ಕೇಂದ್ರ ಸರಕಾರವು ಪೂರ್ವ ಭಾರತವನ್ನು ಆಗ್ನೇಯ ಏಶ್ಯಾದ ಮಹಾದ್ವಾರವನ್ನಾಗಿ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಪಡಿಸುವ ಇರಾದೆ ಹೊಂದಿದೆ : ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಭುವನೇಶ್ವರ ಐ.ಐ.ಟಿ.ಯು ಒಡಿಶಾದ ಕೈಗಾರಿಕಾ ಬೆಳವಣಿಗೆಗೆ ಪ್ರೇರಣಾದಾಯಕವಾಗಲಿದೆ ಮತ್ತು ಜನತೆಯ ಜೀವನ ಸುಧಾರಿಸುವ ತಂತ್ರಜ್ಞಾನದ ನಿಟ್ಟಿನಲ್ಲಿ ಕಾರ್ಯೋನ್ಮುಖವಾಗಲಿದೆ : ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
ಒಡಿಶಾದ ಸರ್ವತೋಮುಖ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯನು ಖಾತ್ರಿಪಡಿಸಲು ಕೇಂದ್ರ ಸರಕಾರ ಬದ್ದವಾಗಿದೆ: ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ

यहां पधारे भाई-बहनों और युवा मित्रों।

ओडि़शा के विकास के लिए समर्पित भाव से काम करने का हमारा संकल्‍प आज एक और अहम पढ़ाव पर पहुंचा है। थोड़ी देर पहले 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनेक प्रोजेक्‍ट्स काशिलान्‍यास और लोकार्पण किया गया है। इन योजनाओं में उच्‍च शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, गैस, रोडऔर सांस्‍कृतिक महत्‍व की तमाम परियोजनाएं है। यह सारे प्रोजेक्‍ट्स ओडि़शा के विकास यहां के जन-जन के जीवन को आसान और सुगम बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। विकास के इन सभी प्रोजेक्‍ट्स के लिए आप सभी को ओडि़शा के प्रत्‍येक व्‍यक्ति को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों, देश के इतिहास में यह पहली बार हैजब किसी केंद्र सरकार द्वारा ओडि़शा समेत पूरे पूर्वी भारत के विकास पर इतना ध्‍यान दिया जा रहा है। देश के संतुलित विकास को प्राथमिकता देते हुए बीते चार वर्षों से निरंतर यहां infrastructureसे जुड़े,जरूरी सुविधाओं से जुड़ेअनेक प्रोजेक्‍ट्स का विस्‍तार हुआ है। केंद्र सरकार पूर्वी भारत को पूर्वी एशिया और दक्षिण एशिया के गेटवे के तौर पर विकसित करने की तरफ आगे बढ़ रही है। सबका साथ, सबका विकास के मंत्र पर चलते हुए ओडि़शा के जन-जन, ओडि़शा के कौने-कौने का विकास यहसंकल्‍प ले करके केंद्र सरकार आगे बढ़ रही है।

साथियों, आज आईआईटी भुवनेश्‍वर को ओडि़शाकीप्रतिभावों के लिए, युवाओं के लिए समर्पित करने का मुझे सौभाग्‍य मिला है। इसके निर्माण में 1260 करोड़ रुपये खर्च किए गएहै। यह भव्‍य कैंपस आने वाले समय में ओडि़शा के नौजवानों के सपनों को.. इन सपनों का सेंटर तो बनेगा ही। यहां के युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्‍यम भी सिद्ध होगा। आईआईटी के इस कैंपस में ओडि़शा के स्‍थानीय उद्योगों यहां के जंगलों में मौजूद संपदा से जुड़ी रिसर्च होगी। यहां के आदिवासी बहन-भाईयों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीक पर शोध होगा। यह संस्‍थान देश और दुनिया के लिए उच्‍च स्‍तर के इंजीनियर और उद्य‍मी तो पैदा करेगा ही ओडि़शा को भी high-tech औद्योगिक विकास के रास्‍ते पर आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके अलावा आने वाले दिनों में बरहामपुर में करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत से Indian Institute of Science Education & Research इसका भी काम शुरू होने वाला है।

साथियों! शिक्षा, विज्ञान और टेक्‍नोलॉजी से जुड़े ऐसे अनेक संस्‍थान बीते साढ़े चार वर्षों में केंद्र सरकार ने देशभर में स्‍वीकृत किए हैं। यह सरकार के उस विजन को ही आगे बढ़ाता है। जिसके तहत New India नया भारत उसको दुनिया के लिए आधुनिक टेक्‍नोलॉजी और स्‍टार्टअप का hub बनाने का प्रयास किया जा रहा है। मुझे उम्‍मीद है कि ओडि़शा के यह नये संस्‍थान knowledge और innovation की ओडि़शा की अपनी पुरातन पहचान को और मजबूत करेंगे। साथियों, शिक्षा के साथ-साथ जनता के स्‍वास्‍थ्‍य पर भी केंद्र सरकार पूरी गंभीरता से ध्‍यान दे रही है। इसी भावना के साथ खोरदा भुवनेश्‍वर में बने ईएसआईसी अस्‍पताल में हुए विस्‍तारीकरण का काम भी पूरा किया जा चुका है।

आज आधुनिक सुविधाओं से युक्‍त इस अस्‍पताल को भी जनता के लिए समर्पित किया गया है, जो पुराना अस्‍पताल था उसकी क्षमता अब दोगुनी हो गई है। अब यह सौ बेड का बड़ा अस्‍पताल हो गया है। केंद्र सरकार का लक्ष्‍य है कि दूर-दराज के गांवों में जंगलों में रहने वाले मेरे आदिवासी परिवारों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। इसी लक्ष्‍य को ध्‍यान में रखते हुए आयुष्‍मान भारत योजना के तहत Health and wellness Centre बनाने का काम तेज गति से चल रहा है। ओडि़शो में भी लगभग साढ़े ग्‍यारह सौ Health and wellness Centre स्‍वीकृत किए गए हैं। आने वाले एक दो वर्षों में जब यह तमाम सेंटर बनकर तैयार हो जाएंगे तो ओडि़शा और देश में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।

साथियों, ओडि़शा में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं बढ़ाने के साथ ही सड़क संपर्क connectivity को मजबूत करने का काम भी केंद्र सरकार द्वारा तेजी से किया जा रहा है। राज्‍य के तमाम दुर्गम क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ने के लिए योजनाओं को गति दी जा रही है। गांवों और शहरों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। ओडि़शा में नेशनल हाईवे की लंबाई 10 हजार किलोमीटर तक करने की तरफ केंद्र सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी लक्ष्‍य के तहत आज सड़कों, हाईवे से जुड़े चार प्रोजेक्‍ट का शिलान्‍यास किया गया है। चांदीखोले-भद्रक सेक्‍शन और टांगी-पोईटोला सेक्‍शन की six laning हो, कटक-आंगुल सेक्‍शन का चौड़ीकरण होया फिर खांडागिरि फ्लाईओवर का निर्माण,करीब साढ़े चार हजार करोड़ रुपये के यह तमाम प्रोजेक्‍ट ओडि़शा के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। इन सुविधा से लोगों का आना-जाना आसान होगा।व्‍यापार-कारोबार करना भी आसान होगा।

साथियों, ओडि़शा के infrastructure में जैसे-जैसे विस्‍तार हो रहा है वैसे-वैसे यहां उद्योगधंधों के लिए भी नये रास्‍ते, नये अवसर खुल रहे हैं। विशेषतौर तेल और गैस के क्षेत्र में ओडि़शा का भविष्‍य बड़ा उज्‍जवल है। पारादीप हैदराबाद पाइपलाइन ओडि़शा को नई पहचान देने वाली है। यहां के युवाओं के लिए रोजगार के नये अनेक अवसर पैदा करने वाली है। करीब 1200 किलोमीटर की यह पाइपलाइन ओडि़शा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के पेट्रोलियम पदार्थों की जरूरत को भी पूरा करेगी। पारादीप रिफाइंडरी से निकला पेट्रोल, डीजल, केरोसीन और हवाई जहाज का ईंधन अनेक शहरों और गांवों की जरूरत को पूरा करेगा। करीब चार हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला इस प्रोजेक्‍ट के तहत बहरामपुर, विशाखापट्टनम, राजमुंद्री और विजयवाड़ा में delivery cum pumping station बनने इस पाइप लाइन के बन जाने के बाद ओडि़शा एक प्रकार से पूर्वी भारत का पेट्रोलियम hub बनने जा रहा है।

साथियों, देश के गरीब से गरीब परिवार तक साफ-सुथरा धुआँ मुक्‍त ईंधन देने के लिए सरकार पूरी तरह से समर्पित है। देश के हर घर तक एलपीजी सेलेंडर पहुंचाने में तो हम सफलता के बहुत करीब ही हैं। अब पाइप से रसौई गैस देने का भी एक व्‍यापक अभियान सरकार ने आरंभ किया है। विशेषतौर पर पूर्वी भारत को पाइप से गैस पहुंचाने की दिशा में प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना तेज गति से चल रही है। यूपी से लेकर ओडि़शा तक पीएनजी की लाइन बिछाने के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी के तहत आज जगदीशपुर, हलदिया, बोकारो, धामरा पाइप लाइन प्रोजेक्‍ट के बोकारो-आंगुल सेक्‍शन का शिलान्‍यास आज किया गया है। करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्‍ट जब पूरा हो जाएगा तो इससे ओडि़शा के पांच जिलों के साथ-साथ झारखंड के छह जिले भी पाइप वाली गैस से जुड़ जाएंगे।

साथियों, साधनों, संसाधनों का विकास तब तक अपूर्ण है, जब तक सांस्कृतिक विकास का आयाम उससे नहीं जुड़ता देश के पहले स्‍वातंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाली पायकाक्रांति के 200 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष डाक टिकट और सिक्‍का भी आज जारी किया गया है। इसके अतिरिक्‍त पायका क्रांति के नायक बक्‍शी जगबंधु के नाम से उत्‍कल युनिवर्सिटी में एक चेयरभी सरकार ने शुरू की है। यह चेयर पायका और आदिवासी आंदोलन समेत तमाम राष्‍ट्रवादी आंदोलन की रिसर्च से जुड़े विषयों पर रिसर्च का सेंटर तो होगी ही। साथ में यह ओडि़शा के आदिवासी समाज में आए सामाजिक और आर्थिक बदलावों को समझने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

साथियों, पायका के नायकों को सम्‍मान देने के साथ-साथ ओडि़शा की समृद्ध अध्‍यात्मिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का ध्‍यान भी दिया जा रहा है। कटक जिले के ललितगिरी में archeology museum का उद्घाटन भी आज करने का मुझे अवसर मिला है। इसमें बौद्ध काल के आर‍ंभिक समय से जुड़े अहम अवशेष रखे गए हैं। यह museum दुनियाभर के बौद्ध मत से जुड़े लोगों,research scholar को तो आकर्षित करेगा ही, दूसरे लोगों के लिए भी टूरिस्‍टों के लिए भी यह आकर्षण का केंद्र होगा। ओडि़शा की tourism industry से इसको और शक्ति मिलने वाली है। जिससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे।

साथियों, केंद्र सरकार ओडि़शा के सम्‍पूर्ण विकास के लिए समर्पित है। ओडि़शा के infrastructure से लेकर जन-जन के विकास के लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं कि यह काम निरंतर जारी रहेगा। ओडि़शा New India के विकास का एक महत्‍वपूर्ण engine बनें। इसके लिए हम सभी को साथ मिलकर आगे बढ़ना है, आगे बढ़ेंगे, मिलकर प्रयास करे। इसी कामना के साथ एक बार फिर इन तमाम विकास परियोजनाओं के लिए ओडि़शा के जन-जन को हृदय पूर्वक बधाई देता हूं। और जय जगन्‍नाथ का स्‍मरण करते हुएआप सबका बहुत-बहुत धन्‍यवाद।

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।