“সিম্বলদা ভারত অসি ময়েক শেংনা উজরবসু মাগী লৌশিং অমসুং ৱাখল্লোন্দা হিংলি। ভারতনা মুৎনাইদ্রবা লম্বীদা চৎনবা মাগী খোঙচৎতা হিংলি”
“ঐখোয়গী মন্দিরশিং অমসুং তীর্থ য়াত্রাশিংনা চহিচা কয়াদগী ঐখোয়গী খুন্নাইগী ভেল্যু অমসুং চাউখৎনবগী খুদমশিং ওইদুনা লাকখি”

খুরুমজরি,

ত্রিশুরপুরম কুহ্মৈগী থৌরমদা কেরলা অমসুং ত্রিশুরগী ঐগী ইচিন-ইনাওশিং অমসুং ইচল-ইচেশিং ঐনা তরাম্না ওকচরি। ত্রিশুর অসি কেরলাগী নাৎকী কোনুং ওইনা খঙনরি। নাৎ লৈবা মফমদা, চৎনবীশিং লৈ, কলাসু লৈ। মফম অদুদা লাইনিংগী ৱাখল্লোন অমসুং ৱাঙুলোলসু লৈ। কুহ্মৈশিং পাংথোকপা মফমদা হরাওবা লৈ। ত্রিশুরনা মসিগী হেরিতেচ অমসুং শক্তম অসি হিংহনবগীদমক ঐ হরাওই। চহি কয়া হিরম অসিদা শ্রী সীতারম শ্বামী লাইশঙ মরুওইবা মফম অমা ওইনা থবক তৌদুনা লাক্লি। ঐনা হায়রি মদুদি ময়াম পুম্নমক্না মসিগী লাইশঙ অসি হেন্না শেংহল্লে অমসুং পাকথোক-চাউথোকহল্লে। সনানা য়োম্লবা সেঙ্কতম অসিসু ভাগবান শ্রীসীতারাম , ভাগবান অয়াপ্পা অমসুং ভাগবান সিবাদা কৎথোক্লে।

মরুপশিং,

মফম অসিদা শ্রী সীতারাম অমসুং শ্রী হনুমান লৈরমদ্রবদি, হৌজিক উরিবা অসি অমতা লৈরম্লোই। মরম অদুনা হৌজিক ফিত ৫৫ ৱাংবা হনুমান জিগী অচৌবা মীতম অসিনা ভক্তশিংদা মহাক্কী থৌজাল হৈথরগনি। ভক্তশিংদা ঐনা কুম্ভবিসেকমগী য়াইফ-পাউজেল পীজরি। মরুওইনা, ঐনা শ্রী তি.এস কলয়ানরামান জি অমসুং কলয়ান ইমুং-ইমুংগী মীওই খুদিংমক থাগৎপা পাম্মী। চহি কয়াগী মমাঙদা অদোম্না গুজরাত্তা ঐ উনবা লাকখিবা অদু ঐনা নিংশিংলি অমসুং লাইশঙ অসিগী মতাংদা অকুপ্পা ৱাফম কয়া অদোম্না ঐঙোন্দা হায়খি। ঙসি, ভাগবান শ্রী সীতারাম জিলগী থৌজালদগী,  ঐ শেংলবা থৌরম অসি শরুক য়াবা ফংজরে। পুক্নিং, ৱাখল অমসুং থম্মোয় য়াওনা, লাইশঙ অসিদা অদোমগী মরক্তা য়াওবগুম্না ঐ ফাওরে অমসুং ঐ থৌজালসু ফংলে।  

ত্রিশুর অমসুং শ্রীসীতারাম লাইশঙ অসি লাইনিংগী মরুওইবা মফম অমা ওইবতা নত্তনা, মখোয় ভারতকী অপুনবা ৱাখল্লোন অমসুং থৱায়গী মমিসুনি। ময়াইথংবা যুগতা মপান লৈবাকশিংদগী লান্দারকপশিংনা ঐখোয়গী লাইশঙশিং মাঙহনবা মতমদা, মখোয়না ভারতকী শক্তম থুগাইগনি হায়না মখোয়না খনখি। অদুবু ভারত অসি খুদম ওইনা লৈবনি, অদুবু ভারত্তি লৌশিংদা লৈবনি হায়না মখোয়না খঙখিদে। অচুম্বা ৱাখল্লোনদা ভারতনা মাইপাকখি। নুঙগী ৱাখল্লোন্দা ভারত হিংখি। মরম অদুনা, মতম অদুদা খুদোংচাদবা অৱাবা কয়া মায়োক্নরবা মতুংদা ঙসি ফাওবা ভারত হিংলিবনি। মরম অদুনা মফম অসিদা শ্রী সীতারাম শ্বামী অমসুং ভাগবান অয়াপ্পগী শক্তম লৈরি, ভারতকী মশক অমসুং ভারতকী থৱায় শিবা নাইদনা লৈরি। চহিচা কয়া মমাঙগী খুদোংথিবা থৌদোকশিং অদু থেংনরবসু, মতম অদুদগী হৌনা হায়রিবা লাইশঙ অসি লৈরকখি, ‘এক ভারত শ্রেস্থা ভারত’কী ৱাখল্লোন অসি চহি লিশিং কয়াগী শিবা নাইদ্রবা ৱাখল্লোন্নি হায়না মখোয়না তাক্লে। ঙসি, নিংতম্বগী অমৃত কাল অসিদা ঐখোয়গী হেরিতেচগীদমক চাউথোকচনবা ৱাশক অমা লৌদুনা মসিগী ৱাখল্লোন অসি ঐখোয়না মাঙলোমদা পুখৎলি।

মরুপশিং,

ঐখোয়গী লাইশঙশিং, ঐখোয়গী লাইফমশিং, চহিচা কয়া ঐখোয়গী খুন্নাইগী গুনশিং অমসুং নুংঙাই-য়াইফবগী খুদমশিং ওইদুনা লাক্লি। অরিবা ভারতকী ফজবা অমসুং চিংলেম্বশিং শ্রী সীতারাম শ্বামী লাইশঙনা ঙাক্তুনা থম্লকপদা ঐ হরাওই। মীয়ামদগী ফংলকপা লন-থুমশিং মীয়ামদা অমুক কৎথোকপগী চৎনবী অমা লৈখি, হায়রিবা লাইশঙশিংগী চৎনবীশিং অদু অদোমদা ঙাক্তুনা লাক্লি। লাইশঙ অসিনা মীয়ামগী য়াইফ-থৌরাংগী থবক কয়া পায়খৎলি হায়বা ঐ খঙলে। হায়রিবা থবকশিং অসি লৈবাক্কীদমক খর হেন্না পাংথোকপা ঐ পাম্মী। শ্রী অন্ন অভিয়ান, শ্বাছ ভারত কেম্পেন নত্ত্রগা মহৌশাগী লৌউ পথাপকী মতাংদা অদোম্না থবক হেন্না পাংথোক্কনি। ময়াম পুম্নমক্তা মখা শ্রী সীতারামগী থৌজাল পীগনি হায়না ঐনা থাজৈ অমসুং লৈবাক্কীদমক ঐখোয়না মখা তানা থবক তৌগনি। শেংলবা থৌরম অসিদা ময়াম পুম্নমক ঐনা অমুক হন্না থাগৎচরি।

অদোম থাগৎচরি!

 

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Today’s projects will further strengthen the logistics system of Eastern India: PM Modi in Kolkata, West Bengal
March 14, 2026
These initiatives will boost connectivity and improve the quality of life for people: PM
Today, a vigorous nationwide campaign to modernise railways is underway, and we are determined that West Bengal should not be left behind in this effort: PM
The central government is rapidly expanding the railway infrastructure in West Bengal: PM
Ports like Kolkata and Haldia have long been major centers of trade in Eastern India: PM
Mechanisation at the Haldia Dock Complex will speed up cargo operations, enhance port capacity and strengthen trade facilities: PM

राज्यपाल श्रीमान आर एन रवि जी, केंद्र में मेरे सहयोगी शांतनु ठाकुर जी, सुकांता मजूमदार जी, पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी जी, संसद में मेरे साथी शॉमिक भट्टाचार्य जी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों,

 आज कोलकाता की धरती से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। सड़क, रेलवे और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, इनसे जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक, 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। यह प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत को नई रफ्तार देंगे, इनसे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, लाखों लोगों का जीवन आसान होगा, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, खड़गपुर–मोरेग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के अनेक हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। दुबराजपुर बाईपास, कांग्सावती, शीलावती नदियों पर बनने वाले बड़े पुल और इनसे भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल समेत पूरे पूर्वी भारत के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। 

साथियों,

आज देश में रेलवे को आधुनिक बनाने का तेज अभियान चल रहा है। हमारा यह संकल्प है कि पश्चिम बंगाल इस अभियान में पीछे न रहे! इसलिए, केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेज विस्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। आज कलाईकुंडा और कानिमहुली सेक्शन में ऑटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इनसे व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी, यात्रा सुरक्षित होगी, साथ ही, यात्रियों के लिए स्पीड और सुविधा भी बढ़ेगी।

साथियों,

आज कामाख्या गुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी, इन छह स्टेशनों का अमृत स्टेशन के तौर पर उद्घाटन हुआ है। हमारे बंगाल की महान संस्कृति की झलक अब इन स्टेशनों पर और भी निखर कर आ रही है। अभी यहां कई और स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। पुरुलिया और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इस ट्रेन सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लोगों को भी मिलेगा।

साथियों,

सड़क और रेल कनेक्टिविटी जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम भूमिका पोर्ट और वाटर ट्रांसपोर्ट भी निभाते हैं। दशकों तक, पूर्वी भारत के इस सामर्थ्य की बड़ी उपेक्षा हुई है। लेकिन, आज वॉटरवेज व्यापार और औद्योगिक प्रगति के नए रास्ते खोल रहे हैं। इसी दिशा में, आज पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अहम परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ। कोलकाता और हल्दिया जैसे बंदरगाह लंबे समय से पूर्वी भारत में व्यापार के प्रमुख केंद्र रहे हैं। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स, इसका मशीनीकरण हो रहा है। इससे कार्गो ऑपरेशन और तेज होगा, बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार के लिए नई सुविधाएं तैयार होंगी। कोलकाता डॉक सिस्टम में बास्कुल ब्रिज का रिनोवेशन भी किया जा रहा है। खिदिरपुर डॉक में कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने पर भी हमारा जोर है। इन सभी परियोजनाओं से पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक सिस्टम और मजबूत होगा।

साथियों,

सड़क, रेल और पोर्ट से जुड़ी नई-नई परियोजनाएं, यह पश्चिम बंगाल के आधुनिक भविष्य के लिए नया रास्ता खोल रही हैं। इसका फायदा किसान, व्यापारी, उद्यमी, स्टूडेंट्स, हर किसी को मिलेगा। पर्यटन जैसे सेक्टर्स में भी नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय उद्योग और सेवाओं को गति मिलेगी। हमारा संकल्प है, बंगाल ने हमेशा जिस तरह भारत को दिशा दिखाई है, बंगाल एक बार फिर ‘विकसित बंगाल’ बनकर उस गौरव को हासिल करे। मुझे पूरा विश्वास है, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यह विकसित बंगाल की बुनियाद बनेंगे। इसी कामना के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को इन विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अब यह सरकारी कार्यक्रम पूरा होते ही मैं जरा खुले मैदान में जाऊंगा, वहां पूरा बंगाल आज इकट्ठा हुआ है, मुझे पूरे बंगाल के दर्शन होने वाले हैं और बहुत महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा बंगाल की जनता जनार्दन के बीच में करूंगा। इस कार्यक्रम में इतना काफी है।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

बहुत-बहुत शुभकामनाएं!