To protect Jharkhand's identity, a BJP government is necessary: PM Modi in Gumla

Published By : Admin | November 10, 2024 | 16:21 IST
To stop infiltration, for employment of the youth, to save the identity of Jharkhand, women's safety, BJP government is required: PM Modi in Gumla
BJP made Jharkhand the centre of big schemes. Earlier, schemes were started from Delhi, now many schemes have been started from Jharkhand: PM Modi

जोहार,

झारखंड के हमरे आदिवासी-सदान भाई-बहिन// माय मन के जोहार ! जय श्री राम !

इस धरती पर माता अंजना का, वीर बजरंग बली का आशीर्वाद है। मुझे यहां आप सभी जनता-जनार्दन के दर्शन का सौभाग्य मिला है।

साथियों,

इस चुनाव में मुझे जहां-जहां जाने का अवसर मिला है। हर रैली पहले वाली रैली के रिकॉर्ड तोड़ देती है। यहां मेरी नजर जहां-जहां पहुंच रही है, लोग ही लोग हैं। और इन्होंने वहां पर सीमा का एक कर्टन बनाया है, उसके पीछे इतने ही लोग हैं। शायद उन तक मेरी आवाज भी नहीं पहुंचती होगी। इसके बावजूद इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आए हैं। ये साफ-साफ बताता है, हवा का रुख क्या है। मैं आपसे झारखंड में भाजपा-NDA सरकार के लिए आशीर्वाद मांगने आया हूं। और मैं देख रहा हूं, यहां हर तरफ, पूरे झारखंड के हर कोने में माता हो, बहन हो, नौजवान हो, किसान हो, मजदूर हो, गांव से हो, शहर से हो, एक ही आवाज है- रोटी-बेटी और माटी की पुकार, झारखंड में भाजपा-NDA सरकार। रोटी-बेटी और माटी की पुकार...रोटी-बेटी और माटी की पुकार...। झारखंड में घुसपैठ रोकने के लिए यहां भाजपा सरकार चाहिए। झारखंड की पहचान को बचाने के लिए यहां भाजपा सरकार चाहिए। नौजवानों को नौकरी मिले, महिलाओं को सुरक्षा मिले, इसके लिए यहां भाजपा सरकार चाहिए।

साथियों,

आज आदिवासी, ओबीसी और दलितों की पहली पसंद भाजपा है, NDA है। जब अटल जी के नेतृत्व में दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी तो हमने झारखंड और छत्तीसगढ़ नए राज्य बनाए। हमने जनजातीय समाज के लिए अलग मंत्रालय बनाया। 2014 में जब आपने मुझे सेवा का अवसर दिया, तबसे अनेक ऐतिहासिक काम आपके कल्याण के लिए, आपके बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए हम करते रहे हैं। (मैं यहां देख रहा हूं एक छोटा सा बच्चा बढ़िया सा चित्र बनाकर लाया है, और कब से उसके हाथ ऊपर हैं। और देखिए, दो-तीन बेटियां बहुत बढ़िया-बढ़िया चीजें बनाकर लाई है। मैं जरा सिक्योरिटी...अच्छा देखिए बच्चा एक काम करेंगे मेरा, पीछे अपना नाम-पता लिख दीजिए, मैं आपको चिट्ठी लिखूंगा। इसके पीछे अपना नाम-पता लिख दीजिए। मैं इस पर जरूर आपको चिट्ठी लिखूंगा। आप इतने प्यार से इतने बढ़िया-बढ़िया चित्र बना कर के लाए हैं, संदेश लिख कर के लाए हैं। मैं इसके लिए आपका बहुत आभारी हूं। और मेरी तरफ से आपको बहुत-बहुत आशीर्वाद देता हूं। नाम-पता लिख देना बेटे। बोलिए... भारत माता की, भारत माता की, भारत माता की।)

झारखंड के मेरे भाई-बहनों,

ये हमारी सरकार है, जिसने धरती आबा बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया है। इस बार तो उनकी डेढ़ सौवीं जन्मजयंति है। 15 नवंबर से आने वाले एक साल तक हम देश के हर कोने में इसे जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाने जा रहे हैं। हमने यहां की संतान, परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट इक्का जी के नाम पर अंडमान में एक द्वीप का भी नाम रखा है। आज पूरी दुनिया से लोग वहां जाते हैं, तो अल्बर्ट इक्का जी के शौर्य को नमन करते हैं।

साथियों,

राजनीति में आने से पहले मेरे जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा मेरे आदिवासी भाई-बहनों के बीच गुजरा। आदिवासी भाई-बहनों की प्रतिभा, उनके परिश्रम, उनकी ईमानदारी, उनके नेतृत्व की क्षमता इसे मैं भलीभांति जानता हूं, मैं इसका कायल रहा हूं। यही वजह है कि आज भाजपा की सरकारों में बड़ी संख्या में आदिवासी मंत्री हैं। देश के अनेक राज्यों में राज्यपाल मेरे आदिवासी भाई-बहन हैं। सबसे बड़ी बात भाजपा-एनडीए ने ही द्रौपदी मुर्मू जी को देश की राष्ट्रपति बनाया है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना है कि कांग्रेस का द्रौपदी मुर्मू जी के साथ कैसा व्यवहार रहा है। कांग्रेस ने आदिवासी बेटी को राष्ट्रपति चुनाव में हराने के लिए पूरा दम लगा दिया। आज भी कांग्रेस के लोग माननीय राष्ट्रपति जी का अपमान करने से बाज नहीं आते। सच्चाई यही है कि कांग्रेस और उसके साथी आदिवासी संतानों को ऊंचाई पर देख ही नहीं सकते। यहां झारखंड में अभी जो हमारे चंपई सोरेन जी के साथ किया गया वो भी इसी कांग्रेसी सोच का नतीजा है।

साथियों,

JMM-कांग्रेस ने झारखंड को हमेशा पिछड़ा रखा। लेकिन भाजपा-NDA ने झारखंड को देश के विकास से जुड़ी बड़ी-बड़ी योजनाओं का केंद्र बनाया। पहले दिल्ली से योजनाओं की शुरुआत होती थी। हमने झारखंड की भूमि से, धरती आबा की भूमि से देश के लिए अनेक बड़ी-बड़ी योजनाओं की शुरुआत की। हमने झारखंड में बिना गारंटी के ऋण देने वाली मुद्रा योजना, दिल्ली से नहीं दुमका से शुरु की थी। हमने 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान योजना दिल्ली से नहीं बल्कि झारखंड से लॉन्च की। अब तो हमने हर परिवार के 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों का भी मुफ्त इलाज शुरु कर दिया है। और मैं आप सबको कहता हूं आप किसी भी समाज में पैदा हुए हों, कितनी ही आय हो, शहर के हों, गांव के हों, आपके परिवार में 70 साल से ऊपर के जो भी लोग हैं, आपके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी अगर उनको इलाज की जरूरत पड़े, आपको खर्च करने की चिंता नहीं रहेगी। यह उनका बेटा दिल्ली में बैठा है, वह करेगा।

साथियों,

पिछले साल 15 नवंबर को मैं धरती आबा बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू गया था। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं जिसको ये अवसर मिला है। वहां हमने एक बहुत बड़ी योजना, पीएम जनमन अभियान की शुरुआत की। ये अबूझमाड़िया, बैगा, बिरहोर, कमार, पहाड़ी कोरवा, भुंजिया, पंडो… ऐसी छोटे-छोटे समूह वाली जनजातियों के विकास के लिए है, जो सबसे पिछड़ी हुई हैं। किसी ने उनकी तरफ देखा नहीं। जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है। पिछले महीने ही मैं हज़ारीबाग भी आया था। वहां से मैंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की शुरुआत की। इससे गुमला-लोहरदगा-सिमडेगा सहित, देशभर के 60 हज़ार से अधिक गांवों का कायाकल्प होने वाला है। इन आदिवासी गांवों में भाजपा सरकार करीब 80 हज़ार करोड़ रुपए खर्च करने वाली है। कहीं किसी को पक्का आवास मिलेगा, गांव की सड़कें अच्छी होंगी, नालियां बनेंगी, नहरें बनेंगी, अच्छे स्कूल-अस्पताल बनेंगे। यहां के बच्चों के लिए ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे। ये आपके बच्चों का भविष्य बनाएंगी, आपका भी भविष्य बनाएंगी।

साथियों,

भाजपा-NDA की सरकार, सबका साथ-सबका विकास के मूलमंत्र पर चल रही है। इसी रास्ते पर चलकर, झारखंड विकसित होगा, भारत भी विकसित होगा। लेकिन JMM-कांग्रेस के इरादे कुछ अलग हैं। कांग्रेस जानती है कि आदिवासी-ओबीसी-दलित बाहुल्य वाले राज्यों में वो इसलिए खत्म हो गई क्योंकि वहां ये समाज एकजुट हो गया। इसलिए कांग्रेस का शाही परिवार हमारे दलित समाज में, हमारे SC समाज की एकता को, हमारे आदिवासी समाज, हमारे ST समाज की एकता को, हमारा OBC समाज, हमारे OBC समाज की एकता को तोड़ना चाहता है। ये लोग SC/ST/OBC को मिला आरक्षण छीनना चाहते हैं। इस क्षेत्र में देखिए, हमारे आदिवासी समाज में कितनी ही जातियां हैं, यहां उरांव, धनगर हैं... मुंडा, पातर है... लोहरा हैं... खड़िया जनजातियां हैं... चिक बराइक हैं... महली हैं... असुर, अगड़िया हैं... नगेसिया-किसान हैं... खरवार हैं... कोरवा हैं... ऐसे दर्जनों छोटे बड़े आदिवासी समाज यहां रहते हैं। इनकी आवाज़ में तभी दम रहेगा, जब ये ST के रूप में, आदिवासी के रूप में एकजुट रहेंगे। लेकिन कांग्रेस चाहती है उरांव, मुंडा से लड़े और कमजोर हो जाएं। कांग्रेस-JMM, लोहरा को खड़िया से लड़ाना चाहती है। ये लोग, चिक बराइक और महली को आपस में लड़ाना चाहते हैं। असुर को नगेसिया से लड़ाना चाहते हैं। तो खरवार की लड़ाई कोरवा से करवाना चाहते हैं। ये कांग्रेस का एजेंडा है, ताकि आदिवासी समाज की सामूहिक ताकत खत्म हो जाए। सब जातियों में बिखर जाए, टुकड़े-टुकड़े हो जाए। आप मुझे बताइए साथियों, आप जातियों में टूटेंगे, तो आदिवासियों की ताकत कम होगी कि नहीं होगी? जरा हाथ ऊपर करके ताकत से बताइए, कम होगी कि नहीं होगी? कम होगी कि नहीं होगी? कम होने देंगे? कम होने देंगे? और इसीलिए, मैं कहता हूं- एक हैं तो सेफ हैं। एक रहेंगे तो... एक रहेंगे तो... एक रहेंगे तो...।

साथियों,

JMM-कांग्रेस को आप लोगों के सुख और सुविधा से कोई लेना-देना नहीं हैं। ये अपनी ही तिजोरियां भरने में मस्त हैं। आपने तो कांग्रेस के, JMM के नेताओं, मंत्रियों के नोटों के पहाड़ देखे हैं। मैं प्रधानमंत्री बन गया ना, मैं मुख्यमंत्री भी था लेकिन मेरी जिंदगी में मैंने कभी अपनी आंखों से नोटों के इतने बड़े पहाड़ नहीं देखे थे। मैंने पहली बार टीवी पे इतना बड़ा नोटों का पहाड़ देखे और यह भी चोरी का माल, लूट का माल, आपका पैसा, झारखंड के गरीबों का पैसा। इतने नोट निकले, इतने नोट निकले कि मशीनें भी गिनते-गिनते थक गईं। मेरे भाई-बहन यह पैसा आपका पैसा है, इसके मालिक आप हैं। और मोदी आपके पैसों को लूटने नहीं देगा। जिन्होंने लूटा है उन्हें लौटाना पड़ेगा ही। और खुद की जिंदगी जेल में गुजारनी पड़ेगी। कांग्रेस-JMM वाले झारखंड में नदी, नाला, पहाड़, सबकुछ बेचने में जुटे हैं। JMM-कांग्रेस के नेताओं ने तो बालू की तस्करी करके, अपने महल खड़े कर दिए हैं। ये लोग तो जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र में भी घूस ले रहे हैं। क्या ऐसे लोगों को माफ करोगे भाई? कोई माफ करेगा क्या? इन्होंने आपका जो पानी का नल लगना था, वो भी लूट लिया। मैंने मेरे देश के गरीब लोगों के लिए मुफ्त चावल की योजना शुरु की। इन्होंने गरीबों के राशन में भी घोटाला कर दिया। और आपकी थाली में से आपके बच्चों की थाली में से चावल चुरा लिया मेरे भाई-बहन। ऐसे लोग है जो चावल चुरा गए हैं। JMM-कांग्रेस ने राशन लूटा, पानी लूटा, बालू लूटा, कोयला लूटा... रोटी-बेटी-माटी हर चीज़ को, जीवन के हर पहलू को इन्होंने तबाह कर दिया है।

साथियों,

JMM-कांग्रेस के इस भ्रष्टतंत्र का सबसे ज्यादा नुकसान, यहां बहुत बड़ी मात्रा में मेरे नौजवान, मैं देख रहा हूं ये नौजवानों का नुकसान, ये जेएमएम कांग्रेस वालों ने सबसे ज्यादा किया है। बीते 5 साल में झारखंड में कोई ऐसा एक्जाम नहीं, कोई ऐसा पेपर नहीं है, जो लीक नहीं हुआ है। ऐसी कोई सरकारी भर्ती नहीं है, जिसमें धांधली ना हुई हो। लेकिन झारखंड के मेरे नौजवान साथियों, आप आश्वस्त रहिए। मोदी बैठा है। भाजपा-NDA सरकार इनके हर भ्रष्टाचार का हिसाब चुकता करेगी।

साथियों,

भाजपा-NDA की सरकार ने बीते 10 सालों में छोटे किसानों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। आज़ादी के इतिहास में पहली बार किसानों के खाते में सीधा पैसा पहुंचा है। गुमला के किसानों के खाते में ही, पीएम किसान सम्मान निधि के करीब-करीब 500 करोड़ पहुंचे हैं। साथियों, ये हमारे झारखंड में तो रागी, रागी का उत्पादन, रागी जैसा श्रीअन्न उगाया जाता है। आने वाला समय रागी किसानों के लिए अनेक अवसर लेकर के आ रहा है। हम श्रीअन्न के रूप में पूरी दुनिया में रागी की उपज को पहुंचाने जा रहे हैं। और आपको खुशी होगी, मेरी पिछली जब सरकार थी तो अमेरिका के राष्ट्रपति जी ने वाइट हाउस में भोजन रखा था और मुझे निमंत्रण दिया था। पूरे अमेरिका के बड़े-बड़े दिग्गज लोग वहां थे और खाने में क्या परोसा आपको मालूम है। खाने में यह हमारी रागी परोसी गई थी रागी। हमारे देश का मोटा अनाज जिसको कहते हैं वो श्रीअन्न परोसा गया था। झारखंड भाजपा ने किसानों के लिए जो घोषणाएं की है वह बहुत ही प्रशंसनीय है और इसलिए मैं झारखंड बीजेपी के नेताओं को बधाई देता हूं आपके निर्णय के लिए। कुछ समय पहले ही उड़ीसा में भाजपा सरकार बनी है। एक हमारा आदिवासी भाई वहां मुख्यमंत्री बना है। वहां हमने धान किसानों और आदिवासियों की वन उपज को लेकर जो घोषणाएं की थी वह सारी घोषणाएं इतने कम समय में हमने पूरी कर दी, वादा निभा दिया दोस्तों। 23 नवंबर के बाद झारखंड में भी भाजपा-एनडीए सरकार सभी गारंटी को पूरा करेगी, यह मेरी गारंटी है।

साथियों,

भारत तभी विकसित होगा जब हमारी नारी शक्ति विकसित होगी। नारी शक्ति का विकास होगा। यही बात झारखंड की माताओं-बहनों-बेटियों के लिए भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हमने देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का बहुत बड़ा अभियान शुरु किया है। पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि कोई बहन-बेटी-मां लखपति बन जाए। मोदी सोचता है। मेरे गांव की तीन करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बने यह मेरा सपना है। और मुझे खुशी है कि जब से मैंने अभियान शुरू किया है एक करोड़ ऐसी लखपति दीदी हम बना चुके हैं जो हर वर्ष एक लाख रुप से ज्यादा कमाती है। और मुझे खुशी है कि इनमें मेरे झारखंड की भी अनेक बहनें हैं। इन बहनों के समूहों को भाजपा एनडीए सरकार अलग-अलग काम के लिए पैसा दे रही है। हमारे इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड भाजपा ने भी गोगो दीदी योजना, गोगो दीदी योजना इसका ऐलान किया है। गोगो दीदी योजना के तहत हर महीने बहनों के खाते में हजारों रुपए जमा होने वाले हैं।

साथियों,

झारखंड देशभक्तों की भूमि है। आज़ादी की लड़ाई से लेकर आज सीमा पर देश की सुरक्षा तक, झारखंड के वीर-वीरांगनाओं ने अग्रणी भूमिका निभाई है। ये शहीद अल्बर्ट इक्का, तेलंगा खड़िया, बख्तर साय और मुंडल सिंह जैसे महापुरुषों की धरती है। ऐसी प्रेरणाओं से भरा झारखंड 25 साल का हो रहा है। अगले 5 वर्षों में हमें आने वाले 25 साल की नींव मजबूत करनी है। इसके लिए यहां भाजपा-NDA की मज़बूत और स्थिर सरकार ज़रूरी है। भाजपा-आजसू-JDU-LJP के सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाना है। आपका एक-एक वोट, विकसित झारखंड-विकसित भारत के निर्माण को गति देगा। मैं फिर एक बार आपसे एक प्रार्थना करना चाहता हूं। मेरा काम करेंगे? हाथ ऊपर करके बताएंगे करेंगे? पक्का करेंगे? देखिए, यह मोदी तो दिल्ली में रहता है लेकिन मेरे लिए तो आप सब मोदी हैं तो मेरा एक काम करोगे? बताइए फिर से करोगे? देखिए इस चुनाव में आप जहां भी जाएं मोहल्ले में जाएं, बूथ में जाएं, गांव में जाएं, गली में जाएं, कहीं पर भी आपको कोई परिवार झोपड़ी में रहता है या कोई परिवार कच्चे घर में रहता है तो उसका नाम-पता लिख लीजिए और वह मुझे भेज दीजिए। और उस परिवार को कह देना कि मोदी ने मुझे मोदी बनाया है। अब तुझे पक्का घर मिलेगा मैं मोदी की तरफ से वादा करके आता हूं। करेंगे? आप वादा करेंगे ना मैं निभाऊंगा आपको कहता हूं क्योंकि मेरे लिए आप ही मोदी हैं। मुझे झारखंड में हर परिवार को पक्का घर देना है जिसके पास पक्का घर नहीं है। आप मेरी मदद करेंगे? मुझे बताइए, झारखंड में गरीब को पक्का घर मिलेगा तो पुण्य मिलेगा कि नहीं मिलेगा? यह पुण्य किसको मिलेगा? किसको मिलेगा? अरे मोदी को नहीं वो पुण्य आपको मिलेगा। आपके वोट की ताकत है कि मोदी आज गरीबों को घर दे पा रहा है और इसलिए इस पुण्य के अधिकारी आप हैं। साथियों, एक बार फिर आज इतनी बड़ी तादाद में आप हम सबको आशीर्वाद देने के लिए आए मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

मेरे साथ बोलिए,

भारत माता की,

भारत माता की,

भारत माता की।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM Modi in Uttarakhand
April 14, 2026
The Delhi-Dehradun Economic Corridor, being inaugurated today, is a world-class infrastructure project that will deepen connectivity, boost the economy and tourism: PM
With the completion of 25 years since its formation, Uttarakhand has now entered its 26th year; Today, with the inauguration of the Delhi-Dehradun Expressway, another major milestone has been added: PM
The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM
The Corridor will save time, travel will become cheaper and faster, people will spend less on petrol and diesel, and fares and freight costs will decrease;it will also facilitate employment: PM
Our mountains, these forest areas, this heritage of Devbhoomi, these are very, very sacred places; It is our duty to keep such places clean: PM
Plastic bottles, heaps of garbage in these areas hurt the sanctity of Devbhoomi ; it is very essential that we keep these sites of Devbhoomi, our pilgrimage sites, clean and beautiful: PM

 

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह जी, यहां के लोकप्रिय और कर्मठ युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी नितिन गड़करी जी, अजय टमटा जी, टेक्नॉलोजी के माध्यम से जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, गर्वनर आनंदी बेन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, मंच पर उपस्थित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी, पूर्व मुख्यमंत्री भाई रमेश पोखरियाल, विजय बहुगुना जी, तीरथ सिंह रावत जी, त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, उत्तराखंड सरकार के सभी मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण और विशाल संख्या में पधारे मेरे प्यारे भाईयों बहनों।

देवभूमि उत्तराखंड़ की इस पावन धरती पर आप सभी को मेरा प्रणाम। बहुत बडी संख्या में आए हुए पूज्य संतगण को भी प्रणाम। उत्तराखंड का प्यारा भुलों-भैबंदों, बौड़ी-भूलियों, स्याणा-बुजुर्गों, आप सबु तैं नमस्कार! मेरो प्यारो दाजी भाई, दीदी-बैनी, आमा-बाबा सबई लाई मेरो तरफ़ देखी ढोग दिनछू।

इस कार्यक्रम से टेक्नोलॉजी के जरिये भी दिल्ली, यूपी से अनेक लोग जुड़े हैं, मैं सभी का अभिनन्दन करता हूं। सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा चाहता हूं, उत्तरप्रदेश और दिल्ली के कार्यक्रम में जुड़े हुए लोगों की भी क्षमा मांगता हूं, कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई, सब स्थान पर लंबे समय तक आप सबको इंतजार करना पड़ा, और कारण यही था, मैं निकला तो समय पर था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर का रोड शो, काली मंदिर से लेकर के यहां तक, इतना उत्साह इतना उमंग, कि मेरे लिए तेज गति से गाड़ी चलाना बड़ा मुश्किल हो गया। तो धीरे-धीरे लोगों को प्रणाम करते-करते, जनता जनार्दन के आशीर्वाद लेते लेते यहां पहुंचने में मुझे एक घंटे से भी ज्यादा देरी हो गई, और इसके लिए मैं आपकी क्षमा मांगता हूं, और ऐसी धूप में 12 किलोमीटर ये जन सैलाब, ये उत्तराखंड़ का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद, मैं आज उत्तराखंड़ से एक नई ऊर्जा लेकर के जाऊंगा, नई प्रेरणा लेकर के जाऊंगा और मैं इसके लिए हर किसी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है। विभिन्न हिस्सों में नववर्ष का आगमन हुआ है। मैं देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बीहू और पुथांडु की शुभकामनाएं देता हूं!

साथियों,

अगले कुछ ही दिनों में, यमुनोत्री, गंगोत्री, बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी शुरू होने जा रही है। इस पवित्र समय का, देश के कोटि-कोटि आस्थावान, श्रद्धाभाव से इंतज़ार करते हैं। मैं पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और यहां के आराध्य देवों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं संतला माता को भी नमन करता हूं। यहां आने से पहले मुझे, मां डाट काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। देहरादून शहर पर, मां डाट काली की बड़ी कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में, माता डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरा करने के साथ ही छब्बीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा, बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था, कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों, और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से, ये युवा राज्य, विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। ये प्रोजेक्ट भी, उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। इस एक्सप्रेसवे का बहुत बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को भी बहुत फायदा होगा। टूरिज्म के लिहाज से ये प्रोजेक्ट बहुत अहम है। मैं पूरे देश को इस प्रोजेक्ट की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती भी है। मैं बाबा साहेब को कोटि-कोटि देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वो संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। जिन दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना के अनुरूप काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, ये हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़कर और उस भावना को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है।

साथियों,

बाबा साहेब का जीवन, गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ, हर गरीब, हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है। और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम, देश का संतुलित विकास है, सबको सुविधा है, सबकी समृद्धि है। इसलिए ही बाबा साहेब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की, औद्योगीकरण की भरपूर वकालत करते थे।

साथियों,

भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, अक्सर लोग, इसके लिए हाथ की रेखाओं को देखते हैं, दिखाते हैं। जो भविष्य वक्ता होते हैं ना, वो हस्त रेखाएं देखते हैं, और हर व्यक्ति के भविष्य के विषय में बताते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता हूं, लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अब ये तो हो गई व्यक्ति के भाग्य की जो उसके हाथ में रेखाएं हैं उसकी बात, लेकिन मैं अगर इसी संदर्भ मे बात को, इसी संदर्भ को राष्ट्र-जीवन से जोड़कर के देखूं, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं कौन सी होती हैं? राष्ट्र की भाग्य रेखाएं ये हमारी ये सड़कें होती हैं, हमारे हाईवे होते हैं, हमारे एक्सप्रेसवे होते हैं, एयरवे, रेलवे, वॉटरवे, ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं होती हैं। और बीते एक दशक से हमारा देश, विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। ये विकास रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं हैं, ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं और ये मोदी की भी गारंटी है। बीते दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की इन विकास-रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं। अभी नितिन जी ने बहुत सारे आंकड़ें सिर्फ उत्तराखंड़ से संबंधित बताए हैं आपको। देखिए साल 2014 तक ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए साल में, पूरे देश में, 2 लाख करोड़ रुपए भी खर्च नहीं होते थे। ये मैं पूरे हिन्दुस्तान की बात बताता हूं, 2 लाख करोड़ भी नहीं होते थे, आज ये छह गुना अधिक, 12 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो चुका है। यहां उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। 2014 के पहले पूरे देश के लिए 2 लाख करोड़, आज अकेले उत्तराखंड़ के लिए सवा दो लाख करोड़ रूपया। कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतज़ार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से, अब सड़क गांव तक पहुंच रही है, जो गांव पहले वीरान पड़ गए थे, वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना हो, रेल परियोजनाओं का विस्तार हो, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे हो, विकास की ये रेखाएं, इस क्षेत्र के कोने-कोने में जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

साथियों,

21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड और जिस स्केल पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का ही उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले ही, दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ, मेरठ में मेट्रो-सेवा की शुरुआत हुई, दिल्ली-मेरठ नमो-भारत रेल देश को समर्पित की गई, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हुई, हवाई जहाजों के लिए MRO फेसिलिटी पर काम शुरू हुआ, और आज, देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरु हो रहा है।

साथियों,

इतने छोटे से रीजन में ये सब इतने कम समय में हो रहा है। कल्पना कीजिए, देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। और इसलिए ही मैं कहता हूं - 21वीं सदी का भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस नए युग में प्रवेश कर रहा है, वो अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है।

साथियों,

आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले, अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर्स, उस पर काम चल रहा है। जैसे दिल्ली-मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलुरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ऐसे बहुत से इकोनॉमिक कॉरिडोर देश में बनाए जा रहे हैं। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। और इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, सड़क के अलावा नए-नए व्यापार-कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों के लिए, गोदामों के लिए पूरा नेटवर्क, उसका आधार तैयार करते हैं।

साथियों,

देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। पहला फायदा तो ये है कि इससे समय बचेगा, आना-जाना सस्ता और तेज होगा, लोगों का पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा, किराया-भाड़ा कम होगा, और दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। अभी इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए, तो हज़ारों श्रमिकों को काम मिला है। साथ ही, जो इंजीनियर हैं, अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स हैं, ट्रांसपोर्ट से, उससे जुड़े साथी हैं, उनको भी बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला है। किसानों और पशुपालकों की उपज भी, अब तेज़ गति से, बड़ी मंडियों और बड़े बाज़ारों तक पहुंचेगी।

साथियों,

इस शानदार एक्सप्रेस-वे से उत्तराखंड के टूरिज्म को बहुत ही बड़ा फायदा होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए ये सबसे प्रमुख मार्ग बनेगा। और हम सभी जानते हैं, जब टूरिज्म का विकास होता है, तो हर कोई कुछ न कुछ कमाता है। होटल हो, ढाबे वाले हो, टैक्सी हो, ऑटो हो, होम स्टे हो, सबको इसका फायदा होता है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि आज उत्तराखंड, विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्टस और wed in india, शादी के लिए, बहुत बेहतरीन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए बारहमासी पर्यटन बहुत जरूरी है। इसलिए मेरा सर्दियों में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लेकर बहुत आग्रह रहा है। और मुझे खुशी है कि हर साल इन यात्राओं में लोगों की संख्या बढ़ रही है। आपको याद होगा, मैं 2023 में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर गया था। पहले बहुत जाता था, बीच में बिल्कुल जा नहीं पाया, कई वर्षों के बाद मैं गया, और मुझे मुख्यमंत्री जी बता रहे थे, गर्वनर साहब बीच मे आए, वो भी बता रहे थे कि 2023 में वहां गया और उसके बाद, बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जा रहे हैं। पहले वहां कुछ सौ लोग ही सर्दियों में यात्रा के लिए जाते थे। साल 2025 में, करीब-करीब 40 हजार से अधिक लोगों ने इन पवित्र स्थानों की यात्रा की है। कभी एक हजार नहीं होते थे, अगर चालीस हजार पहुंचते हैं तो यहां के लोगों की रोजी-रोटी की कितनी बड़ी ताकत आ जाती है। इसी तरह साल 2024 में शीतकालीन चारधाम यात्रा में, करीब अस्सी हज़ार श्रद्धालु आए थे। 2025 में ये संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है।

साथियों,

हम ऐसा विकसित भारत बनाने में जुटे हैं, जहां प्रगति भी हो, प्रकृति भी हो और संस्कृति भी हो। और इसलिए, आज होने वाले हर निर्माण को, इन्हीं त्रिवेणी, प्रगति, प्रकृति और सांस्कृति की त्रिवेणी, इन्हीं मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से इंसानों को भी सुविधा हो, और वहां रहने वाले वन्यजीवों को भी असुविधा न हो, ये हमारा प्रयास है। और इसलिए ही इस एक्सप्रेसवे पर, करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है। हाथियों को भी असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है।

वैसे साथियों,

मैं आज देशभर के सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से भी एक आग्रह करना चाहता हूं। हमारे पहाड़, ये वन क्षेत्र, ये देवभूमि की धरोहर, ये बहुत ही बहुत पवित्र स्थान हैं। ऐसे स्थानों को साफ-सुथरा रखना, ये हम सभी का कर्तव्य है। यहां रहने वालों का भी और यात्री के रूप में आने वालों का भी। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें, कूड़े-कचरे का ढेर, ये देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है। इसलिए बहुत आवश्यक है कि हम देवभूमि के इन स्थलों को, हमारे इन तीर्थ स्थलों को स्वच्छ रखें, सुंदर रखें।

साथियों,

अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ का भी आयोजन होना है। हमें आस्था के इस संगम को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़नी है।

साथियों,

उत्तराखंड में नंदा देवी राजजात यात्रा भी होती है। ये आस्था का उत्सव तो है ही, ये हमारी सांस्कृतिक चेतना का भी जीवंत उदाहरण है। जहां मां नंदा को बेटी मानकर पूरे सम्मान के साथ विदा किया जाता है। इस यात्रा में बहनों-बेटियों की भागीदारी, इसे विशेष बनाती है। मैं मां नंदा को प्रणाम करते हुए, देशभर की बहनों-बेटियों को भी विशेष संदेश देना चाहता हूं। विकसित भारत के निर्माण में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। इस देश की बेटियों की, इस देश की माताओं की, बहनों की बहुत बड़ी भूमिका मैं देख रहा हूं। और बहनों-बेटियों की सुविधा, सुरक्षा और लोकतंत्र में भागीदारी, ये डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। आप अभी देख रही हैं, कि दुनिया में कितना बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी कितना हाहाकार मचा है। ऐसे मुश्किल हालात में भी, सरकार का निरंतर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो।

साथियों,

बहनों-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव अब देश के सामने है। 4 दशकों के इंतज़ार के बाद संसद ने, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए तैंतीस प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया। अब महिलाओं को ये जो हक मिला है ना, इस हक को लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। अब ये लागू होना चाहिए। अब जो 2029 में लोकसभा के चुनाव होंगे, अब तब से लेकर विधान सभा के भी चुनाव आते रहेंगे, जो भी चुनाव आते रहेंगे, 2029 से ही ये लागू हो जाना चाहिए। ये देश की भावना है, ये देश की हर बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए, 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को, सभी राजनीतिक दल मिलकर के सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं, उसको पूरा करे। और मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक खुला पत्र लिखा है, सोशल मीडिया में शायद ये मेरा पत्र आप तक पहुंचा होगा, हो सकता है टीवी और अखबार वाले भी इस पत्र का जिक्र करते होंगे। मैंने बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं-बहनों को इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है। मुझे पक्का विश्वास है कि पत्र मेरे देश की माताएं-बहनें जरूर पढ़ेंगी। एक एक शब्द पर मनन करेंगी, और इतना बड़ा पवित्र कार्य करने के लिए 16-17-18 को संसद में आने वाले सभी सांसदों को उनके आशीर्वाद भी मिलेंगे। मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें। 2029 में हमारे देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या हमारी माताएं-बहनें, हमारी बेटियां, उनको उनका हक हम देकर रहें।

साथियों,

मैं उत्तराखंड आउं और फौज की बात ना हो, तो बात अधूरी ही रहती है। ये गढ़ी कैंट, ये सभा स्थल, ये उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा का प्रमाण है। यहां पास ही देश की रक्षा सुरक्षा से जुड़े कई संस्थान हैं, 1962 की लड़ाई में, शहीद जसवंत सिंह रावत जी के शौर्य को देश कभी भुला नहीं सकता।

साथियों,

सेना के सामर्थ्य को सशक्त करना हो, या हमारे सैनिक परिवारों की सुविधा और सम्मान हो, हमारी सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। वन रैंक वन पेंशन के माध्यम से हमारी सरकार ने, अब तक करीब सवा लाख करोड़ रुपए पूर्व फौजियों को उनके खाते में जमा कर दिए हैं। उत्तराखंड के भी हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला है। इसके अलावा, इस वर्ष पूर्व फौजियों के लिए health scheme का बजट भी छत्तीस प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और इससे अधिक के ex-servicemen के लिए, दवाईयों की door step home delivery भी शुरू की गई है। पूर्व फौजियों के बच्चों की एजुकेशन ग्रांट भी डबल की गई है। और बेटियों के विवाह के लिए जो सहायता मिलती है, उसको भी 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है।

साथियों,

देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति, ऐसे हर आयाम को जोड़ते हुए, हमें देश को विकसित बनाना है। एक बार फिर दिल्ली-वासियों को, उत्तर प्रदेश वासियों को, और एक प्रकार से देशवासियों को, इस शानदार एक्सप्रेसवे की मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

बहुत-बहुत धन्यवाद !