कोलकाता जैसे शहर भारत के इतिहास और भविष्य दोनों की समृद्ध पहचान का प्रतिनिधित्व करते हैं: प्रधानमंत्री
जैसे-जैसे भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, दमदम और कोलकाता जैसे शहर इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे: प्रधानमंत्री मोद
21वीं सदी के भारत को 21वीं सदी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की जरूरत है। इसलिए, आज देश में मॉडर्न ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज को डेवलप और इंटीग्रेट किया जा रहा है ताकि बाधारहित कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके: पीएम

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी शांतनु ठाकुर जी, रवनीत सिंह जी, सुकांता मजूमदार जी, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी जी, संसद में मेरे साथी शॉमिक भट्टाचार्य जी, उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों,

आज एक बार फिर मुझे पश्चिम बंगाल के विकास को गति देने का अवसर मिला है। अभी मैं नोआपारा से जय हिंद बिमानबंदर तक कोलकाता मेट्रो का आनंद लेकर के आया हूं। इस दौरान, बहुत सारे साथियों से मुझे बातचीत करने का अवसर भी मिला। हर किसी को खुशी है कि कोलकाता का पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाकई अब आधुनिक हो रहा है। आज यहां सिक्स लेन के एलिवेटेड कोना एक्सप्रेस-वे का भी शिलान्यास किया गया है। हज़ारों करोड़ रुपए के इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए कोलकाता वासियों को, पूरे पश्चिम बंगाल के लोगों को बहुत-बहुत बधाई।

साथियों,

कोलकाता जैसे हमारे शहर, भारत के इतिहास और हमारे भविष्य, दोनों की समृद्ध पहचान हैं। आज जब भारत, दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनॉमी बनने की तरफ आगे बढ़ रहा है, तब दमदम, कोलकाता, इन शहरों की भूमिका बहुत बड़ी है। इसलिए, आज के इस कार्यक्रम का संदेश मेट्रो के उद्घाटन और हाइवे के शिलान्यास से भी बड़ा है। ये आयोजन इस बात का प्रमाण है कि आज का भारत, अपने शहरों का कैसे कायाकल्प कर रहा है। आज भारत के शहरों में ग्रीन मोबिलिटी के प्रयास हो रहे हैं, इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट्स और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है, वेस्ट टू वेल्थ, शहर से निकले कचरे से बिजली बनाने के प्रयास हो रहे हैं, मेट्रो की सुविधा बढ़ रही है, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। आज हर कोई ये सुनकर गर्व करता है कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क अब भारत में है। 2014 से पहले देश में सिर्फ 250 किलोमीटर ही मेट्रो रूट था। आज देश में मेट्रो रूट एक हजार किलोमीटर से भी ज्यादा का हो गया है। कोलकाता में भी मेट्रो का लगातार विस्तार हुआ है। आज भी कोलकाता के मेट्रो रेल नेटवर्क में करीब 14 किलोमीटर की नई लाइनें जुड़ रही हैं। कोलकाता मेट्रो से 7 नए स्टेशंस जुड़ रहे हैं। ये सारे काम, कोलकाता के लोगों की Ease of Living को बढ़ाने वाले हैं, Ease of Travel को बढ़ाने वाले हैं।

साथियों,

21वीं सदी के भारत को, 21वीं सदी के ट्रांसपोर्ट सिस्टम की भी जरूरत है। इसलिए आज देश में रेल से रोड तक, मेट्रो से एयरपोर्ट तक, हम मॉडर्न ट्रांसपोर्ट फैसिलिटीज डेवलप भी कर रहे हैं, और उन्हें आपस में कनेक्ट भी कर रहे हैं। यानी एक शहर से दूसरे शहर तक लोगों को पहुंचाने के साथ ही हमारा प्रयास है कि उन्हें घर के आसपास तक सीमलेस ट्रांसपोर्ट मिले। और इसकी एक झलक हमें यहां कोलकाता की मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी में भी दिखती है। जैसे आज हावड़ा और सियालदह जैसे देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन अब मेट्रो से जुड़ गए हैं। यानी जिन स्टेशन्स के बीच ट्रैवल करने में पहले डेढ़ घंटा लगता था, अब मेट्रो से कुछ ही मिनट लगेंगे। इसी तरह, हावड़ा स्टेशन सब-वे भी मल्टीमोडल कनेक्टिविटी को सुनिश्चित कर रहा है। पहले Eastern Railway या South Eastern Railway से रेल पकड़ने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। ये सब-वे बनने के बाद, इंटरचेंज में लगने वाला समय कम हो जाएगा। आज से कोलकाता एयरपोर्ट भी मेट्रो से जुड़ गया है। यानी अब शहर के दूर-दूर के हिस्सों से एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा।

साथियों,

भारत सरकार, पश्चिम बंगाल के विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। आज पश्चिम बंगाल, देश के उन राज्यों में शामिल हो चुका है, जहां रेलवे का शत-प्रतिशत बिजलीकरण हो चुका है। लंबे समय से पुरुलिया से हावड़ा के बीच मेमू ट्रेन की मांग कर रहे थे। भारत सरकार ने जनता की ये मांग भी पूरी कर दी है। आज पश्चिम बंगाल के अलग अलग रूट्स पर 9 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है, इसके अलावा आप सब के लिए 2 अमृत भारत ट्रेन भी चल रही हैं।

साथियों,

बीते 11 साल में यहां भारत सरकार द्वारा अनेक बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं। बहुत सारे प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। जब सिक्स लेन का कोना एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा, तो इससे पोर्ट की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। ये कनेक्टिविटी, कोलकाता और पश्चिम बंगाल के बेहतर भविष्य की नींव को मजबूत करेगी। अभी तक के लिए इतना ही।

साथियों,

कुछ देर में, यहीं पास में एक जनसभा होने वाली है, उस सभा में आप सभी से, पश्चिम बंगाल के विकास और भविष्य पर विस्तार से चर्चा होगी, और भी बहुत कुछ होगा, तो वहां बहुत लोग इंतजार कर रहे हैं, मैं यहां मेरी वाणी को विराम देता हूं। आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं! धन्यवाद !

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प्रधानमंत्री ने सिविल सर्विस परीक्षा, 2025 के सफल उम्मीदवारों को बधाई दी
March 06, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उन सभी को बधाई दी है जिन्होंने सिविल सर्विस परीक्षा, 2025 सफलतापूर्वक पास की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उम्मीदवारों के समर्पण, लगन और कड़ी मेहनत ने उन्हें यह महत्वपूर्ण मुकाम हासिल करने में मदद की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सिविल सर्विस परीक्षा पास करना जन सेवा की महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने सफल उम्मीदवारों को देश की सेवा करने और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने उन्हें भी संदेश दिया जिन्हें परीक्षा में मनचाहा परिणाम नहीं मिला होगा। उन्होंने माना कि ऐसे पल मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि यह बड़ी यात्रा का सिर्फ़ एक कदम है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य की परीक्षाओं में और उन कई रास्तों में आगे कई मौके हैं, जिनके ज़रिए लोग देश के लिए योगदान दे सकते हैं। इसके साथ प्रधानमंत्री ने उन्हें आगे के रास्ते के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

“सिविल सर्विस परीक्षा, 2025 को सफलतापूर्वक पास करने वाले सभी को बधाई। उनके समर्पण, लगन और कड़ी मेहनत ने उन्हें यह महत्वपूर्ण मुकाम दिलाया है।

देश की सेवा करने और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के सफर पर उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”

“जिन्हें सिविल सर्विस परीक्षा में मनचाहा परिणाम नहीं मिला है, मैं समझता हूँ कि ऐसे पल मुश्किल हो सकते हैं। हालाँकि, यह बड़े सफ़र की तरफ सिर्फ़ एक कदम है।आने वाली परीक्षा में और अन्य कई तरीकों से आगे कई अवसर हैं, जिनके ज़रिए आप हमारे देश के लिए योगदान दे सकते हैं। आगे के सफ़र के लिए मेरी शुभकामनाएँ।”