Congress wants to impose heavy taxes on the earnings of youth: PM Modi in Munger
Fight is between NDA’s ‘Santushtikaran model’ & INDI alliance’s 'Tushtikaran model': PM in Munger

भारत माता की, भारत माता की।

चंडिका माई के ई पवित्र धरती के गोड़ लागै छीये,
अंग राज कर्ण के ई भूमि के प्रणाम करै छीये.

मुंगेर की ये धरती स्वाभिमान की धरती है, विरासत की धरती है। इस क्षेत्र ने भारत की समृद्धि का वो दौर देखा है, जिसकी कई बार कल्पना तक मुश्किल हो जाती है। आज NDA सरकार, भारत की वही समृद्धि लौटाने का प्रयास कर रही है। और इस समय दुनिया भी जानती है कि ये समय भारत का है। दुनिया को भी लगता है कि जितनी मज़बूत सरकार भारत के लोग बनाएंगे, उतनी ही मज़बूती दुनिया को भी मिलेगी। 10 साल में भारत की जो ये साख बढ़ी है, आज दुनिया में भारत का डंका बज रहा है कि नहीं बज रहा है। आज दुनिया के हर देश में भारतीय का गौरव हो रहा है कि नहीं हो रहा है। आज भारत का सम्मान बढ़ रहा है कि नहीं बढ़ रहा है। ये किसके कारण हुआ है? ये आपका जवाब गलत है। ये मोदी के कारण नहीं हुआ है, ये आपके एक वोट के कारण हुआ है। ये आपके वोट की ताकत है जिसने दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बजा दिया है। आपने अपने वोट से पहली बार NDA की मजबूत सरकार बनाई, मोदी को आशीर्वाद दिया। आज जो दिख रहा है न वो आपके उस वोट का का ये परिणाम है। आज भी इतनी विशाल संख्या में आप यहां आए हैं। उससे ज्यादा बाहर धूप में दिख रहे हैं मुझे। ये इस बात का प्रमाण है कि मुंगेर, बेगुसराय और खगड़िया भी एक स्वर से कह रहा है- फिर एक बार—मोदी सरकार !

भाइयों और बहनों,

लालटेन वाले उस अंधकार युग में जो जंगलराज चलता था, उसको मुंगेर ने सबसे अधिक सहा है। पहले हर कोई यहां से पलायन के बारे में ही सोचता था। लेकिन नीतीश जी जेडीयू-बीजेपी के नेतृत्व में NDA सरकार ने लालटेन के उस अंधेरे से बिहार को बाहर निकाला है। बड़ी मेहनत करके बिहार को बाहर निकाला है। अब जब भारत तेज़ी से विकसित हो रहा है, तो बिहार के तेज़ विकास का भी ये सही समय है। साथियों,आज हम देश में वंदे भारत, अमृत भारत और बुलेट ट्रेन जैसी नई ट्रेनें चला रहे हैं। ये सिर्फ आधुनिक सुविधाएं भर नहीं हैं। आज हम पटरी से लेकर, ट्रेन के इंजन और डिब्बे तक भारत में ही बना रहे हैं, इतना ही नहीं, दुनिया के और देशों को यानि विदेशों को भी बेच रहे हैं। इससे आने वाले समय में बिहार के रेल कारखानों को भी बहुत लाभ होने वाला है। हम भारत को दलहन और तिलहन में भी आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेकर चले हैं। इसके लिए आने वाले 5 साल में मिशन मोड पर काम होगा। ऐसे में दलहन के कटोरे के रूप में इस क्षेत्र के किसानों की भूमिका और बड़ी होने जा रही है।

साथियों,

आज बिहार में, इस चुनावी जंग में जो लड़ाई चल रही है एक तरफ NDA के संतुष्टिकरण मॉडल और इंडी गठबंधन के तुष्टिकरण मॉडल के बीच है। हमारा मॉडल है संतुष्टिकरण कोई छूट न जाए, जिसके हक का है वो मिलना चाहिए। हमने माताओं-बहनों को टॉयलेट, गैस, बिजली, पानी की सुविधा दी। हमने मुफ्त राशन और मुफ्त इलाज की गारंटी दी। कभी किसी से नहीं पूछा कि तुम्हारा धर्म क्या है। तुम मंदिर जाते हो कि मस्जिद जाते हो। तुम्हारी जाति क्या है। हमने तो कहा जो हकदार है उनको सबको मिलेगा। यही सच्चा सेकुलरिज्म है, यही सच्चा सामाजिक न्याय है। हमने गरीबों के पक्के घर बनाए, वो भी माताओं-बहनों के नाम किए। लेकिन इंडी-गठबंधन अपनी पूरी ताकत सिर्फ तुष्टिकरण पर लगा रहा है। कांग्रेस के शहज़ादे का कहना है कि वो देशभर में हर परिवार की कमाई का, प्रॉपर्टी का सर्वे करेंगे। परिवार के पास क्या होता है?...कुछ छोटी-मोटी बचत होती है, छोटी-मोटी गुमटी-दुकान-मकान होता है। हमारी बहनों के पास कुछ जेवर-गहने होते हैं, स्त्रीधन तो हमारे यहां बहुत पवित्र होते हैं। मंगलसूत्र होता है। भ्रष्टाचार करके लोगों को तबाह करने वाली कांग्रेस की गलत नज़र अब आपकी इस संपत्ति पर भी पड़ गई है।

साथियों,

कांग्रेस कहती है कि वो किसानों के घर और ज़मीन के सर्वे कराएगी और आप पर विरासत टैक्स लगाएगी। हर परिवार का एक्सरे निकालेंगे। यानि आप अपनी पूरी संपत्ति, आज तो आपके पास जो भी है, मरते समय अपने बच्चों को दे देते हैं। कोई लिखकरके जाता है या मरने के बाद उनके बच्चों को मिल जाता है। लेकिन अब कांग्रेस ऐसा घोषणापत्र लेकर आई है। कांग्रेस ने ऐसी घोषणा की है कि अब आप अपना घर, खेत-खलिहान, दुकान जो आपकी मेहनत से बना है, जिसके मालिक आप हैं। अब आप अपने बच्चों को नहीं दे। कांग्रेस का कहना है, शहजादे के गुरु का कहना है कि उसमें से आधे से अधिक कांग्रेस सत्ता में आई तो उसे हड़प लेंगे। यानि आपके पास गांव में 4 कमरों का घर है, तो आपके बाद आपकी संतान को सिर्फ 2 कमरे मिलेंगे। मान लीजिए किसी किसान के पास 10 बीघा ज़मीन है। कांग्रेस की सरकार बनी, तो 5 बीघा ही उसकी संतानों को मिलेगा। ऐसा भयानक विचार लेकरके ये इंडी गठबंधन वाले आए हैं। और इधर आरजेडी वाले इतनी चर्चा चल रही है, लेकिन मुंह पर ताला लगाकर बैठ गए हैं। क्यों वो भी मौन रखकर ये संपत्ति का भागीदारी का मजा लेना चाहते हैं। विरासत टैक्स के रूप में कांग्रेस अपनी जो खासमखास वोट-बैंक को देगी। आरजेडी की अपनी खासमखास वोटबैंक होगी ये आपका लूटकर उनको देगी। और इसीलिए आज पूरा देश चिंतित है, हर नौजवान चिंतित है, हर बुजुर्ग मां-बाप चिंतित है। इसलिए आज पूरा देश कह रहा है - कांग्रेस की लूट: ज़िंदगी के साथ भी, ज़िंदगी के बाद भी। मरने के बाद भी लूटेंगे। कांग्रेस की इस योजना में आरजेडी उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। साथियों,युवाओं को ज्यादा से ज्यादा नए अवसर देना, रोजगार के मौके देना NDA की प्राथमिकता है। NDA सरकार मुद्रा योजना, स्टार्ट अप योजना से, नौजवानों को लाखों रुपए की मदद दे रही है। मकसद यही है कि देश के युवा अपने स्टार्ट अप शुरू करें, अपनी कंपनियां खोलें, अपने इच्छा अनुसार काम शुरू करें। लेकिन कांग्रेस, नौजवानों की सैलरी, उनकी कमाई पर, छोटे उदयोगों की कमाई पर भी भारी टैक्स लगाना चाहती है।

भाइयों और बहनों,

इंडी गठबंधन की दूसरी योजना तो और भी खतरनाक है। ये भारत के संविधान की भावना के विरुद्ध, हमारे पूर्वजों ने महीनों तक चर्चा करके जो हमारा देश का संविधान बनाया, जिस संविधान को बाबा अंबेडकर ने लिखा उस संविधान की भावना खिलाफ, बाबा साहब अंबेडकर की योजना और विचार के खिलाफ अब वे धर्म के आधार पर आरक्षण लाना चाहते हैं। कांग्रेस ने कर्नाटक में उन्होंने एक मॉडल बनाया है। मेरे ओबीसी समाज के जो भाई यहां हैं, ये जरा समझ लें, कितना बड़ा भयंकर संकट इनका खेल है। कर्नाटक में उन्होंने एक मॉडल बनाया है। जो अब संविधान का उनका, बेईमानी के साथ धर्म के आधार पर आरक्षण लाने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया, तो अब वो पिछले दरवाजे से खेल खेल रहे हैं। और इसलिए उन्हेंने क्या किया, कर्नाटका में जो ओबीसी को 27 परसेंट आरक्षण संविधान ने दिया है, बाबा साहब अंबेडकर ने दिया है, भारत की संसद ने दिया है। उन्होंने क्या किया रातोंरात कर्नाटका में जितने भी मुसलमान समाज के लोग हैं, जरूरी नहीं है वो अगड़ा हो पिछड़ा हो, कुछ भी नहीं, सब के सब, रातोंरात एक कागज निकाला, ठप्पा मार दिया और कह दिया कि सारे के सारे मुसलमान ओबीसी है। और उसका परिणाम ये आया कि ओबीसी समाज का जो 27 परसेंट का आरक्षण था, उसका बहुत हिस्सा उन्होंने ध्रर्म के नाम पर दे दिया। ओबीसी समाज का आरक्षण उन्होंने काट दिया। अब वो यही काम पूरे देश में करना चाहती है। बिहार में भी ये इनकी कर्नाटका का फार्मूला है, वो इंडी गठबंधन वाले यादव हो, मंडल हो, कुर्मी हो, कुशवाहा हो, निशाद हो ऐसी जितनी भी पिछड़ी जातियां है, उनको जो आरक्षण मिला है, अब उसमें से डाका डालेंगे, लूट लेंगे और धर्म के नाम पर बांट देंगे। अपने वोट बैंक को देना चाहते हैं। इसमें भी कांग्रेस को आरजेडी का पूरा-पूरा साथ मिल रहा है। ओबीसी का हक लूटने का एक खेल चल रहा है। और आरजेडी वाले तालियां बजा रहे हैं। लेकिन ये लोग कान खोलकर सुन लें। जबतक मोदी है, तबतक ये SC/ST/OBC का हक छीनकर धर्म के आधार पर नहीं बांट पाएंगे। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

वोटबैंक की राजनीति के कारण ही, कांग्रेस की सरकारों ने हमारी हज़ारों वर्षों की समृद्ध विरासत की सुध नहीं ली। आज जब मैं गर्व के साथ पूरी दुनिया में जाकर कहता हूं कि भारत लोकतंत्र की जननी है, तो ये RJD-कांग्रेस-लेफ्ट वाले, मेरे देश का मज़ाक उड़ाते हैं। ये मज़ाक सिर्फ मोदी का नहीं है, बल्कि बिहार के महान लोकतांत्रिक इतिहास का मज़ाक है। बीते 10 वर्षों में हमने अपनी विरासत, अपनी धरोहर को फिर विश्व पटल पर स्थापित किया है। गुलामी की मानसिकता से घिरे ये लोग, अब चाहकर भी इस नए भारत को बदल नहीं सकते। आप देखिए, दिल्ली में G-20 सम्मेलन के दौरान हमने हमारे देश की महान विरासत नालंदा विश्वविद्याल के गौरवमयी इतिहास को दुनिया के सामने रखा। आज दुनिया के जी20 के जितने बड़े नेता हैं, उनके घर में नालंदा के उस विश्वविद्यालय के साथ फोटो है। NDA, भारत को 21वीं सदी के वैश्विक ज्ञान का केंद्र बनाने के लिए समर्पित है। मुंगेर में विश्व का सबसे बड़ा योग का विद्यालय है। पद्मश्री स्वामी निरंजनानंद सरस्वती जी के प्रयासों से पूरे विश्व से लोग यहां योग सीखने आते हैं। लेकिन गुलामी की मानसिकता से भरे दलों ने तो हमारे योग तक को विदेशियों के हवाले कर दिया था। आज पूरी दुनिया, जून के महीने में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाती है। इससे मुंगेर को, बिहार को गर्व होना बहुत स्वाभाविक है।

साथियों,

अब भाजपा ने योग और आयुर्वेद को वैश्विक बनाने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। NDA सरकार, योग और आयुर्वेद के लिए विश्व स्तर पर मान्यता देने की, प्रमाण पत्र देने की, व्यवस्था स्थापित करेगी। NDA सरकार, दुनिया के लिए योग और आयुर्वेद के प्रमाणित पाठ्यक्रम बनाने के लिए इससे जुड़े संस्थानों को मदद देगी। इससे योग और आयुर्वेद सेक्टर में हमारे नौजवानों के लिए पूरी दुनिया में अवसर बनेंगे। साथियों, मोदी का एक और मिशन, भारत को हमारे छोटे किसानों के मोटे अनाज-श्री अन्न को दुनिया में घर-घर पहुंचाने का है। बिहार में हमारे किसान बड़ी मात्रा में श्री-अन्न उगाते हैं। ये देश के करोड़ों छोटे किसानों की कमाई को कई गुणा बढ़ाने वाला है।

भाइयों और बहनों,

यहां इस क्षेत्र में तो साक्षात माता सीता के निशान हैं। 500 साल बाद अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर बना है। पूरे देश को गर्व हो रहा है। सबको गर्व हुआ। प्राण-प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में ये इंडी गठबंधन वालों को निमंत्रण दिया, उन्होंने उसे ठुकरा दिया। और दूसरी तरफ वो अंसारी परिवार को देखिए, जो दो-दो पीढ़ी से राम मंदिर के खिलाफ अदालत में मुकदमा लड़ते थे। मुसलमानों के लिए मुकदमा लड़ते थे। लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ गया, तो उन्होंने गर्व के साथ उस निर्णय को माथे पर चढ़ाया, इतना ही नहीं, श्रीमान अंसारी खुद प्रभु श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में खुद आए। लेकिन कांग्रेस-RJD के लोगों ने निमंत्रण ठुकरा दिया। ऐसे अहंकारी लोग जो अपने आप को भगवान राम से भी बड़ा मानते हैं। ऐसे लोगों को सबक सिखाने का ये मौका है।

भाइयों और बहनों,

आपको ये ध्यान रखना है कि इस बार आपका एक-एक वोट, भारत के विकास और विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए पड़ने वाला है। इसलिए, मुंगेर से हमारे मित्र श्रीमान राजीव रंजन जी, बेगुसराय से गिरिराज सिंह जी और खगड़िया से राजेश वर्मा जी को हर बूथ पर विजयी बनाना है। कहीं 7 मई को मतदान है, तो कहीं 13 मई को, लेकिन हर बूथ पर मतदान के रिकॉर्ड जरूर टूटने चाहिए। टूटेंगे, घर-घर जाएंगे, ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे। सुबह 10 बजे से पहले मतदान कराएंगे। अच्छा मेरा एक काम करेंगे। ये मेरा काम है ललन सिंह का नहीं है, गिरिराज का नहीं है। देखिए घर-घर जाइएगा और कहिएगा कि मोदी जी मुंगेर आए थे, और मोदी जी ने आपको प्रणाम कहा है। हर परिवार में मेरा प्रणाम पहुंचा देंगे। जब हर परिवार में आप मेरा प्रणाम पहुंचाएंगे न तो हर परिवार मुझे आशीर्वाद देगा, वो आशीर्वाद मेरी ऊर्जा है, वो आशीर्वाद मेरी शक्ति है, वो आशीर्वाद मेरी प्रेरणा है। और उस आशीर्वाद को लेकर के पूरी ताकत के साथ आपकी सेवा में जुट जाऊंगा।

मेरे साथ बोलिए...भारत माता की। भारत माता की। भारत माता की।

बहुत-बहुत धन्यवाद !

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Cabinet approves increase in the Judge strength of the Supreme Court of India by Four to 37 from 33
May 05, 2026

The Union Cabinet chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi today has approved the proposal for introducing The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 in Parliament to amend The Supreme Court (Number of Judges) Act, 1956 for increasing the number of Judges of the Supreme Court of India by 4 from the present 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Point-wise details:

Supreme Court (Number of Judges) Amendment Bill, 2026 provides for increasing the number of Judges of the Supreme Court by 04 i.e. from 33 to 37 (excluding the Chief Justice of India).

Major Impact:

The increase in the number of Judges will allow Supreme Court to function more efficiently and effectively ensuring speedy justice.

Expenditure:

The expenditure on salary of Judges and supporting staff and other facilities will be met from the Consolidated Fund of India.

Background:

Article 124 (1) in Constitution of India inter-alia provided “There shall be a Supreme Court of India consisting of a Chief Justice of India and, until Parliament by law prescribes a larger number, of not more than seven other Judges…”.

An act to increase the Judge strength of the Supreme Court of India was enacted in 1956 vide The Supreme Court (Number of Judges) Act 1956. Section 2 of the Act provided for the maximum number of Judges (excluding the Chief Justice of India) to be 10.

The Judge strength of the Supreme Court of India was increased to 13 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1960, and to 17 by The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1977. The working strength of the Supreme Court of India was, however, restricted to 15 Judges by the Cabinet, excluding the Chief Justice of India, till the end of 1979, when the restriction was withdrawn at the request of the Chief Justice of India.

The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 1986 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India, excluding the Chief Justice of India, from 17 to 25. Subsequently, The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2008 further augmented the Judge strength of the Supreme Court of India from 25 to 30.

The Judge strength of the Supreme Court of India was last increased from 30 to 33 (excluding the Chief Justice of India) by further amending the original act vide The Supreme Court (Number of Judges) Amendment Act, 2019.