आज मैं आपको गारंटी दे रहा हूं कि अगले कुछ वर्षों में हम भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना देंगे: पीएम मोदी
जब मैं परिवारवाद का विरोध करता हूं और कहता हूं कि यह लोकतंत्र के खिलाफ है, तो विपक्षी पार्टियां कहती हैं कि 'मोदी का कोई परिवार नहीं है': पीएम मोदी
मैं आपको बताता हूं कि वैचारिक लड़ाई क्या होती है - वे कहते हैं कि परिवार पहले है, मैं कहता हूं कि राष्ट्र पहले है; तेलंगाना में पीएम मोदी
BRS और कांग्रेस में गठबंधन नहीं है, लेकिन इनके बीच घोटाला-बंधन बहुत मजबूत है: तेलंगाना में पीएम मोदी

भारत माता की…भारत माता की…भारत माता की…
ना तेलंगाणा कुटुम्ब सभ्युल्लन्दरिकी नमस्कारालु

आज मैं लगातार दूसरे दिन तेलंगाना में हूं। जितना उत्साह मैं तेलंगाना के लोगों में बीजेपी के लिए देख रहा हूं, उतना ही मेरा विश्वास भी बढ़ता जा रहा है। आपके इस स्नेह को मैं, आपके इस प्यार को मैं तेलंगाना के विकास के रूप में दोगुना करके लौटाउंगा। ये आपका प्यार, ये आपका उत्साह, ये आपके आशीर्वाद मैं बेकार नहीं जाने दूंगा। इदि मोदी गैरंटी। मोदि गैरंटी अंटे गैरंटी-गा पूर्ति अय्ये गैरंटी। और साथियों, आप भी जानते हैं कि मोदी जो कहता है, वो करके दिखाता है। मैंने आपसे कहा था कि हम सब मिलकर भारत को पूरे विश्व में एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। आज आप देख रहे हैं कि कैसे भारत पूरे विश्व में आशा की किरण बनकर नई ऊंचाई छू रहा है। और मैंने देखा है, विदेशों में जो हमारा डायस्पोरा है न इसमें हमारे तेलुगूभाषी बहुत बड़ी मात्रा में हैं। और ये हमारे तेलुगूभाषी आज दुनिया में जब वे कहते हैं न मैं हिंदुस्तान का हूं उनका भी डंका जम जाता है। होता है कि नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा होता है कि नहीं होता है?

साथियों,
हमने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के अंत की बात कही थी। आर्टिकल 370 हटाने की बात कही थी। ये वादा भी बीजेपी ने पूरा किया कि नहीं किया, करके दिखाया कि नहीं किया। और ये काम इतना बड़ा हुआ है कि आजकल आर्टिकल 370 फिल्में बन रही हैं, बहुत पॉपुलर हो रही है। पहली बार देश में इतिहास के इन विषयों में इस फिल्म के माध्यम से लोगों में रुचि दिखाई दे रही है। इंटरेस्ट दिखाई दे रहा है। साथियों, हमने कहा था कि हम सब मिलकर अयोध्या के भव्य मंदिर में भगवान राम का स्वागत करेंगे। ये वादा पूरा हुआ। स्वागत किया कि नहीं किया? शान से किया कि नहीं किया? गौरव से किया कि नहीं किया? हिंदुस्तान के हर व्यक्ति ने किया कि नहीं किया? पूरे भारत ने किया कि नहीं किया? दुनियाभर में भारतीयों ने किया कि नहीं किया? मोदी की गारंटी हुई कि नहीं हुई? मोदी ने आपसे कहा था कि भारत आर्थिक तरक्की का नया अध्याय लिखेगा। आज दुनिया की सबसे तेजी से विकास होने वाली विश्व की सबसे तेज बढ़ती इकोनॉमी हमारा हिंदुस्तान है कि नहीं है? अब मैं आपको ये पूछूं क्या मोदी की गारंटी पूरी हुई कि नहीं हुई? मोदी की गारंटी का मतलब पक्का है कि नहीं है? अब मैं आज आपको ये गारंटी दे रहा हूं, लिख लीजिए…आज मैं आपको एक गारंटी दे रहा हूं कि अगले कुछ वर्षों में भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनाएंगे। और ये वादा भी पूरा होगा, क्योंकि ये मोदी की गारंटी है। और आप सब जानते हैं, पूरा देश जानता है... मोदि गैरंटी अंटे गैरंटी-गा पूर्ति अय्ये गैरंटी।

साथियों,
आज जब मोदी आपसे और आपके परिवार को दी गई गारंटी को पूरा करने में लगा है तो कांग्रेस और उसके साथी मोदी को, मोदी के परिवार को गाली देने पर उतर आए हैं। ये गाली क्यों दे रहे हैं पता है? ये मोदी उनकी आंखों में चुभता क्यों है, इसका कारण है… मैं इनके सैकड़ों-हजारों करोड़ रुपयों के घोटालों की पोल खोल रहा हूं...मैं इन लोगों के परिवारवाद के खिलाफ आवाज़ उठाता हूं...मैं सही करता हूं कि नहीं करता हूं? (अभी किशन रेड्डी ने सबका बताया, कौन किसका परिवार में क्या कर रहा है) आप जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक देखिए…जहां-जहां परिवारवादी पार्टियां राज कर रही हैं वो परिवार तो मजबूत हुआ लेकिन राज्य बर्बाद हुआ है कि नहीं हुआ है? वो परिवार मजबूत हो गए, वो राज्य मजबूत नहीं हुआ। क्या ये परिवारवादी राजनीति चलनी चाहिए? ये परिवारवादी पार्टियां लोकतंत्र की विरोधी है कि नहीं है? ये परिवारवादी पार्टियां टैलेंट की विरोधी है कि नहीं है? ये परिवारवादी युवा की विरोधी है कि नहीं है? जब मैं ये कहता हूं तो लोग क्या कहते हैं। जब मैं परिवारवाद का विरोध करता हूं, जब मैं कहता हूं कि परिवारवाद लोकतंत्र के लिए खतरा है, जब मैं कहता हूं कि परिवारवाद नई टैलेंट को उभरने नहीं देता, जब मैं कहता हूं परिवारवाद युवाओं का अवसर रोकता है तो ये लोग जवाब नहीं देते हैं। उल्टा क्या कहते हैं मोदी का कोई परिवार ही नहीं है। क्या परिवार वालों को चोरी करने का लाइसेंस मिल गया है क्या? याने तुम्हारा परिवार है इसलिए चोरी करने की छूट। तुम्हारा परिवार है तो सत्ता पर कब्जा करने की छूट। मैंने तो देखे हैं ऐसे मुख्यमंत्री उनके एक ही परिवार के निकट के कुटुंब के 50-50 लोग उच्च पदों पर उस राज्य में विराजमान हो जाते हैं। क्या ये लोकतंत्र है क्या? और ऊपर से ये लोग क्या कहते हैं मोदी के साथ हमारी विचारधारा की लड़ाई है। अब बताओ भाई वो कहते हैं हम परिवार वाले सब करेंगे और मोदी को परिवार नहीं है। क्या ये विचारधारा की लड़ाई है क्या? और अगर ये विचारधारा की लड़ाई है तो मैं तो बताता हूं विचारधारा की लड़ाई क्या होती है। वो कहते हैं- Family First, मोदी कहता है- Nation First. ये है विचारधारा की लड़ाई। उनके लिए उनका परिवार ही सब कुछ है, मेरे लिए देश का हर परिवार सब कुछ है। इन्होंने अपने परिवार के हितों के लिए देशहित को बलि चढ़ा दिया, मोदी ने देशहित के लिए खुद को खपा दिया है। ये परिवारवादी इतने Insecure हैं, इतने Insecure हैं कि इन्होंने देश के हजारों युवाओं को राजनीति में आगे नहीं बढ़ने दिया। आप देखिए कांग्रेस पार्टी… पहले परिवारवादी नहीं थी लेकिन जब से परिवारवादी बनी है 50 साल से कम आयु वाले किसी को आगे नहीं देते हैं और अगर किसी को बिठाना पड़े तो किसको बिठाएंगे 75 साल वाले को ले आएंगे, 80 साल वाले को ले आएंगे, 85 ईयर वाले को लाकर बिठा देंगे। क्योंकि उनको डर लगता है कि 50-55 वाला आ गया और ओवरटेक कर गया तो परिवार का क्या होगा।

मोदी लगातार देश की राजनीति में ईमानदार युवाओं को आगे ला रहा है। ये परिवारवादियों ने देश को लूटा, अपनी तिजोरियां भरीं। मोदी ने उसको जो तनख्वाह मिलती है न, सरकार से जो पेमेंट मिलता है महीने में, उसमें से भी जब-जब मौका आया कुछ न कुछ लोगों के लिए मैंने खर्च कर दिया है, दान कर दिया है। परिवारवादियों ने सरकारों में रहकर महंगे-महंगे गिफ्ट लिए, सौगातें ली हैं, गिफ्ट के जरिए भी अपने काले धन को सफेद बनाया। लेकिन मोदी ने आज तक जो गिफ्ट मिलती है वो सारी गिफ्ट तोशाखाना में जमा करा देता है। उसकी नीलामी होती है और जो पैसे आते हैं वो पैसे मां गंगा की सेवा में लगा देता है। आपको जानकरके खुशी होगी, आप जो मोदी के परिवारजन हैं न, इस परिवार का सर कभी नहीं दूंगा मैं। आप मेरे परिवारजन हैं आपका माथा कभी नीचे नहीं होने दूंगा। जब मैं गुजरात में था, तो मुझे जो भेंट-सौगात मिलती थी न, उस समय भी मैं उसकी नीलामी करता था और उन पैसों को मैं गरीब की बेटियों की पढ़ाई के लिए लगा देता था। और आपको जानकर आनंद होगा, मेरे तेलंगाना के भाई-बहन, हमारे मीडिया वालों के लिए ये जो मैं बोल रहा हूं ये खबरें नहीं होती है। क्यों ये खबरें छप जाए तो बाकी लोगों को बहुत नीचा दिखाना पड़ेगा। इसलिए ऐसी खबरों को दबा दिया जाता है। आपको जानकर खुशी होगी, गुजरात में और दिल्ली में आकर मुझे जो भी लोग गिफ्ट देते हैं, यहां कोई शॉल पहना देता है, कोई मूर्ति दे देता है, ये जो कुछ भी मुझे मिलता है न उसकी नीलामी की है, सत्कार्य के लिए की है, इसलिए लोगों ने भी बढ़-चढ़कर नीलामी में हिस्सा लिया और ये आपका सेवक क्या करता है…अब तक करीब-करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपया ये लोगों की सेवा में लगा दिए हैं दोस्तों। अगर मैं भी परिवारवादी होता…तो ये सब ले जाता है और कोई पूछता ही नहीं…वो कहते भई मंच पर दिया था वो तो उनका है। मैंने इसको भी आपकी सेवा में अर्पित कर दिया है।

साथियों,
उन्होंने काला धन ठिकाने लगाने के लिए विदेशी बैंकों में अपने खाते खोले। मोदी है जिसने यहां करोड़ों गरीब भाइयों बहनों के जनधन खाते खुलवाए। ये फर्क है। इन परिवारवादियों ने अपने परिवार के लिए कोठियां बनाईं, अपने परिवार के लिए महल बनाए, शीशमहल बनवाए। मोदी ने आज तक अपने लिए भी एक घर तक नहीं बनाया है। उल्टा मोदी तो देश के गरीबों के पक्के घर बनवा रहा है। अब तक चार करोड़ घर बन चुके हैं। उन्होंने परिवारवादियों ने देश की खदानें बेची, महंगी जमीनें बेची, आकाश बेचा, देश को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। ये परिवारवादियों के कारनामे हैं और मोदी, देश बनाने के लिए, आपका भविष्य बनाने के लिए, आपके बच्चों का भविष्य बनाने के लिए जमीन-आकाश-पाताल दिन-रात एक कर रहा है। इसलिए बौखलाए हुए ये लोग मेरा परिवार ना होने की बात उठा रहे हैं। ये भूल रहे हैं कि 140 करोड़ देशवासी…140 करोड़ देशवासी ये मोदी का परिवार है। देश की हर माता-हर बहन मोदी का परिवार है। देश का हर नौजवान, हर बेटा, हर बेटी मोदी का परिवार है।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों को अंदाजा भी नहीं है कि करोड़ों लोग, मुझे अपने परिवार का सदस्य ही मानते हैं। और इसीलिए,
आज करोड़ों परिवार एक सुर में कह रहे हैं-
मैं हूं मोदी का परिवार !
मैं हूं मोदी का परिवार !
मैं हूं…मैं हूं…मैं हूं…
तेलंगाना में भी लोग कह रहे हैं…
नेने मोदी कुटुम्बम्!
नेने मोदी कुटुम्बम्!
नेने…नेने…नेने…

साथियों,
आज देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास’ की राह पर चल रहा है। हम हर राज्य का विकास चाहते हैं, ताकि देश का विकास हो। हम पहले के मुकाबले तेलंगाना के विकास के लिए ज्यादा राशि दे रहे हैं। अभी-अभी मैंने तेलंगाना के लोगों के लिए हजारों करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। ये सारे प्रोजेक्ट्स तेलंगाना के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर बनाने और उनके सपने पूरा करने का जरिया बनेंगे। तेलंगाना के युवाओं के ये सपने ही, आपके सपने ही, आप सबके सपने ही, आप मेरे परिवारजनों के सपने ही, आपके सपने ही मोदी का संकल्प है।

साथियों,
महिला, दलित और किसानों का हित हमेशा से हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है। स्वच्छ भारत अभियान से लेकर उज्जवला योजना तक, नल से जल से लेकर आय़ुष्मान भारत तक, हमारी हर योजना का सबसे ज्यादा लाभ महिलाओं मेरी माताओं-बहनों को हुआ है। देश में जो 4 करोड़ से अधिक घर गरीबों को दिए गए हैं, उसमें से ज्यादातर घर महिलाओं के ही नाम पर हैं। दलितों और अति पिछड़ों के लिए भी इन दस वर्षों में जितना काम हुआ, उतना 70 वर्षों में नहीं हुआ है। स्कॉलरशिप देकर, कौशल विकास करके, मुद्रा योजना का लाभ देकर, बीजेपी सरकार ने करोड़ों दलित बच्चों का सपना पूरा किया है। और आपको याद होगा…मैंने तेलंगाना में आकर कहा था…और मैं गारंटी वाला व्यक्ति हूं…गारंटी पूरा करना जानता हूं। मैंने कहा था कि मादिगा समुदाय के लोगों का सशक्तिकरण करने के लिए बीजेपी हर संभव मदद करेगी। और तभी हमने इसके लिए एक हाई लेवल पैनल भी बनाया था। इस पैनल ने लगातार मादिगा समुदाय के अनेक लोगों से मुलाकात की है। विचार-विमर्श किया है, उनकी समस्याओं को समझा है, और समाधान निकालने के लिए आगे बढ़े हैं।"

साथियों,
बीजेपी सरकार ने तेलंगाना के किसानों के लिए भी ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। बीते वर्षों में हमारी सरकार ने डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के धान और कॉटन की खरीद की है। तेलंगाना के 40 लाख से अधिक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के तहत हर वर्ष 6 हजार रुपये की मदद भेजी जा रही है।

साथियों,
मोदी तेलंगाना के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा, ये मैं आपको गारंटी देता हूं। लेकिन, मैं एक बात से आपको आगाह भी करना चाहता हूं। तेलंगाना में BRS सरकार के घोटालों से परेशान होकर तेलंगाना के लोगों ने कांग्रेस को मौका दे दिया। आप जानते ही हैं कि BRS हो या कांग्रेस, दोनों एक जैसी ही पार्टियां हैं। एक ही सिक्के के दो बाजू हैं। बीआरएस-कांग्रेस में गठबंधन है कि नहीं है, वो तो तेलंगाना वाले बताएंगे लेकिन दुनिया को ये पता है कि BRS और कांग्रेस के बीच घोटाला-बंधन बहुत मजबूत है। घोटाला-बंधन है उनका। गठबंधन… यहां की जनता जानती है। घोटाला-बंधन सारी दुनिया जानती है। घोटाला-बंधन यानी- तेलंगाना की लूट में दोनों एक दूसरे को ‘कवर फ़ायर’ देते हैं। आप देखिए, बीआरएस के लोगों ने कालेश्वरम घोटाला करके किसानों से करोड़ों रुपये लूटे। लूटे कि नहीं लूटे? अब कांग्रेस क्या कर रही है? चुप बैठी है। ये लोग बीआरएस के घोटालों की जांच तक नहीं करा रहे! ऊपर से फाइलें खोज-खोज के दबा रहे हैं। क्योंकि इन्हें लगता है कि इनके भी कई लोग बीआरएस के साथ घोटालों में शामिल हैं। इन्हें डर है कि इनकी सरकार में जो खेल चल रहा है, कहीं वो खुलकर सामने न आ जाए। कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना को अपना नया एटीएम बना लिया है। लेकिन, मैं इन्हें कहना चाहता हूं। लेकिन मैं इनको कहना चाहता हूं… एक दूसरे को कवर फ़ायर देकर ये खेल बहुत दिनों तक नहीं चलेगा। क्योंकि, मोदी सरकार में सर्जिकल स्ट्राइक भी होती है और एयर स्ट्राइक भी होती है।लेकिन इसके लिए मुझे आपका भरपूर आशीर्वाद चाहिए। आशीर्वाद मिलेगा न…भरपूर मिलेगा न, जीभर के मिलेगा न, दिल खोलकर मिलेगा न। और इसीलिए तो तेलंगाना हर इंसान कह रहा है, हर मतदाता कह रहा है.. .

अबकी बार, 400 पार!
अबकी बार, 400 पार!
नालगु वंदलु दाटाली,
बीजेपी-कि वोटु वेय्याली

मुझे विश्वास है कि तेलंगाना विकसित भारत के निर्माण के लिए जीभर के हमें अपना आशीर्वाद देगा। आप इतनी बड़ी संख्या में आए…10-11 बजे इतनी बड़ी रैली करना आसान बात नहीं है। मैं तेलंगाना बीजेपी को भी बधाई देता हूं और तेलंगाना के मेरे भाई बहनों को भी धन्यवाद करता हूं।
आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
दोनों हाथ ऊपर करके मेरे साथ बोलिए…
भारत माता की…भारत माता की…भारत माता की…
वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे… वंदे…

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नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!