प्रधानमंत्री ने चुनौतियों पर विजय पाते हुए आत्मविश्वास के साथ प्रतिभा और राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों की सराहना की
कड़ी मेहनत खेल के मैदान से परे जीवन में भी सफलता सुनिश्चित करती है: प्रधानमंत्री
टीम की उपलब्धियां सभी को प्रेरित करती हैं और देश के युवाओं की शक्ति व दृढ़ता को उजागर करती हैं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कल नई दिल्ली के 7, लोक कल्याण मार्ग पर टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय दृष्टिबाधित महिला टीम के खिलाड़ियों से बातचीत की। श्री मोदी ने खिलाड़ियों से गर्मजोशी से बातचीत की, उनके दृढ़ संकल्प की सराहना की और उन्हें आत्मविश्वास तथा दृढ़ता के साथ आगे भी इसी तरह खेलते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से आगे बढ़ने वाले खिलाड़ी न केवल खेल के मैदान पर, बल्कि जीवन में कभी भी विफल नहीं होते। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने अपनी अलग पहचान बनाई है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।

 

वंदे मातरम के 150 वर्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा कि टीम की भावना एकता और राष्ट्रीय गौरव के मूल्यों को दर्शाती है। उन्होंने टीम की एक खिलाड़ी की संगीत प्रतिभा की सराहना की, जिसने भक्ति गीत गाए और इसे काशी से अपने जुड़ाव से जोड़ा।

 

प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में टीम की बहुमुखी प्रतिभा की तुलना राजनीति से की और कहा कि जिस तरह राजनीति में लोग मंत्री, विधायक या सांसद जैसी विभिन्न भूमिकाएं निभाते हैं, उसी तरह खिलाड़ी भी हरफनमौला हैं।

 

खिलाड़ियों ने सामाजिक पूर्वाग्रहों और पारिवारिक कठिनाइयों सहित चुनौतियों पर विजय पाने के अपने अनुभवों को साझा किया। एक खिलाड़ी ने अपने दिवंगत पिता के उस सपने को याद किया जो उन्हें सफल होते देखना चाहता था और कहा कि प्रधानमंत्री से मिलकर उनका यह सपना पूर्ण हुआ।

 

प्रधानमंत्री ने टीम को आश्वस्त किया कि उनकी सफलता न केवल दिव्यांगजनों के लिए, बल्कि भारत के सभी नागरिकों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धियां भारत के युवाओं की शक्ति और दृढ़ता को दर्शाती हैं। उन्होंने इस बात पर गर्व किया कि देश अपने बच्चों में ऐसे साहस और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

 

श्री मोदी ने बातचीत के समापन में टीम को शुभकामनाएं दीं तथा वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को और बढ़ाने में उनकी भूमिका की सराहना की। उन्‍होंने यह भी कहा कि इन खिलाडियों के समर्पण और उत्साह ने अनगिनत लोगों को प्रेरित किया है।

 

 

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प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए ज्ञान के महत्व और उसकी परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डाला
September 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए बताया कि ज्ञान समाज के साथ सद्भाव में रहने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बुद्धि और समृद्धि प्रदान करता है, हृदय को आनंद से भर देता है और व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“उपदिशति लोकवृत्तं वितरति वित्तं विनोदयति चित्तम्।
उत्तम्भयति महत्त्वं विद्या हृद्या सुराजसेवेव॥”

यह सुभाषितम बताता है कि विद्या मनुष्य को लोक-व्यवहार की समझ देती है, ज्ञान और समृद्धि प्रदान करती है, उसके मन को आह्लादित करती है तथा महत्व को बढ़ाती है। इसलिए विद्या सुशासन की सेवा से समान हृदय को प्रिय और जीवन को उन्नत बनाने वाली है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“उपदिशति लोकवृत्तं वितरति वित्तं विनोदयति चित्तम्।
उत्तम्भयति महत्त्वं विद्या हृद्या सुराजसेवेव॥”