Congress’ anti-women stance has made Rajasthan a hub for crimes against women: PM Modi
BJP government’s vision for development stands in stark contrast to the hindrance caused by Congress’ corruption and appeasement politics: PM Modi
Under the BJP government, direct taxes reduced, providing relief to the middle class: PM Modi

भारत माता की...

आवाज गुजरात तक पहुंचनी चाहिए...

भारत माता की...

भारत माता की...

सुंधा माता की...

आशापुरा माता की...

सारणेश्वर महादेव की...

भगवान ऋषभदेव की...

आई माता...

पाबूजी महाराज की...

चारभुजा नाथ की...

लिखमी दास जी महाराज की...

भारत माता की...

1857 की क्रांति के समय अंग्रेजों से लोहा लेने वाले योद्धा कुशाल सिंह जी की धरती पर मैं आप सभी का और पूरे राजस्थान को आदरपूर्वक नमन करता हूं अभिनंदन करता हूं। मैं मेरी बात शुरू करने से पहले आज आपका विशेष रूप से धन्यवाद करना चाहता हूं। देखिए, मैं और ये हमारे ओमजी ये हम ऐसे लोग हैं, जो सालों से संगठन का काम करते थे। कंधे पर थैला लटका के बसों में जाना पार्टी का काम करना। और चुनाव प्रबंधन भी देखते थे। लेकिन कभी चुनाव में हमे कहे कि आपको सभा मिलेगी बड़े से बड़े नेता की मिलेगी, तो हम कहते थे कि भाई सभा तो हम करेंगे, लेकिन सुबह 11 बजे मत दो, देना है तो दो बजे, तीन बजे, चार बजे दे दो। 11 बजे संगठन का काम करते समय मैं भी, अरे भाई बड़ा मुश्किल हो जाता है सुबह लोग निकलते नहीं हैं। लेकिन मैं देख रहा हूं ये पाली की ताकत, पाली के लोगों का प्यार, पाली के कार्यकर्ताओं की मेहनत। सुबह-सुबह इतनी बड़ी जनता-जनार्दन एक प्रकार से जनसागर मैं देख रहा हूं। आप इतनी बड़ी तादाद में आप हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए हैं। मैं आप सबका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। मैं जो पीछे में देख रहा हूं, जितने लोग पांडाल में हैं उससे ज्यादा लोग धूप में तप रहे हैं। आपको जो असुविधा हुई है, हमारी ये जो व्यवस्था छोटी पड़ गई है, और आपकी असुविधा के लिए भाजपा के कार्यकर्ता के नाते मैं सबसे पहले आप सबसे क्षमा मांगता हूं। जो लोग ये ताप में तप रहे हैं और बड़े धैर्य के साथ सभा को सुन रहे हैं, जो इस ताप में तप रहे हैं उनको मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि ये ताप, ये आपकी तपस्या, कभी भी बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं विकास करके उसे लौटाऊंगा। आपके लिए कल्याण योजनाएं लेकर के आऊंगा और आप के इस तपस्या का प्यार से उसकी कीमत चुकाऊंगा ये मैं आपको वादा करता हूं। भाइयों-बहनों ये पाली ऐसा है, जो कभी पाला बदलता ही नहीं है। और पाली की दूसरी भी तकत है। पाली वालों को मालूम है कि नहीं ये मुझे मालूम नहीं है। हिंदुस्तान में कहीं भी जाइए, और खासकर मेरे गुजरात में जाकर के देखिए, कोई जिला ऐसा नहीं मिलेगा जो पालीवाला वहां भाजपा का झंडा लेकर खड़ा ना हो। आप तमिलनाडु में जाकर के किसी को पूछोगे तो बोलेगा पाली का हो...वो यहां तो पाला बदलता नहीं है, लेकिन जहां जाता है वहां नई पारी भी खेल लेता है। ये ताकत है पाली की। और मेरे गुजरात में तो पाली और सिरोही से जो हवा आती है वो गुजरात को भी ताकत देती रहती है। और आज मैं बड़े विश्वास से दो बाते कह रहा हूं। पाली का भाजपा का कार्यकर्ता और सोजद की मेंहदी का रंग ये कभी भी उतरते नहीं हैं। पाली के मेरे भाइयों-बहनों, वाकई आज आपने दिल खुश कर दिया। मैं माताओ-बहनों को विशेष प्रणाम करता हूं, क्योंकि राजस्थान में माताएं-बहनें इस प्रकार से कभी बाहर आती नहीं हैं, आज इतनी बड़ी तादाद में आई हैं। इतना ही नहीं जब खाना पकाने का वक्त है तब वो राजस्थान का भविष्य बनाने के लिए आई हैं, और इसलिए खाना पकाना छोड़कर के राजस्थान का भाग्य बनाना ये जब राजस्थान की हमारी माताएं-बहने करती हैं ना तो राजस्थान का भविष्य उज्ज्वल है ये निश्चित हो जाता है। माताओं और बहनों को मेरा कोटि-कोटि नमन। साथियों पिछले कुछ दिनों से राजस्थान में मैं जहां-जहां गया हूं, राजस्थान के लोगों से जहां-जहां मिला हूं, एक स्वर से एक ही आवाज सुनाई दे रही है, हर कोई कह रहा है...जन-जन की है यही पुकार... जन-जन की है यही पुकार... जन-जन की है यही पुकार... आ रही है भाजपा सरकार।

मेरे परिवारजनों,
आज पूरा देश, विकसित होने के लक्ष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है। भारत 21वीं सदी में जिस ऊंचाई पर होगा, उसमें राजस्थान की भूमिका बहुत बड़ी होगी, अवश्य होगी। और, इसलिए राजस्थान में ऐसी सरकार जरूरी है, जो राजस्थान के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। दुर्भाग्य से, पिछले पांच साल राजस्थान में जो कांग्रेस सरकार रही...उसने अपने लोगों को विकास में और पीछे धकेल दिया है। यहां की कांग्रेस सरकार के लिए भ्रष्टाचार से बड़ा कुछ भी नहीं है।
यहां की कांग्रेस सरकार के लिए परिवारवाद ही सब कुछ है। यहां की कांग्रेस सरकार, तुष्टिकरण के अलावा कुछ सोच नहीं सकती। तुष्टिकरण की राजनीति का असर क्या होता है, इसको राजस्थान ने बीते 5 वर्षों में झेला है। कांग्रेस ने राजस्थान को दंगों में झोंक दिया।
दंगों और आतंकी मानसिकता रखने वालों के हौसले बुलंद हो गए। सौहार्द की इस धरा पर ऐसी-ऐसी घटनाएं हुईं, जिनके बारे में कभी कल्पना भी हम नहीं कर सकते थे। ऐसी विकृत मानसिकता वाली कांग्रेस को अच्छे से सबक सिखाना ज़रूरी है। सिखाओगे? सिर्फ पाली में ही सिखाओगे कि औरों को भी बताओगे?

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस और इसके घमंडिया गठबंधन की ये पहली हरकत नहीं है। सनातन को लेकर इन्होंने क्या-क्या कहा है, ये पूरे देश ने देखा है। मेरी माताएं और बहनों ने तो बहुत आक्रोश व्यक्त किया है। कांग्रेस और उसके साथी सनातन को खत्म करने का ऐलान कर रहे हैं। और सनातन को खत्म करने का मतलब है...राजस्थान की संस्कृति को खत्म करना। क्या ये करने देंगे आप? क्या ये करने देंगे? ये कांग्रेस के कारनामें चलने देंगे? ये घमंडिया गठबंधन की करतूत मान्य करेंगे?

साथियों,
हम सब भलीभांति जानते हैं कि यहां जालोर जिले के कानीवाड़ा में हनुमानजी का प्राचीन मंदिर है। उस हनुमान जी के प्राचीन मंदिर में पीढ़ियों से दलित समाज के ही पुजारी होते हैं, भगवान की पूजा करते हैं और सबलोग वहां आके आशीर्वाद लेते हैं और प्रसाद आरोग्य करते हैं। ऐसी प्रेरणादायी भूमि पर कांग्रेस के संरक्षण में दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। आप देखिए, महिलाओं और दलितों को लेकर ये कैसी-कैसी भाषा का उपयोग कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही बिहार में घमंडिया गठबंधन के एक नेता, वो वहां के मुख्यमंत्री है, उन्होंने दलित समाज के पूर्व मुख्यमंत्री के लिए कैसी अभद्र भाषा बोली.. ऐसी अभद्र भाषा बोली जो सामान्य नागरिक भी बातचीत में भी ऐसा नहीं बोल सकता, जो वो विधानसभा के फ्लोर पर बोल रहे थे। ये है घमंडिया गठबंधन। क्यों? क्यों गालियां दीं क्योंकि वो पूर्व मुख्यमंत्री अति पिछड़े दलित परिवार से आते हैं, इसलिए उनकी बेइज्जती करने में उनको आनंद आता है। उन्होंने तो पाप किया, लेकिन कांग्रेस के एक भी नेता, उसके मुंह से, ये गलत हुआ है ऐसा नहीं होना चाहिए, ये भी बताने का विवेक नहीं है। दलितों के खिलाफ अत्याचार करने वालों को देखकर कांग्रेस आंखों पर पट्टी बांध लेती है। यहां राजस्थान में 5 वर्ष तक दलित परिवारों के साथ हुए अत्याचार पर कांग्रेस ने यही किया है।

साथियों,
जबसे महिलाओं को आरक्षण देने वाला कानून, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित हुआ है, तबसे इन्होंने महिलाओं के विरुध अभद्र अभियान छेड़ दिया है। घमंडिया गठबंधन के नेताओं ने कैसी-कैसी आपत्तिजनक टिप्पणियां हमारी माताओं-बहनों के लिए की है। बिहार के मुख्यमंत्री ने तो विधानसभा में, महिलाओं के प्रति घोर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया है। लेकिन मजाल है कि कांग्रेस के किसी भी नेता ने, कोई आवाज़ उठाई हो। यही कांग्रेस का असली चेहरा है जिसे राजस्थान के लोग पहचान गए हैं। साथियों, महिला विरोधी कांग्रेस, कभी महिलाओं का कल्याण नहीं कर सकती, कभी महिलाओं की सुरक्षा नहीं कर सकती। कांग्रेस ने राजस्थान को महिलाओं के खिलाफ अपराध में नंबर वन बना दिया है। यहां मुख्यमंत्री कहते हैं कि बहनों-बेटियों ने पुलिस थाने में जा करके, उन पर जो अत्याचार हुए, जुल्म हुए, उसकी जो शिकायतें, फरियाद दर्ज की हैं, यहां के मुख्यमंत्री कहते हैं, ये सारी शिकायतें फर्जी हैं। क्या कोई मां-बहन ऐसी फर्जी शिकायत करे, ऐसा हमारे देश में कभी हो सकता है क्या? आप मुझे बताइए हो सकता है क्या? कभी कोई महिला, हमारे देश की माताए-बहने तो ऐसी हैं, थोड़ा सा भी किसी ने उनके साथ बदतमीजी की हो तो वहां से चूपचाप चली जाती हैं, वो सोचती हैं कि वो बुरा आदमी है, वो अपने घर जाए मैं अपने काम पर चली जाती हूं। वो कभी झूठ बोलने का तो सोचती भी नहीं हैं। और पुलिस थाने में जाकर के उस पर अत्याचार की बात लिखबाती है। कुछ तो सच होगा कि नहीं होगा भाई? होगा कि नहीं होगा? अरे मुख्यमंत्री ये कहे कि हम जांच करवाएंगे। ये मुख्यमंत्री तो सर्टिफिकेट देते हैं कि महिलाएं आज-कल फर्जी चीजे लिखवा देती हैं। क्या ये महिलाओं का अपमान है कि नहीं है? ऐसे ही जवाब देते हैं क्या? ये महिलाओं का अपमान है कि नहीं है? ये महिलाओं का अपमान है कि नहीं है? ये महिलाओं का अपमान है कि नहीं है? ये महिलाओं का अपमान करने वाली सरकार जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए? पूरे राजस्थान से जानी चाहिए कि नहीं जानी चाहिए? इतना ही नहीं ये
मुख्यमंत्री का सबसे करीबी मंत्री विधानसभा में इस अत्याचार को ये कहकर उचित ठहराता है कि ये राजस्था तो मर्दों का प्रदेश है। क्या मर्द इसलिए मर्द कहलाते हैं? इस प्रकार से पाप करते हैं। ये मर्दों का अपमान है कि नहीं है? ये मर्दों का अपमान है कि नहीं है? अरे राजस्थान के मर्द बहन-बेटियों की इज्जत के लिए अपना सर कटवा सकते हैं, ये मर्द होते हैं राजस्थान के...और तुम, तुम्हारे मंत्री खुलेआम कह रहे है कि ये मर्दों का प्रदेश है, तो फिर महिलाओं के साथ...आपको शोभा देता है क्या? और इतना ही नहीं उस मंत्री के पास शायद कई लाल डायरियां छिपी हुई हैं। इसलिए, ऐसे मंत्री को भी टिकट दे दिया, इसका मतलब ये हुआ कि महिलाओं पर अत्याचार और जुल्म करने वालों को कांग्रेस के दिल्ली में कारनामें करने वाले लोग भी कांग्रेस के दिल्ली में बैठे सारे बाजीगर भी ये जादूगर की हर बात मानने लगे हैं। और इसलिए कांग्रेस और उसके घमंडिया साथियों की मानसिकता एक जैसी है, महिला विरोधी है। मैं राजस्थान की हर बहन-बेटी से कहूंगा आपको राजस्थान से कांग्रेस को साफ करने के बाद ही चैन से बैठना है।

साथियों,
कांग्रेस के लोग, सिर्फ एक परिवार के बारे में सोचते हैं, भाजपा के लिए आप सभी हमारा परिवार हैं। भाजपा का निरंतर प्रयास है कि हर परिवार की बचत को कैसे बढ़ाया जाए। आप याद कीजिए, कांग्रेस सरकार जब थी, तब 2 लाख रुपए तक की इनकम पर भी टैक्स लगता था। यहां के लोग तो बराबर व्यापार दुनिया से जुड़े हुए हैं। दो लाख पर टैक्स लगता था कि नहीं लगता था? जवाब दीजिए, जरा याद कीजिए, कांग्रेस के जमाने में दो लाख रुपये पर टैक्स लगता था कि नहीं लगता था? ये मोदी के आने के बाद 7 लाख रुपए तक एक नया पैसा टैक्स नहीं लगता है। मेरे मध्यम वर्ग के पैसे बचते हैं। 2014 में सरकार बनने के बाद भाजपा सरकार ने डायरेक्ट टैक्स में जो कमी की है, उसकी वजह से मध्यम वर्ग की जेब में ढाई लाख करोड़ रुपए बचे हैं। और ये हमारे कर्मचारियों हो, हमारे व्यापारी हो, छोटे दुकानदार हो, इनके लिए बहुत बडी राहत का काम है।

साथियों,
ये केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियां हैं जिनकी वजह से आज आपके मोबाइल का बिल भी कम आ रहा है। कभी आपको मालूम है कि मोबाइल का कितना बिल देते थे आप? या भूल गए? अब ये भूल जाओगे तो कैसे चलेगा भाई। जरा पुराना हिसाब किताब निकाल दीजिए। 2014 के पहले आपके पास अगर मोबाइल फोन था, तो मोबाइल का बिल कितना आता था, वो जरा देख लीजिए। कांग्रेस सरकार के समय में आप जितना मोबाइल डेटा खर्च करते थे, आज अगर डेटा की कीमत वही होती, 2014 में जो दाम देने पड़ते थे, आज अगर वही होता ना, तो हर महीने सिर्फ मोबाइल खर्च में आपको 5 हजार रुपए अधिक खर्च करना पड़ता। अभी आपका हर महीने 5 हजार रुपया बचा कि नहीं बचा? जरा जोर से बोलो ना पैसा बचा है यार मारवाड़ी हो। पांच हजार रुपया बचा कि नहीं बचा? आज एक घऱ में तीन या चार मोबाइल होते हैं, तो कितना रुपया बचा? कितना रुपया बचा? ये मोदी का काम करने का तरीका है। अनेक परिवार हैं, अब आप देखिए, कोई मध्यम वर्ग का परिवार हो, कोई गरीबी से लड़कर बाहर आया हुआ नया-नया मध्यम वर्ग में आया है, लेकिन परिवार में बुजुर्ग मां-बाप हो और मान लीजिए डायबिटीज जैसी बीमारी आ गई, तो उसको हर महीने, जो दवाई लेनी पड़ती है ना, हजार, दो हजार रुपये का अतिरिक्त खर्चा होता है। होता है कि नहीं होता है? लेकिन हमने स्थान-स्थान पर प्रधानमंत्री लेकिन जनऔषधि केंद्र खोले, 80 परसेंट डिस्काउंट.. कितना? कितना थोड़ा बोलिए ना भइया? 80 परसेंट डिस्काउंट.. कितना? 80 परसेंट डिस्काउंट, माताओं-बहनों से पूछना कितना होता है? दिवाली पर साढ़ी की दुकान पर जाए और कोई बड़ा सा बोर्ड लगा दे कि 10 परसेंट डिस्काउंट, तो फिर साड़ी वहां खरीदने जाती है। क्योकि डिस्काउंट हमारे देश में बहुत चलता है। लेकिन कोई 10 परसेंट, 20 परसेंट से ज्यादा डिस्काउंट देता नहीं है। ये आपका बेटा दवाइयों में 80 परसेंट डिस्काउंट ताकि मध्यम वर्ग के परिवार में यदि डायबिटीज की दवा लानी पड़े तो जो दवाई उनको दो हजार रुपये में लानी पड़ती थी वो उनको 10 परसेंट, 20 परसेंट में मिल जाती है। उसका 80 परसेंट पैसा बच जाता है।

मेरे परिवारजनों,
कोरोना के ही संकट काल में दुनिया का सबसे बड़ा मुफ्त राशन देने का अभियान हमने शुरू किया। आप जानते हैं कितनी भयंकर बीमारी आई थी। मौत मंडरा रहा था। दुनियाभर से अस्पतालों से खबरें आने का मतलब डेड बॉढ़ी के ढेर दिखाई देते थे। चारों तरफ मौत का आतंक छाया हुआ था कि नहीं छाया था? कोविड ने डरा दिया था कि नहीं डरा दिया था? कब मौत आके दरबाजे को खटखटाएगी, डर लगता था कि नहीं लगता था? बेटा भी मां की सेवा के लिए उनके कमरे में नहीं जा पाता था। मां भी बेटे की सेवा नहीं कर पाती थी। हर किसी को लगता था कहीं कोरोना ना हो जाए। और उस समय बाहर भी सारा काम बंद हो गया था। लोग भी अपने-अपने घर वापस चले आए थे। तब भी आपका बेटा सो नहीं पाता था, ये आपका बेटा दिन-रात जागता था। और तब मैंने तय किया था कि कुछ भी हो जाए, कुछ भी हो जाए, कितनी ही मूसीबत क्यों न आए, खजाना खाली क्यों ना हो जाए लेकिन किसी के घर का चूल्हा बूझने नहीं दूंगा। किसी गरीब मां को आंसू बहाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा, कोई बेटा भूख से नहीं सोएगा। मुझे बताइये, हम तो राजस्थान के लोग है, पानी के एक प्याऊ भी कर दे ना, तो लोग कहते हैं कि पुण्य का काम किया। कहते हैं कि नहीं कहते हैं? आज भी लाख-बनजारा को याद करते हैं कि नहीं करते हैं? और किसी को थाली भर दें, संकट के समय में भी उन्हें मुफ्त में खाना मिल जाए तो आशीर्वाद देता है कि नहीं देता है? पुण्य मिलता है कि नहीं मिलता है। ये काम पुण्य का किया है कि नहीं किया है? ये पुण्य किसको मिलता है? ये पुण्य किसको मिलता है? ये पुण्य किसको मिलता है? ये पुण्य किसको मिलता है? यही तो गलती हो जाती है। ये पुण्य मोदी को नहीं मिलता है, ये पुण्य आपको मिलता है, क्योंकि आपने एक वोट देकर मोदी को बैठाया है, ये वोट देने का पुण्य आपने किया है, इसलिए आप पुण्य कमा रहे हैं। ये पुण्य जो जमा हो रहा है ना आपका वो एक वोट की ताकत है जिसके कारण पुण्य जमा हो रहा है। आज दिसंवब महीना में ये योजना पूरी होने वाली थी, लेकिन ये पुण्य का काम पवित्र काम है, हर किसी की थाली में रोटी पहुंचाने का काम है, और इसलिए आपके बेटे ने संकल्प किया है, निर्णय किया है, मन बना लिया है कि दिसंबर में ये योजना पूरी नहीं होने दूंगा, उसे पांच साल और आगे बढ़ा दिया है। लेकिन कांग्रेस के भ्रष्ट लोगों ने इसमें भी भ्रष्टाचार का मौका खोज लिया।

मेरे परिवारजनों,
राजस्थान सरकार की लूट का एक और उदाहरण पेट्रोल की कीमते हैं। आप देखिए राजस्थान के आस-परोस के राज्य, राजस्था का परोसी यूपी है, राजस्थान का परोसी हरियाणा है, वहां भाजपा की सरकारें हैं। वहां पेट्रोल 97 रुपये प्रति लीटर मिलता है, 97, लेकिन कांग्रेस की राजस्थान सरकार गुजरात, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से 12-13 रुपया पेट्रोल एक-एक लीटर का ज्यादा लेती है। महंगा पेट्रोल बेचती है और कटकी कंपनी चलाती है, और इसके कारण राजस्थान में लगातार कीमतें बढ़ रही है। मैं आज राजस्थान को वादा करता हूं मैं गारंटी देता हूं। 3 दिसंबर के बाद भाजपा सरकार बनेगी, तो उसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा की जाएगी। इससे गरीब और मिडल क्लास परिवारों को बहुत राहत मिलेगी।

मेरे परिवारजनों,
जहां-जहां भाजपा की डबल इंजन सरकार हैं, वहां-वहां केंद्र की हर योजना तेज़ी से ज़मीन पर उतरती है। या फिर भाजपा की राज्य सरकारें, अपना भी कुछ उसमें जोड़कर देती हैं। जहां-जहां भाजपा सरकारें हैं, वहां पीएम किसान सम्मान निधि के 6 हज़ार रुपये के साथ, भाजपा की राज्य सरकार भी अपनी तरफ से 6 हज़ार किसानों को और जोड़कर देती है। अब मैं ऱाजस्थान भाजपा के नेताओं को बधाई देता हूं, उन्होंने भी संकल्प किया है कि यहां तीन दिसंबर के बाद यहां भाजपा की सरकार बनने के बाद किसान को छह हजार रुपये और यानि अब 12 हज़ार रुपए किसानों के बैंक खाते में जमा किए जाएंगे। लेकिन भाइयों-बहनों किसान विरोधी, गरीब विरोधी कांग्रेस सरकार, आपके हित में ऐसा कोई फैसला ले ही नहीं ले सकती है। एक और उदाहरण मैं देता हूं, गरीबों को पक्का आवास देने की योजना, लेकिन राजस्थान में, हम पूरी कोशिश के बाद भी अभी तक लगभग 20 लाख घर ही बना पाए हैं। यहां पाली जिले के गांवों में भी 35 हज़ार से अधिक घर बने हैं। इनकी संख्या बहुत ज्यादा हो सकती थी, लेकिन राजस्थान की गरीब विरोधी कांग्रेस सरकार ने गरीबों के घर बनाने में लगातार अड़चनें लगाईं। आज मुझे अभी हेलीपैड पर कार्यकर्ता मिले तो बता रहे थे कि जब रजिस्ट्री होती थी तो राजस्थान की सरकार ऑनलाइन को सबकुछ बंद कर देती थी, ऑफलाइन कर देती थी और कहती थी कि हमारी रजिस्ट्री नहीं हो रही है ऐसा पाप करते थे। गरीब विरोधी कैसी मानसिकता है।

भाइयों-बहनों,
आप मेरा एक काम करेंगे? करेंगे? आपके गांव में, आपके शहर में, किसी भी मोहल्ले में, कोई फुटपाथ पर रहता है, कोई झुग्गी झोपड़ी में रहता है

कोई कच्चे टूटे फूटे मकान में रहता है। उसको बता देना कि मोदीजी पाली आए थे और मोदी जी ने कहा है, मोदी जी ने कहा है कि 3 दिसंबर को बीजेपी की सरकार बनने के बाद यह गरीबों को पक्का घर देने का काम फिर से चालू होगा और उनका घर भी बन जाएगा। यह काम करोगे? जा करके बताओगे? ये मोदी की गारंटी है बताओगे?

साथियों,
राजस्थान में हर घर नल से जल पहुंचाने के अभियान को भी कांग्रेस ने लूटने का काम किया है। हरियाणा और गुजरात में भाजपा सरकारों ने शत प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाया है, लेकिन राजस्थान में अभी तक आधी आबादी तक भी पानी पहुंचा नहीं है। माताओं बहनों से उनकी क्या दुश्मनी है मुझे समझ नहीं आ रहा है। वरना सबसे पहला काम कोई पानी पहुंचाने का करता और तब मेरी माताएं बहनें इतना आशीर्वाद देती, लेकिन उन्होंने नहीं किया। किया तो नहीं होने भी नहीं दिया। मैं दिल्ली से नल के लिए पैसा भेजता हूं, पाइप के लिए पैसा भेजता हूं और यहां कांग्रेसी कागजों पर नल लगाते हैं और पैसे डकार कर जाते हैं। राजस्थान को पानी की समस्याओं से मुक्त करने के लिए कांग्रेस ने भी... अगर आपको पानी चाहिए तो आपको ये काम करना पड़ेगा करोगे? अगर आपको पानी चाहिए तो कांग्रेस से मुक्ति पानी होगी।

मेरे परिवारजनों,
मैंने सुना है कि यहां खुद को जादूगर कहने वाले सीएम अपनी हार से इतना बौखला गए हैं, इतना बौखला गए हैं कि उन्होंने मीडिया को भी धमकाना शुरू कर दिया है। पता नहीं ये डरते है कि नहीं डरते मुझे मालूम नहीं, लेकिन धमकाना शुरू कर दिया है। लेकिन लोग बताते हैं कि लाल डायरी के पन्नों और गणपति प्लाज़ा के लॉकरों से निकलते माल की खबरों पार यहां अघोषित प्रतिबंध लग गया है। छप ही नहीं रहा है, टीवी पे नहीं आ रहा है, अचानक क्या हो गया भाई? मीडिया को दबा कर के इनसे जुड़ी खबरें छापो मत और झूठी खबरें, छापों ये खेल कर रहे हैं गहलोत जी। अरे, जिनकी नैया को जनता ने डुबाने का ठान लिया है वो कांग्रेस पैसे देकर अखबारों में फर्जी लहर चलवा रही है। और जादूगर साहब आप का जादू, आप की काली कमाई के सच को दबा नहीं सकता है। ये पाप से आपको बचा नहीं सकता है। जिन युवाओं का भविष्य पेपर लीक करके बेचा गया है उस पर ये जादू नहीं चलेगा। जिन कर्मचारियों को ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर लूटा गया है, परेशान किया गया है उन पर ये जादू नहीं चलेगा।

मेरे परिवारजनों,
कांग्रेस सरकार ने पाली समेत पूरे राजस्थान को अपने हाल पर छोड़ दिया है। कांग्रेस सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण पाली शहर की स्थिति भी खस्ताहाल है। आप लोगों को आए दिन प्रदर्शन करना पड़ता है, मोर्चे निकालने पड़ते हैं, संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने कभी इसकी परवाह नहीं की। अब कांग्रेस के ऐसे नेताओं को सबक सिखाने का समय आ गया है। साथियों, पाली आस्था और अध्यात्म का केंद्र है। यहां हमारी विरासत से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए यहां पर्यटन को लेकर अनेक संभावनाएं हैं। आपको याद होगा कि हाल ही में पाली जिलों को राजस्थान की पहली हेरिटेज ट्रेन की सौगात मिली है। मारवाड़ जंक्शन रेलवे स्टेशन से कांबली गार्ड के बीच राजस्थान की पहली हेरिटेज ट्रेन शुरू की गई है। विस्टाडोम एक ऐसी कोच वाली ये ट्रेन देशी विदेशी पर्यटकों को आपके जिले में लेकर आएगी। ये ट्रेन राजस्थान के मिनी कश्मीर कही जाने वाले गोरमघाट के खूबसूरत नजारों को दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर ला करके रखेंगे। यहां के रोड और रेल कनेक्टिविटी पर भाजपा सरकार बल दे रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पाली, मारवाड़, सोजत रोड, सोमेसर और रानी रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। मारवाड़ दिल्ली-मुंबई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ा है, इससे पूरे क्षेत्र में टूरिज़म और इंडस्ट्री दोनों को बहुत लाभ होगा। मैसाना-भंटिडा-गुरुदासपुर गैस पाइपलाइन ये शुरू होने से घरों में चूल्हे तक गैस की पाइपलाइन आ जाएगी माताएं बहनें, और गैस सस्ता भी हो जाएगा। और इससे यहां के उद्योगों को भी लाभ होगा।

साथियों,
पाली जिले ने तो हमेशा भाजपा को भरपूर प्यार दिया है। और इसलिए, मैं आपके पास वोट मांगने नहीं आया हूं। अप वो लोग हैं जिनसे कुछ मांगना ही नहीं पड़ा। आप ने देने में कभी कमी नहीं रखी है। मैं तो आया हूं मेरे पाली के सभी परिवारजनों को निमंत्रण देने के लिए कि 3 दिसंबर के बाद भाजपा की सरकार का शपथ होगा, उस शपथ समारोह में आने के लिए निमंत्रण देने आया हूं। आच्छा मैं एक संकल्प लूंगा। और आप को दोहराना होगा, दोहराओगे? आपको बोलना होगा कमल चुनेगा राजस्थान... क्या बोलना है? क्या बोलना है? ज़रा दोनों हाथ ऊपर करके मुट्ठी बंद करके बोलते रहना हैं आपको बोलेंगे? पूरी ताकत से बोलेंगे? दोनों हाथ ऊपर करके, पीछे जो खड़े हैं वो भी। तो मैं शुरू करता हूं..
बंद करो तुष्टीकरण की दुकान........ कमल चुनेगा राजस्थान
दंगाइयों का काम तमाम................. कमल चुनेगा राजस्थान।
भ्रष्टाचार पर लगे लगाम................. कमल चुनेगा राजस्थान।
पेपर माफिया की मिटे नामोनिशान.....कमल चुनेगा राजस्थान।
बहन-बेटियों का बढ़ेगा मान............... कमल चुनेगा राजस्थान

आपकी हिम्मत और हौसला देखकर के मुझे पक्का लगता है हर कोने से कांग्रेस गई। अच्छा मेरा एक काम करोगे? मेरा एक काम करोगे? ऐसे नहीं ज़रा ज़ोर से बोलो तो बतऊं मैं। करोगे? चुनाव वाला काम नहीं है, फिर भी करोगे? ये चुनावी क्षेत्र वाला कोई कुछ नहीं है, सीधा सीधा काम है करोगे? मेरा पर्सनल काम है, करोगे? पक्का करोगे? अच्छा तो एक काम करना, घर-घर जाना। हर परिवार को कहना, कि अपने मोदी जी पाली आए थे। और अपने मोदी जी ने आपको राम-राम कहा है। ये मेरा-राम राम पहुंचा दोगे? हर घर में मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे? हर घर में मेरा नमस्ते पहुंचा दोगे? जब आप हर परिवार में मेरा राम-राम पहुंचाओगे ना, मेरा प्रणाम पहुंचाओगे ना, मेरा नमस्ते कहोगे ना तो वो पूरा परिवार, वो पूरा परिवार मुझे आशीर्वाद देगा। पूरा परिवार मुझे आशीर्वाद देगा और जब आशीर्वाद मिलते है ना तो मुझे एक नई औषधि मिल जाती है। जब आशीर्वाद मिलते हैं ना तो मुझे नई ऊर्जा मिल जाती है। अगर आशीर्वाद मिलते हैं तो आपकी आकांक्षाएं पूरी करने की ताकत आ जाती है। जब आशीर्वाद मिलते हैं तो दिन-रात दौड़ने का हौसला बुलंद हो जाता है। और इसलिए, हर परिवार में जाना होगा, राम राम कहना होगा। कहेंगे? कहेंगे?
बोलो भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की..।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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India’s Top Gamers Meet ‘Cool’ PM Modi
April 13, 2024
PM Modi showcases his gaming prowess, impressing India's top gamers with his quick grasp of mobile, PC, and VR games!
PM Modi delves into gaming, sparking dialogue on innovation and digital empowerment!
Young gamers applaud PM Modi's agility and adaptability, give him ‘NaMo OP' badge

Prime Minister Narendra Modi engaged in a unique interaction with India's top gamers, immersing himself in the world of PC and VR gaming. During the session, Prime Minister Modi actively participated in gaming sessions, showcasing his enthusiasm for the rapidly evolving gaming industry.

The event brought together people from the gaming community including @gcttirth (Tirth Mehta), @PAYALGAMING (Payal Dhare), @8bitthug (Animesh Agarwal), @GamerFleet (Anshu Bisht), @MortaLyt (Naman Mathur), @Mythpat (Mithilesh Patankar), and @SkRossi (Ganesh Gangadhar).

Prime Minister Modi delved into mobile, PC, and VR gaming experiences, leaving the young gamers astounded by his quick grasp of game controls and objectives. Impressed by PM Modi’s gaming skills, the gaming community also gave him the ‘NaMo OP’ badge.

What made the entire interaction even more interesting was PM Modi's eagerness to learn trending gaming lingos like ‘grind’, ‘AFK’ and more. He even shared one of his lingos of ‘P2G2’ which means ‘Pro People Good Governance.’

The event served as a platform for a vibrant exchange of ideas, with discussions ranging from the youngsters’ unique personal journeys that led them to fame in this growing field of gaming, to the latest developments in the gaming sector.

Among the key topics explored was the distinction between gambling and gaming, highlighting the importance of responsible gaming practices while fostering a supportive environment for the gaming community. Additionally, the participants delved into the crucial issue of enhancing women's participation in the gaming industry, underscoring the need for inclusivity and diversity to drive the sector forward.

PM Modi also spoke about the potential for not just esports and gaming content creation, but also game development itself which is centred around India and its values. He discussed the potential of bringing to life ancient Indian games in a digital format, that too with open-source script so that youngsters all over the country can make their additions to it.