मेरे मित्र प्रधानमंत्री जी आपका हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। जिस प्रकार से मेरा और मेरे डेलीगेट्स का स्वागत किया गया और मैंने देखा है कि परंपराओं से हटकर के एक प्रकार से मलेशिया के जीवन को आपने इन कुछ ही घंटों में बहुत बखूबी प्रस्तुत किया और इतने बढ़िया तरीके से चीजों को ऑर्गेनाइज किया, वो हमेशा-हमेशा याद रहने वाली हैं और उसके लिए मैं हृदय से विशेष रूप से आभार व्यक्त करता हूं और एक मित्रता क्या होती है, मित्रता की ऊंचाई और गहराई क्या होती है, यह मैं पूरी तरह अनुभव कर रहा हूं और इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

Excellency,

यह मेरा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री के रूप में मुझे तीसरी बार मलेशिया आने का मौका मिला है और हमारी मित्रता ऐसी है कि आपके कार्यकाल में मुझे चौथी बार आपको मिलने का मौका मिल रहा है। यह भी अपने आप में हमारी गति और सक्रियता दिखता है। बीते वर्षों में हमारे द्विपक्षीय संबंधों ने जो गति और गहराई प्राप्त की है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है। इसमें आपके अमूल्य योगदान के लिए मैं हृदय से आपका धन्यवाद करता हूं। आज एग्रीकल्‍चर और मैन्‍युफैक्‍चरिंग जैसे क्‍लीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर तक, हर क्षेत्र में हमारा सहयोग गहरा रहा है। स्किल डेवलपमेंट और कैपेसिटी बिल्डिंग में भी हम अहम साझेदार हैं। हमारा रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है।

Excellency,

आसियान की सफल अध्यक्षता के लिए आपको एक बार फिर से मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हमें विश्वास है कि मलेशिया के सहयोग से आसियान के साथ हमारे संबंध और अधिक गहरे होंगे और अधिक विस्तार होगा।

Excellency,

हमारे संबंधों की असली ताकत पीपल टू पीपल tie है। भारतीय मूल के लगभग तीस लाख मलेशियाई नागरिक हमारे देशों के बीच लिविंग ब्रिज है। कल आपके साथ मुझे Diaspora से मिलने का भी अवसर मिला है। मुझे बहुत विशेष अनुभव हुआ और मैंने देखा कि Diaspora के लोगों का आपके प्रति जो व्यक्तिगत सम्मान है, आपके प्रति जो प्रेम है, वह कल दिख रहा था, मैं फील कर रहा था, बड़ा गर्व हो रहा था। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में मित्र देशों का साथ बहुत मायने रखता है। एक तरह से Excellency, हमारा दृढ़ विश्वास है कि भारत और मलेशिया की समृद्धि एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। वैश्विक अस्थिरता के इस वातावरण में भारत और मलेशिया दो मेरिटाइम नेबर्स उसको अपने संबंधों की पूरी क्षमता का उपयोग करना जरूरी है। मेरी आज की यात्रा का मूल संदेश एकदम स्पष्ट है कि भारत मलेशिया के साथ मिलकर हमारे संबंधों को नए स्तर पर ले जाना चाहता है। और सहयोग के हर क्षेत्र में विस्तार और प्रगाढ़ता लाना चाहता है। एक बार फिर मेरा और मेरे डेलीगेशन का इतना जानदार, शानदार स्वागत करने के लिए मैं आपका और आपकी पूरी टीम का हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

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August 13, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today, highlighting the power of determination, perseverance, and courage in overcoming life's challenges and turning adverse circumstances into favorable ones.

The Prime Minister wrote on X;

"दैवं पुरुषकारेण यः समर्थः प्रबाधितुम्।

न दैवेन विपन्नार्थः पुरुषः सोऽवसीदति॥"

A person who possesses the determination, perseverance and courage to turn adverse circumstances into favorable ones is never defeated by the challenges of life. Instead, through continuous effort and unwavering resolve, he moves forward and ultimately achieves success.