भारत के युवा वास्तविक समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
महज 10 वर्षों में स्टार्टअप इंडिया मिशन एक क्रांति बन गया है; आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है: प्रधानमंत्री
आज जोखिम लेना मुख्यधारा बन गया है: प्रधानमंत्री
स्टार्टअप इंडिया सिर्फ एक योजना नहीं है, यह एक इंद्रधनुषी दृष्टि है जो विविध क्षेत्रों को नए अवसरों से जोड़ती है: प्रधानमंत्री
अब हमारे स्टार्टअप के लिए विनिर्माण पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का समय है: प्रधानमंत्री
स्टार्टअप का साहस, आत्मविश्वास और नवाचार भारत के भविष्य को आकार दे रहे हैं: प्रधानमंत्री

मंत्रिमंडल के मेरे साथी पीयूष गोयल जी, देशभर से आए स्टार्टअप इकोसिस्टम के मेरे दोस्तों, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों !

आज हम सब एक बहुत खास अवसर पर यहां एकत्रित हुए हैं। ‘नेशनल स्टार्टअप डे’ का ये अवसर, स्टार्टअप फाउंडर्स और इनोवेटर्स का ये समूह, मैं अपने सामने नए और विकसित होते भारत का भविष्य देख रहा हूं। अभी मुझे कुछ स्टार्टअप की दुनिया के लोगों से, उनके कुछ अचीवमेंट्स थे, उनके जो प्रयोग थे, उसे देखने का अवसर मिला, कुछ साथियों को सुनने का अवसर मिला। एग्रीकल्चर में काम कर रहे स्टार्टअप, Fintech, मोबिलिटी का सेक्टर, हेल्थ और सस्टेनेबिलिटी का फील्ड, आपके जो ideas हैं, वो सिर्फ मुझे नहीं, हर किसी को इंप्रेस करने वाले हैं। लेकिन मेरे लिए महत्व की जो बात है, वो आपका कॉन्फिडेंस और आपके एंबिशंस, ये मुझे ज्यादा इंप्रेसिव लगे। आज से 10 साल पहले, विज्ञान भवन में, एक 500-700 नौजवानों के बीच में इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी, रितेश यहां बैठे है, तब उनकी शुरुआत थी। और उस समय स्टार्टअप की दुनिया में जो नए-नए लोग आ रहे थे, उनके अनुभव में सुन रहा था, और मुझे याद है कि एक बेटी जो कॉरपोरेट वर्ल्ड में अपनी नौकरी छोड़ के, स्टार्टअप की ओर जा रही थी। तो नौकरी छोड़ के वो कोलकाता अपनी मां से मिलने गई और मां से कहा कि मैंने नौकरी छोड़ दी है, तो मां ने कहा, क्यों? ये सब उसने उस दिन सुनाया था विज्ञान भवन में, तो उसने कहा नहीं बस अब तो मैं स्टार्टअप करना चाहती हूं, तो उसकी मां ने जो उसको कहा, वो उसने सुनाया था, उसने कहा- सर्वनाश, ये तुम बर्बादी के रास्ते पर क्यों जा रही हो। स्टार्टअप के संबंध में ये सोच हमारे देश में थी और आज हम कहां से कहां पहुंच गए, विज्ञान भवन से आज भारत मंडपम में जगह नहीं है, और मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस एक सप्ताह में ही देश के नौजवानों से दूसरी बार मिलने का मौका मिल रहा है। अभी 12 जनवरी को युवा दिवस पर मैं देशभर से आए हुए करीब 3000 युवकों से दो-ढाई घंटे तक उनको सुनता रहा था और उनके साथ बैठा था। और आज मुझे आप सबको सुनने का और मेरे देश के नौजवानों को, उनकी शक्ति के दर्शन करने का मुझे सौभाग्य मिला है।

साथियों,

सबसे अहम बात ये है कि भारत के युवाओं का फोकस real problems solve करने पर है। हमारे वो young innovators, जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया, मैं उन सभी की बहुत-बहुत सराहना करता हूं।

साथियों,

आज हम Startup India के दस साल पूरे होने का माइल-स्टोन सेलिब्रेट कर रहे हैं। 10 साल की ये जर्नी, सिर्फ एक सरकारी स्कीम की सक्सेस स्टोरी नहीं है। ये आप जैसे हजारों-लाखों सपनों की जर्नी है। ये कितनी ही कल्पनाओं के साकार होने की यात्रा है। आप याद करिए, 10 साल पहले हालात क्या थे? Individual efforts और innovation के लिए बहुत गुंजाइश ही नहीं थी। हमने उन परिस्थितियों को चैलेंज किया, हमने Startup India programme launch किया। हमने युवाओं को एक खुला आसमान दिया, और आज नतीजा हमारे सामने है। सिर्फ 10 साल में स्टार्टअप इंडिया मिशन एक revolution बन चुका है। भारत आज दुनिया का third-largest startup ecosystem है। दस साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्ट-अप्स थे, आज ये संख्या बढ़कर 2 लाख से ज्यादा है। 2014 में भारत में सिर्फ चार यूनिकॉर्न थे, आज भारत में करीब सवा सौ एक्टिव यूनिकॉर्न हैं। दुनिया भी आज इस सक्सेस स्टोरी को हैरानी से देख रही है। आने वाले समय में जब भारत की स्टार्टअप जर्नी की बात होगी, तो यहां इस ह़ॉल में बैठे कितने ही युवा खुद में एक ब्राइट केस स्टडी बनने वाले हैं।

और साथियों,

मुझे ये देखकर और भी अच्छा लगता है कि Startup India का momentum लगातार तेज हो रहा है। आज के startups यूनिकॉर्न बन रहे हैं, यूनिकॉर्न अपने IPOs launch कर रहे हैं, ज्यादा से ज्यादा jobs create कर रहे हैं। पिछले ही साल, यानि 2025 में करीब 44 thousand और नए startups रजिस्टर हुए हैं। ये Startup India की शुरुआत के बाद किसी एक साल के सबसे बड़ा जंप है ये। ये आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि हमारे स्टार्टअप्स ecosystem, innovation और growth को किस तरह ड्राइव कर रहे हैं।

साथियों,

मुझे बहुत खुशी है कि स्टार्ट अप इंडिया ने देश में एक नए कल्चर को जन्म दिया है। पहले नया बिज़नेस और नया वेंचर केवल बड़े-बड़े घरानों के बच्चे ही लेकर आते थे। क्योंकि, उन्हें ही आसानी से फंडिंग मिलती थी, सपोर्ट मिलता था। मिडिल क्लास और गरीब के ज्यादातर बच्चे केवल नौकरी का सपना देख पाते थे। लेकिन, स्टार्टअप इंडिया प्रोग्राम ने इस सोच को बदल दिया है। अब टियर-2 और टियर- 3 शहरों के, यहां तक की गाँवों के युवा अपने स्टार्टअप खोल रहे हैं। और यही युवा आज सबसे ज्यादा जमीनी समस्याओं का समाधान देने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। समाज और देश के लिए कुछ करने का ये जज्बा मेरे लिए इस भावना का, इस स्पिरिट बहुत महत्व है।

साथियों,

इस बदलाव में एक बड़ी भूमिका देश की बेटियों की रही है। आज 45 प्रतिशत, 45 percent से ज्यादा recognized startups में कम से कम एक महिला डायरेक्टर या पार्टनर है। Women-led startup funding के मामले में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ecosystem बन चुका है। स्टार्टअप्स का ये inclusive momentum भारत के सामर्थ्य को और बढ़ा रहा है।

साथियों,

आज देश स्टार्टअप revolution में अपना भविष्य देख रहा है। अगर मैं आपसे पूछूँ कि स्टार्टअप्स इतने मायने क्यों रखते हैं? तो शायद आप सबके अलग-अलग जवाब होंगे। कोई कहेगा भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, इसलिए स्टार्टअप्स के लिए अपॉरचुनिटीज हैं, किसी का उत्तर होगा, भारत दुनिया की सबसे तेजी से ग्रो कर रही major economy है, इसलिए स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर हैं। कोई कहेगा, आज देश वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है, भारत में नए-नए सेक्टर्स उभर रहे हैं, इसलिए स्टार्टअप सिस्टम भी आगे बढ़ रहा है। ये सारे जवाब, ये सारे तथ्य सही हैं। लेकिन, एक बात जो मेरे दिल को छूती है, वो है- स्टार्टअप स्पिरिट। मेरे देश का नौजवान आज कंफर्ट जोन में अपनी जिंदगी गुजारने के लिए तैयार नहीं हैं, उसे घिसी-पिटी लीक पर चलना मंजूर नहीं है। वो अपने लिए नए रास्ते खुद बनाना चाहता है, क्योंकि उसे नई मंज़िलें चाहिए, नए मुकाम चाहिए।

और साथियों,

नई मंज़िले मिलती कैसे हैं? उसके लिए हमें परिश्रम की पराकाष्ठा करके दिखानी होती है। और इसलिए, हमारे यहाँ कहा जाता है- उद्यमेन हि सिद्ध्यन्ति, कार्याणि न मनोरथैः। अर्थात्, कार्य उद्यम से सिद्ध होते हैं, केवल मनोरथ करने से नहीं होता। और उद्यम के लिए पहली शर्त है- साहस। आप सबने यहाँ तक पहुँचने के लिए कितना साहस किया होगा, कितना कुछ दांव पर लगाया होगा। पहले देश में Risk taking को discourage किया जाता था, लेकिन आज risk-taking, main-stream बन गया है। Monthly सैलरी से आगे सोचने वाले को अब केवल accept ही नहीं, लेकिन अब उसे respect किया जाता है। जिन risk taking ideas को पहले लोग फ्रिंज मानते थे, वो अब फ़ैशन बन रहा है।

साथियों,

Risk taking पर मैं खास तौर ज़ोर देता रहा हूँ, क्योंकि ये मेरी भी पुरानी आदत है, जो काम कोई करने के लिए तैयार नहीं होता, ऐसे काम जो दशकों से पहले की सरकारों ने नहीं छुये, क्योंकि उनमें चुनाव हारने का, कुर्सी जाने का डर था। जिन कामों के लिए लोग आकर कहते थे, ये बहुत पॉलिटिकल रिस्क है, मैं उन कार्यों को अपना दायित्व समझकर जरूर करता हूँ। आपकी तरह ही मेरा भी मानना है, जो काम देश के लिए जरूरी है, वो किसी ना किसी को तो करना ही होगा, किसी को तो रिस्क लेना ही होगा। नुकसान होगा तो मेरा होगा, लेकिन अगर फायदा होगा, तो मेरे देश के करोड़ों परिवारों को फायदा होगा।

साथियों,

पिछले 10 वर्षों में देश में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार हुआ है, जो इनोवेशन को बढ़ावा देता है। हमने स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब्स बनाईं, ताकि वहां बच्चों मे इनोवेशन की प्रवृत्ति बने। हमने हैकेथॉन्स शुरु किए, ताकि हमारे युवा देश की समस्याओं के समाधान दे सकें। हमने इन्क्यूबेशन सेंटर्स बनाए, ताकि संसाधनों की कमी से आइडियाज़ की डेथ न हो।

साथियों,

एक समय में Complex compliances, लंबी approval cycles, और इंस्पेक्टर राज का डर, ये innovation की सबसे बड़े रुकावट थे। इसलिए हमने trust और transparency का माहौल बनाया। जन विश्वास एक्ट के तहत 180 से ज्यादा provisions को decriminalise किया गया है। हमने आपका समय बचाया, ताकि आप innovation पर focus कर सकें। आपका समय litigation में बर्बाद ना हो। खासतौर पर, startups के लिए कई laws में self-certification की सुविधा दी गई। Mergers और exits को आसान बनाया गया।

साथियों,

Startup India केवल एक scheme नहीं, बल्कि एक ‘रेनबो विज़न’ है। ये अलग-अलग sectors को नई opportunities से जोड़ने का जरिया है। आप देखिए डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, पहले क्या स्टार्टअप्स established players के साथ competition की कल्पना भी कर सकते थे क्या? iDEX के जरिए हमने strategic sectors में startups के लिए procurement के नए रास्ते खोले। स्पेस सेक्टर, जो पहले पूरी तरह private participation के लिए बंद था, उसे भी अब Open कर दिया गया है। आज लगभग 200 startups स्पेस सेक्टर में काम कर रहे हैं। इन्हें global मान्यता भी मिल रही है। इसी तरह, ड्रोन सेक्टर को देखिए, सालों तक enabling framework के अभाव के कारण भारत काफी पीछे छूट गया। हमने out-dated rules हटाएं, innovators पर भरोसा किया।

साथियों,

Public procurement में हमने GeM यानि गवर्मेंट ई-मार्केट प्लेस के जरिए market access को बढ़ाया है। आज करीब 35 हजार startups और small businesses GeM पर on-boarded हैं। इन्हें करीब 50 हजार करोड़ के लगभग 5 लाख orders मिले हैं। एक तरह से, स्टार्टअप्स अपनी सक्सेस से हर सेक्टर के लिए नए ग्रोथ avenues खोल रहे हैं।

साथियों,

हम सभी जानते हैं Capital के बिना, सबसे अच्छे ideas भी मार्केट तक नहीं पहुंच पाते। इसीलिए, हमने innovators के लिए finance तक पहुंच सुनिश्चित कर, उस पर भी फोकस किया है। Fund of funds for Startups के जरिए 25 हजार करोड़ से अधिक का investment किया गया है। Startup India Seed Fund, IN-SPACe seed fund, NIDHI Seed Support Programme, ऐसी schemes के जरिए स्टार्टअप्स को seed funding दी जा रही है। Credit access बेहतर बने, इसके लिए हमने Credit Guarantee Scheme भी शुरू की। ताकि, collateral की कमी creativity के रास्ते में बाधा न बने।

साथियों,

आज की research ही कल की intellectual property बनती है। इसी को बढ़ावा देने के लिए हमने एक लाख करोड़ रुपए की Research, Development and Innovation Scheme शुरू की है। जो sunrise sectors हैं, उनमें long-term investment को support करने के लिए deep tech fund of funds भी बनाया गया है।

साथियों,

अब हमें भविष्य के लिए तैयार होना होगा। हमें नए ideas पर काम करने की जरूरत है। आज कई ऐसे domains उभर रहे हैं, जो कल देश में economic security और strategic autonomy में अहम रोल निभाएंगे। AI का उदाहरण हमारे सामने है। जो राष्ट्र AI revolution में जितना आगे होगा, उसके पास उतना ही advantage होगा। भारत के लिए ये काम हमारे स्टार्टअप्स को करना है। और आप सबको मालूम होगा, फरवरी में AI की global conference हमारे यहां हो रही है, AI Impact समिट हो रही है, वो आप सबके लिए भी बड़ा अवसर है। और मैं जानता हूँ, इस काम में high computing cost जैसे कितने challenges हैं। India AI Mission के जरिए हम इनके solutions दे रहे हैं। हमने 38,000 से अधिक GPUs on-board किए हैं। हमारा प्रयास है कि big technology, small startups के लिए भी आसानी से उपलब्ध हो। हम ये भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि indigenous AI, भारतीय प्रतिभाओं द्वारा, भारतीय servers पर ही तैयार हो। इसी तरह के प्रयास semiconductors, data centres, green hydrogen और कई अन्य sectors में भी किए जा रहे हैं।

साथियों,

जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हमारी ambition सिर्फ partnership की नहीं रहनी चाहिए। हमें global leadership का लक्ष्य रखना होगा। आप नए आइडियाज पर काम करें, problems को solve करें। बीते दशकों में हमने डिजिटल स्टार्टअप्स में, सर्विस सेक्टर में काफी शानदार काम किया है। अब समय है कि हमारे स्टार्टअप्स manufacturing पर ज्यादा ध्यान दें। हमें नए products बनाने होंगे। हमें दुनिया के बेस्ट क्वालिटी के products बनाने होंगे। टेक्नोलॉजी में भी unique ideas पर काम करके लीड लेनी होगी। भविष्य इसी का है। मैं आपको भरोसा देता हूँ, आपके हर प्रयास में सरकार आपके साथ खड़ी है। मुझे आपकी क्षमता पर गहरा विश्वास है, आपके courage, confidence और innovation से भारत का भविष्य shape ले रहा है। पिछले दस वर्षों ने देश की क्षमताओं को साबित किया है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए, आने वाले दस वर्षों में भारत नए startup trends और technologies में दुनिया का नेतृत्व करे। मैं एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam highlighting the strength and contribution of Nari Shakti
April 17, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that Nari Shakti is the identity of a strong India. He noted that the mothers, sisters and daughters of the country, through their unwavering determination, dedication and spirit of service, are enhancing the pride of India in every field.

The Prime Minister shared a Sanskrit verse-

“देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या ।

तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः ।।”

The verse invokes We offer our reverent salutations to Ambika-worshipped by all the gods and great sages-who, through her divine power, pervades this entire universe and who is the very embodiment of the collective powers of all the deities. May that Mother of the Universe bestow welfare upon us.

The Prime Minister wrote on X;

“हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।

देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या ।

तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः ।।”