প্রধান মন্ত্রী মোরিসন অমসুং হান্নগী প্রধান মন্ত্রী তোনী এবোর্তবু মখোয়না লুচিংবগী থৌদাং লৌখিবগীদমক্তা থাগৎখ্রে
“অতেনবা মতমগী মনুংদা ইন্দওস ই.সি.তি.এ. খুৎয়েক পীনখিবা অসিনা লৈবাক অনিগী মরক্তা অমনা অমবু থাজনবগী চাং অদু উৎলি”
“এগ্রীমেন্ত অসিদা য়ুম্ফম ওইরগা ঐখোয়না সপ্লাই চেনশিংগী রেজিলিয়েন্স হেনগৎহনবা অমসুং ইন্দো-পেসিফিক রিজন্দা তংদু লৈতানা লৈহনবা ঙম্নবা শরুক তম্বসু ঙমহল্লগনি”
“এগ্রীমেন্ত অসিনা ঐখোয়গী মরক্তা মহৈরোয়শিং, প্রোফেস্নেলশিং, অমসুং তুরিস্তশিং একচেঞ্জ তৌনবদা মতেং ওইরগনি, মসিনা লৈবাক অনিগী প্রজাশিংগী মরক্তা লৈনরিবা মরী অসি মপাঙ্গল কনখৎহল্লগনি”
পাঙথোক্কদৌরিবা ৱর্ল্দ কপ ফাইনেলগীদমক ওস্ত্রেলিয়াগী নুপীগী ক্রিকেৎ তীমদা মহাক্না য়াইফ-মঙ্গোল পীখ্রে

ইন্দিয়া-ওস্ত্রেলিয়া ইকনোমিক কোওপরেসন এন্দ ত্রেদ এগ্রীমেন্ত (“ইন্দওস ই.সি.তি.এ.”) অসি ভারত সরকারগী কম্মর্স এন্দ ইন্দস্ত্রী, কঞ্জুমর এফিয়র্স, ফুদ এন্দ পব্লিক দিস্ত্রিব্যুসন অমসুং তেক্সতাইল্সকী কেন্দ্র মন্ত্রী শ্রী পিয়ুশ গোয়ল অমসুং ওস্ত্রেলিয়া সরকারগী ত্রেন, তুরিজম এন্দ ইনভেস্তমেন্তগী মন্ত্রী মিস্তর দেন তেহান্না ঙসি ভারতকী ইকাই খুম্নরবা প্রধান মন্ত্রী ঐচ.ই. শ্রী নরেন্দ্র মোদী অমসুং ওস্ত্রেলিয়াগী ইকাই খুম্নরবা প্রধান মন্ত্রী, ঐচ.ই. স্কোত মোরিসন য়াওবা ভর্চুএল ওইবা থৌরম অমদা খুৎয়েক পীনখি।

খুৎয়েক পীনরবা মতুংদা ৱা ঙাংবদা প্রধান মন্ত্রী, শ্রী নরেন্দ্র মোদীনা মসি হৌখিবা থা অমগী মনুংদা ওস্ত্রেলিয়াগী মহাক্কা ফম মান্ননা পুরিবা পি.এম.গা লোয়ননা অহুমরক শুবা ওইনা ৱারী-ৱাতায় শাবনি হায়না ফোঙদোকখি। মহাক্না প্রধান মন্ত্রী মোরিসন্না লৌখিবা লুচিংবগী থৌদাং অমসুং মহাক্কী ত্রেদ এনভোই অমসুং হান্নগী ওস্ত্রেলিয়াগী প্রধান মন্ত্রী মিস্তর তোনী এবোতনা পাইখৎখিবা খোঙথাংশিং অদুগীদমক থাগৎপা ফোঙদোকখি। মহাক্না ত্রেদ মন্ত্রীশিং অমসুং মখোয়গী তীমনা মাইপাক্লবা অমসুং কান্নরবা থৌরম অসি পাঙথোকখিবদা থাগৎপা ফোঙদোকখি।

প্রধান মন্ত্রীনা অতেনবা মতমগী মনুংদা ইন্দওস ই.সি.তি.এ. খুৎয়েক পীনখিবা অসিনা লৈবাক অনিগী মরক্তা অমনা অমবু থাজনবগী চাং অদু উৎলি হায়না ফোঙদোকখ্রে। শ্রী মোদীনা ইকনোমী অনিগী মরক্তা অমনা অমগী মথৌ তাবশিং থুংহন্নবা হোৎনবদা লৈরিবা চাউনা তৌবা ঙম্বা অদু থমখি অমসুং এগ্রীমেন্ত অসিনা লৈবাক অনিনা মখোয়গী খুদোংচাবশিং মপুং ফানা শীজিন্নবা ঙমহল্লগনি হায়না ফোঙদোকখি। “মসি ঐখোয়গী বাইলেতরেলগী ওইবা মরী অসিগীদমক পুৱারী ওইরবা মীকুপ অমনি”, হায়না মহাক্না ফোঙদোকখি। প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি, “এগ্রীমেন্ত অসিদা য়ুম্ফম ওইরগা ঐখোয়না সপ্লাই চেনশিংগী রেজিলিয়েন্স হেনগৎহনবা অমসুং ইন্দো-পেসিফিক রিজন্দা তংদু লৈতানা লৈহনবা ঙম্নবা শরুক তম্বসু ঙমহল্লগনি”।

‘পিপল তু পিপল’ রিলেসনশিং অসি ভারত অমসুং ওস্ত্রেলিয়াগী মরক্তা লৈনরিবা মরী অসিগী মরু ওইবা য়ুম্বীনি হায়না ফোঙদোক্লদুনা প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি, “এগ্রীমেন্ত অসিনা ঐখোয়গী মরক্তা মহৈরোয়শিং, প্রোফেস্নেলশিং, অমসুং তুরিস্তশিং একচেঞ্জ তৌনবদা মতেং ওইরগনি, মসিনা লৈবাক অনিগী প্রজাশিংগী মরক্তা লৈনরিবা মরী অসি মপাঙ্গল কনখৎহল্লগনি”।

প্রধান মন্ত্রীনা পাঙথোক্কদৌরিবা ৱর্ল্দ কপ ফাইনেলগীদমক ওস্ত্রেলিয়াগী নুপীগী ক্রিকেৎ তীমদা মহাক্না য়াইফ-মঙ্গোল পীখ্রে।

ওস্ত্রেলিয়াগী প্রধান মন্ত্রী মোরিসন্না হৌখিবা চহি খরা অসিদা লৈবাক অনিগী মরক্তা শীংথানীংঙাই ওইবা মওংদা তেংবাং পীনবা হেনগৎলক্লিবা অসিগী মতাংদা ফোঙদোকখি অমসুং প্রাধান মন্ত্রী মোদীবু লুচিংবগী থৌদাং লৌবগী থাগৎপা ফোঙদোকখ্রে। ইন্দওস ই.সি.তি.এ.গী খুয়েক পীনরিবা অসি ভারত অমসুং ওস্ত্রেলিয়াগী মরক্তা মরী ফগৎলক্লিবা অসিগী অনৌবা পনখৈ অমনি হায়না কৌরদুনা ওস্ত্রেলিয়াগী প্রধান মন্ত্রীনা য়ান-ৱারোল অসি লৈনরিবা মরী অসিদা থাজবা পীনদুনা খুয়েক পীনখিবনি হায়না ফোঙদোকখি। ললোল-ইতিক অমসুং শেন্মীৎলোনগী তেংবাং হেনগৎহনবতা নত্তনা ইন্দওস ই.সি.তি.এ. অসিনা থবক, মহৈ তম্বা অমসুং লম কোইবগী খুদোংচাবশিং হেনগৎহন্দুনা লৈবাক অনি অসিগী মীয়ামগী মরক্তা অফবা অমসুং অচেৎপা মরী লৈহল্লগনি হায়না মিস্তর মোরিসন্না ফোঙদোকখি। মসিনা দাইনামিক রিজনেল ইকনোমী অমসুং ৱাখল্লোন মান্নবা দেমোক্রেসী অনি অমগা অমগা কান্নবা পীনবা পুন্না থবক তৌমিন্নদুনা ‘খ্বাইদগী চাওবা থোংশিংগী মরক্তা অমা’ হাংদোক্তুনা ঐখোয়গী বিজিনেসতা শক্তি লৈরবা সিগনেল অমা পীরগনি। মসিনা দমোক্রেসীশিং পুন্না থবক তৌমিন্নরি অমসুং সপ্লাই চেনশিংগী সিক্যুরিতী অমসুং রেজিলেন্স পীবগী ময়েক শেংলবা পাউজেল অমা পীরি হায়না মহাক্না মখা তাখি।

ভারত অমসুং ওস্ত্রেলিয়াগী মন্ত্রীশিংনা য়ান-চেরোল অসিবু খুয়েক পীনদ্রিঙৈদা লৈবাক অনি অসিগী মরক্তা লৈরিবা মরীগী মপাঙ্গল কনখৎলক্লিবা অসিগী মতাংদসু মখোয়গী ৱাখল্লোনশিং থমখি।

ইন্দিয়া-ওস্ত্রেলিয়াগী শেন্মীৎলোন অমসুং ললোল ইতিক্কী মরীশিং চাওথোকরক্লিবা অসিনা লৈবাক অনি অসিগী মরক্তা লৈরিবা মরী অসি তংদু লৈতাহনবা অমসুং লেপ্পা লৈতনা চাওথোরক্লিবা অসিগী মপাঙ্গল হাপ্পদা অমসুং চেশিনহনবদা থৌদাং য়ারি। গুদস অমসুং সর্ভিসেসকী ললোল-ইতিক্তা শরুক য়ারিবা ইন্দওস ই.সি.তি.এ. অসি লৈবাক অনিগী মরক্তা হান্নদগী অরুবা, অচেৎপা অমসুং স্ত্রেতেজিক ওইবা মরীশিং অসি মখাতানা চেৎশিনহনগদবা অমসুং গুদস অমসুং সর্ভিসেসতা লৈবাক অনিগী ললোল ইতিক শীংথানীংঙাই ওইনা হেনগৎহনগদবা, অনৌবা থবক্কী খুদোংচাবশিং পীগদবা, হিংবগী থাকশিং ৱাংখৎহনগদবা অমসুং লৈবাক অনি অসিগী মীয়ামগী চাউখৎ-থৌরাং হেনগৎহনগদবা বেলেন্স তৌরবা অমসুং ইকুইতেবল ত্রেদ এগ্রীমেন্ত অমনি।

ৱা ঙাংখিবগী মপুংফাবা ৱারোল পানবা মসিদা নম্বীয়ু

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!