ಇಂದು ಭಾರತ ತನ್ನ ಗಡಿಗೆ ಸವಾಲು ಹಾಕುವವರಿಗೆ ತಕ್ಕ ಪ್ರತ್ಯುತ್ತರ ನೀಡಲು ಹೆಸರುವಾಸಿಯಾಗಿದೆ: ಲಾತೂರ್ ರ್ಯಾಲಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಮೋದಿಯವರ ನಾಯಕತ್ವದಲ್ಲಿ, ಪ್ರತಿಯೊಬ್ಬ ಸಹೋದರಿಯ ಮನೆಗೆ ನಲ್ಲಿ ನೀರನ್ನು ಒದಗಿಸುವುದು ಗ್ಯಾರಂಟಿ: ಲಾತೂರ್‌ನಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ

भारत माता की.. भारत माता की.. छत्रपति शिवाजी महाराज की.. छत्रपति शिवाजी महाराज की। शैक्षणिक क्षेत्रात लातूरचे नाव गाजवणाऱ्या लातूरकरांना माझा नमस्कार। आई तुलजाभवानी और सिद्धेश्वर महादेव को भी मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं।

भाइयों और बहनों,

यह छत्रपति शिवाजी महाराज की धरती है, छत्रपति शिवाजी महाराज हमारी प्रेरणा हैं। उन्हें जब राजपाट मिल गया तो वह भी आराम कर सकते थे, लेकिन उन्होंने स्वराज के लिए निरंतर आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उनको अपनी चिंता नहीं थी, उनको राष्ट्र की चिंता थी और इसलिए ये चुनाव जो है वो भी सिर्फ इस बात के लिए नहीं है कि हमारे सुधाकर जी को सांसद बनाना है। यह बड़े ध्येय का चुनाव है, यह बड़े लक्ष्यों का चुनाव है और इसलिए सुधाकर जी जैसे साथियों का संसद में पहुंचना और मुझे मजबूत करना और इसलिए मैं आपके पास आशीर्वाद मांगने आया हूं। अब आप मुझे बताइए जो लोग प्रधानमंत्री भी किस्तों में बनाना चाहते हैं, वो बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं क्या? कुछ अचीव कर सकते हैं क्या? आपको पता है ना उन्होंने तय किया है, हर वर्ष एक प्रधानमंत्री..दूसरे वर्ष दूसरा..तीसरे वर्ष तीसरा बताइए..

साथियों,

मैं जब एक भारत-श्रेष्ठ भारत की बात करता हूं तो कांग्रेस के शहजादे को बुखार चढ़ जाता है। कहते हैं कि मोदी एक भारत की बात क्यों करता है? भारत को खंड-खंड में देखने वाले लोग प्रधानमंत्री पद को भी खंड-खंड में बांटना चाहते हैं। पांच साल में 5 पीएम का इनका प्लान यानी बारी-बारी देश को लूटने की योजना। मैं जरा लातूर के भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं क्या ऐसे लोगों को रत्ती भर भी मौका दे सकते हैं क्या? दुनिया के इस चुनौतीपूर्ण समय में क्या हम देश को अस्थिरता में झोंक सकते हैं क्या?

भाइयों और बहनों,

कांग्रेस ने आपको लूटने का भी एक बहुत खतरनाक प्लान बनाया है। कांग्रेस कहती है वो पहले देशवासियों की कमाई का एक्सरे करेगी, फिर आपकी संपत्ति पर कब्जा करेगी और फिर उसे अपने वोट बैंक को बांट देगी। आप मुझे बताइए आप अपनी संपत्ति कांग्रेस को देना चाहेंगे क्या? उनकी सरकार कब्जा करना चाहे कब्जा करने देंगे क्या? ये आपकी गाढ़ी कमाई, मेहनत की कमाई उसको लूटने देंगे क्या?

साथियों,

कांग्रेस की नजर सिर्फ आपकी वर्तमान कमाई पर ही नहीं है लेकिन आप जो संपत्ति अपने बच्चों के लिए जोड़ रहे हैं उस पर भी कांग्रेस गिद्ध नजर लगा कर के बैठी हुई है। आपने सुना होगा उनके महाशय क्या कह रहे हैं? अब हमारे देश में तो हम लोग खुद मेहनत करते हैं भोग नहीं करते हैं, जरूरत से ही जिंदगी पूरी करते हैं और पाई-पाई बचाते रहते हैं हमारे स्वभाव में है। और हर मां-बाप की इच्छा रहती है कि कुछ न कुछ बचाएं ताकि मरने के बाद कुछ अपने संतानों को देकर के जाए। यह हर मां-बाप की इच्छा होती है कि नहीं होती है? गरीब से गरीब मां-बाप होगा तो भी बच्चों को कुछ देकर के जाना चाहता है कि नहीं जाना चाहता है, अब ये कहते हैं कि आपने जो कमाया है जो जमा किया है वो पूरा का पूरा आप अपने संतानों को नहीं दे सकते हैं अगर आपने 10 एकड़ भूमि है और बच्चों को मरने के बाद देना चाहते हो तो पांच एकड़ दे पाओगे पांच एकड़ ये कांग्रेस का मकसद है वो ले लेंगे। आपके पास दो घर है एक घर आप बेटे को नहीं दे पाएंगे एक ही दे पाएंगे और इसलिए वह इनहेरिटेंस टैक्स लगाने की बात करते हैं। जो मरने के बाद आपकी संपत्ति बच्चों को मिलने वाली है उसमें से आधे से ज्यादा 55 प्रतिशत वो मार लेंगे। क्या ऐसे कातिल पंजे, जो आपकी मेहनत की कमाई को लूटना चाहते हैं, ऐसे पंजे को कहीं पर भी जगह मिलनी चाहिए क्या? आज पूरा देश जानता है यह कांग्रेस पार्टी के शाही परिवार ने अपने बच्चों के लिए कौन सी विरासत छोड़ी, ढेर सारा पैसा देश के प्राइम लोकेशन की जमीने, पावर और प्रिविलेज और कांग्रेस पार्टी के शाही परिवार ने छह दशक में देश को कौनसी विरासत दी? देश को विरासत में वो गरीबी के सिवा कुछ नहीं दे पाए हैं अरे शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का आभाव।

साथियों,

आज आप किसी भी दिन अगर टीवी देखिए अखबार उठाइए ऐसी अनेक खबरें होती हैं, जो बताती है कि हमारा देश भारत कैसे तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। और अभी शिंदे जी कुछ वर्णन कर रहे हैं कोई ना कोई सेक्टर चाहे मार्केट हो, मैन्युफैक्चरिंग हो, स्पेस हो, डिफेंस हो, कोई ना कोई अच्छी खबर विकास की खबर हमारे भविष्य को मजबूती देने वाली खबर कोई न कोई नया रिकॉर्ड बनता हुआ हर दिन कहीं पढ़ने को मिलता है कहीं सुनने को मिलता है कहीं जानने को मिलता है। लेकिन 2014 के पहले का समय याद कीजिए वो कालखंड याद कीजिए और यह जो फर्स्ट टाइम वोटर हैं ना जो पहली बार मतदान करने वाले हैं उन मेरे नौजवानों को मैं खास कहना चाहता हूं। आप उस समय आठ या 10 साल के होंगे और इसलिए उस समय क्या हाल था वह शायद आपके स्मृति में नहीं होगा। आपके ध्यान में नहीं होगा और आप तो गूगल की दुनिया के लोग हो गूगल गुरु के शिष्य हो जरा 2014 के पहले गूगल पर जाकर उस समय के अखबार और टीवी देख लीजिए क्या मिलेगा, तब आपको पढ़ने को मिलेगा रेलवे स्टेशन पर बस स्टेशन पर अनाउंसमेंट होता था कहीं पर मेला लगा है तो अनाउंसमेंट होता था कहीं पर भीड़ जमा हो रही है तो अनाउंसमेंट होता था सावधान कोई लावारिस चीज दिखाई दे तो उसको हाथ मत लगाना कोई लावारिस बैग दिखती है तो पुलिस को जानकारी दो, कहीं लावारिस टिफिन बॉक्स दिखता है पुलिस को जानकारी दो, कहीं लावारिस कुकर दिखता है तो दूर रहो क्यों उसमें कहीं बम होंगे, हाथ लगाओगे तो बम फूटेगा। पूरे देश में चौबीसों घंटे हर महत्त्वपूर्ण जगह पर ये लावारिस चीजों की सूचना दी जाती थी। मैं सही कह रहा हूं नहीं कह रहा हूं? जो पुराने लोग हैं बताइए मैं सही कह रहा हूं कि नहीं कह रहा हूं? ये मोदी के आने के बाद कहां गई लावारिस चीजें भाई, देश तो वही है उस समय और मैं फर्स्ट टाइम वोटर को खास कहता हूं जरा देखिए उस समय अखबारों की हेडलाइन हुआ करती थी दिल्ली में बम ब्लास्ट, मुंबई में बम ब्लास्ट, भारतीय पुलिस आधुनिक आतंक से निपटने के लिए तैयार नहीं, आज भारत अपनी सीमाओं पर आंख उठाने वालों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जाना जाता है। कांग्रेस के उस दौर में हेडलाइन होती थी भारत ने मुंबई आतंकी हमले पर पाकिस्तान को एक और डोजियर सौंपा, डोजियर सौपा यह बहुत बड़ी खबर होती थी हमारे कुछ ऐसे मीडिया में बैठे लोग थे वो भी ताली बजाते थे हां देखो डोजियर भेज दिया, मतलब घटना की फाइल भेजना। आज भारत डोजियर नहीं भेजता है आज भारत घर में घुस करके मारता है। अब नए भारत के हेडलाइन होती है मिशन एलओसी, भारत ने पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक करके सजा दी, छपती है कि नहीं छपती है।

साथियों,

कांग्रेस ने अपने शासन में भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह करके रख दिया था, तब की हेडलाइन होती थी विकास दर एक बार फिर गिरी, ये खबरें होती थीं ये सभी बैठें हैं सब यहां। 25 साल में सबसे खराब जीडीपी आंकड़ा आज हेडलाइन होती है क्या? उस जमाने में होता था आज हेडलाइन क्या होती है, भारत 2024 में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा, कांग्रेस के राज में हर सुबह हम अखबारों में एक नए घोटाले का नाम पढ़ते थे हेडलाइन होती थी, कोलगेट.. कोयले में इतने लाख करोड़ का घोटाला। अब आज हेडलाइन क्या होती है, आज भ्रष्टाचारियों के लिए क्या हेडलाइन होती है आप जानते हैं? आज हेडलाइन होती है आज यहां से इतने करोड़ पकड़े गए, आज इतने करोड़ वहां से पकड़े गए, आज नोटों की गड्डियां गाड़ी के नीचे से पकड़ी गई आज इतने रुपयों का ढेर गैराज में से पकड़ा गया, यह खबरें आती हैं कि नहीं आती है और आपने मुझे यह काम के लिए बिठाया कि नहीं बिठाया है, यह काम मुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए और आज ये माल लूटने वाले जेलों के सलाखे में सड़ रहे हैं और मैं देशवासियों को आश्वासन देता हूं गारंटी देता हूं, जिन्होंने देश को लूटा है, जिन्होंने देश को लूटा है उन्हें लौटाना ही पड़ेगा और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

हमारे देश के लोग हमेशा से ही परिश्रमी रहे हैं। हमारे देश का युवा हमेशा टैलेंटेड रहा है लेकिन कांग्रेस ने 60 साल तक भारत के युवाओं के सपनों को, भारत के नागरिकों के सपनों को कुचलने का पाप किया है। कांग्रेस ने सिर्फ एक परिवार की सोची, मोदी देश के हर परिवार की सोचता है। मेरा भारत- मेरा परिवार, मैं चाहता हूं कि देश के नागरिकों के जीवन से सरकार का दखल पूरी तरह समाप्त हो जाए और इसलिए हम पुराने जो बेकार हो चुके कानून है उनको समाप्त कर रहे हैं पुराने नियमों को आसान बना रहे हैं। पिछले साल ही हमने 40 हजार से ज्यादा कंप्लायंसिस को खत्म किया, आज जब देश के नागरिकों से ये बोझ हटा है उनके सामने से रुकावटें हटी हैं तो वो भी हर सेक्टर में बेहतरीन प्रयास कर रहे हैं। मैं आपको स्पोर्ट्स का उदाहरण देता हूं खेलकूद का उदाहरण देता हूं और हमारा महाराष्ट्र को देश को नाम देता है स्पोर्ट्स की दुनिया में, हमारे नौजवान हमारी बेटियां अद्भुत करती है जी। आज ओलंपिक में, पैरालंपिक में, एशियन गेम्स में, कॉमनवेल्थ गेम्स में, यूनिवर्सिटी गेम्स में भारत की खिलाड़ी दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। भारत के नागरिकों में आया ये आत्मविश्वास हमें विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाएगा और मैं मेरे नौजवानों मेरा ड्रीम है 2029 में युवा ओलंपिक हिंदुस्तान में हो। मेरा ड्रीम है 2036 में भारत में ओलंपिक का खेल हो। मोदी छोटा सोच ही नहीं सकता। यह परमात्मा ने मुझे जब मैन्युफैक्चर किया ना तो वो छोटे वाली चिप नहीं रखी, बड़े वाली चिप रखी है।

साथियों,

लातूर की ये धरती हमें सिखाती है कि बड़ी से बड़ी आपदा से कैसे निकला जाता है? हमारे देश में भी करोड़ों-करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पीढ़ी दर पीढ़ी बहुत आपदा झेली है संकट झेले हैं ऐसे साथियों के लिए ही संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की गई। एक ऐसी व्यवस्था है जिसे कोई नहीं छीन सकता है। और मेरा तो दावा है खुद बाबा साहब अंबेडकर आकर के भी अब इसको नहीं छीन सकते हैं। लेकिन, कांग्रेस अब एससी-एसटी-ओबीसी के आरक्षण को कम करके अपने वोट बैंक को देना चाहती है। इस बार कांग्रेस का मेनिफेस्टो उस मेनिफेस्टो पर मुस्लिम लीग की छाप है, इसलिए महाराष्ट्र के लोगों को लातूर के लोगों को यह कांग्रेस से बहुत सावधान होने की जरूरत है।

साथियों,

कांग्रेस ने कभी एससी-एसटी-ओबीसी नेतृत्व को आगे नहीं बढ़ने दिया। कांग्रेस के मोदी से चिढ़ने की एक वजह ये भी है कि मोदी दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित की बात करता है। आप पिछले 10 सालों में देखिए 10 सालों में एससी-एसटी-ओबीसी के सबसे ज्यादा एमपी-एमएलए भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के साथ हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल में 60 परसेंट से ज्यादा मंत्री एससी-एसटी-ओबीसी समाज से हैं। आज देश का एससी-एसटी-ओबीसी समाज मोदी पर बीजेपी पर इसलिए भरोसा करता है क्योंकि 10 साल में ऐसे करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है। किसी को मुफ्त राशन मिला, किसी को मुफ्त इलाज मिला, ऐसे करोड़ों साथी हैं जिनको अनेक पीढ़ियों के बाद उनका पहला पक्का घर दिया। एससी- एसटी- ओबीसी परिवारों के ऐसे लाखों नौजवान हैं जिनके पास बैंक को गारंटी देने के लिए कुछ नहीं था उनकी गारंटी मोदी ने ली। मोदी ने ऐसे करोड़ों युवाओं को मुद्रा लोन दिया और आज वो अपना कारोबार कर रहे हैं। ऐसा हर युवा आज कह रहा है फिर एक बार.. फिर एक बार.. फिर एक बार..

साथियों,

2014 और 2019 में आपने हमें भरपूर आशीर्वाद दिए, आपने जनादेश दिया था। हमने उसका उपयोग किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं बल्कि देने के लिए ही किया है। हमने एससी-एसटी का आरक्षण जो पॉलिटिकल फील्ड का रिजर्वेशन है हमने 10 साल आ करके बढ़ा दिया। हमने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया, हमने मेडिकल की परीक्षा में ओबीसी को आरक्षण दिया, हमने आपके जनादेश का सदुपयोग करते हुए देश की नारी शक्ति की दशकों पुरानी मांग को भी पूरा किया। एनडीए ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण दिया, इतना ही नहीं एनडीए ने किसी का हक छीने बिना सामान्य समाज के जो गरीब परिवार के संतान हैं उनके लिए 10 प्रतिशत आरक्षण दिया यानी एनडीए सरकार सामाजिक न्याय को ताकत देने वाली सरकार है। कांग्रेस और इंडी अघाड़ी वाले जो झूठी बातें फैलाते हैं उनके मन में खोट है इस झूठ की आड़ में वो बड़ा खेल करने की फिराक में है।

भाइयों और बहनों,

देश पर लंबे समय तक राज करने वाली कांग्रेस और समस्याओं के बीच एक अजीब रिश्ता है, कांग्रेस और समस्या ये जुड़वा भाई हैं। कांग्रेस कभी भी किसी समस्या को खत्म करने का प्रयास नहीं करती क्योंकि लोगों की परेशानी से ही वो वोटों की फसल काटती है। यहां लातूर में लंबे समय तक पानी की समस्या रही, लेकिन क्या कभी कांग्रेस ने इस समस्या का स्थाई समाधान का प्रयास किया। हर घर पानी-हर खेत पानी पहुंचाने के लिए हम मिशन मोड पर काम कर रहे। यहां पहले देवेंद्र जी के नेतृत्व वाली सरकार हो या फिर अब एकनाथ जी शिंदे जी की सरकार हो पानी पर हम विशेष बल दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने हमेशा पानी की योजनाओं को लटकाया है भटकाया है। जलयुक्त शिवार हो, मराठवाड़ा वाटर ग्रिड हो ऐसे कामों में अघाड़ी की सरकार ने अड़ंगे लगाए। अब महायुति की सरकार सिंचाई के हर प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा कर रही है।

साथियों,

मोदी ने हर बहन के घर तक नल से जल पहुंचाने की गारंटी दी है। मुझे खुशी है कि महाराष्ट्र के 20 हजार से अधिक गांवों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन पहुंच चुके हैं। और यहां लातूर में भी हर घर नल से जल का लक्ष्य ज्यादा दूर नहीं है।

भाइयों और बहनों,

लातूर शिक्षा और स्किल का एक सेंटर है। बीते 10 वर्ष में देश में शिक्षा और कौशल सेक्टर में अब उस पर उपलब्धियों के रहे। आईआईटी हो ट्रिपल आईटी हो आईआईएम हो या एम्स, इनका दायरा बहुत अधिक बढ़ा है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और मेडिकल सीटों की संख्या दोगुनी हुई हैं। इसका लाभ लातूर के हमारे बेटे-बेटियों को भी हो रहा है।

साथियों,

लातूर आत्मनिर्भर भारत का भी हब बनता जा रहा है। भाजपा का मिशन है कि हम दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर बने। भाजपा का संकल्प है कि मैन्युफैक्चर में आत्मनिर्भर बने। इन दोनों लक्ष्यों को पाने में लातूर के किसान और लातूर के नौजवान बहुत बड़ी भूमिका भारत में कर सकते हैं। यहां के सोयाबीन किसान भारत को दलहन- तिलहन में आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं, ये जो रेल कोच फैक्ट्री यहां स्थापित हुई है इसमें वंदे भारत ट्रेन के कोच भी बन रहे हैं। आने वाले पांच साल में देश के हर रूट में सैकड़ों नई वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी। वंदे भारत मेट्रो चलेगी। यही नहीं विदेशों से भी मेड इन इंडिया ट्रेनों की डिमांड बढ़ रही है। इससे कितना काम यहां बढ़ेगा नई फैक्ट्री के लिए कितनी संभावनाएं बढ़ेंगी यह आप सोच सकते हैं। मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री की स्थापना ने इस क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति दी है।

भाइयों और बहनों,

लातूर को विकसित भारत-विकसित महाराष्ट्र का अहम सेंटर बनाने के लिए आपको भारी मतदान करना है। आप याद रखना आपके सपने आपके सपने ही मोदी का संकल्प है। मेरे साथी सुधाकर तुकाराम संगारे जी को आपका मिलने वाला एक-एक वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। आप घर-घर जाइएगा ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे? मतदान के रिकॉर्ड तोड़ेंगे? पोलिंग बूथ जीतेंगे? अच्छा मेरा एक और काम करेंगे? घर-घर जाना और परिवार के सब लोगों को कहना कि मोदी जी लातूर आए थे, मोदी जी ने आपको नमस्कार भेजा है। मेरा नमस्कार पहुंचा देंगे? मेरे साथ बोलिए भारत माता की.. जय भारत माता की.. भारत माता की..
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister recalls the courage of those impacted by Partition on Partition Horrors Remembrance Day
August 14, 2026
PM shares Sanskrit Subhashitam highlighting the power of hard work and human endeavor

Prime Minister Shri Narendra Modi today stated that as we mark Partition Horrors Remembrance Day, we recall the courage of all those who were impacted by Partition. He noted that it was a moment in history that tore apart several lives, where families were uprooted, loved ones were lost, and immense suffering was endured.

The Prime Minister highlighted that at the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement, and contributed immensely to our nation’s progress. He observed that their life journeys remind us of the strength of the human spirit. Shri Modi expressed hope that this day may deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat.

The Prime Minister offered his heartfelt tributes to all those countrymen who, emerging from that horrific period, made invaluable contributions to the progress of the country. He stated that through their courage and capability, they showed how resolutions are accomplished even in adverse circumstances. Shri Modi called upon everyone to further strengthen the national spirit of goodwill and solidarity.

Sharing a Subhashitam, the Prime Minister emphasized that it is through hard work, enterprise, and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship, and innovations flourish, paving the way for success. He added that therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence, and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.

In a series of posts on X, the Prime Minister wrote:

"Today we mark #PartitionHorrorsRemembranceDay. We recall the courage of all those who were impacted by Partition. It was a moment in history that tore apart several lives…families were uprooted, loved ones were lost and immense suffering was endured.

At the same time, overcoming this, people rebuilt their lives from nothing, turned adversity into achievement and contributed immensely to our nation’s progress. Their life journeys remind us of the strength of the human spirit.

May this day deepen our resolve to preserve harmony and brotherhood in our nation and collectively work towards building a Viksit Bharat."

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.