Today, I am giving you a guarantee that in the next few years, we will make India, the third largest economy in the world: PM Modi
When I oppose familism and say that it is against democracy and not allowing new talent to emerge, they say 'Modi has no family': PM Modi
I will tell you what an ideological battle is - they say family first, Modi says nation first, says PM Modi in Sangareddy, Telangana.
The more enthusiasm I see for BJP among the people of Telangana, the more my faith is increasing. I consider your affection and your love for the development of Telangana: PM Modi

भारत माता की…भारत माता की…भारत माता की…
ना तेलंगाणा कुटुम्ब सभ्युल्लन्दरिकी नमस्कारालु

आज मैं लगातार दूसरे दिन तेलंगाना में हूं। जितना उत्साह मैं तेलंगाना के लोगों में बीजेपी के लिए देख रहा हूं, उतना ही मेरा विश्वास भी बढ़ता जा रहा है। आपके इस स्नेह को मैं, आपके इस प्यार को मैं तेलंगाना के विकास के रूप में दोगुना करके लौटाउंगा। ये आपका प्यार, ये आपका उत्साह, ये आपके आशीर्वाद मैं बेकार नहीं जाने दूंगा। इदि मोदी गैरंटी। मोदि गैरंटी अंटे गैरंटी-गा पूर्ति अय्ये गैरंटी। और साथियों, आप भी जानते हैं कि मोदी जो कहता है, वो करके दिखाता है। मैंने आपसे कहा था कि हम सब मिलकर भारत को पूरे विश्व में एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। आज आप देख रहे हैं कि कैसे भारत पूरे विश्व में आशा की किरण बनकर नई ऊंचाई छू रहा है। और मैंने देखा है, विदेशों में जो हमारा डायस्पोरा है न इसमें हमारे तेलुगूभाषी बहुत बड़ी मात्रा में हैं। और ये हमारे तेलुगूभाषी आज दुनिया में जब वे कहते हैं न मैं हिंदुस्तान का हूं उनका भी डंका जम जाता है। होता है कि नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा होता है कि नहीं होता है?

साथियों,
हमने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के अंत की बात कही थी। आर्टिकल 370 हटाने की बात कही थी। ये वादा भी बीजेपी ने पूरा किया कि नहीं किया, करके दिखाया कि नहीं किया। और ये काम इतना बड़ा हुआ है कि आजकल आर्टिकल 370 फिल्में बन रही हैं, बहुत पॉपुलर हो रही है। पहली बार देश में इतिहास के इन विषयों में इस फिल्म के माध्यम से लोगों में रुचि दिखाई दे रही है। इंटरेस्ट दिखाई दे रहा है। साथियों, हमने कहा था कि हम सब मिलकर अयोध्या के भव्य मंदिर में भगवान राम का स्वागत करेंगे। ये वादा पूरा हुआ। स्वागत किया कि नहीं किया? शान से किया कि नहीं किया? गौरव से किया कि नहीं किया? हिंदुस्तान के हर व्यक्ति ने किया कि नहीं किया? पूरे भारत ने किया कि नहीं किया? दुनियाभर में भारतीयों ने किया कि नहीं किया? मोदी की गारंटी हुई कि नहीं हुई? मोदी ने आपसे कहा था कि भारत आर्थिक तरक्की का नया अध्याय लिखेगा। आज दुनिया की सबसे तेजी से विकास होने वाली विश्व की सबसे तेज बढ़ती इकोनॉमी हमारा हिंदुस्तान है कि नहीं है? अब मैं आपको ये पूछूं क्या मोदी की गारंटी पूरी हुई कि नहीं हुई? मोदी की गारंटी का मतलब पक्का है कि नहीं है? अब मैं आज आपको ये गारंटी दे रहा हूं, लिख लीजिए…आज मैं आपको एक गारंटी दे रहा हूं कि अगले कुछ वर्षों में भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनाएंगे। और ये वादा भी पूरा होगा, क्योंकि ये मोदी की गारंटी है। और आप सब जानते हैं, पूरा देश जानता है... मोदि गैरंटी अंटे गैरंटी-गा पूर्ति अय्ये गैरंटी।

साथियों,
आज जब मोदी आपसे और आपके परिवार को दी गई गारंटी को पूरा करने में लगा है तो कांग्रेस और उसके साथी मोदी को, मोदी के परिवार को गाली देने पर उतर आए हैं। ये गाली क्यों दे रहे हैं पता है? ये मोदी उनकी आंखों में चुभता क्यों है, इसका कारण है… मैं इनके सैकड़ों-हजारों करोड़ रुपयों के घोटालों की पोल खोल रहा हूं...मैं इन लोगों के परिवारवाद के खिलाफ आवाज़ उठाता हूं...मैं सही करता हूं कि नहीं करता हूं? (अभी किशन रेड्डी ने सबका बताया, कौन किसका परिवार में क्या कर रहा है) आप जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक देखिए…जहां-जहां परिवारवादी पार्टियां राज कर रही हैं वो परिवार तो मजबूत हुआ लेकिन राज्य बर्बाद हुआ है कि नहीं हुआ है? वो परिवार मजबूत हो गए, वो राज्य मजबूत नहीं हुआ। क्या ये परिवारवादी राजनीति चलनी चाहिए? ये परिवारवादी पार्टियां लोकतंत्र की विरोधी है कि नहीं है? ये परिवारवादी पार्टियां टैलेंट की विरोधी है कि नहीं है? ये परिवारवादी युवा की विरोधी है कि नहीं है? जब मैं ये कहता हूं तो लोग क्या कहते हैं। जब मैं परिवारवाद का विरोध करता हूं, जब मैं कहता हूं कि परिवारवाद लोकतंत्र के लिए खतरा है, जब मैं कहता हूं कि परिवारवाद नई टैलेंट को उभरने नहीं देता, जब मैं कहता हूं परिवारवाद युवाओं का अवसर रोकता है तो ये लोग जवाब नहीं देते हैं। उल्टा क्या कहते हैं मोदी का कोई परिवार ही नहीं है। क्या परिवार वालों को चोरी करने का लाइसेंस मिल गया है क्या? याने तुम्हारा परिवार है इसलिए चोरी करने की छूट। तुम्हारा परिवार है तो सत्ता पर कब्जा करने की छूट। मैंने तो देखे हैं ऐसे मुख्यमंत्री उनके एक ही परिवार के निकट के कुटुंब के 50-50 लोग उच्च पदों पर उस राज्य में विराजमान हो जाते हैं। क्या ये लोकतंत्र है क्या? और ऊपर से ये लोग क्या कहते हैं मोदी के साथ हमारी विचारधारा की लड़ाई है। अब बताओ भाई वो कहते हैं हम परिवार वाले सब करेंगे और मोदी को परिवार नहीं है। क्या ये विचारधारा की लड़ाई है क्या? और अगर ये विचारधारा की लड़ाई है तो मैं तो बताता हूं विचारधारा की लड़ाई क्या होती है। वो कहते हैं- Family First, मोदी कहता है- Nation First. ये है विचारधारा की लड़ाई। उनके लिए उनका परिवार ही सब कुछ है, मेरे लिए देश का हर परिवार सब कुछ है। इन्होंने अपने परिवार के हितों के लिए देशहित को बलि चढ़ा दिया, मोदी ने देशहित के लिए खुद को खपा दिया है। ये परिवारवादी इतने Insecure हैं, इतने Insecure हैं कि इन्होंने देश के हजारों युवाओं को राजनीति में आगे नहीं बढ़ने दिया। आप देखिए कांग्रेस पार्टी… पहले परिवारवादी नहीं थी लेकिन जब से परिवारवादी बनी है 50 साल से कम आयु वाले किसी को आगे नहीं देते हैं और अगर किसी को बिठाना पड़े तो किसको बिठाएंगे 75 साल वाले को ले आएंगे, 80 साल वाले को ले आएंगे, 85 ईयर वाले को लाकर बिठा देंगे। क्योंकि उनको डर लगता है कि 50-55 वाला आ गया और ओवरटेक कर गया तो परिवार का क्या होगा।

मोदी लगातार देश की राजनीति में ईमानदार युवाओं को आगे ला रहा है। ये परिवारवादियों ने देश को लूटा, अपनी तिजोरियां भरीं। मोदी ने उसको जो तनख्वाह मिलती है न, सरकार से जो पेमेंट मिलता है महीने में, उसमें से भी जब-जब मौका आया कुछ न कुछ लोगों के लिए मैंने खर्च कर दिया है, दान कर दिया है। परिवारवादियों ने सरकारों में रहकर महंगे-महंगे गिफ्ट लिए, सौगातें ली हैं, गिफ्ट के जरिए भी अपने काले धन को सफेद बनाया। लेकिन मोदी ने आज तक जो गिफ्ट मिलती है वो सारी गिफ्ट तोशाखाना में जमा करा देता है। उसकी नीलामी होती है और जो पैसे आते हैं वो पैसे मां गंगा की सेवा में लगा देता है। आपको जानकरके खुशी होगी, आप जो मोदी के परिवारजन हैं न, इस परिवार का सर कभी नहीं दूंगा मैं। आप मेरे परिवारजन हैं आपका माथा कभी नीचे नहीं होने दूंगा। जब मैं गुजरात में था, तो मुझे जो भेंट-सौगात मिलती थी न, उस समय भी मैं उसकी नीलामी करता था और उन पैसों को मैं गरीब की बेटियों की पढ़ाई के लिए लगा देता था। और आपको जानकर आनंद होगा, मेरे तेलंगाना के भाई-बहन, हमारे मीडिया वालों के लिए ये जो मैं बोल रहा हूं ये खबरें नहीं होती है। क्यों ये खबरें छप जाए तो बाकी लोगों को बहुत नीचा दिखाना पड़ेगा। इसलिए ऐसी खबरों को दबा दिया जाता है। आपको जानकर खुशी होगी, गुजरात में और दिल्ली में आकर मुझे जो भी लोग गिफ्ट देते हैं, यहां कोई शॉल पहना देता है, कोई मूर्ति दे देता है, ये जो कुछ भी मुझे मिलता है न उसकी नीलामी की है, सत्कार्य के लिए की है, इसलिए लोगों ने भी बढ़-चढ़कर नीलामी में हिस्सा लिया और ये आपका सेवक क्या करता है…अब तक करीब-करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया ये लोगों की सेवा में लगा दिए हैं दोस्तों। अगर मैं भी परिवारवादी होता…तो ये सब ले जाता है और कोई पूछता ही नहीं…वो कहते भई मंच पर दिया था वो तो उनका है। मैंने इसको भी आपकी सेवा में अर्पित कर दिया है।

साथियों,
उन्होंने काला धन ठिकाने लगाने के लिए विदेशी बैंकों में अपने खाते खोले। मोदी है जिसने यहां करोड़ों गरीब भाइयों बहनों के जनधन खाते खुलवाए। ये फर्क है। इन परिवारवादियों ने अपने परिवार के लिए कोठियां बनाईं, अपने परिवार के लिए महल बनाए, शीशमहल बनवाए। मोदी ने आज तक अपने लिए भी एक घर तक नहीं बनाया है। उल्टा मोदी तो देश के गरीबों के पक्के घर बनवा रहा है। अब तक चार करोड़ घर बन चुके हैं। उन्होंने परिवारवादियों ने देश की खदानें बेची, महंगी जमीनें बेची, आकाश बेचा, देश को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ये परिवारवादियों के कारनामे हैं और मोदी, देश बनाने के लिए, आपका भविष्य बनाने के लिए, आपके बच्चों का भविष्य बनाने के लिए जमीन-आकाश-पाताल दिन-रात एक कर रहा है। इसलिए बौखलाए हुए ये लोग मेरा परिवार ना होने की बात उठा रहे हैं। ये भूल रहे हैं कि 140 करोड़ देशवासी…140 करोड़ देशवासी ये मोदी का परिवार है। देश की हर माता-हर बहन मोदी का परिवार है। देश का हर नौजवान, हर बेटा, हर बेटी मोदी का परिवार है।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों को अंदाजा भी नहीं है कि करोड़ों लोग, मुझे अपने परिवार का सदस्य ही मानते हैं। और इसीलिए,
आज करोड़ों परिवार एक सुर में कह रहे हैं-
मैं हूं मोदी का परिवार !
मैं हूं मोदी का परिवार !
मैं हूं…मैं हूं…मैं हूं…
तेलंगाना में भी लोग कह रहे हैं…
नेने मोदी कुटुम्बम्!
नेने मोदी कुटुम्बम्!
नेने…नेने…नेने…

साथियों,
आज देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास’ की राह पर चल रहा है। हम हर राज्य का विकास चाहते हैं, ताकि देश का विकास हो। हम पहले के मुकाबले तेलंगाना के विकास के लिए ज्यादा राशि दे रहे हैं। अभी-अभी मैंने तेलंगाना के लोगों के लिए हजारों करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। ये सारे प्रोजेक्ट्स तेलंगाना के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर बनाने और उनके सपने पूरा करने का जरिया बनेंगे। तेलंगाना के युवाओं के ये सपने ही, आपके सपने ही, आप सबके सपने ही, आप मेरे परिवारजनों के सपने ही, आपके सपने ही मोदी का संकल्प है।

साथियों,
महिला, दलित और किसानों का हित हमेशा से हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर उज्जवला योजना तक, नल से जल से लेकर आय़ुष्मान भारत तक, हमारी हर योजना का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं मेरी माताओं-बहनों को हुआ है। देश में जो 4 करोड़ से अधिक घर गरीबों को दिए गए हैं, उसमें से ज्यादातर घर महिलाओं के ही नाम पर हैं। दलितों और अति पिछड़ों के लिए भी इन दस वर्षों में जितना काम हुआ, उतना 70 वर्षों में नहीं हुआ है। स्कॉलरशिप देकर, कौशल विकास करके, मुद्रा योजना का लाभ देकर, बीजेपी सरकार ने करोड़ों दलित बच्चों का सपना पूरा किया है। और आपको याद होगा…मैंने तेलंगाना में आकर कहा था…और मैं गारंटी वाला व्यक्ति हूं…गारंटी पूरा करना जानता हूं। मैंने कहा था कि मादिगा समुदाय के लोगों का सशक्तिकरण करने के लिए बीजेपी हर संभव मदद करेगी। और तभी हमने इसके लिए एक हाई लेवल पैनल भी बनाया था। इस पैनल ने लगातार मादिगा समुदाय के अनेक लोगों से मुलाकात की है। विचार-विमर्श किया है, उनकी समस्याओं को समझा है, और समाधान निकालने के लिए आगे बढ़े हैं।"

साथियों,
बीजेपी सरकार ने तेलंगाना के किसानों के लिए भी ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। बीते वर्षों में हमारी सरकार ने डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के धान और कॉटन की खरीद की है। तेलंगाना के 40 लाख से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत हर वर्ष 6 हजार रुपये की मदद भेजी जा रही है।

साथियों,
मोदी तेलंगाना के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा, ये मैं आपको गारंटी देता हूं। लेकिन, मैं एक बात से आपको आगाह भी करना चाहता हूं। तेलंगाना में BRS सरकार के घोटालों से परेशान होकर तेलंगाना के लोगों ने कांग्रेस को मौका दे दिया। आप जानते ही हैं कि BRS हो या कांग्रेस, दोनों एक जैसी ही पार्टियां हैं। एक ही सिक्के के दो बाजू हैं। बीआरएस-कांग्रेस में गठबंधन है कि नहीं है, वो तो तेलंगाना वाले बताएंगे लेकिन दुनिया को ये पता है कि BRS और कांग्रेस के बीच घोटाला-बंधन बहुत मजबूत है। घोटाला-बंधन है उनका। गठबंधन… यहां की जनता जानती है। घोटाला-बंधन सारी दुनिया जानती है। घोटाला-बंधन यानी- तेलंगाना की लूट में दोनों एक दूसरे को ‘कवर फ़ायर’ देते हैं। आप देखिए, बीआरएस के लोगों ने कालेश्वरम घोटाला करके किसानों से करोड़ों रुपये लूटे। लूटे कि नहीं लूटे? अब कांग्रेस क्या कर रही है? चुप बैठी है। ये लोग बीआरएस के घोटालों की जांच तक नहीं करा रहे! ऊपर से फाइलें खोज-खोज के दबा रहे हैं। क्योंकि इन्हें लगता है कि इनके भी कई लोग बीआरएस के साथ घोटालों में शामिल हैं। इन्हें डर है कि इनकी सरकार में जो खेल चल रहा है, कहीं वो खुलकर सामने न आ जाए। कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना को अपना नया एटीएम बना लिया है। लेकिन, मैं इन्हें कहना चाहता हूं। लेकिन मैं इनको कहना चाहता हूं… एक दूसरे को कवर फ़ायर देकर ये खेल बहुत दिनों तक नहीं चलेगा। क्योंकि, मोदी सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक भी होती है और एयर स्ट्राइक भी होती है।लेकिन इसके लिए मुझे आपका भरपूर आशीर्वाद चाहिए। आशीर्वाद मिलेगा न…भरपूर मिलेगा न, जीभर के मिलेगा न, दिल खोलकर मिलेगा न। और इसीलिए तो तेलंगाना हर इंसान कह रहा है, हर मतदाता कह रहा है.. .

अबकी बार, 400 पार!
अबकी बार, 400 पार!
नालगु वंदलु दाटाली,
बीजेपी-कि वोटु वेय्याली

मुझे विश्वास है कि तेलंगाना विकसित भारत के निर्माण के लिए जीभर के हमें अपना आशीर्वाद देगा। आप इतनी बड़ी संख्या में आए…10-11 बजे इतनी बड़ी रैली करना आसान बात नहीं है। मैं तेलंगाना बीजेपी को भी बधाई देता हूं और तेलंगाना के मेरे भाई बहनों को भी धन्यवाद करता हूं।
आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए…
भारत माता की…भारत माता की…भारत माता की…
वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे…

Explore More
প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা

Popular Speeches

প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা
Parliament on verge of history, says PM Modi, as it readies to take up women's bills

Media Coverage

Parliament on verge of history, says PM Modi, as it readies to take up women's bills
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM Modi in Uttarakhand
April 14, 2026
The Delhi-Dehradun Economic Corridor, being inaugurated today, is a world-class infrastructure project that will deepen connectivity, boost the economy and tourism: PM
With the completion of 25 years since its formation, Uttarakhand has now entered its 26th year; Today, with the inauguration of the Delhi-Dehradun Expressway, another major milestone has been added: PM
The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM
The Corridor will save time, travel will become cheaper and faster, people will spend less on petrol and diesel, and fares and freight costs will decrease;it will also facilitate employment: PM
Our mountains, these forest areas, this heritage of Devbhoomi, these are very, very sacred places; It is our duty to keep such places clean: PM
Plastic bottles, heaps of garbage in these areas hurt the sanctity of Devbhoomi ; it is very essential that we keep these sites of Devbhoomi, our pilgrimage sites, clean and beautiful: PM

 

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह जी, यहां के लोकप्रिय और कर्मठ युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी नितिन गड़करी जी, अजय टमटा जी, टेक्नॉलोजी के माध्यम से जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, गर्वनर आनंदी बेन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, मंच पर उपस्थित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी, पूर्व मुख्यमंत्री भाई रमेश पोखरियाल, विजय बहुगुना जी, तीरथ सिंह रावत जी, त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, उत्तराखंड सरकार के सभी मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण और विशाल संख्या में पधारे मेरे प्यारे भाईयों बहनों।

देवभूमि उत्तराखंड़ की इस पावन धरती पर आप सभी को मेरा प्रणाम। बहुत बडी संख्या में आए हुए पूज्य संतगण को भी प्रणाम। उत्तराखंड का प्यारा भुलों-भैबंदों, बौड़ी-भूलियों, स्याणा-बुजुर्गों, आप सबु तैं नमस्कार! मेरो प्यारो दाजी भाई, दीदी-बैनी, आमा-बाबा सबई लाई मेरो तरफ़ देखी ढोग दिनछू।

इस कार्यक्रम से टेक्नोलॉजी के जरिये भी दिल्ली, यूपी से अनेक लोग जुड़े हैं, मैं सभी का अभिनन्दन करता हूं। सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा चाहता हूं, उत्तरप्रदेश और दिल्ली के कार्यक्रम में जुड़े हुए लोगों की भी क्षमा मांगता हूं, कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई, सब स्थान पर लंबे समय तक आप सबको इंतजार करना पड़ा, और कारण यही था, मैं निकला तो समय पर था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर का रोड शो, काली मंदिर से लेकर के यहां तक, इतना उत्साह इतना उमंग, कि मेरे लिए तेज गति से गाड़ी चलाना बड़ा मुश्किल हो गया। तो धीरे-धीरे लोगों को प्रणाम करते-करते, जनता जनार्दन के आशीर्वाद लेते लेते यहां पहुंचने में मुझे एक घंटे से भी ज्यादा देरी हो गई, और इसके लिए मैं आपकी क्षमा मांगता हूं, और ऐसी धूप में 12 किलोमीटर ये जन सैलाब, ये उत्तराखंड़ का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद, मैं आज उत्तराखंड़ से एक नई ऊर्जा लेकर के जाऊंगा, नई प्रेरणा लेकर के जाऊंगा और मैं इसके लिए हर किसी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है। विभिन्न हिस्सों में नववर्ष का आगमन हुआ है। मैं देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बीहू और पुथांडु की शुभकामनाएं देता हूं!

साथियों,

अगले कुछ ही दिनों में, यमुनोत्री, गंगोत्री, बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी शुरू होने जा रही है। इस पवित्र समय का, देश के कोटि-कोटि आस्थावान, श्रद्धाभाव से इंतज़ार करते हैं। मैं पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और यहां के आराध्य देवों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं संतला माता को भी नमन करता हूं। यहां आने से पहले मुझे, मां डाट काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। देहरादून शहर पर, मां डाट काली की बड़ी कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में, माता डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरा करने के साथ ही छब्बीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा, बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था, कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों, और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से, ये युवा राज्य, विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। ये प्रोजेक्ट भी, उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। इस एक्सप्रेसवे का बहुत बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को भी बहुत फायदा होगा। टूरिज्म के लिहाज से ये प्रोजेक्ट बहुत अहम है। मैं पूरे देश को इस प्रोजेक्ट की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती भी है। मैं बाबा साहेब को कोटि-कोटि देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वो संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। जिन दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना के अनुरूप काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, ये हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़कर और उस भावना को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है।

साथियों,

बाबा साहेब का जीवन, गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ, हर गरीब, हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है। और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम, देश का संतुलित विकास है, सबको सुविधा है, सबकी समृद्धि है। इसलिए ही बाबा साहेब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की, औद्योगीकरण की भरपूर वकालत करते थे।

साथियों,

भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, अक्सर लोग, इसके लिए हाथ की रेखाओं को देखते हैं, दिखाते हैं। जो भविष्य वक्ता होते हैं ना, वो हस्त रेखाएं देखते हैं, और हर व्यक्ति के भविष्य के विषय में बताते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता हूं, लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अब ये तो हो गई व्यक्ति के भाग्य की जो उसके हाथ में रेखाएं हैं उसकी बात, लेकिन मैं अगर इसी संदर्भ मे बात को, इसी संदर्भ को राष्ट्र-जीवन से जोड़कर के देखूं, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं कौन सी होती हैं? राष्ट्र की भाग्य रेखाएं ये हमारी ये सड़कें होती हैं, हमारे हाईवे होते हैं, हमारे एक्सप्रेसवे होते हैं, एयरवे, रेलवे, वॉटरवे, ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं होती हैं। और बीते एक दशक से हमारा देश, विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। ये विकास रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं हैं, ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं और ये मोदी की भी गारंटी है। बीते दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की इन विकास-रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं। अभी नितिन जी ने बहुत सारे आंकड़ें सिर्फ उत्तराखंड़ से संबंधित बताए हैं आपको। देखिए साल 2014 तक ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए साल में, पूरे देश में, 2 लाख करोड़ रुपए भी खर्च नहीं होते थे। ये मैं पूरे हिन्दुस्तान की बात बताता हूं, 2 लाख करोड़ भी नहीं होते थे, आज ये छह गुना अधिक, 12 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो चुका है। यहां उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। 2014 के पहले पूरे देश के लिए 2 लाख करोड़, आज अकेले उत्तराखंड़ के लिए सवा दो लाख करोड़ रूपया। कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतज़ार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से, अब सड़क गांव तक पहुंच रही है, जो गांव पहले वीरान पड़ गए थे, वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना हो, रेल परियोजनाओं का विस्तार हो, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे हो, विकास की ये रेखाएं, इस क्षेत्र के कोने-कोने में जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

साथियों,

21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड और जिस स्केल पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का ही उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले ही, दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ, मेरठ में मेट्रो-सेवा की शुरुआत हुई, दिल्ली-मेरठ नमो-भारत रेल देश को समर्पित की गई, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हुई, हवाई जहाजों के लिए MRO फेसिलिटी पर काम शुरू हुआ, और आज, देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरु हो रहा है।

साथियों,

इतने छोटे से रीजन में ये सब इतने कम समय में हो रहा है। कल्पना कीजिए, देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। और इसलिए ही मैं कहता हूं - 21वीं सदी का भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस नए युग में प्रवेश कर रहा है, वो अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है।

साथियों,

आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले, अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर्स, उस पर काम चल रहा है। जैसे दिल्ली-मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलुरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ऐसे बहुत से इकोनॉमिक कॉरिडोर देश में बनाए जा रहे हैं। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। और इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, सड़क के अलावा नए-नए व्यापार-कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों के लिए, गोदामों के लिए पूरा नेटवर्क, उसका आधार तैयार करते हैं।

साथियों,

देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। पहला फायदा तो ये है कि इससे समय बचेगा, आना-जाना सस्ता और तेज होगा, लोगों का पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा, किराया-भाड़ा कम होगा, और दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। अभी इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए, तो हज़ारों श्रमिकों को काम मिला है। साथ ही, जो इंजीनियर हैं, अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स हैं, ट्रांसपोर्ट से, उससे जुड़े साथी हैं, उनको भी बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला है। किसानों और पशुपालकों की उपज भी, अब तेज़ गति से, बड़ी मंडियों और बड़े बाज़ारों तक पहुंचेगी।

साथियों,

इस शानदार एक्सप्रेस-वे से उत्तराखंड के टूरिज्म को बहुत ही बड़ा फायदा होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए ये सबसे प्रमुख मार्ग बनेगा। और हम सभी जानते हैं, जब टूरिज्म का विकास होता है, तो हर कोई कुछ न कुछ कमाता है। होटल हो, ढाबे वाले हो, टैक्सी हो, ऑटो हो, होम स्टे हो, सबको इसका फायदा होता है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि आज उत्तराखंड, विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्टस और wed in india, शादी के लिए, बहुत बेहतरीन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए बारहमासी पर्यटन बहुत जरूरी है। इसलिए मेरा सर्दियों में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लेकर बहुत आग्रह रहा है। और मुझे खुशी है कि हर साल इन यात्राओं में लोगों की संख्या बढ़ रही है। आपको याद होगा, मैं 2023 में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर गया था। पहले बहुत जाता था, बीच में बिल्कुल जा नहीं पाया, कई वर्षों के बाद मैं गया, और मुझे मुख्यमंत्री जी बता रहे थे, गर्वनर साहब बीच मे आए, वो भी बता रहे थे कि 2023 में वहां गया और उसके बाद, बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जा रहे हैं। पहले वहां कुछ सौ लोग ही सर्दियों में यात्रा के लिए जाते थे। साल 2025 में, करीब-करीब 40 हजार से अधिक लोगों ने इन पवित्र स्थानों की यात्रा की है। कभी एक हजार नहीं होते थे, अगर चालीस हजार पहुंचते हैं तो यहां के लोगों की रोजी-रोटी की कितनी बड़ी ताकत आ जाती है। इसी तरह साल 2024 में शीतकालीन चारधाम यात्रा में, करीब अस्सी हज़ार श्रद्धालु आए थे। 2025 में ये संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है।

साथियों,

हम ऐसा विकसित भारत बनाने में जुटे हैं, जहां प्रगति भी हो, प्रकृति भी हो और संस्कृति भी हो। और इसलिए, आज होने वाले हर निर्माण को, इन्हीं त्रिवेणी, प्रगति, प्रकृति और सांस्कृति की त्रिवेणी, इन्हीं मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से इंसानों को भी सुविधा हो, और वहां रहने वाले वन्यजीवों को भी असुविधा न हो, ये हमारा प्रयास है। और इसलिए ही इस एक्सप्रेसवे पर, करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है। हाथियों को भी असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है।

वैसे साथियों,

मैं आज देशभर के सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से भी एक आग्रह करना चाहता हूं। हमारे पहाड़, ये वन क्षेत्र, ये देवभूमि की धरोहर, ये बहुत ही बहुत पवित्र स्थान हैं। ऐसे स्थानों को साफ-सुथरा रखना, ये हम सभी का कर्तव्य है। यहां रहने वालों का भी और यात्री के रूप में आने वालों का भी। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें, कूड़े-कचरे का ढेर, ये देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है। इसलिए बहुत आवश्यक है कि हम देवभूमि के इन स्थलों को, हमारे इन तीर्थ स्थलों को स्वच्छ रखें, सुंदर रखें।

साथियों,

अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ का भी आयोजन होना है। हमें आस्था के इस संगम को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़नी है।

साथियों,

उत्तराखंड में नंदा देवी राजजात यात्रा भी होती है। ये आस्था का उत्सव तो है ही, ये हमारी सांस्कृतिक चेतना का भी जीवंत उदाहरण है। जहां मां नंदा को बेटी मानकर पूरे सम्मान के साथ विदा किया जाता है। इस यात्रा में बहनों-बेटियों की भागीदारी, इसे विशेष बनाती है। मैं मां नंदा को प्रणाम करते हुए, देशभर की बहनों-बेटियों को भी विशेष संदेश देना चाहता हूं। विकसित भारत के निर्माण में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। इस देश की बेटियों की, इस देश की माताओं की, बहनों की बहुत बड़ी भूमिका मैं देख रहा हूं। और बहनों-बेटियों की सुविधा, सुरक्षा और लोकतंत्र में भागीदारी, ये डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। आप अभी देख रही हैं, कि दुनिया में कितना बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी कितना हाहाकार मचा है। ऐसे मुश्किल हालात में भी, सरकार का निरंतर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो।

साथियों,

बहनों-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव अब देश के सामने है। 4 दशकों के इंतज़ार के बाद संसद ने, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए तैंतीस प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया। अब महिलाओं को ये जो हक मिला है ना, इस हक को लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। अब ये लागू होना चाहिए। अब जो 2029 में लोकसभा के चुनाव होंगे, अब तब से लेकर विधान सभा के भी चुनाव आते रहेंगे, जो भी चुनाव आते रहेंगे, 2029 से ही ये लागू हो जाना चाहिए। ये देश की भावना है, ये देश की हर बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए, 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को, सभी राजनीतिक दल मिलकर के सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं, उसको पूरा करे। और मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक खुला पत्र लिखा है, सोशल मीडिया में शायद ये मेरा पत्र आप तक पहुंचा होगा, हो सकता है टीवी और अखबार वाले भी इस पत्र का जिक्र करते होंगे। मैंने बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं-बहनों को इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है। मुझे पक्का विश्वास है कि पत्र मेरे देश की माताएं-बहनें जरूर पढ़ेंगी। एक एक शब्द पर मनन करेंगी, और इतना बड़ा पवित्र कार्य करने के लिए 16-17-18 को संसद में आने वाले सभी सांसदों को उनके आशीर्वाद भी मिलेंगे। मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें। 2029 में हमारे देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या हमारी माताएं-बहनें, हमारी बेटियां, उनको उनका हक हम देकर रहें।

साथियों,

मैं उत्तराखंड आउं और फौज की बात ना हो, तो बात अधूरी ही रहती है। ये गढ़ी कैंट, ये सभा स्थल, ये उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा का प्रमाण है। यहां पास ही देश की रक्षा सुरक्षा से जुड़े कई संस्थान हैं, 1962 की लड़ाई में, शहीद जसवंत सिंह रावत जी के शौर्य को देश कभी भुला नहीं सकता।

साथियों,

सेना के सामर्थ्य को सशक्त करना हो, या हमारे सैनिक परिवारों की सुविधा और सम्मान हो, हमारी सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। वन रैंक वन पेंशन के माध्यम से हमारी सरकार ने, अब तक करीब सवा लाख करोड़ रुपए पूर्व फौजियों को उनके खाते में जमा कर दिए हैं। उत्तराखंड के भी हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला है। इसके अलावा, इस वर्ष पूर्व फौजियों के लिए health scheme का बजट भी छत्तीस प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और इससे अधिक के ex-servicemen के लिए, दवाईयों की door step home delivery भी शुरू की गई है। पूर्व फौजियों के बच्चों की एजुकेशन ग्रांट भी डबल की गई है। और बेटियों के विवाह के लिए जो सहायता मिलती है, उसको भी 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है।

साथियों,

देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति, ऐसे हर आयाम को जोड़ते हुए, हमें देश को विकसित बनाना है। एक बार फिर दिल्ली-वासियों को, उत्तर प्रदेश वासियों को, और एक प्रकार से देशवासियों को, इस शानदार एक्सप्रेसवे की मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

बहुत-बहुत धन्यवाद !