'Speed-breaker' Didi is hindrance to West Bengal's development: PM Modi

Published By : Admin | April 3, 2019 | 15:56 IST
‘Didi’ is the speed-breaker who is hindering rapid, inclusive development in Bengal: PM Modi in Bengal
The recently-launched manifesto of the Congress is not a ‘Ghoshna-Patra’ rather it is a ‘Dhakosala-Patra’ meant to make false promises to the people: Prime Minister Modi
It is high time that people of Bengal exercise their power and give a befitting reply to the ‘Bomb and Gun Culture’ of the TMC-Left combine: PM Modi
The people will never forget those who bowed down to terrorists and removed laws like TADA and POTA: Prime Minister Modi in Bengal

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।

मंच पर विराजमान भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेतागण इस चुनाव में हमारा समर्थन कर रहे हमारे सभी साथी, और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयो और बहनो, आज दिल्ली से बहुत सारे कैमरा कोलकाता पहुंचे हैं। लेकिन एक नजर यहां भी कर लेते तो उन्हें पता चल जाता कि लहर किसको कहते हैं। हम बचपन से सुनते आए जो बंगाल करता है पूरा देश उसको फॉलो करता है। आज भी ये बंगाल जो कर रहा है पूरा हिंदुस्तान इसी कदमों पर चल पड़ा है भाई। बड़े-बड़े पॉलिटिकल पंडित भी, अरे मैं भी अगर यहां आकर के इतना बड़ा विशाल जन सागर न देखता तो मैं अंदाजा नहीं लगा सकता कि दीदी की नैया डूब चुकी है। कमाल कर दिया आपने, कमाल कर दिया आपने। मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मां काली और भवानी, भगवान शिव की धरती को मैं शीश झुका कर के नमन करता हूं।

साथियो, आप सभी एक ऐसी परपंरा के वाहक है जिनका राष्ट्र के लिए त्याग करना इसका एक समृद्ध इतिहास रहा है। अनेक वीर-सपूतों अनेक वीर गोरखाओं ने अपने संस्कारों से इस भूमि को सिंचित किया है, देश को प्रेरित किया है। आज भी नए भारत को दिशा देने के लिए आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। आपने बीजेपी के इस चौकीदार का हर बार भरपूर साथ दिया है। दार्जिलिंग हो नार्थ बंगाल हो भारतीय जनता पार्टी के प्रति आपका स्नेह, आपका समर्थन अभूतपूर्व है। आपके इस मजबूत विश्वास के कारण आपका ये चौकीदार बड़ों-बड़ों से भी टक्कर ले पा रहा है। आपके साथ के चलते ही मैं पांच वर्षों से मैं देश के विकास को एक नई गति दे पाया हूं। हां मुझे इस बात का मलाल जरूर है कि जिस गति से देश के दूसरे राज्यों में हम काम कर पाए है। उस गति से यहां काम नहीं हो पाया है। इसकी वजह जानते हैं, मैं पूरे देश में तेज गति से काम कर पाया लेकिन बंगाल में उतनी गति से काम नहीं कर पाया। इसका कारण क्या है... मालूम है, इसका कारण मालूम है, इसका कारण क्या है? आपने सही फरमाया। प. बंगाल में एक स्पीड ब्रेकर है स्पीड ब्रेकर.. इस स्पीड ब्रेकर को यहां के लोग दीदी के नाम से जानते हैं। ये दीदी आपके विकास की स्पीड ब्रेकर है।

साथियो, दीदी को गरीबों की चिंता नहीं है। आखिर दीदी गरीबों का पॉलिटिक्स करने में मशगूल है, वो गरीबी को खत्म करने के लिए कैसे काम कर सकती है। अगर गरीबी खत्म हो जाएगी तो दीदी की पॉलिटिक्स भी खत्म हो जाएगी। कांग्रेस का भी यही हाल है, कम्युनिस्टों की भी यहीं आदत है, इनको गरीबी चाहिए गरीब चाहिए, गरीबों को गरीब रखने में उनका राजनीतिक हित भरा पड़ा है। उन्होंने गरीबों के विकास पर ब्रेक लगाया हुआ है, पूरी साजिश करके रोका हुआ है कि किसी भी तरह गरीबों का भला ना हो जाए। वो गरीबी से बाहर न निकल पाए। भाइयो-बहनो, प. बंगाल में चिटफंड घोटाला हुआ। मेरे गरीब भाइयो और बहनो का पैसा चिटफंड के नाम पर, उसको लेकर दीदी के मंत्री, दीदी के विधायक, दीदी के साथी भाग गए। उन्होंने गरीबों को लूट लिया। जिस गरीब ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई बहुत विश्वास के साथ चिटफंड वालों को सौंपी थी। उसे अपने साथियों के जरिए तबाह करने काम, बर्बाद करने का काम दीदी ने किया है। 

साथियो, गरीब जब बीमार होता है तो उसकी सबसे बड़ी चिंता होती है इलाज का खर्चा। गरीब की इसी चिंता को समझते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एनडीए की सरकार ने गरीबों के लिए गरीबों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की। गरीबों को कहा कि बीमारी की स्थिति में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होगा। आपको एक भी रुपया अस्पताल में खर्च नहीं करना पडेगा। लेकिन ये स्पीड ब्रेकर दीदी ने क्या किया। दोस्तों आपका प्यार मेरे सर आंखों पर, गरीब का भला करने वाली इस योजना पर प. बंगाल में ब्रेक लगा दिया गया। भाइयो और बहनो, स्पीड ब्रेकर दीदी के करनामों की लिस्ट बहुत लंबी है। दीदी ने प. बंगाल के 70 लाख से ज्यादा किसान परिवारों के लिए उनके विकास के काम पर भी ब्रेक लगा दिया है। देश के तमाम राज्यों में पीएम किसान सम्मान योजना के तहत किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। लेकिन दीदी तो दीदी है स्पीड ब्रेकर है इसलिए पीएम किसान सम्मान योजना पर भी उहोंने प. बंगाल में ब्रेक लगा दिया है। भाइयो- बहनो,, ये भाजपा एनडीए की सरकार है। आपका प्यार, आपका प्यार मेरे सर आंखों पर, भारत माता की जय... आप थोड़ा-थोड़ा शांत रहेंगे। आपका उत्साह... ये आपकी चेतावनी दीदी तक पहुंच गई है। ये आपका प्यार दीदी की नींद हराम कर देगा।

अगर आप इजाजद दें तो मैं बोलना जारी रखूं। बोलूं क्या.. लेकिन आप इतने नारे बोल रहे हो। आपका उत्साह इतना जबरदस्त है कि मेरे लिए बोलना भी मुश्किल है। ऐसा प्यार बंगाल मुझे दे रहा है। मैं सर झुका कर के नमन करता हूं भाइयो। ये भाजपा एनडीए की सरकार है जिसने गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन पर उसकी कमाई को उसको लूटने से बचाने के लिए रेरा का कानून बनाया। इसका मकसद यहीं था कि मध्यमवर्गीय परिवार अपना घर खरीदने जा रहा है। लेकिन परिवार का पैसा कोई बिल्डर लूट कर के भाग न जाए। इसको रोकने के लिए हमने रेरा कानून बनाया। लेकिन दीदी ने ये रेरा कानून को लागू करने से मना कर दिया। भाइयो-बहनो आप सभी गवाह हैं कि पहले यही काम ये लेफ्ट वाले किया करते थे। अब दीदी ने उनके हथियार पर कब्जा कर लिया है। सिर्फ कब्जा ही नहीं किया है उसे और धार दे दी है। मैं प. बंगाल की जनता को कहना चाहता हूं। ये भी चाहे लेफ्ट हो, कांग्रेस हो, या ममता दीदी हो ये एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। इनकी राजनीति प. बंगाल को गरीब करने पर ही टिकी हुई है। लेकिन ये भूल रहे हैं कि इनका मुकाबला एक चौकीदार से है। भाइयो-बहनो, बहुत ईमानदारी से बहुत परिश्रम से ये चौकीदार प. बंगाल के लोगों लिए काम कर रहा है। साथियो इन लोगों की तमाम अड़चनों के बावजूद गांव-गांव में गरीबों को गैस कनेक्शन देने का कम हम तेज गति से आगे बढ़ा रहे हैं। गरीबों को अपना पक्का घर दिया जाए। गांव-गांव में शौचालय बने, बिजली कनेक्शन दिए जाए। बच्चों और गर्ववती महिलाओँ का टिकाकरण किया जाए। भाइयो और बहनो, प. बंगाल के दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के संसाधनों और सम्मान के प्रति आपका ये चौकीदार पूरी तरह से संवेदनशील है।

यहां के चाय के बगानों में काम करने वाले साथियों की जरूरतों का मुझे पूरा अहसास है। भाजपा सरकार की नीतियों से उन्हें काफी लाभ भी मिला है। ये और हो सकता था अगर दीदी का स्पीड ब्रेकर बीच में नहीं आता। यहां के आदिवासी बच्चों को शिक्षा, युवाओं को रोजगार के नए अवसर, पाइनएपल पैदा करने वाले किसानों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट... मुझे आपकी हर आवश्यकता का पता है। बस मैं ये स्पीड ब्रेकर हटने का इतंजार कर रहा हूं। यहां पर तेज गति से तब तक विकास मुश्किल है जब तक कानून व्यवस्था बदहाल है। इसके अलावा कनेक्टिविटी भी टूरिज्म और उद्योगों के लिए बहुद जरूरी है। इसलिए एशियन वेस्टर्न हाईवे हो या रेलवे का काम हो, अनेक प्रोजक्ट पर काम चल रहा है। हाल में कलकत्ता हाई कोर्ट की सर्किट बेंच भी जलपाइगुड़ी में स्थापित की गई है। आपका ये चायवाला यहां के चाय बगानों के हित के लिए पूरी तरह समर्पित है। इस प्रकार असम में हमारी सरकार चाय बगान वाले लोगों को जीवन के हर चरण पर मदद दे रही है। वही काम हम यहां भी करेंगे। कोच राजबोंग्शी जैसी जनजातीयों की मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। भाइयो बहनो, इस बार के चुनाव दो स्पष्ट धाराओं के बीच का चुनाव है। एक तरफ ईमानदार चौकीदार है, और दूसरी तरफ दागदार ही दागदार है। एक तरफ आतंक को करारा जवाब देने वाली सरकार है और दूसरी तरफ पाकिस्तान के पैरोकार यहां दिखते हैं। साथियों जब बालाकोट में हमारे सपूतों ने आतंकियों को घर में घुसकर के मारा। जब आतंकियों को बालाकोट में घर में घुसकर के मारा । आपको खुशी हुई कि नहीं। आपका माथा गर्व से ऊंचा हुआ कि नहीं। आपका सीना चौड़ा हो गया कि नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही बालाकोट में घुसकर के हमारे जवान वापस आए, तो रोना किसको चाहिए था? चिल्लाना किसको जरूरी था। लेकिन रोना कौन किया शुरू। हमारे ही लोग चिल्लाने लगे रोने लगे। अरे चोट वहां पहुंची है और दर्द तुम्हें क्यों हो रहा है। जितना दर्द इस्लामाबाद में हुआ लाहौर में हुआ, रावलपिंडी में हुआ। उससे भी ज्यादा दर्द ये कोलकाता में बैठी दीदी को हुआ। मोदी ने ये क्यों किया। मोदी सबूत दें। मोदी को आतंकियों के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए।

भाइयो बहनो, मोदी ने जो वो किया..क्या ठीक किया कि नहीं किया। सही किया कि नहीं किया। चौकीदार ने धुसकर के वहां मारा। आपको अच्छा लगा कि नहीं लगा। आप खुश है कि नहीं है। भारत के सपूतों को खुली छूट दी। ये मेरा निर्णय आपको मंजूर है पसंद है। आपको गर्व हुआ। लेकिन दीदी को ये पसंद नहीं आय़ा और ना ही ये महामिलावट के उनके साथियों को ये रास आया। ये सभी महामिलावटी इतना जोर-जोर से रोए कि पाकिस्तान में हीरो बन गए। वहां के मीडिया में छा गए। साथियों ये कैसा भारत चाहते हैं। इनकी मंशा बिल्कुल साफ होती जा रही है। दिल्ली में जब यूपीए की रिमोर्ट वाली सरकार थी तब आय दिन आतंकवादी हमले होते थे लेकिन इन्होंने कभी भी हमारे वीरों को खुली छूट नहीं दी। अब वो इनकी आतंक परस्त नीति ऐसी हो गई है। कि खुलेआम हमारे सुरक्षा बलों के सैनिकों के खिलाफ अनाब-शनाब बयानबाजी कर रहे हैं।कल कांग्रेस ने एक ढकोसला पत्र जारी किया। इस ढकोसला पत्र में कांग्रेस ने देश के सुरक्षा बलों के मनोबल को तोड़ने के उनके हौसले को चूर-चूर करने का काम किया है। साथियों कांग्रेस ने कहा है कि वो जम्मू-कश्मीर और हिंसा प्रभावित दूसरी जगहों पर हमारे सुरक्षा बलों को जो एक विशेष अधिकार मिला है उसको हटा देंगे। यानी कांग्रेस ने हमारे वीर जवानों को आतंकियों और पत्थरबाजों के सामने लाचार करने उनके हाथ बांधने की साजिश रच दी है। ये कैसी सोच है भाइयो-बहनो दार्जिलिंग के प. बंगाल के तो हजारों सपूत ऐसे क्षेत्रों में राष्ट्र रक्षा के काम में जुटे हैं। AFSPA सुरक्षा बलों के लिए कवच है ताकी वो सही तरीके से आतंकियों से निपट सके लेकिन क्योंकि इनको अपनी सेना पर विश्वास नहीं है सेना के नियम कायदों देश के नियम कानून पर विश्वास नहीं है इ सलिए ऐसा वादा करने की हिम्मत ये लोग कर रहे हैं। हमारे वीर जवानों को खतरे में डालने वाली साजिश को आप सभी को नाकाम करना है। नाकाम करोगे क्या। नाकाम करोगे क्या।

भाइयो बहनो,, इस चुनाव में आपका वोट सिर्फ भाजपा के एमपी बनाने का नहीं है । आपका वोट सिर्फ मोदी को प्रधानमंत्री बनाने वाला नहीं है। बल्कि आपका वोट हमारे देश के सुरक्षाबलों के सम्मान का भी वोट है। साथियों कांग्रेस की टीएमसी की इन सभी महामिलावटियों की यहीं नीति और रीति रही हैं कि देश को दशकों से आतंक झेलना पड़ा है। लेकिन आपका ये चौकीदार इनके सामने अब दीवार बनकर के खड़ा है। जिस तरह आतंकियों और नक्सलियों पर इस चौकीदार ने निर्णायक कार्रवाई की है। आप आश्वस्त रहिए ये मोदी है ये घुसपैठियों को भी छोड़ने वाला नहीं है, और दूसरी तरफ जो हमारे शरणार्थी है जो कांग्रेस की एतिहासिक भूल का शिकार रहे हैं। उनके साथ इंसाफ भी यही चौकीदार करेगा। साथियों मुझे पता चला है कि यहां पर एनआरसी को लेकर अफवाहें फैलाने का काम भी चल रहा है। मैं सभी गोरखा भाइयो-बहनो को इस मंच से आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपमें से किसी को भी इसकी वजह से नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। साथियो, मैं ऐसे-ऐसे हर व्यक्ति को टीएमसी के पेरोल पर घूम रहे हैं। जो टीएमसी के पेरोल पर रहकर आतंक फैला रहे हैं, डरा रहे हैं। ऐसे हर व्यक्ति को चेतावनी देता हूं कि उनके दिन अब गिन चुके हैं। बीजेपी की सरकार आते ही निर्दोष नागरिकों को परेशान करने वालों को हिसाब देना ही पड़ेगा और कानून को जवाब देना ही पड़ेगा। जगाई जगाई मथाई ये जगाई मथाई का गुड़ों और घुसपैठियों का ये गठजोड़ अब प. बंगाल में खत्म होने के दिन आ चुके हैं। साथियो, आपको वोट देने से कोई भी रोक नहीं सकता है। आने वाले चुनाव में आप बिना किसी डर से अपना वोट दीजिएगा। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं भी मैं कहना चाहता हूं कि आप पूरी शक्ति से डटे रहिए। आपका हौसला प. बंगाल के भाग्य को बदलने के लिए बहुद जरूरी है। साथियो, सबका साथ सबका विकास के मंत्र को लेकर चल रही एनडीए सरकार प. बंगाल को दीदी के स्पीड ब्रेकर से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुझे पूरा भरोसा है कि प. बंगाल के हितों की रक्षा के लिए, यहां के गौरव की रक्षा के लिए, यहां की सांस्कृतिक की रक्षा के लिए, और अपने बेहतर भविष्य के लिए आप भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को वोट देंगे, और यहां जो उम्मीदवार है इसमें हमारा एक राजू है। दो दशक से मैं इसको जानता हूं। दो दशक से... ये हमारे तीनों साथी आपके ही संतान हैं। आपके ही साथी हैं। आपकी समस्याओं का इन्हें पता है। ये आपका पूरा ध्यान रखेंगे। मैं इनके साथ खड़ा रहूंगा ये आपको विश्वास दिलाता हूं। भाइयो-बहनो, बोजेपी और उसके साथियों के उम्मीदवारों को दिया हर वोट, आपका हर वोट सीधा सीधा मोदी के खाते में जाने वाला है। आपके वोट से ही मोदी जीतने वाला है। इसी विश्वास के साथ इतनी बड़ी तादात में आप आशीर्वाद देने के लिए आए मैं आपका बहुत बहुत आभारी हूं।

मैं एक नारा बोलवाऊंगा बोलेंगे... दोनों हाथ ऊपर कर के बोलेंगे। मुठ्ठी बंद कर के बोलेंगे। पूरी ताकत से बोलेंगे। मैं कहूंगा मैं भी आप कहेंगे चौकीदार हूं। मैं भी... चौकीदार हूं। मैं भी... चौकीदार हूं। मैं भी... चौकीदार हूं। आप बोलेंगे चौकीदार.... गली-गली में चौकीदार... गांव गांव में चौकीदार, शहर शहर में चौकीदार... घर-घर में चौकीदार... युवा नौजवान चौकीदार, माता-बहने चौकीदार..., बड़े –बुजुर्ग चौकीदार..., खेत खलिहान में चौकीदार..., बाग-बगीचे में चौकीदार..., हिंदुस्तान में चौकीदार.., सीमा पर भी चौकीदार..., देश का भविष्य चौकीदार.., देश का भविष्य चौकीदार.., देश का उजला काल चौकीदार... आपका सबका आशीर्वाद... बहुत बहुत धन्यवाद।

Explore More
প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা

Popular Speeches

প্রধান মন্ত্রীনা শ্রী রাম জন্মভুমি মন্দির দ্বাজরোহন উৎসবতা পীখিবা ৱারোলগী মৈতৈলোন্দা হন্দোকপা
New train services to boost Purvanchal connectivity from June 19

Media Coverage

New train services to boost Purvanchal connectivity from June 19
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Today, the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust: PM Modi at G7 Summit in Evian, France
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।