हम सब मिलकर एक भव्य राम मंदिर बनाने की दिशा में काम करें: प्रधानमंत्री मोदी
राम जन्मभूमि के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं जो सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप है: पीएम मोदी
राम जन्मभूमि मुद्दे पर फैसला आने के बाद भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में उल्लेखनीय विश्वास प्रदर्शित किया है: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज संसद में उच्‍चतम न्‍यायालय के आदेश के अनुसार अयोध्‍या में राम मंदिर के निर्माण की निगरानी के लिए ट्रस्‍ट की घोषणा की।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्देश के आधार पर मेरी सरकार ने आज ‘श्री राम जम्‍म भूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्‍ट बनाने के प्रस्‍ताव को मंजूरी दी है। ट्रस्‍ट अयोध्‍या में भव्‍य राम मंदिर के निर्माण से सम्‍बन्धित सभी निर्णय लेने के लिए स्‍वतंत्र होगा।’

निर्णय अयोध्‍या मामले में उच्‍चतम न्‍यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के अनुरूप

प्रधानमंत्री ने कहा कि माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्देश पर सरकार ने उत्‍तर प्रदेश की सरकार से सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का अनुरोध किया था और राज्‍य सरकार ने इस अनुरोध को स्‍वीकार किया।

हम सभी भगवान राम और अयोध्‍या से जुड़े ऐतिहासिक और आध्‍यात्मिक महत्‍व को जानते हैं। यह भारतीय लोकाचार, भाव, आदर्श और संस्‍कृति में है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भव्‍य राम मंदिर के निर्माण तथा रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने एक और महत्‍वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने फैसला किया है कि लगभग 67.703 एकड़ अधिग्र‍हित भूमि नवगठित श्रीराम जन्‍म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्‍यास को हस्‍तांतरित की जाएगी।’

प्रधानमंत्री ने भारत की जनता द्वारा दिखाए गए आचरण की प्रशंसा की

प्रधानमंत्री ने अयोध्‍या मामले में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्णय के बाद शांति और सद्भाव बनाए रखने में देश द्वारा दिखाई गई परिपक्‍कवता की सराहना की।

उन्‍होंने इस बात को एक अलग ट्वीट में दोहराते हुए कहा, ‘भारत की जनता ने लोकतांत्रिक तौर-तरीकों तथा प्रक्रियाओं में उल्‍लेखनीय विश्‍वास दिखाया। मैं भारत की 130 करोड़ जनता का नमन करता हूं।’

भारत में रहने वाले सभी समुदाय एक बड़े परिवार के सदस्‍य हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सभी एक परिवार के सदस्‍य हैं। यह भारत का लोकाचार है। हम प्रत्‍येक भारतीय को प्रसन्‍न और स्‍वस्‍थ देखना चाहते हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्‍वास से निर्देशित होकर हम प्रत्‍येक भारतीय के कल्‍याण के लिए काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आइये हम सब मिलकर भव्‍य राम मंदिर निर्माण की दिशा में काम करें।’

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India solar capacity to quadruple, wind to triple over decade: Power ministry adviser

Media Coverage

India solar capacity to quadruple, wind to triple over decade: Power ministry adviser
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने बहरीन के राजा से बातचीत की
March 20, 2026
प्रधानमंत्री ने ईद की शुभकामनाएँ दीं और ऊर्जा तथा नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों की निंदा की

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बहरीन के शाह महामहिम हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा के साथ सार्थक चर्चा की। इस चर्चा का उद्देश्य त्योहारों की शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करना और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर बात करना था।

प्रधानमंत्री ने महामहिम शाह हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा से बात की और ईद-उल-फ़ित्र के अवसर पर उन्हें तथा बहरीन की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशियाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों की निंदा की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इन हमलों का वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर बुरा असर पड़ता है। श्री मोदी ने नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग लाइनों को खुला तथा सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। प्रधानमंत्री ने बहरीन में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए महामहिम द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने 'X' पर लिखा:

"बहरीन के शाह महामहिम हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा के साथ सार्थक चर्चा हुई। ईद-उल-फ़ित्र के अवसर पर उन्हें और बहरीन की जनता को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

हमने पश्चिम एशियाई क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। इस क्षेत्र में ऊर्जा और नागरिक बुनियादी ढाँचे पर हमलों की निंदा की, और इस बात पर ज़ोर दिया कि इन हमलों का वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर बुरा असर पड़ता है।

नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और शिपिंग लाइनों को खुला तथा सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया।

बहरीन में रहने वाले भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए महामहिम द्वारा दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।"