‘Parivarwaadi’ politics are the biggest enemies of the country's democracy and the country's youth: PM Modi
Our country has seen how corruption becomes the face of those political parties dedicated to one family: PM Modi lashes out at opposition
21st century India is moving forward with the dream of 'Aatmanirbhar Bharat' and 'Make in India': PM Modi in Hyderabad


पट्टुदलकी पौरुषानिकी मारुपेरैन तेलंगाणा प्रजलकु नमस्कारमुलु
(दृढ़ संकल्प एवं पौरुष के लिए ख्यात तेलंगाना की जनता को मेरा नमष्कार।)

इतनी बड़ी संख्या में आप सब एयरपोर्ट पर आए हैं।

आपका ये प्यार, तेलंगाना का ये स्नेह, ये मेरी बहुत बड़ी ताकत है।

मैं जब भी तेलंगाना आता हूँ, मुझे लगता है कि तेलंगाना के स्नेह का ऋण मेरे ऊपर और ज्यादा बढ़ गया है।

मैं आप सबका इस अपनेपन के लिए धन्यवाद देता हूँ, आभार व्यक्त करता हूँ।

विशेष रूप से भाजपा कार्यकर्ता के रूप में आप जो श्रम कर रहे हैं;

आप जिस तरह गर्मी, धूप और हर मौसम में पसीना बहा रहे हैं;

तमाम चुनौतियों के साथ साथ जिस तरह आप अत्याचार और शोषण के खिलाफ जूझ रहे हैं उसे पूरा देश देख रहा है।

हमारे जिन कार्यकर्ताओं ने तेलंगाना की सेवा और विकास के संकल्प के साथ अपना बलिदान दिया है, मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।


साथियों,

भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सरदार पटेल के पदचिन्हों में आस्था रखता है।

हमारे लिए भारत की एकता और अखंडता सर्वोपरि है।

हमारे लिए माँ भारती की सेवा सर्वोपरि है।

भारत को तोड़ने का मंसूबा रखने वाले, जुल्म की बदौलत तेलंगाना पर हुकूमत का सपना देखने वाले आज़ादी के समय भी थे।

लेकिन वो सोच न तब कामयाब हुई थी, न आज कामयाब होगी।

भाजपा की लड़ाई इसी सोच के खिलाफ है।

वो तेलंगाना को तुष्टीकरण का हब बनाने में लगे हैं।

हम तेलंगाना को टेक्नोलॉजी का हब बनाना चाहते हैं।

वो तेलंगाना को परिवारवाद के जरिए चलाना चाहते हैं।

हम 21वीं सदी की सोच के साथ तेलंगाना को विकास की ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं।

साथियों,

दशकों तक चले तेलंगाना आंदोलन में हजारों लोगों ने अपना बलिदान दिया था।

ये बलिदान तेलंगाना के भविष्य़ के लिए थे।

ये बलिदान, तेलंगाना की आन-बान-शान के लिए था।

तेलंगाना आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि कोई एक परिवार तेलंगाना के विकास के सपनों को लगातार कुचलता रहे।

तेलंगाना आंदोलन इसलिए नहीं चला था कि कोई एक परिवार साम-दाम-दंड-भेद ये रास्ता अपना करके तेलंगाना को तबाह करने में नई-नई साजिश करते रहें।

साथियों,

परिवारवादी पार्टियां भारत की केवल एक सियासी समस्या नहीं हैं।

परिवारवाद और परिवारवादी पार्टियां, देश के लोकतंत्र और देश के युवा, दोनों की सबसे बड़ी दुश्मन हैं।

देश ने देखा है, तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि एक परिवार को समर्पित पार्टियां जब सत्ता में आती हैं तो कैसे उस परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार, उसका सबसे बड़ा चेहरा बन जाते हैं।

तेलंगाना के लोग देख रहे हैं कि परिवारवादी पार्टियां किस तरह सिर्फ अपना विकास करती हैं, अपने परिवार के सदस्यों की तिजोरियां भरती हैं।

इन परिवारवादी पार्टियों को गरीब के दर्द की, गरीब की तकलीफों की, न उनको कोई चिंता नहीं होती है, न परवाह होती है।

इनकी राजनीति सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि एक परिवार लगातार किसी भी तरह सत्ता पर कब्जा करके लूट सके तो लूटता रहे।

इसके लिए, ये लोग समाज को बांटने की साजिशें रचतें हैं, जनता के विकास में उनकी कोई रूची नहीं होती है। पिछड़ेपन, समाज पीछे रहे उसी में उनका भला देखते हैं।

साथियों,

परिवारवाद की वजह से देश के युवाओं को, देश की प्रतिभाओं को राजनीति में आने का अवसर भी नहीं मिलता।

परिवारवाद उनके हर सपनों को कुचलता है, उनके लिए हर दरवाजे बंद करता है।

इसलिए, आज 21वीं सदी के भारत के लिए परिवारवाद से मुक्ति, परिवारवादी पार्टियों से मुक्ति एक संकल्प भी है, और एक नैतिक आंदोलन भी है।

जहां जहां परिवारवादी पार्टियां हटी हैं, वहां वहां विकास के रास्ते भी खुले हैं।

अब इस अभियान को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी तेलंगाना के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों की है, तेलंगाना की जनता की है।


साथियों,

एक ओर भाजपा की लड़ाई तेलंगाना के भविष्य के लिए है, तो दूसरी ओर ये लड़ाई तेलंगाना के सम्मान, स्वाभिमान और पहचान की भी है।

और, यहाँ एयरपोर्ट से बाहर आते ही तेलंगाना की जो हवा मैं महसूस कर रहा हूं, ये जो मैं दृश्य देख रहा हूं, ये तपती धूप में आपलोगों का उमंग देखता हूं, मैं इसके आधार पर कह सकता हूं कि हमारा संघर्ष रंग ला रहा है।

पिछले दिनों अलग-अलग चुनावों में भाजपा की जीत इस बात का स्पष्ट संकेत है कि तेलंगाना में अब लोगों ने मन बना लिया है। तेलंगाना में अब बदलाव पक्का है। तेलंगाना में अब भाजपा तय है।


साथियों,

भाजपा ने पिछले 8 सालों में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश की निरंतर सेवा की है।

गरीब, पिछड़ा, दलित, आदिवासी, हमारी माताएं-बहनें, हमारे अंत्योदय के सारे साथी, भारतीय जनता पार्टी के लिए उनका उत्कर्ष ये हमारी आस्था है।

देश का सम्मान देश के गरीब, मजदूर और किसान के सम्मान से जुड़ा है।

आज गरीब से गरीब व्यक्ति भी सपने देख सकता है, स्वाभिमान से जीवन जीने का प्रयास कर सकता है।

हमने हर गरीब को शौचालय देने का वायदा किया, उसे पूरा किया।

हमने गरीबों को देश की आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया, जनधन योजना खातों के जरिए उसे पूरा किया।

हमने गरीब माताओं बहनों को धुएं से आजादी देने की बात कही, उनके नाम पर उन्हें पक्का घर देने की बात कही।

पूरे देश में आज करोड़ों गरीबों का ये सपना साकार हो रहा है।

आज किसानों को उनके खातों में और खास कर मेरे छोटे किसान भाई-बहनों को सम्मान निधि मिल कर, उन्हें एक नई ताकत मिल रही है।

मुद्रा योजना और स्वनिधि योजना जैसे प्रयासों से लाखों करोड़ों युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बन रहे हैं।

तेलंगाना के गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी और महिलाओं को भी इन योजनाओं के लाभ का पूरा अधिकार है।

लेकिन दुर्भाग्य से यहां इन योजनाओं के नाम बदलकर इन पर भी सियासत हो रही है।

आप सियासत करिए, जनता के दिलों से न नाम हमारा हटा सकते हैं, न हमारा नाम मिटा सकते हैं। क्योंकि हम गरीबों के लिए जीने वाले लोग हैं, जी जान से गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित लोगों की हमारी परंपरा है।

साथियों,

जब योजनाएं प्रचार और परिवार के भ्रष्टाचार का शिकार होने लगें तो उससे सबसे ज्यादा नुकसान हमारे गरीब का होता है। हमारे दलित, पीड़ित, शोषित और वंचित का होता है।

भाजपा के कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि इस सच्चाई को तेलंगाना के हर एक नागरिक तक लेकर जाएं।

भाइयों और बहनों,

हम सब जानते हैं कि तेलंगाना का सामर्थ्य क्या है, यहां कितनी संभावनाएं हैं!

हम चाहते हैं कि तेलंगाना तेजी से विकास की रफ्तार पकड़े।

साथियों,

21वीं सदी का नया भारत ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के सपनों को लेकर आगे बढ़ रहा है।

हमारे स्टार्टअप्स आज पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप ecosystem हैं।

अभी कुछ दिन पहले ही, भारत का सौंवां यूनिकॉर्न हमारे सामने आया है।

आज हम एक बार फिर से दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं में एक हैं।

हमारी इस ग्रोथ स्टोरी में सबसे बड़ी भूमिका टेक्नोलॉजी की है, टेक्नोलॉजी को नेतृत्व दे रहे हैं हमारे युवा-नौजवान साथी।

और, बात जब टेक्नोलॉजी की होती है तो तेलंगाना और तेलंगाना के युवाओं की क्षमताओं के बिना ये बात पूरी नहीं होती।

इस क्षमता के पूरे इस्तेमाल के लिए तेलंगाना को एक progressive और ईमानदार सरकार की जरूरत है।

ये सरकार केवल भाजपा ही दे सकती है।

साथियों,

आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के इस युग में, मैं तेलंगाना के लोगों को एक और बात से सतर्क करना चाहता हूं।

आज के इस युग में अभी भी, 21वीं सदी में भी जो लोग अंधविश्वास के गुलाम बने हुए हैं, वो अपने अंधविश्वास में किसी का भी नुकसान कर सकते हैं।

ये अंधविश्वासी लोग तेलंगाना के सामर्थ्य के साथ कभी न्याय नहीं कर सकते।

साथियों,

मुझे याद है जब मैं गुजरात में मुख्यमंत्री था, तो वहां भी कुछ शहरों की पहचान बना दी गई थी कि उस शहर में कोई मुख्यमंत्री जा नहीं सकता है। अगर वहां जाएगा तो उसकी कुर्सी चली जाएगी।

भाइयों-बहनों,

मैं डंके की चोट पर वहीं पर जाता था, बार-बार जाता था। मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, मैं टेक्नोलॉजी में विश्वास करता हूं।

भाइयों-बहनों,

मैं तो आज तेलंगाना की इस धरती से उत्तर प्रदेश के हमारे मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को भी बधाई देता हूं। वो तो संत परंपरा से हैं, सन्यासी परंपरा से हैं। उनके कपड़े और भेषभूषा देखकर के कोई भी बात मान लेगा। जब उनके सामने आया कि फलानी जगह पर नहीं जाना है, ढिकानी जगह पर नहीं जाना चाहिए। योगी जी ने कहा, मैं विज्ञान में विश्वास करता हूं, वे चले गए और दोबारा जीतकर मुख्यमंत्री बने। अंधविश्वास को इस प्रकार से तवज्जो देने वाले लोग, उसके भविष्य को कभी संवार नहीं सकते हैं।

भाइयों-बहनों,

ऐसे अंधविश्वासी लोगों से हमारे तेलंगाना को हमें बचाना है। मैं आप सभी भाजपा कार्यकर्ताओं से कहूंगा- हमें पूरी मेहनत करनी है।

हमें तेलंगाना की जनता की सेवा में कोई कोर कसर नहीं छोड़नी है।

मुझे पूरा विश्वास है कि भाजपा का हर एक कार्यकर्ता इसी उत्साह और समर्पण के साथ आगे भी काम करता रहेगा।

तेलंगाना तेजी से विकास के रास्ते पर चलेगा,

तुष्टिकरण की राजनीति से मुक्त होगा,

परिवारवादी पार्टी के चंगुल से मुक्त होगा,

भाइयों-बहनों, मैं 2013 उस समय भूल नहीं सकता, मैं तो गुजरात का कार्यकर्ता था, पूरा देश न मुझे जानता था, लेकिन हैदराबाद ने एक ऐसा इतिहास रचा था। जिसने पूरे हिंदुस्तान की सोच में परिवर्तन लाया था। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं, हिंदुस्तान के सार्वजनिक जीवन में वो पहली घटना थी और हैदराबाद तेलंगाना के लोगों ने करके दिखाया था। जब मैं हैदराबाद आया तो मेरा भाषण सुनने के लिए टिकट रखी गई थी। पैसे देकर आइए सुनने के लिए और मैं देख रहा था, तेलंगाना के लोगों ने टिकट खर्च करके इतनी प्रेम वर्षा की थी, इतनी प्रेम वर्षा की थी, और वही एक टर्निंग प्वाइंट था कि आज मुझे देश की सेवा करने का मौका मिला है। यही हैदराबाद, यही तेलंगाना अब नया इतिहास बना करके तेलंगाना में झंडा गाड़ने वाला है।

साथियों,
मैं आपके परिश्रम की जितनी तारीफ करूं उतनी कम है। आपके जज्बे की जितनी तारीफ करूं उतनी कम है। लेकिन मुझे पूरा विश्वास है, न आप झुकने वाले हैं। न आप थकने वाले हैं। आप जूझने वाले भी हैं, जीतने वाले भी हैं।

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PM to Address Youth at Khelo India Dialogue on 27th August
August 26, 2026
Khelo India Dialogue will bring together sports, youth leadership, civic responsibility, volunteering, fitness and nation-building on a common platform
Yuva Samvaad under Khelo India Dialogue to Focus on Five Key Themes: Sports, Olympic Aspirations, Youth Leadership, Viksit Bharat and Nasha Mukt Yuva

Prime Minister Shri Narendra Modi will address Khelo India Dialogue on 27th August at 11 AM via video conferencing. The programme aims to help the youth engage with India's sporting journey, share their aspirations, and contribute ideas for a stronger youth-led Viksit Bharat.

Organised by Mera Yuva Bharat (MY Bharat), as part of the National Sports Day 2026 celebrations, the programme will be conducted across the country with participation of youth at two colleges in every district across States and Union Territories. The programme is being held in line with the Prime Minister's vision of building a fit, disciplined and sporting nation while placing the aspirations of youth at the centre of the national development agenda.

The nationwide Khelo India Dialogue will bring together sports, youth leadership, civic responsibility, volunteering, fitness and nation-building on a common platform. It will provide a direct channel for young people to engage with the country's sporting ambitions, while ensuring that their ideas and perspectives become part of the continuing conversation on India's youth and sports ecosystem.

The national programme will be followed by local interactions involving young participants, MY Bharat volunteers, local sportspersons and public representatives. A major feature of the initiative will be direct interaction between youth having interest in sports and leading Indian athletes and medal winners. A central feature of the programme will be Yuva Samvaad where Young participants will be invited to articulate their own ideas, perspectives and aspirations. The dialogue will be structured around five themes:

  • improving India's sports ecosystem through better facilities, coaching, sports science and inclusive participation;
  • nurturing talent for the 2036 Olympics via scientific talent identification, transparent selection and long-term athlete development;
  • creating youth leaders through governance platforms and MY Bharat-led volunteering;
  • empowering youth for Viksit Bharat by building civic mindedness, future-ready skills and structured volunteering;
  • promoting a Nasha Mukt Yuva movement that leverages sport and peer networks to fight substance abuse, reinforced by weekly Jan Bhagidari activities under PM's 100-week nationwide campaign launched on 2 August 2026.