हमारी सरकार ऊर्जावान बोडो समुदाय की प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में प्रतिबद्ध है: प्रधानमंत्री
बोडो लोगों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार हो चुकी है: प्रधानमंत्री
पूरा पूर्वोत्‍तर, भारत की अष्टलक्ष्मी है: प्रधानमंत्री

खोलोमबाय!

असम के गवर्नर श्रीमान लक्ष्मण प्रसाद आचार्य जी, टेक्‍नोलॉजी के माध्‍यम से हमारे साथ जुड़े मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा जी, मंच पर उपस्थित अन्य सभी महानुभाव, भाइयों और बहनों!

आज कार्तिक पूर्णिमा का पावन अवसर है। आज देव दीपावली मनाई जा रही है। मैं देशभर के लोगों को इस पर्व की शुभकामनाएं देता हूं। आज गुरु नानक देव जी का 555वाँ प्रकाश पर्व भी है। मैं पूरे देश को विशेष रूप से विश्व भर में फैले हुए सिख भाई-बहनों को इस अवसर पर बधाई देता हूं। आज पूरा देश जनजातीय गौरव दिवस भी मना रहा है। आज ही सुबह मैं बिहार में, जमुई में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल हुआ और अब शाम को यहां पहले बोडो महोत्सव का शुभारंभ हो रहा है। First Bodoland Festival में असम समेत देश के अलग-अलग राज्यों से बोडो समुदाय के लोग आए हैं। शांति के, संस्‍कृति के, समृद्धि के नए भविष्‍य का उत्सव मनाने के लिए जुटे सभी बोडो साथियों का मैं यहां अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

आप कल्पना नहीं कर सकते होंगे कि आज का ये अवसर मेरे लिए कितना इमोशनल है। ये पल मुझे भावुक करने वाले पल हैं, क्योंकि शायद ये दिल्‍ली में बैठे-बैठे एयर कंडिशन्ड कमरों में बैठकर के भांति-भांति की थ्‍योरियां लिखने वाले देश को बताने वालों को अंदाजा नहीं होगा कि कितना बड़ा अवसर है ये। 50 साल का रक्तपात, 50 साल तक हिंसा, तीन-तीन चार पीढ़ी के युवा इस हिंसा में खप गए। कितने दशकों बाद बोडो आज फेस्‍टिवल मना रहा है और रणचंडी नृत्य, ये अपने आप में बोडो के सामर्थ्य को भी परिचित करवाता है और मुझे नहीं पता कि दिल्‍ली में बैठे हुए लोगों को इन चीजों का महात्म्य समझ आता होगा और ये ऐसे ही नहीं हुआ है। बड़े धैर्य के साथ एक-एक गांठ को उकेल के, उकेल के उसको ठीक करते करते करते, आज आप सबने एक नया इतिहास रच दिया है।

मेरे बोडो भाइयों और बहनों,

साल 2020 में Bodo Peace Accord बोडो शांति समझौते के बाद मुझे कोकराझार आने का अवसर मिला था। वहां आपने मुझे जो अपनापन दिया, जो स्नेह मिला, ऐसा लग रहा था कि आप मुझे अपना ही एक मानते हैं, अपनों में से एक मानते हैं। वो पल मुझे हमेशा याद रहेगा, लेकिन उससे ज्यादा कभी-कभार तो एकाध बड़ा अवसर, एक वातावरण, उसका असर होता है। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ, आज चार साल के बाद भी वो ही प्यार, वो ही उत्साह, वो ही अपनापन, कोई कल्पना नहीं कर सकता साथियों कि मन को कितना भावुक बना देता है और उस दिन मैंने अपने बोडो भाइयों और बहनों को कहा था कि बोडोलैंड में शांति और समृद्धि की सुबह हो चुकी है और साथियों वो मेरे सिर्फ शब्द नहीं थे। उस दिन मैंने जो माहौल देखा था और शांति के लिए आप हिंसा का राह छोड़कर के निकल चुके थे। शस्‍त्र दे रहे थे, वो पल बहुत ही भावुक था साथियों और उसी समय मेरे भीतर एक मेरे अंदर से आवाज आई थी कि अब, अब मेरे बोडोलैंड में समृद्धि की सुबह हो चुकी है। आज आप सबका उत्साह, आपके चेहरे की खुशी देखकर मैं कह सकता हूं, बोडो लोगों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार हो चुकी है।

पिछले 4 वर्षों में बोडोलैंड में हुई प्रगति बहुत ही महत्वपूर्ण है। शांति समझौते के बाद बोडोलैंड ने विकास की नई लहर देखी है। आज जब मैं बोडो पीस अकॉर्ड के फायदे देखता हूं, आप लोगों के जीवन पर इसका प्रभाव देखता हूं, तो इतनी मन को तसल्ली मिलती है, इतनी मन को खुशी होती है साथियों आप कल्पना नहीं कर सकते जी, आप पल भर सोचिए, कोई माँ और उसका इकलौता बेटा और उस माँ ने बहुत लालन-पालन से बड़ा किया हो बेटे को और बेटा अन्य साथियों से मिलकर के हाथ में हथियार लेकर के, माँ को छोड़कर के जंगलों में भटकता हो, उसने जो राह चुनी है, उसको पाने के लिए किसी की भी हत्या करने पर तुला हुआ हो, माँ बेबस होकर के निराशा में दिन काट रही हो और एक दिन पता चले कि माँ तेरा बेटा उन शस्त्रों को छोड़कर के अब तेरे पास वापस आया है। आप कल्पना कीजिए उस दिन उस माँ को कितना आनंद होगा। आज पिछले चार साल से मैं वही आनंद की अनुभूति करता हूं। मेरे अपने, मेरेे नौजवान साथी, मेरी प्रार्थना को स्वीकार करके वापस लौट आए और अब हिन्‍दुस्‍तान का भविष्य बनाने में कंधे से कंधा मिलाकर के मेरे साथ काम कर रहे हैं। ये जीवन का, ये मेरे जीवन की बहुत बड़ी घटना है साथियों, मेरे मन को बहुत तसल्ली देने वाली घटना है और इसलिए मैं आपका जितना अभिनंदन करूं, उतना कम है। और साथियों, बोडो शांति समझौते का लाभ सिर्फ आपको ही हुआ है, ऐसा नहीं है। बोडो शांति समझौते ने कितने ही अन्य समझौतों के लिए नए रास्ते खोले। अगर वो कागज पर रह जाता, तो शायद और लोग मेरी बात नहीं मानते लेकिन आपने जो कागज पर था, उसे जीवन में भी उतारा, जमीन पर भी उतारा और लोगों के मन-मस्तिष्क को भी आपने विश्वास दिलाया और उसके कारण, आपके इस initiative के कारण और सारे समझौते के रास्ते खुले थे और इसलिए एक प्रकार से पूरे Northeast में आपने शांति की ज्योत प्रज्ज्वलित की है दोस्तों।

साथियों,

इन समझौतों की वजह से सिर्फ असम में ही, ये आंकड़ा मैं फिर कहूंगा दिल्‍ली में बैठे-बैठे महारथियों को पता नहीं होगा। सिर्फ असम में ही, 10 हजार से ज्यादा युवाओं ने हथियार छोड़ा, हिंसा का रास्ता छोड़ा है, ये विकास की मुख्यधारा में वापस लौटे हैं। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि कार्बी एंगलोंग समझौता, ब्रू-रियांग समझौता, NLFT-त्रिपुरा समझौता, ये सारी बातें एक दिन सच्चाई बन जाएगा। और ये आप सबके सहयोग के कारण ये सब संभव हुआ है साथियों और इसलिए एक प्रकार से मैं आज पूरा देश जब जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है तब, जब आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती है तब, मैं आज यहां पर आप सबको Thank You कहने के लिए आया हूं। धन्यवाद कहने के लिए आया हूं। आपके परिवारजनों को प्रणाम करने के लिए आया हूं। शायद जो सपना संजोया हो, उसको अपनी आंखों के सामने चरितार्थ होकर के देखते हैं, तब हृदय… हृदय भावनाओं से भर जाता है दोस्‍तों और इसलिए मैं आपका जितना धन्यवाद करूं उतना कम है और मैं देश के नौजवानों से कहता हूं, आज भी नक्सलवाद के रास्ते पर जो नौजवान हैं, मैं उनको कहता हूं कि मेरे बोडो साथियों से कुछ सीखिए, बंदूक को छोड़िए, बम-बंदूक-पिस्तौल का रास्ता कभी भी परिणाम नहीं लाता है। परिणाम बोडो ने जो दिखाया ना, वो ही रास्ता लाता है।

साथियों,

विश्वास की जिस पूंजी को लेकर मैं आपके पास आया था, आप सबने मेरे उस विश्वास का मान रखा, मेरे शब्द की इज्जत की और मेरे शब्द की आपने इतनी ताकत बढ़ा दी है कि वो सदियों तक पत्थर की लकीर बन गया है दोस्तों और मैं भी, हमारी सरकार, असम सरकार, आपके विकास में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं।

साथियों,

केंद्र और असम की सरकार बोडो टेरिटोरियल रीजन में बोडो समुदाय की जरूरतों और उसकी आकांक्षाओं को प्राथमिकता दे रही है। बोडोलैंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 1500 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज दिया है। असम सरकार ने भी स्पेशल डेवलपमेंट पैकेज दिया है। बोडोलैंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए 700 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं। हमने हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटे लोगों के प्रति पूरी संवेदनशीलता से निर्णय लिए हैं। नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के 4 हजार से ज्यादा पूर्व कैडर्स का पुनर्वास किया गया है। कितने ही युवाओं को असम पुलिस में नौकरी दी गई है। बोडो संघर्ष से प्रभावित प्रत्येक परिवार को असम सरकार ने 5 लाख रुपए की मदद भी पहुंचाई है। आपको जानकर खुशी होगी कि बोडोलैंड के विकास के लिए असम सरकार हर साल 800 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है।

साथियों,

किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी है कि वहां के युवाओं को, वहां की महिलाओं का स्किल डेवलपमेंट भी हो और उन्हें अपना काम करने के भी पूरे मौके मिलें। जब हिंसा रुकी तो बोडोलैंड में विकास का वट वृक्ष लगाना बहुत जरूरी था। और यही भावना, SEED (सीड) मिशन का आधार बनी। SEED मिशन यानी Skilling, Entrepreneurship और Employment Development के माध्यम से नौजवानों का कल्याण, इसका बहुत बड़ा फायदा बोडो युवाओं को हो रहा है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि कुछ साल पहले जो युवा बंदूक थामे हुए थे, अब वो स्पोर्ट्स के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। कोकराझार में डूरंड कप के दो एडिशन होना, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान की टीमों का आना, अपने आप में ऐतिहासिक है। इस शांति समझौते के बाद पिछले तीन साल से कोकराझार में लगातार बोडोलैंड लिटरेरी फेस्टिवल भी हो रहा है। और इसलिए मैं साहित्य परिषद का तो विशेष आभारी हूं। ये बोडो साहित्य की बहुत बड़ी सेवा का काम हुआ है। आज ही बोडो साहित्य सभा का 73वां स्थापना दिवस भी है। ये बोडो लिटरेचर और बोडो भाषा के उत्सव का दिन भी है। मुझे बताया गया है, कल 16 नवंबर को एक कल्चरल रैली भी निकाली जाएगी। इसके लिए भी आपको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। और साथियों, जब दिल्‍ली देखेगा ना ये, तब पूरे देश को देखने का अवसर आएगा। तो अच्‍छा किया है, आपने दिल्‍ली की छाती पर आ करके शांति के गीत गाने का तय किया है।

साथियों,

अभी मैं यहां exhibition में भी गया था। इस exhibition में हमें समृद्ध बोडो आर्ट एंड क्राफ्ट, इसके दर्शन होते हैं। यहां आरोनाये, दोखोना, गामसा, करै-दक्खिनी, थोरखा, जौ गिशी, खाम, ऐसी अनेक चीजें वहां उपलब्‍ध हैं और ये ऐसे प्रोडक्ट हैं, जिनको GI टैग मिला है। यानि दुनिया में ये प्रोडक्ट कहीं भी जाएं, इनकी पहचान बोडोलैंड से, बोडो संस्कृति से ही जुड़ी रहेगी। और सेरीकल्चर तो हमेशा से बोडो संस्कृति का अहम हिस्सा रहा है। इसलिए हमारी सरकार, बोडोलैंड सेरीकल्चर मिशन चला रही है। हर बोडो परिवार में बुनाई की भी परंपरा रही है। बोडोलैंड हैंडलूम मिशन के माध्यम से भी बोडो समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।

साथियों,

असम भारत के टूरिज्म सेक्टर की भी बहुत बड़ी ताकत है। और हमारा बोडोलैंड, जैसे असम भारत के टूरिज्म की ताकत है। वैसे असम की टूरिज्‍म की ताकत कोई है, तो वो बोडोलैंड है। एक समय था जब मानस नेशनल पार्क, राईमोना नेशनल पार्क और सिखना झलाओ नेशनल पार्क, इनके घने जंगल अन्य गतिविधियों का ठिकाना बन गए थे। मुझे खुशी है कि जो फॉरेस्ट कभी हाइड-आउट हुआ करते थे, वो अब युवाओं की हाई एंबीशन को पूरा करने का भी माध्यम बन रहे हैं। बोडोलैंड में बढ़ने वाला टूरिज्म, यहां के युवाओं के लिए रोजगार के भी अनेकों नए मौके बनाने वाला है।

साथियों,

आज जब हम ये महोत्सव मना रहे हैं, तो हमें बोडोफा उपेन्द्र नाथ ब्रह्मा और गुरुदेव कालीचरण ब्रह्मा का स्मरण आना बहुत स्वाभाविक है। बोडोफा ने भारत की अखंडता और बोडो लोगों के संवैधानिक अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके को हमेशा आगे रखा। गुरुदेव कालीचरण ब्रह्मा ने समाज को अहिंसा और अध्यात्म के रास्ते पर चलकर एकजुट किया। आज मुझे इस बात का संतोष है कि बोडो माताओं-बहनों की आंखों में आंसू नहीं बल्कि उज्ज्वल भविष्य का सपना है। हर बोडो परिवार के मन में अब अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देने की आकांक्षा है। उनके सामने, सफल बोडो लोगों की प्रेरणा है। बोडो समुदाय के कई लोगों ने विशिष्ट पदों पर रहकर देश की सेवा की है। हमारे देश में मुख्य चुनाव आयुक्त Election Commission रहे श्री हरिशंकर ब्रह्मा, मेघालय के राज्यपाल रहे रंजीत शेखर मूशाहरी जैसी कई हस्तियों ने बोडो समुदाय का मान बढ़ाया है। मुझे खुशी है कि बोडोलैंड के युवा अच्छा करियर बनाने के सपने देख रहे हैं। और इन सब में हमारी सरकार, चाहे वो केंद्र में हो या राज्य में, हर बोडो परिवार की साथी बनकर उनके साथ खड़ी है।

साथियों,

मेरे लिए असम सहित पूरा नॉर्थ ईस्ट, भारत की अष्टलक्ष्मी है। अब विकास का सूरज पूर्व से उगेगा, पूर्वी भारत से उगेगा, जो विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देगा। इसलिए हम नॉर्थ ईस्ट में स्थायी शांति के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट के राज्यों के बीच के सीमा-विवादों का सौहार्द के साथ समाधान खोज रहे हैं।

साथियों,

बीते दशक में असम के विकास का, नॉर्थ ईस्ट के विकास का सुनहरा दौर शुरू हुआ है। भाजपा-NDA सरकार की नीतियों के कारण, 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। इनमें असम के भी लाखों साथियों ने गरीबी से मुक्ति पाने के लिए गरीबी के साथ संघर्ष करते हुए गरीबी को पराजित किया है। भाजपा-NDA की सरकार के दौरान, असम विकास के नए रिकॉर्ड बना रहा है। हमारी सरकार ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस किया है। बीते डेढ़ साल में असम को 4 बड़े अस्पताल की सौगात मिली है। गुवाहाटी एम्स और कोकराझार, नालबारी, नागांव मेडिकल कॉलेज की सुविधा से सबकी मुश्किलें कम हुई हैं। असम में कैंसर अस्पताल खुलने से नॉर्थ ईस्ट के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। 2014 से पहले असम में 6 मेडिकल कॉलेज थे, आज इनकी संख्या 12 हो गई है। इसके अलावा 12 और नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी है। असम में बढ़ते ये मेडिकल कॉलेज अब युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं।

साथियों,

बोडो शांति समझौते ने जो रास्ता दिखाया है, वो पूरे नॉर्थ ईस्ट की समृद्धि का रास्ता है। मैं बोडो भूमि को सैकड़ों वर्ष पुरानी संस्कृति का समृद्ध बसेरा मानता हूं। इस संस्कृति को, बोडो संस्कारों को, हमें निरंतर सशक्त करना है। और साथियों, एक बार फिर मैं आप सभी को बोडोलैंड फेस्टिवल की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूँ। आप सभी यहां इतनी विशाल संख्या में आए, आप सभी का दिल्‍ली में मुझे भी स्वागत करने का अवसर मिला, मैं आपका हृदय से स्वागत करता हूं। और साथियों, आप सबने मेरे प्रति जो अपनापन रखा है, जो प्यार दिया है, आपकी आंखों में मैं जो सपनों देखता हूं ना, बोडो के मेरे सभी भाई-बहन मुझ पर विश्वास करना, मैं आपकी आशा-आकांक्षाओं को उस पर खरा उतरने के लिए मेहनत करने में कोई कमी नहीं रखूंगा।

साथियों,

और उसका सबसे बड़ा कारण ये है आप लोगों ने मुझे जीत लिया है। और इसलिए मैं हमेशा-हमेशा आपका हूं, आपके लिए हूं और आपके कारण हूं। मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं! बहुत-बहुत धन्यवाद!

मेरे साथ पूरी ताकत से बोलिए-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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साथियों,

आज देशभर के हजारों युवाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस है। आज 51 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला है। आज आप सभी देश की विकास यात्रा में अहम भागीदार बन रहे हैं, जिम्मेदार भागीदार बन रहे हैं। रेलवे, बैंकिंग, डिफेंस, हेल्थ, एजूकेशन और दूसरे कई क्षेत्रों में आप सभी नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में आप सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।

साथियों,

यहां तक पहुंचने के लिए आप सभी ने लंबी तैयारी और कड़ा परिश्रम जरूर किया होगा। इस उपलब्धि के लिए मैं आपको भी और आपके परिवारजनों को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपको यहां तक पहुंचाने में आपके माता-पिता और परिवार का योगदान कम नहीं होता है। लेकिन इतना भी नहीं है, कि जैसे परिवार का योगदान होता है, समाज का भी बहुत बड़ा योगदान होता है, हमें यहां पहुंचाने के लिए। हम सिर्फ अपने कारण नहीं पहुंचते, सिर्फ अपने परिवार के कारण नहीं पहुंचते। इस विशाल देश के 140 करोड़ के नागरिकों के योगदान का भी बहुत बड़ा महत्व होता है। और इसलिए हमारा दायित्व खुद के प्रति, खुद के परिवार के प्रति, वैसे ही संपूर्ण समाज के प्रति भी रहता है। और मुझे विश्वास है कि इन सभी कामों के लिए आप अपने आप को और अधिक योग्य बनाएंगे। मैं आपको बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आप सबको पता है अभी दो दिन पहले ही मैं 5 देशों की यात्रा करके लौटा हूं। कहने को तो ये सिर्फ पांच देशों की यात्रा थी, लेकिन इस दौरान मेरी दर्जनों देशों की बड़ी-बड़ी कंपनियों के लीडर्स से बातें हुईं, विस्तार से चर्चा हुई, मुलाकात हुई, और हर जगह मैंने एक बात समान रूप से महसूस की है। दुनिया, भारत के युवाओं और भारत की टेक्नोलोजिक्ल प्रोग्रेस को लेकर बहुत उत्साहित है। आज दुनिया भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है। भारत भी दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। इसका उद्देश्य यही है कि भारत के युवाओं को अवसर मिले, रोजगार मिले, उनका सामर्थ्य खिल उठे। साक्षात मैं चाहता हूं मेरे देश के नौजवानों को ग्लोबल एक्सपोजर भी मिले। इस यात्रा के दौरान, अब जैसे नीदरलैंड्स की मैं बात करूं, तो नीदरलैंड्स के साथ सेमीकंडक्टर्स, वॉटर, एग्रीकल्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर चर्चा हुई - स्वीडन के साथ आर्टिफ़िशियल (एआई) और डिजिटल इनोवेशन, उस पर सहयोग की बहुत सारी बातें हुई, - नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नॉलॉजी और मेरिटाइम कोऑपरेशन की बात आगे बढ़ी है, UAE के साथ स्ट्रैटेजिक एनर्जी और टेक्नॉलॉजी पार्टनरशिप्स पर महत्वपूर्ण समझौते हुए, इटली के साथ डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, science & technology ऐसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पार्टनरशिप्स पर एग्रीमेंट हुए।

साथियों,

इन सारे एग्रीमेंट्स का सीधा लाभ भारत के युवाओं को मिलने वाला है। और आपने देखा होगा, ये सारे विषय एक उज्जवल समर्थ भारत के भविष्य की गारंटी लेकर के आते हैं। क्योंकि हर नया निवेश, हर टेक्नॉलॉजी पार्टनरशिप, हर इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन, भारत के युवाओं के लिए नई अपॉरचुनिटीज तो लेकर के आता ही है, लेकिन अनगिनत नए अवसर तैयार करता है।

मेरे नौजवान साथियों,

हमें याद रखना है, ये वो सेक्टर्स हैं जिनमें आने वाला इंवेस्टमेंट और पार्टनरशिप, आने वाले 3-4 दशक की ग्लोबल ग्रोथ को ये शेप करने वाली इंडस्ट्रीज तैयार करेंगी। और निश्चित तौर पर भारत के युवाओँ की इसमें बहुत बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

भारत किस तरह दुनिया का एक भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बन रहा है, इसका मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। जैसे नीदरलैंड्स की सेमीकंडक्टर कंपनी, आपमें से बहुत लोग इस नाम से परिचित होंगे ASML, ASMLके साथ भारत की टाटा कंपनी का एग्रीमेंट है। भारत, दुनिया के कुछ ही देशों में से एक है जिसके साथ इस कंपनी ने समझौता किया है। ASML-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच ये अकेला समझौता ही भारत में रोजगार के अनगिनत नए मौके बनाएगा, और भारत को एक नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी में प्रवेश द्वार खोल देगा। ऐसे ही स्वीडन के साथ टेक्नॉलॉजी और AI पार्टनरशिप्स, UAE के साथ सुपरकंप्यूटिंग कोऑपरेशन, भारत की टेक्नॉलॉजी क्षमता को बहुत मजबूत करने वाले हैं। इन एग्रीमेंट्स से युवाओं के लिए नए अवसर तो होंगे ही होंगे।

साथियों,

आज क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टर्स भी बहुत तेजी से ग्रो कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं। इनसे जुड़ी पार्टनरशिप एक नई इकोनॉमी के, new opportunities के दरवाजे खोल रही हैं। स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ, ग्रीन ट्रांजिशन और सस्टेनेबल टेक्नॉलॉजी में भी सहयोग बढ़ रहा है। ये भारत को क्लीन मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी फ्यूचर इंडस्ट्रीज में मजबूत करेगा। इसके अलावा भारत ने पोर्ट्स, शिपिंग और मेरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े एग्रीमेंट्स पर तेजी से काम किया है। UAE और नॉर्वे के साथ पार्टनरशिप से भारत का शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम मजबूत होगा। और आप तो जानते हैं शिपबिल्डिंग यानी, स्किल मेनपावर की बहुत जरूरत पड़ती है। यानी भारत के इंजीनियर्स, टेक्नीशियन्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए इतनी मांग बढ़ने वाली है, जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं, इतने अवसर तैयार होंगे।

साथियों,

हर नई पार्टनरशिप के साथ हम भारतीय स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और यंग प्रोफेशनल्स के लिए दुनिया से जुड़ने के नए रास्ते बना रहे हैं। इससे भारतीय युवाओं को एडवांस्ड एक्सपर्टीज, ग्लोबल मार्केट्स और ग्रोथ के नए मौके भी मिलेंगे। आज दुनिया उन देशों का सम्मान करती है, जो इनोवेट करते हैं, जो बिल्ड करते हैं, और जो बड़े स्तर पर डिलीवरी कर सकते हैं। भारत आज इन तीनों दिशाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत आप सब मेरे नौजवान साथी हैं, भारत का युवा है, और मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, मैं काफी समय चर्चा में भारत की युवाशक्ति की चर्चा करता हूं।

साथियों,

आज हर भारतीय, एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ये संकल्प, 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आज देश अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश कर रहा है। और इस निवेश से देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर बन रहे हैं। जैसे, आज भारत में सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग की पूरी सप्लाई चेन तैयार की जा रही है। आने वाले समय में भारत की 10 बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट्स, दुनिया में अपना परचम लहराएंगी। इनमें बड़ी संख्या में भारत के नौजवानों का सामर्थ्य होगा, भारत के नौजवानों की बुद्धि प्रतिभा होगी, भारत के नौजवानों का कमिटमेंट होगा और स्वाभाविक है रोजगार तो है ही है। भारत आज शिप-बिल्डिंग से लेकर शिप रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग का भी इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। इसके लिए करीब 75 हजार करोड़ रुपए, Seventy Five Thousand Crore Rupees का निवेश किया जा रहा है। इसी तरह भारत में ही हम पूरा MRO इकोसिस्टम, यानी मेंटेनेंस, ओवरहॉल और रिपेयर फेसिलिटीज तैयार कर रहे हैं। इससे देश के एविएशन सेक्टर को बहुत मदद मिलने वाली है, और भारत के युवाओं के लिए रोजगार का नया सेक्टर तो खुलना ही खुलना है।

साथियों,

भारत आज एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरर है। और हम इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी कंप्लीट वैल्यू चेन, भारत में ही बना रहे हैं। इसके लिए जो PLI स्कीम चल रही है, उससे देश में रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स प्रॉडक्शन हो रहा है, और युवाओं को लाखों की संख्या में Jobs भी मिल रही हैं।

साथियों,

ऐसे अनेकों अभियानों पर भारत का पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर मिलकर बहुत बड़ा निवेश कर रहा है। ये निवेश देश के युवाओं को देश में ही- Jobs दे रहा है, उनके सपने पूरे कर रहा है। एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते, जोकि आज नियुक्ति पत्र के भरने के बाद आपकी पहचान बनने वाली है, कि आप एक सरकारी कर्मचारी हैं। तो उस नाते आपको भी हमेशा ये ध्यान रखना है कि Ease of Doing Business देश की कितनी बड़ी प्राथमिकता है।

साथियों,

भारत की ग्रोथ स्टोरी और इंप्लॉयमेंट जनरेशन, इसमें ये मानी हुई बात है, आप भी जानते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है। जब गांव, छोटे शहर और दूर-दराज के इलाके विकास से जुड़ते हैं, तभी देश की प्रगति का लाभ ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। पिछले 12 वर्षों में रेलवे, हाईवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कल्पनाभर का तेज गति से विस्तार हुआ है, विकास हुआ है, हर स्तर पर काम हुआ है। आज आप अपने क्षेत्र में, किसी की भी दिशा में 100 किलोमीटर अगर जाएंगे, तो भारत सरकार द्वारा कोई न कोई काम चलता हुआ नजर आएगा आपको। आज गांवों में भी बदलाव तेजी से दिखाई दे रहा है। कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों, छोटे व्यापारियों, विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खुले हैं। आज करोड़ों परिवारों को पक्का घर मिला है। यानी दुनिया के कई देश हैं, जिनके पास टोटल घर होते हैं, उससे अनेक गुणा घर हम नए बनाते हैं। इतना ही नहीं, जो मेरा स्वच्छता का अभियान है, उसको तो मैं कभी भी भूलने नहीं देता हूं लोगों को, और न ही मैं भी भूलता हूं, उसमें शौचालय की बहुत बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है, हम उस पर भी बल दे रहे हैं। करोड़ों घरों तक आज बिजली पहुंची है। रूफटॉप सोलर एनर्जी, कितने नए-नए वेंडर्स मैदान में आए हैं। अब देखिए जल जीवन मिशन से, नल से जल पहुंचाना, मैं अभी देख रहा था, कि मैं चाहता था कि शहरों में पीएनजी के कनेक्शन बढ़ें, तो मुझे पलम्बर नहीं मिल रहे थे, कमी पड़ रही थी, क्योंकि जल जीवन के मिशन में कई सारी बड़ी संख्या में पलम्बर वहां लगे हुए थे। अब इधर मुझे एनर्जी के लिए बड़े शहरों में पीएनजी के कनेक्शन तेजी से बढ़ाने थे, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि कभी-कभी लोगों की जरूरत पड़े तो लोग कम पड़ जाते हैं।

साथियों,

इन बदलावों का असर सिर्फ सामान्य नागरिकों की सुविधाओं तक सीमित नहीं रहता। गांव तक सड़क पहुंची, तो मार्केट तक आना-जाना आसान हुआ। बिजली की सुविधा बेहतर हुई, तो छोटे उद्योग-धंधे आगे बढ़ने लगे। गांव में भी एग्रीकल्चर में वेल्यु एडिशन होने लगा। पहले अगर वो लाल मिर्ची बेचते थे, अब बिजली आई तो लाल मिर्ची का पाउडर बनाते हैं, पाउडर बनाकर के पैकेट बनाते हैं, पैकेट बनाकर के बेचते हैं। तो गांव में भी छोटे -छोटे-छोटे-छोटे उद्योग इसके कारण बढ़ते जाते हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ी, तो गांव के लोग भी पूरे विश्व के साथ जुड़ रहे हैं, आधुनिकता से जुड़ रहे हैं। शहर और गांव का फर्क मिटता चला जा रहा है। और इससे अर्थव्यवस्था की गति तेज हुई है। और इन सबका पॉजिटिव प्रभाव देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य की गारंटी बन जाता है। रोजगार तो निर्माण होते ही होते हैं, लेकिन राष्ट्र भी एक नए स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ जाता है, लाखों लोगों को नए मौके भी मिल जाते हैं।

साथियों,

आज भारत के युवा के पास जिस तरह से आगे बढ़ने के, अपने सपने पूरा करने के मौके हैं, ऐसा अवसर पहले नहीं मिला है, मैं किसी का दोष नहीं कर रहा हूं, लेकिन ये हकीकत है कि आज बहुत तेज गति से सब हो रहा है, विशाल फलक पर हो रहा है, विविधताओं से भरा हो रहा है। आज मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नॉलॉजी, स्टार्टअप, डिजिटल सर्विसेज, रेलवे, डिफेंस, इतना ही नहीं स्पेस, ऐसे अनेक क्षेत्रों में अनगिनत अवसर हमारा इंतजार कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा नए अवसरों का लाभ उठा सकें, और देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिले। इसलिए, स्किल डेवलपमेंट, industry-linked education और फ्यूचर टेक्नॉलजी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ITIs को modern बनाया जा रहा है। National Skill Training Institutes को मजबूत किया जा रहा है। PM SETU जैसे अभियान इसी दिशा में काम कर रहे हैं।

साथियों,

पिछले कुछ वर्षों में देश में self-employment और entreprenurship की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। देश में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा , ये आंकड़ा याद रखिये, 2 लाख 30 हजार से ज्यादा recognised startups हैं। और उसमें भी दो चार-दो चार नौजवान भी जुड़े हुए होते हैं। अहम बात ये है कि ये बदलाव सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है और मुझे इसका सबसे ज्यादा आनंद है। आजकल तो टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा भी, बहुत बड़ी संख्या में स्टार्टअप और इनोवेशन की दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहे हैं, उनके सामर्थ्य की note लेनी पड़ रही है। ये परिवर्तन अब देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस बदलाव में हमारी नारीशक्ति की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। आज बड़ी संख्या में women-led start-ups, ये जब सुनते हैं ना मन गर्व से भर जाता है, मैं तो दुनिया के लोगों को बताता हूं कि हमारे यहां स्टार्टअप में महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका बढ़ रही है, बहुत बड़ी मात्रा में महिलाएं आगे आ रही हैं। मुद्रा योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को फाइनेंशियल सपोर्ट मिला है। पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं ने भी लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। आज गांवों में, छोटे शहरों में, पहले से ज्यादा महिलाएं अपने दम पर नए काम शुरू कर रही हैं।

साथियों,

नीतियों और निर्णयों के इस अभियान के बीच, आपको एक और बात याद रखनी है। किसी भी व्यवस्था की असली ताकत उसके लोग होते हैं। जनता जनार्दन की शक्ति होती है, जन शक्ति होती है और जनशक्ति ही तो राष्ट्रशक्ति बनती है। आप सभी जिस व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं, उसका सीधा संबंध करोड़ों-करोड़ों देशवासियों के जीवन से है, करोड़ों-करोड़ों देशवासियों की आशा-आकांक्षाओं से है। सरकारी नौकरी लोगों के जीवन को आसान बनाने का माध्यम ही होती है। आप जिस भी विभाग में काम करेंगे, वहां आपके व्यवहार, संवेदनशीलता और काम करने के तरीके का बहुत महत्व होगा। देश ने आप पर भरोसा किया है। अब ये जिम्मेदारी आपकी है कि आप अपने काम से, अपने आचरण से, अपनी वाणी से, अपने व्यवहार से, उस भरोसे को और मजबूती देंगे। देशवासियों के हृदय में एक नया विश्वास भर जाएगा, आपको मिलते ही वो नई आशा के साथ आगे बढ़ेगा, इसलिए हर युवा कर्मयोगी अपने काम को जिम्मेदारी की तरह देखे। और मेरे लिए तो आप बहुत कुछ हैं। पहले जमाने में जब हम सुनते थे ना – सहस्त्रबाहु बाले फलाने, सहस्त्रबाहु बाले ढिकने। आज सरकार के बाहु आप ही हैं, सरकार का सामर्थ्य आप ही हैं, जो पहले से सरकार में हैं वो भी हैं, जो नए आ रहे हैं वो भी हैं। आज भारत के लोगों की आकांक्षाएं बहुत बढ़ रही हैं, और मैं इसे विकास की पोजिटिव साइन मानता हूं। हमें अपने देश के लोगों की Aspirations को समझना भी है और उसके हिसाब से उतनी ही तेज गति से काम भी करना है। ऐसे में पब्लिक सर्विस में आने वाले युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। आपको लगातार सीखते रहना होगा। खुद को नई टेक्नॉलजी, नए सिस्टम और नई जरूरतों के हिसाब से तैयार करना होगा। इसमें आपको iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से बहुत मदद मिलेगी। कर्मयोगी प्रारंभ जैसे मॉड्यूल से आपको अपनी जिम्मेदारियां समझने में बहुत सहूलियत होगी। मेरा आपसे आग्रह है कि इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।

साथियों,

आज भारत का युवा दुनिया के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। यही स्पिरिट, यही ऊर्जा public service में भी दिखाई देनी चाहिए। विकसित भारत ऐसे ही युवाओं के प्रयास से बनेगा, जो अपने काम को देशसेवा का माध्यम मानते हैं, जनसेवा का माध्यम मानते हैं, और हमारे यहां तो कहा गया है – जनसेवा ही प्रभुसेवा। मुझे पूरा विश्वास है, आज नियुक्ति पत्र पाने वाले हमारे युवा साथी, भारत की विकास यात्रा को नई गति देंगे। आपके काम, आपके फैसलों से विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि होगी, और आपको वो मंत्र कभी भूलना नहीं है, हमारा मंत्र है – नागरिक देवो भव। नागरिक देवो भव। नागरिक का कल्याण ही हमारा कर्तव्य है। मैं एक बार फिर आज नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को आगे के जीवन के लिए, देशसेवा के इस अवसर को निभाने के लिए, अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।