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प्रधानमंत्री हार्पर और मीडिया के सदस्यों ,

इस खूबसूरत देश और इस आकर्षक शहर में आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। मैं कनाडा के साथ भारत के संबंधों को सर्वोच्च महत्व देता हूं।

गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कनाडा का मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा है।

हमारे संबंध काफी पुराने हैं। हाल के वर्षों में, प्रधानमंत्री हार्पर की दृष्टि और नेतृत्व ने हमारे संबंधों का कायाकल्प किया है।

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (8)

मैं अपने संबंधों के इतिहास में इस दौरे के महत्व को समझता हूं। मैं यहां ऐसे समय आया हूं जब हमारे दोनों देशों के लिए इन संबंधों का महत्व कतई मजबूत नहीं रहा है।

हम दोनों प्रमुख लोकतंत्र हैं और दोनों के साझा जीवन मूल्य हैं।

दुनिया में कुछ देश ही भारत के आर्थिक कायाकल्प में भागीदार होने की कनाडा की संभावना की बराबरी कर रकते हैं। और यह भारत में नए माहौल में विद्यमान है जो उदार, अनुकूल, स्थिर और बिजनस के लिए सुगम है।

इसी तरह, भारत के कायाकल्प की विशाल संभावना और हमारी तीव्र आर्थिक वृद्धि कनाडा के लिए असीम अवसर उपलब्ध कराती है।

मैं भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकता के हर क्षेत्र - ऊर्जा और बुनियादी ढांचे, विनिर्माण एवं कौशल, स्मार्ट शहरों और खेती उद्योग तथा अनुसंधान एवं शिक्षा में कनाडा का सहयोग और निवेश चाहता हूं।

प्रधानमंत्री हार्पर और मैं आर्थिक भागीदारी के लिए नई रूपरेखा स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। मुझे खुशी है कि हमने लंबित समझौतों पर तेजी से प्रगति की है।

मुझे विश्वास है कि हम बहुत जल्द आपसी निवेश संवर्धन और संरक्षण समझौता कर सकते हैं। हम सितंबर 2015 तक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौता करने के लिए रूपरेखा को भी कार्यान्वित कर लेंगे ।

कौशल विकास पर तेरह समझौतों से भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भारत के युवाओं को विश्व स्तरीय कौशल ये सशक्त बनाने की मेरी प्रतिबद्धता का पता चलता है।

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (4)

हमारे असैन्य इस्तेमाल के लिए परमाणु बिजलीघरों के लिए कनाडा से यूरेनियम की खरीद के समझौते से आपसी परमाणु सहयोग का नया युग आरंभ हुआ है।

इससे आपसी विश्वास और भरोसे के नए स्तर का भी पता चलता है। इससे स्वच्छ ऊर्जा के साथ अपनी वृद्धि करने के भारत के प्रयासों को ताकत भी मिलेगी।

अंतरिक्ष पर समझौते से हम उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग के लिए मजबूत तालमेल किया है।

दोनों देशों की जनता के बीच अधिक संपर्क के लिए हमने कनाडा के लिए अपनी वीजा नीति को उदार बनाया है। हम कनाडा के नागरिकों को पर्यटन वीजा के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा अनुमति जारी करेंगे। वे अब दस वर्ष के लिए वीजा भी ले सकेंगे।

प्रधानमंत्री और मैं मजबूत आपसी संबंध के लिए सहमत हुए हैं जो हमारे सामान्य अंतर्राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के लिए ठोस बुनियाद उपलब्ध कराएगा।

हम इस बात पर भी सहमत हैं कि आज के संकटग्रस्त विश्व में, हमारा सहयोग दुनिया में शांति और हमारे साझा जीवन मूल्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

भारत में तब हमने कनाडा का दर्द महसूस किया जब इसके शहर पर बेरहम आतंकी हमला हुआ।

आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है, इसका काला साया हमारे शहरों और दुनिया भर में मंडरा रहा है।

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (9)

हम आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने में अपना सहयोग प्रगाढ़ करेंगे। हम आतंकवाद के सभी स्रोतों और उसे समर्थन देने वाले सभी कुकृत्यों से निपटने के लिए व्यापक वैश्विक रणनीति और सतत नीति को भी प्रोत्साहन देंगे।

हम अपना रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सहमत हुए हैं। मैं साइबर सुरक्षा पर अपने हाल के समझौते का स्वागत करता हूं।

हम दोनों मानते हैं कि पश्चिम एशिया में शांति एवं स्थिरता हमें अधिक सुरक्षित बनाएगी और इसी तरह अफगानिस्तान का सफल कायाकल्प हो सकेगा

मुझे विश्वास है कि कनाडा एशिया प्रशांत क्षेत्र की प्रमुख ताकत है तथा इसे क्षेत्र के लिए स्थिर एवं समृद्ध भविष्य को प्रोत्साहन देने में क्षेत्रीय संस्थानों सहित अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

मुझे जी 20 में हमारी भागीदारी जारी रहने की आशा है।

निष्कर्ष रूप में, मुझे लगता है कि साझा जीवन मूल्यों की हमारी कुदरती भागीदारी है। यह परस्पर असीम लाभ की आर्थिक भागीदारी है।

यह ऐसा संबंध है जो 12 लाख जोशीले भारतीय समुदाय के भावनात्मक संबंध से फला-फूला है

55 PM Modi with Canada PM Stephen Harper at Exchange of Agreements and Press Statements (12)

मुझे विश्वास है कि यह दौरा हमारे दोनों लोकतंत्रों के बीच नई महत्वपूर्ण भागीदारी के लिए प्रेरणा बनेगा।

अंत में, मुझे टोरंटो और बैंकूवर ले जाने के लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं। मैं उन्हें हमारी विरासत के बहुमूल्य हिस्से को दिखाने के लिए भी धन्यवाद देता हूं।

हमारे संबंधों के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इससे बेहतर कोई प्रमाण नहीं हो सकता। इस देश की महान विविधता को अनुभव करने का इससे बेहतर कोई रास्ता नहीं हो सकता था।

धन्यवाद !

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May 14, 2021
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पश्चिम बंगाल के किसानों को पहली बार पीएम किसान योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ है
एमएसपी पर गेहूं की खरीद ने इस साल नए रिकॉर्ड बनाए हैं
सरकार पूरी ताकत से कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है

आप सभी किसान साथियों से ये चर्चा अपने आप में एक नई उम्‍मीद जगाती है, नया विश्‍वास पैदा करती है। आज जैसा अभी हमारे मंत्री जी श्रीमान नरेंद्र सिंह तोमर जी बता रहे थे आज भगवान बसवेश्वर जयंती है, परशुराम जयंती भी है। आज अक्षय तृतीया का भी पावन पर्व है। और मेरी तरफ से देशवासियों को ईद की भी मुबारक।

कोरोना के इस समय में समस्त देशवासियों का हौसला बढ़े, इस महामारी को परास्त करने का संकल्प और दृढ़ हो, इस कामना के साथ आप सब किसान भाईयों से जो मेरी बातचीत हुई है अब मैं इसको आगे बढ़ाउंगा। इस कार्यक्रम में उपस्थित कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र श्रीमान सिंह तोमर जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे अन्य सहयोगी गण, सभी मुख्यमंत्री, राज्य सरकारों के आदरणीय मंत्रिगण, सांसदगण, विधायकगण और देश भर के मेरे किसान भाईयों और बहनों,

आज बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय में हम ये संवाद कर रहे हैं। इस कोरोना काल में भी देश के किसानों, हमारे कृषि क्षेत्र मे अपने दायित्व को निभाते हुए, अन्न की रिकॉर्ड पैदावार की है, आप कृषि में नए-नए तरीके आजमा रहे हैं। आपके प्रयासों को पीएम किसान सम्मान निधि की एक और किश्त और मदद करने वाली है। आज अक्षय तृतीया का पावन पर्व है, कृषि के नए चक्र की शुरुआत का समय है और आज ही करीब 19 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। इसका लाभ करीब-करीब 10 करोड़ किसानों को होगा। बंगाल के किसानों को पहली बार इस सुविधा का लाभ मिलना शुरू हुआ है। आज बंगाल के लाखों किसानों को पहली किश्त पहुंची है। जैसे-जैसे राज्य से किसानों के नाम केंद्र सरकार को मिलेंगे, वैसे-वैसे लाभार्थी किसानों की संख्या और बढ़ती जाएगी।

 

साथियों,

पीएम किसान सम्मान निधि से विशेष रूप से छोटे और मझोले किसानों को अधिक लाभ हो रहा है। आज के कठिन समय में ये राशि इन किसान परिवारों के बहुत काम आ रही है। अभी तक इस योजना के तहत देश के लगभग 11 करोड़ किसानों के पास लगभग 1 लाख 35 हज़ार करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं मतलब की सवा लाख करोड़ से भी ज्‍यादा सीधे किसानों के खाते में, कोई बिचौलिया नहीं। इनमें से सिर्फ कोरोना काल में ही 60 हज़ार करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंचे हैं। ज़रूरत के समय देशवासियों तक सीधी मदद पहुंचे, तेज़ी से पहुंचे, जिसको ज़रूरत है, उस तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, यही सरकार का निरंतर प्रयास है।

भाइयों और बहनों,

तेजी से, सीधे किसानों तक लाभ पहुंचाने का ये काम उपज की सरकारी खरीद में भी बहुत व्यापक स्केल पर किया जा रहा है। कोरोना की मुश्किल चुनौतियों के बीच जहां किसानों ने कृषि और बागबानी में रिकॉर्ड उत्पादन किया है, वहीं सरकार भी हर साल MSP पर खरीद के नए-नए रिकॉर्ड बना रही है। पहले धान की और अब गेहूं की भी रिकॉर्ड खरीद हो रही है। इस वर्ष, अभी तक बीते वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जा चुका है। अभी तक गेहूं की खरीद का लगभग 58 हज़ार करोड़ रुपए सीधे किसानों के खाते में पहुंच चुका है। सबसे बड़ी बात ये कि अब किसान जो उपज मंडी में बेच रहा है, उसको अब अपने पैसे के लिए लंबा इंतज़ार नहीं करना पड़ता, परेशान नहीं होना पड़ता। किसान के हक का पैसा सीधा उसके बैंक खाते में जमा हो रहा है। मुझे संतोष है कि पंजाब और हरियाणा के लाखों किसान पहली बार डायरेक्ट ट्रांसफर की इस सुविधा से जुड़े हैं। अभी तक पंजाब के किसानों के बैंक खाते में करीब 18 हज़ार करोड़ रुपए, और हरियाणा के किसानों के बैंक खाते में 9 हज़ार करोड़ रुपए सीधे उनके बैंक अकाउंट में जमा हो चुके हैं। अपना पूरा पैसा अपने बैंक खाते में पाने का संतोष क्या होता है ये पंजाब और हरियाणा के किसान भी अनुभव भी कर रहे हैं और मुखर हो कर बोल भी रहे हैं। मैंने सोशल मीडिया में इतने वीडियो देखें हैं किसानों के खासकर के पंजाब के किसानों के कि इस प्रकार से उनको पैसा पहुंचाना और वो भी पूरा-पूरा पैसा पहुंचाना उसका संतोष इतने उमंग के साथ वो बता रहे हैं।

साथियों,

खेती में नए समाधान, नए विकल्प देने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देना ऐसा ही प्रयास है। इस प्रकार की फसलों में लागत भी कम है, ये मिट्टी और इंसान के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और इनकी कीमत भी ज्यादा मिलती हैं। थोड़ी देर पहले इस प्रकार की खेती में जुटे देशभर के कुछ किसानों से मेरी बातचीत भी हुई है। उनके हौसले, उनके अनुभवों को जानकर मैं बहुत उत्साहित हूं। आज गंगा जी के दोनों ओर करीब 5 किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वो जो खेत में उपयोग किया गया केमिकल है, बारिश के समय जो पानी बहकर के गंगा जी में न चला जाए और गंगा जी प्रदूषित न हों, इसलिए गंगा जी के दोनों तट के 5-5 किलोमीटर के करीब-करीब ये जैविक उत्‍पादक को विशेष बल दिया जा रहा है। ये जैविक उत्पाद नमामि गंगे के ब्रांड के साथ बाज़ार में उपलब्ध किए जा रहे हैं। इसी तरह भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति को, उसको भी व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ-साथ सरकार की ये निरंतर कोशिश है कि छोटे और सीमांत किसानों को बैंकों से सस्ता और आसान ऋण मिले। इसके लिए बीते डेढ़ साल से किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान 2 करोड़ से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। इन कार्ड्स पर किसानों ने 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का ऋण बैंकों से लिया है। इसका बहुत बड़ा लाभ पशुपालन, डेयरी और मछली पालन से जुड़े किसानों को भी मिलना शुरू हुआ है। अभी हाल ही में सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है और मैं चाहूंगा कि मेरे किसान भाईयों-बहनों को ये सरकार के निर्णय से खुशी होगी, उनके लिए ये बहुत लाभकर्ता होगा। सरकार ने निर्णय किया है कि कोरोना काल को देखते हुए, KCC ऋण के भुगतान या फिर नवीनीकरण की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। ऐसे सभी किसान जिनका ऋण बकाया है, वो अब 30 जून तक ऋण का नवीनीकरण कर सकते हैं। इस बढ़ी हुई अवधि में भी किसानों को 4 प्रतिशत ब्याज पर जो ऋण मिलता है, जो लाभ मिलता है, वो लाभ भी चालू रहेगा, मिलता रहेगा।

साथियों,

गांव का, किसान का कोरोना के विरुद्ध भारत की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान रहा है। ये आपके ही श्रम का परिणाम है कि आज इस कोरोना काल में भारत दुनिया की सबसे बड़ी मुफ्त राशन की योजना चला रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से पिछले वर्ष आठ महीने तक गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया था। इस बार मई और जून महीने में देश के 80 करोड़ से ज्यादा साथियों को राशन मिले, इसका प्रबंध किया गया है। इस पर भी केंद्र सरकार 26 हजार करोड़ रुपए, हमारे गरीब के घर में चूल्‍हा जले, इसलिए खर्च कर रही है। मैं राज्य सरकारों से आग्रह करूंगा कि गरीबों को इस राशन के वितरण में कोई परेशानी ना आए, ये सुनिश्‍चत करें।

साथियों,

100 साल बाद आई इतनी भीषण महामारी कदम-कदम पर दुनिया की परीक्षा ले रही है। हमारे सामने एक अदृश्य दुश्मन है और ये दुश्‍मन बहुरूपिया भी है और इस दुश्‍मन के कारण, इस कोरोना वायरस के कारण हम अपने बहुत से करीबियों को खो चुके हैं। बीते कुछ समय से जो कष्ट देशवासियों ने सहा है, अनेकों लोग जिस दर्द से गुजरे हैं, तकलीफ से गुजरे हैं, वो मैं भी उतना ही महसूस कर रहा हूं। देश का प्रधान सेवक होने के नाते, आपकी हर भावना का मैं सहभागी हूं। कोरोना की सेकेंड वेव से मुकाबले में, संसाधनों से जुड़े जो भी गतिरोध थे, वो तेजी से दूर किए जा रहे हैं। युद्ध स्‍तर पर काम करने के प्रयास हो रहा है। आपने देखा होगा, सरकार के सभी विभाग, सारे संसाधन, हमारे देश के सुरक्षा बल, हमारे साइंटिस्ट, हर कोई दिन रात कोविड की चुनौती का मुकाबला करने में एकजुट है। देश के अलग-अलग हिस्सों में तेजी के साथ कोविड अस्पताल बन रहे हैं, नई टेक्नोलॉजी से ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा रहे हैं। हमारी तीनों सेनाएं- वायुसेना, नेवी, आर्मी सभी पूरी शक्‍ति से इस काम में जुटे हैं। ऑक्सीजन रेल, इसने कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई को बहुत बड़ी ताकत दी है। देश के दूर-सुदूर हिस्सों में ये स्पेशल ट्रेन्स, ये ऑक्‍सीजन रेल ऑक्सीजन पहुंचाने में जुटीं हैं। ऑक्सीजन टैंकर्स ले जाने वाले ट्रक ड्राइवर्स, बिना रुके काम कर रहे हैं। देश के डॉक्टर्स हों, नर्सिंग स्टाफ हो, सफाई कर्मचारी हों, एंबुलेंस के ड्राइवर्स हों, लैब में काम करने वाले सज्‍जन हों, सैंपल कलेक्ट करने वाले हों, एक-एक जीवन को बचाने के लिए चौबीसों घंटे जुटे हुए हैं। आज देश में जरूरी दवाइयों की आपूर्ति बढ़ाने पर युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है। सरकार और देश के फार्मा सेक्टर ने पिछले कुछ दिनों में जरूरी दवाइयों का उत्पादन कई गुना बढ़ाया है। बाहर से भी दवाइयां मंगवाई जा रही हैं। इस संकट के समय में, दवाइयों और जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी में भी कुछ लोग अपने निहित स्‍वार्थ के कारण लगे हुए हैं। मैं राज्य सरकारों से आग्रह करूंगा कि ऐसे लोगों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। ये मानवता के खिलाफ का कृत्‍य है। भारत हिम्मत हारने वाला देश नहीं है। न भारत हिम्मत हारेगा और न कोई भारतवासी हिम्मत हारेंगे। हम लड़ेंगे और जीतेंगे।

साथियों,

आज के इस कार्यक्रम में, मैं देश के सभी किसानों को, गांव में रहने वाले सभी भाइयों-बहनों को कोरोना से फिर सतर्क करना चाहता हूं। ये संक्रमण अभी गांव में भी तेजी से पहुंच रहा है। देश की हर सरकार इससे निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसमें गांव के लोगों की जागरूकता, हमारी पंचायती राज से जुड़ी जो भी व्यवस्थाएं हैं, उनका सहयोग, उनकी भागीदारी उतनी ही आवश्यक है। आपने देश को कभी निराश नहीं किया है, इस बार भी आपसे यही अपेक्षा है। कोरोना से बचाव के लिए आपको खुद पर, अपने परिवार पर, सामाजिक स्तर पर जो भी ज़रूरी कदम हैं, आवश्‍यकताएं हैं, उसे हमें उठाने ही हैं। मास्क लगातार पहनना बहुत ज़रुरी है। वो भी ऐसा पहनना है कि नाक और मुंह पर पूरी तरह से ढका रहे। दूसरी बात, आपको किसी भी प्रकार के खांसी, सर्दी ज़ुकाम, बुखार, उल्टी-दस्त, जैसे लक्षणों को सामान्य मान कर नहीं चलना है। पहले तो खुद को यथासंभव दूसरों से अलग करना है। फिर जल्द से जल्द कोरोना टेस्ट करना है। और जब तक रिपोर्ट ना आए तब तक डॉक्टरों ने जो दवा बताई हैं, वो ज़रूर लेते रहना है।

साथियों,

बचाव का एक बहुत बड़ा माध्यम है, कोरोना का टीका। केंद्र सरकार और सारी राज्य सरकारें मिलकर ये निरंतर प्रयास कर रही हैं कि ज्यादा से ज्यादा देशवासियों को तेज़ी से टीका लग पाए। देशभर में अभी तक करीब 18 करोड़ वैक्सीन डोज दी जा चुकी है। देशभर के सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण किया जा रहा है। इसलिए जब भी आपकी बारी आए तो टीका ज़रूर लगाएं। ये टीका हमें कोरोना के विरुद्ध सुरक्षा कवच देगा, गंभीर बीमारी की आशंका को कम करेगा। हां, टीका लगाने के बाद भी मास्क और दो गज़ की दूरी के मंत्र को अभी हमें छोड़ना नहीं है। एक बार फिर सभी किसान साथियों को मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !