये भी ठीक से नसीब नहीं थे। उनके पास अच्छी राइफलें तक नहीं थी...उन्हें लाठी देकर कहा जाता था कि आतंकियों की गोलियों का मुकाबला करो...और जब मोदी सरकार में आया....तो उसने कहा...ऐसे नहीं चलेगा। मैंने भारत की सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान शुरू किया। आज सेना को मेड इन इंडिया हथियार मिल रहे हैं। जो भारत कभी दूसरे देशों से हथियार मंगाता था...वो अब दूसरे देशों को हथियार बेच रहा है।

साथियों,

कांग्रेस ने हमारे पूर्व सैनिकों के साथ भी विश्वासघात किया। 4 दशक तक कांग्रेस पूर्व सैनिकों को वन रैंक-वन पेंशन के लिए तरसाती रही। और जब 2013 में उनको लगा कि मोदी एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है, तो उन्होंने जाते-जाते वन रैंक-वन पेंशन के लिए 500 करोड़ का बजट में प्रावधान किया। और वो 500 करोड़ का कागज लेकर के ये शहजादे हरियाणा में पूर्व सैनिकों के सम्मेलन करते थे, पंजाब में जाते थे, हिमाचल में जाते थे और भ्रम फैलाने का काम करते थे कि देखिए हमने OROP कर दिया। वन रैंक-वन पेंशन कर दिया। इनकी झूठ बोलने की इतनी हिम्मत है, इनकी झूठ बोलने की इतनी आदत है। बड़े-बड़े पत्रकार भी भ्रम में रहते हैं, ऐसा शानदार झूठ बोलते हैं ये लोग।

भाइयों-बहनों,

जब आपने मुझे सेवा का अवसर दिया, मोदी ने डंके की चोट पर वन रैंक-वन पेंशन का वायदा किया। और जरा गांव-गांव पूर्व सैनिक परिवारों को बताइए कि कांग्रेस कैसा झूठ बोलती है। उन्होंने 500 करोड़ रखा था, हमारी सरकार ने जब OROP दिया, तो कितना खर्च हुआ पता है। उन्होंने 500 करोड़ का खेल खेला था, हमने वन रैंक-वन पेंशन दिया तो अबतक 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपए, उससे भी ज्यादा...मोदी हर सैनिक के परिवार को पहुंचा चुका है। अब आप बताइए 500 करोड़ कागज पर लिख करके देश के लिए जीने मरने वाले, देश के लिए जान की बाजी लगाने वाले और हरियाणा कुरुक्षेत्र की धरती, जहां सत्य विजयी होता है, उस धरती पर पूर्व सैनिकों के सामने झूठ बोलने का पाप किया था। और जब मोदी ने इसको लागू किया 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपए के साथ, हर परिवार की चिंता की। और मोदी हर सैनिक परिवार की चिंता समझता है, इसलिए ऐसे संवेदनशील निर्णय लेता है।

साथियों,

मोदी विकसित भारत का संकल्प लेकर निकला है। और जब मैं विकसित भारत का संकल्प लेकर निकला हूं तब हरियाणा का मुझपर बहुत अधिकार भी है। क्योंकि मेरी विकास यात्रा में हरियाणा के भी संस्कार हैं। मैं आज आपको गारंटी देता हूं, आपका सपना ही मेरा संकल्प है। पल-पल आपके नाम, पल-पल देश के नाम, 24/7 फॉर 2047.

भाइयों -बहनों

विकसित भारत के 4 स्तंभ हैं। गरीब, युवा, महिलाएं और किसान...मोदी इन चारो स्तंभों को ऐसी मजबूती देना चाहता है, ताकि मेरा देश मजबूत हो, मेरा हिंदुस्तान मजबूत हो। किसानों का कल्याण, मोदी की प्राथमिकता है। 2014 से पहले के 10 साल में कांग्रेस की सरकार ने...देश के किसानों से सिर्फ, मेरा एक काम करेंगे... मेरा एक काम करेंगे...जरा हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे। ये जो मैं आंकड़ा बोलता हूं, याद रखेंगे। किसानों को जाकर बताएंगे, धीरे-धीरे हाथ नीचे हो रहा है। बताएंगे...कांग्रेस के जमाने में सिर्फ साढ़े सात लाख करोड़ रुपए का अनाज MSP पर खरीदा गया था। कांग्रेस के जमाने में...दस साल में...साढ़े सात लाख करोड़ रुपए का MSP पर अनाज खरीदा गया था। ये किसानों के नाम राजनीति करते हैं ना... दस साल में...साढ़े सात लाख करोड़। और मोदी ने क्या किया, 10 सालों में 20 लाख करोड़ रुपए का MSP में हमने किसानों से आनाज खरीदा है। यानि तीन गुना अनाज MSP पर खरीदा गया है। पहले तो पैसा मिलने में भी कई-कई महीने लगते थे। अब पैसा सीधे बैंक खाते में जमा हो जाता है।

साथियों,

कांग्रेस ने गन्ना किसानों को सिर्फ और सिर्फ धोखा ही दिया है। आज गन्ने का FRP, करीब-करीब साढ़े तीन सौ रुपए प्रति क्विंटल है। जबकि कांग्रेस की सरकार करीब 210 रुपए प्रति क्विंटल देती थी। ये आंकड़े याद रखना मुंहतोड़ जवाब देना झूठ बोलने वालों को। 2014 में जब हमलोग आए तो गन्ने का बकाया करीब 60 हज़ार करोड़ रुपया था। किसान का पैसा था, उसकी मेहनत का पैसा था। 60 हज़ार करोड़ रुपया बकाया था। जबकि इसी साल, हमने 1 लाख 14 हजार करोड़ की पेमेंट की है। यहां अंबाला, करनाल और कुरुक्षेत्र के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के भी...मैं सिर्फ इसी इलाके का बोल रहा हूं...इसी इलाके में 650 करोड़ रुपए से ज्यादा किसानों के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।

साथियों,

आज दुनिया के सामने भारत सुपर फुड लेकर गया है। न्यूट्रिशन की दुनिया में दुनिया को बहुत कुछ देने की ताकत भारत में है। इसलिए पोषक आहार उसका हब बनाने की हमारे में ताकत है। यानि की ज्वार-बाजरा जैसा मोटा अनाज हमारा हरियाणा का किसान उगाता है, उसे मोदी दुनिया तक पहुंचाना चाहता है। सारे देश में हमारी पहचान बने इसलिए इस मोटे अनाज को श्री अन्न के नाम से पहचान दी है। और हमने पूरी दुनिया के लिए अंतरराष्ट्रीय मिलेट ईयर मनाया। और इसकी ताकत देखिए विश्व को लोगों को जब मैं कहता हूं कि हमारे छोटे-छोटे किसानों के द्वारा ये पैदा होता है। कम से कम पानी में होता है। एनवायरमेंट फ्रेंडली होता है। केमिकल और फर्टीलाइजर की दुनिया से दूर होता है। तो दुनिया के लोगों को अचरज होता है। पिछले दिनों मैं अमेरिका गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति जी ने व्हाइट हाउस में बहुत बड़ा भोजन समारोह रखा था और देश के प्रधानमंत्री के लिए इतना बड़ा, आजादी के बाद ऐसे अवसर कम आए हैं। लेकिन मजा ये था कि सारे मेहमानों को खाने में ये हमारा मिलेट परोसा गया था। ये ज्वार-बाजरा परोसा गया था। ये सुपर फूड की पहचान मेरा हरियाणा, राजस्थान ये जो राज्य हैं उनके किसानों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आई है।

साथियों,

हम एक बहुत बड़ी, दुनिया की सबसे बड़ी योजना उसको लेकर आए हैं। हम 2 लाख से ज्यादा गोदाम बनाने पर काम कर रहे हैं। हमारे देश में अनाज के इतने बड़े भंडारण उस दिशा में हम काम कर रहे हैं। आने वाले 5 साल में हम आलू, प्याज़ और टमाटर किसानों के लिए...विशेष क्लस्टर्स बनाने जा रहे हैं।

साथियों,

मोदी की एक और गारंटी- खेती में ड्रोन क्रांति की है। इसकी ज़िम्मेदारी मैं माताओं-बहनों को दे रहा हूं...मैं गांव की महिलाओं को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दे रहा हूं। लाखों रुपए का ड्रोन उनको दे रहा हूं। हरियाणा के कृषि क्षेत्र को जिस तरह यहां की माताएं-बहनें संभाले हुए हैं..आप देखिएगा...खेती के ड्रोन के इस्तेमाल में भी हरियाणा सबसे आगे रहेगा।

साथियों,

खेलों की दुनिया में आज हरियाणा का इतना नाम है...तो उसके पीछे हमारी बेटियों की ताकत है। और मोदी ने बेटियों के लिए सैनिक स्कूलों के भी दरवाज़े खोल दिए हैं। अभी NDA में महिला कैडेट्स का जो पहला बैच ट्रेनिंग ले रहा है...उसमें बड़ी संख्या में हमारे हरियाणा की बेटियां हैं।

साथियों,

कांग्रेस को महिलाओं से, किसानों से, नौजवानों से कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस को सिर्फ वोट से मतलब है। अब बताइए...दिल्ली और हरियाणा में, हाथ में झाड़ू लेकर घूम रहे हैं...और पंजाब में कह रहे हैं कि झाड़ूवाला चोर है। इन्होंने हरियाणा वालों को समझ क्या रखा है?

भाइयों और बहनों,

इनके लिए वोटबैंक ही सबकुछ है। अब कांग्रेस के लोग कहते हैं कि..SC/ST/OBC का आरक्षण, धर्म के आधार पर बांट देंगे। ये दलितों का-पिछड़ों का आरक्षण छीन लेना चाहते हैं। ये लोग अपने वोटबैंक को खुश करने के लिए सिखों और दलितों को नागरिकता देने का भी विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस कह रही है कि सत्ता में आए...तो CAA रदद् कर देंगे।

साथियों,

ये हमारी सरकार है जो अफगानिस्तान के युद्धक्षेत्र से...गुरु ग्रंथ साहब के स्वरूपों को अदब के साथ स्वदेश लाई। हमारी सरकार ने ही साहेबज़ादों की याद में वीर बाल दिवस मनाना शुरु किया है। ऐसे प्रयासों से माता गुजरी की इस धरती को ज़रूर गर्व होता होगा। लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन को ऐसे हर प्रयास से दिक्कत है।

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस और इंडी-गठबंधन...विकास और विरासत दोनों की विरोधी हैं। 500 साल बाद इतने लंबे इंतजार के बाद, अविरत संघर्ष के बाद, लाखों बलिदानों के बाद, 500 साल के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। पूरा देश राममय हो चुका है। पूरा देश राम मंदिर से इतना खुश है...इतना खुश है। जिसे लोग समझ नहीं पाते हैं, लेकिन कांग्रेस और इंडी-गठबंधन के नेता, आए दिन मंदिर के लिए अपमानजनक बातें करते हैं।

भाइयों और बहनों,

हमारी सरकार अंबाला की दिल्ली से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। हम यहां के एयरफोर्स बेस को उड़ान योजना से भी जोड़ रहे हैं। बहुत जल्द ही आप अंबाला से दूसरे शहरों के लिए हवाई जहाज पकड़ सकेंगे। पहले मनोहर लाल जी की सरकार में और अब नायब सिंह जी के नेतृत्व में अंबाला उत्तर भारत का एक बड़ा इंडस्ट्रियल हब बन रहा है। इन सबका फायदा यहां के युवाओं को होगा...उनके लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे। ये चुनाव भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है...ये चुनाव भारत को विकसित बनाने के लिए है। ये चुनाव देश का प्रधानमंत्री कौन हो, ये देश किसको सुपुर्द किया जाए। इसके महत्व वाला चुनाव है।

साथियों,

25 मई को आपके यहां चुनाव है, अंबाला से बहन बंतो कटारिया जी हमारी उम्मीदवार हैं...करनाल से मनोहर लाल जी...और कुरुक्षेत्र से नवीन जिंदल जी...मैं आपसे आशीर्वाद मांगता हूं, भारी वोटों से इनको विजयी बनाइए। इन तीनों को मिला आपका एक-एक वोट सीधा मोदी के खाते में जाएगा। इसलिए ज्यादा से ज्यादा मतदान हो, सुबह 10 बजे से पहले मतदान कैसे बढ़े। पहले मतदान फिर जलपान, इस संकल्प को कैसे घर-घर पहुंचाएं। ज्यादा से ज्यादा पोलिंग बूथ जीतकर के आएं। और हर परिवार को अपना वोट का अधिकार उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। मेरे साथ बोलिए...
भारत माता की जय !
भारत माता की जय !
भारत माता की जय !
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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March 14, 2026
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भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!