Only a strong government can ensure a nation’s security, which in turn is essential for its long-term development: PM Modi
The BJP-led NDA governments have always demonstrated their paramount commitments to strengthening national security: PM Modi in U.P.
The entire nation suffered greatly under ‘Mahamilawati’ governments of Congress-SP-BSP but still they say ‘Hua Toh Hua’: Prime Minister Modi

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय

मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ नेतागण और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, 2014 में पूर्वांचल ने जिस प्रकार इस सेवक को देश की सेवा के लिए दिल्ली भेजा, उसका परिणाम आज पूरा देश गौरव के साथ अनुभव कर रहा है। पांच वर्ष में आपके प्यार और समर्थन से मैं राष्ट्रहित में बड़े और कड़े फैसले ले पाया हूं। चाहे भ्रष्टाचार से लड़ने का मामला हो, या फिर आतंकवाद और नक्सलवाद से निपटने का। साथियो, बीते पांच वर्षों में हमने देश के विकास की एक ठोस नींव बनाई है। सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने का सफर अब तेज गति से आगे बढ़ाना है। भाइयो-बहनो, मुझे कुछ महीने पहले ही यहां महाराजा सुहेलदेव जी की स्मृति में एक डाक टिकट जारी करने का सौभाग्य मिला था। इससे पहले हमारे अध्यक्ष श्रीमान अमित शाह जी ने यहां सुहेलदेव जी की प्रतिमा का लोकार्पण भी किया था।

भाइयो-बहनो, ऐसी विभूतियां जिन्होंने हमारे समाज, हमारे देश के लिए हमारी परंपरा और संस्कृति के प्रचार के लिए जीवन समर्पित किया है। उन्हीं की प्रेरणा से मैंने दिन-रात मेहनत की है। देश को आगे बढ़ाया है। अब बोलना शुरू करूं? आप सबका चेहरा कैमरा में आ गया है, मुझे परेशान मत कीजिए?  भाइयो-बहनो, आज कल जो भी गाजीपुर को देखकर जाता है वो कहता है, काम तो बहुत भइल बा, कमवा दिखाई पड़ता, कमवा चाहि कि जातिवा चाहि, सम्मान चाहि कि माफिया के धोंस चाहि। भाइयो-बहनो, आज गाजीपुर पूर्वांचल सहित समूचा पूर्वी भारत विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहा है। गांव में सड़कें बन रही हैं। हाइवे के काम चल रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बन रहा है। रेलवे का अभूतपूर्व काम हुआ है। इसके अलावा कार्गो सेंटर, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज जैसी जरूरी सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। भाइयो-बहनो, कांग्रेस ने कैसे पीढ़ियों तक गरीबों को ठगा है, गरीबों के नाम पर वोट बटोरे हैं। उसका साक्षी ये हमारा गाजीपुर है। हमारे गहमरी बाबू ने नेहरु जी को इस क्षेत्र में गरीब की जमीनी सच्चाई दिखाई थी। गहमरी बाबू के कहने पर ही ताड़ीघाट से गाजीपुर के बीच पुल की अनुशंसा तब सरकार ने की थी। लेकिन दशकों बीत गए ये पुल कभी नहीं बना। इस पुल को बनाने के लिए, इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाई पहुंचाने के लिए आप सबने ईश्वर ने मुझे सौभाग्य दिया।

भाइयो-बहनो, कांग्रेस, सपा-बसपा ने हमेशा सिर्फ अपने परिवार के विकास के बारे में ही सोचा है। राष्ट्र का विकास पिछड़े हुए क्षेत्रों का विकास इस पर ध्यान देने की इन लोगों ने जरूरत ही नहीं समझी। कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों ने तीन शब्दों के आधार पर देश चलया है। आपको मालूम है तीन कौन से शब्द हैं? आपको मालूम है तीन कौन शब्द हैं? उनका तो ये मंत्र ही है हुआ तो हुआ? कोई परवाह नहीं, अहंकार, हुआ तो हुआ। देश में गरीबों की रसोई का खर्च बढ़ता रहा, महंगाई बढ़ती रही, ये महामिलावटी कहते रहे कि हुआ तो हुआ। देश का गरीब इलाज के लिए परेशान होता रहा और ये महामिलावटी लोग कहते रहे हुआ तो हुआ। देश का किसान अधूरी सिंचाई परियोजनाओं की वजह से पानी के लिए परेशान होता रहा, ये मिलावटी कहते रहे हुआ तो हुआ। देश के हजारों गांव, करोड़ों परिवार बिजली के बिना अंधेरे में परेशान होते रहे। ये लोग कहते रहे, क्या कहते रहे? क्या कहते रहे? क्या कहते रहे? हुआ तो हुआ। साथियो, ये अहंकार खुद को राजा समझने और देश के लोगों को अपना गुलाम समझने की प्रवृत्ति कांग्रेस और उसके साथियों में चाहे सपा हो या बसपा हो। कूट-कूट कर के भरी हुई है। गाजीपुर सहित पूरे पूर्वी भारत में गरीबी और बदहाली के लिए भी इनका यही स्वार्थ जिम्मेदार है। साथियो, इन महामिलावटी लोगों की सच्चाई देखने के बाद आपने 2014 में इस सेवक को सम्मान दिया। अपनी सेवा का अवसर दिया। बिना भेदभाव भी विकास हो सकता है। सबका साथ सबका विकास हो सकता है, ये हमने कर के दिखाया है। आज गरीब से गरीब परिवार को भी अच्छे से अच्छे अस्पताल में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था हुई है।

गरीब से गरीब को भी अपना पक्का घर मिल रहा है। गरीब से गरीब को भी बैंक में खाता खुला है। बैंक से बिना गारंटी का मुद्रा लोन मिल रहा है। अब तो गांव गांव में डाक घर भी बैंक सेवा देना शुरू कर रहे हैं। अब छोटे से छोटे किसान के बैंक खाते में सीधा पैसा आ रहा है। खाद्य के लिए उन्हें कम परेशान होना पड़ रहा है। साथियो, इसे पूरे चुनाव के दौरान पहले चरण से सपा, बसपा वाले मेरी जाति को लेकर हमले करते रहे हैं। भाइयो-बहनो, मैं पिछड़ी जाति में पैदा जरूर हुआ, लेकिन हर पिछड़े को हर गरीब को इस देश को अगड़ा बनाने के लिए दिन रात एक कर रहा हूं। मैं गरीब जरूर पैदा हुआ, लेकिन देश से गरीबी हटाने के लिए जी जान से जुटा हूं। मुझसे जो लोग मेरी जाति का सर्टिफिकेट मांगते हैं, उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि मेरी एक ही जाति है और मेरी जाति है गरीबी। ये मेरी जाति है। आप लोग तमाम तमाम तरीकों से गरीबों के नाम पर जातिवाद के नाम पर। जातियों का गरीबों का शोषण कर के अरबों -खरबों रुपयों के मालिक हो गए हो, तो इसका मतलब ये नहीं है कि मेरी गरीब जाति का आप मजाक उड़ाते रहे। भाइयो-बहनो, इन लोगों को तो कभी पांच साल कभी दो साल कभी सात साल मुख्यमंत्री रहने का मौका मिला है। मैं गुजरात का सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रह के आया हूं। पांच साल से प्रधानमंत्री हूं जरा मेरा बैंक खाता देख लीजिए कहीं मोदी के नाम का बांगला हो तो खोजकर के निकाल दीजिए। गरीबों के लिए जीने के लिए, गरीबों के पति संवेदना चाहिए मैं गरीबी से निकलकर के आया हूं दोस्तों। गरीबों के दर्द को जानता हूं मैं। मैंने न मेरे लिए पैसे जमा किए हैं। न अपने परिवार को कुछ दिया है। जो कुछ भी कर रहा हूं, जो कुछ भी कर रहा हूं मेरे 130 करोड़ देशवासियों के लिए कर रहा हूं। ये लोग जितनी भी गालियां मुझे देते रहे, मेरा ध्यान देश के विकास पर रहेगा। साथियो, आजादी के बाद हमारी पहली ऐसी सरकार है, जिसने महिलाओं के लिए इतने काम किए हैं, और सिर्फ शहर की महिला नहीं, गांव की महिला के लिए भी हम दिन रात चिंता करते रहते हैं। जीवन के हर पड़ाव में महिलाओं की आवश्यकताओं को देखते हुए हमारी सरकार ने अनेक योजनाएं लागू की है। मेरी गरीब से गरीब दलित, वंचित, आदिवासी, पिछड़े समाज की बहनों को गैस का कनेक्शन धुएं से मुक्ति के लिए गैस का चूल्हा पहुंचाया है। गरीब माताओं, बहनों को इज्जत घर मिले इस सोच के लिए अंधेरे का इंतजार करने का कष्ट और अपमान से मुक्ति मिली है। शौचालय बनाए है। ये हमारी ही सरकार है जिसने बलात्कार, रेप जैसे जघन्य अपराध के लिए फांसी तक की सजा का प्रावधान किया है। महिला हितों और महिला सुरक्षा के प्रति हम पूरी तरह संवेदनशील है। लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर कांग्रेस किस तरह का काम कर रही है। वो देश फिर देख रहा है।

साथियो, बीते तीन दिन से राजस्थान के अलवर की एक खबर धीरे-धीरे बाहर आने लगी है। वहां एक दलित बेटी के साथ दो हफ्ते पहले कुछ दरिदों ने सामूहिक बलात्कार किया। लेकिन उन दरिंदों को राजस्थान की कांग्रेस की सरकार ने पकड़ने के बजाय, वहां की पुलिस, वहां की कांग्रेस सरकार इस केस को ही छिपाने में दबाने में जुट गई। साथियो, राजस्थान में भी चुनाव थे इसलिए वहां की कांग्रेस सरकार ये नहीं चाहती थी कि चुनाव से पहले ये खबर बाहर आए। ये खबर को दबाना चाहते थे। गुनहगारों को बचाना चाहते थे। वोट बैंक बटोरना चाहते थे। भाइयो-बहनो, आप मुझे बताइए जिस बेटी पर सामूहिक बलात्कार हुआ, उस बिटिया को न्याय दिलाने की बजाय चुनाव बचाने का काम ये कांग्रेस की सरकार करती रही। भाइयो-बहनो, यही, यही कांग्रेस के न्याय की सच्चाई है। कांग्रेस को डर था कि दलित बेटी से बलात्कार की बात खुलने से उसके वोट पर असर पड़ेगा, इसलिए उसने इस पीड़ित की बात को भी अनसुना कर दिया। जो चुनाव के समय बलात्कार जैसी जघन्य वारदात को भी छिपाने की कोशिश करे और इनके राग दरबारी भी इतने भयंकर कांड को दबाते रहे। और ये मोमबत्तियां लेकर के निकल पड़ने वाले लोग उनकी मोमबत्तियों से धुआं निकल रहा है, बेइमानी का धुआं निकल रहा है। ये जो बारी बारी से अवॉर्ड वापसी की गैंग थी, जरा उस अवॉर्ड वापसी को पूछना चाहता हूं कि अलवर की बेटी पर बलात्कर होना आपकी अवॉर्ड वापसी गैंग क्यों सो गई है। क्यों चुप बैठ गई है? साथियो, कांग्रेस न बेटी के साथ न्याय कर सकती है, न बेटे के साथ। न्याय के नाम पर कांग्रेस और उसके साथियों ने हमेशा देश के साथ अन्याय किया है।

साथियो, मां भारती की रक्षा के लिए यहां के सपूत देश के हर कोने में तैनात हैं। सीमा पर जाइए को न कोई गाजीपुर का नौजवान मिल जाएगा। और हमारा गहमर गांव, हमारे गहमर गांव की तो हिंदुस्तान के हर कोने में चर्चा होती है। हर माता, मां भारती की सेवा में अपने सपूतों को खुशी खुशी सेना में भेजती है। लेकिन देश की रक्षा के लिए, अपने जान की बाजी लगाने वालों के लिए। इन लोगों की सोच क्या है? इन लोगों की सोच क्या है? ये भी आपको जानना जरूरी है। भाइयो-बहनो, जो बात मैं बताने वाला हूं गाजीपुर के लोगों के लिए चौंकाने वाली है। हर वीर माता के लिए चौंकाने वाली है। पूरे हिंदुस्तान के आंख में आंसू ला देने वाली घटना है। कर्नाटक में कांग्रेस ने जिनको मुख्यमंत्री बनाया है, उस मुख्यमंत्री के पिता प्रधानमंत्री भी रहे हैं। भले ही टेम्परेरी रहे हो। कुछ समय रहे हो लेकिन प्रधानमंत्री पद पर थे। और उनका बेटा कांग्रेस ने उनको मुख्यमंत्री बनाया है। ये कांग्रेस ने जिनको मुख्यमंत्री बनाया।

जो कर्नाटक में सरकार चला रहे हैं। उन्होंने क्या बयान दिया है, ये बयान एक बयान ऐसा है जिस बयान को लेकर ये सपा हो बसपा हो कांग्रेस हो। उनके जितने महामिलावटी साथी हो उनको जीवन भर बहिष्कार करना चाहिए। ऐसी बात उन्होंने बोली है। उन्होंने कहा, देखिए ये अपमान कैसा किया है। उन्होंने कहा सेना में तो वहीं लोग जाते हैं जिनके पास खाने के लिए नहीं होता है। भूखे मरते हैं। दो टाइम की रोटी नहीं है। इसलिए सेना में जाते हैं। क्या गाजीपुर, क्या हमारा पूर्वांचल इसलिए अपने बच्चों को फौज में भेजता है क्योंकि वो भूखे मरते हैं। इनके पास पेट भरने के लिए कुछ नहीं है। आप इनकी बातों से सहमत है? ये सेना का अपमान है कि नहीं है? वीर माताओं का अपमान है कि नहीं? आपकी वीर संतानों का अपमान है कि नहीं है? ये देश के लिए मर मिटने वालों का अपमान है कि नहीं है? इन अपमान का बदला लोगे कि नहीं लोगे? पूरी ताकत से लोगे की नहीं लोगे? भाइयो-बहनो, ऐसे लोगों को माफ नहीं किया जा सकता है। वो रोटी खाने के लिए नहीं गोली खाने के लिए जाता है। देश के लिए मरने के लिए जाता है। साथियो, आज तक आपने सुना कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी अपने इस साथी के बयान और मुख्यमंत्री का बयान सामान्य नहीं होता है। अभी तक इस बयान को गलत बयान इन्होंने नहीं कहा है। उनकी चुप्पी बताती है कि वो आपके इस अपमान का समर्थन करते हैं। वीरों का अपमान करते हैं। वीर माताओं का अपमान करते हैं। आप मुझे बताइए और पूरी ताकत से बताना, पूरी ताकत से बताएंगे? हाथ ऊपर कर के बताएंगे? क्योंकि गाजीपुर से सपा, बसपा, कांग्रेस को पूरे देश में संदेश जाना चाहिए। आप मुझे बताइए जो लोग वीर माताओं का अपमान करें, वीर पुत्रों का अपमान करें सेना में जाने वाले का अपमान करें। क्या ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए? मिलनी चाहिए? मिलनी चाहिए? भाइयो-बहनो, जम्मू-कश्मीर में जहां शांति की स्थापना के लिए हमारे सपूत डटे हुए हैं।

पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों का मुकाबला कर रहे हैं। वहां तैनात उन सपूतों के जीवन को संकट में डालने का काम ये सपा, बसपा और कांग्रेस वाले कह रहे हैं। वो कह रहे हैं कि अलगाववादियों से बातचीत होनी चाहिए। सैनिकों को मिला विशेष अधिकार खत्म होना चाहिए। देशद्रोह का कानून खत्म कर देना चाहिए। भाइयो-बहनो, बुआ-बबुआ हो या कांग्रेस इन महामिलावटियों की ये कैसी सोच हैं वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि मोदी को हटाना है। मोदी को क्यों हटाना है क्योंकि उसने आतंकवादियों, नक्सलवादियों, अलगाववादियों को सबक सिखाने की ठानी है। आतंक की फैक्ट्री चलाने वाले, आतंक की फैक्ट्री चलाने वाले पाकिस्तान के घर में घुसकर मारने की नीति ये मोदी ने बनाई है। क्या इसलिए मोदी को हटाना है। देश के शहरों को बम धमाके से बचाया। क्या देश के सामान्य नागरिक को बम धमाको से बचाना चाहिए कि नहीं चाहिए? क्या इसलिए मोदी को हटाना चाहते हो? आतंक को निर्यात करने वाले पाकिस्तान के हाथ मे मोदी ने कटोरा पकड़ा दिया है। क्या इसके लिए मोदी को हटाना है? भाइयो-बहनो, देश के एक बड़े हिस्से ने इन स्वार्थियों को पहचान लिया है। इनके पास सिर्फ पीएम बनने के सपने हैं। देश के लिए विजन नहीं है। ये लोग 20वीं सदी वाली समाज को बांटने वाली अफवाहों को बाहुबली राजनीति ही कर सकते हैं। इनको ये अहसास ही नहीं है कि 21वीं सदी के युवा के सपने अलग है, वो एक नया हिंदुस्तान चाहता है। यहां उसकी आकांक्षाओं को उड़ान मिले, यही कारण है कि आज पूरा देश कह रहा है, जी भर कर के कह रहा है। फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार। फिर एक बार मोदी सरकार। विकास और राष्ट्र को लेकर हमारी भावना मजबूत रहे, इसके लिए दिल्ली में मजबूत सरकार फिर से बनानी है। हर बूथ पर आपको कमल खिलाना है। भाइयो-बहनो, आप चाहते हैं देश मजबूत बने? देश को मजबूत बनाना है? देश को मजबूत बनाना है? तो अपने बूथ को मजबूत बनाओगे? बूथ को मजबूत बनाओगे ?घर-घर जाओगे ? मतदाताओं से मिलोगे ? मतदान करने के लिए समझाओगे? कमल पर बटन दबाने के लिए कहोगे? चुनाव के दिन घर से लेकर जाओगे? जलपान के पहले मतदान कराओगे? 10 बजे से पहले ज्यादा से ज्यादा मतदान हो जाएगा? गर्मी कितनी ही हो मतदान ज्यादा होगा? माताएं-बहनें मेहनत करेंगी? बहनों का मतदान ज्यादा होगा? पहली बार जो मतदाता है उनका मत आएगा? नए मतदाता मत करेंगे? आप लोग पूरी ताकत लगाएंगे? भाइयो-बहनो, आप इतनी ताकत लगाओगे तो मैं विश्वास दिलाता हूं कि कमल के निशान पर पड़ा आपका हर वोट मोदी के खाते में जाएगा। भाइयो-बहनो, आप सबके आशीर्वाद के लिए मैं आपका बहुत बहुत आभारी हूं। मेरे साथ बोलिए,

भारता मात की जय भारत माता की जय, भारत माता की जय

बहुत बहुत धन्यावाद       

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This is the New India that leaves no stone unturned for development: PM Modi
March 23, 2026
Today, India is moving forward with a new confidence; Now India faces challenges head-on: PM
From the Gulf to the Global West and from the Global South to neighbouring countries, India is a trusted partner for all: PM
What gets measured gets improved and ultimately gets transformed: PM
This is the new India, It is leaving no stone unturned for development: PM

नमस्कार!

पिछले कुछ समय में मुझे एक-दो बार टीवी9 भारतवर्ष देखने का मौका मिला है। नॉर्मली भी युद्धों और मिसाइलों पर आपका बहुत फोकस होता है और आजकल तो आपको कंटेंट की ओवरफीडिंग हो रही है। बड़े-बड़े देश टीवी9 को इतना सारा कंटेंट देने पर तुले हुए हैं, लेकिन On a Serious Note, आज विश्व जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है, वो अभूतपूर्व है और बेहद गंभीर है। और इन स्थितियों के बीच, आज टीवी-9 नेटवर्क ने विचारों का एक बेहद महत्वपूर्ण मंच बनाया है। आज इस समिट में आप सभी India and the world, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। मैं आप सबको बधाई देता हूं। इस समिट के लिए अपनी शुभकामनाएं देता हूं। सभी अतिथियों का अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आज जब दुनिया, conflicts के कारण उलझी हुई है, जब इन conflicts के दुष्प्रभाव पूरी दुनिया पर दिख रहे हैं, तब India and the world की बात करना बहुत ही प्रासंगिक है। भारत आज वो देश है, जिसकी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। 2014 के पहले की स्थितियों को पीछे छोड़कर के आज भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब भारत चुनौतियों को टालता नहीं है बल्कि चुनौतियों से टकराता है। आप बीते 5-6 साल में देखिए, कोरोना की महामारी के बाद चुनौतियां एक के बाद एक बढ़ती ही गई हैं। ऐसा कोई साल नहीं है, जिसने भारत की, भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के एकजुट प्रयास से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। इस समय युद्ध की परिस्थितियों में भी भारत की नीति और रणनीति देखकर, भारत का सामर्थ्य देखकर दुनिया के अनेकों देश हैरान हैं। हमारे यहां कहावत है, सांच को आंच नहीं। 28 फरवरी से दुनिया में जो उथल-पुथल मची है, इन कठोर विपरीत परिस्थितियों में भी भारत प्रगति के, विकास के, विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इन 23 दिनों में भारत ने अपनी Relationship Building Capacity दिखाई है, Decision Making Capacity दिखाई है और Crisis Management Capacity दिखाई है।

साथियों,

आज जब दुनिया इतने सारे खेमों में बंटी हुई है, भारत ने अभूतपूर्व और अकल्पनीय bridges बनाए हैं। Gulf से लेकर Global West तक, Global South से लेकर पड़ोसी देशों तक भारत सभी का trusted partner है। कुछ लोग पूछते हैं, हम किसके साथ हैं? तो उनको मेरा जवाब यही है कि हम भारत के साथ हैं, हम भारत के हितों के साथ हैं, शांति के साथ हैं, संवाद के साथ हैं।

साथियों,

संकट के इसी समय में जब global supply chains डगमगा रही हैं, भारत ने diversification और resilience का मॉडल पेश किया है। Energy हो, fertilizers हों या essential goods अपने नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए भारत ने निरंतर प्रयास किया है और आज भी कर रहे है।

साथियों,

जब राष्ट्रनीति ही राजनीति का मुख्य आधार हो, तब देश का भविष्य सर्वोपरि होता है। लेकिन जब राजनीति में व्यक्तिगत स्वार्थ हावी हो जाता है, तब लोग देश के फ्यूचर के बजाय अपने फ्यूचर के बारे में सोचते हैं। आप ज़रा याद कीजिए 2004 से 2010 के बीच क्या हुआ था? तब कांग्रेस सरकार के समय पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों का संकट आया था और तब कांग्रेस ने देश की नहीं बल्कि अपनी सत्ता की चिंता की। उस वक्त कांग्रेस ने एक लाख अड़तालीस हज़ार करोड़ रुपए के ऑयल बॉन्ड जारी किए थे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने खुद कहा था कि वो आने वाली पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल रहे हैं। यह जानते हुए भी कि ऑयल बॉन्ड का फैसला गलत है, जो रिमोट कंट्रोल से सरकार चला रहे थे, उन लोगों ने अपनी सत्ता बचाने के लिए यह गलत निर्णय किया क्योंकि जवाबदेही उस समय नहीं होनी थी, उस बॉन्ड पर री-पेमेंट 2020 के बाद होनी थी।

साथियों,

बीते 5-6 वर्षों में हमारी सरकार ने कांग्रेस सरकार के उस पाप को धोने का काम किया है, और इस धुलाई का खर्चा कम नहीं आया है, ऐसी लाँड्री आपने देखी नहीं होगी। 1 लाख 48 हज़ार करोड़ रुपए की जगह, देश को 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की पेमेंट करनी पड़ी क्योंकि इसमें ब्याज भी जुड़ गया था। यानी हमने करीब-करीब दोगुनी राशि चुकाने के लिए मजबूर हुए। आजकल कांग्रेस के जो नेता बयानों की मिसाइलें दाग रहे हैं, मिसाइल आई तो टीवी9 को मजा आएगा, उनकी इस विषय का जिक्र आते ही बोलती बंद हो जाती है।

साथियों,

पश्चिम एशिया में बनी परिस्थितियों पर मैंने आज लोकसभा में अपना वक्तव्य दिया है। दुनिया में जहां भी युद्ध हो रहे हैं, वो भारत की सीमा से दूर हैं। लेकिन आज की व्यवस्थाओं में कोई भी देश युद्धों से दुष्प्रभाव से दूर रहे, ऐसा संभव नहीं होता। अनेक देशों में तो स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है। और इन हालातों में हम देख रहे हैं कि राजनीतिक स्वार्थ से भरे कुछ लोग, कुछ दल, संकट के इस समय में भी अपने लिए राजनीतिक अवसर खोज रहे हैं। इसलिए मैं टीवी9 के मंच से फिर कहूंगा, यह समय संयम का है, संवेदनशीलता का है। हमने कोरोना महासंकट के दौरान भी देखा है, जब देशवासी एकजुट होकर संकट का सामना करते हैं, तो कितने सार्थक परिणाम आते हैं। इसी भाव के साथ हमें इस युद्ध से बनी परिस्थितियों का सामना करना है।

साथियों,

दुनिया की हर उथल-पुथल के बीच, भारत ने अपनी प्रगति की गति को भी बनाए रखा है। अगर मैं 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद, बीते 23 दिनों का ही ब्यौरा दूं, तो पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक देश में हजारों करोड़ के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का काम हुआ है। दिल्ली मेट्रो रेल के महत्वपूर्ण कॉरिडोर्स का लोकार्पण, सिलचर का हाई स्पीड कॉरिडोर का शिलान्यास, कोटा में नए एयरपोर्ट का शिलान्यास, मदुरै एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा देना, ऐसे अनेक काम बीते 23 दिनों में ही हुए हैं। बीते एक महीने के दौरान ही औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भव्य स्कीम को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देशभर में 100 plug-and-play industrial parks विकसित किए जाएंगे। देश में Small Hydro Power Development Scheme को भी हरी झंडी दी गई है। इससे आने वाले वर्षों में 1,500 मेगावाट नई hydro power capacity जोड़ी जाएगी। इसी दौरान जल जीवन मिशन को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। किसानों के हित में भी अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। बीते एक महीने में ही पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। और जो हमारे MSMEs हैं, जो हमारे निर्यातक हैं, उनके लिए भी करीब 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की भी घोषणा की गई है। यह सारे कदम इस बात का प्रमाण हैं कि विकसित भारत बनाने के लिए देश कितनी तेज गति से काम कर रहा है।

साथियों,

Management की दुनिया में एक सिद्धांत कहा जाता है - What gets measured, gets managed. लेकिन मैं इसमें एक बात और जोड़ना चाहता हूं, What gets measured, gets improved और ultimately, gets transformed. क्योंकि आकलन जागरूकता पैदा करता है। आकलन जवाबदेही तय करता है और सबसे महत्वपूर्ण आकलन संभावनाओं को जन्म देता है।

साथियों,

अगर आप 2014 से पहले के 10-11 साल और 2014 के बाद के 10-11 साल का आप आकलन करेंगे, तो यही पाएंगे कि कैसे इसी सिद्धांत पर चलते हुए, भारत ने हर सेक्टर को Transform किया है। जैसे पहले हाईवे बनते थे, करीब 11-12 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से, आज भारत करीब 30 किलोमीटर प्रतिदिन की स्पीड से हाईवे बना रहा है। पहले पोर्ट्स पर शिप का Turnaround Time, 5-6 दिन का होता था। आज वही काम, करीब-करीब 2 दिन से भी कम समय में पूरा हो रहा है। पहले Startup Culture के बारे में चर्चा ही नहीं होती थी। 2014 से पहले, हमारे देश में 400-500 स्टार्ट अप्स ही थे। आज भारत में 2 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रर्ड स्टार्ट अप्स हैं। पहले मेडिकल education में सीटें भी सीमित थीं, करीब 50-55 हजार MBBS seats थीं, आज यह बढ़कर सवा लाख से ज्यादा हो चुकी हैं। पहले देश के Banking system से भी करोड़ों लोग बाहर थे। देश में सिर्फ 25 करोड़ के आसपास ही बैंक account थे। वहीं जनधन योजना के माध्यम से 55 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट खुले हैं। पहले हमारे देश में airports की संख्या भी 70 से कम थी। आज एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 160 से ज्यादा हो चुकी है।

साथियों,

पहले भी योजनाएं तो बनती थीं, लेकिन आज फर्क है, आज परिणाम दिखते हैं। पहले गति धीमी थी, आज भारत fastrack पर है। पहले संभावनाएं भी अंधकार में थीं, आज संकल्प सिद्धियों में बदल रहे हैं। इसलिए दुनिया को भी यह संदेश मिल रहा है कि यह नया भारत है। यह अपने विकास के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहा है।

साथियों,

आज हमारा प्रयास है कि अतीत में विकास का जो असंतुलन पैदा हो गया था, उसको अवसरों में बदला जाए। अब जैसे हमारा पूर्वी भारत है। हमारा पूर्वी भारत संसाधनों से समृद्ध है, दशकों तक वहां जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनकी उपेक्षा ने पूर्वी भारत के विकास पर ब्रेक लगा दी थी। अब हालात बदल रहे हैं। जिस असम में कभी गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, आज वहां सेमीकंडक्टर यूनिट बन रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर से लेकर पेट्रोकेमिकल्स तक अनेक नए-नए सेक्टर का विकास हो रहा है। जिस बिहार में 6-7 दशक में गंगा जी पर एक बड़ा पुल बन पाया था एक, उस बिहार में पिछले एक दशक में 5 से ज्यादा नए पुल बनाए गए हैं। यूपी में कभी कट्टा मैन्युफैक्चरिंग की कहानियां कही जाती थीं, आज यूपी, मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।

साथियों,

पूर्वी भारत का एक और बड़ा राज्य पश्चिम बंगाल है। पश्चिम बंगाल, एक समय में भारत के कल्चर, एजुकेशन, इंडस्ट्री और ट्रेड का हब होता था। बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास के लिए बड़ी मात्रा में निवेश किया है। लेकिन दुर्भाग्य से, आज वहां एक ऐसी निर्मम सरकार है, जो विकास पर ब्रेक लगाकर बैठी है। TV9 बांग्ला के जो दर्शक हैं, वो जानते हैं कि बंगाल में आयुष्मान योजना पर निर्मम सरकार ने ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। पीएम आवास योजना पर ब्रेक लगाया हुआ है। चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू हुई योजना के लिए ब्रेक लगाया हुआ है। यानी विकास और जनकल्याण से ज्यादा प्राथमिकता निर्मम सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ को दे रही है।

साथियों,

देश में इस तरह की राजनीति की शुरुआत जिस दल ने की है, वो अपने गुनाहों से बच नहीं सकती और वो पार्टी है - कांग्रेस। कांग्रेस पार्टी की राजनीति का एक ही लक्ष्य रहा है, किसी भी तरह विकास का विरोध और कांग्रेस यह तब से कर रही है, जब मैं गुजरात में था। गुजरात में वर्षों तक जनता ने हमें आशीर्वाद दिया, तो कांग्रेस ने उस जनादेश को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने गुजरात की छवि पर सवाल उठाए, उसकी प्रगति को कटघरे में खड़ा किया और जब यही विश्वास पूरे देश में दिखाई दिया, तो कांग्रेस का विरोध भी रीजनल से नेशनल हो गया।

साथियों,

जब राजनीति में विरोध, विकास के विरोध में बदल जाए, जब आलोचना देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाने लगे, तब यह सिर्फ सरकार का विरोध नहीं रह जाता, यह देश की प्रगति से असहज होने की मानसिकता बन जाती है। आज कांग्रेस इसी मानसिकता की गुलाम बन चुकी है। आज स्थिति यह है कि देश की हर सफलता पर प्रश्न उठाया जाता है, हर उपलब्धि में कमी खोजी जाती है और हर प्रयास के असफल होने की कामना की जाती है। कोविड के समय, देश ने अपनी वैक्सीन बनाई, तो कांग्रेस ने उस पर भी संदेह जताया। Make in India की बात हुई, तो कहा गया कि यह सफल नहीं होगा, बब्बर शेर कहकर इसका मजाक उड़ाया गया। जब देश में डिजिटल इंडिया अभियान शुरू हुआ, तो उसका मजाक उड़ाया गया। लेकिन हर बार यह कांग्रेस का दुर्भाग्य और देश का सौभाग्य रहा कि भारत ने हर चुनौती को सफलता में बदला। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव का उदाहरण है। भारत डिजिटल पेमेंट्स में दुनिया का अग्रणी देश है। भारत मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

साथियों,

लोकतंत्र में विरोध जरूरी होता है। लेकिन विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है। सरकार का विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन देश को बदनाम करना, यह कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़ा करता है। जब विरोध इस स्तर तक पहुंच जाए कि देश की उपलब्धियां भी असहज करने लगें, तो यह राजनीति नहीं, यह दृष्टिकोण की समस्या है। अभी हमने ग्लोबल AI समिट में भी देखा है। जब पूरी दुनिया भारत में जुटी हुई थी, तो कांग्रेस के लोग कपड़े फाड़ने वहां पहुंच गए थे। इन लोगों को देश की इज्जत की कितनी परवाह है, यह इसी से पता चलता है। इसलिए आज आवश्यकता है कि देशहित को, दलहित से ऊपर रखा जाए क्योंकि अंत में राजनीति से ऊपर, राष्ट्र होता है, राष्ट्र का विकास होता है।

साथियों,

आज का यह दिन भी हमें यही प्रेरणा देता है। आज के ही दिन शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज ही, समाजवादी आंदोलन के प्रखर आदर्श डॉ. राम मनोहर लोहिया जी की जयंती भी है। यह वो प्रेरणाएं हैं, जिन्होंने देश को हमेशा स्व से ऊपर रखा है। देशहित को सबसे ऊपर रखने की यही प्रेरणा, भारत को विकसित भारत बनाएगी। यही प्रेरणा भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी। मुझे पूरा विश्वास है कि टीवी9 की यह समिट भी भारत के आत्मविश्वास और दुनिया के भरोसे पर, भारतीयों पर जो भरोसा है, उस भरोसे को और सशक्त करेगी। आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं और आपके बीच आने का अवसर दिया, आप सबसे मिलने का मौका लिया, इसलिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

नमस्‍कार!