उपस्थित सभी वरिष्ठ महानुभाव, 

वणकम! 

भारत के प्रधानमंत्री के रूप में जाफना में पहली बार आना, मैं आज यहां कोई भी कार्यक्रम न करता सिर्फ इस धरती को नमन कर देता, तो भी पूरे श्रीलंका में और पूरे विश्व में एक बहुत बड़ी घटना के रूप में माना जाता।

PM Modi laying the foundation stone for Jaffna Cultural Centre (1)

जाफना अपनी एक नई पहचान बना रहा है। पूरे विश्व को जाफना से प्रेम के संदेश की एक नई खुशबू, पूरे विश्व को अनुभव हो रही है। और ये मेरा सौभाग्य है कि शांति, भाईचारा, सद्भभावना की इस खुशबू भरी हवा में मुझे भी सांस लेने का अवसर मिला है। 

मुख्यमंत्री श्रीमान विगनेश्वर जी ने गुजरात को लेकर के काफी तारीफ की। भारत में इन दिनों जो Co-operative Federalism पर बल देकर के आगे बढ़ रहे हैं, उसकी सराहना की और भारत से उनकी क्या-क्या अपेक्षाएं हैं? उसका भी जिक्र किया।

CROP-684-PM Modi laying the foundation stone for Jaffna Cultural Centre (6)

श्रीलंका और भारत के संबंध विशिष्ट प्रकार के हैं। हम सिर्फ पड़ोसी हैं, ऐसा नहीं है। हम सांस्क़ृतिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए लोग हैं। जाफना के जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। बहुत कठिनाइयों का सामना यहां के लोगों ने किया है। यहां कि विश्व प्रसिद्ध Library, जिसके पास करीब-करीब एक लाख उत्तम प्रकार के ग्रंथ, Manuscripts यानि एक प्रकार से मानव जाति का अमूल्य खजाना जाफना के पास था। लेकिन वो सारा जल गया, खाक में मिल गया। आज फिर से एक बार काफी ग्रंथों को फिर से इकट्ठा कर लिया गया है, Library को फिर से एक बार जीवंत किया गया है। Road बने, रेल बने, Port बने, Airport बने - ये सारी चीजें इंसान को जोड़ने के काम आती हैं। लेकिन library जब बनती हैं, किताब जहां होती हैं, वहां सदियों को जोड़ने का काम होता है। ये सदियों को जोड़ने का काम फिर से एक बार हुआ है और इसके लिए मैं जाफना के सभी महानुभाव को हृदय से अभिनंदन करता हूं।

PM Modi laying the foundation stone for Jaffna Cultural Centre (2)

आज मुझे खुशी है कि एक Cultural centre के शिलान्यास के लिए मुझे यहां आने का सौभाग्य मिला है। इस Cultural centre को बनाने में एक स्पर्धा की गई, Architecture के संबंध में। और स्पर्धा कर-करके तय हुआ, कौन-सा design हो? और ये भी देखा गया कि जाफना की परंपराओं का उसमें अभिव्यक्ति हो। और ये जो, अभी उसका विडियो दिखाया गया, walkthrough दिखाया गया। उससे साफ नजर आता है कि पुराने और नए का कितना अद्भभुत संगम किया गया है। भारत के लिए गर्व की बात है कि जाफना में एक Unique प्रकार का और World Level का Cultural centre बनाने का हमें अवसर मिला है। 

मैं जाफनावासियों को, श्रीलंकावासियों को विश्वास दिलाता हूं कि भारत सरकार ने ये जो काम हाथ में लिया है, हम समय पर पूरा करेंगे और कल्पना से भी अच्छा करेंगे और मेरे लिए खुशी की बात है कि पहले Cultural Programme के लिए मुझे निमंत्रण भी मिल गया और इसका मतलब ये है कि Commitment कितना स्पष्ट है। Commitment में कितना Commitment है, ये नजर आता है। 

आज एक प्रकार से मेरी ये यात्रा त्रिवेणी संगम है। आज यहां आने से पहले तलाइमनार में रेलवे का उद्घाटन करके मैं आया। मन को इतना आनंद होता था उस दृश्य को देखकर के कि समुद्र के छोर तक रेल की पटरी है और उधर रामेश्वरम है। ये Project अपने आप में किसी भी भारत के नागरिक को, जिसने इस काम को किया है, गर्व दिलाता है, आनंद देता है। तलाइमनार में आज जो Railway project का लोकार्पण हुआ है, मुझे विश्वास है इस पूरे क्षेत्र के विकास को एक नई गति देगा। 
PM Modi laying the foundation stone for Jaffna Cultural Centre (3)

मेरे लिए आज दूसरी खुशी की बात है कि जाफना के Housing Project का भी आज हम लोकार्पण कर रहे हैं। और उन संकटों के काल में जिन परिवारों ने सहन किया है। आज उनको जब अपना घर मिले, अपना एक बसेरा मिले तो उसके आशीर्वाद की ताकत बहुत बड़ी होती है और एक प्रकार से हमारे यहां तो कहा गया है, सेवा परमोधर्मः ये Housing Project एक प्रकार से एक उत्तम से उत्तम धर्म कार्य है जो कि सेवा के रूप में हमें करने को मिला है। और ये तीसरा प्रकल्प में आज जो कर रहा हूं - वो एक Central Cultural Centre का शिलान्यास करने का अवसर मुझे मिला है। और इस प्रकार से आज ये मेरी यात्रा त्रिवेणी बन गई है। 

मैंने कल संसद में, मुझे वहां निमंत्रित किया गया। संसद में मुझे संबोधित करने का अवसर मिला और वहां मैंने अपने मन की बातें बताई हैं, जो आज अखबारों में काफी मात्रा में छपी हैं। श्रीलंका को भी प्रगति करनी है। एकता और अखंडता से प्रगति होगी। एकता से साथ समरसता भी चाहिए और कोई भी भू-भाग हो, कोई भी नागरिक हो हर एक को समान अवसर मिलेगा और सबको आगे बढ़ने की संभावनाएं पैदा होंगी। ये शुभकामनाएं भारत की तरफ से हर श्रीलंकावासी को, हर नागरिक को रहेंगी। 

मैं अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव से कहता हूं। शांति, एकता, सद्भभावना - ये प्रगति के मूल मंत्र हैं, विकास के मूल मंत्र हैं। और मैं भी आपको विकास की नई ऊंचाइयों पर देखना चाहता हूं, इसी धरातल पर देखना चाहता हूं।

PM Modi laying the foundation stone for Jaffna Cultural Centre (5)
आपने मेरा स्वागत किया, सम्मान किया। मैं आपका बहुत आभारी हूं और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं - श्रीलंका की प्रगति और विकास के लिए भारत से जो भी बन सकेगा। कभी भारत पीछे नहीं रहेगा। ये दोस्ती सदियों पुरानी है और सदियों तक चलने वाली दोस्ती है। इसको हम निभाते रहेंगे। 

मैं फिर एक बार आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। 

वणकम।

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संसद का सुचारु संचालन और देश को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प समय की जरूरत: पीएम मोदी
July 20, 2026
आशा है कि इस सत्र में सार्थक चर्चाएं होंगी जो भारत के विकास पथ को सुदृढ़ करेंगी: प्रधानमंत्री
हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून जितना प्रोएक्टिव होगा, मानसून सत्र भी उतना ही अधिक प्रोडक्टिव बनेगा, जिससे देश के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा: पीएम मोदी
पिछले एक महीने में देश ने राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और अंतरिक्ष स्तर पर कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे हर भारतीय का सीना गर्व से भर गया है: पीएम मोदी
पश्चिम एशिया में चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा। यह देश की मजबूती और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है: पीएम मोदी
संसद का सुचारु संचालन और देश को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प ही समय की जरूरत है: पीएम मोदी

स्वागत है भाई आप सबका।

मानसून का भी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी प्रारंभ हो रहा है। मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रोएक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं, और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। और इसलिए, हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे, मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।

साथियों,

पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं और देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो। एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले वर्ष मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’ पर पहुंचा था और परसों ही भारत का एक युवा स्टार्टअप, उसने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार से प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है, बहुत बड़ी सफलता है। और ये जो स्काई रूट स्टार्टअप है, उसमें जो नौजवान काम कर रहे हैं, मुझे बताया गया, उनकी पूरी टीम की जो एवरेज एज है, वो सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया। मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं, मैं देश के ये स्टार्टअप ने 28 के एवरेज वाले नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है। उनको तो बधाई है ही है, लेकिन ऐसी बातें जो हैं, जो भारत को आत्मविश्वास से भर देती है। विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य, सर्व-स्वीकृत बनता जाता है।

साथियों,

ये संयोग नहीं, ये एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है। इससे बड़ा संदेश देश के लिए कोई और प्रेरणा नहीं दे सकता है।

साथियों,

जो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर के आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं, और सफल भी हो रहे हैं।

साथियों,

पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। पिछले कुछ सप्ताह पहले, एक सेमीकंडक्टर प्लांट, यानी तीसरा, देश को समर्पित किया गया। अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन और विश्व में बहुत कम देश ऐसे हैं कि जिनके पास ये सुविधा है। लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली है, और सबसे लंबी है। ये अपने आप में भारत के वैज्ञानिक, भारत के इंजीनियर्स, भारत के इनोवेटर्स, भारत के उद्यमी, भारत के श्रमिक, ये जो एक लक्ष्य लेकर के देश के लिए जी रहे हैं, देश के लिए काम कर रहे हैं, उसी का परिणाम है।

साथियों,

हम भली-भांति जानते हैं और पूरी दुनिया चिंतित भी है, लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थितियां बनती रही है। पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो एनर्जी के लिए औरों पर डिपेंडेंट है, उनके लिए ये पश्चिम एशिया का युद्ध एक बहुत ही बड़ा संकट का कारण रहा। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फर्टिलाइजर, केमिकल्स, यानी हर विषय में अनेक बाधाएं, अनेक संकट आए। उसके बावजूद भी भारत 7.7 परसेंट के ग्रोथ से दुनिया की मेजर इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बनके रहा। ये भारत के सामर्थ्य का परिचायक है। भारत किस प्रकार से उत्साह और उमंग के साथ नई ऊंचाइयों को पार करना चाहता है। उसकी इसमें एक झलक है और ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पीड पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस स्पीड में नई ऊर्जा भर सकता है। सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है। हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी है, दल उनका कोई भी हो, लेकिन उनके पास एक लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव की, उनके ज्ञान की संसद को भी जरूरत है, देश को भी जरूरत है। और इसके लिए संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना, मिल जुलकर के देश को आगे ले जाने के संकल्प लेना, ये मैं समझता हूं कि बहुत ही समय की मांग है। एस्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़े। आज समय की मांग है कि राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रहे, आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे, वे अपनी आवाज को बुलंद करें, देश को दिशा दे, और इसलिए मैं आशा करता हूं, और मुझे पक्का विश्वास है, जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले, ये संसद की हमारी भूमिका है। मैं सभी सांसदों से बढ़-चढ़कर के इस सदन में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित करता हूं। आज सुबह स्पीकर महोदय जी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सांसदों का स्वागत करने के अपने भाव को व्यक्त किया है। मैं भी उसमें अपना स्वर मिलाता हूं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार।