‘Parivarwaadi’ politics are the biggest enemies of the country's democracy and the country's youth: PM Modi
Our country has seen how corruption becomes the face of those political parties dedicated to one family: PM Modi lashes out at opposition
21st century India is moving forward with the dream of 'Aatmanirbhar Bharat' and 'Make in India': PM Modi in Hyderabad


पट्टुदलकी पौरुषानिकी मारुपेरैन तेलंगाणा प्रजलकु नमस्कारमुलु
(दृढ़ संकल्प एवं पौरुष के लिए ख्यात तेलंगाना की जनता को मेरा नमष्कार।)

इतनी बड़ी संख्या में आप सब एयरपोर्ट पर आए हैं।

आपका ये प्यार, तेलंगाना का ये स्नेह, ये मेरी बहुत बड़ी ताकत है।

मैं जब भी तेलंगाना आता हूँ, मुझे लगता है कि तेलंगाना के स्नेह का ऋण मेरे ऊपर और ज्यादा बढ़ गया है।

मैं आप सबका इस अपनेपन के लिए धन्यवाद देता हूँ, आभार व्यक्त करता हूँ।

विशेष रूप से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में आप जो श्रम कर रहे हैं;

आप जिस तरह गर्मी, धूप और हर मौसम में पसीना बहा रहे हैं;

तमाम चुनौतियों के साथ साथ जिस तरह आप अत्याचार और शोषण के खिलाफ जूझ रहे हैं उसे पूरा देश देख रहा है।

हमारे जिन कार्यकर्ताओं ने तेलंगाना की सेवा और विकास के संकल्प के साथ अपना बलिदान दिया है, मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।


साथियों,

भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सरदार पटेल के पदचिन्हों में आस्था रखता है।

हमारे लिए भारत की एकता और अखंडता सर्वोपरि है।

हमारे लिए माँ भारती की सेवा सर्वोपरि है।

भारत को तोड़ने का मंसूबा रखने वाले, जुल्म की बदौलत तेलंगाना पर हुकूमत का सपना देखने वाले आज़ादी के समय भी थे।

लेकिन वो सोच न तब कामयाब हुई थी, न आज कामयाब होगी।

भाजपा की लड़ाई इसी सोच के खिलाफ है।

वो तेलंगाना को तुष्टीकरण का हब बनाने में लगे हैं।

हम तेलंगाना को टेक्नोलॉजी का हब बनाना चाहते हैं।

वो तेलंगाना को परिवारवाद के जरिए चलाना चाहते हैं।

हम 21वीं सदी की सोच के साथ तेलंगाना को विकास की ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं।

साथियों,

दशकों तक चले तेलंगाना आंदोलन में हजारों लोगों ने अपना बलिदान दिया था।

ये बलिदान तेलंगाना के भविष्य़ के लिए थे।

ये बलिदान, तेलंगाना की आन-बान-शान के लिए था।

तेलंगाना आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि कोई एक परिवार तेलंगाना के विकास के सपनों को लगातार कुचलता रहे।

तेलंगाना आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि कोई एक परिवार साम-दाम-दंड-भेद ये रास्ता अपना करके तेलंगाना को तबाह करने में नई-नई साजिश करते रहें।

साथियों,

परिवारवादी पार्टियां भारत की केवल एक सियासी समस्या नहीं हैं।

परिवारवाद और परिवारवादी पार्टियां, देश के लोकतंत्र और देश के युवा, दोनों की सबसे बड़ी दुश्मन हैं।

देश ने देखा है, तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि एक परिवार को समर्पित पार्टियां जब सत्ता में आती हैं तो कैसे उस परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार, उसका सबसे बड़ा चेहरा बन जाते हैं।

तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि परिवारवादी पार्टियां किस तरह सिर्फ अपना विकास करती हैं, अपने परिवार के सदस्यों की तिजोरियां भरती हैं।

इन परिवारवादी पार्टियों को गरीब के दर्द की, गरीब की तकलीफों की, न उनको कोई चिंता नहीं होती है, न परवाह होती है।

इनकी राजनीति सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि एक परिवार लगातार किसी भी तरह सत्ता पर कब्जा करके लूट सके तो लूटता रहे।

इसके लिए, ये लोग समाज को बांटने की साजिशें रचतें हैं, जनता के विकास में उनकी कोई रूची नहीं होती है। पिछड़ेपन, समाज पीछे रहे उसी में उनका भला देखते हैं।

साथियों,

परिवारवाद की वजह से देश के युवाओं को, देश की प्रतिभाओं को राजनीति में आने का अवसर भी नहीं मिलता।

परिवारवाद उनके हर सपनों को कुचलता है, उनके लिए हर दरवाजे बंद करता है।

इसलिए, आज 21वीं सदी के भारत के लिए परिवारवाद से मुक्ति, परिवारवादी पार्टियों से मुक्ति एक संकल्प भी है, और एक नैतिक आंदोलन भी है।

जहां जहां परिवारवादी पार्टियां हटी हैं, वहां वहां विकास के रास्ते भी खुले हैं।

अब इस अभियान को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी तेलंगाना के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों की है, तेलंगाना की जनता की है।


साथियों,

एक ओर भाजपा की लड़ाई तेलंगाना के भविष्य के लिए है, तो दूसरी ओर ये लड़ाई तेलंगाना के सम्मान, स्वाभिमान और पहचान की भी है।

और, यहाँ एयरपोर्ट से बाहर आते ही तेलंगाना की जो हवा मैं महसूस कर रहा हूं, ये जो मैं दृश्य देख रहा हूं, ये तपती धूप में आपलोगों का उमंग देखता हूं, मैं इसके आधार पर कह सकता हूं कि हमारा संघर्ष रंग ला रहा है।

पिछले दिनों अलग-अलग चुनावों में भाजपा की जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेलंगाना में अब लोगों ने मन बना लिया है। तेलंगाना में अब बदलाव पक्का है। तेलंगाना में अब भाजपा तय है।


साथियों,

भाजपा ने पिछले 8 सालों में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश की निरंतर सेवा की है।

गरीब, पिछड़ा, दलित, आदिवासी, हमारी माताएं-बहनें, हमारे अंत्योदय के सारे साथी, भारतीय जनता पार्टी के लिए उनका उत्कर्ष ये हमारी आस्था है।

देश का सम्मान देश के गरीब, मजदूर और किसान के सम्मान से जुड़ा है।

आज गरीब से गरीब व्यक्ति भी सपने देख सकता है, स्वाभिमान से जीवन जीने का प्रयास कर सकता है।

हमने हर गरीब को शौचालय देने का वायदा किया, उसे पूरा किया।

हमने गरीबों को देश की आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया, जनधन योजना खातों के जरिए उसे पूरा किया।

हमने गरीब माताओं बहनों को धुएं से आजादी देने की बात कही, उनके नाम पर उन्हें पक्का घर देने की बात कही।

पूरे देश में आज करोड़ों गरीबों का ये सपना साकार हो रहा है।

आज किसानों को उनके खातों में और खास कर मेरे छोटे किसान भाई-बहनों को सम्मान निधि मिल कर, उन्हें एक नई ताकत मिल रही है।

मुद्रा योजना और स्वनिधि योजना जैसे प्रयासों से लाखों करोड़ों युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बन रहे हैं।

तेलंगाना के गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी और महिलाओं को भी इन योजनाओं के लाभ का पूरा अधिकार है।

लेकिन दुर्भाग्य से यहां इन योजनाओं के नाम बदलकर इन पर भी सियासत हो रही है।

आप सियासत करिए, जनता के दिलों से न नाम हमारा हटा सकते हैं, न हमारा नाम मिटा सकते हैं। क्योंकि हम गरीबों के लिए जीने वाले लोग हैं, जी जान से गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित लोगों की हमारी परंपरा है।

साथियों,

जब योजनाएं प्रचार और परिवार के भ्रष्टाचार का शिकार होने लगें तो उससे सबसे ज्यादा नुकसान हमारे गरीब का होता है। हमारे दलित, पीड़ित, शोषित और वंचित का होता है।

भाजपा के कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि इस सच्चाई को तेलंगाना के हर एक नागरिक तक लेकर जाएं।

भाइयों और बहनों,

हम सब जानते हैं कि तेलंगाना का सामर्थ्य क्या है, यहां कितनी संभावनाएं हैं!

हम चाहते हैं कि तेलंगाना तेजी से विकास की रफ्तार पकड़े।

साथियों,

21वीं सदी का नया भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के सपनों को लेकर आगे बढ़ रहा है।

हमारे स्टार्टअप्स आज पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप ecosystem हैं।

अभी कुछ दिन पहले ही, भारत का सौंवां यूनिकॉर्न हमारे सामने आया है।

आज हम एक बार फिर से दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में एक हैं।

हमारी इस ग्रोथ स्टोरी में सबसे बड़ी भूमिका टेक्नोलॉजी की है, टेक्नोलॉजी को नेतृत्व दे रहे हैं हमारे युवा-नौजवान साथी।

और, बात जब टेक्नोलॉजी की होती है तो तेलंगाना और तेलंगाना के युवाओं की क्षमताओं के बिना ये बात पूरी नहीं होती।

इस क्षमता के पूरे इस्तेमाल के लिए तेलंगाना को एक progressive और ईमानदार सरकार की जरूरत है।

ये सरकार केवल भाजपा ही दे सकती है।

साथियों,

आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के इस युग में, मैं तेलंगाना के लोगों को एक और बात से सतर्क करना चाहता हूं।

आज के इस युग में अभी भी, 21वीं सदी में भी जो लोग अंधविश्वास के गुलाम बने हुए हैं, वो अपने अंधविश्वास में किसी का भी नुकसान कर सकते हैं।

ये अंधविश्वासी लोग तेलंगाना के सामर्थ्य के साथ कभी न्याय नहीं कर सकते।

साथियों,

मुझे याद है जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था, तो वहां भी कुछ शहरों की पहचान बना दी गई थी कि उस शहर में कोई मुख्यमंत्री जा नहीं सकता है। अगर वहां जाएगा तो उसकी कुर्सी चली जाएगी।

भाइयों-बहनों,

मैं डंके की चोट पर वहीं पर जाता था, बार-बार जाता था। मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, मैं टेक्नोलॉजी में विश्वास करता हूं।

भाइयों-बहनों,

मैं तो आज तेलंगाना की इस धरती से उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को भी बधाई देता हूं। वो तो संत परंपरा से हैं, सन्यासी परंपरा से हैं। उनके कपड़े और भेषभूषा देखकर के कोई भी बात मान लेगा। जब उनके सामने आया कि फलानी जगह पर नहीं जाना है, ढिकानी जगह पर नहीं जाना चाहिए। योगी जी ने कहा, मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, वे चले गए और दोबारा जीतकर मुख्यमंत्री बने। अंधविश्वास को इस प्रकार से तवज्जो देने वाले लोग, उसके भविष्य को कभी संवार नहीं सकते हैं।

भाइयों-बहनों,

ऐसे अंधविश्वासी लोगों से हमारे तेलंगाना को हमें बचाना है। मैं आप सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से कहूंगा- हमें पूरी मेहनत करनी है।

हमें तेलंगाना की जनता की सेवा में कोई कोर कसर नहीं छोड़नी है।

मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा का हर एक कार्यकर्ता इसी उत्साह और समर्पण के साथ आगे भी काम करता रहेगा।

तेलंगाना तेजी से विकास के रास्ते पर चलेगा,

तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्त होगा,

परिवारवादी पार्टी के चंगुल से मुक्त होगा,

भाइयों-बहनों, मैं 2013 उस समय भूल नहीं सकता, मैं तो गुजरात का कार्यकर्ता था, पूरा देश न मुझे जानता था, लेकिन हैदराबाद ने एक ऐसा इतिहास रचा था। जिसने पूरे हिंदुस्तान की सोच में परिवर्तन लाया था। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं, हिंदुस्तान के सार्वजनिक जीवन में वो पहली घटना थी और हैदराबाद तेलंगाना के लोगों ने करके दिखाया था। जब मैं हैदराबाद आया तो मेरा भाषण सुनने के लिए टिकट रखी गई थी। पैसे देकर आइए सुनने के लिए और मैं देख रहा था, तेलंगाना के लोगों ने टिकट खर्च करके इतनी प्रेम वर्षा की थी, इतनी प्रेम वर्षा की थी, और वही एक टर्निंग प्वाइंट था कि आज मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला है। यही हैदराबाद, यही तेलंगाना अब नया इतिहास बना करके तेलंगाना में झंडा गाड़ने वाला है।

साथियों,
मैं आपके परिश्रम की जितनी तारीफ करूं उतनी कम है। आपके जज्बे की जितनी तारीफ करूं उतनी कम है। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है, न आप झुकने वाले हैं। न आप थकने वाले हैं। आप जूझने वाले भी हैं, जीतने वाले भी हैं।

मेरा साथ बोलिए

भारत माता की जय

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Text of PM’s speech during the launch of various development works in Silchar, Assam
March 14, 2026
Today, North-East India is the center of India’s Act East Policy; It is becoming a bridge that connects India with South-East Asia: PM
The farmers of Barak Valley and tea garden workers have made a significant contribution to Assam’s development; the Government is continuously working for farmers’ welfare: PM
We consider border villages as the nation’s first villages; the next phase of the Vibrant Village Programme was launched from Cachar district to boost development in several Barak Valley villages as well: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

प्रानोप्रिय बोराक उपत्यकार, सम्मानित नागरिकवृंद, आपनादेर शोबाई के आमार प्रोणाम जानाई।

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, उपस्थित राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

संस्कृति, साहस और जीवंतता से भरपूर बराक वैली के आप सभी परिवारजनों के बीच आना बहुत विशेष अनुभव रहता है। सिलचर को तो बराक घाटी का गेटवे कहा जाता है। ये वो जगह है जहां इतिहास, भाषा, संस्कृति और उद्यम ने मिलकर अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। यहां बांग्ला बोली जाती है, असमिया की गूँज सुनाई देती है और अन्य जनजातीय परंपराएं भी फुलती-फलती हैं। यहां इतनी विविधता को अपनी ताकत बनाकर आप सभी भाईचारे के साथ, सद्भाव के साथ, इस पूरे क्षेत्र का विकास कर रहे हैं। ये बराक वैली का बहुत बड़ा सामर्थ्य है

साथियों,

बराक नदी के उपजाऊ मैंदानों ने, यहां के चाय बागानों ने, यहां के किसानों को, यहां के ट्रेड रूट्स को, एजुकेशन सेंटर्स को हमेशा प्रोत्साहित किया है। ये क्षेत्र असम ही नहीं, पूरे नॉर्थ ईस्ट और पश्चिम बंगाल को भी कनेक्ट करता है। बराक घाटी के इसी महत्व को 21वीं सदी में और अधिक सशक्त करने के लिए मैं आज आपके बीच आया हूं, आपके आशीर्वाद लेने आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां बराक वैली की कनेक्टिविटी से जुड़े, नॉर्थ ईस्ट की कनेक्टिविटी से जुड़े, हजारों करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। रोड़ हो, रेल हो, एग्रीकल्चर कॉलेज हो, ऐसे हर प्रोजेक्ट्स से बराक वैली नॉर्थ ईस्ट का एक बड़ा लॉजिस्टिक और ट्रेड हब बनने जा रहा है। इससे यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के, स्वरोजगार के अनगिनत, अनगिनत अवसर बनने जा रहे हैं। मैं आप सभी को इन सभी विकास परियोजाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को एक प्रकार से भुला दिया था। लेकिन बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है, दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है।

लेकिन साथियों,

जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को भी बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आज़ाद हुआ, तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिससे बराक घाटी का समंदर से संपर्क ही कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट के रूप में, एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आज़ादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार, इस स्थिति को बदल रही है। हम बराक घाटी को फिर से व्यापार कारोबार का बड़ा हब बनाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। आज इस दिशा में एक बहुत बड़ा और अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। आज करीब 24 हजार करोड़ रुपए के शिलांग-सिलचर हाई-स्पीड कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ है, 24 हजार करोड़ रुपए, कितने? कितने? 24 हजार करोड़ रुपए। कितने? कितने? कितने? ये जरा कांग्रेस वालों को पूछना, जरा कागज पेन देना और उनको कहना कि जरा कागज पर 24 हजार करोड़ लिखो तो, कितने, कितने जीरो लगते हैं, आएगा नहीं उनको। ये कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद हो जाता है ना, वहां हमारा काम शुरू हो जाता है। यह नॉर्थ-ईस्ट का पहला Access Controlled High-Speed Corridor होगा।

साथियों,

ये सिर्फ एक हाईवे प्रोजेक्ट नहीं है, ये नॉर्थ ईस्ट के लोगों के दशकों पुराने इंतजार का अंत हो रहा है। इस कॉरिडोर से सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा, ये सब राज्य कनेक्ट होने वाले हैं। इन तीनों राज्यों से आगे बांग्लादेश और म्यांमार हैं और फिर आगे दक्षिण-पूर्व एशिया का विशाल बाजार है। यानी बराक घाटी, एक बहुत उज्जवल भविष्य की तरफ जुड़ने का आज शिलान्यास कर रही है। इसका फायदा असम सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट के किसानों को होगा, यहां के नौजवानों को होगा। इतनी अच्छी कनेक्टिविटी वाले ये सारा क्षेत्र बनने से, इस पूरे क्षेत्र में इंडस्ट्री को बल मिलेगा, टूरिज्म को फायदा होगा और सबसे बड़ी बात, हिन्दुस्तान का कोना-कोना आसानी से आप लोगों से जुड़ जाने वाला है।

साथियों,

आप सभी यहां सिलचर में ट्रैफिक को लेकर भी काफी परेशान रहे हैं। अब सिलचर फ्लाईओवर से ये समस्या भी कम हो जाएगी। सिल्चर मेडिकल कॉलेज, NIT सिल्चर और असम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे युवा साथियों के लिए, ये बहुत अच्छी सुविधा हो गई है। इससे आने-जाने में उनका बहुत ही कीमती समय बचने वाला है।

साथियों,

डबल इंजन की बीजेपी सरकार, असम की रेल कनेक्टिविटी पर भी बहुत अधिक काम कर रही है। खासतौर पर रेलवे का बिजलीकरण हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रहा है। अब असम का ढाई हजार किलोमीटर से अधिक का रेल नेटवर्क, अब इलेक्ट्रिफाई हो चुका है। अब यहां भी तेज़ गति से ट्रेनें चल पाएंगी, इससे बराक वैली के स्वच्छ वातावरण को भी फायदा मिलेगा।

साथियों,

बराक वैली के किसानों और यहां के चाय-बागानों में काम करने वाले श्रमिकों का असम के विकास में बहुत बड़ा योगदान है। डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। कल ही, गुवाहाटी से मैंने पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किश्त जारी की है। अब तक पीएम किसान सम्मान निधि का देश के किसानों को लाखों करोड़ रूपया, और अकेले हमारे असम के किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा असम के किसानों को मिल चुका है। अब आप सोचिये, हमने 10 साल में यहां के किसानों की जेब में, 20 हजार करोड़ रुपया उनकी जेब में दिया है। ये कांग्रेस वालों ने 10 साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर के गए थे, उसके बावजूद भी एक फूटी कौड़ी नहीं दी, एक फूटी कौड़ी किसानों को नहीं दी, हमने 20 हजार करोड़ रूपया दिया है। कल बराक वैली के हज़ारों किसानों के खाते में भी, ये आखिरी किस्त भी पहुंची है, ये वाली किस्त पहुंची है और फिर जब चुनाव के बाद आएगा समय, तब भी पहुंचेगी। ये पैसा खेती से जुड़ी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में, मेरे गांव के छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को बहुत बड़ी मदद कर रहा है।

साथियों,

बराक वैली अब अपनी फसलों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़ी पढ़ाई और रिसर्च के लिए भी जानी जाएगी। पत्थरकांडी में बराक घाटी के पहले एग्रीकल्चर कॉलेज का निर्माण कार्य आज से शुरु हो रहा है। इससे किसानों को तो फायदा होगा ही, यहां के नौजवानों को कृषि स्टार्टअप्स के लिए सहयोग, समर्थन और प्रोत्साहन मिलेगा।

साथियों,

भाजपा का मंत्र है- जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसे प्राथमिकता देना। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया को, देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। और इसलिए, बॉर्डर एरिया के विकास के लिए, कछार जिले से ही वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का अगला चरण शुरु किया था। इससे बराक वैली के अनेक गांवों में भी सुधार होना तय हो गया है।

साथियों,

यहां बड़ी संख्या में चाय-बागानों में कार्य करने वाले साथी भी हैं। असम सरकार ने, चाय-बगानों से जुड़े हजारों परिवारों को, उनकी जमीन का अधिकार देने का ऐतिहासिक काम किया है, वो इन परिवारों के भविष्य को बदलने की एक बड़ी शुरुआत है। जमीन के पट्टे मिलने से, इन परिवारों को सुरक्षा मिली है, उन्हें सम्मान का जीवन मिलना सुनिश्चित हुआ है।

साथियों,

आप जरा वहां से दूर रहिए, अब जगह नहीं है, आगे नहीं आ सकते हैं। देखिए वहां से जरा दूर रखिये उनको, अब आगे नहीं आ सकते भईया, अरे हमारे असम के भाई-बहन तो बड़े समझदार हैं। आपका से प्यार, आपका आशीर्वाद, ये इतनी बड़ी ताकत है, कृपा करके आप।

साथियों,

मैं हेमंता जी की सरकार को बधाई देता हूं, चाय-बागानों में करीब 200 सालों से सेवा दे रही अनेक पीढ़ियों के संघर्ष को आपने आज सम्मान दिया है। देखिए मेरी इस बात पर बादल भी गरजने लग गए। मुझे खुशी है कि जिनको पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था, उनकी सुध बीजेपी सरकार ने ली है।

साथियों,

ये सिर्फ भूमि पर कानूनी अधिकार का ही मामला नहीं है। इससे ये लाखों परिवार, केंद्र और राज्य सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से भी तेज़ी से जुड़ेंगे। पक्के घर की योजना हो, बिजली, पानी और गैस की योजनाएं हों, इन सब स्कीम्स का पूरा फायदा अब इन परिवारों को मिलना संभव होगा।

साथियों,

बीते सालों में बीजेपी सरकार ने चाय-बागानों में अनेक स्कूल खोले हैं, बच्चों को स्कॉलरशिप्स दिए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए भी रास्ते खोले गए हैं। ऐसे प्रयासों से चाय-बागानों के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खुल रहे हैं।

साथियों,

बीजेपी की डबल इंजन सरकार के लिए शिक्षा, कौशल विकास और स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत बड़ी प्राथमिकताएं रही हैं। असम ने तो शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कांग्रेस की उपेक्षा को बहुत लंबे समय तक भुगता है। आज असम शिक्षा और स्वास्थ्य का बहुत बड़ा हब बनकर सामने आ रहा है। इसका बहुत अधिक फायदा बराक वैली को मिला है। आज यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक बड़े संस्थान बन चुके हैं।

साथियों,

कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को फूट डालो और राज करो की नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है। आज असम भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर का अहम हिस्सा बन रहा है। यहां नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नॉलॉजी से जुड़ा इकोसिस्टम और टैलेंट तैयार हो रहा है। यहां IIT और IIM जैसे संस्थान बन रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, एम्स और कैंसर अस्पतालों का सशक्त नेटवर्क बन रहा है। शांति और प्रगति का ये नया दौर, अनेक बलिदानों और अनेक प्रयासों से आया है। अब ऐसी हर ताकत को मुंहतोड़ जवाब देना है, जो असम को पुराने दौर में धकेलने की कोशिश करती है।

साथियों,

आज मैं सिलचर से असम को सावधान-सतर्क भी करना चाहता हूं। आपने कांग्रेस को असम से बाहर किया। आज देश का हर राज्य कांग्रेस को सबक सिखा रहा है। कांग्रेस एक के बाद एक चुनाव हार रही है। अब निकट भविष्य में, कांग्रेस खुद के पराजय के इतिहास की सेंचूरी मारने वाला है। हार की हताशा से भरी कांग्रेस ने देश के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के नेता देश को बदनाम करने में जुट गए हैं, आपने देखा है, दिल्ली में इतनी बड़ी AI समिट हुई। आज पूरी दुनिया जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI को लेकर बहुत ही उत्सुक है। दिल्ली में सफलतापूर्वक विश्व की एक नई आशा पैदा करने वाला AI समिट हुआ। दुनियाभर के नेता, दुनियाभर की टेक्नॉलॉजी कंपनियां, टेक्नॉलॉजी के बड़े-बड़े लीडर दिल्ली आए थे। कांग्रेस ने इस समिट को बदनाम करने के लिए कपड़ा फाड़ प्रदर्शन किया। अब कांग्रेस के पास खुद के कपड़े फाड़ने के सिवा कुछ नहीं बचा है। पूरे देश ने कांग्रेस के इस भौंडे और भद्दे प्रदर्शन की आलोचना की। लेकिन दिल्ली में जो कांग्रेस का शाही परिवार है, वो इस कांड को भी अपना मेडल बता रहा है, देश को बदनाम करने वालों की वाहवाही कर रहा है। ऐसी कांग्रेस, जो देश की विरोधी हो, वो किसी राज्य का भला नहीं कर सकती, वो असम के युवाओं का कभी भला नहीं सोच सकती।

साथियों,

आजकल दुनिया में चारों तरफ और हमारे तो अड़ोस पड़ोस में ही युद्ध के हालात और आप सब भलिभांति युद्ध कि क्या भयानकता है, वो रोजमर्रा देख रहे हो। युद्ध से जो स्थितियां बनी हैं, हमारी सरकार उनसे निपटने के लिए, हमारे देश के नागरिकों को कम से कम मुसीबत आए इसलिए हो सके उतने सारे प्रयास कर रही है। हमारा प्रयास है कि देश के नागरिकों पर युद्ध का कम से कम प्रभाव पड़े। इस समय कांग्रेस से उम्मीद थी कि वो एक जिम्मेदार राजनीतिक दल की भूमिका निभाए, लेकिन कांग्रेस देश हित के इस महत्वपूर्ण काम में भी फिर एक बार फेल हो गई। कांग्रेस पूरी कोशिश कर रही है कि देश में पैनिक क्रिएट हो, देश मुश्किल में फंस जाए। और उसके बाद कांग्रेस भर-भर कर मोदी को गाली दे।

साथियों,

कांग्रेस के लिए और कांग्रेस असम के लिए, देश के लिए कांग्रेस का कोई विजन ही नहीं है, इसलिए, इन्होंने अफवाहों को, झूठ-प्रपंच को ही, और जैसे झूठे रील बनाने की इंडस्ट्री खोलकर रखी है, उसी को हथियार बना दिया है। दुनिया में जो ताकतें भारत के तेज़ विकास को नहीं पचा पा रहीं हैं, जिन विदेशी ताकतों को देश की प्रगति रास नहीं आ रही, कांग्रेस देश का दुर्भाग्य देखिए, कांग्रेस उनके हाथ की कठपुतली बनती जा रही है। इसलिए, असम के हर नागरिक को, हर नौजवान को कांग्रेस से सावधान रहना है।

साथियों,

असम हो, बराक वैली हो, अब ये विकास के पथ पर बढ़ चुका है। बराक वैली, अपनी भाषा, अपने साहित्य, अपनी संस्कृति के लिए जानी जाती है। वो दिन दूर नहीं, जब बराक वैली को विकास के नए सेंटर के रूप में पहचान मिलेगी।

साथियों,

आप इतनी बड़ी तादाद में हमें आशीर्वाद देने आए हैं। जो राजनीति के भविष्य की रेखाएं अंकित करने वाले लोग हैं, वो भांति-भांति की जो संभावनाएं तलाशते रहते हैं, वे आज बराक वैली का ये दृश्य, कल बोड़ो समुदाय का वो दृश्य, टी गार्डन वालों के समूह का दृश्य, ये साफ-साफ बता रहा है कि, इस चुनाव का नतीजा भी क्या होने वाला है। और आप इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने के लिए आए हैं, मैं आपका हृदय से आभारत व्यक्त करता हूं और आप सभी को फिर से विकास परियोजनाओं की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!

वंदे मातरम्!