Congress’ hypocrisy document seems to blow the trumpet of Pakistan more than that of India: PM Modi in Imphal
People trust the armed forces but not Congress leaders, says PM Modi in Imphal, Manipur
In the North East, young people have got new employment opportunities through BPO and Mudra Yojana, says the PM
Manipur is known for football and it’s about time to show the red card to Congress for the foul: PM Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय....

मणिपुर के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जी, यहां की सरकार के सभी मंत्री महोदय, भारतीय जनता पार्टी और साथी दलों के सभी वरिष्ठ नेता, इस चुनाव में हमारे दोनों उम्मीदवार, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए मणिपुर के मेरे प्यारे भाइयो और बहनो, मैं सबसे पहले आपसे क्षमा मांगता हूं क्योंकि मुझे बताया गया कि डेढ़ दो बजे से आप लोग बैठे हैं, और मैं भ्रमण करते करते यहां पहुंचने में विलंब हो गया, और इसलिए मैं पहले मणिपुर वासियों से क्षमा मांगता हूं। देश की आजादी के लिए, देश और मणिपुर में शांति स्थापना के लिए, अपना सर्वश्र न्योछावर करने वाले, यहां के हर वीर बेटे-बेटियों को मैं आदर पूर्वक नमन करता हूं। मणिपुर का मूड क्या है? नॉर्थ ईस्ट का मन क्या है? ये इंफाल ने आज बता दिया है। आपका ये प्यार, आपका ये जोश मुझे इंस्पायर करता रहा है, और इसलिए एक बार फिर इसी मैदान में बार-बार आपसे मिलने का मुझे मौका मिल जाता है। बीते कुछ महीनों में मैं तीसरी बार मणिपुर आया हूं। साथियों पांच वर्ष के दौरान जो कुछ भी मैं कर पाया हूं।उसका श्रेय आप सभी को जाता है।

अगर आपने मेरा साथ न दिया होता तो देश के लिए कड़े और बड़े फैसले लेने की हिम्मत मैं कभी नहीं कर पाता। ये जो कुछ भी मैं कर पा रहा हूं। वो आपके साथ सहयोग के कारण कर रहा हूं। अब मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं। जवाब दोगे आप लोग...? सब के सब जवाब दोगे..? पूरी ताकत से दोगे..? पूछ लूं..? इधर से तो आवाज नहीं आ रही है.. पूछ लूं...? सब जवाब देंगे? आप मुझे बताइए क्या आप अपने इस चौकीदार से खुश हैं..? ये आपका चौकीदार सही रास्ते पर चल रहा है..? आपके इस चौकीदार ने सही काम किया है...? आपको ये चौकीदार पर विश्वास है? भाइयो और बहनो आपका यहीं प्यार, यहीं स्नेह हैं कि पूरा नॉर्थ ईस्ट आज डेवलपमेंट की मेन स्ट्रीम में आ पाया है। आपका ही आशीर्वाद है कि आज मणिपुर और नॉर्थ ईस्ट में कनेक्टिविटी अभूतपूर्व स्तर पर पहुंची है। आपका ही आशीर्वाद है कि मणिपुर सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट में हिंसा का वो लंबा दौर अब खत्म हो रहा है। ये आप ही  का सहयोग है जिसके कारण नॉर्थ ईस्ट नए भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक अहम सेंटर बनता जा रहा है।

 साथियो, आपका यहीं आशीर्वाद यहीं ऊर्जा आपके इस चौकीदार की ताकत है। इसी ताकत की वजह से हमने निर्णय लेने वाली सरकार चलाई है।फैसले टालने वाले हम लोग नहीं है। इसी ताकत की वजह से आज पूरे भारत की ग्लोबल स्टैंडिंग एक अलग ही स्तर पर है। इसी ताकत की वजह से आज सही मायने में सबका साथ सबका विकास हो रहा है। भाइयो और बहनो, ये आपके आशीर्वाद का ही परिणाम है कि पहली बार कोई सरकार प्रो इनकंबैंसी के साथ जनता का आशीर्वाद प्राप्त कर रही है, और अगर गुस्सा है नाराजगी है, देश पहली बार देख रहा है कि जनता अगर गुस्सा है नाराजगी है तो विरोधी दलों के खिलाफ है ऐसा बहुत बार नहीं होता है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि आपके इस चौकीदार ने पूरी निष्ठा से पूरी ईमानदारी से काम करने में कोई कमी नही रखी है। जनता नीयत को पहचानती है। निष्ठा को पहचानती है, और इसी से क्रेडिबिलिटी बनती है। झूठ, अफवाह बिना सिर पैर की बातें करना क्रेडिबिलिटी किस तरह जीरो हो जाती है। ये भी हम देख रहे हैं, दुर्भाग्य से कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों ने यहीं रास्ता अपनाया। जिसका नुकसान उनको उठाना पड़ रहा है। जो कांग्रेस मोदी के विरोध में राष्ट्र की सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता तक को दांव पर लगा सकती है। उसकी बातों को लोग कैसे गंभीरता से लेंगे। आप खुद सोचिए, भारत पहली बार पाकिस्तान में जाकर के आतंकवादियों के ठीकाने पर हमला करता है, और ये कांग्रेस कह रही है सबूत दो, सबूत दो। आपको देश की सेना पर भरोसा है कि नहीं है? हमारी वीरता पर भरोसा है कि नहीं है? हमारे जवान पराक्रम कर सकते हैं इस बात पर आपको भरोसा है कि नहीं है? आपको है... काग्रेस वालों को नहीं है। जो प्रोपेगेंडा पाकिस्तान दुनिया में फैलाना चाहता है ये कांग्रेस के नेता उसी को बोल रहे हैं उसी को आगे बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस  उन लोगों के साथ खड़ी है जो कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में दो प्रधानमंत्री होने चाहिए, एक दिल्ली में एक जम्मू-कश्मीर में, यहां तक कि कांग्रेस का जो ढकोसला पत्र है वो भारत का कम पाकिस्तान भोपू ज्यादा लगता है।

साथियो, कांग्रेस ने कहा कि धारा 370 पर कोई भी हाथ नहीं लगा सकता, वहां पाकिस्तान की सरकार ने वहीं बात दोहरा दी। ये कैसा गठबंधन है, ये कैसी मिलावट है। साथियो, नेता जी के साथ मिलकर के जिन्होंने मोइरंग में पहली बार तिरंगा फहराया। ऐसा मणिपुर क्या कभी कांग्रेस को माफ करेगा क्या? कभी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं क्या? आप कांग्रेस को सजा देंगे कि नहीं देंगे? बड़ी तगड़ी सजा देंगे कि नहीं देंगे? भाइयो-बहनो, मुझे बताया गया है कि नामदार ने कहा है कि वो नॉर्थ ईस्ट को मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाएंगे। इतने वर्षों तक कांग्रेस के शासन में यहां क्या मैन्युफैक्चर हुआ? मैन्युफैक्चरिंग में क्या काम हुआ? दो कदम भी चले क्या ? ये मुझसे ज्यादा आप लोग जानते हैं। उन्होंने कुछ किया है क्या? कोई मैन्युफैक्चरिंग हब बना है क्या? हां ये लोग कुछ चीजें मैन्युफैक्चरिंग करने में एक्सपर्ट हैं, मास्टर ये गाली-गलौज  मैन्युफेक्चर करने में मास्टर हैं, ये झूठ मैन्युफैक्चर करने में मास्टर हैं, आपको याद है कुछ महीने पहले तक देश भर में घूम-घूम कर कहते फिरते थे, मेक इन इंफाल मोबाइल बनाएंगे। भोपाल में जाएंगे तो कहेंगे मेक इन इंडिया भोपाल बनाएंगे। बनारस जाएंगे तो कहेंगे मेक इन इंडिया बनारस बनाएंगे।

ये ऐसे ही बोलते रहते हैं, जब इनको किसी ने बताया कि आज भारत दुनिया में मोबाइल फोन बनाने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, और पांच वर्ष में मोबाइल फोन बनाने वाली फैक्ट्रियां, उनके जमाने में दो थी, आज 125 हो गई हैं। जब ये किसी ने उनके दिमाग में इंजेक्शन डालकर के भरा तब उनको पता चला और अब जाकर के मेक इन इंडिया मोबाइल बोलना बंद कर दिया उन्होंने, भाइयो- बहनो, कांग्रेस को नॉर्थ ईस्ट की चिंता होती तो इंफाल सहित यहां की सभी राजधानियां अब जाकर के रेलवे से जुड़ी है वो पहले जुड़ जाती। यहां अच्छे हाईवे और सड़के बनाने का काम मोदी को करने की जरूरत नहीं प़ड़ती। एयरपोर्ट से जुड़े प्रोजेक्ट इतने लंबे-लंबे समय तक लटकते न रहते। दोलाईथाबी बैराज को बनाने के लिए मोदी का इंतजार न करना पड़ता। साथियो, मणिपुर सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट में स्पोर्ट्स का टैंलेंट तो पहले से ही था। लेकिन कांग्रेस ने कभी चिंता नहीं की। मैरी कॉम, कुंजरानी देवी, मीराबाई चानू, बोम्बायला देवी लैशराम... ऐसे ऐसे अनेक एथलीट ये मणिपुर की धरती ने दिए हैं। हजारों ऐसे टैलेंटेड बेटे- बेटियां यहां के गांव-गांव में मौजूद हैं।

हमारी सरकार ने नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने के साथ–साथ मणिपुर को देश का स्पोर्टिंग हब बनाने की तरफ कदम बढ़ाएं हैं। साथियो, वैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट में भी बहुत से खेल खेले हैं, पर ये खेल उसने आप लोगों की जिंदगियों से खेले हैं। आपके सम्मान के साथ खेला है, मणिपुर के लोग तो फुटबॉल के खेल में चैंपियन हैं। हमारे मुख्यमंत्री बीरेन सिंह जी भी खुद फुटबॉलर हैं। अब राजनीति की इस फुटबॉल में हर बार आपके साथ पूरे नॉर्थ ईस्ट के साथ फाउल करने वाली कांग्रेस को रेड कार्ड दिखाने का वक्त आ गया है। दिखाओंगे न? उन्हें मणिपुर समते पूरे नॉर्थ ईस्ट से इस बार भी रेड कार्ड दिखाकर अगले सारे राजनीतिक मैचों के लिए साइड पर बैठा दीजिए? साथियो, कांग्रेस और उनके साथी नॉर्थ ईस्ट में तब दिखाई देते हैं, जब चुनाव होता है। एक बार चुनाव खत्म तो उनकी छिपने की बारी शुरू हो जाती है। फिर कांग्रेस के नेता आपको कहीं दिखाई देते हैं क्या? ये आपके साथ इसी लुका-छुपी के चलते आपकी समस्याएं हल नहीं होती है। नॉर्थ ईस्ट के साथ जो  व्यवहार कांग्रेस और सहयोगियों की सरकार द्वारा किया गया है। उस गलती को सुधारने का काम भारतीय जनता पार्टी एनडीए की सरकार कर रही है। भाइयो-बहनो, अपने यूथ के टैलेंट और उनकी पढ़ाई और कमाई के लिए बेहतर अवसर बनाने का प्रयास हमारी सरकार ने किया है। मणिपुर में वुमैन मार्केट की व्यवस्था को हमारी सरकार ने मजबूत किया।

नॉर्थ ईस्ट में बीपीओ के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। मुद्रा योजना से मणिपुर के एक लाख युवाओं को बिना गारंटी के लोन दिए गए हैं। जिसमें साठ हजार तो महिलाएं हैं। भाइयो बहनो, कांग्रेस के शासन में आय दिन दूसरे शहरों में नॉर्थ ईस्ट के साथियों के साथ बदसलूकी घटना सामने आती थी उनमें अब कमी आई है। बैंगलुरू में कब से नॉर्थ ईस्ट के साथ लेडीज हॉस्टल की मांग कर रहे थे। आपके चौकीदार ने ये मांग भी पूरी तर दी है। साथियो, आपका ये चौकीदार हर वर्ग के हित की सुरक्षा में जुटा है। मणिपुर में करीब सवा लाख किसानों के खाते में सीधी मदद जमा होने शुरू हो चुकी है। वहीं बम्बू की खेती पर यहां के किसान अब अतिरिक्त आय प्राप्त कर सके इसके लिए कानून बदलने का काम भी हमारी सरकार ने किया है। पहले तो अगर बम्बू काटा तो जेल जाना पड़ता था। हमने ऐसा कानून बनाया कि आप बम्बू की खेती भी कर सकते हैं, बम्बू बेच भी सकते हैं, और सरकार आपको परेशान नहीं कर सकती। मणिपुर के मछुआरों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा और अलग बोर्ड बनाने का फैसला भी हमारी सरकार ने ही किया है, और पहली बार मछुआरों के लिए मंत्रालय बनाने का निर्णय हमारी सरकार ने ही किया है।

यहां के करीब तीन लाख गरीब किसान परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा चौकीदार की सरकार ने की है। यहां के दस हजार गरीब परिवारों को पक्के घर और एक लाख बहनों को एलपीजी गैस भी ये चौकीदार की सरकार ने दिया है। साथियो, ये काम कांग्रेस भी कर सकती थी, लेकिन उनकी नीयत ठगी की थी, करप्शन की थी, यहां मणिपुर में उनकी सरकार जब थी तब उन्होंने चौकीदारों तक को नहीं छोड़ा। जो लोग चौकीदार क्वार्टर स्कैम कर सकते हैं वो आपके हितों की रक्षा कैसे कर पाएंगे? यहां कांग्रेस के नेता चौकीदारों के क्वार्टर हड़प जाते हैं और दिल्ली में उनके नामदार देश की सुरक्षा से जुडे सौदों में दलाली खाते हैं दलाली। ऐसी बदनीयत होने वालों की जमनात जब्त हो इसके लिए आप सभी को भारी संख्या में कमल के फूल के सामने बटन दबाकर चौकीदार को सशक्त करना है।

भाइयो-बहनो, कमल के फूल के सामने आप जब बटन दबाएंगे न तो आपका वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाने वाला है, तो आपका वोट मोदी को मिलेगा..? इस चौकीदार को मिलेगा?  मैं एक नारा बोलवाता हूं। आप बोलेंगे..? आप बोलेंगे...? मैं कहूंगा ...मैं भी....आप कहेंगे चौकदार...मैं भी...चौकीदार, मैं भी...चौकीदार, पूरी ताकत से बोलिए... हाथ ऊपर करके बोलिए... मैं भी...चौकीदार, गांव-गांव है...चौकीदार, शहर-शहर है... चौकीदार, बच्चा-बच्चा...चौकीदार, बड़े-बुजुर्ग भी...चौकीदार, माता- बहनें...चौकीदार, घर-घर में हैं... चौकीदार, खेत-खलिहान में... चौकीदार, बाग-बगान में..चौकीदार, देश के अंदर..चौकीदार, सरहद पर... चौकीदार, किसान-कामगार भी... चौकीदार, दुकानदार भी...चौकीदार, वकील-व्यापारी...चौकीदार, छात्र- छात्राएं भी... चौकीदार भाइयो बहनो पूरा हिंदुस्तान...चौकीदार, पूरा हिंदुस्तान...चौकीदार, मेरे साथ जोर से बोले भारत माता की जय... भारत माता की जय...बहुत-बहुत धन्यवाद

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You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।