Published By : Admin |
November 20, 2020 | 22:59 IST
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Data base, cold chain augmentation and transportation mechanism being readied.
Digital platform for vaccine delivery and monitoring has been prepared and tested in consultation with all the stakeholders.
Priority groups for Covid-19 vaccination like Health Workers, Frontline workers and other vulnerable groups being identified.
ಕೊವಿಡ್–19 ಲಸಿಕೆಯ ಸರಬರಾಜು, ವಿತರಣೆ ಮತ್ತು ನಿಯಂತ್ರಣೆಯ ಸನ್ನದ್ಧತೆಯನ್ನು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ನರೇಂದ್ರ ಮೋದಿ ಅವರು ಇಂದು ಪರಿಶೀಲಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಲಸಿಕೆಗಳನ್ನು ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಪಡಿಸಲು ಶ್ರಮಿಸಿದ ಸಂಶೋಧಕರು, ವಿಜ್ಞಾನಿಗಳು, ಶಿಕ್ಷಣ ತಜ್ಞರು ಮತ್ತು ಔಷಧಿ ಕಂಪೆನಿಗಳ ಪ್ರಯತ್ನಗಳನ್ನು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಗಳು ಶ್ಲಾಘಿಸಿದರು ಮತ್ತು ಲಸಿಕೆಯ ಸಂಶೋಧನೆ, ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹಾಗೂ ಉತ್ಪಾದನೆಗೆ ಅನುಕೂಲವಾಗುವಂತೆ ಎಲ್ಲ ರೀತಿಯ ಪ್ರಯತ್ನಗಳನ್ನು ಮಾಡಬೇಕೆಂದು ಅವರು ನಿರ್ದೇಶಿಸಿದರು.
ಭಾರತದಲ್ಲಿ ಐದು ಲಸಿಕೆಗಳು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಯ ಮುಂದುವರಿದ ಹಂತದಲ್ಲಿವೆ, ಅವುಗಳಲ್ಲಿ ನಾಲ್ಕು 2 / 3 ನೇ ಹಂತದಲ್ಲಿ ಮತ್ತು ಒಂದು 1 / 2 ನೇ ಹಂತದಲ್ಲಿವೆ. ಬಾಂಗ್ಲಾದೇಶ್, ಮ್ಯಾನ್ ಮಾರ್, ಖತರ್, ಭೂತಾನ್, ಸ್ವಿಡ್ಜರ್ ಲ್ಯಾಂಡ್, ಬಹ್ ರೇನ್, ಆಸ್ಟ್ರಿಯಾ ಮತ್ತು ದಕ್ಷಿಣ ಕೊರಿಯಾ ದಂತಹ ದೇಶಗಳು – ಭಾರತೀಯ ಲಸಿಕೆಗಳ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಮತ್ತು ನಂತರದ ಬಳಕೆಯ ಸಹಭಾಗಿತ್ವಕ್ಕಾಗಿ ಹೆಚ್ಚಿನ ಆಸಕ್ತಿ ತೋರಿವೆ.
ಪ್ರಥಮ ಹಂತದಲ್ಲಿ ಲಭ್ಯವಾಗುವ ಲಸಿಕೆಯ ಅವಕಾಶವನ್ನ ನಿರ್ವಹಿಸುವ ಪ್ರಯತ್ನದಲ್ಲಿ, ಆರೋಗ್ಯ ಸೇವೆ ಮತ್ತು ಮುಂಚೂಣಿ ಕಾರ್ಮಿಕರ ದತ್ತಾಂಶ, ಶೀತಲ ಸರಪಳಿಯ ಅಭಿವೃದ್ಧಿ ಹಾಗೂ ಸಿರಂಜುಗಳು, ಸೂಜಿಗಳ ಸಂಗ್ರಹಣೆ ಇತ್ಯಾದಿ., ಮುಂದುವರಿದ ಹಂತಗಳಲ್ಲಿ ಸಿದ್ಧಪಡಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ.
ಲಸಿಕೆಯ ಸರಬರಾಜು ಸರಪಳಿಯನ್ನು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೊಳಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ ಮತ್ತು ಲಸಿಕೆ ರಹಿತ ಸರಬರಾಜುಗಳನ್ನು ಹೆಚ್ಚಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಲಸಿಕಾ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮದ ತರಬೇತಿ ಮತ್ತು ಅನುಷ್ಠಾನಕ್ಕಾಗಿ, ವೈದ್ಯಕೀಯ ಮತ್ತು ನರ್ಸಿಂಗ್ ವಿದ್ಯಾರ್ಥಿಗಳು ಹಾಗೂ ಶಿಕ್ಷಕವರ್ಗವನ್ನು ಒಳಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳಲಾಗುತ್ತಿದೆ. ಆದ್ಯತೆಯ ಸೂತ್ರಗಳ ಪ್ರಕಾರ, ಲಸಿಕೆಗಳು ಪ್ರತಿ ಸ್ಥಳ ಮತ್ತು ಪ್ರತಿ ವ್ಯಕ್ತಿಗೆ ತಲುಪುವದನ್ನು ಖಚಿತಪಡಿಸಲು ಪ್ರತಿ ಹಂತದಲ್ಲೂ ಎಚ್ಚರಿಕೆವಹಿಸಲಾಗುತ್ತಿದೆ.
ಭಾರತೀಯ ಸಂಶೋಧನೆ ಮತ್ತು ಉತ್ಪಾದನೆಯಲ್ಲಿ ಕಠಿಣ ಮತ್ತು ಅತ್ಯುನ್ನತ ಜಾಗತಿಕ ಮಾನದಂಡಗಳನ್ನು ಖಚಿತಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳಲು, ಎಲ್ಲಾ ಪ್ರಖ್ಯಾತ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಮತ್ತು ಅಂತಾರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಸಂಸ್ಥೆಗಳು ಮತ್ತು ನಿಯಂತ್ರಕರ ಸಹಯೋಗದೊಂದಿಗೆ ಕಾರ್ಯನಿರ್ವಹಿಸಲು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಗಳು ನಿರ್ದೇಶಿಸಿದ್ದಾರೆ
ಕೊವಿಡ್–19 ಲಸಿಕೆ ನಿರ್ವಹಣೆಗಾಗಿ ರಚಿಸಲಾದ ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ತಜ್ಞರ ತಂಡ (ನೆಗ್ ವಾಕ್) ರಾಜ್ಯ ಸರ್ಕಾರಗಳೊಂದಿಗೆ ಸಮಾಲೋಚಿಸುತ್ತಿದೆ ಮತ್ತು ಪ್ರಥಮ ಹಂತದಲ್ಲಿ ಆದ್ಯತೆ ನೀಡಲಾದ ಗುಂಪುಗಳಿಗೆ ಲಸಿಕೆ ನೀಡುವ ಪ್ರಕ್ರಿಯೆಯನ್ನು ಸಂಬಂಧಿತ ಪಾಲುದಾರರು ತೀವ್ರಗೊಳಿಸಿದ್ದಾರೆ
ಲಸಿಕೆ ಸರಬರಾಜು ಮತ್ತು ಪರಿವೀಕ್ಷಣೆಗಾಗಿ ಡಿಜಿಟಲ್ ವೇದಿಕೆಯನ್ನು ಸಿದ್ಧಪಡಿಸಲಾಗಿದೆ ಮತ್ತು ರಾಜ್ಯ ಹಾಗೂ ಜಿಲ್ಲಾ ಮಟ್ಟದ ಪಾಲುದಾರರ ಸಹಭಾಗಿತ್ವದೊಂದಿಗೆ ಪರೀಕ್ಷೆಗಳನ್ನು ಮಾಡಲಾಗುತ್ತಿದೆ.
ತುರ್ತು ಬಳಕೆಯ ಅಧಿಕಾರವನ್ನು ಮತ್ತು ಔಷಧೀಯ ಉತ್ಪಾದನೆ ಹಾಗೂ ಸಂಗ್ರಹದ ಅಂಶಗಳನ್ನು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಗಳು ಪರಿಶೀಲಿಸಿದರು. ರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಮತ್ತು ಅಂತಾರಾಷ್ಟ್ರೀಯ ಮಟ್ಟದಲ್ಲಿ ಲಸಿಕೆಯ 3 ನೇ ಹಂತದ ಪ್ರಯೋಗದ ಫಲಿತಾಂಶ ಲಭ್ಯವಾಗುತ್ತಿದ್ದಂತೆ ನಮ್ಮ ಧೃಡ ಮತ್ತು ಸ್ವತತ್ರ ನಿಯಂತ್ರಕರು ಬಳಕೆಗಾಗಿ ಅಧಿಕೃತತೆಯನ್ನು ನೀಡಲು ಇವುಗಳ ಶೀಘ್ರ ಮತ್ತು ಕಟ್ಟುನಿಟ್ಟಿನ ಪರಿಶೀಲನೆಗೆ ಒಳಪಡಿಸುತ್ತಾರೆ
ಕೋವಿಡ್ – 19 ಸಂಶೋಧನೆ ಮತ್ತು ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗೆ ಸಹಾಯವಾಗಲು ಕೋವಿಡ್ ಸುರಕ್ಷಾ ಯೋಜನೆಯಡಿಯಲ್ಲಿ ಸರ್ಕಾರ ರೂ 900 ಕೋಟಿ ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ಒದಗಿಸಿದೆ.
ತ್ವರಿತಗತಿಯಲ್ಲಿ ನಿಯಂತ್ರಕ ಅನುಮತಿಗಾಗಿ, ಮತ್ತು ಲಸಿಕಾ ಕಾರ್ಯಕ್ರಮವನ್ನು ಸಮಯೊಚಿತವಾಗಿ ಆಯೋಜಿಸಲು ಯೋಜನೆಯನ್ನು ರೂಪಿಸಬೇಕೆಂದು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಗಳು ನಿರ್ದೇಶನ ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.
ಲಸಿಕಾ ಅಭಿವೃದ್ಧಿಗಾಗಿ ಮಾಡಿದ ಸಮಗ್ರ ಪ್ರಯತ್ನಗಳನ್ನು ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಗಳು ಶ್ಲಾಘಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಪ್ರಸ್ತುತ ಇರುವ ಸಾಂಕ್ರಾಮಿಕ ಪರಿಸ್ಥಿತಿಯನ್ನು ಅವಲೋಕಿಸಿದರೆ ಮುಖಗವಸು ಧರಿಸುವುದು, ಸಾಮಾಜಿಕ ಅಂತರ ಕಾಯ್ದುಕೊಳ್ಳುವುದು ಮತ್ತು ಶುಚಿತ್ವವನ್ನು ಖಚಿತಪಡಿಸಿಕೊಳ್ಳುವುದು ರಕ್ಷಣಾ ಕ್ರಮಗಳ ಮೇಲೆ ಸಡಿಲಿಕೆಗೆ ಅವಕಾಶವಿರುವುದಿಲ್ಲ ಎಂದು ಒತ್ತಿ ಹೇಳಿದರು.
ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿಗಳ ಪ್ರಧಾನ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿ, ಸಂಸತ್ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿ, ನೀತಿ ಆಯೋಗದ ಸದಸ್ಯರು(ಆರೋಗ್ಯ) ಪ್ರಧಾನ ವೈಜ್ಞಾನಿಕ ಸಲಹೆಗಾರರು, ಆರೋಗ್ಯ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿ, ಐಸಿಎಂಆರ್ ಮಹಾನಿರ್ದೇಶಕರು, ಪ್ರಧಾನಮಂತ್ರಿ ಕಚೇರಿ ಅಧಿಕಾರಿಗಳು ಮತ್ತು ಭಾರತ ಸರ್ಕಾರದ ಸಂಬಂಧಿತ ಇಲಾಖಾ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿಗಳು ಈ ಸಭೆಯಲ್ಲಿ ಹಾಜರಿದ್ದರು
Reviewed various issues like prioritisation of population groups, reaching out to HCWs, cold-chain Infrastructure augmentation, adding vaccinators and tech platform for vaccine roll-out.
Held a meeting to review India’s vaccination strategy and the way forward. Important issues related to progress of vaccine development, regulatory approvals and procurement were discussed. pic.twitter.com/nwZuoMFA0N
You have not just increased the number of medals, you have prepared an entire generation: PM Modi to CWG Champions
August 10, 2026
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प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।
प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?
खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।
प्रधानमंत्री – पक्का।
खिलाड़ी – हाँ जी।
खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।
प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।
खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।
प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया
प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।
खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।
प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।
खिलाड़ी – हाँ सर।
प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?
खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।
प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।
खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।
प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?
खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।
प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।
खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।
प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।
खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।
प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।
खिलाड़ी – पर..
प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।
खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?
प्रधानमंत्री – हाँ
खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।
खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।
प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।
प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?
खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।
प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?
खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।
प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।
खिलाड़ी – जी सर।
प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।
खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।
प्रधानमंत्री – ठीक है।
खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।
प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।
खिलाड़ी – थैंक यू सर।
प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।
खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…