ಮೋದಿ ಇಲ್ಲಿ ವಿರಾಮಕ್ಕಾಗಿ ಅಲ್ಲ; ಅವರ ಮಹತ್ವಾಕಾಂಕ್ಷೆಗಳು ಅಪಾರ: ಬಾಲಘಾಟ್ ರ‍್ಯಾಲಿಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ
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ಬಾಲಾಘಾಟ್ ಭೂಮಿ ಭಾರತದ ಮಹಿಳಾ ಶಕ್ತಿಯ ಶಕ್ತಿಗೆ ಸಾಕ್ಷಿಯಾಗಿದೆ: ಬಾಲಘಾಟ್ ಸಭೆಯಲ್ಲಿ ಪ್ರಧಾನಿ ಮೋದಿ

जय श्री कोटेश्वर महादेव!

जय मां कालीपाठ! 

जय मां गढ़कालिका!!

आज देश के विभिन्न हिस्सों में नव वर्ष मनाया जाता है। आज से नवरात्रि का भी आरंभ हुआ है। मैं आप सभी को नव वर्ष की और  नवरात्रि की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

बालाघाट की धरती भारत की नारीशक्ति के पराक्रम की साक्षी है। मैं वीरांगना रानी दुर्गावती और रानी अवन्तीबाई की इस धरती को प्रणाम करता हूँ। आज जनता-जनार्दन का ये सैलाब, ये जनसैलाब, ऐसा लग रहा है, जैसे केसरिया सागर नजर आ रहा है। और इतनी बड़ी तादाद में माताओं-बहनों का स्नेह, उनके आशीर्वाद ये साफ-साफ दिखा रहा है कि 4 जून को मध्य प्रदेश में क्या परिणाम आने वाले हैं। 4-5 महीने पहले विधानसभा चुनाव में ही यहां आप सब लोगों ने मिलकर के कांग्रेस पूरी तरह साफ कर दिया। अब लोकसभा चुनाव में तो कांग्रेस के लोग, भाजपा से नहीं लड़ रहे हैं, एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। इसलिए एमपी के कोने-कोने से आवाज आ रही है- फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार! फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,

2024 का लोकसभा चुनाव 21वीं सदी के भारत का बहुत अहम चुनाव है। ये सिर्फ चुनाव नहीं है, कौन एमपी बने, कौन नहीं बने, इतने भर का ये चुनाव नहीं है। नए भारत के निर्माण का मिशन है। ये विकसित भारत, विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला चुनाव है। जब जी-20 में दुनिया के बड़े-बड़े फैसले, असंभव लगने वाले फैसले भारत में लिए जाते हैं, तो हर देशवासी को लगता है उसकी ताकत बढ़ गई है। जब अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक भारत का डंका बजता है, तो हर देशवासी को लगता है कि उसका अपना सम्मान बढ़ा है। कभी कांग्रेस सरकार अपनी शिकायतें लेकर दूसरे देशों के पास जाती रहती थी। लेकिन, आज वक्त बदल चुका है। दुनिया के बड़े-बड़े देश, आपस में युद्ध कर रहे देश, भारत से अपने मुद्दों पर बात करने के लिए आते हैं। अपने देश का ये रुतबा देखकर हर हिंदुस्तानी का हौसला बुलंद हो जाता है। ये चुनाव देश के इसी बदलाव को नई बुलंदी देने का चुनाव है।

साथियों,

आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस बहुत ही पुरानी सोच पर चली। एक तो उनके मन में आजादी के आंदोलन का अहंकार भरा पड़ा था और सामान्य मानवी ने जो आजादी के आंदोलन में त्याग किया, तपस्या की, बलिदान किया, उसको उन्होंने सत्ता में आते ही नकार दिया। और एक छोटी सी कोटरी, छोटे सा परिवार का कुनबा हावी हो गया। और उसी की सोच देश को पिछड़ेपन की तरफ धकेलती गई। कांग्रेस सोचती थी कि हम तो गरीब देश हैं और गरीब देश को आधुनिक सड़कों की, आधुनिक रेल की, नए एयरपोर्ट की क्या जरूरत है। कांग्रेस के बड़े नेता जिन दो-तीन बड़े शहरों में रहते थे, वहां अपने लिए ये सुविधाएं जुटाकर, ये लोग देश के दूसरे शहरों को भूल जाते थे। सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चल रही बीजेपी सरकार, देश के हर शहर को, देश के हर गांव को प्राथमिकता दे रही है।

हमारी सरकार देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर लाखों करोड़ रुपए खर्च कर रही है। आधुनिक सुविधाओं पर इतना पैसा देश की किसी सरकार ने आजतक खर्च नहीं किया है। आज चाहे यहाँ सिवनी-नागपुर के बीच फोरलेन हाईवे हो, गोंदिया-बालाघाट-सिवनी हाइवे हो, नर्मदा प्रगतिपथ- विंध्य प्रगतिपथ हो, आधुनिक वंदे भारत ट्रेन हों, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के 80 स्टेशनों का विकास हो, बीजेपी सरकार, एमपी का कायाकल्प कर रही है। बालाघाट से गोंडिया वाली जिस ब्रॉडगेज रेलवे लाइन की नींव करीब तीस साल पहले रखी गई थी, उसे भी ये मोदी ने आकर के पूरा किया है। बालाघाट की वारासिवनी हैंडलूम साड़ियों को 'जीआई टैग' मिले, बनारसी साड़ियों की तरह उनकी भी धूम मचे, बीजेपी सरकार इसके लिए भी काम कर रही है। यही विकसित मध्यप्रदेश से विकसित भारत की मोदी की गारंटी है। ये बदलाव केवल 10 वर्षों की मेहनत का परिणाम है। इतना सारा हुआ है, लेकिन मोदी का तो यही कहना है कि ये तो अभी ट्रेलर है। अभी तो बहुत कुछ करना है, देश को बहुत आगे लेकर जाना है। 

भाइयो-बहनों,

आप मेरी जिंदगी को जानते हैं। बहुत बारीकी से आपने मुझे बराबर देखा है, तराशा है। और आपने देखा है कि मोदी मौज करने के लिए पैदा नहीं हुआ है। मोदी मेहनत करता है, क्योंकि उसके लक्ष्य बहुत बड़े हैं। देश के लिए हैं। आपके लिए हैं। आपके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हैं और ये मेहनत इसलिए कर रहा है। जब इतना सारा काम हुआ तो लोग कहते हैं मोदी जी आप इसको ट्रैलर क्यों कहते हैं। इतना सारा कर लिया। अब मैं गांव की भाषा में अगर समझाना है तो मैं ये ही कहता हूं कि आपने देखा होगा कि गांव में दीवाली के दिनों में बड़ा रॉकेट छोड़ना है, बहुत ऊंचे जाने वाला रॉकेट छोड़ना है तो बच्चे क्या करते हैं। पहले वो फुलझड़ी, फुलझड़ी होती हैं न उसको जलाते हैं। फिर दूर से फुलझड़ी से उस रॉकेट को अग्नि देते हैं। और फिर रॉकेट उड़ता है। होता है ना ऐसा । ऐसा होता है ना। अब फुलझड़ी को देखकर भी लगता तो है वाह-वाह बहुत बढ़िया पटाखे फूट रहे हैं। लेकिन उसका लक्ष्य तो ऱॉकेट को ऊपर ले जाना होता है। वैसे ही मोदी ने अब तक जो काम किया है ना वो तो फुलझड़ी है, फुलझड़ी। अभी तो विकास का रॉकेट और ऊंचे ले जाना है। भारत के पूरे सामर्थ्य से असली दीवाली मननी ये तो अभी बाकी है। और इसके लिए ही मैं आपसे आशीर्वाद मांगने आया हूं।

साथियों,

आज भाजपा सरकार वंचितों को वरीयता देते हुए काम कर रही है। भाजपा ने समाज के उस दलित-पिछड़ा-आदिवासी वर्ग को सम्मान दिया है, जिसे पिछली सरकारों ने पहचान से भी वंचित रखा था। आज बीजेपी सरकार एमपी में साढ़े पांच करोड़ जरूरतमंदों को मुफ्त राशन दे रहा है। ये राशन पाने वाले बहुत बड़ी संख्या में इसी वंचित समाज से आते हैं। एमपी के 44 लाख गरीब और वंचित लोगों को तब तक पक्का घर नहीं मिला, जब तक मोदी ने संकल्प नहीं लिया। 

एक समय था जब मध्य प्रदेश में केवल 10 प्रतिशत घरों में पाइप से पानी पहुंचता था। अधिकांश आदिवासी इलाकों में पानी की सप्लाई की सुविधा तक नहीं थी। हमने इतने कम समय में एमपी के करीब 70 लाख घरों में नल से जल की सुविधा पहुंचा दी है। आज एमपी के 80 लाख से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। यहाँ का किसान जो चिन्नोर चावल उगाता है, और जो मुझे भेंट भी दिया गया, उसे अब पूरे देश में पहचान मिली है। यही नहीं, काँग्रेस ने हमारे आदिवासी भाई-बहनों को जड़-जंगल-जमीन के अधिकारों से भी वंचित रखा था। आज एक करोड़ से ज्यादा जनजातीय समाज के लोग पेसा कानून का लाभ ले रहे हैं। लाखों आदिवासी भाइयों-बहनों को वन-अधिकार का पट्टा भी भाजपा सरकार ने ही दिया है। मध्यप्रदेश में हमारे युवा साथी मोहन यादव जी और उनकी सरकार गरीब और आदिवासी समाज के कल्याण के लिए दिन-रात काम कर रही है।

लेकिन साथियों, 

दूसरी ओर काँग्रेस है, जो अभी भी अपनी पुरानी मानसिकता में जकड़ी हुई है। भाजपा जब देश में पहली महिला, आदिवासी महिला आदिवासी राष्ट्रपति के लिए आगे बढ़ी, तब काँग्रेस ने उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। काँग्रेस ने कभी आदिवासी विरासत का सम्मान भी नहीं किया। काँग्रेस ने तो गोविंद गुरु जैसे क्रांतिकारियों को स्वतन्त्रता सेनानी का दर्जा तक नहीं दिया था। काँग्रेस आज़ादी का श्रेय किसी आदिवासी को नहीं अपने शाही परिवार को देना चाहती है। ये हमारी सरकार है जिसने गोविंद गुरु को स्वतन्त्रता सेनानी का दर्जा दिया। ये हमारी सरकार ने टंट्या मामा को सम्मान दिया। ये हमारी ही सरकार ने पहली बार भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जन-जातीय गौरव दिवस की शुरुआत की। आप मुझे बताइये, इस काँग्रेस को क्या एक भी सीट पर मौका मिलना चाहिए क्या ? एक पर भी मिलना चाहिए क्या पूरी तरह क्लीन करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए।

साथियों,

काँग्रेस ने अब आजकल एक इंडी अलायंस बनाकर देश के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है। ये लोग, आपस में एक दूसरे से झगड़ते हैं लेकिन कहते हैं कि मोदी को रोकने के लिए साथ आए हैं। लेकिन, असल में इन्हें मोदी को नहीं रोकना है। इंडी गठबंधन वालों को मोदी को रोकना नहीं है, देश के विकास को रोकना है। इसलिए ये लोग मोदी को गालियां दे रहे हैं, मोदी को धमकियां दे रहे हैं। मैं अपना सब कुछ छोड़कर देशसेवा के मिशन पर चला हूँ। मोदी के लिए, मेरा भारत ही मेरा परिवार है। जो लोग अपनी तिजोरियाँ भरने राजनीति में आए हैं, वो मोदी को धमकी न दें। मोदी तो अपनी कमाई भी देश के काम लगा देने की आदत रखता है। मैं एमपी की धरती से बताना चाहता हूँ, मोदी भक्त है- महाकाल का!  मोदी झुकता है तो या तो जनता जनार्दन के सामने, या महाकाल के सामने! मैंने महाकाल से देशसेवा के लिए गालियां और अपमान को बर्दाश्त करना सीखा है। और मैंने देश विरोधी ताकतों को अंजाम तक पहुंचाना भी सीखा है। मोदी इनकी गीदड़ भभकियों से डरने वाला नहीं है।

साथियों,

ये इंडी गठबंधन मुझसे कितना चिढ़े हुए हैं, ये पूरा देश देख रहा है। मोदी देश की सुरक्षा की गारंटी देता है, तो ये लोग मोदी को गाली देते हैं। मोदी कश्मीर से 370 को हटाने की गारंटी पूरी करता है, तो ये लोग पाकिस्तान की भाषा बोलने लग जाते हैं। मोदी गरीब कल्याण की गारंटी देता है, माताओं बहनों के लिए इज्जतघर बनाने की बात करता है, तो ये लोग मोदी का मज़ाक उड़ाते हैं। बालाघाट की ये धरती, रामपायली की ये भूमि, जो भगवान राम के वनगमन से जुड़ी है, उन्हीं रामलला की जब प्राण-प्रतिष्ठा होती है, तो ये लोग मोदी को गाली देते हैं। और, केवल मोदी को गाली दें तो समझ आता है। इंडी अलायंस के लोग सनातन धर्म को नष्ट करने की सौगंध खाकर इस चुनाव में उतरे हैं। 

भाइयो और बहनों,

मुझसे इनकी एक और बड़ी दुश्मनी है। बीजेपी सरकार आज भ्रष्टाचार के एक-एक रास्ते को बंद कर रही है। बीजेपी सरकार गरीबों के हक का पैसा सीधे गरीबों के खाते में भेज रही है। जिन्होंने देश का पैसा लूटा है, अब उनके ऊपर कानून का शिकंजा भी कसा जा रहा है। परिवारवादी पार्टियों के नेताओं के पास से खुलेआम सैकड़ों करोड़ रुपये बरामद हो रहे हैं।  नोट गिनने वाली मशीनें थक जाती हैं। बिगड़ जाती हैं। खराब हो जाती हैं। लेकिन, काँग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग बिना किसी शर्म के खुलेआम भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाई रोकने के लिए रैलियाँ कर रहे हैं। मैं कहता हूं- भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं-भ्रष्टाचारी बचाओ। इंडी अलायंस में इकट्ठा हुये इन लोगों की मुझसे यही दुश्मनी है। लेकिन मैं आपको गारंटी देता हूँ। भ्रष्टाचार का पैसा जिस-जिस तिजोरी में गया है, उसे मैं बाहर निकाल के रहूंगा। अगले 5 साल ये काम और तेजी से होगा। होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। सख्ती से होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए।

साथियों,

तीसरे कार्यकाल में देश बड़े और ऐतिहासिक फैसले ले सके, इसके लिए मुझे आपका भरपूर आशीर्वाद चाहिए। बीजेपी ने बालाघाट से श्रीमती भारती पारधी को और मंडला से श्री फगन सिंह कुलस्ते को प्रत्याशी बनाया है। इन्हें आप रिकॉर्ड मतों से विजयी बना करके भेजेंगे, तो मोदी को मजबूती मिलेगी। 19 अप्रैल को गर्मी कितनी ही भयंकर क्यों न हो, हमें मतदान के पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने हैं। तोड़ेंगे। इस बार हमने हर पोलिंग बूथ जीतना है। जीतोगे। ज्यादा से ज्यादा मतदान कराओगे। अच्छा मेरा एक काम करोगे। करोगे। इधर से तो आवाज नहीं आ रही। करोगे। पीछे के आवाज नहीं आ रही। मेरा काम करोगो। पक्का करोगे। लेकिन ये चुनाव वाला काम नहीं है। करोगे। देखिए, 19 अप्रैल तक आप अनेक परिवारों में जाएंगे। जब उन सबको मिलने जाएं तो उनको कहना कि अपने मोदी जी आए थे और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम पहुंचा दोगे। हर घर में पहुंचा दोगे। जब मेरा प्रणाम आप पहुंचाओगे ना तो हर घर की माताएं-बहनें मुझे आशीर्वाद देंगी। और उनके आशीर्वाद मेरी बहुत बड़ी ऊर्जा है। देश के लिए दौड़ने की ताकत है।

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भारत माता की जय

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Cabinet approves a Road Construction project in Uttar Pradesh worth Rs.7145.14 crore
July 01, 2026

The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi, today has approved the construction of 117.7 km Kanpur–Kabrai Access-Controlled Greenfield Highway, a four-lane access-controlled corridor with structures designed for future six-laning, forming a key segment of the Bhopal–Kanpur Economic Corridor under the National Highways (O) Programme. With an estimated total capital cost of Rs.7145.14 crore, the project will be implemented by the National Highways Authority of India (NHAI) on BOT (Toll) mode, together with the operation and maintenance of the existing Kanpur-Kabrai section of NH-34.

The project will provide seamless, high-speed connectivity between Kanpur and Kabrai, while strengthening onward connectivity to Sagar, Bhopal and other parts of Madhya Pradesh, thereby creating a modern access controlled economic corridor linking the industrial and commercial centres of Uttar Pradesh with mineral-rich, manufacturing and agricultural regions of Madhya Pradesh thereby improving.

Designed for operating speeds of 80–100 kmph, the corridor will reduce travel time between Kanpur and Kabrai from 3.5 hours to 1.5 hours (58%), while improving road safety, reducing vehicle operating costs and facilitating efficient movement of passenger and freight traffic. The project will also provide strategic connectivity with NH-34, NH-35, the Bundelkhand Expressway, Kanpur Ring Road, and State Highways SH-46, SH-91, SH-10B and SH-42, thereby strengthening integration with the regional highway network. The corridor further strengthen connectivity to the Kabrai mining belt, improving the movement of minerals, industrial goods, construction materials and agricultural produce, thereby enhancing logistics efficiency, supply chain resilience and regional economic development.

Aligned with the PM GatiShakti National Master Plan, the project will improve connectivity to 16 Economic Nodes, including the Unnao, Banther, Pankhi, Rania, Jainpur, Rooma, Chakeri, Sumerpur and Bhuragarh Industrial Areas, Trans Ganga Integrated Township, Growth Centre Jaipur, Kanpur Nagar Node and Bengal Chemicals & Pharmaceuticals Ltd. It will also strengthen connectivity to 9 Social Nodes, namely Fatehpur, Mahoba, Kanpur Zoological Park, Buddha Park, J.K. Temple & Garden, Radha Krishna Temple, Siddheshwar Mahadev Temple, Gopeshwar Mandir and Mahoba Tourist Place, and 10 Logistics Nodes, including Kanpur, Ghatampur, Hamirpur, Mahoba, Kabrai, Bharwa Sumerpur and Banda Railway Stations, together with Kanpur, Chakeri and Khajuraho Airports.

Overall, improve logistics competitiveness, industrial development and economic growth across Bundelkhand and adjoining regions of Uttar Pradesh and Madhya Pradesh, while advancing the objectives of PM GatiShakti.

The project is expected to generate approximately 11,188 direct and 13,985 indirect person-days of employment per lane per km during construction and is projected to carry an Annual Average Daily Traffic (AADT) of about 18,069 Passenger Car Units (PCUs) by FY 2028, underscoring its long-term economic, logistics and transport significance. The proposed project will thus generate close to 1.2 Crore person-days of direct employment and indirect employment.

Map of Corridor: