"अगर सरकार का दिल और इरादा लोगों की समस्याओं के प्रति चिंता से नहीं भरा है, तो उपयुक्त स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे का निर्माण संभव नहीं है"
"गुजरात में काम और उपलब्धियां इतनी ज्यादा हैं कि उन्हें कई बार गिनना भी मुश्किल होता है"
"आज सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास वाली सरकार गुजरात के लिए अथक प्रयास कर रही है"
"जब सरकार संवेदनशील होती है, तो उसका सबसे बड़ा लाभ समाज के कमजोर तबके को होता है, माताओं-बहनों को होता है"


नमस्ते भाईयों,

आज गुजरात की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एक बहुत बड़ा दिन है। मैं भूपेन्द्र भाई को, मंत्रिपरिषद के सभी साथियों को, मंच पर बैठे हुए सभी सांसदों को, विधायकों को, कॉरपोरेशन के सभी महानुभावों को इस महत्वपूर्ण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए और तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं और धन्यवाद करता हूं। दुनिया की सबसे एडवांस्ड मेडिकल टेक्नालजी, बेहतर से बेहतर सुविधाएं और मेडिकल इनफ्रास्ट्रक्चर अब अपने अहमदाबाद और गुजरात में और ज्यादा उपलब्ध होंगे, और इस समाज के सामान्य मानवीय को उपयोग होंगे। जो प्राइवेट अस्पताल में नहीं जा सकते हैं। एैसे हर किसी के लिए ये सरकारी अस्पताल, सरकारी टीम 24 घंटे सेवा के लिए तैयार रहेगी भाईयों-बहनों। तीन-साढ़े तीन वर्ष पहले मुझे यहाँ इस परिसर में आकर के 1200 बेड्स की सुविधा के साथ Maternal and Child Health और super-specialty services की शुरुआत का सौभाग्य मिला था। आज इतने कम समय में ही ये मेडिसिटी कैम्पस भी इतने भव्य स्वरूप में हमारे सामने तैयार हो चुका है। साथ ही, Institute of Kidney Diseases और U N Mehta Institute of Cardiology इसकी क्षमता और सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। Gujarat Cancer Research Institute की नई बिल्डिंग के साथ upgraded Bone marrow transplant जैसी सुविधायें भी शुरू हो रही हैं। ये देश का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां साइबर-नाइफ़ जैसी आधुनिक तकनीक उपलब्ध होगी। जब विकास की गति गुजरात जैसी तेज होती है, तो काम और उपलब्धियां इतनी ज्यादा होती हैं कि उन्हें कई बार गिनना भी कठिन हो जाता है। हमेशा की तरह, ऐसा बहुत कुछ है जो देश में पहली बार गुजरात कर रहा है। मैं आप सभी को और सभी गुजरातवासियों को इन उपलब्धियों के लिए बधाई देता हूँ। विशेषरूप से मैं मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल और उनकी सरकार की पूरी-पूरी प्रशंसा करता हूँ, जिन्होंने इतनी मेहनत से इन योजनाओं को सफल बनाया।

साथियों,

आज स्वास्थ्य से जुड़े इस कार्यक्रम में, मैं गुजरात की एक बड़ी यात्रा के बारे में बात करना चाहता हूं। ये यात्रा है, तरह-तरह की बीमारियों से स्वस्थ होने की। अब आप सोचेंगे अस्पताल मे कार्यक्रम है। मोदी तरह-तरह की बीमारियां क्या कह रहा है। मैं बताता हूं मैं कौन-कौन सी तरह-तरह की बीमारीयां, मैं डॉक्टर नहीं हूं लेकिन मुझे ठीक करनी पड़ती थी। 20-25 साल पहले गुजरात की व्यवस्थाओं को बहुत सारी बीमारियों ने जकड़ा हुआ था। एक बीमारी थी- स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछड़ापन। दूसरी बीमारी थी- शिक्षा में कुव्यवस्था। तीसरी बीमारी थी- बिजली का अभाव। चौथी बीमारी थी- पानी की किल्लत। पांचवी बीमारी थी- हर तरफ फैला हुआ कुशासन। छठी बीमारी थी- खराब कानून और व्यवस्था। और इन सारी बीमारियों की जड़ में सबसे बड़ी बीमारी थी- वोट बैंक का पॉलिटिक्स। वोट बैंक की राजनीति। जो बड़े-बुजुर्ग यहां मौजूद हैं, गुजरात की जो पुरानी पीढ़ी के लोग हैं। उनको ये सारी बातें सब अच्छी तरह याद है। यही हालात थे 20-25 साल पहले के गुजरात के! अच्छी शिक्षा के लिए युवाओं को बाहर जाना पड़ता था। अच्छे इलाज के लिए लोगों को भटकना पड़ता था। लोगों को बिजली के लिए इंतज़ार करना पड़ता था। भ्रष्टाचार और खस्ताहाल कानून व्यवस्था से तो हर दिन जूझना पड़ता था। लेकिन आज गुजरात उन सारी बीमारियों को पीछे छोड़कर, आज सबसे आगे चल रहा है। और इसलिए जैसे नागरिकों को बीमारी से मुक्त करना, वैसे राज्य को भी अनेकों बीमारीयों से मुक्त करने का ये मुक्तयग्न हम चला रहे हैं। और हम मुक्त करने का हर कोशिश प्रयास करते रहते हैं। आज जब बात होती है हाइटेक हॉस्पिटल्स की तो गुजरात का नाम सबसे ऊपर रहता है। जब मैं यहां मुख्यमंत्री था, मैं सिविल अस्पताल में कई बार आता था, और मैं देख रहा था मध्यप्रदेश के कुछ इलाके, राजस्थान के कुछ इलाके, बहुत बड़ी मात्रा में उपचार के लिए सिविल अस्पताल आना पसंद करते थे।

साथियों,

अगर शिक्षा संस्थानों की बात, एक से बढ़कर एक यूनिवर्सिटी की बात हो तो आज गुजरात काकोई मुकाबला नहीं है। गुजरात में पानी की स्थिति, बिजली की स्थिति, कानून व्यवस्था की स्थिति अब सब सुधर चुका है। आज सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास वाली सरकार लगातार गुजरात की सेवा के लिए काम कर रही है।

साथियों,

आज अहमदाबाद में इस हाइटेक मेडिसिटी और स्वास्थ्य से जुड़ी दूसरी सेवाओं ने गुजरात की पहचान को एक नई ऊंचाई दी है। ये केवल एक सेवा संस्थान ही नहीं है, साथ ही ये गुजरात के लोगों की क्षमता का प्रतीक भी है। मेडिसिटी में गुजरात के लोगों को अच्छा स्वास्थ्य भी मिलेगा, और ये गर्व भी होगा कि विश्व की टॉप मेडिकल facilities अब हमारे अपने राज्य में लगातार बढ़ रही हैं। मेडिकल टूरिज़्म के क्षेत्र में गुजरात का जो अपार सामर्थ्य है, उसमें भी अब और वृद्धि होगी।

साथियों,

हम सभी अक्सर सुनते हैं कि स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ मन जरूरी होता है। ये बात सरकारों पर भी लागू होती है। अगर सरकारों का मन स्वस्थ नहीं होता, नीयत साफ नहीं होती, उनके मन में जनता जनार्दन के लिए संवेदनशीलता नहीं होती, तो राज्य का स्वास्थ्य ढांचा भी कमजोर हो जाता है। गुजरात के लोगों ने 20-22 साल पहले तक ये पीड़ा बहुत झेली है, और पीड़ा से मुक्ति के लिए हमारे डॉक्टर साथी, आमतौर पर आप किसी भी डॉक्टर से मिलने जाएंगे, ज्यादातर डॉक्टर तीन सलाह तो जरूर देंगे। तीन अलग-अलग अल्टरनेट बताएंगे। पहले कहते हैं भई दवा से ठीक हो जाएगा। फिर उनको लगता है ये दवा वाला तो स्टेज चला गया है। तो उनको मजबूरन कहना पड़ता है भई सर्जरी के बिना कोई चारा नहीं है। दवा हो या सर्जरी लेकिन उसके साथ वो घरवालों को समझाते हैं। कि मैं तो मेरा काम कर लूंगा लेकिन देखभाल की जिम्मेवारी आपकी है। आप पेशेंट को अच्छी तरह देखभाल करना। उसके लिए भी वो एडवाइज करते हैं।

साथियों,

मैं इसी बात को अलग तरीके से सोचूं तो गुजरात की चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने के लिए हमारी सरकार ने इलाज के इन तीनों तरीकों का इस्तेमाल किया। जो आप पेशेंट के लिए कहते हैं ना मैं राज्य व्यवस्था के लिए ऐसे ही करता था। जो डॉक्टर सलाह देते हैं। सर्जरी- यानी पुरानी सरकारी व्यवस्था में हिम्मत के साथ पूरी ताकत से बदलाव। निष्क्रियता, लचरपंथी, और भ्रष्टाचार पर कैंची, ये मेरी सर्जरी रही है। दूसरा, दवाई- यानी नई व्यवस्था को खड़ा करने के लिए नित्य नूतन प्रयास, नई व्यवव्स्थाएं भी विकसित करना, Human Resource विकसित करना, Infrastructure विकसित करना, Research करना, Innovation करना, नए अस्पताल बनाना, अनेक ऐसे काम। और तीसरी बात, देखभाल या केयर-

ये गुजरात के हेल्थ सेक्टर को ठीक करने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमने केयर यानी, संवेदनशीलता के साथ काम किया। हम लोगों के बीच गए, उनकी तकलीफ को साझा किया। और इतना ही नहीं मैं आज बड़ी नम्रता के साथ कहना चाहता हूं। गुजरात इस देश में पहला राज्य था। वो सिर्फ इंसान की नहीं पशुओं के लिए भी हेल्थ कैंप लगाते थे। और जब मैं दुनिया को कहता था कि मेरे यहां पशुओं की Dental Treatment होती है, पशु की Eye Treatment होती है, तो बाहर के लोगों को अजूबा लगता था।

भाईयों-बहनों,

हमने जो प्रयास किए वो लोगों को साथ जोड़कर, जनभागीदारी से लिए। और जब कोरोना का संकट था तो G-20 समिट में मैं बोल रहा था। तब मैंने बंड़े आग्रह से कहा था। दुनियां की इतनी भयानक स्थिति को देखते हुए मैंने कहा था- जब तक हम One Earth, One Health इस मिशन को लेकर के काम नहीं करेंगे। जो गरीब है, पीड़ित है, उसकी कोई मदद नहीं करेगा और दुनिया में हमनें देखा है। कुछ देश ऐसे हैं जहां चार-चार, पांच-पांच, वैक्सीन के डोज हो गए कोरोना में, और दूसरी तरफ कुछ देश ऐसे हैं जहां गरीब को एक भी वैक्सीन नसीब नहीं हुआ। तब मुझे दर्द होता था दोस्तों। तब भारत को वो ताकत लेकर के निकले, हमने दुनिया में वैक्सीन पहुंचाने का प्रयास किया। ताकि दुनिया में कोई मरना नहीं चाहिए भाईयों। और हम सबने देखा है कि जब व्यवस्था स्वस्थ हो गई, तो गुजरात का स्वास्थ्य क्षेत्र भी स्वस्थ हो गया। लोग देश में गुजरात की मिसालें देने लगे।

साथियों,

प्रयास जब पूरे मन से holistic अप्रोच के साथ किए जाते हैं तो उनके परिणाम भी उतने ही बहुआयामी होते हैं। यही गुजरात की सफलता का मंत्र है। आज गुजरात में अस्पताल भी हैं, डॉक्टर्स भी हैं, और युवाओं के लिए डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने का अवसर भी हैं। 20-22 साल पहले हमारे इतने बड़े राज्य में केवल 9 मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे। केवल 9 मेडिकल कॉलेज! जब मेडिकल कॉलेज कम थे तो सस्ते और अच्छे इलाज की गुंजाइश भी कम थी। लेकिन, आज यहाँ 36 मेडिकल कॉलेज अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। 20 साल पहले गुजरात के सरकारी अस्पतालों में 15 हजार करीब-करीब बेड थे। अब यहां के सरकारी अस्पतालों में बेड की संख्या 60 हजार हो चुकी है। पहले गुजरात में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल की कुल सीटें 2200 हुआ करती थीं।

अब गुजरात में आठ हजार पांच सौ बैठकें मेडिकल सीट्स हमारे युवाओं-युवतियों के लिए उपलब्ध हैं। इनमें पढ़कर निकले डॉक्टर्स गुजरात के कोने-कोने में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दे रहे हैं। आज हजारों सब-सेंटर्स, CHCs, PHCs और वेलनेस सेंटर्स का एक बड़ा नेटवर्क भी पूरी तरह गुजरात में तैयार हो चुका है।

और साथियों,

मैं आपको बताना चाहता हूं कि गुजरात ने जो सिखाया, वो दिल्ली जाने के बाद मेरे काम बहुत आया। स्वास्थ्य के इसी विज़न को लेकर हमने केंद्र में भी काम करना शुरू किया। इन 8 वर्षों में हमने देश के लगभग अलग-अलग हिस्सों में 22 नए AIIMS दिए हैं। इसका लाभ भी गुजरात को हुआ है। राजकोट में गुजरात को अपना पहला एम्स मिला है। गुजरात में जिस तरह हेल्थ सेक्टर में काम हो रहा है, वो दिन दूर नहीं जब गुजरात Medical Research, Pharma Research और Bio-tech Research में पूरी दुनिया में अपना परचम फहरायेगा।डबल इंजन की सरकार का बहुत बड़ा फोकस इस पर है।

साथियों,

जब संसाधनों के साथ संवेदनाएं जुड़ जाती हैं तो संसाधन सेवा का उत्तम माध्यम बन जाते हैं। लेकिन, जहां संवेदना नहीं होती है, वहाँ संसाधन स्वार्थ और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते हैं। इसीलिए, मैंने शुरुआत में संवेदनाओं का भी ज़िक्र किया, और कुशासन वाली पुरानी व्यवस्था की याद भी दिलाई। अब व्यवस्था बदल चुकी है। इसी संवेदनशील और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है कि अहमदाबाद में मेडिसिटी बना है, कैंसर इंस्टीट्यूट का आधुनिकीकरण हुआ है। और, साथ ही गुजरात के हर जिले में डे केयर कीमोथेरेपी की सुविधा भी शुरू होती है, ताकि गांव-गांव से मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए भागना न पड़े। अब आप चाहे गुजरात के किसी भी कोने में हों, आपको घर के नजदीक में ही,अपने ही जिले में कीमोथेरेपी जैसा अहम इलाज उपलब्ध हो जाएगा। इसी तरह, भूपेन्द्र भाई की सरकार द्वारा डायलिसिस जैसी जटिल स्वास्थ्य सेवा भी तालुका स्तर पर दी जा रही है। गुजरात ने डायलिसिस वैन की सुविधा भी शुरू की है,

ताकि मरीज को अगर जरूरत है तो उसके घर जाकर भी उसको सेवा दी जा सके। आज यहाँ 8 फ्लोर के रैनबसेरे का लोकार्पण भी हुआ है। और जहां तक डायलिसिस का सवाल है। पूरे हिन्दुस्तान में सारी व्यव्स्था लचर थी। डायलिसिस वाले के लिए एक निश्चित समय सीमा में डायलिसिस होना जरूरी है। तब जाकर के मैंने दुनिया के बड़े-बड़े हेल्थ सेक्टर में काम करने वालों से बात की। मैंने कहा मुझे मेरे हिन्दुस्तान में हर जिले में डायलिसिस सेंटर बनाने हैं। और जैसे गुजरात में तहसील तक काम जा रहा है। मैंने देश में जिले तक डायलिसिस की व्यव्स्था पहुंचाने का बड़ा बीड़ा उठाया, और बहुत बड़ी मात्रा में काम चल रहा है।


साथियों,

मरीज के परिवार वाले जिन मुश्किलों से जूझ रहे होते हैं, उन्हें और तकलीफ का सामना न करना पड़े, ये चिंता गुजरात सरकार ने की है। यही आज देश के काम करने का तरीका है। यही आज देश की प्राथमिकताएँ हैं।

साथियों,

जब सरकार संवेदनशील होती है तो उसका सबसे बड़ा लाभ समाज के कमजोर वर्ग को होता है, गरीब को होता है, मध्यम वर्ग के परिवार को होता है, माताओं-बहनों को होता है। पहले हम देखते थे कि गुजरात में मातृ मृत्युदर, शिशु मृत्युदर इतनी चिंता का विषय था, लेकिन सरकारों ने उसे किस्मत के नाम पर छोड़ रखा था। हमने तय किया कि ये हमारी माताओं-बहनों के जीवन का प्रश्न है। इसका ठीकरा किसी की किस्मत पर नहीं फोड़ने दिया जाएगा। पिछले 20 वर्षों में हमने इसके लिए लगातार सही नीतियां बनाई, उन्हें लागू किया। आज गुजरात में माता मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में बड़ी कमी आई है। माँ का जीवन भी बच रहा है, और नवजात भी दुनिया में सुरक्षित अपना विकास की यात्रा पर कदम रख रहा हैं। ‘बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान इसके कारण पहली बार बेटों की तुलना में बेटियों की संख्या ज्यादा हुई है दोस्तों। इन सफलताओं के पीछे गुजरात सरकार की ‘चिरंजीवी’ और ‘खिलखिलाहट’ जैसी योजनाओं की मेहनत लगी है। गुजरात की ये सफलता, ये प्रयास आज पूरे देश को ‘मिशन इंद्रधनुष’ और ‘मातृवंदना’ जैसी योजनाओं के जरिए मार्गदर्शन दे रही है।

साथियों,

आज देश में हर गरीब के मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान भारत जैसी योजनाएँ उपलब्ध हैं। गुजरात में ‘आयुष्मान भारत’ और ‘मुख्यमंत्री अमृतम’ योजना एक साथ मिलकर गरीबों की चिंता और बोझ कम कर रही हैं। यही डबल इंजन सरकार की ताकत होती है।

साथियों,

शिक्षा और स्वास्थ्य, ये दो ऐसे क्षेत्र हैं जो केवल वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य की दिशा भी तय करते हैं। और उदाहरण के तौर पर अगर हम देखें, 2019 में सिविल हॉस्पिटल में 1200 बेड की सुविधा होती थी। एक साल बाद जब वैश्विक महामारी आई तो, यही अस्पताल सबसे बड़े सेंटर के रूप में उभरकर सामने आया। उस एक हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर ने कितने लोगों का जीवन बचाया। इसी तरह, 2019 में ही अहमदाबाद में AMC के SVP हॉस्पिटल, उसकी शुरुआत हुई थी। इस अस्पताल ने भी वैश्विक महामारी से लड़ने में बड़ी भूमिका निभाई। अगर गुजरात में बीते 20 वर्षों में इतना आधुनिक मेडिकल इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं होता, तो कल्पना करिए वैश्विक महामारी से लड़ने में हमें कितनी मुश्किलें आतीं? हमें गुजरात के वर्तमान को भी बेहतर करना है, और भविष्य को भी सुरक्षित रखना है। मुझे विश्वास है, अपने विकास की इस गति को गुजरात और आगे बढ़ाएगा, और ऊंचाई पर लेकर जाएगा, और आपके आर्शीवाद निरंतर बनते रहेंगे और उसी ताकत को लेकर के हम और अधिक ऊर्जा के साथ आपकी सेवा करते रहेंगे। मैं आप सबको उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। और आप निरोगी रहें, आपका परिवार निरोगी रहे, यही मेरे गुजरात के भाईयों-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए मेरी वाणी को विराम देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

 

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।