‘Parivarwaadi’ politics are the biggest enemies of the country's democracy and the country's youth: PM Modi
Our country has seen how corruption becomes the face of those political parties dedicated to one family: PM Modi lashes out at opposition
21st century India is moving forward with the dream of 'Aatmanirbhar Bharat' and 'Make in India': PM Modi in Hyderabad


पट्टुदलकी पौरुषानिकी मारुपेरैन तेलंगाणा प्रजलकु नमस्कारमुलु
(दृढ़ संकल्प एवं पौरुष के लिए ख्यात तेलंगाना की जनता को मेरा नमष्कार।)

इतनी बड़ी संख्या में आप सब एयरपोर्ट पर आए हैं।

आपका ये प्यार, तेलंगाना का ये स्नेह, ये मेरी बहुत बड़ी ताकत है।

मैं जब भी तेलंगाना आता हूँ, मुझे लगता है कि तेलंगाना के स्नेह का ऋण मेरे ऊपर और ज्यादा बढ़ गया है।

मैं आप सबका इस अपनेपन के लिए धन्यवाद देता हूँ, आभार व्यक्त करता हूँ।

विशेष रूप से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में आप जो श्रम कर रहे हैं;

आप जिस तरह गर्मी, धूप और हर मौसम में पसीना बहा रहे हैं;

तमाम चुनौतियों के साथ साथ जिस तरह आप अत्याचार और शोषण के खिलाफ जूझ रहे हैं उसे पूरा देश देख रहा है।

हमारे जिन कार्यकर्ताओं ने तेलंगाना की सेवा और विकास के संकल्प के साथ अपना बलिदान दिया है, मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।


साथियों,

भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सरदार पटेल के पदचिन्हों में आस्था रखता है।

हमारे लिए भारत की एकता और अखंडता सर्वोपरि है।

हमारे लिए माँ भारती की सेवा सर्वोपरि है।

भारत को तोड़ने का मंसूबा रखने वाले, जुल्म की बदौलत तेलंगाना पर हुकूमत का सपना देखने वाले आज़ादी के समय भी थे।

लेकिन वो सोच न तब कामयाब हुई थी, न आज कामयाब होगी।

भाजपा की लड़ाई इसी सोच के खिलाफ है।

वो तेलंगाना को तुष्टीकरण का हब बनाने में लगे हैं।

हम तेलंगाना को टेक्नोलॉजी का हब बनाना चाहते हैं।

वो तेलंगाना को परिवारवाद के जरिए चलाना चाहते हैं।

हम 21वीं सदी की सोच के साथ तेलंगाना को विकास की ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं।

साथियों,

दशकों तक चले तेलंगाना आंदोलन में हजारों लोगों ने अपना बलिदान दिया था।

ये बलिदान तेलंगाना के भविष्य़ के लिए थे।

ये बलिदान, तेलंगाना की आन-बान-शान के लिए था।

तेलंगाना आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि कोई एक परिवार तेलंगाना के विकास के सपनों को लगातार कुचलता रहे।

तेलंगाना आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि कोई एक परिवार साम-दाम-दंड-भेद ये रास्ता अपना करके तेलंगाना को तबाह करने में नई-नई साजिश करते रहें।

साथियों,

परिवारवादी पार्टियां भारत की केवल एक सियासी समस्या नहीं हैं।

परिवारवाद और परिवारवादी पार्टियां, देश के लोकतंत्र और देश के युवा, दोनों की सबसे बड़ी दुश्मन हैं।

देश ने देखा है, तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि एक परिवार को समर्पित पार्टियां जब सत्ता में आती हैं तो कैसे उस परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार, उसका सबसे बड़ा चेहरा बन जाते हैं।

तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि परिवारवादी पार्टियां किस तरह सिर्फ अपना विकास करती हैं, अपने परिवार के सदस्यों की तिजोरियां भरती हैं।

इन परिवारवादी पार्टियों को गरीब के दर्द की, गरीब की तकलीफों की, न उनको कोई चिंता नहीं होती है, न परवाह होती है।

इनकी राजनीति सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि एक परिवार लगातार किसी भी तरह सत्ता पर कब्जा करके लूट सके तो लूटता रहे।

इसके लिए, ये लोग समाज को बांटने की साजिशें रचतें हैं, जनता के विकास में उनकी कोई रूची नहीं होती है। पिछड़ेपन, समाज पीछे रहे उसी में उनका भला देखते हैं।

साथियों,

परिवारवाद की वजह से देश के युवाओं को, देश की प्रतिभाओं को राजनीति में आने का अवसर भी नहीं मिलता।

परिवारवाद उनके हर सपनों को कुचलता है, उनके लिए हर दरवाजे बंद करता है।

इसलिए, आज 21वीं सदी के भारत के लिए परिवारवाद से मुक्ति, परिवारवादी पार्टियों से मुक्ति एक संकल्प भी है, और एक नैतिक आंदोलन भी है।

जहां जहां परिवारवादी पार्टियां हटी हैं, वहां वहां विकास के रास्ते भी खुले हैं।

अब इस अभियान को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी तेलंगाना के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों की है, तेलंगाना की जनता की है।


साथियों,

एक ओर भाजपा की लड़ाई तेलंगाना के भविष्य के लिए है, तो दूसरी ओर ये लड़ाई तेलंगाना के सम्मान, स्वाभिमान और पहचान की भी है।

और, यहाँ एयरपोर्ट से बाहर आते ही तेलंगाना की जो हवा मैं महसूस कर रहा हूं, ये जो मैं दृश्य देख रहा हूं, ये तपती धूप में आपलोगों का उमंग देखता हूं, मैं इसके आधार पर कह सकता हूं कि हमारा संघर्ष रंग ला रहा है।

पिछले दिनों अलग-अलग चुनावों में भाजपा की जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेलंगाना में अब लोगों ने मन बना लिया है। तेलंगाना में अब बदलाव पक्का है। तेलंगाना में अब भाजपा तय है।


साथियों,

भाजपा ने पिछले 8 सालों में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश की निरंतर सेवा की है।

गरीब, पिछड़ा, दलित, आदिवासी, हमारी माताएं-बहनें, हमारे अंत्योदय के सारे साथी, भारतीय जनता पार्टी के लिए उनका उत्कर्ष ये हमारी आस्था है।

देश का सम्मान देश के गरीब, मजदूर और किसान के सम्मान से जुड़ा है।

आज गरीब से गरीब व्यक्ति भी सपने देख सकता है, स्वाभिमान से जीवन जीने का प्रयास कर सकता है।

हमने हर गरीब को शौचालय देने का वायदा किया, उसे पूरा किया।

हमने गरीबों को देश की आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया, जनधन योजना खातों के जरिए उसे पूरा किया।

हमने गरीब माताओं बहनों को धुएं से आजादी देने की बात कही, उनके नाम पर उन्हें पक्का घर देने की बात कही।

पूरे देश में आज करोड़ों गरीबों का ये सपना साकार हो रहा है।

आज किसानों को उनके खातों में और खास कर मेरे छोटे किसान भाई-बहनों को सम्मान निधि मिल कर, उन्हें एक नई ताकत मिल रही है।

मुद्रा योजना और स्वनिधि योजना जैसे प्रयासों से लाखों करोड़ों युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बन रहे हैं।

तेलंगाना के गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी और महिलाओं को भी इन योजनाओं के लाभ का पूरा अधिकार है।

लेकिन दुर्भाग्य से यहां इन योजनाओं के नाम बदलकर इन पर भी सियासत हो रही है।

आप सियासत करिए, जनता के दिलों से न नाम हमारा हटा सकते हैं, न हमारा नाम मिटा सकते हैं। क्योंकि हम गरीबों के लिए जीने वाले लोग हैं, जी जान से गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित लोगों की हमारी परंपरा है।

साथियों,

जब योजनाएं प्रचार और परिवार के भ्रष्टाचार का शिकार होने लगें तो उससे सबसे ज्यादा नुकसान हमारे गरीब का होता है। हमारे दलित, पीड़ित, शोषित और वंचित का होता है।

भाजपा के कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि इस सच्चाई को तेलंगाना के हर एक नागरिक तक लेकर जाएं।

भाइयों और बहनों,

हम सब जानते हैं कि तेलंगाना का सामर्थ्य क्या है, यहां कितनी संभावनाएं हैं!

हम चाहते हैं कि तेलंगाना तेजी से विकास की रफ्तार पकड़े।

साथियों,

21वीं सदी का नया भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के सपनों को लेकर आगे बढ़ रहा है।

हमारे स्टार्टअप्स आज पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप ecosystem हैं।

अभी कुछ दिन पहले ही, भारत का सौंवां यूनिकॉर्न हमारे सामने आया है।

आज हम एक बार फिर से दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में एक हैं।

हमारी इस ग्रोथ स्टोरी में सबसे बड़ी भूमिका टेक्नोलॉजी की है, टेक्नोलॉजी को नेतृत्व दे रहे हैं हमारे युवा-नौजवान साथी।

और, बात जब टेक्नोलॉजी की होती है तो तेलंगाना और तेलंगाना के युवाओं की क्षमताओं के बिना ये बात पूरी नहीं होती।

इस क्षमता के पूरे इस्तेमाल के लिए तेलंगाना को एक progressive और ईमानदार सरकार की जरूरत है।

ये सरकार केवल भाजपा ही दे सकती है।

साथियों,

आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के इस युग में, मैं तेलंगाना के लोगों को एक और बात से सतर्क करना चाहता हूं।

आज के इस युग में अभी भी, 21वीं सदी में भी जो लोग अंधविश्वास के गुलाम बने हुए हैं, वो अपने अंधविश्वास में किसी का भी नुकसान कर सकते हैं।

ये अंधविश्वासी लोग तेलंगाना के सामर्थ्य के साथ कभी न्याय नहीं कर सकते।

साथियों,

मुझे याद है जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था, तो वहां भी कुछ शहरों की पहचान बना दी गई थी कि उस शहर में कोई मुख्यमंत्री जा नहीं सकता है। अगर वहां जाएगा तो उसकी कुर्सी चली जाएगी।

भाइयों-बहनों,

मैं डंके की चोट पर वहीं पर जाता था, बार-बार जाता था। मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, मैं टेक्नोलॉजी में विश्वास करता हूं।

भाइयों-बहनों,

मैं तो आज तेलंगाना की इस धरती से उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को भी बधाई देता हूं। वो तो संत परंपरा से हैं, सन्यासी परंपरा से हैं। उनके कपड़े और भेषभूषा देखकर के कोई भी बात मान लेगा। जब उनके सामने आया कि फलानी जगह पर नहीं जाना है, ढिकानी जगह पर नहीं जाना चाहिए। योगी जी ने कहा, मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, वे चले गए और दोबारा जीतकर मुख्यमंत्री बने। अंधविश्वास को इस प्रकार से तवज्जो देने वाले लोग, उसके भविष्य को कभी संवार नहीं सकते हैं।

भाइयों-बहनों,

ऐसे अंधविश्वासी लोगों से हमारे तेलंगाना को हमें बचाना है। मैं आप सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से कहूंगा- हमें पूरी मेहनत करनी है।

हमें तेलंगाना की जनता की सेवा में कोई कोर कसर नहीं छोड़नी है।

मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा का हर एक कार्यकर्ता इसी उत्साह और समर्पण के साथ आगे भी काम करता रहेगा।

तेलंगाना तेजी से विकास के रास्ते पर चलेगा,

तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्त होगा,

परिवारवादी पार्टी के चंगुल से मुक्त होगा,

भाइयों-बहनों, मैं 2013 उस समय भूल नहीं सकता, मैं तो गुजरात का कार्यकर्ता था, पूरा देश न मुझे जानता था, लेकिन हैदराबाद ने एक ऐसा इतिहास रचा था। जिसने पूरे हिंदुस्तान की सोच में परिवर्तन लाया था। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं, हिंदुस्तान के सार्वजनिक जीवन में वो पहली घटना थी और हैदराबाद तेलंगाना के लोगों ने करके दिखाया था। जब मैं हैदराबाद आया तो मेरा भाषण सुनने के लिए टिकट रखी गई थी। पैसे देकर आइए सुनने के लिए और मैं देख रहा था, तेलंगाना के लोगों ने टिकट खर्च करके इतनी प्रेम वर्षा की थी, इतनी प्रेम वर्षा की थी, और वही एक टर्निंग प्वाइंट था कि आज मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला है। यही हैदराबाद, यही तेलंगाना अब नया इतिहास बना करके तेलंगाना में झंडा गाड़ने वाला है।

साथियों,
मैं आपके परिश्रम की जितनी तारीफ करूं उतनी कम है। आपके जज्बे की जितनी तारीफ करूं उतनी कम है। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है, न आप झुकने वाले हैं। न आप थकने वाले हैं। आप जूझने वाले भी हैं, जीतने वाले भी हैं।

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You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।