भारत माता की जय!
महात्मा गांधी अमर रहे! महात्मा गांधी अमर रहे! महात्मा गांधी अमर रहे!
लाल बहादुर शास्त्री अमर रहे! लाल बहादुर शास्त्री अमर रहे! लाल बहादुर शास्त्री अमर रहे!
विशाल संख्या में पधारे हुए वरिष्ठ महानुभावों और सभी नौजवानों
साथियों,आज 2 अक्टूबर है। पूज्य महात्मा गांधी का जन्मदिवस है। पूज्य लाल बहादुर शास्त्री जी का भी जन्मदिवस है। लाल बहादुर शास्त्री जी ने हमें मंत्र दिया था जय जवान-जय किसान! देश के किसानों ने उस एक आह्वान पर हिंदुस्तान के अन्न के भंडार भर दिए थे।
पूज्य बापू ने हमें संदेश दिया था Quit India-Clean India! देशवासियों ने आजादी का आंदोलन चलाकर के देश को पूज्य बापू के नेतृत्व में गुलामी से मुक्त कराया लेकिन पूज्य बापू का Clean India का सपना अभी अधूरा है। यहां पर एक Crowd Sourcing के माध्यम से देश के लोगों का आह्वान किया था कि इसका Logo बनाकर के हमें Idea दीजिए। लोगों को कहा था कि आप इसका घोष वाक्य हमें दीजिए। महाराष्ट्र के भाई अनंत ने इसमें विजय प्राप्त की। गुजरात राजकोट की एक बहन भाग्यश्री ने इसका इनाम प्राप्त किया।
जब हजारों की तादाद में Logo आए थे और जब मैंने इस Logo को देखा! एक दम से मुझे बड़ा सटीक लगा। मैं देख रहा हूं, इन चश्मों से महात्मा गांधी देख रहे हैं कि बेटे, भारत को स्वच्छ किया कि नहीं किया! ये Logo सिर्फ Logo नहीं है। इस चश्में से गांधी देख रहे हैं – क्या किया? क्या कर रहे हो, कैसे कर रहे हो, कब तक करोगे, इसलिए जब गांधी के चश्में का Logo हम देखते हैं, जो चश्में खुद हमें कहते हैं, स्वच्छ भारत का संदेश देते हैं। मैं इस कल्पना के लिए, इस कृति की रचना करने वाले अनंत को अभनिनंदन देता हूं। एक उन्होंने घोष वाक्य दिया भाग्यश्री ने –“एक कदम स्वच्छता की ओर” बहुत बड़ी बात नहीं है। एक कदम। इसके लिए मैं भाग्यश्री भी बधाई देता हूं।
मेरे प्यारे देशवासियों! मैं आज इस मंच पर से बड़ी प्रमाणिकता से, पवित्र मन से, मेरे सामने India Gate है, वहां पर देश के लिए मरने-मिटने वालों की ज्योति जल रही रही है, उसकी साक्षी से मैं कहता हूं, राजनीतिक बयान नहीं कर रहा हूं। इस देश की सभी सरकारों ने, इस कल को करने के लिए कोई न कोई प्रयास किया है। इस देश के अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक नेताओं ने इस काम को करने के लिए प्रयास किया है। जिन-जिन लोगों ने, अलग-अलग नाम रहे होंगे, कार्यक्रम की रचना अलग रही होगी, रूप-रंग अलग रहे होंगे लेकिन जिन-जिन लोगों ने काम किया है। मैं सबसे पहले उन सबको वंदन करता हूं। मैं उनका अभिनंदन करता हूं।
उसी कड़ी को मुझे आगे ले जाना है। मैं कोई दावा नहीं करता हूं कि अभी-अभी जो चुनकर के आई है, सरकार वो ही सब कर रही है। ना, मैंने लालकिले से भी पुरानी सभी सरकारों को बधाई दी थी, अभिनंदन किया था। आज मैं इस पवित्र मंच से भी जिन-जिन सरकारों ने इस काम को किया है, चाहे केंद्र में हो, चाहे राज्य में हो, चाहे नगर-पालिका में हो, चाहे सामाजिक संगठनों ने किया हो, चाहे सर्वोदयी नेताओं ने किया हो, चाहे सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने किया हो और संगठन के कार्यकर्ताओं ने किया है, सब के सब अभिनंदन के अधिकारी हैं और आज इस पवित्र अभियान का आरंभ हो रहा है, तब मैं उन सबको नमन करते हुए, उन सबके आशीर्वाद के साथ, इस कार्यक्रम को आरंभ करने के लिए, मै पूरे देशवासियों से प्रार्थना करता हूं। कभी-कभी ऐसा लगता है कि क्या सफाई, इस देश को गंदगी से मुक्त करना, क्या सिर्फ सफाई कर्मचारियों का काम है क्या? क्या ये उन्हीं का जिम्मा है क्या? क्या सवा सौ करोड़ देशवासियों का कोई दायित्व नहीं है? हम हर बात उन्हीं पर थोपते रहेंगे क्या? अगर कुछ अच्छा हुआ, बुरा हुआ तो उन्हीं को कोसते रहेंगे क्या? ये स्थिति बदलनी है।
सवा सौ करोड़ देशवासी, जैसे भारत माता के संतान हैं, प्रधानमंत्री भी पहले भारत माता की संतान है, बाद में प्रधानमंत्री है। इसलिए इस मां की संतान के रूप में, हम सबका दायित्व बनता है। हम हमारे देश को ऐसा न रखें। गांव हो, गली हो, मोहल्ला हो, घर हो, परिवार, स्कूल हो, कॉलेज हो, मंदिर हो, मस्जिद हो, गुरुद्वारा हो, कोई भी स्थान हो। ये गंदा कैसे हो सकता है और कहीं गंदगी देखें.. कोई कागज फेंकता है, तो हमें उठाने का मन क्यों नहीं करता?
मैं जानता हूं, ये प्रचार अभियान से होने वाला काम नहीं है। पुरानी आदतों को बदलने के लिए समय लगता है। कठिन काम है, मैं जानता हूं लेकिन हमारे पास 2019 तक महात्मा गांधी के 150 वर्ष मनाएंगे, तब तक का समय है। मैं मीडिया के मित्रों का भी आभारी हूं कि पिछले कुछ दिनों से वो इस बात को फैला रहे हैं, पहुंचा रहे हैं। अगर हम सब मिलकर के इसको एक जन आंदोलन बनाएंगे, तो मैं नहीं मानता हूं कि दुनिया के साफ-सुथरे शहरों में, देशों में, हमारा नाम नहीं होगा। हम भी उस जगह को बना सकते हैं। भारत ये कर सकता है, भारतवासी कर सकते हैं। अगर भारतवासी कम से कम खर्चे में Mars पहुंच सकते हैं, तो क्या भारतवासी अपना गली-मौहल्ला साफ नहीं कर सकते हैं? Mars तक पहुंचाने के लिए कोई प्रधानमंभी नहीं गया, कोई मंत्री नहीं गया, वैज्ञानिकों ने किया, भारत माता के संतानों ने किया था। सफाई भी हम सब मिलकर के करेंगे।
मैं जानता हूं, कुछ ही दिनों में आलोचना शुरू होने वाली है, कि देखो क्या हुआ? देखो क्या हुआ? मेरी ढेर सारी आलोचना होने वाली है, मैं जानता हूं लेकिन मैं मां भारती की गंदगी की सफाई के लिए अगर मुझे आलोचना सहना पड़े, तो उसी मैं तैयारी के साथ आज मैदान में आया हूं। मैं इस तैयारी के साथ आया हूं कि मेरे सवा सौ करोड़ देशवासी, भारत मां की संतान, हमारी इस भारत मां को अब गंदा नहीं रहने देंगे। पूज्य बापू के सपनों को पूरा करने में, हम कोताही नहीं बरतेंगे और ये जिम्मेवारी हम सबकी है।
मैंने Social Media में भी एक आंदोलन खड़ा करने करने का तय किया है। mygov.in, इस वेबसाइट पर भी है। Clean India के लिए एक अलग वेबसाइट बनाई है। Facebook, Twitter पर भी इस काम को आरंभ किया है। # MyCleanIndia, ये भी आज प्रारंभ किया है। मैं देशवासियों से प्रार्थना करता हूं, कि आप एक काम किजिए। कहीं कूड़ा कचरा है, उसकी फोटो आप अपलोड कीजिए। फिर उसकी सफाई आप कीजिए। उसकी वीडियो अपलोड कीजिए। फिर स्वच्छ, उस जगह की फोटो आप अपलोड कीजिए।
भाइयों, बहनों, मैं मीडिया से भी प्रार्थना करता हूं। ये सब, आज भी मैं कहता हूं, हिन्दुस्तान में कई नौजवान ऐसे हैं, कई संगठन ऐसे हैं, और हिन्दुस्तान के हर कोने में हैं, हजारों की तादाद में हैं। वे सफाई का काम, मैं प्रधानमंत्री बना, उससे पहले से कर रहे है। जरा उनको हम हिन्दुस्तान की जनता के सामने मीडिया के माध्यम से लाएं। छोटे छोटे लोग जो सफाई का काम करते हैं, वो देश के सामने लाएं। हम सब मिलके एक एक प्रेरणा का वातावरण बनाएं। किसने किया, किसने नहीं किया, कैन जिम्मेवार है, कौन नहीं है, कौन गुनाहगार, इसमें इस बात को हम न घसीटें।
मैंने पहले ही कहा, यह राजनीति से परे है। यह सिर्फ राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा से किया हुआ काम है। हमने, सिर्फ-सिर्फ-सिर्फ राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा से ही करना है, राजनीति से प्ररित हो कर के नहीं करना है। यह सफाई तब होगी। इसलिए मैं कहता हूं, अनेक संगठन हैं, अनेक सामाजिक संगठन हैं, अनेक सांस्कृतिक संगठन हैं, वह अपने-अपने तरीके से काम कर रहे हैं।
मैंने ऐसे कई गांव देखें हैं, उस गांव का सरपंच इतना जागरूक हैं, गांव के सब लोग, गांव को इतना साफ-सुथरा रखते हैं, देखते ही बनता है। कई लोग हैं, इस काम को करते हैं। कई स्कूल में जाते हैं, एक-आध शिक्षक इतना रूचि लेता है, पूरा शिक्षण क्षेत्र का परिसर कितना साफ-सुथरा, पवित्रता के माहौल की अनुभूति होती है।
जब हम इंडिया गेट पर आते हैं, राष्ट्रपति भवन की ओर जाते हैं, यह सफाई देखते हैं, तो मन कितना अच्छा लगता हैं। क्या मेरा हिन्दुस्तान का हर कोना इतना ही साफ होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। हर गली-मोहल्ला इतना ही साफ होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। यह सामाजिक दायित्व है कि नहीं है और इसलिए कृपा करके, अगर इसको राजनीतिक रंग से रंग दिया गया, अगर इसको इसी बात से तौल दिया, कि देखों एक दिन आए, फोटो निकाल के चले गए, तब तो हम भारत मां की फिर से एक बार कु-सेवा करेंगे। महात्मा गाधी हिन्दुस्तान के हर गली मौहल्ले में सफाई करने नहीं गए थे। लेकिन सफाई की इनकी प्रतिबद्धता ने पूरे हिन्दुस्तान में सफाई के प्रति एक जागरूकता पैदा की। हमको, सबको मिल करके इस काम को करना है।हम जहां हों, जैसे हों, इस काम को करेंगे। मुझे विश्वास है, मैं अपनी भारत माता को गंदगी से मुक्त करा पाएंगे। ये सवा करोड़ देशवासियों का काम है।
सवा सौ करोड़ में एक मोदी नाम का इंसान भी है। अकेला मोदी है, ऐसा नहीं है। इसलिए काम सवा सौ करोड़ देशवासियों का है, ये मैं सवा सौ करोड़ बार बोल रहा हूं। काम सरकार का सिर्फ नहीं है। यह काम सिर्फ मंत्रियों का नहीं है। यह काम सिर्फ सामाजिक संगठन, समर्पित समाज सेवकों का नहीं है। यह जन-सामान्य का काम है। जितना ज्यादा हम जन सामान्य को जोड़ेंगे, लाभ होगा।
मैंने आज एक और भी काम...., आज नवरात्रि की भी पूर्णहुति हो रही है। कल विजयादशमी का पर्व हम मनाने वाले हैं। कल के विजया-दशमी के पर्व के लिए भी राष्ट्रवासियों को शुभकामना देता हूं।
आज मैंने सोशल मीडिया के एक आंदोलन चलाने के कार्यक्रम शुरू किया है। मैंने आज नौ लोगों को निमंत्रित किया है कि आप भी पब्लिक प्लेस पर आके, अपने आदमियों को ले के स्वच्छता के अभियान पर काम करेंगे। मैं विश्वास करता हूं, जिन नौ लोगों को मैं आज निमंत्रित किया है, वे जरूर इस काम को करेंगे। इतना ही नहीं उनसे भी मेरा आग्रह है, कि वे भी और नौ लोगों का नाम तय करके उनको भी निमंत्रित करे, वो और नौ लोगों को करे, वौ और नौ लोगों को कहे। आपको भी मैं कहता हूं, आप भी इस प्रकार का सफाई का काम करके उसका वीडियो upload करके और नौ लोगों को आप निमंत्रित कीजिए। अरे, नौ-नौ की चैन चलती ही रहे, चलती ही रहे।
आज मैंने गोवा के गवर्नर माननीय मृदुला सिन्हा जी को निमंत्रित किया है। मैंने भारत रत्न सचिन तेंदुलकर जी को निमंत्रित किया है। मैंने योग गुरू बाबा रामदेव जी को निमंत्रित किया है। मैंने कांग्रेस के नेता श्रीमान शशि थरूर जी को निमंत्रित किया है। मैंने श्रीमान कमल हसन जी को निमंत्रित किया है। मैने श्रीमान सलमान खान जी को निमंत्रित किया है, मैंने बहन प्रियंका चोपड़ा जी को निमंत्रित किया है। इतना ही नहीं, तारक मेहता का उल्टा चश्मा, उस पूरी टीम को मैंने कहा है, मैं इस काम में आपको निमंत्रण देता हूं, आप भी करिए और अपने सीरियल के माध्यम से, और भी सीरियल के माध्यम से इस काम को आगे बढ़ाइए।
हमारी फिल्म इंडस्ट्री देखेगी, पिछले 50 सालों में कई ऐसी फिल्में आई हैं, बहुत सी फिल्में ऐसी हैं, जिनमें कोई न कोई एपिसोड ऐसा है, जिसमें सफाई के विषय में कोई न कोई लोकशिक्षा का काम किया गया है। इस बात को हमें बढ़ाना। हमें इस बात की जिम्मेवारी निभानी है।
भाईयों और बहनों, डब्ल्यूएचओ का एक बहुत बड़ा चौंकाने वाला मूल्यांकन है- उनका कहना है कि भारत में गंदगी के कारण जो बीमारी आती है, बीमारी के कारण जो रोजी-रोटी छूट जाती है, नौकरी नहीं हो पाती है, परिवार को तकलीफ होती है। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि गंदगी के कारण हर वर्ष भारत के प्रत्येक नागरिक को करीब 6500 रूपयों का अतिरिक्त नुकसान झेलना पड़ता। बीमारी के कारण, बीमारी के कारण ऑटों रिक्शा नहीं चला पाता है। बीमारी के कारण टैक्सी नहीं चला पाता है। बीमारी के कारण अखबार बांटने के लिए नहीं जा पाता है। बीमारी के कारण दूध बेचने के लिए नहीं जा पाता है। यह भारत की कुल संख्या का average निकाला है, लेकिन सुखी घर के लोगों को ये नहीं भुगतना पड़ता है। अगर उनको निकाल दिया जाए तो average 6500 से बढ़कर के गरीब आदमी के सर पर बोझ की average 12-15 हजार रूपये हो सकती है।
हम सिर्फ गंदगी साफ करें तो हमारे देश के गरीबों के जेब से कम से कम 6500 रूपये बचने वाले है। वह बीमारी से बचने वाला है। वह नौकरी पर नहीं जा पा रहा है, बेरोजगारी से बचने वाला है। ये गंदगी से मुक्ति गरीबों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा महत्वपूर्ण काम है। इसलिए ये भारत माता की सेवा, गरीबों की सेवा है।
आइये हम सब मिलकर करके देखें, Mygov.in वेबसाइट पर, मेरे फेसबुक पर, ट्विटर पर, सामान्य जनता का जो मिजाज देख रहा हूं, जो उमंग देख रहा हूं। मुझे विश्वास है कि सरकार से भी जनता 100 कदम आगे चलने को तैयार है और अगर जनता चलती है तो फिर इसे रोकने का कोई कारण नहीं है।
भाईयो-बहनों, महात्मा गांधी को हमें कुछ तो देना चाहिए। 2019 में गांधी के जब 150 वर्ष होते हैं, तब हमें ‘स्वच्छ भारत’ और ये सामूहिक दायित्वों से बना हुआ भारत। Quit India की सफलता इसलिए थी कि सारा देश आजादी के आंदोलन में जुड़ा हुआ था। Clean India की सफलता इसमें है कि सवा सौ करोड़ देशवासी इसमें जुड़ें। जय जवान-जय किसान के मंत्र की सफलता इसलिए थी, क्योंकि लाल बहादुर शास्त्री ने जय किसान का नारा दिया, अन्न उत्पादन के लिए आहवान किया, लेकिन लाल बहादुर शास्त्री को किसी ने ये पूछा कि नहीं था कि तुम खेत में जाकर के हल चला रहे हो, तुमने खेती की या नहीं की, तुमने अनाज पैदा किया कि नहीं किया, ये किसी ने नहीं पूछा था लेकिन लाल बहादुर शास्त्री जी ने कहा था जय किसान! और हिंदुस्तान के किसान खड़े हो गए थे। अन्न के भंडार भर दिए थे और भारत के हर गरीब व्यक्ति का पेट भरने का काम, उस एक महापुरुष के शब्दों पर हुआ था। महात्मा गांधी के शब्दों को पूरा करने का ये वक्त है।
उस महापुरुष के शब्दों की पवित्रता देखिए, उस महापुरुष के शब्दों की ताकत को देखिए, उस महापुरुष के शब्दों के समर्पण को देखिए, क्या हमें वो प्रेरणा नहीं दे सकते हैं। चाहे मैं हूं या आप हों, हम सबके लिए महात्मा गांधी का Quit India नारा, ये सफलता जैसा हमें आनंद देती है, Clean India भी हमें उतना ही आनंद देगी, उतना ही सुख देगी, उतना ही समृद्धि का रास्ता प्रशस्त करेगी, इस विश्वास के साथ इन महापुरुषों के शब्दों पर भरोसा करके हम चल पड़े हैं।
मेरे पर भरोसा मत कीजिए, मेरी सरकार पर भरोसा मत कीजिए, भरोसा हम करें महात्मा गांधी पर! भरोसा करें, महात्मा गांधी के त्याग, तपश्चर्या और समर्पण पर! भरोसा करें, हम महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपनों पर। आज हमारी जिम्मेदारी बनती है, अगर हम मां भारती के संतान हैं, तो ये हमारा दायित्व बनता है, न मैं गंदगी करूंगा और न मैं गंदगी करने दूंगा। यह हमारा दायित्व होना चाहिए। दुनिया के समृद्ध देश...
कभी हम विदेशों में जाते हैं और आकर के कहते हैं वाह! इतना साफ-सुथरा! कहीं गंदगी नहीं थी। तो मैं लोगों को पूछता हूं – साफ देखा, स्वच्छ देखा, आपको अच्छा लगा न? मैंने कहा कि आपने किसी को गंदगी करते हुए देखा था, कूड़ा-कचरा फेंकते हुए देखा था, पान की पिचकारी लगाते हुए देखा था तो उन्होंने कहा कि नहीं देखा था, तो मैंने कहा कि सफाई का रहस्य वहां के नागरिकों का discipline है। ये अगर हम लाते हैं तो मुझे विश्वास है, हम बहुत बड़ा काम कर सकते हैं।
एक काम और है, वह है टॉयलेट बनाना। हमारे देश के गांवों में 60 प्रतिशत से भी ज्यदा लोग आज खुले में शौचालय के लिए जा रहे हैं। मुझे सबसे बड़ी पीड़ा होता है, मां-बहनों को जब खुले में जाना पड़ता है, ये कलंक मिटाना है, हम सबने मिलकर के मिटाना है। मैंने Corporate Social Responsibility वालों से भी कहा है कि इस काम को प्राथमिकता दीजिए। मां-बहनों के सम्मान के लिए हम इतना तो करें।
आज भी कई स्कूल ऐसे हैं, कि जहां बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट नहीं है ये स्थिति बदलनी है। किसी का इसमें दोष नहीं है, कोई जिम्मेवार नहीं है, बस हमने सकारात्मक रूप से भविष्य की ओर देख कर के चल पड़ना हैं। कोई राजनीतिक टीका-टिप्पणी, इस आंदोलन से जुड़ा हुआ कोई आदमी न करे क्योंकि सबने काम किया है। हमारे पहले सबने काम किया है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी इसकी सिरमौर रही है।
मैं इस काम को वंदन करता हूं और इसलिए मैं हाथ जोड़ करके, विशेष करके मीडिया को और देशवासियों को कहता हूं, कि सारे आंदोलन को सिर्फ मां भारती की भक्ति से जोडि़ए, गरीब से गरीब के स्वास्थ्य से जोडि़ए, कौन कर रहा है, कौन नहीं कर रहा, कौन सफल हुआ, और विफल हुआ, इसके पीछे पड़ करके हम स्थितियों को न बिगाड़ें, न बदलें, हम एक जिम्मेदारी से चलें। और हम सामूहिक जिम्मेवारी से चलेंगे तो सफलता मिलेगी।
मैं फिर एक बार आप सबको निमंत्रित करता हूं। हम यहां पर शपथ लेने वाले हैं। मेरी प्रार्थना है कि हम बैठे-बैठे ही शपथ लेंगे, खड़े होने की जरूरत नहीं, जो खड़े हैं, वे खड़े रहें और दूसरी मेरी प्रार्थना है कि हम दोनों हाथ ऊपर करके महात्मा गांधी को स्मरण करें और महात्मा गांधी को स्मरण करके, हम जहां हैं वहां दोनों हाथ ऊपर करके महात्मा गांधी का स्मरण करना है। तो ये काम पूज्य बापू को उनके सपनों का भारत बनाने के लिए है। इसलिए दोनों हाथ ऊपर करके, पूज्य बापू स्मरण करके मेरे साथ ये शपथ समारोह में शरीक होंगे। और ये शपथ सिर्फ बोलना नहीं है, शपथ लेना है।
आप शपथ लेंगे? ये सफाई आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे? कोई कोताही नहीं बरतेंगे ?
मेरे साथ बोलिए ‘‘महात्मा गांधी ने जिस भारत का सपना देखा था उसमें सिर्फ राजनैतिक आजादी ही नहीं थी बल्कि एक स्वच्छ एवं विकसित देश की कल्पना की थी। महात्मा गांधी ने गुलामी की जंजीरों को तोड़कर मां भारती को आजाद कराया। अब हमारा कर्तव्य है कि गंदगी को दूर करके भारत माता की सेवा करें।“
“मैं शपथ लेता हूं कि मैं स्वयं स्व्च्छता के प्रति सजग रहूंगा और उसके लिए समय दूंगा। हर वर्ष 100 घंटे यानी हर सप्ताह दो घंटे श्रमदान करके स्वच्छता के इस संकल्प को चरितार्थ करूंगा। मैं न गंदगी करूंगा और न किसी और को करने दूंगा। सबसे पहले मैं स्वयं से, मेरे परिवार से मेरे मोहल्ले से, मेरे गांव से एवं मेरे कार्यस्थल से शुरूआत करूंगा। मैं यह मानता हूं कि दुनिया के जो भी देश स्वच्छ दिखते हैं, उसका कारण यह है कि वहां के नागरिक गंदगी नहीं करते और न ही होने देते हैं। इस विचार के साथ मैं गांव-गांव और गली-गली स्वच्छ भारत मिशन का प्रचार करूंगा। मैं आज जो शपथ ले रहा हूं वह अन्य 100 व्यक्तियों से भी करवाउंगा। वे भी मेरी तरह स्वच्छता के लिए 100 घंटे दें, इसके लिए प्रयास करूंगा। मुझे मालूम है कि स्वच्छता की तरफ बढ़ाया गया मेरा एक कदम पूरे भारत देश को स्वच्छ बनाने में मदद करेगा।’’
भारत माता की जय।
जय हिन्द।
महात्मा गांधी अमर रहे
महात्मा गांधी अमर रहे
महात्मा गांधी अमर रहे
बहुत-बहुत शुभकानाएं।
भारत मात की... भारत मात की.. भारत मात की
जय गुरु शंकर ! जय गुरु शंकर!
नमोस्कार,
उजोनीर राइजोलोइ मॉरोम आरु श्रोद्धा जोनाइशु बिस्वनाथ जिले की ये धरती...एक महत्वपूर्ण तपस्थली है। यहां गंगमौ थान है... यहां महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव जी ने वर्षों तक साधना की... भक्ति और समाज सुधार की एक नई धारा प्रवाहित की। यहां से कुछ ही दूरी पर… मां कल्याणी का पावन स्थान है। और आपको मालूम है काशी के लोगों ने मुझे सांसद बनाया है। मैं तो बाबा विश्वनाथ की काशी का सांसद हूं...और आज यहां बिस्वनाथ की जनता-जनार्दन यहां की गुप्तकाशी में मैं यहां भी आपको प्रणाम करने आया हूं।
साथियों,
बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद हम सभी पर रहा है...भाजपा-NDA पर रहा है। और यहां मैं देख रहा हूं, बिस्वनाथ में भी बीजेपी-NDA के लिए, अभूतूपूर्व समर्थन है। ये हुजूम...ये उत्साह...एक ही बात स्पष्ट कर रहा है... एक ही उद्घोष कर रहा है...
आकौ एबार... आकौ एबार... आकौ एबार... आकौ एबार...
आकौ एबार…बीजेपी शोरकार !
आकौ एबार…एनडीए शोरकार !
साथियों,
ये दिल्ली में बैठे हुए लोगों के दिमाग में बैठ नहीं सकता है। मेरी नजर जहां पहुंचे मैं लोग ही लोग देख रहा हूं जी और ये जिले की रैली है.. पिछले 20 साल में.. मैं दावे के साथ कह सकता हूं पिछले 20 साल में कांग्रेस ने पूरे हिंदुस्तान के लोगों को इकट्ठा करके भी इतनी बड़ी रैली नहीं कर पाए होंगे... मैं कांग्रेस वालों को चैलेंज करता हूं ये जो जनसैलाव है एक बार यदि ताकत हो तो पूरे हिंदुस्तान को इकट्ठा कर के दिखा दे...इतना ब़ड़ा... मैं सोच नहीं सकता हूं.. कि एक जिले से इतनी बड़ी तादाद में लोग हमें आशीर्वाद देने आए। ये बहुत बड़ी बात है... मैं एक बार एनडीए के जितने कैंडिडेट हैं इनको जरा आगे आने के लिए कह रहा हूं। सारे उम्मीदवार आगे आ जाए। जो इस बार चुनाव लड़ रहे हैं सब के सब एनडीए के। देकिए तीन उम्मीदवार और इतनी बड़ी सनसभा। मैं एक मिनट में इन तीनों के साथ फोटो निकलवा कर के आता हूं।
साथियों,
देश में जहां भी बीजेपी-NDA सरकार है...वहां की जनता सुशासन की वजह से हमारी सरकार को बार-बार सेवा का मौका देती है। असम में पिछले चुनाव में आपने हमें भरपूर आशीर्वाद दिया था। मुझे विश्वास है, असम की जनता इस बार भी बीजेपी-NDA को रिकॉर्ड बहुमत देने जा रही है। मेरी बात सही है तो हाथ ऊपर करके ताली बजाइए .. तीनों सीट आएगी यहां से भारी बहुमत से आएगी। असम में इस बार जीत की हैट्रिक बनने वाली है। देश की जनता ने, असम की जनता ने आप सबके आशीर्वाद से मुझे भी केंद्र में हैट्रिक लगाने का अवसर मिला था। ये चुनाव ऐसा है असम कांग्रेस भी अपनी पराजय की हैट्रिक लगाने वाले हैं। और इतना ही नहीं जब इस चुनाव के नतीजे आएंगे.. तब तक ये जो शाही परिवार के नामदार हैं ना ये दिल्ली में जो एक शाही परिवार है वो शाही परिवार के नामदार है ये नामदार पराजय की सेंचुरी लगाने वाले हैं
साथियों,
मेरे इस विश्वास की वजह... डबल इंजन सरकार का काम है। यहां इतनी सारी बहनें आई हैं... बीते 10-11 सालों में महिलाओं की सुरक्षा हो...या महिलाओं की कमाई की बात हो.. महिलाओं की पढ़ाई की बात हो. हर स्तर पर अभूतपूर्व काम हुआ है। लखपति दीदी अभियान के तहत...असम की लाखों बहनें लखपति बन चुकी हैं। और अभी जो संकल्प पत्र असम बीजेपी ने जारी किया है...उसमें घोषणा की गई है कि आने वाले समय में 40 लाख बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे। इतना ही नहीं...40 लाख बहनें मतलब असम के 40 लाख परिवारों में लखपति दीदी होगी, आप सोचिए गांव की अर्थव्यवस्था में कितना बड़ा बदलाव आने वाला है। इतना ही नहीं असम बीजेपी ने, अरुणोदोई स्कीम का दायरा बढ़ाने की भी घोषणा की है। इससे लाखों बहनों को बहुत फायदा होगा। केंद्र सरकार की मुद्रा योजना से भी बहुत बड़ी संख्या में बहनों को बैंकों से सस्ते और आसान लोन मिल रहे हैं। इससे बहनें, आसानी से अपना कोई स्वरोजगार कर रही हैं।
साथियों,
हमारी सरकार, महिलाओं को अपने घर की मालकिन बना रही है। गरीबों को जो पक्के घर मिल रहे हैं... इसमें भी काफी सारी रजिस्ट्रियां घर की महिला सदस्य के नाम की जा रही है। अभी तक, असम में 22 लाख परिवारों को पक्के घर मिल चुके हैं। ये आंकड़ा आपको याद रहेगा. जरा बताइए ना याद रहेगा, मैं दोबारा बताता हूं। 22 लाख परिवारों को पक्के घर मिले हैं, …कितने… जरा जोर से बोलिए कितने… कितने.. 22 लाख परिवार... सोचिए... और असम बीजेपी आने वाले समय में 15 लाख और गरीब परिवारों के घर का सपना पूरा करने जा रही है। आप मेरा एक काम करेंगे… जरा हाथ ऊपर करके बताइए मेरा एक काम करेंगे। पक्का करेंगे... देखिए आप जब इस चुनाव प्रचार में जाएंगे… बूथ में जाएंगे… और किसी का घर कच्चा है, कोई अगर झोपड़ी में रहता है, कोई फुटपाथ पर रहता है तो उसको जाकर के बताना कि मोदी जी ने वादा किया है कि आपका घर भी पक्का बनकर रहेगा। मेरे लिए आप ही मोदी है। आप घर-घर जाकर मेरी तरह से बताएंगे। जो भी गरीब है उनको वादा करके आ जाइए। आप जो वादा करके आ जाएंगे मैं पूरा कर दूंगा।

साथियों
ये जो पक्के घर बनेंगे ना अनेक घर महिलाओं के नाम पर बनेंगे। घर हो, टॉयलेट हो, बिजली-पानी और गैस का कनेक्शन हो...ऐसी सारी सुविधाओं से असम की बहनों का जीवन बदल रहा है।
साथियों,
विकसित असम के निर्माण में...हमारे नौजवानों की बहुत बड़ी भूमिका है। इसके लिए असम में अच्छी सड़कों की...अच्छे ब्रिज की और आधुनिक रेलवे कनेक्टिविटी की बहुत ज़रूरत है। इससे खेती को भी फायदा होता है... उद्योगों के लिए भी आसानी होती है...और टूरिज्म भी बढ़ता है। यही वो सेक्टर हैं, जिसमें बहुत बड़ी मात्रा में बेटे-बेटियों के लिए रोजगार बनते हैं।
साथियों,
10 साल पहले तक जब कोई असम आता था.. तो असम की बदहाली को देखकर हैरान होते थे। आज असम की कनेक्टिविटी को देखकर, लोग खुशियों से भर जाते हैं। एक सकारात्मक हैरानी होती है। अभी कुछ ही समय पहले दुनिया ने असम का वो हाईवे भी देखा है... याद है आपको... ऐसा हाईवे, असम का हाईवे... जहां लड़ाकु विमान हाईवे पर उतर रहे हैं। पूरे देश में इसकी बहुत चर्चा हुई।
साथियों,
अब मैं आपको एक और खुशखबरी देना चाहता हूं। आपने हाईवे पर फाइटर जेट उतरते देखे... अब यहां ब्रह्मपुत्र के पानी के नीचे से भी गाड़ियां गुज़रेंगी। ऊपर से ब्रह्मपुत्र नदीं और नीचे से गाड़ियां चलेंगी। केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र के नीचे.. अंडरवाटर टनल को स्वीकृत कर लिया है। और इस पर करीब साढ़े 18 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये साढ़े 18 हजार करोड़ रुपये.. टनल तो बनेगी, लेकिन ये रुपया असम में लगने वाला है। यहां के लोगों का फायदा होने वाला है।
साथियों,
इस अंडर-वॉटर टनल के बनने से...नुमालीगढ़ और गोहरपुर के बीच की दूरी बहुत कम रह जाएगी। इससे असम की बाकी नॉर्थ ईस्ट से कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। जब ये बनेगी तब तो फायदा होगा ही... लेकिन निर्माण के समय भी इससे अनेक रोजगार भी मिलने वाले हैं।
साथियों,
बीजेपी, असम की एक और बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए... ईमानदारी से प्रयास कर रही है। ये परेशानी, बाढ़ की है, भूमि कटाव की है। अभी इसके लिए सैकड़ों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। असम बीजेपी ने घोषणा की है...कि बाढ़ और भूमि कटाव से बचाव के लिए 18 हज़ार करोड़ रुपए और खर्च किए जाएंगे। ये बहुत बड़ा काम होने जा रहा है। साथियों, बीजेपी-एनडीए सरकार का बहुत बड़ा लक्ष्य असम को आत्मनिर्भर बनाने का भी है। ये काम दशकों पहले हो जाना चाहिए था लेकिन कांग्रेस ने असम के सामर्थ्य के साथ न्याय नहीं किया। आज हमारी सरकार असम के सामर्थ्य को असम के विकास में लगा रही है जैसे पेट्रोलियम सेक्टर है। बीते एक दशक में असम में पेट्रोलियम और पेट्रो केमिकल उद्योगों को हमने बहुत बदल दिया है मुझे ये बताते हुए बहुत गर्व है कि आज असम कच्चे तेल के उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। पेट्रोल-डीजल और गैस का उत्पादन बहुत अधिक बढ़ा रहा है। आज जब दुनिया भर में तेल और गैस का संकट है...तब असम, भारत को बहुत बड़ी ताकत दे रहा है। और इसलिए मैं कहता था। ए फॉर असम, अल्फाबेट का ए असम का ए
साथियों,
पूरा देश जानता है कि कांग्रेस, विकास विरोधी है...कांग्रेस, आजाद भारत में भ्रष्टाचार की जननी है... लेकिन असम में तो कांग्रेस ने ऐस-ऐसे पाप किए हैं... जो सिर्फ आप जानते हैं, असम की जनता जानती है। कांग्रेस ने असम की आत्मा... असम की शान, पहचान और सुरक्षा से खिलवाड़ किया है।

साथियों,
आज़ादी के बाद से ही कांग्रेस ने सत्ता के लिए असमिया पहचान को दांव पर लगाया है। कांग्रेस ने असम के हितों से हमेशा समझौता ही किया है। कांग्रेस का सबसे बड़ा पाप... घुसपैठियों को मुख्यधारा में शामिल करने का रहा है। अपनी सत्ता को बचाए रखने के लिए... कांग्रेस ने यहां अवैध कब्ज़े होने दिए। बाहर से लोग आते थे और जहां मर्जी बस्ती बसा लेते थे। देखते ही देखते, असम की लाखों बीघा ज़मीन पर अवैध कब्जे हो गए।
साथियों,
यहां जो हमारे सत्र हैं, नामघर हैं... ये हमारी आस्था के स्थान हैं। लेकिन कांग्रेस ने, असम के अलग-अलग जिलों में...सत्र की हज़ारों बीघा भूमि पर अवैध कब्ज़े होने दिए। वोटबैंक को बचाने के लिए अवैध कब्जे होने दिए.. जहां 'कीर्तन', 'बोरगीत' और 'भागवत' से समाज का जुड़ाव होता... वहां कांग्रेस ने घुसपैठियों को बसा दिया। आज बीजेपी सरकार अवैध कब्ज़ों के खिलाफ एक्शन ले रही है। बीते सालों में सत्र से जुड़ी ऐसी हज़ारों बीघा ज़मीन से अवैध कब्जे हटाए हैं।
साथियों,
कांग्रेस की दुर्नीति ने असम की शान...यहां की सेंक्चुएरी को, जंगलों को, और एक सींग वाले राइनों तक को नहीं छोड़ा। लाओखोवा-बुराचापोरी में क्या हालत थी, ये आप सभी ने देखा है। लाओखोवा-बुराचापोरी सेंक्चुएरी, कभी राइनो का घर हुआ करता था। कांग्रेस ने राइनो का घर छीनकर, अपने वोटबैंक को दे दिया। इसलिए यहां राइनो को देखने के लिए लोग तरस गए। इसका सीधा असर टूरिज्म पर पड़। आपकी रोज़ी रोटी पर पड़ा, रोज़गार पर पड़ने लगा।
साथियों,
आपने बीजेपी-NDA सरकार बनाई... और हमारी सरकार ने अवैध कब्जों को हटाया... अब 40 साल बाद, इस सेंक्चुएरी में फिर से एक सींग वाले राइनो दिखने लगे हैं। ये सिर्फ घुसपैठियों से जमीन वापस लेने का अभियान नहीं है... ये असम की पहचान, परंपरा और प्रकृति को घुसपैठियों से बचाने का अभियान है। लेकिन आपको सावधान भी रहना है। कांग्रेस अब खुलकर अवैध कब्ज़े के पक्ष में आ गई है। कांग्रेस खुलकर, घुसपैठियों का बचाव कर रही है। इसलिए आपका एक वोट...असम की सुरक्षा तय करेगा...घुसपैठ और घुसपैठियों के इरादे पस्त करेगा। आपोनार एटा भोटे… अहोमोर हुरेक्खा हुनिश्चितो कोरिब… अनूप्रोवेश आरो अनूप्रोवेश-कारीर उद्देस्यो बिफोल कोरिबो।
साथियों,
एक तरफ बीजेपी-NDA सरकार, घुसपैठियों से अवैध कब्ज़े छुड़ा रही है... वहीं दूसरी तरफ...यहां की संतानों को भूमि के अधिकार दे रही है। ‘मिशन वसुंधरा’ के तहत, 23 लाख से अधिक...असम के मूल निवासी भूमि के मालिक बने हैं। ये जनजातीय समाज के लिए, SC कम्यूनिटी के परिवारों के लिए बहुत बड़ा सुरक्षा कवच बन रहा है। यही सच्चा सामाजिक न्याय है, यही बाबा साहेब अम्बेडर के संविधान का सम्मान है। असम बीजेपी ने घोषणा की है... कि हर ज़रूरतमंद आदिवासी और मूल निवासी परिवार को जमीन का मालिकाना अधिकार दिया जाएगा।
साथियों,
बिस्वनाथ की पहचान तो चाय बगानों से है, टी-गार्डन्स से है। यहां का मनोबारी चाय बागान, हमारी शान है। और इस चायवाले का मोह, चाय के बागानों से नहीं होगा, तो भला किसका होगा। आज मेरे लिए खुशी का बात है कि चुनाव घोषित होने के बाद मैं आज पहली बार आया तो मैंने चुनाव प्रचार का अभियान कहां से शुरू किया …मैं आज सुबह-सुबह चाय बागान चला गया, चाय बगान में काम करने वाली माताओं-बहनों के आशीवार्द लिए…चाय बागान में काम करने वाली माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने के बाद मैं असम में चुनाव के लिए वोट मांगने निकला हूं। और मुझे पक्का विश्वास है कि चाय बागान की माताओं-बहनों का आशीर्वाद कभी भी बेकार नहीं जाता है। यहां लगभग 200 सालों का परिश्रम है, पूरी परंपरा है। लेकिन आपको कांग्रेस के पाप नहीं भूलने हैं। कांग्रेस ने 60 सालों में चाय समुदाय को...चाय बागानों में काम करने वालों को छोटी-छोटी चीज़ों के लिए तरसाए रखा। कांग्रेस की सरकार को कभी याद ही नहीं आया कि टी-गार्डन में काम करने वालों को भी भूमि का अधिकार चाहिए।
साथियों,
बीजेपी-NDA सरकार ने लाखों परिवारों को भूमि के पट्टे देने का काम शुरू कर दिया है... भूमि पर अधिकार देना शुरू किया है। ये मेरा सौभाग्य है कि कुछ समय पहले, गुवाहाटी में मुझे भी ऐसे अनेक परिवारों को जमीन के दस्तावेज़ सौंपने का अवसर मिला था। अब टी-गार्डेन के लाखों परिवारों को पक्के घर, टॉयलेट, गैस सिलेंडर, नल से जल, बिजली... ऐसी अनेक सुविधाएं मिलना और भी आसान हो जाएगा। असम बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में...टी-गार्डन्स में काम करने वाले साथियों की मजदूरी बढ़ाने की भी घोषणा की है।

साथियों,
जिनको किसी ने नहीं पूछा..मोदी उनको पूजता है। डबल इंजन सरकार की जितनी भी कल्याणकारी योजना हैं...उनका सबसे अधिक लाभ, गरीबों को मिल रहा है। लाखों परिवारों को फ्री अनाज मिल रहा है, फ्री इलाज मिल रहा है। कांग्रेस के राज में बच्चों की स्कॉलरशिप्स तक में घोटाले ही घोटाले हुआ करते थे... आज SC/ST परिवारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए उनके बैंक खाते में सीधे पैसे जमा किया जा रहा है। बीच में कोई कट कमिशन नहीं हो सकता। बीजेपी, तुष्टिकरण नहीं सबका साथ, सबका विकास करती है। इसलिए, बीजेपी-NDA को विजयी बनाना है।
बीजेपीये तुष्टिकोरोण नोहोय, हकोलोरे लॉगहोई, हकोलोर उन्नोति
हाधोन कॉरे। सेइ-कारणे, बीजेपी–एनडीएक जयि कोराबो लागे।
साथियों,
आपसे बात करते हुए मैं कनकलता बरुआ और मुकुंद काकोती को भी पुण्य स्मरण करूंगा याद करूंगा। आजादी की लड़ाई में...17 साल की एक बेटी…सीने पर गोली खाती है… लेकिन हाथ से तिरंगा नहीं छोड़ती…ऐसे बलिदानों ने हमें ये आजादी दी है। लेकिन कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई का सारा श्रेय सिर्फ एक शाही परिवार को दे दिया। आज की पीढ़ी, कांग्रेस की ये सच्चाई देखकर हैरान है। आज बीजेपी-NDA को पूरे देश में समर्थन इसलिए भी मिल रहा है...क्योंकि बीजेपी विकास भी करती है... और विरासत का सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित करती है। वहीं कांग्रेस को देश की विरासत से...देश के गौरवमयी इतिहास से नफरत है।
साथियों,
असम की जनता, भारत रत्न भूपेन हजारिका जी का अपमान भी नहीं भूल सकती। बीजेपी-NDA सरकार ने महान भूपेन हज़ारिका जी को भारत रत्न दिया... लेकिन कांग्रेस के जो वर्तमान अध्यक्ष हैं... उन्होंने इसका उपहास उड़ाया, मजाक उड़ाई। हमने तो कांग्रेस के उन नेताओं का भी सम्मान किया... जिन्होंने असम के लिए, देश के लिए अपना योगदान दिया है। लेकिन कांग्रेस, अपने नेताओं को भी भुला देती है। आप याद कीजिए…बाबू छबीलाल उपाध्याय जी, असम कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उनका इतना बड़ा योगदान… लेकिन कांग्रेस ने उनको भी दरकिनार कर दिया।
साथियों,
ये हमारी सरकार है, जिसने उनके नाम पर इंजीनियरिंग कॉलेज का नामकरण किया...गुवाहाटी और सोनितपुर में उनकी प्रतिमा लगाई... ताकि उनका योगदान भावी पीढ़ी जान सके। साथियों, बीते 10-11 वर्षों में बीजेपी-NDA सरकार ने...असम के, नॉर्थ ईस्ट के अनेकों लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है। ये हमारी सरकार ही है... जिसने श्रीमंत शंकरदेव जी की जन्मभूमि, बतोद्रवा थान का विकास किया। ये बीजेपी सरकार ही है...जिसने असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है। इसलिए, आपका वोट विकास और विरासत... दोनों के नाम पर पड़ना चाहिए।
आपोनालोकोर भोट बिकाह आरो हॉन्सकृति…
दुयोतारे नामोत पराटो उचित।
साथियों,
बीजेपी-NDA ने अपने बहुत परिश्रमी, काम करने वाले...अपने कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाया है। इन सभी को भारी मतों से विजयी बनाना है। आप सभी को याद रखना है...बूथ जीतेंगे, तो चुनाव जीतेंगे। मेरे साथ बोलेंगे... मैं कहूंगा बूथ जीतेंगे तो आपको बोलना है चुनाव जीतेंगे... बूथ जीतेंगे... बूथ जीतेंगे... बूथ जीतेंगे... बूथ जीतेंगे... बूथ जिकिले, निर्वासोन जिकिम !
बूथ जिकिले, बूथ जिकिले, बूथ जिकिले, बूथ जिकिले, निर्वासोन जिकिम !
आपको मेरा एक और काम करना है...
आप जिससे भी मिलें, अभी मतदान नौ ताऱीख को होने वाला है। आप गांव-गांव जाएंगे... घर-घर जाएंगे.. आप जिसको भी मिलेंगे.. मेरा एक काम करेंगे.. जरा हाथ ऊपर करके बताएंगे मेरा एक काम करेंगे... सबके सबलोग करेंगे.. आप जबभी जिसको मिलें.. उनको कहिएगा कि मोदी जी ने बोहाग बिहू की शुभकामनाएं दी है। मेरी शुभकामनाएं पहुंचा देंगे.. हर किसी को पहुंचा देंगे..
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!
मेरे साथ बोलिए...
भारत माता की..
भारत माता की...
भारत माता की.. वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...


