विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए पूर्वी भारत का विकास हमारी प्राथमिकता है और इस लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार निरंतर कार्य कर रही हैः प्रधानमंत्री
कल पश्चिम बंगाल से भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च की गई। इससे पहले लगभग आधा दर्जन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू की गई थीं, साथ ही आज तीन और ट्रेनों ने अपना संचालन शुरू किया: पीएम
बालागढ़ में बन रही विस्तारित बंदरगाह द्वार प्रणाली हुगली और आसपास के क्षेत्रों के लिए नए अवसर खोलेगीः प्रधानमंत्री
भारत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर जोर दे रहा है, जिसमें बंदरगाहों, जलमार्गों, राजमार्गों और हवाई अड्डों को सुगम ट्रांसपोर्ट के लिए एक-दूसरे से जोड़ा जा रहा है: पीएम

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी सर्बानंद सोनोवाल जी, सुकांता मजूमदार जी, शांतनु ठाकुर जी, संसद में मेरे साथी शौमिक भट्टाचार्य जी, सौमित्र खान जी, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी जी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों!

कल मैं मालदा में था और आज यहां हुगली में आप सभी के बीच आने का सौभाग्य मिला है। विकसित भारत के लिए, पूर्वी भारत का विकास, इस लक्ष्य के साथ केंद्र सरकार निरंतर काम कर रही है। कल और आज के कार्यक्रम, इसी संकल्प को और अधिक मजबूत करने वाले हैं। इस दौरान मुझे पश्चिम बंगाल से जुड़े विकास के सैकड़ों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण करने का अवसर मिला है। कल पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्पीलर ट्रेन प्रारंभ हुई है। बंगाल को, करीब आधा दर्जन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी मिली हैं। आज तीन और अमृत भारत एक्स्प्रेस ट्रेनें शुरु हुई हैं। इनमें से एक ट्रेन तो, मेरे संसदीय क्षेत्र काशी बनारस की बंगाल से कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। इसके अलावा, दिल्ली और तमिलनाडु के लिए भी अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरु हुई है। यानी पश्चिम बंगाल की रेल कनेक्टिविटी के लिए, बीते 24 घंटे अभूतपूर्व रहे हैं। शायद गत 100 साल में 24 घंटे में इतना काम नहीं हुआ होगा।

साथियों,

बंगाल में वॉटरवेज के लिए अनेक संभावनाएं हैं, केंद्र सरकार इस पर भी काम कर रही है। यहां पोर्ट लेड डेवलपमेंट के लिए ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भी मदद दी जा रही है। थोड़ी देर पहले, पोर्ट और नदी जलमार्ग से जुड़े प्रोजेक्ट्स का भी शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है। ये पश्चिम बंगाल के विकास, भारत के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ये वो पिलर हैं, जिनके ऊपर पश्चिम बंगाल को मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड और लॉजिस्टिक्स का एक बड़ा हब बनाया जा सकता है। मैं आप सभी को इन प्रोजेक्ट्स के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

जितना हम पोर्ट और उससे जुड़े इकोसिस्टम पर बल देंगे, उतना ही अधिक रोजगार यहां पैदा होगा। केंद्र सरकार द्वारा बीते 11 वर्षों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की कैपेसिटी expansion पर बहुत बड़ा निवेश किया गया है। इस पोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए, सागरमाला स्कीम के तहत भी सड़कें बनाई गई हैं। इसका परिणाम आज हम सब देख सकते हैं। बीते वर्ष, कोलकाता पोर्ट ने कार्गो हैंडलिंग के नए रिकॉर्ड बनाए हैं।

साथियों,

बालागढ़ में बनने वाला एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम, हुगली और आसपास के इलाकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। इससे कोलकाता शहर में ट्रैफिक और लॉजिस्टिक्स का दबाव कम होगा। गंगा जी पर जो जलमार्ग बना है, उसके ज़रिए कार्गो मूवमेंट और बढ़ेगा। ये पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर, हुगली को वेयरहाउसिंग और ट्रेडिंग हब बनाने में मदद करेगा। इससे यहां सैकड़ों करोड़ रुपए का नया निवेश होगा, हज़ारों युवाओं को रोज़गार मिलेगा, छोटे व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों को लाभ होगा और किसानों और उत्पादकों को भी नए बाज़ार मिलेंगे।

साथियों,

आज भारत में हम मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर बहुत बल दे रहे हैं। सीमलेस ट्रांसपोर्टेशन संभव हो सके, इसके लिए पोर्ट, नदी जलमार्ग, हाईवे और एयरपोर्ट्स, इन सभी को आपस में कनेक्ट किया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट और ट्रांसपोर्टेशन में लगने वाले टाइम, दोनों में कमी आ रही है।

साथियों,

हमारी कोशिश ये भी है कि हमारे ट्रांसपोर्ट के माध्यम, नेचर फ्रेंडली भी हों। Hybrid Electric नाव से, रिवर ट्रांसपोर्ट और ग्रीन मोबिलिटी, दोनों को बल मिलेगा। इससे हुगली नदी पर आवाजाही आसान होगी, प्रदूषण की समस्या कम होगी और नदी आधारित टूरिज्म को भी बल मिलेगा।

साथियों,

भारत आज फिशरीज़ और सी-फूड के प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट में बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मेरा सपना है कि पश्चिम बंगाल इसमें, देश को लीड करे। केंद्र सरकार नदी जलमार्ग को लेकर अपने विजन में, बंगाल को प्रमुखता से सपोर्ट कर रही है। इसका फायदा यहां के किसानों के साथ-साथ, हमारे मछुआरे साथियों को भी मिलने लगा है।

साथियों,

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए जा रहे ये सारे प्रोजेक्ट्स, पश्चिम बंगाल की विकास यात्रा को गति देंगे। एक बार फिर आप सभी को इन प्रोजेक्ट्स के लिए मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। पड़ोस में ही हजारों लोग काफी समय से इंतजार कर रहे हैं, वहां भी मुझे बहुत कुछ कहना है, और शायद लोग उसे सुनने के लिए ज्यादा उत्सुक हैं, जरा खुलकर बातें वहां करूंगा और इसलिए यहां मैं मेरी वाणी को विराम देता हूं। और मैं अगली सभा के लिए आप सबकी इजाजत लेकर के निकल रहा हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने एकता, पारस्परिक सहयोग और सामूहिक संकल्प की शक्ति पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 03, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि जब नागरिक एकता और पारस्परिक सहयोग के सूत्र में बंधे होते हैं, तब राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प के बल पर देश निरंतर प्रगति की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा:

"जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च।

धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥"

जिस प्रकार लकड़ी के टुकड़े अलग-अलग रहने पर अपनी पूरी ऊर्जा प्रदर्शित नहीं कर पाते, लेकिन एक साथ आने पर प्रज्वलित होकर प्रकाश और ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, उसी प्रकार किसी राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि और शक्ति उसके नागरिकों की एकता, पारस्परिक सहयोग तथा सामूहिक संकल्प पर निर्भर करता है।