Published By : Admin |
November 28, 2025 | 10:00 IST
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ಸವಾಲುಗಳನ್ನು ನಿವಾರಿಸಿಕೊಂಡು, ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸ ಬೆಳೆಸುವುದು, ಪ್ರತಿಭೆ ಮತ್ತು ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಹೆಮ್ಮೆಯನ್ನು ಪ್ರದರ್ಶಿಸಿದ್ದಕ್ಕಾಗಿ ಆಟಗಾರ್ತಿಯರನ್ನು ಶ್ಲಾಘಿಸಿದ ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ
ಕಠಿಣ ಪರಿಶ್ರಮವು ಕ್ರೀಡಾ ಕ್ಷೇತ್ರ ಮತ್ತು ಜೀವನದಲ್ಲಿ ಯಶಸ್ಸನ್ನು ಖಾತ್ರಿಪಡಿಸುತ್ತದೆ: ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ
ತಂಡದ ಸಾಧನೆಗಳು ಎಲ್ಲರಿಗೂ ಸ್ಫೂರ್ತಿ ನೀಡುತ್ತದೆ, ಭಾರತದ ಯುವಕರ ಶಕ್ತಿ ಮತ್ತು ಸ್ಥಿತಿಸ್ಥಾಪಕತ್ವ ಎತ್ತಿ ತೋರಿಸುತ್ತದೆ: ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ನವದೆಹಲಿಯ 7, ಲೋಕ ಕಲ್ಯಾಣ್ ಮಾರ್ಗದಲ್ಲಿ ನಿನ್ನೆ ಭಾರತೀಯ ಅಂಧ ಮಹಿಳಾ ಟಿ20 ವಿಶ್ವಕಪ್ ಚಾಂಪಿಯನ್ಗಳೊಂದಿಗೆ ಸಂವಾದ ನಡೆಸಿದರು. ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಆಟಗಾರ್ತಿಯರೊಂದಿಗೆ ಆತ್ಮೀಯವಾಗಿ ಮಾತನಾಡಿದರು, ಅವರ ದೃಢಸಂಕಲ್ಪದ ಬಗ್ಗೆ ಮೆಚ್ಚುಗೆ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದರು. ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸ ಮತ್ತು ಸ್ಥಿತಿಸ್ಥಾಪಕತ್ವದಿಂದ ತಮ್ಮ ಪಯಣವನ್ನು ಮುಂದುವರಿಸಲು ಅವರನ್ನು ಪ್ರೋತ್ಸಾಹಿಸಿದರು. ಕಠಿಣ ಪರಿಶ್ರಮದ ಮೂಲಕ ಮುನ್ನಡೆಯುವವರು ಕ್ರೀಡಾ ಕ್ಷೇತ್ರದಲ್ಲಿ ಮಾತ್ರವಲ್ಲದೆ ಜೀವನದಲ್ಲಿಯೂ ಸಹ ಎಂದಿಗೂ ವಿಫಲರಾಗುವುದಿಲ್ಲ ಎಂದು ಅವರು ಒತ್ತಿ ಹೇಳಿದರು. ಆಟಗಾರರು ತಮ್ಮದೇ ಆದ ಅಸ್ಮಿತೆಯನ್ನು ಸೃಷ್ಟಿಸಿಕೊಂಡಿದ್ದು, ಅದು ಅವರ ಆತ್ಮವಿಶ್ವಾಸವನ್ನು ಬಲಪಡಿಸುತ್ತದೆ ಎಂದು ಅವರು ಉಲ್ಲೇಖಿಸಿದರು.
150 ವರ್ಷಗಳ ವಂದೇ ಮಾತರಂನ ಮಹತ್ವವನ್ನು ಪ್ರಮುಖವಾಗಿ ಉಲ್ಲೇಖಿಸಿದ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ, ತಂಡದ ಚೈತನ್ಯವು ಏಕತೆ ಮತ್ತು ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಹೆಮ್ಮೆಯ ಮೌಲ್ಯಗಳನ್ನು ಪ್ರತಿಬಿಂಬಿಸುತ್ತದೆ ಎಂದರು. ಭಕ್ತಿ ಗೀತೆಗಳನ್ನು ಹಾಡಿದ ಆಟಗಾರರಲ್ಲಿ ಒಬ್ಬರ ಸಂಗೀತ ಪ್ರತಿಭೆಯನ್ನು ಅವರು ಶ್ಲಾಘಿಸಿದರು, ಅದನ್ನು ಕಾಶಿಯೊಂದಿಗಿನ ತನ್ನ ಸ್ವಂತ ಸಂಬಂಧದೊಂದಿಗೆ ಬೆಸೆದರು.
ಹಾಸ್ಯದ ಧಾಟಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನ ಮಂತ್ರಿ ಅವರು ತಂಡದ ಬಹುಮುಖತೆಯನ್ನು ರಾಜಕೀಯಕ್ಕೆ ಹೋಲಿಸಿದರು, ರಾಜಕೀಯದಲ್ಲಿ ವ್ಯಕ್ತಿಗಳು ಸಚಿವರು, ಶಾಸಕರು ಅಥವಾ ಸಂಸದರಂತಹ ವಿಭಿನ್ನ ಪಾತ್ರಗಳನ್ನು ವಹಿಸುವಂತೆಯೇ, ಆಟಗಾರರು ಸಹ ಅಲೌರೌಂಡರ್ ಗಳು ಎಂದು ಬಣ್ಣಿಸಿದರು.
ಸಾಮಾಜಿಕ ಪೂರ್ವಾಗ್ರಹಗಳು ಮತ್ತು ಕೌಟುಂಬಿಕ ಕಷ್ಟಗಳು ಸೇರಿದಂತೆ ಸವಾಲುಗಳನ್ನು ಜಯಿಸಿದ ವೈಯಕ್ತಿಕ ಕಥೆಗಳನ್ನು ಆಟಗಾರ್ತಿಯರಿಬ್ಬರೂ ಹಂಚಿಕೊಂಡರು. ಒಬ್ಬ ಆಟಗಾರ್ತಿ ತನ್ನ ದಿವಂಗತ ತಂದೆಯ ಕನಸನ್ನು ಸ್ಮರಿಸಿಕೊಂಡರು ಮತ್ತು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಯನ್ನು ಭೇಟಿಯಾಗುವ ಕನಸನ್ನು ನನಸಾಯಿತು ಎಂದು ಸಂತಸ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದರು.
ತಂಡದ ಈ ಯಶಸ್ಸು ವಿಶೇಷ ಚೇತನರಿಗೆ ಮಾತ್ರವಲ್ಲದೆ ಭಾರತದ ಎಲ್ಲಾ ನಾಗರಿಕರಿಗೂ ಸ್ಫೂರ್ತಿಯಾಗಿದೆ ಎಂದು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ತಂಡಕ್ಕೆ ಭರವಸೆ ನೀಡಿದರು. ಅವರ ಸಾಧನೆಗಳು ಭಾರತದ ಯುವಕರ ಶಕ್ತಿ ಮತ್ತು ಸ್ಥಿತಿಸ್ಥಾಪಕತ್ವವನ್ನು ಪ್ರದರ್ಶಿಸುತ್ತವೆ ಎಂದು ಅವರು ಒತ್ತಿ ಹೇಳಿದರು. ದೇಶವು ತನ್ನ ಮಕ್ಕಳಲ್ಲಿ ಅಂತಹ ಧೈರ್ಯ ಮತ್ತು ದೃಢಸಂಕಲ್ಪದೊಂದಿಗೆ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತಿದೆ ಎಂದು ಅವರು ಹೆಮ್ಮೆ ವ್ಯಕ್ತಪಡಿಸಿದರು.
ಜಾಗತಿಕವಾಗಿ ಭಾರತದ ಪ್ರತಿಷ್ಠೆಯನ್ನು ಹೆಚ್ಚಿಸುವಲ್ಲಿ ಮತ್ತು ಅಸಂಖ್ಯಾತ ಇತರರ ಬದ್ಧತೆ ಮತ್ತು ಸ್ಫೂರ್ತಿ ಮೂಲಕ ಪ್ರೇರೇಪಿಸುವಲ್ಲಿ ಅವರ ಪಾತ್ರವನ್ನು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ಲಾಘಿಸಿದರು. ಕೊನೆಯದಾಗಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ತಂಡಕ್ಕೆ ಶುಭ ಹಾರೈಸುವ ಮೂಲಕ ಸಂವಾದವನ್ನು ಮುಕ್ತಾಯಗೊಳಿಸಿದರು.
The inauguration of Swaminarayan Temple is a new milestone in the cultural relations between India and France: PM Modi
September 06, 2026
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It is a matter of great joy that BAPS Swaminarayan Hindu Mandir is being inaugurated in Paris: PM
This temple will surely enrich the diversity of France and energize our cultural relations: PM
India-France Strategic Partnership is special as it rests on the strong foundation of old cultural and political bonds: PM
पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!
आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।
साथियों,
आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।
साथियों,
BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।
साथियों,
बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।
साथियों,
दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।
साथियों,
इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।
साथियों,
स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!