India has entered the third decade of the 21st century with new energy and enthusiasm: PM Modi
This third decade of 21st century has started with a strong foundation of expectations and aspirations: PM Modi
Congress and its allies taking out rallies against those persecuted in Pakistan: PM

প্রধান মন্ত্রী শ্রী নরেন্দ্র মোদী কর্নাতকাগী তুমকুরদা লৈবা শ্রী সিদ্দগঙ্গা মথতা চৎখরে অমসুং শ্রী শ্রী শিবকুমার স্বামিজীগী মেমোরিয়েল ম্যুজিয়ম অমগীদমক উরেপ উয়ুং তমখ্রে।

তুমকুরদা লৈবা শ্রী সিদ্দগঙ্গা মথতা তিল্লিবা মীয়ামদা ৱা ঙাংলদুনা প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি মদুদি অসিগুম্লবা শেংলবা মফম অসিদগী মহাক্না চহী ২০২০ হৌদোকপা অসি মহাক্কীদমক লাইবক ফবনি। শ্রী সিদ্দগঙ্গা মথকী শেংলবা ইনর্জীনা ঐখোয়গী লৈবাক্কী মীয়ামগী পুন্সি য়াইফহল্লগনি হায়না মহাক্না থাজবা থমখি।

মহাক্না হায়খি. “পুজ্যা স্বামি শ্রী শ্রী শিবকুমারজীগী হকচাংনা মফম অসিদা শরুক য়াদবা অদু ঐখোয় পুম্নমক্না ফাওরি। মহাক্কী পাক চাউরবা মীৎয়েং অদুনা ইনোৎ পীবিরম্বা অদু ঐহাক ইশামক্তা ফাওরি। মহাক্কী ইনোৎ পীবগী পর্সোনেলিতী অদুগা লোয়ননা মসিগী শেংলবা মফম অসিনা চহী তরাগী খুজিং কয়াদগী সমাজতা মায়কৈ তাক্তুনা লাক্লি।”

মহাক্না হায়খি, “শ্রী শ্রী শিবকুমারজীবু নীংশিংদুনা শাগদৌরিবা ম্যুজিয়মগী উরেপ উয়ুং তম্বগী তঞ্জা অমা ফংজবা অসি ঐহাক্কীদমক লাইবক ফবনি। ম্যুজিয়ম অসিনা প্রজাশিংবু ইনোৎ পীবদা নত্তনা সমাজ অমসুং লৈবাক অসিদা মায়কৈসু তাক্লগনি।”

ভারতনা অনৌবা ইনর্জী অমসুং অনৌবা থৌনাগা লোয়ননা ২১শুবা চহীচাগী অহুমশুবা চহী তরাগী খুজিংদা চংশিল্লক্লি হায়না প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি।

হৌখিবা চহী তরাগী খুজিং অজু মতৌ করম্না হৌখিবগে হায়বদু নীংশিংনবা মহাক্না জাতিদা হায়খি। মহাক্না মসিমসু হায়খি মদুদি ২১শুবা চহীচাগী অহুমশুবা চহী তরাগী খুজিং অসি থাজবা অমসুং এস্পিরেসনগী অচেৎপা খোংফম অমদা হৌরে।

মহাক্না হায়খি, “এস্পিরেসন অসি অনৌবা ভারত অমগীদমক্তনি। মসিগী এস্পিরেসন অসি নহাশিংগী মংলানগীনি। মসি লৈবাক অসিগী ইচে–ইচলশিং অমসুং ইচানুপীশিংগী এস্পিরেসন্নি। মসিগী এস্পিরেসন অসি লৈবাক অসিগী লায়রবা, শোত্থরবা, বেকৱার্দ, ত্রাইবেলশিংগীদমক্তনি।”

প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি মদুদি মীওই কয়া অমা মখোয় অমসুং মখোয়গী মচানুপীশিংগী মপুন্সি কন্নবগীদমক পাকিস্তানদগী ভারত্তা চেল্লক্লি।

মহাক্না মখা তানা হায়খি মদুদি লৈবাক মীয়াম পুম্নমক্কী পুক্নিংদা ৱাহং অমা লৈরি মদুদি মীয়াম্না পাকিস্তানগী মায়োক্তা ঙাংবগী মহুৎতা অসিগুম্লবা মীওইশিংগী মায়োক্তা করিগীদমক য়ানীংদবা ফোংদোক্লিবনো।

ভারতকী পার্লিয়ামেন্তকী মায়োক্তা য়ানীংদবা ফোংদোকখিবা মীওইশিং অদুগীদমক্তা প্রধান মন্ত্রীনা হায়খি, “করিগুম্বা নখোয়না য়ানীংদবা ফোংদোক্কে হায়রবসু হৌখিবা চহী ৭০দা পাকিস্তান্না চত্থখিবা ওৎ–নৈখিবশিং অদুগী মায়োক্তা য়ানীংদবা ফোংদোকউ। হৌজিক দরকার ওইরিবা অসি অন্তরজাতিগী থাক্তা পাকিস্তানগী থৌওং অসি খংহনবনি। করিগুম্বা নহাক্না খোংজেল হৌনা য়ানীংদবা ফোংদোক্কে হায়রবসু পাকিস্তানদা মাইনোরিতীশিংবু ওৎ–নৈরিবা অদুগা মরী লৈননা খোংজেল হৌনা য়ানীংদবা ফোংদোকউ। করিগুম্বা নহাক্না প্রোসেসন চৎকে হায়রবসু পাকিস্তানদগী ওৎপী–নৈবিরক্লবা হিন্দু–দলিৎ–ভিক্তিমশিংবু সপোর্ত তৌদুনা প্রোসেসন চৎপীয়ু।”   

প্রধান মন্ত্রীনা ৱারেপ ৩দা সন্ত সমাজতগী অচেৎপা সপোর্ত নিখি।

অহানবদা, মীপুম খুদিংমক্কী থৌদাংশিংদা মরুওইবা পীদুনা ভারতকী লীরবা সংস্কৃতিবু হেন্না চেৎশিলহনবা।

অনিশুবদা, মহৌশা অমসুং অকোইবগী ফিভমবু ঙাক্তুনা থম্বা।

অমসুং অহুমশুবদা, ৱাতর কঞ্জার্বেসন অমসুং ৱাতর হার্বেস্তিংগীদমক পব্লিক এৱার্নেসতা মতেং পাংবা।

মহাক্না হায়খি মদুদি ভারতনা মতম পুম্নমক্তা লাইনীংবশিং, মুনিশিং অমসুং গুরুশিংবু অচুম্বা লম্বীগীদমক মৈরী থাউমৈ ওইনা উদুনা লাক্লি।  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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नमस्कार साथियों!

कल राष्ट्रपति जी का उद्बोधन 140 करोड़ देशवासियों के आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति था, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ का लेखा-जोखा था और 140 करोड़ देशवासी और उसमें भी ज्यादातर युवा, उनके एस्पिरेशन को रेखांकित करने का बहुत ही सटीक उद्बोधन, सभी सांसदों के लिए कई मार्गदर्शक बातें भी, कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सदन में सबके सामने रखी हैं। सत्र के प्रारंभ में ही और 2026 के प्रारंभ में ही, आदरणीय राष्ट्रपति जी ने सांसदों से जो अपेक्षाएं व्यक्त की हैं, उन्होंने बहुत ही सरल शब्दों में राष्ट्र के मुखिया के रूप में जो भावनाएं व्यक्त की हैं, मुझे पूरा विश्वास है कि सभी माननीय सांसदों ने उसको गंभीरता से लिया ही होगा और यह सत्र अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है, 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है, यह दूसरी चौथाई का प्रारंभ हो रहा है, और 2047 विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह महत्वपूर्ण 25 वर्ष का दौर आरंभ हो रहा है और यह दूसरे क्वार्टर का, इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का यह पहला बजट आ रहा है और वित्त मंत्री निर्मला जी, देश की पहली वित्त मंत्री ऐसी हैं, महिला वित्त मंत्री ऐसी हैं, जो लगातार 9वीं बार देश के संसद में बजट प्रस्तुत करने जा रही है। यह अपने आप में एक गौरव पल के रूप में भारत के संसदीय इतिहास में रजिस्टर हो रहा है।

साथियों,

इस वर्ष का प्रारंभ बहुत ही पॉजिटिव नोट के साथ शुरू हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हिंदुस्तान आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है, आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय यूनियन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है, उसकी एक झलक है। यह फ्री ट्रेड फॉर एंबिशियस भारत है, यह फ्री ट्रेड फॉर एस्पिरेशनल यूथ है, यह फ्री ट्रेड फॉर आत्मनिर्भर भारत है और मुझे पक्का विश्वास है, खास करके जो भारत के मैन्युफैक्चरर्स हैं, वे इस अवसर को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। और मैं सभी प्रकार के उत्पादकों से यही कहूंगा कि जब भारत यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑल डील्स जिसको कहते हैं, वैसा समझौता हुआ है तब, मेरे देश के उद्योगकार, मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स, अब तो बहुत बड़ा बाजार खुल गया, अब बहुत सस्ते में हमारा माल पहुंच जाएगा, इतने भाव से वो बैठे ना रहे, यह एक अवसर है, और इस अवसर का सबसे पहले मंत्र यह होता है, कि हम क्वालिटी पर बल दें, हम अब जब बाजार खुल गया है तो उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के बाजार में जाएं और अगर उत्तम से उत्तम क्वालिटी लेकर के जाते हैं, तो हम यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के खरीदारों से पैसे ही कमाते हैं इतना ही नहीं, क्वालिटी के कारण से उनका दिल जीत लेते हैं, और वो लंबे अरसे तक प्रभाव रहता है उसका, दशकों तक उसका प्रभाव रहता है। कंपनियों का ब्रांड देश के ब्रांड के साथ नए गौरव को प्रस्थापित कर देता है और इसलिए 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता, हमारे देश के मछुआरे, हमारे देश के किसान, हमारे देश के युवा, सर्विस सेक्टर में जो लोग विश्व में अलग-अलग जगह पर जाने के उत्सुक हैं, उनके लिए बहुत बड़े अवसर लेकर के आ रहा है। और मुझे पक्का विश्वास है, एक प्रकार से कॉन्फिडेंस कॉम्पिटेटिव और प्रोडक्टिव भारत की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है।

साथियों,

देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की यह पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। और अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं, बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं, इस रिफॉर्म एक्सप्रेसवे को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति को लगा रहे हैं और उसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को भी लगातार गति मिल रही है। देश लॉन्ग टर्म पेंडिंग प्रॉब्लम अब उससे निकल करके, लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के मार्ग पर मजबूती के साथ कदम रख रहा है। और जब लॉन्ग टर्म सॉल्यूशंस होते हैं, तब predictivity होती है, जो विश्व में एक भरोसा पैदा करती है! हमारे हर निर्णय में राष्ट्र की प्रगति यह हमारा लक्ष्य है, लेकिन हमारे सारे निर्णय ह्यूमन सेंट्रिक हैं। हमारी भूमिका, हमारी योजनाएं, ह्यूमन सेंट्रिक है। हम टेक्नोलॉजी के साथ स्पर्धा भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी को आत्मसात भी करेंगे, हम टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को स्वीकार भी करेंगे, लेकिन उसके साथ-साथ हम मानव केंद्रीय व्यवस्था को जरा भी कम नहीं आकेंगे, हम संवेदनशीलताओं की महत्वता को समझते हुए टेक्नोलॉजी की जुगलबंदी के साथ आगे बढ़ने के व्यू के साथ आगे सोचेंगे। जो हमारे टिकाकार रहते हैं साथी, हमारे प्रति पसंद ना पसंद का रवैया रहता है और लोकतंत्र में बहुत स्वाभाविक है, लेकिन एक बात हर कोई कहता है, कि इस सरकार ने लास्ट माइल डिलीवरी पर बल दिया है। योजनाओं को फाइलों तक नहीं, उसे लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। और यही हमारी जो परंपरा है, उसको हम आने वाले दिनों में रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म के साथ आगे बढ़ाने वाले हैं। भारत की डेमोक्रेसी और भारत की डेमोग्राफी, आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी उम्मीद है, तब इस लोकतंत्र के मंदिर में हम विश्व समुदाय को भी कोई संदेश दें, हमारे सामर्थ्य का, हमारे लोकतंत्र के प्रति समर्पण का, लोकतंत्र की प्रक्रियाओं के द्वारा हुए निर्णय का सम्मान करने का यह अवसर है, और विश्व इसका जरूर स्वागत भी करता है, स्वीकार भी करता है। आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान के माध्यम से रोते बैठने का नहीं है, आज हिम्मत के साथ समाधानकारी निर्णयों का कालखंड है। मैं सभी माननीय सांसदों से आग्रह करूंगा कि वे आएं, राष्ट्र के लिए आवश्यक समाधानों के दौर को हम गति दें, निर्णयों को हम शक्ति दें और लास्ट माइल डिलीवरी में हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ें, साथियों आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।