साइंस सिटी के सक्सेस पैविलियन में शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया
उद्योग जगत के दिग्गजों ने प्रधानमंत्री की परिकल्पना की सराहना की
"वाइब्रेंट गुजरात सिर्फ ब्रांडिंग का आयोजन नहीं है, बल्कि उससे भी बढ़कर यह बंधन का भी आयोजन है"
"हम सिर्फ पुनर्निर्माण के बारे में नहीं सोच रहे थे, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए भी योजना बना रहे थे और हमने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन को इसके लिए मुख्य माध्यम बनाया"
"गुजरात का मुख्य आकर्षण सुशासन, निष्पक्ष और नीतिगत शासन, विकास और पारदर्शिता की समान प्रणाली थी"
"वाइब्रेंट गुजरात की सफलता के मूल तत्व विचार, परिकल्पना और कार्यान्वयन हैं"
"वाइब्रेंट गुजरात ने एकल आयोजन से एक संस्था का रूप ले लिया है"
"भारत को दुनिया का विकास इंजन बनाने का 2014 का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और विशेषज्ञों के बीच गुंजायमान हो रहा है"
"अगले 20 वर्ष पिछले 20 वर्षों से अधिक महत्वपूर्ण हैं"

मंच पर विराजमान गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी, लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्रीमान भूपेंद्र भाई पटेल, संसद में मेरे साथी श्रीमान सी आर पाटिल, गुजरात सरकार के मंत्रीगण, उद्योग जगत के सभी वरिष्ठ साथी, अन्य महानुभाव और यहां उपस्थित सभी मेरे परिवारजन।

20 साल पहले हमने एक छोटा-सा बीज बोया था। आज वो इतना विशाल और वृहद वाइब्रेंट वट वृक्ष बन गया है। Vibrant Gujarat Summit के 20 साल पूरे होने पर आज आपके बीच आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मुझे याद है, बरसों पहले मैंने एक बार कहा था Vibrant Gujarat ये सिर्फ branding का आयोजन भर नहीं है, बल्कि इससे बढ़कर bonding का आयोजन है। दुनिया के लिए ये सफल summit एक brand हो सकती है, लेकिन मेरे लिए ये एक मजबूत bond का प्रतीक है। ये वो bond है जो मेरे और गुजरात के 7 करोड़ नागरिकों से, उनके सामर्थ्य से जुड़ा है। ये वो bond है, जो मेरे लिए उनके असीम स्नेह पर आधारित है।

साथियों,

आज मुझे स्वामी विवेकानंद जी की भी एक बात याद आ रही है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि हर काम को तीन चरणों से गुजरना पड़ता है। “पहले लोग उसका उपहास उड़ाते हैं, फिर उसका विरोध करते हैं और फिर उसे स्वीकार कर लेते हैं। और खासकर तब, जब वो Idea उस समय से आगे का हो। 20 वर्ष एक लंबा कालखंड होता है। आज की generation के युवा साथियों को पता भी नहीं होगा कि 2001 में आए भीषण भूकंप के बाद गुजरात की स्थिति क्या थी। भूकंप से भी पहले गुजरात लंबे समय तक अकाल की भयंकर स्थिति से जूझ रहा था। इसके बाद जो भूकंप आया, उसमें हजारों लोगों की मौत हो गई। लाखों लोग इससे प्रभावित हुए, उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा। अकाल और भूकंप के अलावा उसी समय गुजरात में एक और बड़ी घटना हुई। माधवपुरा मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक collapse हो गया, इसकी वजह से 133 और cooperative bank में ये तूफान छा गया। पूरे गुजरात के आर्थिक जीवन में हाहाकार मचा हुआ था। एक तरह से गुजरात का financial sector संकट में आ गया था। उस समय मैं पहली बार विधायक बना था, मेरे लिए ये भूमिका भी नई थी, शासन चलाने का कोई अनुभव नहीं था। लेकिन चुनौती बहुत बड़ी थी। इसी बीच एक और घटना घट गई। गोधरा की हृदय विदारक घटना हुई और उसके बाद की परिस्थितियों में गुजरात हिंसा की आग में जल उठा। ऐसे विकट हालात की शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। मुख्यमंत्री के तौर पर भले उस समय मेरे पास ज्यादा अनुभव नहीं था लेकिन मेरा गुजरात पर, अपने गुजरात के लोगों पर अटूट भरोसा था। हालांकि जो लोग एजेंडा लेकर चलते हैं, वो उस समय भी घटनाओं का अपने तरीके से analysis करने में जुटे हुए थे। ये कहा गया कि गुजरात से युवा, गुजरात से उद्योग, गुजरात से व्यापारी सब बाहर चले जाएंगे, पलायन कर जाएंगे और गुजरात तो ऐसा बर्बाद होगा ऐसा बर्बाद होगा कि देश के लिए बहुत बड़ा बोझ बन जाएगा। दुनिया में गुजरात को बदनाम करने की साजिश रची गई। एक निराशा का माहौल खड़ा करने की कोशिश की गई। कहा गया कि गुजरात कभी भी अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाएगा। उस संकट में भी मैंने संकल्प लिया कि चाहे परिस्थितियां जैसी भी हों, गुजरात को इससे बाहर निकाल कर ही रहूँगा। हम गुजरात के पुनर्निमाण ही नहीं, बल्कि उसके आगे की भी सोच रहे थे। और इसका एक प्रमुख माध्यम हमने बनाया Vibrant Gujarat Summit को। ये गुजरात का आत्मविश्वास बढ़ाने और उसके जरिए विश्व से आंख से आंख मिलाकर बात करने का ये माध्यम बन गया। ये गुजरात सरकार की निर्णय प्रक्रिया और focused approach को, पूरी दुनिया को दिखाने का एक माध्यम बना। ये गुजरात सहित भारत की औद्योगिक क्षमता को विश्व के समक्ष उजागर करने का माध्यम बना। ये भारत में मौजूद अलग-अलग sectors की असीमित संभावनाओं को दिखाने का माध्यम बना। ये भारत के talent को देश के भीतर उपयोग करने का माध्यम बना। ये भारत की दिव्यता, भव्यता और सांस्कृतिक विरासत को विश्व को दिखाने का एक और माध्यम बन गया। हमने कितनी बारीकी से काम किया उसका उदाहरण Vibrant Gujarat की timing भी है। हमने वाइब्रेंट गुजरात तब किया जब गुजरात में नवरात्रि और गरबा की धूम रहती है। हमने इसे गुजरात के औद्योगिक विकास का पर्व बना दिया।

साथियों,

आज मैं आप सभी को एक और बात याद दिलाना चाहता हूं। 20 साल हो रहे हैं, हर तरह की खट्टी-मीठी बातें याद आना बहुत स्वाभाविक है। आज दुनिया Vibrant Gujarat की सफलता देख रही है। लेकिन Vibrant Gujarat का आयोजन ऐसे माहौल में किया गया, जब तब की केंद्र सरकार भी गुजरात के विकास को लेकर बेरुखी दिखाती थी। मैंने हमेशा ही कहा है कि गुजरात के विकास से देश का विकास। लेकिन उस समय केंद्र सरकार चलाने वाले गुजरात के विकास को भी राजनीति से जोड़कर देखते थे। केंद्र सरकार के मंत्री तब Vibrant Gujarat Summit में आने से मना कर दिया करते थे। व्यक्तिगत रूप से तो मुझे बताते थे कि नहीं नहीं हम जरूर आएंगे, पता नहीं पीछे से डंडा चलता था वो ना कर देते थे। सहयोग तो दूर की बात, वो रोड़े अटकाने में लगे रहते थे। विदेशी investors को धमकाया जाता था कि गुजरात मत जाओ। इतना डराने के बाद भी विदेशी investors गुजरात आए। जबकि यहां गुजरात में उन्हें कोई special incentive नहीं दिया जाता था। वो यहां आते थे, क्योंकि उन्हें यहां good governance, fair governance, policy driven governance, equal system of growth, और transparent सरकार का अनुभव रोजमर्ररा की जिंदगी में आता था। आप कल्पना कर सकते हैं...जब Vibrant Gujarat की शुरुआत की गई थी, तब गुजरात में बड़े-बड़े होटल भी नहीं थे जहां पर इतने सारे विदेशी मेहमानों को रुकवाया जा सके। जब सारे सरकारी गेस्ट हाउस भी भर जाते थे, तो हमारे सामने सवाल होता था कि अब बाकी लोग कहां ठहरेंगे। ऐसी स्थिति में business houses को मैंने कहा भई जरा आपका कोई गेस्ट हाउस वगैरह है तो वो भी छोड़ दीजिए ताकि उनके काम आ जाए। University के गेस्ट हाउस तक का हमने उपयोग किया। उनके गेस्ट हाउस में मेहमानों के रुकने का इंतजाम किया गया। कुछ लोगों को बडौदा भी ठहराना पड़ा।

साथियों,

मुझे याद है, 2009 में जब Vibrant Gujarat का आयोजन किया गया, तब पूरी दुनिया में मंदी का माहौल था, मंदी की चपेट में दुनिया थी। और सब ने मुझे बताया, हमारे अफसर भी मुझे बता रहे थे कि साहब इस बार Vibrant Gujarat स्थगित कर दीजीए, फ्लॉप हो जाएगा, कोई नहीं आएगा। लेकिन मैंने उस समय भी कहा जी नहीं, ये रूकेगा नहीं, ये होगा, अगर विफल होगा तो आलोचना हागी और क्या होगा, लेकिन आदत छुटनी नहीं चाहिए। और तब भी Vibrant Gujarat Summit ने पूरा विश्व मंदी के दौर में था। लेकिन 2009 के Vibrant Gujarat में सफलता का एक और नया अध्याय जुड गया।

साथियों,

Vibrant Gujarat की सफलता, इसकी विकास यात्रा से भी समझी जा सकती है। 2003 में इस समिट से कुछ 100 participants और delegates जुड़े थे। बहुत छोटा सा कार्यक्रम था। आज 40 हज़ार से ज्यादा participants और delegates इस समिट में हिस्सा हिस्सा लेते हैं। 2003 में इस summit में सिर्फ गिनती भर देशों का participation था, आज 135 देश इसमें participate करते हैं। 2003 में इस समिट की शुरुआत में, 30 के आसपास exhibitors आए थे, अब 2 हज़ार से अधिक exhibitors इस समिट में आते हैं।

साथियों,

Vibrant Gujarat की सफलता के पीछे कई specific reasons हैं। इसकी सफलता में idea, imagination औऱ implementation जैसे core elements शामिल हैं। अगर मैं idea की बात करूं, तो, Vibrant Gujarat एक ऐसा unique concept था, जिसके बारे में भारत में कम ही लोगों ने सुना था। लेकिन समय के साथ मिली सफलता से लोगों को इसका महत्व समझ आया। कुछ समय बाद, दूसरे राज्यों ने भी अपनी तरह के business and investor summits का आयोजन शुरू कर दिया। एक और अहम factor है, imagination। हमने अलग तरीके से सोचने का साहस दिखाया। हम उन दिनों प्रदेश के स्तर पर ही कुछ बहुत बड़ा सोच रहे थे, कुछ ऐसा जो देश के स्तर पर भी नहीं हो पाया हो। हमने एक देश को अपना partner country बनाने का साहस दिखाया, और develop country को। एक छोटा राज्य दुनिया के एक develop country को partner country बना दें ये सोच भी आज थोड़ा लगता होगा उस समय जरा कल्पना कीजिए क्या हुआ होगा? लेकिन कर लिया। देश के किसी अकेले राज्य के लिए यह एक बहुत बड़ी बात थी।

साथियों,

Idea और imagination कितने भी अच्छे हों, लेकिन इनके लिए पूरे सिस्टम को mobilise करना और results deliver करना बहुत महत्वपूर्ण है। ये एक ऐसा काम है, जिसके लिए बड़ी प्लानिंग, capacity building में निवेश, हर detail पर नजर, और अथक परिश्रम की जरूरत होती है। ताकि इस scale का आयोजन हो सके। मैंने पहले भी कहा है, same officers, same resources और same regulations के साथ हमने कुछ ऐसा किया, जिसके बारे में कभी किसी ने सोचा नहीं था।

साथियों,

वाइब्रेंट गुजरात समिट की एक और पहचान नोट करने वाली है। आज Vibrant Gujarat one-time event से एक institution बन गया है, जिसका system और process सरकार के भीतर और सरकार के बाहर साल भर स्वत: चलता रहता है। Chief Ministers बदले, करीब-करीब पुराने leading officers तो सारे के सारे retire हो गए , जो 2001 में पहली बार गुजरात आए होंगे ऐसे अफसर आज गुजरात संभाल रहे हैं। सीनियर हो गए हैं। समय बदला, लेकिन एक चीज नहीं बदली। हर बार Vibrant Gujarat सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचता रहा। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि हमने processes को संस्थागत बना दिया। इस सफलता की जो consistency है, उसके लिए यही ताकत इसका आधार है। और इसके लिए infrastructure पर भी वेसे ही बल दिया, कहां कभी Tagore Hall में कार्यक्रम होता था, फिर कभी यहां Science City में ही तंबू लगाकर के कार्यक्रम किया था और आज महात्मा मंदिर बन गया।

साथियों,

जिस भावना के साथ हमने Vibrant Gujarat Summit को आगे बढाया, वैसा आमतौर पर हमारे देश में बहुत कम देखने को मिलता है। हम ये summit करते थे तो गुजरात में लेकिन हम इसके जरिए हर राज्य को लाभ पहुंचाना चाहते थे। बहुत कम लोग हैं जो हमारी इस सोच को आज भी समझ पाए हों। वो अपने एक दायरे में सिकुड़कर के बैठे हुए हैं। एक गुजरात का मुख्यमंत्री उस समय देश के मुख्यमंत्रियों को आग्रह करता था कि summit हो रही हैं आप भी अपना झंडा गाडिए, आप भी अपना stall लगाईये, आप भी seminar कीजिए। Vibrant Gujarat Summit में दूसरे राज्यों को भी शामिल होने के लिए अवसर दिया जाता था। हमने राज्यों को invite किया था। आप भी आइए, अपनी शक्ति इसमें लगाइए, फायदा उठाइये। हमने state seminar का आयोजन किया, जिसमें कई राज्य आते थे और Vibrant Summit के दरमियान कहीं पर उड़ीसा का समिट चल रहा है, कहीं तेलुगू समिट चल रहा है, कहीं पर हरियाणा, जम्मू-कश्मीर का समिट चल रहा है। इसके अलावा गुजरात में आयुर्वेद का एक पूरे देश का summit, progressive partner का एक बहुत बड़ा summit, All India Lawyers’ Summit। ऐसे भांति भांति के summit इसका भी ताना बाना हम लगातार बनाते जाते थे। हम गुजरात का विकास भी national vision के तहत कर रहे थे।

साथियों,

20वीं शताब्दी में हमारा गुजरात, हमारी पहचान क्या थी? हम एक trader state के रूप में जाने जाते थे। एक जगह से लेते थे, दूसरी जगह देते थे। बीच में जो भी दलाली मिले उससे गुजारा करते थे। ये हमारी छवि थी। लेकिन 20वी सदी की उस छवि को छोड़कर के 21वीं सदी में गुजरात trade के साथ एक agriculture power house बना, एक financial hub बना और एक industrial aur manufacturing ecosystem के रूप में उसकी एक पहचान बन गई है। इसके अलावा गुजरात की trade-based reputation भी काफी मजबूत हुई है। इन सभी के पीछे Vibrant Gujarat जैसे आयोजनों की सफलता है, जो ideas, innovation और industries के incubator की तरह काम कर रहा है। हमारे पास पिछले 20 वर्षों के, हजारों success stories और case studies हैं। Effective policy making और efficient project implementation से ये संभव हो सकता है। Textile और apparel (अपैरल) industries के investment और employment में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। जिसके कारण हमारा exports भी record बना रहा है। बीते 2 दशकों में हम अलग-अलग sectors में नए मुकाम तक पहुंचे हैं। Automobile sector में 2001 की तुलना में, हमारा निवेश करीब 9 गुना बढ़ा है। हमारे manufacturing output में 12 गुना बढ़ोतरी हुई है। Chemical sector में गुजरात देश और दुनिया की तमाम कंपनियों की पसंद बन गया है। आज भारत की dyes (डाइज) & intermediates manufacturing में गुजरात का योगदान करीब 75 परसेंट है। Agro और food processing industry के निवेश में गुजरात का हिस्सा देश में सबसे अधिक है। आज, गुजरात में 30 हजार से अधिक food processing units काम कर रहे हैं। Pharma sector में गुजरात एक innovation-driven, knowledge-focused pharma industry के रूप में उभर रहा है। Medical devices manufacturing में 50 परसेंट से ज्यादा और cardiac stents manufacturing में करीब 80 परसेंट हिस्सा गुजरात का ही है। Gem and jewellery industry में तो गुजरात की सफलता अद्भुत है। पूरी दुनिया के processed diamonds का 70 परसेंट से ज्यादा हिस्सा गुजरात का है। भारत के diamond exports में गुजरात का योगदान 80 परसेंट है। Ceramic sector की बात करें तो गुजरात का मोरबी क्षेत्र अकेले ही देश के ceramic market में 90 प्रतिशत शेयर रखता है। यहीं पर ceramic tiles, sanitary ware और अलग-अलग ceramic products की करीब 10 हजार manufacturing units हैं। गुजरात भारत में top exporters भी है। पिछले साल राज्य ने करीब $ 2 billion का export किया था। आने वाले समय में defence manufacturing बहुत बड़ा सेक्टर होगा।

साथियों,

हमने Vibrant Gujarat की शुरुआत की तो हमारा intention था कि ये राज्य देश की तरक्की का growth engine बने। समझ आया मैं क्या कह रहा हूं? जब हम यहां काम कर रहे थे तब हमारी कल्पना थी, हमारी सोच थी कि गुजरात देश का growth engine बने, चलिए थोड़े लोगों को समझ आया। देश ने इस परिकल्पना को हकीकत बनते देखा है। 2014 में जब हमें देश की सेवा करने का अवसर दिया, तो हमारा लक्ष्य भी विस्तार हुआ, और हमारा लक्ष्य था कि भारत पूरी दुनिया का growth engine बने। आज अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां, experts इसी सुर में बात कर रहे हैं। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था है। अब हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां भारत global economic powerhouse बनने जा रहा है। अब भारत को दुनिया की और ये मेरी आपको भी गारंटी है। आप अपनी आंखों के सामने देखेंगे, कुछ ही वर्षों में भारत दुनिया की टॉप 3 बड़ी economy में होगा। ये मोदी की गारंटी है। इसलिए मैं यहां मौजूद मेहमानों से, भारत के उद्योग जगत से एक अपील भी करना चाहता हूं। आप सभी ऐसे sector के बारे में सोचें जहां पर भारत अपनी नई संभावना बना सकता हो, या अपनी स्थिति को और बेहतर कर सकता हो। हमें यह भी सोचना होगा कि Vibrant Gujarat कैसे इस मिशन को momentum दे सकता है। जैसे भारत आज दुनिया में sustainability के लिए, उस विषय में आज विश्व का नेतृत्व कर रहा है, lead कर रहा है। हमारे startup ecosystem को कैसे इस summit से ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले, हमें ये भी सोचना होगा। आज agritech एक उभरता हुआ क्षेत्र है। Food processing sector का तेजी से विस्तार हो रहा है। श्री-अन्न के बढ़ते उपयोग से हमारा जो millets ह, वो आज दुनिया के बड़े-बड़े भोजन शुभारंभ में डाइनिंग टेबल पर उसकी जगह बन गई है। श्रीअन्न के उपयोग से नए अवसर तैयार हो रहे हैं। Processing, packaging, उसमें बदलाव और global market तक पहुंचने की संभावनाएं बहुत नए मौके लेकर के आई है।

आज के deeply connected world में financial cooperation के institutions की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। गुजरात के पास पहले से ही gift city है, जिसकी प्रासंगिकता हर दिन बढ़ रही है। Gift city में हमारे whole of government approach का प्रतिबिंब दिखता है। यहां केंद्र, राज्य और IFSC authority मिलकर काम करते हैं ताकि दुनिया का best regulatory environment तैयार हो। हमें इसे globally competitive financial market place बनाने का प्रयास तेज करना चाहिए। इसके लिए हम अपने large domestic demand का फायदा उठा सकते हैं। Vibrant Gujarat के सामने ये लक्ष्य है कि वो कैसे gift city को और सशक्त करे, ताकि इसकी global presence बढ़े।

साथियों,

Vibrant Gujarat की सफलता की चर्चा के बीच, मैं ये भी कहूंगा कि ये रुकने का समय नहीं है। पिछले 20 वर्षों से अगले 20 वर्ष ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। जब Vibrant Gujarat के 40 साल पूरे होंगे, तब भारत अपनी स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष के निकट पहुंचा होगा। यही समय है जब भारत को एक ऐसा roadmap बनाना होगा, जो उसे 2047 तक एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में हम उसको दुनिया के सामने प्रस्थापित करें। मुझे विश्वास है, आप सभी भी इस दिशा में जरूर काम करेंगे, जरूर कदम उठाऐंगे, जरूर आगे आएंगे। अभी Vibrant Summit तो जनवरी में होने वाली है। राज्य सरकार और यहां के उद्योग जगत के साथी पूरी ताकत से लगे भी होंगे, लेकिन मेरे लिए खुशी की बात है कि आज जब आपने मुझे बुलाया तो मैं भी 20 साल छोटा हो गया और पुरानी उस यादों में खो गया, उस भयंकर दिवसों से गुजरात को कैसे निकाला है और आज कहां पहुंचा है। जीवन में इससे बड़ा संतोष क्या हो सकता है दोस्तों ? मैं फिर एक बार इस 20 साल को याद करने के लिए गुजरात सरकार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मुझे आपके बीच आकर के पुराने दिनों को स्मरण करने का अवसर दिया, मैं बहुत-बहुत आभारी हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
On Puri’s Grand Road, a devotee’s submission

Media Coverage

On Puri’s Grand Road, a devotee’s submission
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister speaks with the Amir of Qatar
July 16, 2026
PM conveys heartfelt condolences on the passing of the Father Amir of Qatar
PM recalls the Father Amir’s visionary leadership and his contribution to strengthening India-Qatar relations
The two leaders reaffirm their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy

Prime Minister Shri Narendra Modi had a telephone conversation today with the Amir of the State of Qatar, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani.

Prime Minister conveyed his heartfelt condolences on the passing of H.H. Sheikh Hamad bin Khalifa Al Thani, the Father Amir of Qatar.

Recalling the Father Amir’s significant contributions as the chief architect of modern Qatar, Prime Minister paid tribute to his visionary leadership, and recalled his pivotal role in strengthening India-Qatar relations over the years as well as his deep affection for India and the Indian community in Qatar.

The Amir of Qatar thanked Prime Minister for his call and conveyed his appreciation for the words of support in this difficult hour.

The two leaders reaffirmed their resolve to carry forward the Father Amir’s legacy and further strengthen the India-Qatar Strategic Partnership and people-to-people ties.

They agreed to remain in close touch.