भारत का समुद्री क्षेत्र तेज़ गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है: प्रधानमंत्री
हमने एक सदी से भी अधिक पुराने औपनिवेशिक नौवहन कानूनों को 21वीं सदी के अनुकूल आधुनिक, भविष्य के अनुकूल कानूनों से बदल दिया है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत के बंदरगाह आज विकासशील देशों में सबसे कुशल बंदरगाहों में गिने जाते हैं; कई मायनों में, वे विकसित देशों से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
भारत जहाज निर्माण में नई ऊँचाइयों तक पहुँचने के तेज़ प्रयास कर रहा है, हमने अब बड़े जहाजों को बुनियादी ढाँचा संपत्ति का दर्जा दे दिया है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत के नौवहन क्षेत्र में काम करने और विस्तार करने का यह सही समय है: प्रधानमंत्री
जब वैश्विक समुद्र अशांत होते हैं, तो दुनिया एक स्थिर प्रकाश स्तंभ की खोज करती है, भारत उस भूमिका को मजबूती और स्थिरता के साथ निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है: प्रधानमंत्री मोदी
वैश्विक तनावों, व्यापार व्यवधानों और बदलती आपूर्ति श्रृंखलाओं के बीच, भारत रणनीतिक स्वायत्तता, शांति और समावेशी विकास का प्रतीक है: प्रधानमंत्री

महाराष्ट्र के गवर्नर आचार्य देवव्रत जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी सर्बानंद सोनोवाल जी, शांतनु ठाकुर जी, कीर्तिवर्धन सिंह जी, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे जी, अजित पवार जी, शिपिंग और दूसरी इंडस्ट्रीज से जुड़े लीडर्स, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

साथियों,

मैं आप सभी का ग्लोबल मैरिटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव में अभिनंदन करता हूं। साल 2016 में मुंबई में ही इस आयोजन की शुरुआत हुई थी, और यह हम सभी के लिए खुशी की बात है, कि आज यह समिट एक ग्लोबल इवेंट बन गई है। आज यहां इस कार्यक्रम में दुनिया के 85 से अधिक देशों की भागीदारी, यह अपने आप में एक बहुत बड़ा मैसेज दे रही है। Shipping giants उसके CEOs से लेकर स्टार्टअप तक और पॉलिसी मेकर्स से लेकर इन्वेस्टर्स तक, इस समय सभी यहां मौजूद हैं। स्मॉल आईलैंड नेशंस के प्रतिनिधि भी यहां उपस्थित हैं। आप सभी के विजन ने इस समिट की सिनर्जी और एनर्जी दोनों बढ़ा दी है।

साथियों,

अभी यहां शिपिंग सेक्टर से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ है। शिपिंग सेक्टर में हुए लाखों करोड़ों रुपए के MOUs भी जारी हुए हैं। यह दिखाता है कि भारत के मैरिटाइम सामर्थ्य पर दुनिया का कितना विश्वास है। इस आयोजन में आपकी उपस्थिति हमारे कॉमन कमिटमेंट का प्रतीक है।

साथियों,

21वीं सदी के इस कालखंड में भारत का मैरिटाइम सेक्टर तेज गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। खासकर साल 2025 भारत के मैरिटाइम सेक्टर के लिए बहुत अहम साल रहा है। मैं इस वर्ष की कुछ खास उपलब्धियों का जिक्र आपके बीच करना चाहता हूं! विझिंजम पोर्ट के रूप में भारत का पहला डीप वॉटर इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट हब अब ऑपरेशनल हो चुका है। कुछ समय पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर वेसल वहां पहुंचा है। यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण था। साल 2024-25 में भारत के मेजर पोर्ट्स में अब तक का सबसे अधिक कार्गो हैंडल करके भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इतना ही नहीं, पहली बार किसी इंडियन पोर्ट ने मेगावाट स्केल indigenous ग्रीन हाइड्रोजन फैसिलिटी शुरू की है। और ये उपलब्धि हमारे कंडला पोर्ट ने हासिल की है। एक और बड़ा काम हुआ है JNPT में, JNPT में भारत मुंबई कंटेनर टर्मिनल फेज 2 भी शुरू हो गया है। इससे इस टर्मिनल की हैंडलिंग कैपेसिटी दोगुनी हो गई है और यह भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट बन गया है। यह भारत के पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे बड़े FDI की वजह से संभव हुआ है। इसके लिए मैं आज सिंगापुर के अपने साथियों का भी विशेष आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

इस साल भारत के Maritime Sector में Next Generation Reforms के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं। हमने सौ साल से ज्यादा पुराने Colonial Shipping Laws को हटाकर, ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी के मॉडर्न और फ्यूचरिस्टिक Laws लागू किए हैं। ये नए कानून State Maritime Boards को Empower करते हैं, Safety और Sustainability को बल देते हैं और साथ ही, Port Management में डिजिटलाईजेशन का भी विस्तार करते हैं।

साथियों,

The Merchant Shipping Act में, हमने भारतीय कानूनों को International Conventions के साथ ग्लोबली अलाइन्ड किया है। इससे Safety का भरोसा बढ़ा है, Ease Of Doing Business को बेहतर बनाने में मदद मिली है, सरकार का दखल कम हुआ है। मुझे विश्वास है, इन प्रयासों से आपका, हमारे Investors का, Confidence भी और अधिक बढ़ेगा।

साथियों,

The Coastal Shipping Act को इस तरह तैयार किया गया है, कि Trade और आसान हो सके। ये Supply Chain Security को मजबूत करता है। साथ ही, इससे भारत की लंबी Coastline पर Balanced Development सुनिश्चित होगी। ऐसे ही, One Nation – One Port Process, पोर्ट से जुड़े Procedures को स्टैन्डर्डाइज़ करेगा, और Documentation का काम भी काफी कम हो जाएगा।

साथियों,

शिपिंग सेक्टर के ये रिफॉर्म्स, एक प्रकार से बीते एक दशक की हमारी रिफॉर्म्स जर्नी का कंटीन्यूएशन है। अगर हम पिछले दस-ग्यारह वर्षों को देखें, तो भारत के Maritime Sector में जो परिवर्तन आया है, वो ऐतिहासिक है। Maritime India Vision के तहत 150 से अधिक नए Initiatives शुरू किए गए हैं। इनसे Major Ports की Capacity लगभग दोगुनी हुई है, Turnaround Time में भारी कमी आई है, Cruise Tourism को भी नई गति मिली है, आज Inland Waterways पर Cargo Movement में 700 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ोतरी हुई है, Operational Waterways की संख्या Three से बढ़कर Thirty Two हो गई है, हमारे पोर्ट्स का, Net Annual Surplus भी एक दशक में Nine Times Increase हुआ है।

साथियों,

हमें गर्व है कि आज भारत के Ports, Developing World के सबसे Efficient Ports में गिने जाते हैं। कई मामलों में तो वे Developed World के Ports से भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मैं आपको कुछ और आंकड़े देता हूं। आज भारत में Average Container Dwell Time तीन दिन से भी कम रह गया है। ये कई विकसित देशों से भी बेहतर है। Average Vessel Turnaround Time, Ninety Six Hours से घटकर सिर्फ Forty Eight Hours रह गया है। इससे भारतीय Ports Global Shipping Lines के लिए और अधिक Competitive और Attractive बन गए हैं। World Bank के Logistics Performance Index में भी भारत ने काफी अच्छा सुधार किया है।

और साथियों,

शिपिंग सेक्टर में ह्यूमन रीसोर्स में भारत अपना परचम लहरा रहा है। भारत के Seafarers की संख्या पिछले एक दशक में सवा लाख से बढ़कर 3 लाख से ज़्यादा हो गई है। आप दुनिया के किसी भी समुद्री तट पर जाएंगे, तो कोई न कोई शिप होगा, जहां कोई न कोई भारतीय Seafarers आपको मिलेगा। आज भारत सीफेरर्स की संख्या के मामले में दुनिया के टॉप तीन देशों में आ चुका है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। इस सदी के अगले 25 साल और भी अहम हैं। इसलिए हमारा फोकस, “Blue Economy” पर है, “Sustainable Coastal Development” पर है, हम Green Logistics, Port Connectivity और Coastal Industrial Clusters पर बहुत जोर दे रहे हैं।

साथियों,

शिप बिल्डिंग भी आज के भारत की टॉप priority में है। एक समय था, जब भारत दुनिया के शिप-बिल्डिंग का बहुत बड़ा सेंटर था। यहां से अजंता केव्स बहुत दूर नहीं हैं। वहां आपको Sixth Century का एक चित्र दिखेगा, इसमें एक Three-Masted Ship का डिज़ायन आपको मिलेगा, आप कल्पना कर सकते हैं, Sixth Century के चित्र में Three-Masted Ship का डिजाइन, और ये डिजाइन इसके सदियों बाद दूसरे देशों ने इस्तेमाल करना शुरू किया, सदियों का फासला था।

साथियों,

भारत में बने शिप, ग्लोबल ट्रेड का अहम हिस्सा हुआ करते थे। फिर हम शिप ब्रेकिंग के क्षेत्र में आगे बढ़े। अब भारत, फिर से Ship-Making के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूने के लिए अपने प्रयास तेज कर रहा है। भारत ने, अब Large Ships को Infrastructure Assets का दर्जा भी दे दिया है। ये पॉलिसी डिसिजन, इस कार्यक्रम में मौजूद सभी Shipbuilders के लिए नए रास्ते खोलेगा। इससे आपको Financing के नए विकल्प मिलेंगे, Interest Cost घटेगी, और Credit की सुविधा आसान होगी।

और साथियों,

इस Reform को गति देने के लिए सरकार भी लगभग 70 हजार करोड़ रुपए Invest करेगी। इससे Domestic Capacity बढ़ेगी, Long-Term Financing को बढ़ावा मिलेगा, Greenfield और Brownfield शिपयार्ड्स का विकास होगा, Advanced Maritime Skills तैयार होंगी और युवाओं के लिए लाखों जॉब्स जेनरेट होंगी। और आप सभी के लिए भी इससे इन्वेस्टमेंट के नए रास्ते खुलेंगे।

साथियों,

ये धरती छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने, न केवल समुद्री सुरक्षा की नींव रखी, बल्कि अरब सागर के ट्रेड रूट्स पर भारतीय सामर्थ्य का परचम भी फहराया था। उनके विजन ने हमें दिखाया है कि समुद्र केवल सीमाएँ नहीं, अवसरों के द्वार भी होते हैं। आज भारत, उसी सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।

साथियों,

भारत आज ग्लोबल स्तर पर Supply Chain Resilience को मजबूती देना चाहता है। हम World-Class Mega Ports के निर्माण में जुटे हैं, यहां महाराष्ट्र के वाढ़वण में ही 76 हजार करोड़ रुपए की लागत से नया पोर्ट बनाया जा रहा है। हम अपने Major Ports की Capacity को चार गुना बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। हम कंटेनराइज्ड कार्गो शेयर में भी भारत का हिस्सा बढ़ाना चाहते हैं, और इन सभी लक्ष्यों की प्राप्ति में, आप सभी हमारे अहम पार्टनर्स हैं। हम आपके Ideas, Innovations और Investments का स्वागत करते हैं। आप भी जानते हैं, भारत में Ports और Shipping में 100 प्रतिशत FDI की अनुमति है। अभी Public-Private Partnerships तेजी से बढ़ रही है। “Make In India, Make For The World” इस Vision के तहत Incentives भी दिए जा रहे हैं। हम States को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं कि वे Investments को आकर्षित करें, इसलिए आप सभी अलग-अलग देशों के इंवेस्टर्स के लिए भी, भारत के शिपिंग सेक्टर में काम करने का, अपना विस्तार करने का, यही समय है, सही समय है।

Friends,

भारत की एक और विशेषता है- हमारी वाइब्रेंट डेमोक्रेसी और रिलाएबिलिटी, When The Global Seas Are Rough, The World Looks For A Steady Lighthouse. और भारत ऐसे Lighthouse की भूमिका को बहुत मजबूती से निभा सकता है। Global Tensions, Trade Disruptions और Shifting Supply Chains के बीच, भारत Strategic Autonomy, Peace और Inclusive Growth का प्रतीक है। हमारे Maritime और Trade Initiatives इसी बड़े Vision का हिस्सा हैं। इसका एक उदाहरण है, India–Middle East–Europe Economic Corridor, ये Trade Routes को फिर से Define करेगा, ये Clean Energy और Smart Logistics को बढ़ावा देगा।

साथियों,

आज हमारा फोकस Inclusive Maritime Development पर भी है। ये तभी संभव है, जब Small Island Developing States, और Least Developed Countries को, Technology, Training और Infrastructure के माध्यम से सशक्त बनाया जाए। Climate Change, Supply Chain Disruptions, Economic Uncertainty और Maritime Security, हमें मिलकर इन सभी का सामना करना होगा।

साथियों,

आइए, हम सब साथ मिलकर Peace, Progress, Prosperity को और तेजी से आगे बढ़ाएं, एक Sustainable Future का निर्माण करें। एक बार फिर आप सभी का इस समिट का हिस्सा बनने के लिए अभिनंदन, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

Thank You.

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।